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  • चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर, जहां नाभि से बहता है पवित्र जल

    चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर, जहां नाभि से बहता है पवित्र जल


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित जामसांवली हनुमान मंदिर अपनी अनोखी मान्यता और रहस्यमयी घटनाओं के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। खास बात यह है कि यहां स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा की नाभि से निरंतर जल निकलता है जिसे श्रद्धालु पवित्र और चमत्कारी मानते हैं। हनुमान जयंती जैसे पावन अवसर पर इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु यहां आकर न केवल पूजा-अर्चना करते हैं बल्कि इस रहस्यमयी जल को ग्रहण कर अपने जीवन की बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति की कामना भी करते हैं।

    स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर रामायण काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि जब भगवान हनुमान संजीवनी बूटी लेकर लौट रहे थे तब उन्होंने इस स्थान पर विश्राम किया था। इसी कारण यहां हनुमान जी की प्रतिमा विश्राम मुद्रा में स्थापित है जो अन्य मंदिरों से इसे अलग बनाती है। मंदिर नागपुर-छिंदवाड़ा मार्ग पर जाम और सर्पा नदियों के समीप स्थित है। प्राकृतिक वातावरण और धार्मिक आस्था का यह संगम इसे और भी खास बना देता है। यहां पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित हनुमान जी की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।

    सबसे रहस्यमयी पहलू यह है कि प्रतिमा की नाभि से निकलने वाली जलधारा का स्रोत आज तक ज्ञात नहीं हो सका है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह एक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है लेकिन भक्त इसे हनुमान जी की कृपा मानते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस जल को पीने या घर ले जाने से रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों पर नकारात्मक ऊर्जा या ग्रह दोष का प्रभाव होता है उन्हें यहां आकर पूजा करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से शनि और मंगल दोष से पीड़ित लोग यहां आकर हनुमान जी की आराधना करते हैं और राहत की कामना करते हैं। एक अन्य मान्यता के अनुसार मंदिर में दर्शन के बाद भक्तों को कुछ नियमों का पालन करना होता है जैसे सवा महीने तक तामसिक भोजन और बुरे आचरण से दूर रहना। इसे आस्था और अनुशासन का हिस्सा माना जाता है।

    मंदिर से जुड़ी एक किंवदंती भी प्रचलित है जिसमें कहा जाता है कि पहले हनुमान जी की प्रतिमा खड़ी अवस्था में थी लेकिन जब डाकुओं ने यहां छिपे खजाने को चुराने की कोशिश की तो प्रतिमा ने स्वयं वर्तमान स्वरूप धारण कर उसकी रक्षा की। हालांकि इस कथा के प्रमाण नहीं हैं लेकिन यह लोगों की आस्था को और मजबूत करती है। इस प्रकार जामसांवली हनुमान मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि आस्था रहस्य और विश्वास का अद्भुत संगम भी है जहां हर साल हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।

  • सीएम धामी ने केदारनाथ रावल से की मुलाकात, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर चर्चा

    सीएम धामी ने केदारनाथ रावल से की मुलाकात, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर चर्चा


    देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को श्री केदारनाथ धाम के रावल श्रीश्रीश्री 1008 भीमाशंकर लिंग ने शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर केदारनाथ धाम के रावल ने भगवान केदारनाथ जी की कृपा एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री धामी ने रावल का स्वागत करते हुए केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी साझा की और कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने आगामी यात्रा सीजन को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। भेंट के दौरान केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं, यात्रा संचालन तथा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री धामी ने रावल से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की प्रगति एवं जनकल्याण के लिए उनके मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की।

    सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”शासकीय आवास पर श्री केदारनाथ धाम के परम पूज्य रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग जी का स्वागत व अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उनके साथ विभिन्न आध्यात्मिक विषयों समेत श्री केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों एवं चारधाम यात्रा के संबंध में चर्चा की।”

    उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से अक्षय तृतीया के पावन मौके पर होगा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। इसी के तहत 6 मार्च से यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, ”समस्त प्रदेशवासियों को श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बजरंग बली की कृपा आप सभी के जीवन में ज्ञान, भक्ति, अदम्य साहस, एकाग्रता, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करें, यही कामना है।”

    एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”जनपद नैनीताल में स्थित श्री संकट मोचन मंदिर अनेकों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जिसकी दिव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करती है। नैनीताल आगमन पर यहां पधारकर श्री हनुमान जी के दर्शन अवश्य करें।”

  • Travel Tips: दोस्तों के साथ ट्रिप पर निकलें, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान

    Travel Tips: दोस्तों के साथ ट्रिप पर निकलें, इन जरूरी बातों का रखें ध्यान


    नई दिल्ली। अगर दोस्तों के साथ घूमने का मन है, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना आपकी यात्रा को मज़ेदार, सुरक्षित और स्मरणीय बना देता है। यहाँ कुछ Travel Tips साझा कर रहा हूँ:

    1. योजना पहले से बनाएं

    घूमने की जगह, वहां के मौसम और प्रमुख आकर्षणों की जानकारी पहले से जुटा लें।
    यात्रा का बजट तय करें ताकि पैसे की चिंता न रहे।
    यदि ग्रुप में लोग अलग-अलग शहरों से आ रहे हैं, तो meeting point और टाइमिंग पहले तय कर लें।
    2. सुरक्षा और स्वास्थ्य
    दोस्तों के साथ भी अपने जरूरी दस्तावेज़ और पहचान पत्र हमेशा साथ रखें।
    हेल्थ किट (बैंड-एड, दवाई, हैंड सेनिटाइज़र, मास्क) साथ रखें।
    भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सामान और बैग का ध्यान रखें।
    यदि किसी को कोई एलर्जी या मेडिकल कंडीशन है, तो पहले से तैयारी कर लें।
    3. साझा बजट और खर्च
    खाने-पीने, यात्रा और होटल के खर्च का हिसाब साझा करें।
    मोबाइल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करें ताकि कैश की जरूरत कम हो।
    बड़े ग्रुप में एक व्यक्ति को ट्रैवल कास्टर बनाना अच्छा होता है, जो खर्च और बिल्स संभाले।
    4. पैकिंग टिप्स
    हल्का और मौसम के अनुसार कपड़े पैक करें।
    कैमरा, पावर बैंक, चार्जर, सनग्लास और हेडफोन रखना न भूलें।
    यात्रा के दौरान हल्का बैकपैक रखें ताकि मूवमेंट आसान हो।
    5. सहयोग और टीम भावना
    दोस्तों के साथ यात्रा में कभी-कभी मतभेद हो सकते हैं। धैर्य रखें और सबकी पसंद का सम्मान करें।
    समय का ध्यान रखें, ताकि किसी की जगह पर देर न हो।
    ग्रुप में रोचक खेल, गाने या म्यूजिक प्लेलिस्ट बना लें, इससे यात्रा का मज़ा बढ़ता है।
    6. यादें संजोएँ
    फोटो और वीडियो लें, ताकि यात्रा की यादें हमेशा ताजा रहें।
    सोशल मीडिया पर साझा करना हो तो समूह की सहमति जरूर लें।

  • मां अम्बे की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर, बस सही तरीके से करें इन मंत्रों का जाप

    मां अम्बे की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर, बस सही तरीके से करें इन मंत्रों का जाप


    नई दिल्ली । मां अम्बे के मंत्रों का सही जाप आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और बाधाओं से मुक्ति लाने का एक शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। आइए इसे आसान और प्रभावी तरीके से समझते हैं
    मंत्रों की शक्ति समझें

    मंत्र सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा के स्रोत हैं। जब आप उन्हें विश्वास, श्रद्धा और ध्यान के साथ जपते हैं, तो यह मन, शरीर और वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

    शक्तिशाली मंत्र उदाहरण:

    ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे – साहस और सुरक्षा देने वाला
    सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो… – सभी बाधाओं को दूर करने वाला
    रोगानशेषानपहंसि… – स्वास्थ्य और इच्छाओं की पूर्ति के लिए
    ऊं दुं दुर्गायै नमः – नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाला सरल मंत्र

     जप की तैयारी
    शांत और स्वच्छ स्थान चुनें।
    सात्विक भोजन करें और मन को शांत रखें।
    जप से पहले छोटा संकल्प लें कि आप किस उद्देश्य के लिए यह जाप कर रहे हैं।
    समय और नियमितता
    सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (4-6 बजे) सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
    यदि संभव न हो, तो दिन का कोई भी शांत समय चुनें।
    नियमित जप करना आवश्यक है; लगातार अभ्यास से प्रभाव अधिक होता है।
    जप की संख्या
    कम से कम 108 बार (एक माला) जप करें।
    उन्नत साधना में सवा लाख जाप तक भी किया जाता है।
    जप की संख्या पर ध्यान दें; इससे आपकी एकाग्रता और शक्ति बढ़ती है।
    ध्यान और मन की शुद्धि
    जप करते समय मन केवल मां अम्बे पर केन्द्रित रहे।
    किसी के प्रति बुरा भाव या नकारात्मक सोच न रखें।
    शुद्ध मन और विश्वास से ही मंत्र का पूरा प्रभाव दिखता है।
    नियमित अभ्यास का लाभ
    धीरे-धीरे जीवन में बाधाएं कम होती हैं।
    आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।
    नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।

  • चेहरा खिला-खिला दिखेगा, बस इन स्किन केयर टिप्स को अपनी रूटीन में शामिल करें

    चेहरा खिला-खिला दिखेगा, बस इन स्किन केयर टिप्स को अपनी रूटीन में शामिल करें


    नई दिल्ली।अगर आप भी बेदाग और चमत्कार चेहरा पाने की सोच रही है तो अब यह बिल्कुल आसान हो गया है क्योंकि अब आप अपने चेहरे पर आसानी से गला घर पर ही पा सकती हैं। इसके लिए आपको ना ज्यादा खर्च करने की जरूरत है और ना ज्यादा टाइम पार्लर में बिताने की। तो चलिए आपको कुछ ऐसे ही ट्रिक के बारे में बताते हैं।

    हाइड्रेशन है सबसे महत्वपूर्ण
    गर्मियों का महीना शुरू ही हो गया है ऐसे में अपने आप को हाइड्रेट रखने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए।त्वचा की सेहत के लिए हाइड्रेशन अत्यंत आवश्यक है। प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीने से शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलते हैं, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार बनी रहती है। पानी की कमी से त्वचा सूखी और बेजान हो जाती है।

    संतुलित आहार से भी फायदा
    कई बार हमारी स्कीम बाहर के ज्यादा खान-पान के कारण भी काफी बिगड़ने लगती है जिसे हमें सुधारना चाहिए।त्वचा की देखभाल में पोषण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हरी सब्जियां, ताजे फल, नट्स और स्वस्थ वसा से भरपूर आहार त्वचा को अंदर से पोषण देता है। विटामिन सी और ई से भरपूर भोजन कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देता है।

    व्यायाम से बढ़ेगा रक्त संचार
    एक्टिव रहने से त्वचा की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। योग, दौड़ना, नृत्य या जिम में व्यायाम करने से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे त्वचा में चमक आती है।

    स्किन केयर रूटीन का पालन करें
    सही स्किन केयर रूटीन का पालन करना आवश्यक है। दिन में दो बार चेहरे को साफ करने से गंदगी और अतिरिक्त तेल दूर होता है। कई बार लोग हाथ पैर धो लेते हैं लेकिन चेहरा साफ करने के लिए सही टाइम का इंतजार करते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही आपको तनाव से बचना चाहिए आप जितना तनाव में रहेंगे आपके चेहरे और स्क्रीन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।

  • सीएम मोहन यादव करेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, उज्जैन बनेगा ग्लोबल टाइम सेंटर

    सीएम मोहन यादव करेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, उज्जैन बनेगा ग्लोबल टाइम सेंटर


    भोपाल । मध्यप्रदेश के उज्जैन में 3 अप्रैल से एक ऐतिहासिक और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जहां विज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। यह सम्मेलन 3 से 5 अप्रैल तक उज्जैन के समीप डोंगला डिजिटल प्लेनेटेरियम परिसर में आयोजित होगा।

    इस अवसर पर उज्जैन में नव-निर्मित साइंस सेंटर का भी लोकार्पण किया जाएगा, जो आधुनिक वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से बने इस साइंस सेंटर में साइंस गैलरी, आउटडोर साइंस पार्क, इनोवेशन हॉल और हेरिटेज आधारित प्रदर्शनी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

    सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन सहित देश-विदेश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और विचारक शामिल होंगे।

    उज्जैन, जिसे बाबा महाकाल और सम्राट विक्रमादित्य की नगरी के रूप में जाना जाता है, प्राचीन काल से खगोल विज्ञान और काल गणना का प्रमुख केंद्र रहा है। यही कारण है कि इस सम्मेलन में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी के समन्वय पर विशेष चर्चा की जाएगी।

    तीन दिवसीय इस आयोजन में वैज्ञानिक, खगोलविद, शोधार्थी और नीति-निर्माता एक मंच पर आकर अंतरिक्ष विज्ञान, एस्ट्रोफिजिक्स, कॉस्मोलॉजी और स्पेस इकोनॉमी जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही यूएवी तकनीक, सैटेलाइट निर्माण, रिमोट कंट्रोल सिस्टम और टेलीस्कोप से आकाशीय अध्ययन जैसी गतिविधियों पर कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।

    सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण उज्जैन-डोंगला को वैश्विक मेरिडियन के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा है। डोंगला, जहां से कर्क रेखा गुजरती है, प्राचीन काल से खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रहा है। राज्य सरकार उज्जैन को फिर से वैश्विक टाइम स्केल सेंटर के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

    इस आयोजन में ISRO, CSIR, DRDO और नीति आयोग जैसे संस्थानों के विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। इसके अलावा टेक्नोलॉजी एक्सपो, स्टार्ट-अप कॉन्फ्रेंस, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे।

    उज्जैन का यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई दिशा देगा, बल्कि युवाओं में नवाचार और तकनीकी कौशल को भी प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, यह आयोजन आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को भी नई गति देने में सहायक साबित होगा। इस प्रकार ‘महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम’ सम्मेलन उज्जैन को एक बार फिर वैश्विक वैज्ञानिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

  • भारतीय रुपया रिकॉर्ड तेजी के साथ 93.10 डॉलर पर बंद, 13 साल का रुझान बदलता नजर

    भारतीय रुपया रिकॉर्ड तेजी के साथ 93.10 डॉलर पर बंद, 13 साल का रुझान बदलता नजर


    नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में गुरुवार को 13 वर्षों में सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली और इसके चलते अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 93.10 के स्तर पर बंद हुआ।

    डॉलर के मुकाबले रुपए में तेजी की वजह आरबीआई द्वारा भारतीय मुद्रा में सट्टेबाजी को कम करने के लिए कदम उठाना है।

    हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपए में तेज गिरावट को रोकने के लिए घरेलू और विदेशी मार्केट्स में नियमों को सख्त किया है।

    एक विश्लेषक ने कहा,“अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के बाद रिस्क सेंटीमेंट में सुधार के कारण रुपए में तेजी आई। उनके भाषण ने तनाव बढ़ाने के बजाय बातचीत का संकेत दिया गया, जिससे बाजार में तेजी आई। हालांकि, अनिश्चितता का स्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जिससे मुद्रा बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।”

    तीन दिन की छुट्टी के बाद कारोबार फिर से शुरू होने पर रुपया दिन के दौरान 1.7 प्रतिशत तक बढ़कर 93.25 पर पहुंच गया, जो सितंबर 2013 के बाद से डॉलर के मुकाबले रुपए की सबसे मजबूत वृद्धि है।

    केंद्रीय बैंक ने हाल ही में बैंकों को निवासी और अनिवासी दोनों ग्राहकों को रुपए के नॉन-डिलीवरी वाले फॉरवर्ड जारी करने से रोक दिया है, और कंपनियों को रद्द किए गए फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स को पुनः बुक करने से भी प्रतिबंधित कर दिया है।

    इससे पहले उठाए गए कदमों में बैंकों की रुपए में नेट ओपन पॉजिशन को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित करना और संबंधित पक्षों के साथ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदों पर रोक लगाना शामिल था।

    इन कदमों का उद्देश्य मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी की गतिविधियों को कम करना और रुपए को स्थिर करना है।

    विश्लेषकों ने कहा कि भारत का मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, जो 700 अरब डॉलर से अधिक है, अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करता है और केंद्रीय बैंक को जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करने की गुंजाइश देता है।

    वैश्विक बाजार के कमजोर संकेतों के बावजूद रुपए में उछाल आया। आज एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई, जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी जैसे प्रमुख सूचकांक 3 प्रतिशत तक गिर गए।

    इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया, जिससे वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ गई। ब्रेंट क्रूड वायदा 5.24 प्रतिशत बढ़कर 106.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई वायदा 4.5 प्रतिशत बढ़कर 104.64 डॉलर हो गया।

    महावीर जयंती और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत की छुट्टियों के कारण इस सप्ताह की शुरुआत में मुद्रा बाजार बंद रहे थे और यह गुड फ्राइडे के कारण शुक्रवार को भी बंद रहेंगे।

  • Liquor Price Hike: शराब प्रेमियों को झटका, इस राज्य में अंग्रेजी शराब महंगी हुई 100 रुपये तक

    Liquor Price Hike: शराब प्रेमियों को झटका, इस राज्य में अंग्रेजी शराब महंगी हुई 100 रुपये तक


    नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में शराब के शौकीनों के लिए नया वित्तीय साल महंगा साबित हुआ है। राज्य सरकार ने 2026-27 की नई आबकारी नीति लागू करते हुए अंग्रेजी शराब (IMFL) की कीमतों (Liquior Price Hike) में बढ़ोतरी कर दी है। 1 अप्रैल से लागू नई दरों के बाद कई ब्रांड्स की कीमतों में 10 से 100 रुपये तक का इजाफा हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

    अप्रैल में कब कब शराब की दुकाने बंद रहेंगी, ये रही ड्राई डे की लिस्ट

    100 रुपये तक महंगी हुई अंग्रेजी शराब (Liquior Price Hike)
    नई रेट लिस्ट के अनुसार, अंग्रेजी शराब की कीमतों में अधिकतम 100 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि कुछ ब्रांड्स में मामूली 10-30 रुपये की ही बढ़ोतरी हुई है, लेकिन प्रीमियम ब्रांड्स पर ज्यादा असर देखने को मिला है।

    सरकार का कहना है कि हर साल आबकारी नीति के तहत कीमतों में संशोधन किया जाता है। इस बार भी वही प्रक्रिया अपनाई गई है। बढ़ती लागत और राजस्व को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब ग्राहकों को शराब खरीदने के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

    नई आबकारी नीति और नीलामी सिस्टम का असर
    सरकार ने इस साल भी शराब की दुकानों की नीलामी ऑनलाइन ई-ऑक्शन के जरिए की है। इस बार बेस प्राइस में करीब 10% की बढ़ोतरी की गई, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा है।

    इसके अलावा राज्य में अब Maximum Retail Price (MRP) सिस्टम लागू है, जिससे शराब की बिक्री तय कीमत पर ही होगी। पहले Minimum Selling Price (MSP) मॉडल लागू किया गया था, लेकिन अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए फिर से MRP व्यवस्था लागू कर दी गई है।

    दुकानों पर रेट लिस्ट दिखाना अनिवार्य
    नई नीति के तहत सभी शराब दुकानों को हर ब्रांड की कीमतों की सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इसके साथ ही संबंधित एक्साइज अधिकारी का संपर्क नंबर भी देना अनिवार्य किया गया है।

    अगर कोई दुकानदार तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलता है, तो ग्राहक सीधे शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम राजस्व बढ़ाने और बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन आम लोगों के लिए यह जेब पर अतिरिक्त बोझ जरूर साबित होगा।

  • मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

    मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले की उच्च न्यायालय में 6 अप्रैल से रोजाना सुनवाई होगी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच आगामी सोमवार को दोपहर 2.30 बजे से सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई करेगी।

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि पहले याचिकाकर्ताओं के तर्क सुने जाएंगे, उसके बाद आपत्ति जताने वाले पक्ष को दलील रखने का मौका मिलेगा। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी मौजूद रहे, जबकि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

    गौरतलब है कि बुधवार को उच्‍चतम न्‍यायालय ने स्पष्ट किया था कि इस विवाद का अंतिम निर्णय अब उच्‍च न्‍यायालय ही करेगी। उच्‍च न्‍यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई करेगी। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जा चुकी है और कई पक्षों ने इस पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

    बता दें कि उच्‍च न्‍यायालय में पहले ही एएसआई सर्वे रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के ऐतिहासिक स्वरूप, स्थापत्य और शिलालेखों से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। 10वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान राजा भोज और राजा अर्जुन वर्मन द्वारा कराए गए निर्माण और सांस्कृतिक कार्यों के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में कुल 106 स्तंभ मिले हैं जिन पर विभिन्न प्रकार की नक्काशी है। इसके अलावा 32 शिलालेख पाए गए हैं। इनमें राजा भोज के समय के शिलालेख और अर्जुन वर्मन के राजगुरु मदन द्वारा रचित ‘पारिजलमंजरी नाटिका’ और ‘विजयश्री’ नाटक के पहले दो अंकों का उल्लेख है।

    कुछ शिलालेखों में 14वीं शताब्दी में मालवा में मुसलमानों के आगमन और मुस्लिम शासन की स्थापना का जिक्र भी है। 1389 ईस्वी में दिलावर खान (मूल नाम हुसैन) को दिल्ली से मालवा प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने धार में स्वतंत्रता की घोषणा कर 1401 ईस्वी में शाही उपाधि धारण की। इन ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों को लेकर उच्‍च न्‍यायालय में अब विस्तृत बहस की संभावना है। मुस्लिम पक्ष एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां रखेगा और सभी याचिकाओं पर एक साथ दलीलें सुनी जाएंगी।

  • आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले, लेकिन ट्रॉफी से हमेशा दूर रहे ये खिलाड़ी

    आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले, लेकिन ट्रॉफी से हमेशा दूर रहे ये खिलाड़ी


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने लाखों फैंस के बीच शानदार प्रदर्शन के बावजूद कभी खिताबी मुकाबला जीतने का सुख नहीं देखा। आइए जानते हैं ऐसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम।

    1. एबी डिविलियर्स
    दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने आईपीएल में 184 मैच खेले, लेकिन कभी फाइनल जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं बन सके। उन्होंने दिल्ली और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेला।

    2. संजू सैमसन
    संजू सैमसन ने आईपीएल में 178 मैच खेलते हुए भी खिताबी मुकाबला नहीं जीता। वह 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन फाइनल जीत का अनुभव अभी तक नहीं मिला।

    3. युजवेंद्र चहल
    भारत के युजवेंद्र चहल 175 मुकाबलों में फाइनल जीतने में सफल नहीं रहे। आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स के साथ फाइनल तक पहुंचे, लेकिन खिताब जीत नहीं सके।

    4. अमित मिश्रा
    तीन हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज अमित मिश्रा ने 162 मैच खेलते हुए आज तक आईपीएल खिताबी टीम में जगह नहीं बनाई। उन्होंने कई बड़ी टीमों की तरफ से खेला।

    5. अक्षर पटेल
    अक्षर पटेल ने 163 मैच खेलते हुए भी फाइनल जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं बने। आईपीएल 2025 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए भी खिताबी जीत हाथ नहीं लगी।

    6. केएल राहुल
    टीम इंडिया के बल्लेबाज केएल राहुल ने 146 मैच खेले, लेकिन आईपीएल में एक बार भी चैंपियन टीम का हिस्सा नहीं बने।

    7. क्रिस गेल
    कैरेबियाई दिग्गज क्रिस गेल ने 142 मैच खेलते हुए भी खिताबी टीम का हिस्सा नहीं बन पाए।

    8. ग्लेन मैक्सवेल
    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल 141 मैच खेल चुके हैं, लेकिन फाइनल जीतने वाली टीम में शामिल नहीं हुए।

    9. संदीप शर्मा
    अपनी लहराती गेंदों के लिए प्रसिद्ध संदीप शर्मा 138 मैच खेलकर भी आईपीएल खिताब जीतने में सफल नहीं हुए। उन्होंने कुल 146 विकेट लिए।

    10. ऋषभ पंत
    भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने 126 मैच खेलते हुए भी आईपीएल फाइनल नहीं जीता। वह आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा 27 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे।