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  • लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ में खुलेआम गुंडई, युवक पर बीच सड़क हमला CCTV वीडियो से हड़कंप

    लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां चौक थाना क्षेत्र में स्थित केजीएमयू के बाहर बीच सड़क एक युवक के साथ दबंगों द्वारा बेरहमी से मारपीट की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

    वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ युवक मिलकर एक व्यक्ति को घेरकर बेल्ट और डंडों से लगातार पीट रहे हैं। मारपीट इतनी बेरहमी से की जा रही है कि वहां से गुजरने वाले लोग भी कुछ देर के लिए ठहर जाते हैं, लेकिन किसी ने बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। यह घटना शनिवार की बताई जा रही है और केजीएमयू परिसर के बाहर हुई थी।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे क्या कारण था। न ही अब तक यह जानकारी सामने आई है कि पीड़ित युवक की ओर से किसी तरह की शिकायत पुलिस को दी गई है या नहीं। घटना के कारणों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है और पुलिस जांच का इंतजार किया जा रहा है।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक हिंसा बेहद चिंताजनक है और पुलिस को स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। नागरिकों ने मांग की है कि वीडियो में दिख रहे सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

    स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की खुलेआम गुंडई से आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जांच की उम्मीद जताई जा रही है।

  • अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगी का संदेश, योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगी का संदेश, योग को बनाएं जीवनशैली का हिस्सा


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग को भारतीय संस्कृति और ऋषि परंपरा की अमूल्य धरोहर बताया और इसे जीवन का नियमित हिस्सा बनाने पर जोर दिया। झांसी में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिन या किसी विशेष अवसर तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवनशैली में शामिल करना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है और योग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उन्होंने बताया कि भारतीय ऋषि परंपरा ने जो पर्व और परंपराएं विकसित की हैं, उनका उद्देश्य हमेशा प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन को संतुलित रखना रहा है। योग भी इसी सोच का विस्तार है, जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच योग और भी अधिक आवश्यक हो गया है। नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और एकाग्रता को भी बढ़ाता है।

    कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास में हिस्सा लिया और विभिन्न आसनों का प्रदर्शन किया। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे योग को केवल कार्यक्रम या आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं ताकि एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण हो सके।

  • UP में गर्मी का कहर जारी, मानसून लेट होने से 25 जून तक राहत के आसार नहीं

    UP में गर्मी का कहर जारी, मानसून लेट होने से 25 जून तक राहत के आसार नहीं

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज फिलहाल पूरी तरह बदला हुआ है और लोगों को भीषण गर्मी व उमस का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की एंट्री में देरी के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान लगातार परेशान कर रहा है। मौसम विभाग ने आज भी कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और अधिक कठिन बनी हुई है।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम के तेवर इसी तरह बने रह सकते हैं। अनुमान है कि 24 जून तक अधिकतर जिलों में तेज गर्मी और उमस का असर जारी रहेगा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जरूर जताई गई है, लेकिन यह राहत सीमित ही रहेगी।

    पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 से 25 जून तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जिससे वहां गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है। वहीं 26 जून के आसपास कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने के संकेत हैं, लेकिन यह व्यापक राहत देने में सक्षम नहीं होगी। दूसरी ओर पूर्वी यूपी में भी 24 जून तक मौसम गर्म और उमसभरा बना रह सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस वर्ष मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी है, जिसके कारण इसकी एंट्री एक से दो सप्ताह तक लेट हो सकती है। उत्तर पश्चिम भारत में शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है, जो बारिश के सिस्टम को कमजोर कर रहा है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से स्थिति में कुछ बदलाव की उम्मीद है।

    25 जून के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में अच्छी बारिश के लिए अभी लगभग दो सप्ताह का और इंतजार करना पड़ सकता है। राजधानी लखनऊ समेत अन्य जिलों में भी गर्मी से राहत मिलने में समय लगने की संभावना है।

    फिलहाल लोगों को सलाह दी जा रही है कि तेज धूप और हीटवेव से बचाव के उपाय अपनाएं और पर्याप्त पानी पीकर खुद को हाइड्रेट रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

  • नीट यूजी री-एग्जाम 2026 उत्तर प्रदेश में आज, पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में

    नीट यूजी री-एग्जाम 2026 उत्तर प्रदेश में आज, पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में


    नई दिल्ली । नीट यूजी री-एग्जाम 2026 को लेकर देशभर में कड़े सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में आज यह महत्वपूर्ण परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें प्रदेश के 59 जनपदों में करीब 3.5 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है।

    यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एक ही पाली में पेन और पेपर मोड में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए पुलिस, जिला प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को रोका जा सके।

    राजधानी लखनऊ में ही 75 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) के अनुसार प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। परीक्षा सामग्री को केंद्र तक पहुंचाने और आंसर शीट को सुरक्षित वापस लाने की जिम्मेदारी विशेष टीम को दी गई है, जिसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के साथ स्थानीय पुलिसकर्मी शामिल हैं।

    परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए क्वेश्चन पेपर ले जाने वाली सभी गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है, ताकि हर गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सके। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की सख्त जांच और तलाशी की व्यवस्था भी की गई है।

    सरकार की ओर से छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत किराया छूट दी जा रही है। साथ ही दूसरे जिलों से आने वाले छात्रों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

    गौरतलब है कि इससे पहले 3 मई को NEET परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के चलते 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया था। इसी कारण अब री-एग्जाम कराया जा रहा है, जिसे लेकर छात्रों में उत्साह और प्रशासन में सतर्कता दोनों देखने को मिल रही है।

  • राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, उच्च न्यायिक आयोग की मांग से बढ़ी हलचल

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़, उच्च न्यायिक आयोग की मांग से बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और दान सामग्री के कथित गबन को लेकर मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस पूरे विवाद ने अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर नया मोड़ ले लिया है, जहां जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच न्यायिक हस्तक्षेप की मांग तेज होती जा रही है।

    मामले की जांच पहले ही एसआईटी द्वारा की जा चुकी है और टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर आगे की प्रक्रिया के लिए उच्च अधिकारियों को सौंपने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि जांच टीम लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावना है। इसी बीच इस प्रकरण को लेकर एक नई जनहित याचिका लखनऊ स्थित उच्च न्यायालय की पीठ में दाखिल की गई है।

    अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दाखिल इस याचिका में मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए। याचिका में राज्य सरकार, पुलिस महानिदेशक, अयोध्या के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मंदिर ट्रस्ट के सचिव को पक्षकार बनाया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह हो सकती है।

    इसी बीच आरोपों की श्रृंखला और भी गंभीर होती जा रही है। सराफा व्यापार से जुड़े एक संगठन के नॉर्थ इंडिया हेड द्वारा यह दावा किया गया है कि लगभग 60 किलो चांदी, जो देशभर के दानदाताओं द्वारा मंदिर के लिए भेजी गई थी, उसका उचित उपयोग या सार्वजनिक विवरण सामने नहीं आया है। आरोपों के अनुसार, यह चांदी गलाकर धार्मिक उपयोग के लिए ईंटों और अन्य सामग्री में बदली गई थी, लेकिन बाद में इन वस्तुओं का हिसाब स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया।

    इसके अलावा कुछ दानदाताओं का यह भी कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चांदी के दीपक, कटोरे और अन्य धार्मिक वस्तुएं मंदिर को दान की थीं, लेकिन मंदिर निर्माण के बाद वे वस्तुएं दिखाई नहीं दीं। दानदाताओं ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए दान सामग्री का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की अपील की है।

    इस विवाद के चलते मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं और श्रद्धालुओं के बीच भी असमंजस की स्थिति देखी जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि लगातार उठ रहे विवादों का असर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और दान की मात्रा पर भी पड़ा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    फिलहाल यह मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बीच आगे बढ़ रहा है। एक ओर एसआईटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक आयोग की मांग ने इस विवाद को और गंभीर बना दिया है। आने वाले दिनों में अदालत की सुनवाई और जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।

  • बुंदेलखंड के किसानों की बदली तस्वीर, सिंचाई और योजनाओं से बढ़ी आय सीएम योगी

    बुंदेलखंड के किसानों की बदली तस्वीर, सिंचाई और योजनाओं से बढ़ी आय सीएम योगी


    ललितपुर । ललितपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को लेकर बड़ी बातें कही और कहा कि यह इलाका अब तेजी से बदलते हुए एक मॉडल क्षेत्र के रूप में उभर रहा है उन्होंने कहा कि पहले जहां इस क्षेत्र को पिछड़ेपन और पानी की समस्या के लिए जाना जाता था वहीं अब सरकार की योजनाओं और विकास परियोजनाओं के कारण यहां की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ललितपुर जनपद में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और चेक भी वितरित किए और कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं आधारभूत संरचना और जनसुविधाओं को नई मजबूती प्रदान करेंगी

    सीएम ने कहा कि आज ललितपुर में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध है अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किया गया है और लगभग 1500 एकड़ क्षेत्र में प्रदेश का पहला फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगी बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी

    उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही क्षेत्र में कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार हुआ है और अब उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर BIDA भी इसी क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में यह इलाका औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बनेगा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल योजना के माध्यम से बुंदेलखंड के हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम किया जा रहा है जिससे वर्षों पुरानी पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो रही है उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया गया है और दशकों से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना को पूरा कर लिया गया है साथ ही रतौली बांध भावनी बांध कचनौदा बांध और मझगांव चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजनाओं ने किसानों की स्थिति में बड़ा सुधार किया है

    सीएम योगी ने बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में विशेषकर झांसी और ललितपुर में इस मॉडल के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन सभी विकास कार्यों के चलते बुंदेलखंड के अन्नदाता किसानों की स्थिति में ऐतिहासिक बदलाव आया है और अब किसान पहले की तुलना में कई गुना अधिक आय अर्जित कर रहे हैं उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास करना नहीं बल्कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है जिससे क्षेत्र आत्मनिर्भर और समृद्ध बन सके

  • वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश

    वाराणसी में सूने मकान में बड़ी चोरी ,शादी समारोह से लौटे परिवार के उड़े होश


    वाराणसी । वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुजाबाद बंधा रोड पर उस समय सनसनी फैल गई जब एक बंद मकान में अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया घटना उस वक्त हुई जब घर के मालिक अपने पूरे परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे और इसी दौरान चोरों ने सूने घर को निशाना बना लिया

    जानकारी के अनुसार सुजाबाद निवासी अभिलाष सहानी पुत्र राजेंद्र प्रसाद अपने परिवार के साथ शुक्रवार की शाम चौबेपुर थाना क्षेत्र के मल्लापुर गांव में अपनी बुआ के घर आयोजित बहन की शादी में शामिल होने गए थे परिवार के सभी सदस्य खुशी-खुशी समारोह में व्यस्त थे और घर पूरी तरह से खाली पड़ा था इसी सुनसान मौके का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दे दिया

    बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह जब पूरा परिवार शादी समारोह से वापस अपने घर लौटा तो जैसे ही मुख्य दरवाजा खोला गया अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए घर का सामान बिखरा हुआ था और अलमारियों व कमरों में रखा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था शुरुआती जांच में सामने आया कि चोरों ने दरवाजे का ताला तोड़ने के बजाय उसके कब्जे उखाड़कर घर के अंदर प्रवेश किया जिससे उनकी सटीक योजना और सूझबूझ का अंदाजा लगाया जा रहा है

    घर के अंदर पहुंचने पर पता चला कि चोरों ने सोने और चांदी के आभूषणों के साथ-साथ हजारों रुपये की नकदी पर भी हाथ साफ कर दिया है जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए

    सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन भी तुरंत हरकत में आया और एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह रामनगर थाना प्रभारी संजय मिश्रा सुजाबाद चौकी प्रभारी प्रशांत पांडेय सहित फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जानकारी एकत्र करने का प्रयास किया

    पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर घटना को संदिग्ध मानते हुए विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही इस चोरी की वारदात का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्ध गतिविधियों की भी जांच कर रही है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके

  • एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते पकड़ा गया लम्भुआ तहसील का कानूनगो

    एंटी करप्शन टीम की बड़ी कार्रवाई, रिश्वत लेते पकड़ा गया लम्भुआ तहसील का कानूनगो

    सुलतानपुर । सुलतानपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है जहां एंटी करप्शन टीम ने लम्भुआ तहसील में तैनात कानूनगो राजित राम शर्मा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया इस कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है

    मामला जमीन की पैमाइश से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है जहां एक पीड़ित अपनी भूमि की नाप जोख और पैमाइश के काम को लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा था पीड़ित का आरोप है कि काम को आगे बढ़ाने के लिए कानूनगो द्वारा अवैध रूप से पैसों की मांग की गई और बिना रिश्वत के फाइल आगे न बढ़ाने की बात कही गई

    बताया जाता है कि शुरुआत में पीड़ित ने रिश्वत देने से इनकार किया लेकिन लगातार दबाव और काम अटकने की स्थिति के चलते वह मानसिक रूप से परेशान हो गया और अंत में उसे 12 हजार रुपये देने पर मजबूर होना पड़ा इसके बाद पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए पूरी घटना की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दे दी

    सूचना मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और पीड़ित को तय समय और स्थान पर भेजा जहां पहले से टीम के सदस्य निगरानी में थे जैसे ही पीड़ित ने कानूनगो को रिश्वत की रकम सौंपी और उसने पैसे अपने हाथ में लिए वैसे ही टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया

    गिरफ्तारी के दौरान टीम ने रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली जिससे आरोपी के खिलाफ आरोप और मजबूत हो गए हैं इस अचानक हुई कार्रवाई से तहसील परिसर में अफरा तफरी का माहौल बन गया और अन्य कर्मचारी भी कुछ समय के लिए असहज स्थिति में नजर आए

    जानकारी के अनुसार गिरफ्तार कानूनगो राजित राम शर्मा का नाम पहले भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है और वह पूर्व में भी रिश्वतखोरी के आरोपों में पकड़ा जा चुका है इसके बावजूद उसकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं देखा गया जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग में जमीन से जुड़े कामों को लेकर अक्सर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं और इस तरह की घटनाएं आम जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं फिलहाल एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है

  • खनन माफिया पर कार्रवाई या सिस्टम की चूक, कुशीनगर में अफसर सस्पेंशन से गरमाई राजनीति और प्रशासनिक बहस

    खनन माफिया पर कार्रवाई या सिस्टम की चूक, कुशीनगर में अफसर सस्पेंशन से गरमाई राजनीति और प्रशासनिक बहस


    कुशीनगर । कुशीनगर जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के बीच एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र और कानून व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस अभियान को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का मजबूत उदाहरण माना जा रहा था उसी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिकारी अभिषेक सिंह के निलंबन ने पूरे मामले को अचानक सुर्खियों में ला दिया है

    और इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले कई दिनों से जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा था जिसमें नदी घाटों से लेकर खनन के संभावित और संदिग्ध क्षेत्रों तक लगातार छापेमारी की जा रही थी।

    इस दौरान बिना वैध परमिट चल रहे वाहनों और ओवरलोड ट्रकों पर भी सख्त कार्रवाई की गई थी जिससे अवैध खनन से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति बन गई थी। खासकर बिहार सीमा से आने वाले ट्रकों पर निगरानी बढ़ाए जाने के बाद इस अवैध कारोबार पर प्रशासन का दबाव काफी बढ़ गया था और कई स्थानों पर जुर्माना जब्ती और कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।

    इन कार्रवाइयों के चलते यह संकेत मिल रहा था कि प्रशासन इस बार अवैध खनन के खिलाफ पूरी सख्ती के मूड में है। लेकिन इसी बीच अचानक अधिकारी अभिषेक सिंह के निलंबन की कार्रवाई ने पूरे अभियान की दिशा और उसकी मंशा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि जब अवैध खनन पर कार्रवाई का असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा था

    और माफिया नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा था तो ऐसे समय में कार्रवाई करने वाले अधिकारी को ही क्यों हटाया गया। जनपद में यह भी माना जा रहा है कि अवैध खनन का यह पूरा कारोबार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे एक मजबूत आर्थिक तंत्र और प्रभावशाली संरक्षण का नेटवर्क सक्रिय रहता है जो लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित और सुरक्षित करता आया है।

    ऐसे में जब किसी अधिकारी की सख्ती से करोड़ों के इस अवैध कारोबार पर सीधा असर पड़ता है तो कई बड़े हित प्रभावित होना स्वाभाविक माना जाता है। फिलहाल स्थिति यह है कि जहां एक ओर अवैध खनन से जुड़े तत्वों में राहत की भावना देखी जा रही है वहीं दूसरी ओर अभियान का नेतृत्व करने वाला अधिकारी खुद प्रशासनिक कार्रवाई के घेरे में आ गया है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन और खनन विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है और यह सवाल उठने लगा है कि क्या अवैध कारोबार पर सख्ती दिखाने की कोई कीमत भी चुकानी पड़ती है।

    अब पूरे मामले में शासन स्तर पर अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं क्योंकि यह मामला केवल एक अधिकारी के निलंबन का नहीं बल्कि अवैध खनन के खिलाफ चल रही पूरी मुहिम की विश्वसनीयता और उसके भविष्य से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

  • दतिया दौरे पर योगी आदित्यनाथ ने पीतांबरा पीठ में की पूजा, सुरक्षा के चलते मंदिर खाली कराया गया

    दतिया दौरे पर योगी आदित्यनाथ ने पीतांबरा पीठ में की पूजा, सुरक्षा के चलते मंदिर खाली कराया गया


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मध्य प्रदेश के दतिया जिले पहुंचे जहां उनका दौरा धार्मिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। दतिया हवाई पट्टी पर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें बुके भेंट कर अभिनंदन किया।

    इसके बाद सीएम योगी सीधे मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ पीतांबरा पीठ पहुंचे जहां उन्होंने मां बगलामुखी देवी के दर्शन कर विधि विधान से पूजा अर्चना की। मंदिर परिसर में ही स्थित प्राचीन वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी उन्होंने किया और देश तथा प्रदेश की समृद्धि और कल्याण की कामना की।

    इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही और वीआईपी मूवमेंट के चलते पूरे मंदिर क्षेत्र को आम श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से खाली करा दिया गया। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई जिससे दूर दराज से आए भक्तों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
    कई श्रद्धालु एक घंटे से अधिक समय तक बाहर इंतजार करते रहे और तेज धूप में खड़े रहने के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। इस व्यवस्था को लेकर कुछ श्रद्धालुओं में नाराजगी भी देखने को मिली। वहीं दौरे के दौरान मीडिया कर्मियों को भी मुख्यमंत्री के करीब जाने की अनुमति नहीं दी गई और कवरेज को सीमित रखा गया।
    पूजा संपन्न होने के बाद सीएम योगी बिना मीडिया से बातचीत किए सीधे हवाई पट्टी की ओर रवाना हो गए। पूरा दौरा सुरक्षा और प्रोटोकॉल के सख्त घेरे में संपन्न हुआ जिससे एक ओर प्रशासनिक सतर्कता दिखी तो दूसरी ओर आम श्रद्धालुओं की असुविधा भी सामने आई।