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  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार


    भोपाल। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिला। छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं नौगांव में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के 22 शहरों में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री पहुंचने से सड़कों तक पर गर्मी का असर दिखाई दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार, मई महीने में पहली बार पूरा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी से तपता नजर आया। खजुराहो में यह अब तक का दूसरा सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की गई।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले में दर्ज हुई, जहां खजुराहो और नौगांव दोनों सबसे गर्म शहर रहे। इसके अलावा राजगढ़ में 45.5 डिग्री, रतलाम में 45.4 डिग्री, खंडवा में 45.1 डिग्री तथा शाजापुर, श्योपुर और मुरैना में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। दमोह और सतना में 44.8 डिग्री, सागर में 44.7 डिग्री, गुना और रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री तथा धार में 44.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

    मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, शिवपुरी, मुरैना सहित कई जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।

    जबलपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, शहडोल, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा।

  • क्या आपका बच्चा खाने की समस्या से जूझ रहा है? जानें ईटिंग डिसऑर्डर के संकेत और समाधान

    क्या आपका बच्चा खाने की समस्या से जूझ रहा है? जानें ईटिंग डिसऑर्डर के संकेत और समाधान

    नई दिल्ली ।आज की तेज रफ्तार जीवनशैली और डिजिटल दुनिया के बढ़ते प्रभाव ने बच्चों और किशोरों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला है। इन्हीं समस्याओं में से एक गंभीर स्थिति ईटिंग डिसऑर्डर यानी खाने से जुड़ी अनियमितता है, जो धीरे-धीरे बच्चे के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके मानसिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकती है। इस समस्या में बच्चा खाने, वजन और शरीर की छवि को लेकर असामान्य सोच विकसित करने लगता है और अक्सर अपनी आत्म-छवि को केवल शरीर के आकार या वजन से जोड़ने लगता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या किसी एक कारण से नहीं होती, बल्कि इसके पीछे कई मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक कारक जिम्मेदार हो सकते हैं। बच्चों में बढ़ता तनाव, चिंता और अवसाद जैसी स्थितियां इस समस्या को जन्म दे सकती हैं। इसके अलावा आनुवंशिक प्रभाव, परिवार में पहले से किसी सदस्य को ऐसी समस्या होना और सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले अवास्तविक सुंदरता के मानक भी बच्चों के सोचने के तरीके को प्रभावित करते हैं। इससे बच्चा अक्सर खुद को दूसरों से कमतर समझने लगता है और खाने-पीने के व्यवहार में बदलाव आने लगता है।

    ईटिंग डिसऑर्डर के शुरुआती संकेतों को समझना बेहद जरूरी है ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। इसमें बच्चा खाने के समय घबराहट या बेचैनी महसूस कर सकता है, कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से दूरी बनाने लगता है, बार-बार कैलोरी गिनने या वजन को लेकर अत्यधिक चिंता करने लगता है। कई मामलों में बच्चा खाना छिपाकर खाने या खाने के बारे में झूठ बोलने जैसी आदतें भी विकसित कर सकता है। इसके साथ ही अत्यधिक व्यायाम करना और अपने शरीर या दिखावट को लेकर लगातार असंतोष जताना भी इसके संकेतों में शामिल हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या किसी भी उम्र, लिंग या शारीरिक संरचना वाले बच्चे को प्रभावित कर सकती है। इसलिए माता-पिता और परिवार के सदस्यों की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होती है। बच्चों से बातचीत करते समय उन्हें डराने या दोष देने की बजाय समझ और सहानुभूति के साथ पेश आना चाहिए। उन्हें यह एहसास दिलाना जरूरी है कि स्वस्थ भोजन और संतुलित जीवनशैली आत्म-देखभाल का हिस्सा है, न कि कोई सजा या दबाव।

    घर के वातावरण में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े प्रभाव डाल सकते हैं। भोजन को ‘अच्छा’ या ‘बुरा’ कहने की बजाय संतुलित और पौष्टिक आहार पर जोर देना चाहिए। बच्चों को अपने शरीर की जरूरतों को समझना सिखाना चाहिए, जैसे भूख लगने पर खाना और पेट भरने पर रुक जाना। माता-पिता को खुद भी स्वस्थ खान-पान और संतुलित जीवनशैली अपनाकर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, क्योंकि बच्चे अक्सर अपने आसपास के व्यवहार को ही सीखते हैं।

    इसके अलावा परिवार के साथ समय बिताना, साथ मिलकर खाना बनाना और खाना खाने की प्रक्रिया को सकारात्मक अनुभव बनाना भी मददगार साबित हो सकता है। शारीरिक गतिविधियों को दबाव की बजाय खेल और मनोरंजन के रूप में अपनाना बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करता है। साथ ही डिजिटल माध्यमों पर नजर रखना भी जरूरी है, ताकि बच्चे ऐसे कंटेंट से दूर रहें जो उन्हें अवास्तविक शरीर छवि और अस्वस्थ तुलना की ओर प्रेरित करता हो।

    यदि स्थिति गंभीर लगे तो देर न करते हुए विशेषज्ञ डॉक्टर या मनोवैज्ञानिक की मदद लेना सबसे सही कदम होता है। सही समय पर पहचान, सही संवाद और उचित मार्गदर्शन से ईटिंग डिसऑर्डर जैसी समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और बच्चे को एक स्वस्थ व संतुलित जीवन की ओर आगे बढ़ाया जा सकता है।

  • पोषक तत्वों से भरपूर कटहल बना सेहत का साथी, जानें इसके औषधीय और पर्यावरणीय लाभ

    पोषक तत्वों से भरपूर कटहल बना सेहत का साथी, जानें इसके औषधीय और पर्यावरणीय लाभ

    नई दिल्ली ।प्रकृति ने मानव जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाए रखने के लिए अनेक ऐसे फल और सब्जियां प्रदान की हैं, जो न केवल स्वाद में लाजवाब होते हैं बल्कि शरीर को आवश्यक पोषण भी देते हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख फल है कटहल, जिसे पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। यह फल अपने अनोखे स्वाद और बहुआयामी गुणों के कारण लंबे समय से भारतीय खानपान और परंपराओं का हिस्सा रहा है।

    कटहल का वैज्ञानिक नाम आर्टोकार्पस हेटरोफिलस है और यह एक मध्यम आकार का सदाबहार पेड़ होता है। इसकी सबसे खास पहचान इसका विशाल आकार वाला फल है, जिसकी बाहरी सतह छोटी-छोटी कांटेदार संरचनाओं से ढकी होती है। अंदर से यह फल न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि इसमें पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है।

    कटहल विटामिन सी का एक उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और संक्रमण से लड़ने में सहायता करता है। इसके नियमित सेवन से शरीर की इम्युनिटी बेहतर होती है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। इसके अलावा इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है और आंतों की कार्यक्षमता को सुधारता है।

    इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। ये तत्व शरीर में हानिकारक फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं, जिससे त्वचा पर समय से पहले उम्र बढ़ने के प्रभाव धीमे हो सकते हैं और त्वचा अधिक चमकदार और स्वस्थ दिखाई देती है। कटहल का सेवन शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और थकान को कम करने में भी सहायक माना जाता है, जिससे व्यक्ति अधिक सक्रिय और ऊर्जावान महसूस करता है।

    कटहल को वजन नियंत्रण के लिए भी उपयोगी माना जाता है। इसमें कैलोरी की मात्रा अपेक्षाकृत कम और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है और अनावश्यक भोजन की इच्छा को कम करता है। यही कारण है कि इसे संतुलित आहार का एक अच्छा हिस्सा माना जाता है।

    इसके अलावा कटहल के बीज भी अत्यंत पौष्टिक होते हैं। इन बीजों को उबालकर या भूनकर सेवन किया जा सकता है, जो प्रोटीन और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। यह न केवल शरीर को ताकत देते हैं बल्कि विविध प्रकार के व्यंजनों में भी उपयोग किए जाते हैं।

    कटहल केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका पेड़ बड़े पैमाने पर ऑक्सीजन प्रदान करता है और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही इसकी खेती किसानों के लिए आय का एक अच्छा स्रोत बन सकती है, जिससे स्थानीय आजीविका को मजबूती मिलती है।

    इस प्रकार कटहल एक ऐसा प्राकृतिक उपहार है जो स्वाद, स्वास्थ्य और पर्यावरण तीनों के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • Adhik Maas 2026: अधिकमास में करें 33 देवों का पूजन, गंगा दशहरा पर मिलेगा महापुण्य

    Adhik Maas 2026: अधिकमास में करें 33 देवों का पूजन, गंगा दशहरा पर मिलेगा महापुण्य



    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में अधिकमास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। वर्ष 2026 में अधिक ज्येष्ठ मास का विशेष महत्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि इसी दौरान गंगा दशहरा का महापर्व मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में पूजा-पाठ, स्नान, दान और भगवान विष्णु के 33 स्वरूपों का स्मरण करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    ज्योतिष और धर्म ग्रंथों के अनुसार, गंगा दशहरा का दस दिवसीय पर्व 17 मई 2026 से प्रारंभ होकर 26 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालु गंगा स्नान, दान-पुण्य और विशेष पूजन करेंगे। निर्णयसिंधु ग्रंथ में उल्लेख मिलता है कि जब ज्येष्ठ मास में अधिकमास पड़ता है, तब गंगा दशहरा का पर्व उसी अधिक ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष में मनाना शास्त्र सम्मत माना जाता है।

    इस बार गंगा दशहरा 26 मई 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है। हस्त नक्षत्र, कन्या राशि का चंद्रमा और वृष राशि में सूर्य का विशेष संयोग इस पर्व को महापुण्यकारी बना रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इसी प्रकार के योग में मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था।

    अधिकमास में 33 देवों की पूजा का महत्व
    अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। प्राचीन ग्रंथों में इस मास में भगवान विष्णु के 33 स्वरूपों के पूजन और नामस्मरण का विशेष महत्व बताया गया है।

    इन 33 देव स्वरूपों में विष्णु, जिष्णु, महाविष्णु, हरि, कृष्ण, केशव, माधव, पुरुषोत्तम, गोविंद, वामन, नारायण, त्रिविक्रम, वासुदेव, शेषशायी, दामोदर और श्रीपति जैसे दिव्य नाम शामिल हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन नामों का श्रद्धा से जप करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

    अधिकमास में करें ये विशेष उपाय
    धर्माचार्यों के अनुसार, अधिकमास में दान और सेवा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस अवधि में 33 पुए कांसे के पात्र में रखकर घी सहित ब्राह्मण को दान करने से 33 प्रकार की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।

    इसके अलावा गंगा स्नान, विष्णु सहस्रनाम का पाठ, दीपदान, अन्नदान और जरूरतमंदों की सहायता करने से भी विशेष पुण्य मिलता है।

    क्यों खास माना जाता है पुरुषोत्तम मास?
    अधिकमास हर तीन वर्ष में एक बार आता है। हिंदू पंचांग में चंद्र और सौर गणना के संतुलन के लिए इसे जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब किसी मास का कोई स्वामी ग्रह नहीं होता, तब भगवान विष्णु उसे अपना नाम देकर पुरुषोत्तम मास का दर्जा देते हैं। इसी कारण यह महीना भक्ति, तप और दान के लिए अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है।

  • बुध उदय 2026: वृषभ राशि में बनेगा शक्तिशाली बुधादित्य योग, 6 राशियों की चमकेगी किस्मत

    बुध उदय 2026: वृषभ राशि में बनेगा शक्तिशाली बुधादित्य योग, 6 राशियों की चमकेगी किस्मत



    नई दिल्ली। 26 मई 2026 को बुध ग्रह वृषभ राशि में उदित होने जा रहे हैं। खास बात यह है कि वृषभ राशि में पहले से सूर्य देव विराजमान हैं, जिसके कारण बुध और सूर्य की युति से बेहद प्रभावशाली बुधादित्य योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुध के उदित होते ही यह योग और अधिक शक्तिशाली हो जाएगा, जिसका सीधा असर कई राशियों के करियर, व्यापार, धन लाभ और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिलेगा। खास तौर पर वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक और कुंभ राशि के जातकों को इसका विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

    ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, व्यापार, वाणी, तर्क और संचार का कारक ग्रह माना गया है। वहीं सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में जब बुध और सूर्य की युति बनती है तो व्यक्ति की निर्णय क्षमता, नेतृत्व कौशल और आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगती है। इस बार यह संयोग शुक्र की राशि वृषभ में बन रहा है, जहां बुध स्वयं को सहज और मजबूत स्थिति में महसूस करते हैं।

    वृषभ राशि वालों को उन्नति के नए अवसर
    बुध का उदय वृषभ राशि के लग्न भाव में होगा। इससे आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यक्तित्व में आकर्षण आएगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार में सफलता मिलने के संकेत हैं। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ संबंध मधुर होंगे। स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

    कर्क राशि वालों की बढ़ेगी आय
    कर्क राशि के लिए बुध का उदय एकादश भाव में होगा, जिसे आय और लाभ का स्थान माना जाता है। ऐसे में नए आय स्रोत बनने के योग हैं। मार्केटिंग, मीडिया, व्यापार और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े लोगों को विशेष फायदा मिल सकता है। आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होंगी और करियर में नई संभावनाएं खुलेंगी।

    सिंह राशि को करियर में बड़ी सफलता
    सिंह राशि के जातकों के लिए बुध दशम भाव में उदित होंगे। यह भाव करियर और कार्यक्षेत्र का माना जाता है। नौकरी में प्रमोशन, नई जिम्मेदारियां और व्यापार में बड़ा लाभ मिलने के संकेत हैं। पिता या वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। इस दौरान लिए गए फैसले भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं।

    कन्या राशि वालों को मिलेगा भाग्य का साथ
    कन्या राशि के नवम भाव में बुध का उदय होने जा रहा है। यह समय भाग्य वृद्धि और सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। लंबे समय से रुके काम पूरे होने की संभावना है।

    वृश्चिक राशि के व्यापार में आएगी तेजी
    वृश्चिक राशि के सप्तम भाव में बुध उदित होंगे। इससे साझेदारी के कारोबार में लाभ मिलेगा। वैवाहिक जीवन में खुशहाली आएगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। व्यापार विस्तार और नए समझौतों से आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। अचानक धन लाभ के योग भी बन रहे हैं।

    कुंभ राशि वालों को मिलेगा आर्थिक लाभ
    कुंभ राशि के चतुर्थ भाव में बुध उदित होंगे, जिससे घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। शिक्षा, संपत्ति और पारिवारिक मामलों में शुभ परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक क्षेत्र में मजबूती आएगी और परिवार से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में भी मधुरता बढ़ेगी।

    ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि बुधादित्य योग का प्रभाव बुद्धि, व्यापार और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करता है। ऐसे में 26 मई के बाद कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी बड़े निर्णय से पहले व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण जरूर कराना चाहिए

  • एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या में कारगर हो सकते हैं ये घरेलू मसाले, विशेषज्ञों के अनुसार पाचन सुधारने में मददगार

    एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या में कारगर हो सकते हैं ये घरेलू मसाले, विशेषज्ञों के अनुसार पाचन सुधारने में मददगार


    नई दिल्ली ।
    आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में पेट से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अनियमित खानपान, देर रात तक जागना, समय पर भोजन न करना और लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करना अब आम दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। इन आदतों का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है, जिसके कारण एसिडिटी, पेट में जलन, गैस, खट्टी डकारें और अपच जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब पेट में बनने वाला एसिड भोजन नली की ओर वापस आने लगता है, तो इसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है, जो सीने में जलन और असहजता का कारण बन सकता है।

    हालांकि इन समस्याओं से राहत पाने के लिए हर बार दवाओं पर निर्भर रहना जरूरी नहीं होता। भारतीय रसोई में मौजूद कई ऐसे प्राकृतिक मसाले हैं, जो लंबे समय से पाचन सुधारने और पेट को आराम देने के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं। वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से भी इन मसालों के लाभों को स्वीकार किया गया है।

    सौंफ को पाचन तंत्र के लिए सबसे सरल और प्रभावी उपायों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करते हैं और गैस बनने की समस्या को कम कर सकते हैं। भोजन के बाद सौंफ चबाने की आदत या सौंफ का पानी पीना पेट को हल्का महसूस कराने और जलन को कम करने में सहायक माना जाता है।

    जीरा भी भारतीय भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उपयोग पाचन सुधारने के लिए सदियों से किया जा रहा है। इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करते हैं, जिससे भोजन तेजी से और बेहतर तरीके से पचता है। जब पाचन सही रहता है तो पेट में दबाव कम होता है और एसिडिटी की संभावना घट सकती है। जीरे का पानी कई लोगों द्वारा घरेलू उपाय के रूप में अपनाया जाता है।

    अदरक को भी एक शक्तिशाली प्राकृतिक औषधि माना जाता है। इसमें मौजूद सक्रिय तत्व सूजन को कम करने और पाचन प्रक्रिया को तेज करने में मदद करते हैं। धीमा पाचन भी एसिडिटी का एक बड़ा कारण होता है, ऐसे में अदरक का सीमित उपयोग शरीर को राहत दे सकता है। इसे चाय, गर्म पानी या भोजन में शामिल किया जा सकता है।

    इलायची न केवल स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोगी है, बल्कि यह पाचन को संतुलित रखने में भी मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण पेट की सूजन को कम कर सकते हैं और भोजन के बाद इसे चबाने से मुंह की ताजगी के साथ पाचन में भी सुधार होता है। दूध या चाय में इलायची का उपयोग भी लाभकारी माना जाता है।

    तुलसी को भारतीय परंपरा में एक औषधीय पौधे के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है। इसके पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट को शांत रखने और सूजन कम करने में सहायक हो सकते हैं। तुलसी का सेवन पाचन तंत्र को संतुलित करने और एसिडिटी से जुड़ी असहजता को कम करने में मदद कर सकता है।

    इन प्राकृतिक उपायों को अपनाकर लोग अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव कर पेट की समस्याओं में राहत पा सकते हैं, हालांकि लगातार या गंभीर लक्षणों में विशेषज्ञ सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।

  • today Rashifal 19 May 2026: मेष की चमकेगी किस्मत, कर्क को मिलेगा राहत का बड़ा संकेत, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    today Rashifal 19 May 2026: मेष की चमकेगी किस्मत, कर्क को मिलेगा राहत का बड़ा संकेत, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल



    नई दिल्ली। 19 मई 2026, मंगलवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की खास चाल के कारण कई राशियों के लिए तरक्की, धन लाभ और नए अवसर लेकर आ रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार दोपहर 2:19 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। सुबह 8:42 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र रहेगा, फिर आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। चंद्रमा पूरे दिन मिथुन राशि में गोचर करेंगे।

    इस दिन गजकेसरी, बुधादित्य, धृति, शंख, रूचक, वाशि और सुनफा योग का शुभ संयोग बन रहा है। विशेष रूप से मेष, कर्क, तुला और मकर राशि वालों को लाभ के संकेत मिल रहे हैं। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष राशि (Aries)
    मेष राशि वालों के लिए मंगलवार आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रहने वाला है। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है।

    Property और निवेश से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। नया मकान, वाहन या दुकान खरीदने के योग बन रहे हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और विवाह की बात आगे बढ़ सकती है। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    शुभ रंग: लाल
    शुभ अंक: 9

    वृष राशि (Taurus)
    वृषभ राशि वालों का दिन भागदौड़ भरा रहेगा, लेकिन मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। व्यापार में नए आइडिया लाभ दिला सकते हैं।

    माता-पिता के सहयोग से कोई नया काम शुरू हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिलेंगी। ज्यादा दौड़भाग के कारण थकान और पैरों में दर्द की समस्या रह सकती है।

    शुभ रंग: सफेद
    शुभ अंक: 2

    मिथुन राशि (Gemini)
    मिथुन राशि वालों को स्वास्थ्य के मामले में सतर्क रहने की जरूरत है। मानसिक तनाव और शारीरिक कमजोरी महसूस हो सकती है।

    कार्यक्षेत्र में फिलहाल बड़े बदलाव से बचना बेहतर रहेगा। परिवार में व्यवहार को लेकर विवाद हो सकता है। संतान की उपलब्धि मन को खुशी देगी।

    शुभ रंग: हरा
    शुभ अंक: 5

    कर्क राशि (Cancer)
    कर्क राशि वालों के लिए मंगलवार राहत लेकर आएगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां कम हो सकती हैं।

    अगर आप कर्ज से परेशान हैं तो उससे राहत मिलने के संकेत हैं। परिवार में विवाह या मांगलिक कार्यक्रम की चर्चा हो सकती है। साझेदारी के कारोबार में सावधानी बरतना जरूरी रहेगा।

    शुभ रंग: दूधिया सफेद
    शुभ अंक: 7

    सिंह राशि (Leo)
    सिंह राशि वालों को अपने निजी मामलों को ज्यादा लोगों से साझा करने से बचना चाहिए।

    नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। दूसरी कंपनी से आकर्षक ऑफर मिलने की संभावना है। नई संपत्ति खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। बच्चों की संगति पर ध्यान देना जरूरी होगा।

    शुभ रंग: सुनहरा
    शुभ अंक: 1

    कन्या राशि (Virgo)
    कन्या राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ नया करने की सोच मजबूत होगी।शेयर बाजार या निवेश से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। नया वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।

    शुभ रंग: गहरा हरा
    शुभ अंक: 6

    तुला राशि (Libra)
    तुला राशि वालों को कामकाज में संतुलन बनाए रखना होगा। दूसरों के मामलों में ज्यादा दखल नुकसान पहुंचा सकता है।जीवनसाथी के साथ पुराने मतभेद खत्म हो सकते हैं। मानसिक तनाव रहेगा, इसलिए योग और ध्यान लाभकारी रहेगा। परिवार में किसी बात को लेकर बहस हो सकती है।

    शुभ रंग: हल्का नीला
    शुभ अंक: 8

    वृश्चिक राशि (Scorpio)
    वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन प्रगति देने वाला रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और नई योजनाएं सफल होंगी।व्यापार में अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। घर में नया वाहन या मकान खरीदने की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में गुरुजनों का सहयोग मिलेगा।

    शुभ रंग: मैरून
    शुभ अंक: 3

    धनु राशि (Sagittarius)
    धनु राशि वालों के लिए मंगलवार यादगार रहने वाला है। पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है।उधार दिया गया पैसा वापस मिलने की संभावना है। यात्रा के दौरान किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात करियर में लाभ दिला सकती है। जल्दबाजी में किए गए वादे भूलने से बचें।

    शुभ रंग: पीला
    शुभ अंक: 4

    मकर राशि (Capricorn)
    मकर राशि वालों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।स्वास्थ्य में सुधार होगा। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है, इसलिए फोकस बनाए रखें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।

    शुभ रंग: काला
    शुभ अंक: 10

    कुंभ राशि (Aquarius)
    कुंभ राशि वालों के लिए दिन चुनौतियों से भरा रह सकता है। विरोधी सक्रिय रहेंगे और कार्यक्षेत्र में बाधाएं डालने की कोशिश करेंगे।व्यापार में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी की बात से मन दुखी हो सकता है।

    शुभ रंग: नीला
    शुभ अंक: 11

    मीन राशि (Pisces)
    मीन राशि वालों के लिए मंगलवार बेहद शुभ रहने वाला है। व्यापार में लाभ और करियर में सफलता मिलने के योग हैंधन संबंधित मामलों में मित्रों और परिवार का सहयोग मिलेगा। घर में धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम हो सकता है। कानूनी मामलों में अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभ दिलाएगी।

    शुभ रंग: केसरिया
    शुभ अंक: 12

    Disclaimer: यह राशिफल ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

  • गर्मियों में चमकती त्वचा का राज: घर की चीजों से पाएं हेल्दी और ग्लोइंग स्किन..

    गर्मियों में चमकती त्वचा का राज: घर की चीजों से पाएं हेल्दी और ग्लोइंग स्किन..

    नई दिल्ली ।  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बढ़ता प्रदूषण, तेज धूप और अनियमित खानपान का असर सबसे पहले हमारी त्वचा पर दिखाई देता है। खासतौर पर गर्मियों के मौसम में चेहरे की चमक कम होने लगती है और त्वचा बेजान व थकी हुई नजर आने लगती है। ऐसे में कई लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और पार्लर ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन हर बार ये उपाय लंबे समय तक असरदार साबित नहीं होते। वहीं घरेलू उपाय न केवल किफायती होते हैं, बल्कि त्वचा को प्राकृतिक तरीके से पोषण भी देते हैं।

    त्वचा की देखभाल के लिए घर में मौजूद कुछ सामान्य चीजें बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। एलोवेरा उनमें सबसे प्रमुख है। एलोवेरा जेल त्वचा को ठंडक देने के साथ उसे हाइड्रेट रखने में मदद करता है। नियमित रूप से ताजा एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाने से त्वचा मुलायम और फ्रेश महसूस हो सकती है। गर्मियों में इसका इस्तेमाल त्वचा को राहत देने का काम करता है।

    गुलाब जल भी स्किन केयर का एक आसान और असरदार उपाय माना जाता है। यह प्राकृतिक टोनर की तरह काम करता है और चेहरे को तरोताजा बनाए रखने में मदद करता है। दिन में एक या दो बार गुलाब जल लगाने से त्वचा में ताजगी बनी रहती है और गर्मी के कारण होने वाली चिपचिपाहट भी कम महसूस होती है।

    चेहरे की रंगत निखारने के लिए हल्दी और बेसन का फेस पैक लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। बेसन त्वचा की गंदगी साफ करने में मदद करता है, जबकि हल्दी त्वचा को प्राकृतिक चमक देने के लिए जानी जाती है। इसमें थोड़ा दही मिलाकर तैयार किया गया फेस पैक चेहरे पर लगाने से त्वचा साफ और निखरी हुई नजर आ सकती है। नियमित उपयोग से चेहरे की चमक धीरे-धीरे बढ़ने लगती है।

    शहद भी त्वचा के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह त्वचा को मॉइस्चराइज करने के साथ उसे सॉफ्ट और हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है। हल्के हाथों से चेहरे पर शहद की मसाज करने से त्वचा में प्राकृतिक ग्लो आ सकता है। इसके अलावा खीरे का रस भी गर्मियों में त्वचा को ठंडक पहुंचाने और टैनिंग कम करने में कारगर माना जाता है। खीरे में मौजूद पानी और पोषक तत्व त्वचा को ताजगी देने का काम करते हैं।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहरी देखभाल से ही नहीं आती, बल्कि शरीर को अंदर से स्वस्थ रखना भी उतना ही जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है, जिससे त्वचा में नमी बनी रहती है और चेहरा हेल्दी नजर आता है। साथ ही अच्छी नींद और संतुलित आहार भी त्वचा की चमक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले त्वचा की प्रकृति को समझना जरूरी है। यदि त्वचा बहुत संवेदनशील है या किसी प्रकार की एलर्जी की समस्या है, तो पहले पैच टेस्ट करना बेहतर माना जाता है। सही देखभाल और नियमित घरेलू उपायों की मदद से बिना ज्यादा खर्च किए भी त्वचा को प्राकृतिक रूप से चमकदार और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

  • महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज

    महाकाल भस्म आरती के नाम पर 42 हजार की ठगी: गूगल से नंबर लेकर संपर्क किया, सागर के युवक पर केस दर्ज



    उज्जैन। उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और भस्म आरती के नाम पर श्रद्धालुओं से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामले में गुजरात से आई दो महिलाओं से विशेष दर्शन और नंदी हॉल में बैठाकर भस्म आरती कराने का झांसा देकर 42 हजार रुपए ठग लिए गए। महाकाल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    गूगल सर्च से मिला नंबर, खुद को बताया मंदिर से जुड़ा व्यक्ति
    गुजरात निवासी वीणा धनेरिया ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मित्र अल्पना पटेल के साथ 15 मई को बाबा महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन आई थीं। आरती बुकिंग के लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च किया, जहां उन्हें पंडित दीपक मिश्रा नाम से एक मोबाइल नंबर मिला।

    महिलाओं का आरोप है कि फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को मंदिर से जुड़ा बताया और नंदी हॉल में बैठाकर विशेष दर्शन कराने का भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

    पैसे लेने के बाद करता रहा बहाने
    महिलाओं के मुताबिक आरोपी लगातार बुकिंग कन्फर्म होने की बात कहता रहा। बाद में 16 मई की शाम उसने फोन कर बताया कि बुकिंग नहीं हो पाई है और वह रकम वापस कर देगा।

    संदेह होने पर जब दोनों महिलाएं मंदिर के आधिकारिक काउंटर पहुंचीं, तब उन्हें पता चला कि इस तरह की कोई प्रक्रिया नहीं होती और मंदिर में इस नाम का कोई अधिकृत पुजारी भी नहीं है। इसके बाद उन्होंने महाकाल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    आरोपी सागर का निवासी, पुलिस तलाश में जुटी
    महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर जिले का रहने वाला है और उज्जैन के विभिन्न मंदिरों में पूजन-पाठ का काम करता है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
    इससे पहले 13 मई को महाराष्ट्र के पुणे निवासी मानव गायकवाड़ ने भी ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आशुतोष शर्मा नामक व्यक्ति ने नंदी हॉल में दर्शन कराने के नाम पर उनसे और उनके दोस्तों से 5 हजार रुपए ले लिए थे, लेकिन दर्शन नहीं कराए।

    श्रद्धालुओं के लिए मंदिर प्रशासन की अपील
    श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भस्म आरती और विशेष दर्शन की बुकिंग केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें।

    भस्म आरती की बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट से करें

    तत्काल बुकिंग एक दिन पहले सुबह 8 बजे उपलब्ध होती है

    भस्म आरती शुल्क 200 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित है

    सामान्य दर्शन सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक निशुल्क हैं

    प्रोटोकॉल दर्शन के लिए अधिकृत काउंटर से टिकट लें

    सोशल मीडिया, गूगल नंबर या अनजान व्यक्तियों पर भरोसा न करें

    मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को साइबर ठगी से सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या मंदिर प्रशासन को सूचना देने की सलाह दी है।

  • ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता बोले- ‘दामाद नशे का आदी’, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग

    ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता बोले- ‘दामाद नशे का आदी’, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग



    भोपाल । भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनका दामाद नशे का बेहद आदी था और उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने अब दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम कराने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    ‘हमारी बेटी ड्रग्स एडिक्ट नहीं थी’
    ट्विशा के पिता ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेल रही थी, जबकि असल में उनका दामाद ही नशीले पदार्थों का आदी था। परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।नवनिधि शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी की छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि दामाद के खिलाफ नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी जांच होनी चाहिए।

    12 मई को ससुराल में मिला था शव
    ट्विशा शर्मा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि ट्विशा और उसके पति समर्थ की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी।

    परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ महीनों बाद ही ट्विशा को प्रताड़ित किया जाने लगा था। परिजनों का कहना है कि ट्विशा भोपाल छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती थी और वह लगातार अपने परिवार से संपर्क में थी।

    दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग
    ट्विशा के पिता ने कहा कि उन्हें मौजूदा जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि शव को दिल्ली AIIMS भेजा जाए, ताकि स्वतंत्र मेडिकल जांच हो सके और मौत की असली वजह सामने आए।उन्होंने कहा कि शव खराब होने से पहले सच्चाई सामने आना जरूरी है। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग भी उठाई है।

    अग्रिम जमानत पर उठाए सवाल
    ट्विशा के पिता ने रिटायर्ड जज सास को मिली अग्रिम जमानत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तारी की मांग की गई थी, लेकिन उसी दिन अग्रिम जमानत मिल जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि केवल उम्र और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर अग्रिम जमानत दी जा रही है, तो यह कानून की भावना के खिलाफ है। परिवार ने इसे “खतरनाक मिसाल” बताया।

    पुलिस जांच और SIT की कार्रवाई
    भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी प्रमुख रजनीश कश्यप ने कहा कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।

    पुलिस दहेज प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा और मौत के बाद सबूत मिटाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। पति की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 18 मई को होनी है।

    परिवार का आरोप- मौत की जानकारी भी समय पर नहीं दी गई
    ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को समय पर यह नहीं बताया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवार को यह भी जानकारी नहीं दी गई कि शव को AIIMS ले जाया जा रहा है।