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  • Bihar: मुजफ्फरपुर में गोल्ड फ्लैक के नाम से नकली सिगरेट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़… 5 करोड़ की मशीनें जब्त

    Bihar: मुजफ्फरपुर में गोल्ड फ्लैक के नाम से नकली सिगरेट बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़… 5 करोड़ की मशीनें जब्त


    मुजफ्फरपुर।
    बिहार (Bihar) के मुजफ्फरपुर जिले (Muzaffarpur district) में पुलिस ने ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सिगरेट (Fake cigarettes) बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री (Illegal Factory) का भंडाफोड़ किया है. तुर्की थाना क्षेत्र के लक्की नंदलालपुर गांव में की गई इस कार्रवाई में लाखों रुपये की तैयार नकली सिगरेट, भारी मात्रा में कच्चा माल और करोड़ों रुपये की अत्याधुनिक मशीनें जब्त की गई हैं।

    यह कार्रवाई पश्चिम-2 के एसडीपीओ अनिमेष चंद्र ज्ञानी और तुर्की थाना प्रभारी पंकज कुमार के नेतृत्व में की गई. पुलिस के अनुसार, आईटीसी की इंटेलिजेंस टीम पिछले एक महीने से इस फैक्ट्री की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी. पुख्ता जानकारी मिलने के बाद कंपनी के अधिकारियों ने तुर्की थाना पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पुलिस और कंपनी की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।

    छापेमारी के दौरान फैक्ट्री और उससे जुड़े दो गोदामों से करीब 25 लाख रुपये मूल्य की गोल्ड फ्लैक ब्रांड के नाम पर तैयार की गई नकली सिगरेट बरामद हुई. इसके अलावा अन्य कंपनियों के नाम पर बनाई गई 10 से 12 लाख रुपये मूल्य की नकली सिगरेट भी जब्त की गई।

    पुलिस ने फैक्ट्री में लगी करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की मेड इन वियतनाम सिगरेट निर्माण मशीनें भी जब्त की हैं. इसके अलावा एक टाटा मैजिक, एक मालवाहक ऑटो, करीब सात मोटरसाइकिल और सिगरेट बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण भी बरामद किए गए. पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर मौके से फरार हो गए. पुलिस ने पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर जब्त सामान की सूची तैयार की और आगे की जांच शुरू कर दी है।

    पश्चिम-2 के एसडीपीओ अनिमेष चंद्र ज्ञानी ने बताया कि फैक्ट्री में एक नामी ब्रांड के नाम और उसके कॉपीराइट का अवैध इस्तेमाल कर नकली सिगरेट तैयार की जा रही थी. इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


    पुलिस की भनक लगते ही फैक्ट्री से फरार हुए मजदूर

    छापेमारी के बाद संबंधित कंपनी की लीगल ऑथराइज्ड टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया. प्रारंभिक जांच के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट कंपनी मुख्यालय को भेज दी है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट का उल्लंघन कर नकली उत्पाद बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • नई दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आज बंद रहेगा महाराष्ट्र

    नई दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आज बंद रहेगा महाराष्ट्र


    मुंबई।
    वंचित बहुजन आघाड़ी (Vanchit Bahujan Aghadi) ने नई दिल्ली (New Delhi) के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन (Student movement) के पक्ष में गुरुवार को ‘महाराष्ट्र बंद’ का आह्वान किया है। वीबीए अध्यक्ष और डॉ बाबासाहेब आंबेडकर (Dr. Babasaheb Ambedkar) के पोते प्रकाश आंबेडकर (Prakash Ambedkar) ने यहां प्रेस वार्ता में बताया कि वामपंथी राजनीतिक दलों, शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग सेंटरों ने बंद का समर्थन किया है।


    क्या खुला रहेगा, क्या बंद

    बंद के समर्थन में कुछ क्षेत्रों ऐच्छिक रूप से कुछ दुकानें और बाजार बंद रह सकते हैं। हालांकि, इस दौरान जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। खबर है कि इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट सामान्य रूप से चल सकता है। हालांकि, अगर प्रदर्शन होता है तो यातायात व्यवस्था, रोड ब्लॉक जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


    क्यों बुलाया बंद

    उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार छात्र आंदोलनों से इतनी डरी हुई है कि उसने प्रादेशिक सेना तक को तैनात कर दिया है। वामपंथी दलों और शैक्षणिक संस्थानों ने हमारे बंद का समर्थन किया है, वहीं राज्य के कोचिंग संस्थान भी हमारे संपर्क में हैं।’


    राहुल गांधी से कर दी डिमांड

    उन्होंने कहा, ‘हम नई पीढ़ी खड़ी करने का प्रयास कर रहे हैं। मेरा मानना है कि सरकार को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए। छात्रों के आंदोलन पर सरकार ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है, इसलिए 23 जुलाई का महाराष्ट्र बंद होकर रहेगा। मेरी यह भी राय है कि राहुल गांधी को जंतर-मंतर जाकर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए।’

    उन्होंने यह भी कहा कि यह छात्र आंदोलन हालांकि उनका नहीं है, फिर भी वह इसका पूरा समर्थन करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के छात्र संगठन से भी इस इस बंद में हिस्सा लेने की अपील की।


    चर्चाएं जारी

    वीबीए प्रमुख ने कहा, ‘इस बंद को सफल बनाने के लिए हम मजदूर यूनियनों, बेस्ट यूनियनों, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की यूनियनों और अन्य श्रमिक संगठनों से चर्चा कर रहे हैं। दिल्ली में छात्रों पर अमानवीय अत्याचार हुए हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। कई संगठन इस बंद में शामिल होने को उत्सुक हैं।’


    रिजर्व पुलिस फोर्स बुलाने पर आपत्ति

    उन्होंने कहा ‘दिल्ली में छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए कश्मीर से रिजर्व पुलिस बल बुलाये गए हैं, जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं। हमारी कोशिश है कि सरकार छात्रों पर आंसू गैस या बल प्रयोग न करे। हमने भाजपा को छोड़कर सभी दलों से बंद में शामिल होने की अपील की है, ताकि आंदोलनकारी छात्रों के प्रति एकजुट होकर हम समर्थन दिखा सकें।’


    दादर में पुलिस कार्रवाई

    इससे पहले मुंबई पुलिस ने आज दादर वेस्ट में समुद्र तट पर स्थित ऐतिहासिक चैत्यभूमि पर वामपंथी दलों की ओर से आयोजित शांतिपूर्ण सभा को तितर-बितर कर दिया। यह स्थान डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का समाधि स्थल होने के साथ-साथ दलित समुदाय के लिए प्रमुख तीर्थ स्थल भी है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार एहतियाती तौर पर चैत्यभूमि से हिरासत में लिए गये भाकपा के कॉमरेड मिलिंद रानाडे और अन्य कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया गया है। वहीं माकपा के कॉमरेड शैलेंद्र कांबले और शेतकारी कामगार पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के राजू कोरडे के आवासों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

    उन्होंने बताया कि एहतियाती कार्रवाई के तहत भाकपा से जुड़े अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसएफ) के युवा नेता कॉमरेड आमिर काजी और पीडब्ल्यूपी के साम्य कोरडे को चेतावनी दी गई है कि यदि वे अपने घरों से बाहर निकले तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

    इस बीच मुंबई पुलिस ने चैत्यभूमि को भारी बैरिकेड्स और नाकेबंदी लगाकर पूरी तरह से सील कर दिया है, जहां पहले से ही एक स्थायी पुलिस चौकी मौजूद है। प्रदर्शनकारी जहां तक संभव हो छोटे समूहों में जुटने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी तंग गलियों से होते हुए चैत्यभूमि पहुंचे, तो कुछ ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए।

    कांग्रेस भी साथ
    महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल कहा कि कांग्रेस ने गुरुवार को वीबीए के बुलाए गए महाराष्ट्र बंद का समर्थन किया, जो राष्ट्रीय राजधानी में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में है।

  • तमिलनाडुः 5 अगस्त को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करेगी TVK सरकार…6 को आएगा कृषि बजट

    तमिलनाडुः 5 अगस्त को अपना पहला पूर्ण बजट पेश करेगी TVK सरकार…6 को आएगा कृषि बजट


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) में टीवीके सरकार (TVK Government) अपना पहला पूर्ण बजट (First full Budget) पेश करने जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर (JCD Prabhakar) के अनुसार, पांच अगस्त को आम बजट पेश होगा। इसके ठीक अगले दिन 6 अगस्त को अलग से कृषि बजट पेश किया जाएगा। इस विशेष कृषि बजट में किसानों के लिए लक्षित सब्सिडी और नए विकास कार्यों का पूरा खाका तैयार किया जाएगा।

    क्या होगी अलग कृषि बजट की मुख्य रणनीति?
    कृषि मंत्री आर विनोद छह अगस्त को सदन में राज्य का पृथक कृषि बजट पेश करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस बजट का पूरा ध्यान किसानों की सीधी आर्थिक मदद पर होगा। सरकार का मकसद खेती की लागत को घटाना है। इसके साथ ही कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई तकनीक और लक्षित सब्सिडी की योजना बनाई गई है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा।


    भारी कर्ज के बीच कृषि विकास के लिए पैसा कहां से आएगा?

    राज्य सरकार ने हाल ही में एक श्वेत पत्र जारी किया था। इसमें बताया गया कि तमिलनाडु पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। राज्य की कुल देनदारियां 13.18 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं। इतने बड़े वित्तीय संकट के बावजूद, मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने साफ कर दिया है कि किसान कल्याण और जनकल्याण की योजनाएं किसी भी कीमत पर नहीं रुकेंगी। सरकार का दावा है कि भ्रष्टाचार रोककर बचाई गई राशि का इस्तेमाल कृषि क्षेत्र के विकास में किया जाएगा।


    कृषि बजट से जुड़ी सात अहम बातें

    छह अगस्त को पेश होगा अलग कृषि बजट।
    किसानों के लिए जरूरत के मुताबिक लक्षित सब्सिडी की तैयारी।
    सिंचाई और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फंड मिलने की संभावना।
    विधानसभा की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा।
    बजट पर किसानों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
    चुनावी वादों को लागू करने की दिशा में नई योजनाओं का एलान संभव।
    आर्थिक दबाव के बावजूद किसान कल्याण योजनाएं जारी रखने का सरकार का दावा।


    मुख्यमंत्री विजय के सामने बड़ी परीक्षा

    टीवीके सरकार के लिए यह सिर्फ पहला कृषि बजट नहीं, बल्कि चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की पहली बड़ी परीक्षा भी है। सत्ता में आने से पहले जोसेफ विजय ने पिछली सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन के आरोप लगाए थे। अब लोगों की नजर इस बात पर होगी कि उनकी सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद किसानों के लिए कितनी प्रभावी योजनाएं लेकर आती है।

  • राम मंदिर में चंदा चुराने वालों को दुनिया की कोई चीज नहीं कर सकती शर्मिंदा : HC

    राम मंदिर में चंदा चुराने वालों को दुनिया की कोई चीज नहीं कर सकती शर्मिंदा : HC


    प्रयागराज।
    अयोध्या के राम मंदिर (Ayodhya’s Ram Mandir) में चंदे की हेराफेरी के मामले पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने बेहद सख्त टिप्पणी की है। जस्टिस अतुल श्रीधरन ने कहा है कि जो लोग राम मंदिर में चंदे की चोरी जैसी घटना से भी बेपरवाह और बेफिक्र हैं, उन्हें अब दुनिया की कोई चीज शर्मिंदा नहीं कर सकती। यही नहीं जस्टिस श्रीधरन ने भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने वालों को मौत की सजा देने का भी सुझाव दिया है।

    उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) के बुलडोजर एक्शन पर अपनी राय रखते हुए जस्टिस श्रीधरन ने भारत के कई संस्थानों में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार की कड़े शब्दों में आलोचना की। राम मंदिर में दान की चोरी के मामले का जिक्र करते हुए जस्टिस के. एस. श्रीधरन ने कहा, “राम मंदिर में दान की चोरी का मामला तो हद ही पार कर गया। अगर राम मंदिर जैसी पवित्र जगह पर हुई चोरी भी लोगों को शर्मिंदा नहीं कर सकती, तो फिर शायद कोई भी घटना उन्हें शर्मिंदा नहीं कर सकती। यह दिखाता है कि ईमानदारी का स्तर कितना गिर चुका है।”

    ‘भ्रष्टाचार हो गया है सामान्य’
    जस्टिस श्रीधरन ने कहा कि भारत के लोगों ने भ्रष्टाचार को सामान्य मान लिया है और जब तक कोई पकड़ा नहीं जाता, तब तक इसे गलत नहीं मानता। उन्होंने कहा कि ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की 2025 रिपोर्ट में 182 देशों की सूची में भारत 91वें स्थान पर है लेकिन यह तथ्य भी हमें शर्मिंदा नहीं करता। समाज में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता जताते हुए HC ने सुझाव दिया कि अगर राज्य सरकार सचमुच भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती है, तो उसे ‘भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988’ में संशोधन कर दोषियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान करने पर विचार करना चाहिए।

    जस्टिस श्रीधरन ने चेतावनी दी कि देश में बेलगाम भ्रष्टाचार से कुछ ही लोगों के हाथों में बेहिसाब पैसा होगा। इससे अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी होगी। यह स्थिति आने वाले दिनों में देश में अशांति और असंतोष की कहानी लिख रही है। जस्टिस श्रीधरन ने ये टिप्पणियां 51 पन्नों के अपने एक फैसले में की। यह मामला सरकार के बुलडोजर एक्शन से जुड़ा था। इस मामले में अदालत के दो जजों की राय अलग-अलग थी।

    बुलडोजर जस्टिस’ की आदत?
    जस्टिस श्रीधरन ने अपने फैसले में कहा कि किसी अपराध के तुरंत बाद मकान को ढहा देना ‘बुलडोजर जस्टिस’ की आदत से पकी समाज की ‘खून की प्यास’ को शांत करने के लिए किया जाता है। उन्होंने जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बावजूद बिना किसी डर के तोड़फोड़ जारी है। इससे ऐसा लगता है, मानो ये फैसले अस्तित्व में ही नहीं हैं या राज्य को यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों की अवहेलना का उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    अवैध निर्माणों पर राय देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी मकान रातों-रात खड़ा नहीं हो जाता। बिल्डर को संरक्षण मिलने और रिश्वतखोरी के कारण जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद लेते हैं। इसका खामियाजा दशकों बाद उस आम खरीदार को भुगतना पड़ता है जिसे अचानक बेदखली का सामना करना पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि ऐसी अवैध बिल्डिंगों को पानी और बिजली जैसी सरकारी सुविधाएं देकर सरकार भी इस अपराध में बराबर का भागीदार बन जाती है।

  • नेपाल से भटककर गोरखपुर पहुंची 147 किलो की प्रेग्नेंट डॉल्फिन…52 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नदी में छोड़ी

    नेपाल से भटककर गोरखपुर पहुंची 147 किलो की प्रेग्नेंट डॉल्फिन…52 KM का ग्रीन कॉरिडोर बनाकर नदी में छोड़ी


    गोरखपुर/महराजगंज।
    नेपाल (Nepal) की त्रिवेणी नदी (Triveni River) से महराजगंज जिले (Maharajganj district) के एक कैनाल में बहकर आई 147 किलो की डॉल्फिन मछली (Dolphin) का रेस्क्यू चर्चा में है. प्रेग्नेंट मछली (Pregnant fish) को राप्ती नदी में छोड़ा गया. डॉल्फिन को सुरक्षित गोरखपुर लाने के लिए भटहट से 52 किलो के रास्ते में ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) बनाया गया. तकरीबन 1 घंटे के सफर के बाद डॉल्फिन को गोरखपुर के राप्ती तट पर लाकर इलाज के बाद राप्ती नदी में छोड़ दिया गया.

    गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणी उद्यान के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. योगेश कुमार सिंह ने बताया, नेपाल की त्रिवेणी नदी से एक डॉल्फिन भटककर एक कैनाल में आ गई और वह धीरे-धीरे परतावाल के पास धरमौली बाजार के कैनाल में आकर फंस गई थी. वह वहां 3 दिन से फंसी थी और उसकी जान को बचाना बहुत ही जरूरी था।

    प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव उत्तर प्रदेश अनुराधा बेमुरी और मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर बीसी ब्रम्हा के निर्देशन में डॉल्फिन को रविवार यानी 19 जुलाई को भी पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन बारिश के कारण कैनाल में पानी ज्यादा था और बहाव भी बहुत तेज होने के कारण बहुत ही कठिनाई हो रही थी.

    ऐसे में सिंचाई विभाग के आलाधिकारियों से बात करके कैनाल में पानी को कम कराया गया और सोमवार (20 जुलाई) को कुशीनगर वन प्रभाग के हाटा रेंज के तहत सिसवां शुक्ल ग्रामसभा के पास देवरिया कैनाल से सफल रेस्क्यू किया गया।

    रेस्क्यू के बाद डॉलफिन को डॉलफिन एंबुलेंस में रखा गया. जहां इलाज और जांच किया गया. 7 फीट 2 इंच लंबी डॉल्फिन 147 किलो की प्रेग्नेंट मादा है. एंबुलेंस के जरिए ही मछली को राजघाट के पास राप्ती नदी में छोड़ा जाना था, क्योंकि राप्ती नदी डॉल्फिन के लिए एक सुरक्षित घर है।

    गोरखपुर SSP डॉक्टर कौस्तुभ के आदेश पर डॉल्फिन को सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके चलते राप्ती घाट तक कुल दूरी करीब 52 किमी को तय करने में मात्र एक घंटा 5 मिनट लगे और मछली को सुरक्षित राप्ती नदी में छोड़ दिया गया।

  • पश्चिम बंगाल से गायब हो गई 15 साल की नेशनल लेवल की शूटर….परिवार ने दर्ज कराया केस

    पश्चिम बंगाल से गायब हो गई 15 साल की नेशनल लेवल की शूटर….परिवार ने दर्ज कराया केस


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 15 साल की नेशनल शूटर (National Shooter) गायब हो गई। इस शूटर का नाम दमयंती सेन (Damayanti Sen) बताया गया है। वह सेंट्रल हावड़ा के उमाचरण भट्टाचार्य लेन की रहने वाली है। दमयंती स्टेट लेवल पर शूटिंग में पूरी तरह से सक्रिय है। इसके अलावा वह नेशनल लेवल के टीम ट्रायल्स में भी चयनित हो चुकी है और इसके लिए जोर-शोर से तैयारी में जुटी है। दमयंती के गायब होने के बाद उसके परिवार ने पुलिस में केस कर दिया है। पुलिस दमयंती की तलाश की जा रही है। फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है। परिजनों ने किसी तरह का मनमुटाव होने की बात से भी इनकार किया है।

    घर का सामान खरीदने निकली थी
    जानकारी के मुताबिक दमयंती गुरुवार को घर का सामान खरीदने निकली थी। लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। जब काफी देर हो गई तो घरवालों ने उसे ढूंढना शुरू किया। काफी देर तक दमयंती के दोस्तों वगैरह के यहां पूछा गया। इसके अलावा, उसके शूटिंग के दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां भी पता किया गया। लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद दमयंती के घरवाले पुलिस के पास पहुंचे। इस बीच एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। इसमें दमयंती गुरुवार के दिन प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच के बीच घूमती नजर आ रही है। आखिरी बार यहीं पर दयमंत्री को देखा गया था। अधिकारियों ने बताया कि वह लोग पता लगाने में जुटे हैं कि इसके बाद दमयंती कहां गई। जानकारी के मुताबिक जब दमयंती ने घर छोड़ा था तो उसका मोबाइल उसके पास ही था।

    काफी ज्यादा कर रही थी मेहनत
    दमयंती के परिजनों ने बताया कि वह एक फिक्स रूटीन फॉलो करती थी। नेशनल ट्रायल्स में सेलेक्शन के बाद वह इसकी तैयारी में जुटी हुई थी। वह हर रोज सुबह जल्दी उठ जाती थी और पूरी शिद्दत से तैयारी में जुटी रहती थी। दमयंती के घरवालों ने किसी तरह का झगड़ा या मनमुटाव होने की बात से भी इनकार किया है। दमयंती की मां ने एक सोशल मीडिया पोस्ट की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि गुरुवार सुबह 10 बजे, मेरी बेटी दमयंती हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच पर देखी गई। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं है। उसने गुलाबी रंग की हाफ टी-शर्ट और हाफ पैंट पहन रखी थी। उन्होंने आगे लिखा है कि अगर किसी दयालु सज्जन को उसके बारे में जानकारी मिलती है तो हमारे दिए गए नंबरों पर संपर्क करें।

    मन में तरह-तरह की आशंकाएं
    शुक्रवार सुबह तक भी दमयंती के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी। परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और टीम के साथी शूटर्स के बीच इसको लेकर काफी ज्यादा चिंता थी। हर कोई दमयंती के अचानक गायब होने से हैरान नजर आ रहा है। साथ ही उनके मन में तरह-तरह की आशंकाएं उठ रही हैं। फिलहाल पुलिस में मिसिंग केस दर्ज है और पुलिस का कहना है कि वह इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ देख रही है।

  • J&K: SOG जवानों से सर्विस राइफल छीनने का प्रयास… फायरिंग में 1 की मौत, 3 घायल

    J&K: SOG जवानों से सर्विस राइफल छीनने का प्रयास… फायरिंग में 1 की मौत, 3 घायल


    डोडा।
    जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) के डोडा जिले (Doda district) के भद्रवाह इलाके में एक युवक ने स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के जवानों से सर्विस राइफल (Service rifle) छीनने की कोशिश की, जिसके बाद हुई फायरिंग में युवक की मौत हो गई और तीन एसओजी के जवान घायल हो गए।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में एक धार्मिक उपदेशक को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए व्यक्ति का घटना से क्या संबंध है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

    यह घटना गुरुवार देर रात को हुई। एसओजी की एक टीम को उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट मिलने के बाद गुरुवार को जाई-गंडोह सड़क रोड पर घात लगाकर बैठी थी। यह स्थान भद्रवाह शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर है।

    लगभग रात 11:30 बजे एसओजी टीम ने एक युवक को रोका, जिसने कथित तौर पर जवानों पर हमला किया और उनकी सर्विस राइफल छीनने का प्रयास किया। इस धक्का-मुक्की के दौरान एक एसओजी जवान ने गोली चला दी। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि इस घटना में तीन पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए।

    घायलों को भद्रवाह के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से विशेष उपचार के लिए उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज, डोडा रेफर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, युवक, आरिफ हुसैन (30) निवासी चीका गांव, ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

    इस घटना के मद्देनजर, ऐहतियात के तौर पर भद्रवाह शहर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सेना ने जाई क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

  • कोटा की 5 महिलाओं ने की किडनी ट्रांसप्लांट की मांग… राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु की अनुमति

    कोटा की 5 महिलाओं ने की किडनी ट्रांसप्लांट की मांग… राष्ट्रपति से मांगी इच्छामृत्यु की अनुमति


    कोटा।
    राजस्थान (Rajasthan) के कोटा में बच्चे के जन्म के बाद किडनी फेलियर (Kidney failure) से जूझ रही पांच महिलाओं ने डायलिसिस करवाने से इनकार कर दिया है। ये महिलाएं किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney transplant) की मांग कर रही हैं। उनके परिवारों ने अब राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कहा है कि अगर सरकार उनके सही इलाज का इंतजाम नहीं कर सकती तो इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। इन महिलाओं ने जिला अधिकारियों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।


    70 से ज्यादा दिनों से अस्पताल में हैं

    उधर, न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (एनएमसीएच) के अधिकारियों का कहना है कि उनका इलाज चल रहा है और सभी मरीजों की हालत स्थिर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, धन्नी सुमन, रागिनी मीणा, सुशीला महावर, पिंकी एयरवाल और आरती चौबदार नाम की महिलाओं की सेहत मई की शुरुआत में बच्चे के जन्म के बाद बिगड़ने के बाद से अब तक 32 बार डायलिसिस हो चुका है। वे 70 से ज्यादा दिनों से अस्पताल में हैं। इसके अलावा, कोटा के एनएमसीएच और जेके लोन हॉस्पिटल में सी-सेक्शन सर्जरी के बाद हुई दिक्कतों की वजह से पांच और महिलाओं की मौत हो गई थी।


    डायलिसिस शब्द से ही डरने लगी हैं

    मई के पहले हफ्ते से भर्ती सुमन के पति मोहन लाल ने बताया कि उनकी पत्नी अब डायलिसिस शब्द से ही डरने लगी हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के एक घंटे के अंदर ही उसे उल्टी होने लगती है। वह बुरी तरह कांपने लगती हैं और बुखार आ जाता है। वहीं, रागिनी ने कहा कि डायलिसिस की प्रक्रिया बहुत दर्दनाक होती है। लंबे समय तक इलाज के बावजूद उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ है।

    पिंकी और आरती डायलिसिस से इनकार करते हुए अस्पताल से बाहर चली गईं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। रागिनी के पति लोकेश मीना ने दावा किया कि वार्ड स्टाफ उन पर रोजाना डिस्चार्ज लेने का दबाव डाल रहा है।


    राष्ट्रपति को चिट्ठी

    बुधवार को इन पांचों महिलाओं के परिवारों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर या तो किडनी ट्रांसप्लांट या फिर मौत की मांग की। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि अगर किडनी ट्रांसप्लांट नहीं हो पाता है तो उन्हें इच्छामृत्यु (यूथेनेशिया) की इजाजत दी जाए। यह कदम महिलाओं द्वारा जिला अधिकारियों को किडनी ट्रांसप्लांट पक्का करने के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के खत्म होने के बाद उठाया गया।


    चलती-फिरती लाशों की तरह जी रहीं

    मोहन लाल ने कहा था कि हम उन्हें इस तरह तड़पते हुए और नहीं देख सकते। अगर हमें 48 घंटे के अंदर किडनी ट्रांसप्लांट का लिखित आश्वासन नहीं मिला तो हम उन्हें डायलिसिस के लिए लाना बंद कर देंगे और उन्हें मरने देंगे। वे तो चलती-फिरती लाशों की तरह जी रही हैं।


    डायलिसिस से मना करना जानलेवा हो सकता है

    एनएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि सभी पांच महिलाओं का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने कहा कि उन्हें 20 दिन पहले ही डिस्चार्ज करने की मंजूरी मिल गई थी और वे डायलिसिस सेशन के लिए अस्पताल आ सकती हैं। उन्होंने चेताया कि डायलिसिस से इनकार करना जानलेवा हो सकता है।


    प्रशासन को समस्या बताना चाहिए

    उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों के लिए डॉक्टर पहले तीन महीने तक इलाज के जरिए किडनी की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। उसके बाद ही कोई स्पेशलिस्ट तय करता है कि ट्रांसप्लांट की जरूरत है या नहीं। अस्पताल प्रशासन पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए प्रिंसिपल जैन ने कहा कि मरीजों को अपनी समस्याओं के बारे में प्रशासन को बताना चाहिए ताकि उनका समाधान निकाला जा सके।

  • 'लखनऊ अब सिर्फ तहजीब का नहीं, मिसाइल निर्माण का भी शहर', दीक्षांत समारोह में बोले डिप्टी CM ब्रजेश पाठक

    'लखनऊ अब सिर्फ तहजीब का नहीं, मिसाइल निर्माण का भी शहर', दीक्षांत समारोह में बोले डिप्टी CM ब्रजेश पाठक

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ अब केवल अपनी तहजीब और मुस्कुराहट के लिए ही नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से शहर में मिसाइलों का निर्माण हो रहा है, जिससे देश की रक्षा क्षमता को मजबूती मिल रही है।

    किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा, “पहले कहा जाता था, मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं। अब यहां मिसाइलें बन रही हैं। जो गड़बड़ी करेगा, उसे मुस्कुराने का मौका नहीं मिलेगा।” उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से सटीक लक्ष्य भेदा जा सकता है।

    1701 छात्रों को मिली उपाधि, 54 मेधावियों का सम्मान
    अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने समारोह में 1701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 975 छात्र और 726 छात्राएं शामिल रहीं। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के 20 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 54 पदकों से सम्मानित किया गया।

    KGMU के नाम को लेकर भ्रम की बात
    समारोह में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है, जबकि इसके निर्माण में किंग जॉर्ज का कोई आर्थिक योगदान नहीं था।

    डॉ. एम. श्रीनिवास को मानद डीएससी
    इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास को चिकित्सा प्रशासन और स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डीएससी (Doctor of Science) की उपाधि प्रदान की गई। वहीं विश्वविद्यालय के कई चिकित्सकों को कुलपति एवं फैकल्टी अप्रिसिएशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।

    दीप्ति शर्मा ने जीते सबसे अधिक पदक
    एमबीबीएस की छात्रा दीप्ति शर्मा समारोह की सबसे सफल छात्रा रहीं। उन्होंने 16 पदक अपने नाम किए। उनके अलावा निधि सिंह, अभिलाषा घोष, अनिकेत चंद्रा सहित कुल 20 मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

  • मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, पार्टी ने पुलिस पर लगाए आरोप

    मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, पार्टी ने पुलिस पर लगाए आरोप

    मेरठ। मेरठ छात्रा हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तक पहुंचाने जा रहे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को सोमवार को मेरठ-दिल्ली हाईवे स्थित काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    काशी टोल प्लाजा पर रोका गया काफिला
    कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी कार्यालय जाने के लिए मेरठ पहुंच रहा था। इसी दौरान पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर उनके काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए आरोप
    कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे केवल पीड़ित परिवार की शिकायत लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोक दिया। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं है और इससे प्रदेश का माहौल प्रभावित होता है।

    प्रदेश सरकार पर भी साधा निशाना
    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की भी आलोचना की। उनका आरोप था कि पुलिस को सरकार का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण आम लोगों के साथ मनमानी की जा रही है। नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इस पर नाराजगी जताई।

    प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
    कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और बाराबंकी से सांसद तनुज पूनिया सहित अन्य नेता शामिल थे।