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  • टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    टिकट नहीं मिला तो बगावत की हद पार: NCP विधायक के दफ्तर के बाहर बेटे ने किया पेशाब महाराष्ट्र की सियासत गरमाई

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जिला परिषद चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं लेकिन लातूर जिले से सामने आई एक घटना ने सियासी विरोध की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक और पूर्व मंत्री संजय बंसोडे के स्थानीय कार्यालय के बाहर एक युवक द्वारा खुलेआम पेशाब किए जाने की घटना ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी बल्कि आम जनता को भी हैरान कर दिया।
    यह पूरी घटना बुधवार 21 जनवरी की बताई जा रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।मामला लातूर जिले की उदगीर तहसील का है जहां आगामी जिला परिषद चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। जानकारी के अनुसार उदगीर के निदेबन क्षेत्र से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता मधुकर एकुरकेकर को 5 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए NCP की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसी फैसले से नाराज होकर उनके बेटे नितिन एकुरकेकर ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सबको चौंका दिया।

    बताया जा रहा है कि नितिन एकुरकेकर ने पार्टी नेतृत्व पर अन्याय का आरोप लगाते हुए NCP विधायक संजय बंसोडे के कार्यालय के बाहर पेशाब कर अपना आक्रोश जाहिर किया। यही नहीं उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो वायरल हो गया और देखते ही देखते राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हंगामा मच गया। हालांकि विवाद बढ़ता देख नितिन ने बाद में यह वीडियो अपने अकाउंट से हटा लिया।

    वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी दो धड़ों में बंटी नजर आईं। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर की गई शर्मनाक और अशोभनीय हरकत बताया। उनका कहना है कि राजनीतिक असहमति जताने के कई संवैधानिक और सभ्य तरीके होते हैं लेकिन इस तरह का कृत्य न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाता है। वहीं कुछ लोगों ने इसे पार्टी नेतृत्व के प्रति कार्यकर्ताओं की हताशा और गुस्से का प्रतीक बताया हालांकि उन्होंने भी इस तरीके का समर्थन नहीं किया।

    इस घटना ने NCP को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है। पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की बातें पहले भी सामने आती रही हैं लेकिन इस तरह का सार्वजनिक और आपत्तिजनक विरोध पहली बार देखने को मिला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं दलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती हैं और मतदाताओं के बीच गलत संदेश भी भेजती हैं।कुल मिलाकर लातूर की यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ते तनाव गुटबाजी और असंतोष की तस्वीर पेश करती है। सवाल यह है कि क्या राजनीतिक दल समय रहते अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को संभाल पाएंगे या फिर आने वाले दिनों में सियासत का तापमान और चढ़ता नजर आएगा।

  • वैश्विक आर्थिक खतरा: चीन की जनसंख्या में गिरावट, भारत से पिछड़ने के बाद दोहरी चुनौती

    वैश्विक आर्थिक खतरा: चीन की जनसंख्या में गिरावट, भारत से पिछड़ने के बाद दोहरी चुनौती

    बीजिंग। चीन, जो दशकों तक दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश था, अब ऐतिहासिक जनसांख्यिकीय बदलाव का सामना कर रहा है। 2023 में भारत ने चीन को पीछे छोड़कर सबसे अधिक आबादी वाला देश बनने का ताज हासिल कर लिया। 2025 के आंकड़े और भी चिंताजनक हैं।

    नेशनल स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो के अनुसार, चीन की जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर 7.93 मिलियन (79.3 लाख) पर आ गई है और कुल जनसंख्या में 33.9 लाख की गिरावट देखी गई है। प्रजनन दर केवल 1.3 रह गई है, जबकि स्थिर आबादी के लिए इसे 2.1 होना चाहिए।

    जनसंख्या गिरावट के कारण और प्रभाव:
    घटता वर्कफोर्स: काम करने वाले लोगों की संख्या अब कुल आबादी का 60.6% है, जो एक दशक पहले 70% थी।
    बुजुर्गों की बढ़ती संख्या: 2034 तक 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग चीन की कुल आबादी का 30% बन सकते हैं।
    आर्थिक दबाव: श्रमिकों की कमी से मजदूरी बढ़ेगी और सामान महंगा होगा। पेंशन और हाउसिंग जैसे सेक्टर भी दबाव में आएंगे।

    सरकार की कोशिशें:
    2016 में दो बच्चों की अनुमति, 2021 में इसे बढ़ाकर तीन कर दिया गया।
    बच्चों की देखभाल के लिए सब्सिडी (करीब 500 डॉलर प्रति वर्ष)।
    रिटायरमेंट उम्र धीरे-धीरे बढ़ाने की योजना।
    शिक्षा की लागत कम करने और गर्भपात रोकने के लिए कदम।

    समस्या की जड़:
    ‘वन-चाइल्ड पॉलिसी’ (1979–2016) के चलते चीन में लंबे समय तक जन्म दर पर सख्त नियंत्रण रहा। यह नीति अब भी देश को लंबे समय तक प्रभावित कर रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के लिए यह चुनौती आसान नहीं है। जापान और दक्षिण कोरिया के अनुभव बताते हैं कि समाज की सोच और जीवनयापन की लागत में बदलाव के बाद जन्म दर बढ़ाना कठिन हो जाता है। चीन अब “बूढ़े होने से पहले अमीर बनने” की दौड़ में भी पिछड़ता दिखाई दे रहा है।

  • ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी

    ट्रंप के दावे को लेकर कांग्रेस का PM मोदी पर तंज, कहा-70 बार मजाक उडा… फिर भी चुप्पी


    नई दिल्ली।
    भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच पिछले साल हुए तनाव को खत्म करने का श्रेय एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने लिया है। ट्रंप के इस ताजा दावे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि ट्रंप अब तक 70 बार इस तरह का दावा कर चुके हैं, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस पर कोई कड़ा रुख नहीं दिख रहा। वाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की उपलब्धियां गिनाते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दुनिया की 8 अंतहीन लड़ाइयां रुकवाई हैं।

    भारत-पाक के संदर्भ में उन्होंने कहा, “पाकिस्तान और भारत एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे। आठ विमान मार गिराए गए थे। मेरी राय में दोनों देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता, तो करोड़ों लोग मारे जाते।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने 10 महीनों में कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया और इजरायल-ईरान जैसे आठ बड़े संघर्षों को शांत कराया है।


    जयराम रमेश का तीखा हमला

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप की दोस्ती पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “कल से पहले यह संख्या 68 थी। लेकिन कल ही यह आंकड़ा 69 नहीं, बल्कि सीधे 70 पर पहुंच गया। एक बार व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ़्रेंस के अपने शुरुआती बयान में और बाद में सवाल-जवाब के दौरान। यही वह संख्या है, जितनी बार प्रधानमंत्री के ‘अच्छे दोस्त’ और जिन्हें कई बार पीएम की जबरन झप्पी मिल चुकी है- ने यह दावा किया है कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के अचानक और अप्रत्याशित रूप से रुकने के लिए वही जिम्मेदार थे।”

    नोबेल शांति पुरस्कार की चाहत
    ट्रंप ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी मलाल जताया कि इन युद्धों को रुकवाने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकने से कम से कम 1.5 से 2 करोड़ लोगों की जान बची है, जो उनके लिए नोबेल से बड़ी बात है।

    गौरतलब है कि भारत सरकार हमेशा से यह कहती रही है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं है। हालांकि, 10 मई 2025 को ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वाशिंगटन की मध्यस्थता के बाद दोनों देश पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रंप के बार-बार इस तरह के दावे करना भारतीय संप्रभुता और प्रधानमंत्री के दावों पर सवाल खड़ा करता है।

  • देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से होगी शुरू…. गुवाहाटी-हावड़ा के बीच होगी संचालित

    देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से होगी शुरू…. गुवाहाटी-हावड़ा के बीच होगी संचालित


    नई दिल्ली।
    भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक (Making long-distance travel comfortable) और तेज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) आज (गुरुवार, 22 जनवरी) से कामाख्या (गुवाहाटी) और हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच अपनी व्यावसायिक सेवा शुरू करने जा रही है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) द्वारा संचालित यह ट्रेन रातों-रात सफर करने वाले यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं और कम समय में यात्रा पूरी करने का एक नया विकल्प पेश करेगी।

    रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 27576 बनकर कामाख्या-हावड़ा की यात्रा करेगी। यह ट्रेन 22 जनवरी से शुरू हो रही है। बुधवार को छोड़कर यह सप्ताह के सभी दिन चलेगी। यह कामाख्या से शाम 18:15 बजे निकलेगी और अगली सुबह 08:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन नंबर 27575 (हावड़ा-कामाख्या)की व्यावसायिक शुरुआत 23 जनवरी से होगी। गुरुवार को छोड़कर यह प्रतिदिन चलेगी। यह हावड़ा से शाम 18:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगली सुबह 08:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी। यह ट्रेन लगभग 14 घंटे में अपना सफर पूरा करेगी।

    यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इसमें AC फर्स्ट क्लास के एक, AC 2-टियर के चार कोच और AC 3-टियर के 11 कोच हैं।


    इन स्टेशनों पर स्टॉपेज

    हावड़ा और कामाख्या के बीच यह ट्रेन 13 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। उनमें बंडिल, नबद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, अलुआबारी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगाईगांव और रंगिया शामिल है।

    हावड़ा से कामख्या के बीच की यात्रा के लिए थर्ड एसी का किराया 2435 रुपये है। वहीं सेकेंड एसी के लिए 3145 और फर्स्ट एसी के लिए 3855 रुपये खर्च करने होंगे।

    वंदे भारत के इस स्लीपर वेरिएंट के आने से पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्व के बीच संपर्क काफी मजबूत होगी। पारंपरिक लंबी दूरी की ट्रेनों के मुकाबले यह ट्रेन न केवल तेज है, बल्कि इसमें सुरक्षा और आराम के अंतरराष्ट्रीय मानकों का ध्यान रखा गया है।

  • MP के उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना, बढ़ेगी ठंड, कोहरा भी बना रहेगा चुनौती

    MP के उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना, बढ़ेगी ठंड, कोहरा भी बना रहेगा चुनौती

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 23 जनवरी (शुक्रवार) को प्रदेश के उत्तरी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर प्रमुख हैं। बारिश के साथ ही इन जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और रात के समय तापमान में गिरावट भी आ सकती है।

    मौसम विभाग ने बताया कि 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाएगा। फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरे का असर बना हुआ है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा छाया रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में हल्का कोहरा देखने को मिला।

    मौसम विभाग ने पश्चिम और उत्तर भारत में सक्रिय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम बदलने की संभावना जताई है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से 24 जनवरी से मध्य प्रदेश में बादल छाने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

    तापमान का हाल (23 जनवरी 2026 तक):
    सबसे ठंडे जिले:
    मंदसौर: 5.1°C
    राजगढ़: 6.2°C
    नौगांव: 7°C
    शाजापुर: 7.1°C
    कटनी (करौंदी): 7.6°C
    दतिया: 7.9°C
    खजुराहो: 8°C
    रीवा: 8.2°C
    शिवपुरी: 9°C
    पचमढ़ी: 9.2°C

    बड़े शहर:
    ग्वालियर: 9°C
    भोपाल: 10.8°C
    इंदौर: 12.2°C
    उज्जैन: 12°C
    जबलपुर: 12.5°C

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। प्रदेश के नागरिकों को सलाह दी गई है कि ठंड और कोहरे के कारण वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गर्म कपड़े पहनें। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 26–28 जनवरी तक भी तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा। इस दौरान रात के तापमान में 2–4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि और गिरावट दोनों देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के साथ मौसम बदलते रहेंगे, और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश के बाद सर्दी बढ़ने की संभावना है।

  • बसंत पंचमी के दिन पीला क्यों पहनें: सरस्वती पूजा में रंग का महत्व और शुभ संकेत

    बसंत पंचमी के दिन पीला क्यों पहनें: सरस्वती पूजा में रंग का महत्व और शुभ संकेत

    नई दिल्ली। बसंत पंचमी का त्योहार हर साल ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होकर मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 23 जनवरी, 2026 को माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ रहा है। इस खास दिन पर लोग विधिवत पूजा अर्चना करते हैं और देवी सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनने की परंपरा क्यों है और इसका महत्व क्या है? जानिए इस पवित्र दिन के पीछे के धार्मिक और सांस्कृतिक कारण।

    बसंत पंचमी का महत्व

    बसंत पंचमी वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और इसे देवी सरस्वती की पूजा अर्चना के लिए मनाया जाता है। देवी सरस्वती ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मानी जाती हैं। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, उन्हें चार हाथों वाली देवी के रूप में दर्शाया गया है, जिनमें वेद, वीणा, सफेद कमल और माला होती है। देवी सरस्वती सृष्टि के मूल स्रोत और ब्रह्मांड की रचनात्मक शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस दिन उनके सामने पीले भोग और फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

    सरस्वती पूजा में पीले रंग का महत्व

    पीला रंग बसंत ऋतु और प्रकृति में बदलाव का प्रतीक है। यह ऊर्जा, प्रकाश और नई शुरुआत का रंग माना जाता है। इसलिए लोग इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनते हैं, पीले फूल चढ़ाते हैं और देवी को पीली साड़ी पहनाकर उनका पूजन करते हैं। पीले रंग का ज्ञान और शिक्षा से भी गहरा संबंध है, इसे गुरु बृहस्पति और अन्य ज्ञानदेवताओं के रंग के रूप में देखा जाता है। इस दिन पीला रंग पहनने से न केवल आध्यात्मिक लाभ होता है, बल्कि यह खुशी और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है।

    खुशी और आशीर्वाद का प्रतीक

    पीला रंग केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है। यह उत्साह, आनंद और आशावाद का भी प्रतीक है। सरसों के खेतों की तरह खिले फूल, हल्दी से बनी मिठाइयाँ और भक्तों द्वारा पहने जाने वाले पीले कपड़े इस दिन की रौनक बढ़ाते हैं। इस दिन पीले रंग के माध्यम से मन में सकारात्मक ऊर्जा और ज्ञान की प्राप्ति होती है।

    कैसे मनाएं बसंत पंचमी

    इस बसंत पंचमी पर अपने घर और मंदिरों को पीले फूलों से सजाएं, देवी को पीला भोग अर्पित करें और पीले रंग के कपड़े पहनें। इस अवसर पर माता सरस्वती से ज्ञान, संपन्नता और खुशहाली की प्रार्थना करें। नई किताबें पढ़ना, संगीत और कला में रुचि दिखाना भी इस दिन का महत्व बढ़ाता है। इस प्रकार, बसंत पंचमी सिर्फ पूजा का दिन नहीं, बल्कि ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है।

  • अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर अमेरिकी ग्रुप का बड़ा दावा, बोइंग-787 के बारे में किया ये खुलासा

    अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर अमेरिकी ग्रुप का बड़ा दावा, बोइंग-787 के बारे में किया ये खुलासा


    नई दिल्ली
    । पिछले साल 12 जून का दिन भारत (India) के एविएशन इतिहास (Aviation History) के सबसे काले दिनों में गिना जाता है। उस हादसे का असर पूरी दुनिया पर हुआ था। हादसे के बाद दुनियाभर से हवाई यात्रा (Air travel) की सुरक्षा पर सवाल सामने आने लगे। अब अमेरिका के एक सेफ्टी कैंपेन ग्रुप ने आरोप लगाया है कि जो एयर इंडिया का बोइंग-787 (Air India’s Boeing-787) अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ, वो अपनी पूरी सर्विस लाइफ के दौरान कई तकनीकि समस्याओं से जूझ रहा था। सेफ्टी कैंपेन ग्रुप ने बताया कि बोइंग-787 से जुड़ी कमियों को पूरी दुनिया में कम करके आंका जा रहा है।


    सर्विस के पहले ही दिन फेलियर का सामना’
    इस मामले की जानकारी रखने वाले बताते हैं कि फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने बीते 12 जनवरी को अमेरिकी सीनेट में प्रेजेंटेशन सब्मिट किया। प्रेजेंट किए गए डाक्यूमेंट्स को द्वारा चेक किए गए। सेफ्टी ग्रुप के अनुसार, उनके पास मौजूद रिकॉर्ड बताते हैं कि वीटी-एएनबी (VT-ANB) रजिस्टर्ड विमान एयर इंडिया के साथ सर्विस के पहले ही दिन फेलियर का सामना करना पड़ा था।


    FAS ने गिनाई कमियां

    फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी ने आरोप लगाया है कि ये समस्याएं इंजीनियरिंग, मैनुफैक्चरिंग, क्वालिटी और मेंटेनेंस की कमियों के कारण थीं। ग्रुप ने बताया कि इस विमान में इलेक्ट्रॉनिक और सॉफ्टवेयर फॉल्ट था। इसके साथ ही सर्किट ब्रेकर के बार-बार ट्रिप हो जाना, वायरिंग डैमेज, शॉर्ट सर्किट, बिजली की कमी और पावर सिस्टम का ज्यादा गर्म हो जाने जैसी समस्याएं भी इसमें थीं।

    एफएएस द्वारा किए गए दावों पर बोइंग की तरफ से कहा गया कि वो संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एएआईबी पर भरोसा करेंगे। इस मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही एयर इंडिया की तरफ से इस मामले पर जवाब नहीं दिया गया है।

    एएआईबी द्वारा जारी की गई शुरुआती जांच रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए फाउंडेशन ने दावा किया कि उनकी जांच से मिली जानकारी पायलट की गलती की तरफ इशारा करती है, खासकर फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर हुई गलती बताई जा रही है। इस मामले एफएएस ने 737 मैक्स क्रैश की शुरुआती जांच से की और बताया कि किस तरह से पायलटों पर दोष डालने का एक पैटर्न बन गया है।

  • Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस

    Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) की किराड़ी विधानसभा (Kirari Assembly) के शर्मा एन्क्लेव (Sharma Enclave) में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पिछले आठ महीनों से कॉलोनी की गलियों में सीवर का गंदा पानी जमा है जिससे करीब ढाई हजार लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। निवासियों का कहना है कि अन्य इलाकों का गंदा पानी (Dirty water) यहां आकर जमा हो रहा है लेकिन निकासी के लिए सीवर लाइन नहीं है। कांग्रेस ने हालात बयां करता हुए VIDEO पोस्ट करते हुए दिल्ली सरकार पर जोरदार हमला बोला है।


    10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को किराड़ी विधानसभा के शर्मा एन्क्लेव का दौरा किया। देवेंद्र यादव ने इलाके में भारी जलभराव और घरों के भीतर दूषित पानी जमा होने की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की लापरवाही के कारण यहां के 10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।


    पानी की निकासी पूरी तरह बंद

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि शर्मा एन्क्लेव के निवासियों की शिकायतें मिलने के बाद वह उनकी दयनीय स्थिति देखने आए हैं। आलम यह है कि कॉलोनी की हर गली प्रदूषित पानी से भरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि लोग ऐसी खराब परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। इस कॉलोनी में पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है।


    150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी

    देवेंद्र यादव ने यह भी दावा किया कि कॉलोनी की लगभग 150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी भरा होने से यहां की 10 हजार की आबादी प्रभावित है। कई घरों के अंदर पानी चला गया है। हालात इतने खराब हैं कि बहुत सारे लोग घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। कुछ लोग बचे हैं जो बीमारियों का सामना कर रहे हैं। यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल दखल देने की मांग की है।

    जमकर बरसे राहुल गांधी
    वहीं राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है। सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं। लालच की महामारी फैल चुकी है, जिसका सबसे डरावना चेहरा शहरी सड़न है। हर आम भारतीय की जिंदगी आज नर्क की यातना बन गई है। हमारा समाज इसलिए मर रहा है क्योंकि हमने इस सड़न को न्यू नॉर्मल मान लिया है – सुन्न, निशब्द, बेपरवाह… जवाबदेही मांगो वरना सड़न हर दरवाजे तक पहुंचेगी।

  • T20 में सिंह का धमाका: सूर्यकुमार को पीछे छोड़ा और धोनी के साथ जुड़े ‘बिग फिनिशिंग हीरो’ क्लब में

    T20 में सिंह का धमाका: सूर्यकुमार को पीछे छोड़ा और धोनी के साथ जुड़े ‘बिग फिनिशिंग हीरो’ क्लब में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा फिनिशर रिंकू सिंह ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी जबरदस्त धाक जमा दी है। बुधवार 21 जनवरी को नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में रिंकू ने आखिरी ओवर में दो छक्के जड़कर अपने खेल का जलवा दिखाया। इस प्रदर्शन के साथ ही रिंकू सिंह ने महान फिनिशर एमएस धोनी के रिकॉर्ड के बराबरी कर ली।

    रिंकू सिंह अब टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए आखिरी ओवर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि इस सूची में सबसे आगे हार्दिक पांड्या हैं।

    हार्दिक पांड्या ने 20वें ओवर में अब तक 99 गेंदों का सामना करते हुए 15 छक्के जड़े हैं, जबकि रिंकू ने मात्र 38 गेंदों में 12 छक्के जड़े। वहीं, धोनी ने 132 गेंदों में 12 छक्के लगाए थे। सूर्यकुमार यादव ने 28 गेंदों में 11 छक्के, दिनेश कार्तिक ने 49 गेंदों में 9 और विराट कोहली ने 58 गेंदों में 8 छक्के आखिरी ओवर में लगाए हैं।

    रिंकू सिंह ने पहले टी20 में सिर्फ 20 गेंदों में 4 चौके और 3 छक्कों की मदद से 44 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 220 रहा। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 238 रनों का विशाल स्कोर बनाया।

    पिछली सीरीज तक रिंकू टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अब उन्होंने अपने प्रदर्शन से टी20 विश्व कप 2026 के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में रिंकू सिंह जैसी परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने वाली खतरनाक फिनिशर दुनिया में कम ही हैं।

  • बाहुबली के इस सीन पर 5 करोड़ रुपये खर्च: राजामौली ने हर मिनट बहाया 2000 लीटर पानी

    बाहुबली के इस सीन पर 5 करोड़ रुपये खर्च: राजामौली ने हर मिनट बहाया 2000 लीटर पानी

    नई दिल्ली। एसएस राजामौली की साल 2015 में आई फिल्म ‘बाहुबली – द बिगनिंग’ एक कल्ट हिट साबित हुई थी। फिल्म की शूटिंग के दौरान कई तरह की पाबंदियां थीं, लेकिन उनके बावजूद राजामौली ने अपनी फिल्म में परफेक्शन लाने के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। फिल्म में एक सीन ऐसा था जिसे शूट करने के लिए राजामौली ने 5 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे। राजामौली चाहते तो यह सीन VFX की मदद से बड़ी आसानी से शूट किया जा सकता था, लेकिन वो ग्राउंड पर चीजें करके उसे रियल फील के साथ दिखाना चाहते थे।
    राजामौली को नहीं मिल रहा था वैसा व्यू
    एक और भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि जिस सीन के लिए राजामौली ने इतने पैसे पानी की तरह बहा दिए वो सिर्फ 8 मिनट तक स्क्रीन पर रहने वाला था। तो चलिए जानते हैं क्या था यह सीन और इसके लिए क्यों राजामौली इसे बहुत रियल रखना चाहते थे? दरअसल यह राजामौली की फिल्म का ओपनिंग सीन था जिसे वह बहुत परफेक्ट रखना चाहते थे। यह वही झरने वाला सीन था जिससे प्रभास छलांग लगाते हैं। राजामौली ने देश भर के कई झरनों पर यह सीन करने को लेकर विचार किया लेकिन उन्हें मन मुताबिक व्यू नहीं मिल पा रहा था।
    हर मिनट बहाया गया 2000 लीटर पानी
    इसके बाद राजामौली ने खुद ही एक वॉटरफॉल क्रिएट करने का फैसला कर लिया। उन्होंने रामोजी फिल्म सिटी में 25 क्रू मेंबर्स के साथ 100 फीट का एक सेट खड़ा किया। इसमें आधा से ज्यादा सेट को रियल रखा गया और बाकी को ग्रीन स्क्रीन से ढंक दिया। हर एक सेकंड इस सेट के ऊपर से 33 लीटर ऑफ पानी स्प्रे किया जा रहा था जो एक्ट करते वक्त प्रभास को असली वॉटरफॉल वाला फील देता। यानि कुल मिलाकर 2000 लीटर पानी हर मिनट इस सीन के लिए बहाया जा रहा था।

    बना दी भारत की सबसे बड़ी ग्रीन स्क्रीन
    इस पूरे सेटअप को ग्रीनस्क्रीन से कवर किया गया था जिसे उस वक्त के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा ग्रीनस्क्रीन सेट कहा जा सकता है। इतना ही नहीं, फिल्म में आप राजामौली को जो छलांग लगाते हुए देखते हैं वो असल में प्रभास ने किया था। इस तरह 8 मिनट के इस सीन को बनाने में 5 करोड़ रुपये का खर्चा हुआ था। ऐसी कई वजहें हैं जिनकी वजह से राजामौली को बॉलीवुड के उन फिल्ममेकर्स में गिना जाता है जो अपने सीन और अपनी फिल्म में परफेक्शन डालने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।