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  • सैमसन का कबूलनामा: 2024 से शुरू हुआ 'आग और आग' का खेल, कैसे अभिषेक और संजू की जोड़ी बनी टीम इंडिया की सबसे घातक ओपनिंग मशीन!

    सैमसन का कबूलनामा: 2024 से शुरू हुआ 'आग और आग' का खेल, कैसे अभिषेक और संजू की जोड़ी बनी टीम इंडिया की सबसे घातक ओपनिंग मशीन!



    नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन ने युवा सनसनी अभिषेक शर्मा के साथ अपनी ओपनिंग जोड़ी को लेकर एक बेहद रोमांचक खुलासा किया है। एक टीवी शो के दौरान संजू ने इस जोड़ी की ताकत का वर्णन करते हुए कहा कि वे आग और बर्फ का मेल नहीं हैं, बल्कि वे दोनों ही आग हैं। संजू के मुताबिक, जब वे मैदान पर उतरते हैं, तो कभी अभिषेक विपक्षी टीम पर आग उगलते हैं, तो कभी वे खुद अपनी बल्लेबाजी से धमाका करते हैं। साल 2024 से चली आ रही इस केरल-पंजाबी दोस्ती ने भारतीय टीम के शीर्ष क्रम को एक नई ऊर्जा दी है।

    गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों ने संन्यास लिया, तब भारतीय टीम के सामने ओपनिंग स्लॉट भरने की बड़ी चुनौती थी। इस खाली जगह को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी ने बड़ी बखूबी से भरा। हालांकि, इस सफर में कई उतार-चढ़ाव भी आए। 2025 के एशिया कप और न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव के कारण इस जोड़ी को कई बार तोड़ा गया और संजू को प्लेइंग इलेवन से बाहर भी रहना पड़ा। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत में भी टीम मैनेजमेंट ने अलग-अलग प्रयोग किए, लेकिन अंततः उन्हें फिर से इसी विस्फोटक जोड़ी की ओर लौटना पड़ा।

    अभिषेक शर्मा ने भी संजू सैमसन की जमकर तारीफ की है। अभिषेक का कहना है कि संजू भाई एक बहुत ही सुलझे हुए और ख्याल रखने वाले इंसान हैं। जब उनके जैसा अनुभवी खिलाड़ी साथ होता है, तो मैदान पर एक सुरक्षा का अहसास बना रहता है। इस जोड़ी की सफलता की सबसे बड़ी गवाही टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मैच बना, जहाँ दोनों ने अपनी आग और आग वाली छवि को सार्थक किया और भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई। मैदान के अंदर और बाहर दोनों के बीच का तालमेल टीम इंडिया के भविष्य के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।

  • हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई

    हॉकी : फाइनल में इंग्लैंड हराया, फिर भी भारत ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई


    हैदराबाद।
    एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप 2026 क्वालिफायर्स के फाइनल में भारत की महिला हॉकी टीम को इंग्लैंड के हाथों 0-2 की हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने आगामी हॉकी वर्ल्ड कप, बेल्जियम और नीदरलैंड्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया।

    जीएमसी बालयोगी हॉकी ग्राउंड में खेले गए मैच में इंग्लैंड की ग्रेस बाल्सडॉन (13’) और एलिजाबेथ नील (43’) ने गोल किए, जबकि भारतीय टीम कोई गोल नहीं कर सकी।

    भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक रूप से की। नवीत कौर की मदद से पहले दो मिनट में ही भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन उनका ड्रैग फ्लिक इंग्लैंड की गोलकीपर ने रोका। पहले क्वार्टर के अंत में इंग्लैंड ने पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाते हुए ग्रेस बाल्सडॉन ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई।

    दूसरे क्वार्टर में खेल समान रूप से संतुलित रहा। भारत ने पहले हाफ में आठ बार सर्कल में प्रवेश किया और इंग्लैंड की रक्षा को चुनौती दी, लेकिन गोलकीपर पर दबाव डालने में सफल नहीं रही। इंग्लैंड ने अपनी एक गोल की बढ़त को पहले हाफ के अंत तक बनाए रखा।

    तीसरे क्वार्टर में इंग्लैंड ने खेल की गति को नियंत्रित किया और गेंद पर कब्जा बनाए रखा। इस दौरान भारत को कुछ मौके मिले, लेकिन वे गोल में बदल नहीं सके। एलिजाबेथ नील का गोल भारतीय डिफेंडर से टकराने के बाद गोलपोस्ट में गया, जिससे इंग्लैंड की बढ़त 2-0 हो गई।

    चौथे क्वार्टर में भारत लगातार गोल की तलाश में आगे बढ़ता रहा और अंतिम क्षणों में पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किया। लेकिन टीम गोल नहीं कर पाई और इंग्लैंड ने 2-0 की जीत दर्ज की।

    हालांकि इस हार के बावजूद भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर सभी भारतीय हॉकी प्रशंसकों के लिए उत्साहजनक संदेश दिया। कोच और खिलाड़ियों ने मैच के दौरान अनुशासन और टीम वर्क का शानदार प्रदर्शन किया।

  • सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे; अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी के दर्शन किए

    सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर मंदिर पहुंचे; अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी के दर्शन किए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तीसरी बार खिताब जीतकर इतिहास रचा। जीत के जश्न में कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी लेकर मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान गणेश के दर्शन कर टीम की सफलता और देशवासियों के लिए आशीर्वाद मांगा।

    हनुमान मंदिर दर्शन और कीर्ति आजाद की प्रतिक्रिया:
    वहीं, चैंपियन बनने के बाद 8 मार्च की रात सूर्यकुमार यादव और टीम के कुछ सदस्य अहमदाबाद के हनुमान मंदिर भी गए। इस पर पूर्व क्रिकेटर और TMC सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाते हुए कहा कि टीम को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि विजेता टीम में सभी धर्मों के खिलाड़ी शामिल थे और ट्रॉफी को मंदिर में ले जाना उचित नहीं था।

    इस पर हेड कोच गौतम गंभीर ने जवाब दिया कि यह पूरे देश के लिए गर्व का पल है और ऐसी बातों को उठाने का कोई मतलब नहीं। गंभीर ने कहा कि अगर हर बयान को गंभीरता से लिया जाएगा तो इससे टीम के 15 खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों का सम्मान कम हो जाएगा।

    अभिषेक शर्मा ने वैष्णो देवी में मांगी आशीर्वाद:
    टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा ने 13 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित प्रसिद्ध वैष्णो देवी मंदिर में माता रानी के दर्शन किए। उन्होंने अपनी यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और कैप्शन में लिखा “जय माता दी।” फोटोज में अभिषेक सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर माथे पर तिलक लगाए हाथ जोड़कर दर्शन करते नजर आए।

    अभिषेक की फाइनल में शानदार पारी:
    टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक ने अहम भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के पहले मैचों में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा और लगातार तीन बार शून्य पर आउट हुए। लेकिन फाइनल में उन्होंने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में महज 21 गेंदों में 52 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई।

    टीम इंडिया तीसरी बार चैंपियन बनी:
    8 मार्च को हुए फाइनल मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और टी-20 वर्ल्ड कप का तीसरा खिताब अपने नाम किया।

    टीम के अन्य सदस्य भी बोले:
    ईशान किशन ने कीर्ति आजाद के बयान पर कहा, इतना अच्छा वर्ल्ड कप जीतें, तो अच्छे सवाल पूछिए। कीर्ति आजाद क्या बोले, इस पर मैं क्या कहूं? कुछ अच्छा सवाल करिए।

  • आईपीएल 2026: Kolkata Knight Riders की नई जर्सी का अनावरण, फैंस को पसंद आया नया डिजाइन

    आईपीएल 2026: Kolkata Knight Riders की नई जर्सी का अनावरण, फैंस को पसंद आया नया डिजाइन

    नई दिल्ली।  थ्री बार आईपीएल खिताब जीता कोलकाता नाइट राइडर्स (केआर) ने आगामी सीज़न के लिए अपनी नई जर्सी का अनावरण किया है। यह जर्सी इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के लिए मुख्य थीम “लाइन्स ऑफ लिगेसी” तैयार की गई है।

    टीम प्रबंधन के अनुसार इस जर्सी के डिजाइन में उन ऐतिहासिक महलों को शामिल किया गया है जो युवाओं में केकेआर की पहचान और विरासत को आकार देते हैं। इस थीम के माध्यम से टीम अपने शानदार इतिहास और स्मारकों को बनाने की कोशिश कर रही है।

    ऐतिहासिक स्थलों के डिज़ाइन से प्रेरित है
    न्यू जर्सी के डिजाइन में केकेआर के कई ऐतिहासिक और यादगार महलों की झलक देखने को मिलती है। आईपीएल के पहले मैच में ही ब्रेंडन मैकुलम की 158 रनों की धमाकेदार पारी से लेकर हाल के वर्षों में रिंकू सिंह के आखिरी ओवर में कॉन्स्टेंसी के पांच छक्कों तक के रोल को प्रतीकात्मक रूप से लॉन्च किया गया है।

    इन दोस्तों ने ना सिर्फ केकर के इतिहास को खास बनाया, बल्कि आईपीएल के सबसे चौंकाने वाले लॉन्च में भी अपनी जगह बनाई। टीम का कहना है कि इस बार जर्सी में इन मेमोरियल लम्हों को “सिर्फ याद नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें जर्सी के डिजाइन में गढ़ा गया है।”

    जर्सी के आश्रम से जुड़ने की कोशिश
    केकर के इस जर्सी का उद्देश्य सिर्फ एक नई यूनी फॉर्म का पेशा बनाना नहीं है, बल्कि प्लेयर्स को टीम की कहानी से और उसके अनुसार बढ़ाना है।

    फ़्रैंचाइज़ी ने कहा कि इस डिज़ाइन के माध्यम से फैन टीम की उस यात्रा को कर फ़ेमस महसूस किया गया, जिसने केकेआर को आईपीएल के सबसे लोकप्रिय मैच में से एक बनाया है।

    टीम प्रबंधन ने बनाया गौरव
    नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकी मैसूर ने न्यू जर्सी के बारे में कहा कि “डी लाइन्स ऑफ लेगेसी केकेआर के शानदार इतिहास का सार है। हर लाइन टीम के उन खास लोगों के प्रतिनिधियों ने हमारी पहचान बनाई है।”

    उन्होंने कहा कि टीम ने इस विरासत पर गर्व किया है और आगामी सीज़न में वह इसी ऊर्जा और जुनून के साथ मैदान में उतरकर नई यादगार पल बनाने की कोशिश करेगी।

    29 मार्च से केकेआर का अभियान शुरू होगा
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार आईपीएल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 29 मार्च को होगी। टीम का पहला मुकाबला मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा।

    इसके बाद कोलकाता की टीम पहली बार 2 अप्रैल को अपने घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैदान में उतरेगी।

    नीलामी में टीम में शामिल हुए बड़े खिलाड़ी
    आईपीएल 2026 की मूवी में केकेआर ने अपनी टीम को और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े खिलाड़ियों को शामिल किया है। टीम ने कैमरून ग्रीन, मथीशा पथिराना, रोवमैन पॉवेल और फिन एलन जैसे खिलाड़ियों को खरीदकर अपनी टीम में नई ताकत जोड़ने की कोशिश की है।

    क्रिकेट विशेषज्ञ का मानना ​​है कि नए खिलाड़ी और खास थीम वाली जर्सी के साथ केकेआर इस सीजन में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे और चौथे आईपीएल खिताब की दौड़ में मजबूत प्रस्ताव बन सकते हैं।

  • महिला कुश्ती में नया इतिहास: Geetika Jakhar बनीं अर्जुन पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला पहलवान

    महिला कुश्ती में नया इतिहास: Geetika Jakhar बनीं अर्जुन पुरस्कार जीतने वाली पहली महिला पहलवान


    नई दिल्ली। भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में गीतिका जाखड़ का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। अपनी ताकत, तकनीक और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने कुश्ती की दुनिया में अलग पहचान बनाई।

    गीतिका की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने लगातार नौ बार ‘भारत केसरी’ का खिताब जीता और एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि भारतीय महिला कुश्ती में आज भी बेहद खास मानी जाती है।

    हिसार की धरती से शुरू हुआ सफर
    गीतिका जाखड़ का जन्म 18 अगस्त 1985 को हिसार, हरियाणा में एक खेल प्रेमी परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनका रुझान खेलों की ओर था और स्कूल के दिनों में वह एथलेटिक्स में सक्रिय रूप से हिस्सा लेती थीं।

    बेहतर प्रशिक्षण के लिए जब उनका परिवार शहर आया तो उनके पिता उन्हें हिसार के महाबीर स्टेडियम लेकर गए, लेकिन वहां उस समय कोई कोच उपलब्ध नहीं था। निराश होकर लौटते समय उनकी नजर पास के एक कुश्ती हॉल पर पड़ी, जहां लड़कियां अभ्यास कर रही थीं। उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया और उन्होंने अक्टूबर 1998 में एथलेटिक्स छोड़कर कुश्ती को अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया।

    दादा से सीखे कुश्ती के गुर
    गीतिका को कुश्ती की प्रेरणा अपने परिवार से ही मिली। उन्होंने अपने दादा चौधरी अमरचंद जाखड़ से कुश्ती के शुरुआती गुर सीखे, जो अपने समय के प्रसिद्ध पहलवान माने जाते थे। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने कुश्ती की शुरुआत कर दी थी। जल्द ही उनकी प्रतिभा सामने आने लगी और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी। 1999 में भारत के राष्ट्रीय खेलों में हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए वह चौथे स्थान पर रहीं, लेकिन यह शुरुआत उनके भविष्य की बड़ी सफलताओं की झलक थी।

    15 साल की उम्र में जीता ‘भारत केसरी’
    सिर्फ 15 साल की उम्र में गीतिका ने ‘भारत केसरी’ खिताब सबको चौंका दिया। वर्ष 2000 में नई दिल्ली में आयोजित एक बड़े दंगल में उन्होंने मशहूर पहलवान सोनिका कालीरमन को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार नौ दशकों तक ‘भारत केसरी’ का खिताब जीतती रहीं, जो महिला कुश्ती में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जाती है।

    राष्ट्रीय स्तर पर बनाया अनोखा रिकॉर्ड
    गीतिका ने वर्ष 2001 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। वह सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर-तीनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की पहलवान बनीं। यह रिकॉर्ड आज तक कायम है और इसे भारतीय कुश्ती के इतिहास में बेहद खास उपलब्धि माना जाता है।

    चोट के बाद भी शानदार वापसी
    साल 2010 में गीतिका जाखड़ गंभीर रूप से चोटिल हो गई थीं, जिससे उनके करियर संकट में पड़ गया था। लेकिन वे हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के दम पर दोबारा वापसी की।

  • नंबर-3 पर संजू सैमसन को मौका देने की मांग, सुरेश रैना बोले-टीम को मिलेगा फायदा

    नंबर-3 पर संजू सैमसन को मौका देने की मांग, सुरेश रैना बोले-टीम को मिलेगा फायदा


    नई दिल्ली।  भारतीय टीम के पूर्व स्टार बल्लेबाज और चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज खिलाड़ी रहे सुरेश रैना ने टीम के बल्लेबाजी क्रम को लेकर अहम सुझाव दिया है। रैना का मानना ​​है कि संजू सैमसन को टीम के लिए नंबर-3 पर बल्लेबाजी करनी चाहिए, क्योंकि इस स्थान पर वह टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर के बीच मजबूत कड़ी बन सकते हैं। रैना के अनुसार इस क्रम से टीम का बैलेंस बेहतर होगा और बल्लेबाजी इकाई ज्यादा स्थिर दिखाई देगी।

    गायकवाड़ और म्हात्रे करें ओपनिंग
    बातचीत के दौरान रैना ने कहा कि सीएसके की पारी की शुरुआत रुतुराज गायकवाड़ और आयुष म्हात्रे को करनी चाहिए। इसके बाद तीसरे नंबर पर संजू सैमसन को भेजा जाए, ताकि वह शुरुआती विकेट गिरने की स्थिति में पारी को संभाल सकें और टीम को मजबूत आधार दे सकें। रैना के अनुसार सैमसन के नंबर-3 पर आने से बल्लेबाजी क्रम इस तरह संतुलित हो सकता है कि उसके बाद डेवल्ड ब्रेविस चौथे नंबर पर और शिवम दुबे पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करें।

    धोनी को अंत के ओवरों में मिल सकता है मौका
    रैना ने आगे कहा कि इस क्रम के बाद टीम के दिग्गज खिलाड़ी एमएस धोनी बल्लेबाजी के लिए आ सकते हैं और उन्हें मुख्य रूप से अंतिम दो या तीन ओवर खेलने का मौका मिलेगा।उनकी गिनती है कि इस तरह का बल्लेबाजी क्रम टीम को आक्रामक और संतुलित दोनों बना सकता है, क्योंकि शुरुआती बल्लेबाज तेजी से रन बनाएंगे और मध्यक्रम पारी को आगे बढ़ाएगा।

    विकेटकीपर के तौर पर भी सैमसन पर भरोसा
    रैना ने सैमसन को विकेटकीपर के रूप में भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सैमसन टीम के ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल बनाने वाले खिलाड़ी हैं और कप्तानी का अनुभव होने के कारण टीम के लिए उनकी भूमिका और भी अहम हो जाती है।

    सैमसन लंबे समय तक राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रह चुके हैं और आईपीएल में उनके पास काफी अनुभव है।

    आईपीएल में शानदार रिकॉर्ड
    आईपीएल में संजू सैमसन का रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 177 मैचों में लगभग 31 की औसत से 4700 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 26 शतक भी निकले हैं। आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें राजस्थान रॉयल्स से ट्रेड कर अपनी टीम में शामिल किया था, जिससे टीम की बल्लेबाजी और मजबूत मानी जा रही है।

    टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन
    हाल ही में हुए ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मुकाबलों में बेहतरीन पारियां खेलकर भारत को खिताब दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।

    क्वार्टर फाइनल में वेस्टइंडीज राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ नाबाद 97 रन, सेमीफाइनल में 89 रन और फाइनल में भी 89 रन की पारी खेलकर उन्होंने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। टूर्नामेंट में कुल 5 मैचों में 321 रन बनाने के बाद उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया।

    सीएसके फैंस की उम्मीदें बढ़ेंगी
    विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के फैंस की उम्मीदें संजू सैमसन से और भी बढ़ गई हैं। क्रिकेट एथलीटों का रुझान है कि अगर वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हैं तो टीम को एक स्थिर और आक्रामक बल्लेबाज मिल सकता है, जो मुश्किल परिस्थितियों में भी मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता है।

  • वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, मैच देखते हुए सो गए फैंस!

    वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, मैच देखते हुए सो गए फैंस!


    नई दिल्ली। मॉर्डन डे क्रिकेट में आज फैंस हर गेंद पर चौका-छक्का देखना पसंद करते हैं. अगर ऐसा न हो तो उस मैच को बोरिंग मान लिया जाता है. यही कारण है कि बदलते दौर में कुछ ऐसे रिकॉर्ड बने जो कल्पना से परे था. चाहे वो फास्टेस्ट फिफ्टी का रिकॉर्ड हो या फिर सेंचुरी का, लेकिन जब क्रिकेट फल-फुल रहा था तो मामला बिल्कुल अलग था. शुरुआती दौर में क्रिकेट में सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट का चलन था. उसके बाद 1971 में वनडे की शुरुआत हुई. जिसके बाद लंबे समय तक इस फॉर्मेट का बोलबाला रहा.
    वनडे फॉर्मेट में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हुए. उन्हीं में से एक नाम भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर का भी है. वैसे तो गावस्कर का क्रिकेटिंग करियर उपलब्धियों से भरा हुआ है, लेकिन उनके नाम एक रिकॉर्ड ऐसा भी है जो शायद ही कभी टूट पाए. ये रिकॉर्ड है वनडे क्रिकेट में सबसे धीमी पारी खेलने का.

    भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 1975 में वनडे इतिहास की सबसे धीमी पारी खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. विश्व कप के इस मुकाबले में सुनील गावस्कर ने 36 रन बनाने में 174 गेंद खेल डाली थी. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट महज 20 का रहा और पारी में वह सिर्फ 1 चौका ही लगा पाए. सुनील गावस्कर का ये रिकॉर्ड मॉर्डन डे क्रिकेट में अब शायद ही कभी टूट पाए.

    क्रिस गेल ने गेंदबाजों को जमकर तोड़ा था
    क्योंकि, जिस तरह की पारी सुनील गावस्कर ने खेली थी अगर आज के दौर में कोई क्रिकेटर ऐसा करता है तो उसका करियर बर्बाद हो जाएगा. आज के दौर में खिलाड़ियों का करियर और उसकी प्रतिभा इस बात पर निर्भर करती है कि उसका स्ट्राइक रेट का ग्राफ कितना ऊंचा है. यही वजह है कि वनडे क्रिकेट में कम से कम सुनील गावस्कर के सबसे धीमी पारी के रिकॉर्ड का टूटना नामुमकिन है.
    भारत-इंग्लैंड के उस मैच में क्या हुआ था?
    सुनील गावस्कर के वनडे में सबसे धीमी पारी वाले मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 202 रन से हराया था. मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डेनिस एमिस की शतकीय पारी से 4 विकेट के नुकसान पर 334 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इंग्लैंड के इस स्कोर के जवाब में टीम इंडिया पूरे 60 ओवर खेलकर 3 विकेट के नुकसान 132 रन ही बना पाई थी. भारत के लिए सुनील गावस्कर के अलावा मैच में गुंडप्पा विश्वनाथ ने 37 रनों का योगदान दिया था.
  • भारतीय कुश्ती के महान शिक्षक: गुरु हनुमान की विरासत आज भी कायम

    भारतीय कुश्ती के महान शिक्षक: गुरु हनुमान की विरासत आज भी कायम


    नई दिल्ली भारत में कुश्ती सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। समय-समय पर कई महान पहलवानों और कोचों ने इस खेल को नई ऊंचाई तक पहुंचाया। उन्नीस महान व्यक्तित्वों में एक नाम है गुरु हनुमान का, असली नाम विजय पाल यादव था।

    गुरु हनुमान को भारतीय कुश्ती का आधुनिक रूप देने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने पारंपरिक भारतीय पहलवानों को अंतर्राष्ट्रीय फ्रीस्टाइल कुश्ती के मानकों के अनुरूप ढालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सुझाव में कई पहलवानों ने देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया।

    राजस्थान से दिल्ली तक का सफर
    विजय पाल यादव का जन्म 15 मार्च 1901 को चिड़ावा, राजस्थान में हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि वह कभी स्कूल नहीं गईं, लेकिन बचपन से ही उनके मन में कुश्ती के लिए गहरी पैठ थी।

    कम उम्र में ही उन्होंने छात्रों में प्रैक्टिस शुरू कर दी और नौकरी में अपना करियर बनाने का सपना देखा। साल 1919 में उन्होंने काम की तलाश में दिल्ली आकर सब्जी मंडी इलाके में एक छोटी सी दुकान शुरू की। हालाँकि उनका मन व्यापार में नहीं लगा और उन्होंने अपना पूरा ध्यान कुश्ती पर लगा दिया। धीरे-धीरे वह इलाके में एक बेहतरीन रेसलर के रूप में पहचाने जाने लगे।

    बिड़ला मिल्स व्यायामशाला से गुरु हनुमान एरिना तक
    भारतीय उद्योगपति के.के. बिड़ला ने उन्हें कुश्ती के प्रशिक्षण के लिए जमीन उपलब्ध कराई। इसके बाद 1925 के आसपास पुरानी दिल्ली के मलकागंज इलाके में बिड़ला मिल्स व्यायामशाला की शुरुआत हुई।

    यह क्षेत्र बाद में गुरु हनुमान् क्षेत्र के नाम से प्रसिद्ध हुआ। रोशनआरा बाग और शक्ति नगर के पास स्थित यह अखाड़ा आज भी भारत का सबसे पुराना और प्रसिद्ध कुश्ती प्रशिक्षण प्रशिक्षण में से एक माना जाता है।

    कई दिग्गज रेसलरों को प्रशिक्षण दिया गया
    गुरु हनुमान के मार्गदर्शन में कई पहलवानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया। उनके शिष्य सुदेश कुमार और प्रेम नाथ ने 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

    इसके अलावा सतपाल सिंह और करतार सिंह ने क्रमशः 1982 और 1986 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। गुरु हनुमान के आठ शिष्यों को भारत के प्रतिष्ठित अर्जुन गुरु भी मिल गए हैं। उनके इंजीनियरों में दारा सिंह, हंस राम, सुभाष वर्मा, वीरेंद्र सिंह और सुशील कुमार जैसे दिग्गज शामिल हैं।

    सुशील कुमार और रवि दहिया जैसे स्टैंडर्स से लेकर ट्रेडिशनल गुरु परंपरा तक
    गुरु हनुमान के शिष्य सतपाल सिंह आज भी भारत के बड़े कुश्ती कोचों में गिने जाते हैं। उनके प्रशिक्षण में सुशील कुमार और रवि दहिया जैसे पहलवानों ने ओलंपिक में भारत के लिए पदक नामांकन इतिहास हासिल किया।

    ऐसे ही गुरु हनुमान की कोचिंग परंपरा आज भी भारतीय कुश्ती को नई पीढ़ी तक पहुंचा रही है।

    पुरस्कार और सम्मान
    भारतीय कुश्ती में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए उन्हें कई बड़े सम्मान मिले। उन्हें 1983 में पद्म श्री और 1987 में प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 9 अगस्त 2003 को मदन लाल खुराना ने नई दिल्ली के कल्याण विहार स्पोर्ट्स स्टेडियम में हनुमान जी की प्रतिमा का अनावरण भी किया था।

    विभिन्न दुर्घटनाओं में हुई मौतें
    24 मई 1999 को हरिद्वार के पास एक कार दुर्घटना में गुरु हनुमान का निधन हो गया। हालाँकि उनकी विरासत आज भी भारतीय कुश्ती में जीवित है और उनके क्षेत्रीय देश के पहलवानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है।

    गुरु हनुमान सिर्फ एक कोच नहीं बल्कि भारतीय कुश्ती के महान मार्गदर्शक थे। उन्होंने औद्योगिक स्टॉक एक्सचेंजों को आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्तर तक मान्यता दी और ऐसी पीढ़ी तैयार की, जिसने देश का नाम विश्व मंच पर रोशन किया। उनकी बनाई परंपरा आज भी भारतीय कुश्ती की ताकतें बनी हुई है।

  • इरफान पठान का बयान: CSK में युवा खिलाड़ियों को मौका, फिर भी धोनी की अहमियत बरकरार

    इरफान पठान का बयान: CSK में युवा खिलाड़ियों को मौका, फिर भी धोनी की अहमियत बरकरार


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का कहना है कि चेन्नई सुपर किंग्स में अब युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सही समय आ गया है। हालांकि टीम में युवा खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन एमएस धोनी की भूमिका अभी भी बहुत महत्वपूर्ण बनी हुई है।

    इजरायल पठान ने बातचीत करते हुए कहा कि धोनी मैदान पर और मैदान के बाहर दोनों जगह टीम के लिए योगदान देने को तैयार नजर आते हैं। उनके अनुसार ड्रेसिंग रूम में धोनी की पहचान अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों और नेताओं को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।

    आईपीएल में फिर दिख धोनी का जलवा
    इरफान पठान ने कहा कि जैसे ही आईपीएल शुरू होगा, क्रिकेट फैंस को एक बार फिर एमएस धोनी मैदान पर नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि धोनी इस सीजन के लिए पूरी तरह तैयार और फिट दिख रहे हैं।

    पठान के अनुसार, धोनी ने सालों तक टीम की जिम्मेदारी संभाली है, लेकिन अब समय आ गया है कि युवा खिलाड़ियों को भी आगे आने का मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष म्हात्रे, डेवल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे और रुतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ियों को टीम की कमान संभालनी चाहिए।

    युवा खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें
    इरफान पठान का मानना ​​है कि सीएसके की मौजूदा टीम पेपर पर काफी रोमांचक नजर आती है। उन्होंने कहा कि इस युवा टीम में जिम्मेदारी लेने की क्षमता और निडरता साफ दिखाई देती है। उनके हिसाब से आयुष म्हात्रे, डेवल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे और कप्तान रुतुराज गायकवाड़ जैसे खिलाड़ी आने वाले समय में टीम को नई दिशा दे सकते हैं।

    अनुभवी टीम से युवा टीम की ओर बदलाव
    एक समय था जब चेन्नई सुपर किंग्स को अनुभवी और अनुभवी खिलाड़ियों की टीम माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ समय से टीम की रणनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

    नीलामी में भी टीम ने युवाओं पर भरोसा दिखाया है। आयुष म्हात्रे, डेवल्ड ब्रेविस और सरफराज खान जैसे युवा खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वहीं संजू सैमसन के आने से टीम की मजबूती भी काफी मजबूत हुई है।

    धोनी को शानदार विदाई देने की कोशिश
    संभावना तय जा रही है कि यह सीजन एमएस धोनी का चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आखिरी आईपीएल हो सकता है। ऐसे में कप्तान रुतुराज गायकवाड़ और अन्य युवा खिलाड़ियों के पास धोनी के साथ खेलते हुए उनसे सीखने का बड़ा मौका होगा।

    पुणे है कि चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक है। टीम ने धोनी की कप्तानी में पांच बार खिताब जीता है और इस मामले में मुंबई इंडियंस के बराबर है, जिसने रोहित शर्मा की कप्तानी में पांच ट्रॉफी जीती हैं।

    सीएसके ने आखिरी बार 2023 में आईपीएल का खिताब जीता था। अब टीम की कोशिश इस सीजन में एक बार फिर ट्रॉफी अपने दिग्गज कप्तान धोनी को शानदार विदाई देने की होगी।

    इरफान पठान के अनुसार चेन्नई सुपर किंग्स अब युवा खिलाड़ियों के दम पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है, लेकिन एमएस धोनी का अनुभव और मार्गदर्शन टीम के लिए अब भी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है। आने वाला आईपीएल सीजन यह तय करेगा कि युवा जोश और अनुभवी नेतृत्व का यह मेल टीम को कितनी सफलता दिला पाता है।

  • हरभजन सिंह का बयान: हार्दिक के लिए रोहित की सलाह से बदल सकती है मुंबई की किस्मत

    हरभजन सिंह का बयान: हार्दिक के लिए रोहित की सलाह से बदल सकती है मुंबई की किस्मत


    नई दिल्ली। हरभजन सिंह का मानना ​​है कि मुंबई इंडियंस को आईपीएल 2026 में रोहित शर्मा का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। उनके अनुसार रोहित को सिर्फ बल्लेबाजी के लिए इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं बल्कि पूरे मैच के दौरान मैदान पर रखना टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा।

    हरभजन सिंह ने जियोहॉटस्टार पर बातचीत के दौरान कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी मैदान पर टीम के लिए बेहद अहम होती है। खासकर जब मैच कठिन स्थिति में हो और कप्तान को रणनीतिक फैसले लेने हों, तब रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी का साथ बहुत काम आता है।

    उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा को 12वें खिलाड़ी के तौर पर इस्तेमाल किया गया है जो सिर्फ बल्लेबाजी करता है, लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह के नेतृत्वकर्ता वह रहे हैं, उन्हें मैदान पर होना चाहिए। मुश्किल मैचों में, जब आपको कुछ खास फैसले लेने होते हैं, तब वह कप्तान के लिए बहुत मददगार हो सकते हैं।”

    हार्दिक पांड्या को मिल सकता है अनुभव का फायदा
    हरभजन सिंह का मानना है कि Hardik Pandya के लिए भी रोहित शर्मा की मौजूदगी मैदान पर काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। रोहित लंबे समय तक मुंबई इंडियंस के कप्तान रहे हैं और उनकी रणनीतिक समझ काफी मजबूत है।

    ऐसे में जब मैच के दौरान मुश्किल फैसले लेने हों या रणनीति बदलने की जरूरत पड़े, तब रोहित शर्मा का अनुभव टीम और कप्तान दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने भी किया समर्थन
    पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज Aakash Chopra ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि रोहित शर्मा को पूरा मैच खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोहित इस समय फिट हैं और अच्छी फॉर्म में भी नजर आ रहे हैं, इसलिए टीम को इसका फायदा उठाना चाहिए।

    आकाश चोपड़ा के अनुसार ओपनिंग बल्लेबाज के लिए मैच से पहले मैदान पर रहना और खेल की परिस्थितियों को समझना बेहद जरूरी होता है। अगर कोई ओपनर लंबे समय तक डगआउट में बैठा रहे और फिर सीधे बल्लेबाजी करने आए, तो यह उसके लिए स्वाभाविक स्थिति नहीं होती।

    उन्होंने कहा, “अगर आप फिट हैं, तो आपको पूरा मैच खेलना चाहिए। खासकर जब आप दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहे हों तो आपको इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं आना चाहिए। एक ओपनर को डगआउट से 20 ओवर देखने की आदत नहीं होती।”

    पिछले दो सीजन में इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका
    दरअसल पिछले दो आईपीएल सीजन में Rohit Sharma को कई मुकाबलों में इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। वह ज्यादातर समय डगआउट में बैठे रहते थे और सिर्फ बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आते थे। उस समय इसकी मुख्य वजह उनकी फिटनेस बताई जा रही थी। हालांकि पिछले 6 से 8 महीनों में रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है और अब वह टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं।

    मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा फैसला
    गौरतलब है कि Rohit Sharma की कप्तानी में Mumbai Indians ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता है। उनकी कप्तानी में टीम ने कई यादगार सफलताएं हासिल की थीं। हालांकि 2024 सीजन में टीम मैनेजमेंट ने बड़ा फैसला लेते हुए रोहित शर्मा की जगह Hardik Pandya को कप्तान नियुक्त कर दिया था। इसके बाद से टीम की रणनीति में कई बदलाव देखने को मिले हैं।

    अब आईपीएल 2026 की शुरुआत के बाद ही यह साफ होगा कि मुंबई इंडियंस रोहित शर्मा को पूरे मैच के लिए मैदान पर उतारती है या फिर उन्हें पहले की तरह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता है।

    हरभजन सिंह और आकाश चोपड़ा जैसे क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित शर्मा का अनुभव और नेतृत्व क्षमता मुंबई इंडियंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अगर उन्हें पूरे मैच के दौरान मैदान पर रखा जाए तो यह टीम और कप्तान हार्दिक पांड्या दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।