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  • इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम

    इतिहास की सबसे मजबूत टी20 टीम ,रिकी पोंटिंग ने भारतीय टीम की ताकत को किया सलाम


    नई दिल्ली । हाल ही में संपन्न आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने बड़ा बयान देते हुए मौजूदा भारतीय टीम को अब तक की सबसे मजबूत टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम करार दिया है। पोंटिंग के अनुसार इस टीम की असली ताकत उसकी गहराई अनुभव और लगातार शानदार प्रदर्शन है जिसने उसे सफेद गेंद के क्रिकेट में एक अलग ही मुकाम पर पहुंचा दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता और इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया।

    भारतीय टीम का प्रदर्शन केवल इस एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं रहा है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में उसने सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार दबदबा बनाए रखा है। 2023 के अंत से अब तक खेले गए चार बड़े आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को केवल दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। इनमें एक हार 2023 के एकदिवसीय विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ और दूसरी 2026 टी20 विश्व कप के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आई। इसके बावजूद टीम ने जिस तरह से वापसी की वह उसकी मानसिक मजबूती और सामूहिक क्षमता को दर्शाता है।

    आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल पोंटिंग ने आईसीसी के कार्यक्रम द आईसीसी रिव्यू में कहा कि मौजूदा भारतीय टीम की श्रेष्ठता पर सवाल उठाना आसान नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बीते पांच-छह वर्षों में भारत का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है और टीम ने हर बड़े मंच पर अपनी क्षमता साबित की है। पोंटिंग के मुताबिक इस टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन संतुलन मौजूद है जो उसे हर परिस्थिति में मजबूत बनाता है।

    पोंटिंग ने यह भी माना कि इंडियन प्रीमियर लीग का भारतीय खिलाड़ियों के विकास में बड़ा योगदान रहा है। उनका कहना है कि आईपीएल में खेलने से खिलाड़ियों को बड़े मैचों के दबाव को संभालने की आदत हो जाती है क्योंकि यहां हर मुकाबला अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसा ही चुनौतीपूर्ण होता है। यही कारण है कि भारतीय खिलाड़ी किसी भी बड़े मंच पर घबराते नहीं हैं और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन करते हैं।

    सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार को पोंटिंग ने टीम के लिए एक जरूरी झटका बताया। उनका मानना है कि लगातार जीत के बीच कभी-कभी हार टीम को अपनी कमियों को समझने और सुधार करने का मौका देती है। भारत ने इस हार के बाद शानदार वापसी करते हुए अपने बाकी मुकाबलों में आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और तीन मैचों में 250 से अधिक का स्कोर खड़ा किया जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल जैसे अहम मुकाबले भी शामिल थे। इस तरह भारतीय टीम ने न सिर्फ खिताब जीता बल्कि अपने खेल संतुलन और निरंतरता से यह साबित कर दिया कि वह टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे प्रभावशाली और मजबूत टीमों में से एक बन चुकी है।

  • क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के फेवरेट आमिर खान की 3 इडियट्स, बोले- फिल्मों का जादू दिल को छूता है

    क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के फेवरेट आमिर खान की 3 इडियट्स, बोले- फिल्मों का जादू दिल को छूता है


    नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर खान के लिए अपनी पसंद जाहिर करते हुए नजर आए। नई दिल्ली में रविवार को BCCI ने एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया, जिसमें पिछले एक साल में भारत द्वारा हासिल की गई पांच ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफियों का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय क्रिकेटरों को विभिन्न अवॉर्ड्स से सम्मानित भी किया गया।

    समारोह के दौरान एंकर हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी, हार्दिक पांड्या, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के साथ एक मजेदार रैपिड-फायर राउंड खेला। बातचीत के दौरान जब अभिषेक से उनकी पसंदीदा फिल्म और एक्टर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मेरी पसंदीदा फिल्म 3 इडियट्स है। मुझे यह फिल्म बहुत पसंद आई। फेवरेट एक्टर समय के साथ बदलते रहते हैं।”

    यह बयान दर्शाता है कि आमिर खान की फिल्मों का प्रभाव सिर्फ आम जनता पर ही नहीं, बल्कि क्रिकेटरों और अन्य सार्वजनिक हस्तियों पर भी गहरा है। अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी भी आमिर खान की फिल्मों के दीवाने हैं। 2009 में 55 करोड़ रुपये के बजट में बनी और बॉक्स ऑफिस पर लगभग 400 करोड़ रुपये कमाने वाली 3 इडियट्स आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखती है।

    आमिर खान की फिल्मों की खासियत यह है कि वे मनोरंजन के साथ-साथ संदेश भी देती हैं। चाहे लगान, तारे जमीन पर या पीके जैसी फिल्में हों, इनकी कहानी और प्रदर्शन दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। यही कारण है कि क्रिकेटर्स जैसे अभिषेक शर्मा भी अपनी फिल्मों की पसंद में आमिर खान को सबसे ऊपर रखते हैं।

    इस बीच, आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनने वाली नई फिल्म एक दिन भी चर्चा में है। इस फिल्म में साई पल्लवी और जुनैद खान लीड रोल में होंगे, जबकि निर्देशन सुनील पांडे का है। फिल्म के प्रोड्यूसर्स आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित हैं। यह फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है।

    अभिषेक शर्मा के बयान से यह साफ हो गया है कि क्रिकेट और बॉलीवुड के बीच एक खास रिश्ता है। खिलाड़ी केवल खेल के मैदान में ही नहीं, बल्कि मनोरंजन की दुनिया में भी आम जनता के साथ जुड़ते हैं। आमिर खान की फिल्मों की लोकप्रियता और उनका संदेशात्मक कंटेंट आज भी लोगों के दिलों को छूता है।

    इस तरह यह कार्यक्रम और अभिषेक शर्मा का खुलासा दर्शाता है कि बड़े सुपरस्टार्स और उनके काम का प्रभाव जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों तक फैलता है। क्रिकेट और फिल्म उद्योग के इस संगम ने फैंस के लिए एक नई प्रेरणा और चर्चा का विषय भी पेश किया है।

  • गावस्कर ने भड़के काव्या मारन पर, पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदने को कहा भारतीय शहादत का अपमान

    गावस्कर ने भड़के काव्या मारन पर, पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदने को कहा भारतीय शहादत का अपमान


    नई दिल्ली : आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले ही सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की टीम विवादों में फंस गई है। सोशल मीडिया पर टीम को बॉयकॉट करने की मांग उठ रही है और पूर्व भारतीय क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की है।

    दरअसल, सनराइजर्स ग्रुप की टीम सनराइजर्स लीड्स ने इंग्लैंड की क्रिकेट लीग द हंड्रेड (The Hundred) 2026 के ऑक्शन में पाकिस्तानी स्पिनर अब्रार अहमद को £190,000 यानी लगभग 2.32 करोड़ रुपये में खरीदा। इस फैसले के बाद गावस्कर ने सोशल मीडिया और अपने कॉलम के जरिए स्पष्ट किया कि यह कदम भारतीय संवेदनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अनुचित है।

    गावस्कर ने कहा कि जब कोई भारतीय मालिक किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को पैसा देता है, तो उस राशि का एक हिस्सा टैक्स के रूप में वहां की सरकार को जाता है। यह पैसा अंततः हथियार खरीदने में इस्तेमाल हो सकता है, जिससे सीमा पर भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान को खतरा पैदा होता है। उन्होंने तर्क दिया कि क्या किसी टूर्नामेंट को जीतना भारतीय जिंदगियों की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी है, जिसे दुनिया के केवल कुछ देश खेलते हैं।

    पूर्व दिग्गज ने टीम के कोच डेनियल विटोरी पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन मालिकों सन टीवी नेटवर्क और काव्या मारन की समझ पर सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2008 के मुंबई हमलों के बाद आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बैन लगा हुआ है। दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में भी सभी टीमों के भारतीय मालिक होने के बावजूद कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं चुना गया। द हंड्रेड में चार अन्य भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजियों ने इस शैडो बैन का पालन किया, लेकिन सनराइजर्स लीड्स इसका अपवाद बन गई।

    गावस्कर ने चेतावनी दी कि इस फैसले का असर आगामी आईपीएल सीजन में देखने को मिल सकता है। उनके अनुसार, सनराइजर्स हैदराबाद को अपने घरेलू और बाहरी मैचों के दौरान फैंस के भारी विरोध और प्रदर्शन का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मैनजमेंट को सुझाव दिया कि अभी भी समय है और वे इस गलती को सुधार सकते हैं, अन्यथा टीम को खिलाड़ियों और प्रबंधन दोनों के लिए मुश्किल हालात का सामना करना पड़ सकता है।

    इस विवाद ने टीम के लिए पहले ही से दबाव बढ़ा दिया है। फैंस, पूर्व खिलाड़ी और क्रिकेट विशेषज्ञ इस मामले पर लगातार अपनी राय दे रहे हैं। गावस्कर का गुस्सा केवल एक आलोचना नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि क्रिकेट में व्यापारिक निर्णय हमेशा भावनाओं, राष्ट्रीय हित और संवेदनाओं के संतुलन के साथ लेने चाहिए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सनराइजर्स हैदराबाद इस विवाद से कैसे निपटती है और क्या टीम आईपीएल 2026 में अपनी स्थिति को सुरक्षित रख पाएगी।

  • न्यूजीलैंड को झटका, बेवन जैकब्स साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 से बाहर

    न्यूजीलैंड को झटका, बेवन जैकब्स साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 से बाहर


    नई दिल्ली: न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज के दौरान बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख बल्लेबाज बेवन जैकब्स घुटने की चोट के कारण मंगलवार को होने वाले दूसरे टी20 मैच से बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि जैकब्स ने रविवार रात पहले मैच के दौरान फील्डिंग करते समय अपने बाएं घुटने पर जोरदार चोट ली थी और उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाना पड़ा।

    घटना के तुरंत बाद किए गए स्कैन में पता चला कि जैकब्स के घुटने की किनारे की हड्डी में चोट लगी है, जिसे बोन ब्रूज़िंग कहा जाता है। टीम ने यह भी बताया कि जैकब्स के दोबारा खेलने की समय सीमा तय करने के लिए अभी और मेडिकल जांच की आवश्यकता है। उनके बाहर होने से न्यूजीलैंड की टीम को अब रणनीति में बदलाव करना पड़ा।

    बेवन जैकब्स की अनुपस्थिति में टीम ने कैटेन क्लार्क को टीम में शामिल किया है। क्लार्क को मूल रूप से चौथे और पांचवें टी20 मुकाबलों के लिए टीम में रखा गया था, लेकिन अब वे पहले और दूसरे मैच के लिए भी उपलब्ध होंगे। इससे टीम की बल्लेबाजी और संतुलन पर काफी असर पड़ सकता है।

    इससे पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट ने बताया था कि लेग-स्पिनर ईश सोढ़ी ट्रेनिंग के दौरान अंगूठा टूटने के कारण पूरी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं। सोढ़ी को बे ओवल में गेंदबाजी करते समय चोट लगी थी और स्कैन में उनके अंगूठे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। इस चोट के कारण उन्हें कम से कम चार हफ्तों तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ेगा। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने साफ कहा कि सोढ़ी की जगह किसी अन्य खिलाड़ी को टीम में नहीं बुलाया जाएगा।

    टी20 सीरीज का पहला मैच न्यूज़ीलैंड ने बे ओवल में साउथ अफ्रीका के हाथों 7 विकेट से गंवा दिया था। दूसरे मैच के लिए टीम सोमवार को हैमिल्टन पहुंच गई है और मंगलवार को सेडन पार्क में यह मुकाबला खेला जाएगा।

    दोनों देशों के बीच पांच मैचों की सीरीज के शेष मुकाबले क्रमशः 17 मार्च को हैमिल्टन, 20 मार्च को ईडन पार्क, 22 मार्च को वेलिंगटन और 25 मार्च को क्राइस्टचर्च में खेले जाएंगे। इन मैचों में टीम की रणनीति और खिलाड़ियों का प्रदर्शन दोनों ही अहम भूमिका निभाएंगे।

    न्यूज़ीलैंड को अब क्लार्क की भूमिका और टीम के अन्य खिलाड़ियों की जिम्मेदारी पर भरोसा करना होगा। जैकब्स की चोट और सोढ़ी की अनुपस्थिति के बावजूद ब्लैककैप्स टीम पूरी ताकत के साथ शेष मैचों में उतरने की तैयारी कर रही है। यह सीरीज अब अधिक रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होने वाली है।

  • तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी और स्टार बल्लेबाज हर्षिता समरविक्रमा समेत तीन खिलाड़ी आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए चुने गए

    तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी और स्टार बल्लेबाज हर्षिता समरविक्रमा समेत तीन खिलाड़ी आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ के लिए चुने गए


    नई दिल्ली : फरवरी माह के लिए आईसीसी ने महिला क्रिकेट जगत के तीन शीर्ष खिलाड़ियों को ‘विमेंस प्लेयर ऑफ द मंथ’ के लिए नामित किया। भारतीय तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी, पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना और श्रीलंकाई बल्लेबाज हर्षिता समरविक्रमा को इस सम्मान के लिए चुना गया। इन तीनों ने अपने-अपने देशों के लिए शानदार प्रदर्शन कर क्रिकेट प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    भारतीय टीम की दाएं हाथ की तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारत की गेंदबाजी की कमान संभाली। उन्होंने इस सीरीज में कुल आठ विकेट लिए और 10.87 की औसत से सर्वाधिक विकेट लेने वाली खिलाड़ी के रूप में उभरीं। पहले मैच में उन्होंने 22 रन देकर चार विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे मैच में 30 रन देकर दो विकेट और तीसरे मैच में 35 रन देकर दो विकेट झटके। उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखने में निर्णायक रही और अंततः भारत ने यह सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

    वहीं श्रीलंका की टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज हर्षिता समरविक्रमा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 57 की औसत से कुल 171 रन बनाए और सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई। हर्षिता ने तीनों मैचों में 66, 35 और 70 रन बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी चुना गया। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को सीरीज जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनकी क्रीज़ पर धैर्य और तकनीक ने दर्शकों और आलोचकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया।

    पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने भी फरवरी माह में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावित किया। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 39 की औसत से 117 रन बनाए। सीरीज के दूसरे मैच में 52 रन और दो विकेट हासिल किए जबकि तीसरे मैच में 60 रन और दो विकेट लिए। टी20 सीरीज में फातिमा सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी रही। उन्होंने कुल 146 रन बनाए जिसमें पहले मैच में 90 रन, दूसरे मैच में नौ रन और तीसरे मैच में नाबाद 47 रन शामिल थे। अंतिम मैच में उन्होंने साथ ही दो विकेट भी झटके। उनके प्रदर्शन ने पाकिस्तान की टीम को हर चुनौतीपूर्ण मुकाबले में मजबूत बनाए रखा।

    आईसीसी की इस घोषणा ने यह साबित कर दिया कि महिला क्रिकेट में लगातार उभरते हुए खिलाड़ियों की प्रतिभा और खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पूरी दुनिया मान्यता दे रही है। अरुंधति रेड्डी की तेज गेंदबाजी, हर्षिता समरविक्रमा की तकनीकी और निडर बल्लेबाजी, और फातिमा सना की ऑल-राउंड क्षमता ने फरवरी माह को महिला क्रिकेट के लिए यादगार बना दिया।

    इन नामित खिलाड़ियों का चयन न केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर हुआ बल्कि उन्होंने अपनी टीमों को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान भी दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इन खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, रणनीतिक खेल और मानसिक दृढ़ता उन्हें भविष्य में और बड़े पुरस्कार और सम्मान दिलाने में मदद करेगी।

  • आईपीएल 2026: मुंबई इंडियंस ने शुरू किया प्री-सीजन अभ्यास, 29 मार्च को पहला मुकाबला

    आईपीएल 2026: मुंबई इंडियंस ने शुरू किया प्री-सीजन अभ्यास, 29 मार्च को पहला मुकाबला


    नई दिल्ली /मुंबई इंडियंस ने आईपीएल 2026 की तैयारियों का आगाज कर दिया है। मुख्य कोच महेला जयवर्धने की देखरेख में टीम ने पहला प्री-सीजन ट्रेनिंग सेशन पूरा किया। इस सेशन में गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे, लसिथ मलिंगा और फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन के साथ-साथ स्ट्रेंथ, कंडीशनिंग और फिजियोथेरेपी स्टाफ भी मौजूद थे।

    जयवर्धने ने कहा, प्री-सीजन के पहले दिन हमेशा कुछ खास होता है। मकसद मजबूत शुरुआत करना होता है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो इस फ्रेंचाइजी को अच्छे से जानते हैं और कुछ नए चेहरे भी आए हैं। पहला दिन पूरे कैंपेन का माहौल तय करता है। हम चाहते थे कि हर कोई पहले सेशन से ही यह महसूस करे कि हम कैसे ट्रेनिंग करते हैं और एक-दूसरे के लिए कैसे पेश आते हैं।

    उन्होंने आगे कहा, ओपनिंग सेशन टूर्नामेंट से पहले सीरियस काम की शुरुआत है। स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों को मूवमेंट ड्रिल, एजिलिटी रूटीन और फिटनेस असेसमेंट से गुजारा ताकि मुश्किल सीजन से पहले उनकी तैयारी का अंदाजा लगाया जा सके।

    मुंबई इंडियंस ने सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग सेशन की झलकियां साझा की हैं। इस सेशन में शामिल खिलाड़ियों में शार्दुल ठाकुर, मयंक मारकंडे, अल्लाह गजनफर, नमन धीर, राजा अंगद बावा, रॉबिन मिंज, मयंक रावत, मोहम्मद इजहार और अश्विनी कुमार शामिल रहे।

    आईपीएल 2026 में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला 29 मार्च को अपने होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ होगा। टीम की तैयारियों और फिटनेस पर फैंस की नजरें पहले दिन से ही टिकी हुई हैं।

  • युवराज के 6 छक्कों से नहीं, क्रिस गेल के 175 रन के वर्ल्ड रिकॉर्ड से है वैभव सूर्यवंशी की नजर

    युवराज के 6 छक्कों से नहीं, क्रिस गेल के 175 रन के वर्ल्ड रिकॉर्ड से है वैभव सूर्यवंशी की नजर


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में उभरते युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी बेहद कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महज 14 साल की उम्र में क्रिकेट जगत में तेजी से पहचान बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने अब अपना अगला बड़ा लक्ष्य भी तय कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि वह टी20 क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने के रिकॉर्ड को नहीं बल्कि क्रिस गेल के ऐतिहासिक 175 रनों के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं।

    उत्साहित हाल ही में आयोजित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सालाना आयोजन के दौरान मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी से एक दिलचस्प सवालपूछा। उनसे कहा गया कि अगर उन्हें तीन बड़े रिकॉर्ड्स में से किसी एक को तोड़ने का मौका मिले तो वह किसे चुनेंगे। इन विकल्पों में एक ओवर में छह छक्के लगाने का रिकॉर्ड आईपीएल में 175 रन की सबसे बड़ी पारी और आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड शामिल था।

    इस सवाल के जवाब में वैभव सूर्यवंशी ने बिना ज्यादा सोचे सीधे क्रिस गेल के 175 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने की इच्छा जाहिर की। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में इतनी बड़ी पारी खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले आईपीएल सीजन में डेब्यू करते ही सनसनी मचा दी थी। उन्होंने अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर छक्का लगाकर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अपने डेब्यू सीजन में उन्होंने शानदार शतक भी लगाया और सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाकर अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी का नमूना पेश किया।

    इसके बाद से उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। आईपीएल के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय जूनियर स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने ICC अंडर-19 क्रिकेट विश्व कपका खिताब भी अपने नाम किया। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    वैभव के नाम आईपीएल में 35 गेंदों पर दूसरी सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इस सूची में पहले स्थान पर क्रिस गेल हैं जिन्होंने 30 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा था।टी20 क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा सबसे पहले भारतीय दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह ने किया था। उन्होंने 2007 में आयोजित ICC T20 विश्व कप 2007 के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।

    वहीं क्रिस गेल ने 2013 के आईपीएल में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 175 रनों की नाबाद पारी खेलकर टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड बनाया था। पिछले 13 सालों में टी20 क्रिकेट का स्तर काफी बदल चुका है लेकिन आज तक कोई भी बल्लेबाज इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया है। हालांकि जिस तरह की आक्रामक बल्लेबाजी वैभव सूर्यवंशी करते हैं उसे देखकर क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में वह इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।

  • 2030–2036 के वैश्विक खेल चक्र की तैयारी अभी से जरूरी: जय शाह

    2030–2036 के वैश्विक खेल चक्र की तैयारी अभी से जरूरी: जय शाह


    नई दिल्ली।
    भारतीय खेलों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत पर जोर देते हुए आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने कहा कि देश को 2030 से 2036 के वैश्विक खेल चक्र की तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल महासंघों, कॉरपोरेट जगत, खिलाड़ियों और मीडिया के समन्वित प्रयास से ही भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।

    जय शाह रविवार को स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजेएफआई) के गोल्डन जुबली राष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे दिन आयोजित ग्रैंड स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित किया गया था, जिसकी मेजबानी दिल्ली स्पोर्ट् जर्नलिस्ट एसोसिएशन (डीएसजेए) ने की।

    जय शाह ने कहा कि मौजूदा प्रतियोगिताओं पर ध्यान देने के साथ-साथ भविष्य की बड़ी खेल प्रतियोगिताओं के लिए भी अभी से तैयारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स, 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक और 2036 ओलंपिक जैसे आयोजनों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक रणनीति बनानी होगी, तभी भारत वैश्विक खेल मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना पाएगा।

    भारतीय क्रिकेट की हालिया उपलब्धियों का जिक्र करते हुए शाह ने 2019 से 2026 के दौर को स्वर्णिम काल बताया। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारतीय क्रिकेट ने अंडर-19 टूर्नामेंट से लेकर बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों तक हर स्तर पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने भारत की टी20 विश्व कप जीत को ऐतिहासिक क्षण बताते हुए खेल पत्रकारों की भूमिका की भी सराहना की, जिन्होंने इन उपलब्धियों को देशभर के करोड़ों प्रशंसकों तक पहुंचाया।


    कॉरपोरेट क्षेत्र खेलों की वृद्धि का अहम आधार

    कॉन्क्लेव में संजय भान ने कहा कि पिछले दशक में भारतीय खेलों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने बताया कि क्रिकेट के अलावा फुटबॉल, हॉकी और गोल्फ जैसे खेल भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि आज कॉरपोरेट केवल जर्सी पर लोगो लगाने वाले प्रायोजक नहीं रह गए हैं, बल्कि वे लीग स्थापित करने, जमीनी स्तर पर प्रतिभा विकसित करने और खिलाड़ियों के लिए पेशेवर मंच तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही उन्होंने खेल मीडिया को भी इस पूरे तंत्र का अहम हिस्सा बताया, जो खिलाड़ियों की कहानियों को देशभर तक पहुंचाता है।


    मीडिया अभियान से बढ़ता है खेलों का उत्साह

    नेविल बस्तावाला ने कहा कि बड़े खेल आयोजनों के दौरान मीडिया अभियान राष्ट्रीय उत्साह पैदा करने और खिलाड़ियों को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने एशियाई खेलों से पहले चलाए गए ‘मिशन 100’ अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि शुरुआत में यह लक्ष्य कठिन लग रहा था, लेकिन मीडिया के सहयोग से पूरे देश में विश्वास पैदा हुआ और भारत ने अंततः 100 से अधिक पदक जीतने में सफलता हासिल की।

    उन्होंने कहा कि प्रसारक और मीडिया खेलों के आसपास सकारात्मक माहौल और कहानी गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे खिलाड़ी और प्रशंसक दोनों प्रेरित होते हैं।


    पारदर्शिता से बढ़ेगा कॉरपोरेट निवेश

    कॉन्क्लेव में रेमस डि क्रूज ने खेल संगठनों में पारदर्शिता और जवाबदेही को बेहद जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि यदि खेल महासंघ मजबूत प्रशासन और स्पष्ट नीतियों के साथ काम करें तो इससे कॉरपोरेट क्षेत्र का भरोसा बढ़ेगा और खेलों में निवेश भी बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय और राज्य स्तर के खेल संगठनों में बेहतर प्रशासनिक सुधार से जमीनी स्तर पर खेलों के विकास के नए अवसर खुल सकते हैं।

    एसजेएफआई के गोल्डन जुबली राष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे दिन आयोजित यह ग्रैंड स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव भारतीय खेलों के बदलते परिदृश्य और भविष्य की दिशा पर चर्चा का प्रमुख मंच बना, जिसमें प्रशासकों, कॉरपोरेट प्रतिनिधियों, प्रसारकों और खेल पत्रकारों ने भाग लिया।

  • द. अफ्रीका ने शानदार गेंदबाजी करके पहले टी-20 में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया

    द. अफ्रीका ने शानदार गेंदबाजी करके पहले टी-20 में न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हराया


    माउंट माउंगानुई।
    चार खिलाड़ियों के डेब्यू वाली दक्षिण अफ्रीका की युवा टीम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए रविवार को न्यूजीलैंड को पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मात्र 91 रन पर समेट दिया और फिर 7 विकेट से जीत दर्ज कर ली।

    बे ओवल मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 14.3 ओवर में 91 रन पर ऑलआउट हो गई। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 16.4 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 20 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम कर लिया।

    दक्षिण अफ्रीका की ओर से ओपनर कॉनर एस्टरहुइजन ने 48 गेंदों में नाबाद 45 रन की पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई। डेब्यू कर रहे डायन फॉरेस्टर ने भी उनका अच्छा साथ दिया और अंत तक 16 रन बनाकर नाबाद रहे। एस्टरहुइजन ने 17वें ओवर की चौथी गेंद पर काइल जैमीसन को छक्का लगाकर मैच समाप्त किया।

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने पिच से थोड़ी मदद लेते हुए कुछ समय तक मुकाबले में वापसी की कोशिश की। कप्तान मिचेल सैंटनर ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए अपने चार ओवर में केवल 8 रन देकर एक विकेट लिया।

    मैच के बाद दक्षिण अफ्रीका के कप्तान केशव महाराज ने कहा, “हमारी योजनाएं पूरी तरह सफल रहीं और गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। यह युवा गेंदबाज़ी आक्रमण था, लेकिन जिस काम के लिए कहा गया उन्होंने उसे बेहतरीन तरीके से निभाया। अंत में थोड़ा दबाव जरूर था, लेकिन कॉनर और डायन ने परिपक्वता दिखाते हुए टीम को जीत दिलाई।”

    न्यूजीलैंड इस मैच में अपनी विश्व कप टीम के आठ खिलाड़ियों के बिना उतरा, जिनमें शीर्ष छह बल्लेबाज़ भी शामिल थे। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी कीवी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पावरप्ले में ही पांच विकेट गिर गए। इसके बाद टीम संभल नहीं सकी और टी20 अंतरराष्ट्रीय में अपना 10वां सबसे कम स्कोर बना बैठी।

    दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज़ जेराल्ड कोएट्ज़ी ने शुरुआती झटके देते हुए डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम को आउट किया और 2 विकेट लेकर 14 रन दिए। वहीं ऑटनील बार्टमैन ने 2 विकेट लेकर न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

    इसके बाद 19 वर्षीय न्कोबानी मोकोएना ने निचले क्रम को समेटते हुए 3 विकेट लेकर 26 रन दिए। न्यूजीलैंड की ओर से जिमी नीशम (26) और मिचेल सैंटनर (15) के बीच 26 रन की साझेदारी ही सबसे बड़ी रही।

    मोकोएना को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने कहा, “डेब्यू मैच में खेलना मेरे लिए खास अनुभव था। शुरुआत के दो ओवर अच्छे नहीं गए थे, लेकिन मैंने अपनी योजना पर भरोसा रखा और अंत में उसका फायदा मिला।”

    मैच के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा, “पिच में हमारी उम्मीद से ज्यादा मदद थी, खासकर शुरुआती ओवरों में। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया और पावरप्ले में विकेट गिरने के बाद वापसी करना मुश्किल हो गया।”

  • फीफा विश्व कप 2026: प्ले-ऑफ के लिए प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी इराक की टीम

    फीफा विश्व कप 2026: प्ले-ऑफ के लिए प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी इराक की टीम


    नई दिल्ली। इराक फुटबॉल एसोसिएशन के प्रमुख अदनान दिरजाल ने रविवार को कहा कि टीम 31 मार्च को मेक्सिको के मॉन्टेरी में होने वाले फीफा विश्व कप 2026 इंटरकॉन्टिनेंटल प्ले-ऑफ में हिस्सा लेगी।

    अमेरिका-इजरायली हमले शुरू होने और ईरान के आस-पास के दूसरे देशों पर मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करके जवाबी हमला करने के बाद 28 फरवरी से मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बंद है।

    सफर में आने वाली दिक्कतों के बावजूद इराक फुटबॉल टीम प्राइवेट प्लेन से मेक्सिको जाएगी, जिसने पहले ही सभी खिलाड़ियों को जरूरी प्लेऑफ के लिए वीजा दे दिया है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक दिरजाल ने कहा, “इन्फेंटिनो (फीफा अध्यक्ष) ने मैटियास ग्राफस्ट्रॉम (फीफा महासचिव) को हमारी राष्ट्रीय टीम के मेक्सिको जाने में मदद करने और सभी मुश्किलों को दूर करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय टीम इस सप्ताह के आखिर में एक निजी प्लेन से मेक्सिको के लिए रवाना होगी।”

    दिरजाल ने कहा, “टीम का लक्ष्य मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करना है, और खिलाड़ियों को सिर्फ उसी पर ध्यान देना चाहिए। मेरा सभी के लिए संदेश है, सिर्फ 17 दिन बचे हैं, और हमें मैच की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।”

    उन्होंने कहा, “इराकी फुटबॉल एसोसिएशन और कोचिंग स्टाफ में हमारा ध्यान खिलाड़ियों को इस मैच पर ध्यान देने और इराकी फैन्स का सपना पूरा करने के लिए सभी सही हालात देने पर है।”

    इस बीच, इराक का सामना प्ले-ऑफ में बोलीविया या सूरीनाम से होगा, जिसका विजेता 2026 वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की कर लेगा। इराक ने आखिरी बार 1986 में वर्ल्ड कप खेला था, और वे महीने के आखिर में खेले जाने वाले प्ले-ऑफ में 39 साल का सूखा खत्म करना चाहेंगे।

    इराक ने क्वालिफायर में अच्छा प्रदर्शन किया। टीम ने पांचवें राउंड में यूनाइटेड अरब अमीरात के खिलाफ 3-2 से जीत दर्ज करके इंटरकॉन्टिनेंटल प्ले-ऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली।