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  • जेठालाल और भिड़े पहुंचे न्यूयॉर्क, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग पर ‘तारक मेहता’ की टीम का दिखा खास अंदाज

    जेठालाल और भिड़े पहुंचे न्यूयॉर्क, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग पर ‘तारक मेहता’ की टीम का दिखा खास अंदाज


    नई दिल्ली । भारत के स्वतंत्रता दिवस का जश्न इस बार न्यूयॉर्क में भी बेहद खास अंदाज में देखने को मिला। अमेरिका की प्रतिष्ठित एम्पायर स्टेट बिल्डिंग 15 अगस्त को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन नजर आई। हरे सफेद और केसरिया रंगों से जगमगाती इस ऐतिहासिक इमारत ने न्यूयॉर्क के आसमान में भारत की संस्कृति और देशभक्ति की खास झलक पेश की। इस खास इंडिया डे सेलिब्रेशन में लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा की स्टारकास्ट और मेकर्स भी शामिल हुए।

    इस खास समारोह में शो के निर्माता असित कुमार मोदी के साथ जेठालाल का किरदार निभाने वाले दिलीप जोशी मंदार चंदवाडकर और सोनालिका जोशी नजर आए। मंदार चंदवाडकर शो में आत्माराम तुकाराम भिड़े का किरदार निभाते हैं जबकि सोनालिका जोशी माधवी भिड़े के रोल में दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। दक्षिण भारतीय सिनेमा के चर्चित अभिनेता अदिवि शेष भी इस विशेष कार्यक्रम का हिस्सा बने। समारोह के दौरान कलाकारों ने एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की खास लाइटिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया और आइकॉनिक लाइट स्विच ऑन करने के यादगार पल का हिस्सा बने।

    इस साल न्यूयॉर्क में आयोजित इंडिया डे का थीम हार्मनी इन हेरिटेज यानी विरासत में सद्भाव रखा गया था। इस थीम के जरिए भारतीय अमेरिकी समुदाय की परंपराओं संस्कृति मूल्यों और अमेरिका में उसके योगदान को सामने रखा गया। फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस के सहयोग से आयोजित इस खास कार्यक्रम में भारत की विरासत और देशभक्ति का रंग साफ दिखाई दिया। एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की रोशनी ने इस पूरे आयोजन को और भी खास बना दिया।

    लाइटिंग सेरेमनी के बाद तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम और अन्य मेहमानों ने एम्पायर स्टेट बिल्डिंग के मशहूर ऑब्जर्वेशन डेक का भी दौरा किया। कलाकारों ने यहां से न्यूयॉर्क शहर के शानदार नजारों का आनंद लिया और कई यादगार तस्वीरें खिंचवाईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम 86वीं मंजिल के ऑब्जर्वेशन डेक पर भी नजर आई।

    तारक मेहता का उल्टा चश्मा लंबे समय से भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय और लंबे समय तक चलने वाले कॉमेडी शोज में शामिल रहा है। ऐसे में शो के कलाकारों का अमेरिका में भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनना उनके प्रशंसकों के लिए भी खास पल रहा। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में कलाकारों का उत्साह साफ दिखाई दिया। खासकर दिलीप जोशी को जेठालाल के रूप में पसंद करने वाले दर्शकों के लिए न्यूयॉर्क से सामने आई ये झलक चर्चा का विषय बनी।

    इस पूरे आयोजन ने मनोरंजन और देशभक्ति को एक साथ जोड़ दिया। न्यूयॉर्क की पहचान बन चुकी एम्पायर स्टेट बिल्डिंग जब भारतीय रंगों में चमकी तो वहां मौजूद कलाकारों के साथ भारतीय समुदाय के लिए भी यह गर्व और भावनाओं से भरा पल बन गया। भारत से हजारों किलोमीटर दूर भी तिरंगे की रोशनी ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को खास बना दिया।

  • कहीं कीचड़ में बच्चों की प्रस्तुति तो कहीं भाजपा नेता की पार्टी में SI का गाना, MP में आजादी के जश्न पर उठे सवाल

    कहीं कीचड़ में बच्चों की प्रस्तुति तो कहीं भाजपा नेता की पार्टी में SI का गाना, MP में आजादी के जश्न पर उठे सवाल


    भोपाल । मध्य प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां देशभक्ति और तिरंगे के रंग में पूरा प्रदेश रंगा नजर आया वहीं अलग अलग जिलों से कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आईं जिन्होंने व्यवस्थाओं और प्रशासनिक तौर तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए। रतलाम में कलेक्टर के भाषण के दौरान स्वतंत्रता दिवस समारोह के मैदान में कुत्तों के पहुंचने का मामला चर्चा में रहा तो नर्मदापुरम में बारिश के बाद कीचड़ से भरे मैदान में स्कूली बच्चों को प्रस्तुति देनी पड़ी। मंदसौर के गरोठ में महिला सरपंच का घूंघट में तिरंगा फहराने का वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। वहीं मंदसौर में भाजपा नेता की बर्थडे पार्टी में एक सब इंस्पेक्टर के गाना गाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी मामला सुर्खियों में रहा।

    रतलाम में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उस समय अजीब स्थिति बन गई जब आयोजन स्थल पर कुत्ते खुलेआम घूमते दिखाई दिए। बताया गया कि यह घटना उस समय हुई जब कलेक्टर का भाषण चल रहा था। कुत्ते काफी देर तक मैदान में घूमते रहे और बाद में एक पुलिसकर्मी ने उन्हें बाहर निकाला। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग व्यवस्थाओं को लेकर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देते नजर आए। लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि जब पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा है तो कुत्ते भी आजादी के जश्न में शामिल होने पहुंच गए। हालांकि इस घटना ने नगर निगम और आयोजन स्थल की सुरक्षा तथा साफ सफाई व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए।

    नर्मदापुरम से आई तस्वीर भी कम चौंकाने वाली नहीं रही। बारिश के कारण स्वतंत्रता दिवस समारोह का मैदान कीचड़ से भर गया था। इसके बावजूद स्कूली बच्चों को उसी मैदान में अपनी प्रस्तुति देनी पड़ी। दूसरी ओर मैदान के एक हिस्से में गिट्टी की चूरी डालकर उसे पुलिस परेड के लिए तैयार किया गया था। इसी अंतर को लेकर लोगों ने सवाल उठाया कि जब पुलिसकर्मियों की परेड के लिए मैदान को व्यवस्थित किया जा सकता था तो बच्चों के कार्यक्रम के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। बच्चों को कीचड़ में खड़े होकर प्रस्तुति देने की स्थिति को लेकर व्यवस्थापकों पर सवाल उठे।

    मंदसौर के गरोठ क्षेत्र से सामने आया घूंघट वाला मामला भी चर्चा में रहा। मेलखेड़ा पंचायत में महिला सरपंच ने घूंघट में तिरंगा फहराया। वीडियो में उनका चेहरा पूरी तरह घूंघट से ढका दिखाई दिया। समारोह में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के साथ पंचायत के अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद थे। इस तस्वीर को लेकर महिला सशक्तिकरण और स्थानीय स्तर पर महिलाओं की वास्तविक भागीदारी को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि किसी महिला का घूंघट करना अपने आप में किसी नियम का उल्लंघन नहीं है लेकिन सार्वजनिक पद पर निर्वाचित महिला प्रतिनिधि की सार्वजनिक भूमिका और सामाजिक परंपराओं के बीच संतुलन को लेकर बहस जरूर छिड़ गई।

    मंदसौर में ही भाजपा नेता की बर्थडे पार्टी में कचनारा पुलिस चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर भीम सिंह के पहुंचने और उनके लिए गाना गाने का वीडियो चर्चा में आया। वीडियो में एसआई भाजपा नेता की बर्थडे पार्टी में गाना गाते नजर आए। गाने के बोल भी दोस्ती को लेकर थे जिसके बाद सोशल मीडिया पर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच नजदीकी को लेकर सवाल उठने लगे। मामले की जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसआई को कारण बताओ नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि केवल किसी कार्यक्रम में शामिल होने या गाना गाने से किसी राजनीतिक पक्षधरता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन पुलिसकर्मी और राजनीतिक दलों के नेताओं के सार्वजनिक मेलजोल को लेकर उठने वाले सवालों के कारण यह मामला चर्चा में जरूर आ गया।

    अंदर की बात पर भी सियासी नजर

    दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे के बाद भाजपा संगठन में समीक्षा और संभावित कार्रवाई को लेकर भी चर्चा तेज रही। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने परिणामों की समीक्षा की बात कही थी। बाद में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई और हार के कारणों की समीक्षा के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति को चुनाव से जुड़े पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई। इससे साफ है कि दतिया के नतीजे को पार्टी ने गंभीरता से लिया है।

    कुल मिलाकर स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के बीच सामने आई ये तस्वीरें मध्य प्रदेश में व्यवस्था प्रशासन राजनीति और सामाजिक परंपराओं से जुड़े अलग अलग सवालों को सामने लाती हैं। कहीं लापरवाही पर सवाल है तो कहीं समान व्यवस्था की मांग उठ रही है और कहीं सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के आचरण को लेकर बहस छिड़ी है। यही वजह है कि आजादी के जश्न के साथ इन घटनाओं ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

  • Aaj Ka Rashifal 16 August 2026: धन लाभ से करियर तक चमकेगा भाग्य, कुछ राशियों को रहना होगा सावधान

    Aaj Ka Rashifal 16 August 2026: धन लाभ से करियर तक चमकेगा भाग्य, कुछ राशियों को रहना होगा सावधान


    नई दिल्ली 16 अगस्त 2026 रविवार का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज चंद्रमा कन्या राशि में रहने से कामकाज में व्यावहारिक सोच और बारीकियों पर ध्यान देने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। वहीं अलग-अलग ग्रहों की स्थिति का असर करियर धन परिवार प्रेम और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर देखने को मिल सकता है। कुछ राशियों के लिए आज रुके हुए काम आगे बढ़ने और आर्थिक अवसर मिलने के संकेत हैं जबकि कुछ लोगों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।

    मेष राशि वालों के लिए आज मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। पुराने काम में सफलता मिल सकती है और परिवार तथा मित्रों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। हालांकि दांपत्य जीवन में छोटी बात को बड़ा बनाने से बचना बेहतर रहेगा। आर्थिक मामलों में सोच समझकर निर्णय लें और अनावश्यक खर्च से बचें।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन रचनात्मकता और पारिवारिक सामंजस्य लेकर आ सकता है। कला और रचनात्मक काम से जुड़े लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं लेकिन धन से जुड़े फैसलों में सावधानी रखना जरूरी होगा। किसी बड़े निवेश में जल्दबाजी न करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नई दिशा मिलने और किसी पुराने प्रयास का लाभ मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को संपर्कों से फायदा हो सकता है। हालांकि खर्च और निवेश के मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। संवाद करते समय शब्दों का चयन सोच समझकर करें।

    कर्क राशि के लिए आज धन कमाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा। कामकाज में मेहनत का लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    सिंह राशि वालों के लिए आज आत्ममंथन का दिन हो सकता है। पुरानी बातों को पीछे छोड़कर भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा। नौकरी और कारोबार में काम को व्यवस्थित तरीके से पूरा करें। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

    कन्या राशि वालों के लिए चंद्रमा की स्थिति कौशल और दक्षता को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। हाथ के हुनर और रचनात्मक काम से तुरंत लाभ मिल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि काम के दबाव के बीच आराम और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से दिन अच्छा रह सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। रुके हुए काम को गति मिलने के संकेत हैं। कारोबारियों को भी नए संपर्कों से लाभ हो सकता है लेकिन लापरवाही से बचना होगा।

    वृश्चिक राशि वालों की नेतृत्व क्षमता आज मजबूत हो सकती है। सामाजिक स्तर पर मान सम्मान मिलने के संकेत हैं और किसी महत्वपूर्ण काम के पूरा होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। व्यापार में लाभ मिल सकता है लेकिन निवेश के मामलों में सावधानी रखना जरूरी है।

    धनु राशि के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। करियर में प्रभावशाली प्रदर्शन का अवसर मिलेगा और परिवार में सहयोग बना रहेगा। कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    मकर राशि वालों के लिए आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में सकारात्मक संकेत हैं। मेहनत का परिणाम मिल सकता है और अपेक्षा से बेहतर आर्थिक लाभ की संभावना बन सकती है। फिर भी किसी भी निर्णय से पहले दूसरे पक्ष की सलाह पर विचार करना उपयोगी रहेगा।

    कुंभ राशि के जातकों को आज नए अवसर मिल सकते हैं। कामकाज में तरक्की और आर्थिक लाभ के संकेत हैं। पुराने संपर्कों से फायदा हो सकता है। परिवार के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा और किसी विवाद को बढ़ाने से बचें।

    मीन राशि वालों के लिए साझेदारी और सहयोग का दिन है। जीवनसाथी या किसी करीबी व्यक्ति का पूरा साथ मिल सकता है। करियर में नए अवसर सामने आ सकते हैं और पढ़ाई तथा रचनात्मक काम में भी अच्छी ऊर्जा बनी रहेगी। हालांकि पैसों के मामले में सावधानी बरतना बेहतर होगा।

    ज्योतिषीय राशिफल आस्था और पारंपरिक ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होता है। इसे निश्चित भविष्यवाणी के बजाय सामान्य मार्गदर्शन के रूप में लेना बेहतर है।

  • एमपी में दिव्यांग कार्ड के लिए 253 दिन का इंतजार! 12,213 UDID आवेदन 6 महीने से ज्यादा समय से अटके

    एमपी में दिव्यांग कार्ड के लिए 253 दिन का इंतजार! 12,213 UDID आवेदन 6 महीने से ज्यादा समय से अटके


    भोपाल । मध्य प्रदेश में दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए बनाए जाने वाले UDID यानी विशिष्ट दिव्यांगता पहचान कार्ड की प्रक्रिया की धीमी रफ्तार चिंता का कारण बन गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में दिव्यांग व्यक्ति को UDID कार्ड या दिव्यांगता प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए औसतन 253 दिन यानी करीब साढ़े आठ महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति उन लोगों के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर रही है जिन्हें पेंशन शिक्षा रोजगार या दूसरी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांगता से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत होती है। केंद्र सरकार के आधिकारिक आंकड़े भी बताते हैं कि UDID कार्ड के प्रसंस्करण का समय राज्यों में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध मानव संसाधन और दिव्यांग आबादी के आधार पर अलग-अलग रहता है।

    रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 12 हजार 213 आवेदन ऐसे हैं जो छह महीने से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। वहीं तीन महीने से अधिक समय से लंबित आवेदनों की संख्या 14 हजार 288 बताई गई है। कुल मिलाकर पोर्टल पर 18 हजार 510 आवेदन अलग-अलग चरणों में लंबित बताए गए हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि दिव्यांग हितों से जुड़ी इतनी महत्वपूर्ण पहचान व्यवस्था में आवेदन निपटाने की प्रक्रिया इतनी धीमी क्यों है।

    वर्ष 2021 से 5 अगस्त 2026 तक मध्य प्रदेश से कुल 4 लाख 58 हजार 156 UDID कार्ड के आवेदन प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। इनमें से 4 लाख 2 हजार 819 कार्ड बनाए जा चुके हैं जबकि 16 हजार 396 आवेदनों को खारिज किया गया। इसके बावजूद हजारों आवेदन लंबे समय से प्रक्रिया में अटके हुए हैं। UDID कार्ड का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को एक ऐसी डिजिटल पहचान उपलब्ध कराना है जिसका इस्तेमाल विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किया जा सके।

    इस पूरी प्रक्रिया में जिला मेडिकल बोर्ड की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। दिव्यांगता का आकलन और प्रमाणन मेडिकल जांच के बाद किया जाता है। ऐसे में डॉक्टरों की उपलब्धता और मेडिकल बोर्ड की बैठकें सीधे तौर पर आवेदन के निपटारे की गति को प्रभावित कर सकती हैं। केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि जिला चिकित्सा बोर्ड की बैठकों का समय और उनकी आवृत्ति राज्यों तथा संबंधित अस्पतालों की स्थानीय जरूरतों और डॉक्टरों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। पूरे देश के लिए बोर्ड बैठकों की कोई एक समान अनिवार्य आवृत्ति तय नहीं की गई है।

    मध्य प्रदेश में यह समस्या इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि राज्य सरकार के अपने रिकॉर्ड में भी UDID व्यवस्था को लेकर बड़ी संख्या में आवेदन और मैपिंग से जुड़ा काम सामने आया है। अगस्त 2025 के राज्य स्तरीय रिकॉर्ड में 9 लाख 56 हजार से अधिक दिव्यांगों की पहचान और 9 लाख 61 हजार से ज्यादा UDID जनरेशन दर्ज था जबकि UDID मैपिंग का आंकड़ा करीब 5 लाख 71 हजार था। इससे पता चलता है कि कार्ड बनने के बाद भी डिजिटल रिकॉर्ड को पूरी तरह अपडेट और मैप करने की चुनौती बनी हुई है।

    केंद्र सरकार की ओर से UDID पोर्टल को अपग्रेड करने डेटाबेस को आधार से जोड़ने और मेडिकल बोर्ड में काम करने वाले डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण देने जैसे कदमों की जानकारी दी गई है। राष्ट्रीय स्तर पर भी लंबित आवेदनों की संख्या बड़ी है। आधिकारिक दस्तावेज में मार्च 2026 तक देश का औसत UDID प्रसंस्करण समय 214 दिन बताया गया था।

    दिव्यांगों के लिए UDID कार्ड सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं बल्कि कई सरकारी सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में मध्य प्रदेश में आवेदन निपटाने की गति बढ़ाना जरूरी है ताकि पात्र लोगों को महीनों तक अपनी पहचान और अधिकारों से जुड़े दस्तावेज के लिए इंतजार न करना पड़े। अब जरूरत इस बात की है कि लंबित आवेदनों की जिला स्तर पर समीक्षा हो और मेडिकल बोर्ड तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।

  • भोपाल में TB मरीजों की सेवा करने वाले DOTS प्रोवाइडर्स खुद बेहाल, डेढ़ साल से मानदेय का इंतजार

    भोपाल में TB मरीजों की सेवा करने वाले DOTS प्रोवाइडर्स खुद बेहाल, डेढ़ साल से मानदेय का इंतजार


    भोपाल । भोपाल में टीबी मरीजों के इलाज और फॉलोअप की जिम्मेदारी निभाने वाले DOTS प्रोवाइडर्स इन दिनों खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने से लेकर उनके घर जाकर फॉलोअप करने और परिवार के सदस्यों की जांच कराने तक की जिम्मेदारी संभालने वाले इन प्रोवाइडर्स का लंबे समय से मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित बताया जा रहा है। कुछ प्रोवाइडर्स का कहना है कि उन्हें करीब 10 महीने से भुगतान नहीं मिला है जबकि कुछ मार्च 2025 से अपनी राशि का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार बार अधिकारियों से संपर्क करने पर बजट उपलब्ध नहीं होने का हवाला दिया जाता है और जल्द भुगतान का भरोसा दिया जाता है।

    DOTS प्रोवाइडर्स टीबी नियंत्रण व्यवस्था में जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे मरीजों के घर पहुंचकर उन्हें निर्धारित समय पर दवा लेने में मदद करते हैं और इलाज के दौरान फॉलोअप बनाए रखते हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों की जांच से जुड़े नमूने भी अस्पताल या जांच केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करते हैं। इसके अलावा मरीज के परिवार के सदस्यों की जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी जरूरी जानकारी अपडेट करने जैसे काम भी उनकी जिम्मेदारी में शामिल हैं। केंद्र सरकार के टीबी कार्यक्रम में भी DOTS प्रोवाइडर्स को उपचार के दौरान मरीजों को सहयोग देने के लिए प्रोत्साहन राशि का प्रावधान रहा है।

    कोलार सीएससी से जुड़ी पुष्पा सिंह बघेल के अनुसार वह वर्ष 2023 से DOTS प्रोवाइडर के तौर पर काम कर रही हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने यह काम शुरू किया था लेकिन मार्च 2025 से उन्हें भुगतान नहीं मिला है। पुष्पा का कहना है कि जब भी लंबित भुगतान को लेकर जानकारी ली जाती है तो बजट की कमी बताकर जल्द राशि जारी होने की बात कही जाती है। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण अब घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो गया है।

    एक अन्य महिला DOTS प्रोवाइडर ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि बच्चों की फीस भरने में भी परेशानी हो रही है। घर का खर्च चलाने के लिए उधार लेना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मरीजों की सेवा में किसी तरह की कमी नहीं की गई है लेकिन भुगतान नहीं मिलने से परिवार पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

    अशोका गार्डन क्षेत्र की पंजाबी बाग डिस्पेंसरी से जुड़ी दिव्या भी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं। वह पढ़ाई के साथ DOTS प्रोवाइडर के तौर पर काम कर रही हैं। उनके मुताबिक करीब एक साल से भुगतान नहीं मिला है। भोपाल जैसे शहर में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई करना और रोजमर्रा के खर्च संभालना पहले ही चुनौतीपूर्ण है। इसके साथ मरीजों के घर जाकर लगातार सेवा देने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से स्थिति और कठिन हो गई है।

    DOTS प्रोवाइडर्स का कहना है कि गर्मी हो या बारिश उन्होंने मरीजों की सेवा बंद नहीं की। वे घर घर जाकर दवाएं पहुंचाते रहे और मरीजों के इलाज का फॉलोअप करते रहे। उनका कहना है कि यदि कोई मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच पाता है तो उसके घर से जरूरी नमूना लेकर जांच के लिए जमा कराने जैसे काम भी किए जाते हैं।

    लंबित भुगतान को लेकर DOTS प्रोवाइडर्स ने 3 अगस्त 2026 को राज्य क्षय अधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मध्यप्रदेश को पत्र देकर प्रोत्साहन राशि जारी करने की मांग की है। पत्र में करीब 10 से 11 महीने की राशि लंबित होने का उल्लेख किया गया है। प्रोवाइडर्स का कहना है कि वे मुख्यमंत्री कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी अपनी समस्या पहुंचा चुके हैं।

    मध्यप्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और केंद्रीय टीबी डिवीजन के माध्यम से कार्यक्रम संचालित है। केंद्रीय टीबी डिवीजन की मध्यप्रदेश संबंधी आधिकारिक वेबसाइट पर भी राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े दिशा निर्देश और संसाधन उपलब्ध हैं। अब DOTS प्रोवाइडर्स को उम्मीद है कि सरकार उनकी लंबित राशि का जल्द भुगतान करेगी ताकि मरीजों की सेवा करने वाले इन जमीनी कार्यकर्ताओं को भी आर्थिक राहत मिल सके।

  • ईरान-ओमान के बीच होर्मुज को लेकर हुई डील….अब अमेरिका पर सबकी नजर!

    ईरान-ओमान के बीच होर्मुज को लेकर हुई डील….अब अमेरिका पर सबकी नजर!


    तेजरान।
    अमेरिका (America) और इजरायल (Israel) द्वारा मिलकर ईरान (Iran) पर हमला किए जाने के बाद पश्चिम एशिया (West Asia) की राजनीति तेजी के साथ बदली है। कभी सभी के लिए खुला रहने वाला होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) आज केवल कुछ ही देशों के लिए चालू है। अब इस मामले पर एक अहम परिवर्तन हुआ है। होर्मुज के दोनों किनारों पर स्थित ईरान और ओमान ने इस समुद्री रास्ते को लेकर एक नया समझौता किया है। हालांकि, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन ईरानी मीडिया के मुताबिक इस समझौते के तहत कुछ हद तक जानकारियां सामने आई हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों खाड़ी देशों के बीच हुए इस समझौते होर्मुज से निकलने वाले जहाजों की स्थिति के बारे में तय किया गया है। इसमें होर्मुज में बाहर से आने वाले कमर्शियल जहाजों को ईरान संभालेगा। वही, इनको नियंत्रित करेगा। दूसरी तरफ, ओमान होर्मुज से बाहर की तरफ जाने वाले जहाजों की देख रेख करेगा और उनकी नेविगेशन को संभालेगा।


    होर्मुज पर फीस लेंगे ओमान और ईरान?

    क्या अब यहां पर यह दोनों देश किसी तरह की फीस भी लेंगे? इसको लेकर खुले तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि, ईरान, अमेरिका के साथ जारी युद्ध के बाद लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि वह होर्मुज पर फीस लगाने वाला है। वह इसे फीस नहीं बल्कि सुरक्षा के लिए दिया जाने वाला ‘सर्विस टैक्स’ करार देता है।


    शिपिंग लाइन बनाएंगे ओमान और ईरान

    आने-जाने वाले जहाजों को और अधिक सुविधा देने और टक्कर से बचाने के लिए ईरान और ओमान इस रास्ते पर शिपिंग लाइन का निर्माण करेंगे। इसका उद्देश्य जहाजों के बीच की टक्कर को रोकना होगा। दोनों देशों की तरफ से बताया गया कि इस समझौते का मुख्य लक्ष्य महीनों से उलझे होर्मुज स्ट्रेट के विवाद को शांत करना और ग्लोबल ऊर्जा सप्लाई चैन को दोबारा से शुरू करना है। इस मामले पर अभी दोनों देश काम कर रहे हैं। तकनीकी चीजें साफ होने के बाद इस पर एक आधिकारिक दस्तावेज जारी किया जाएगा।


    अमेरिका पर निगाहें

    ओमान और ईरान किसी भी समझौते पर पहुंच जाएं। लेकिन फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट काम करेगा या नहीं यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका क्या ऐक्शन लेता है। वर्तमान में अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के बाहर नाकेबंदी करके बैठा हुआ है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति का एक बयान सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि वह जल्दी ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी संपत्ति घोषित करने वाले हैं। इससे क्षेत्र में और भी ज्यादा तनाव बढ़ गया है।

    दरअसल, अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट पर युद्ध पूर्व की स्थिति बरकरार रहे और किसी भी देश के ऊपर कोई टैक्स न लगाया जाए। लेकिन अपने दशकों पुराने अमेरिकी हमले के डर का सामना कर चुका ईरान अब पीछे हटने को तैयार नहीं है। क्योंकि तेहरान को इस समय लग रहा है कि वह जो भी शर्तें मनवाना चाहें, मनवा सकता है। दोनों तरफ से युद्ध में जीत के दावे की वजह से होर्मुज की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है।


    दुनिया के लिए क्यों जरूरी है होर्मुज स्ट्रेट

    पश्चिम एशिया संकट के बीच होर्मुज स्ट्रेट शुरुआत से ही चर्चा का विषय रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि यह समुद्री रास्ता वैश्विक अनवीकरणीय ऊर्जा का करीब 20 फीसदी हिस्से की सप्लाई के लिए जिम्मेदार माना जाता है। खाड़ी देश इसी रास्ते से दुनिया भर को तेल और गैस की सप्लाई करते हैं। अब चूंकि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर हमला हो रहा है। ऐसी स्थिति में मामला बिगड़ गया है।

    जहाजों का बीमा महंगा हो गया है और अब कंपनियां हमलों के डर से इस रास्ते पर जाने से भी कतरा रही हैं। ऐसे में वैश्विक ऊर्जा के दाम बढ़ रहे हैं।

  • सरसों तेल की कीमत में भारी उछाल…. 220 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचे दाम

    सरसों तेल की कीमत में भारी उछाल…. 220 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचे दाम


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सुल्तानपुर, जौनपुर सहित अन्य आस-पास के जिलों में सरसों का दाम (Mustard price) प्रति क्विंटल 7000 रुपये से 7500 रुपये तक बिक रहा है। किसानों का उम्मीद है कि दाम 8000 रुपये तक भी जाएगा। वहीं, सरसों के तेल (Mustard oil) के फुटकर विक्रेता इस समय 220 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहे हैं। महज एक महीने के अंदर ही कीमतों में यह तेजी देखने को मिली है।

    केंद्र सरकार (Central Government) के कंज्यूमर डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किए गए रेट के अनुसार देशभर में औसतन आज सरसों का तेल 197.25 रुपये में बिक रहा है। एक महीना पहले यह 194.15 रुपये में बिक रहा था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल यानी 15 अगस्त 2025 को सरसों के तेल का दाम 188.20 रुपये था। यानी कीमतों में उछाल साफ देखने को मिल रही है।


    देश के प्रमुख शहरों में क्या है सरसों का रेट

    – दिल्ली में 209 रुपये प्रति किलोग्राम
    – मुंबई में 231 रुपये प्रति किलोग्राम
    – चेन्नई में 247 रुपये प्रति किलोग्राम


    मूंगफली, पाम ऑयल की कीमतों में भी लगी आग

    सिर्फ सरसों ही नहीं, पाम ऑयल के दाम भी पिछले साल की तुलना में इस बार काफी बढ़ गया है। 15 अगस्त को पाम ऑयल का रेट 149.57 रुपये है। एक साल पहले दाम 130.24 रुपये था। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार कीमतों में 20 रुपये का इजाफा हुआ है। करीब 14% दाम बढ़ा है।

    सूरजमुखी के तेल का दाम पिछले साल की तुलना में इस बार 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बीते साल 15 अगस्त को दाम 159 रुपये था। आज यह 191.16 रुपये के स्तर पर है। मूंगफली की बात करें तो यहां भी कीमतों में तेज इजाफा देखने को मिल रहा है। इसका लेटेस्ट रेट 205.39 रुपये है। पिछले साल आज के दिन ही 185.62 रुपये दाम था। कीमतों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।


    दिल्ली में सब्जियों का क्या है रेट

    – आलू का दाम – 23 रुपये प्रति किलोग्राम
    – प्याज का दाम – 45 रुपये प्रति किलोग्राम
    – टमाटर का रेट – 45 रुपये प्रति किलोग्राम

  • भोपाल की झील में देशभर के सेलिंग सितारों का दमखम, NSS भोपाल विजेता और NYSC गोवा उपविजेता

    भोपाल की झील में देशभर के सेलिंग सितारों का दमखम, NSS भोपाल विजेता और NYSC गोवा उपविजेता


    भोपाल  भोपाल की पहचान बड़े तालाब और उसकी खूबसूरत लहरों से भी जुड़ी है और अब यही झील देश के उभरते हुए सेलिंग खिलाड़ियों के लिए बड़े मंच के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रही है। राजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप के तीसरे संस्करण का समापन रविवार को भोपाल के बोट क्लब में होगा। सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सहकारिता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग शामिल होंगे। प्रतियोगिता में अलग-अलग वर्गों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।

    11 से 16 अगस्त तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों से 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेलिंग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की रेस के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी राष्ट्रीय रैंकिंग तय की जाएगी। यह रैंकिंग खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि बेहतर रैंकिंग के आधार पर उन्हें आगे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के अवसर मिल सकते हैं।

    चैंपियनशिप में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल यानी NSS ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। NSS भोपाल की विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी माही वर्मा तुलसी पटले एकलव्य वायम वंशिका शिकारवार आर्यन पाटीदार प्रार्थना मोई अंकित सिसोदिया समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल रहे। वहीं NYSC गोवा की टीम उपविजेता रही। गोवा की टीम में शशांक जाधव हृदय जोशी मोह रिजवान शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला ने हिस्सा लिया। NSS भोपाल के खिलाड़ियों को मुख्य प्रशिक्षक जीएल यादव के साथ राम मिलन नरेंद्र एस राजपूत और अनिल शर्मा का मार्गदर्शन मिला।

    प्रतियोगिता के दौरान अपर लेक की लहरों पर खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। अलग-अलग वर्गों में नाविकों ने हवा की दिशा और गति के साथ तालमेल बैठाते हुए अपनी तकनीक और संतुलन का प्रदर्शन किया। सेलिंग में केवल गति ही निर्णायक नहीं होती बल्कि हवा को समझना नाव को सही दिशा में मोड़ना और बदलती परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखना भी खिलाड़ी की सफलता में अहम भूमिका निभाता है। यही वजह रही कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। भोपाल में राष्ट्रीय स्तर की सेलिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन पहले भी होता रहा है और बड़े तालाब को इस खेल के लिए अनुकूल माना जाता है।

    भोपाल धीरे-धीरे वाटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। शहर की प्राकृतिक झीलें सेलिंग के साथ रोइंग कयाकिंग और केनोइंग जैसे खेलों के लिए भी अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना 2007 में की गई थी। यहां सेलिंग रोइंग कयाकिंग केनोइंग और स्लालम जैसी विधाओं के लिए प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    अकादमी से प्रशिक्षण लेकर कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। अब तक अकादमी के खिलाड़ियों द्वारा 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक जीतने का दावा किया गया है। खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। ऐसे में राजा भोज सेलिंग चैंपियनशिप सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन बनकर सामने आई है।

    समापन समारोह में विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों के सम्मान के साथ प्रतियोगिता की उपलब्धियों को रेखांकित किया जाएगा। इसके साथ ही भोपाल की झीलों को वाटर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को भी नई मजबूती मिल सकती है। देशभर से आए खिलाड़ियों की भागीदारी ने एक बार फिर यह दिखाया है कि भोपाल की झीलें सिर्फ शहर की खूबसूरती नहीं बल्कि खेल प्रतिभाओं को उड़ान देने वाला मजबूत मैदान भी बन सकती हैं।

  • PM मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान पर सियासी घमासान… विपक्षी दलों ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

    PM मोदी के दिमागी नक्सल वाले बयान पर सियासी घमासान… विपक्षी दलों ने दी कड़ी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली।
    80वें स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) (15 अगस्त 2026) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के लाल किले से दिए गए भाषण में “दिमागी नक्सल” (“Intellectual Naxal”) शब्द के इस्तेमाल ने देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

    प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश में जहां एक तरफ हथियारबंद नक्सलवाद खात्मे की कगार पर है, वहीं दूसरी तरफ ‘दिमागी नक्सल’ समाज में अराजकता फैलाने और युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। इस बयान पर कांग्रेस, सीपीआई, तृणमूल कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत तमाम विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

    लाल किले से PM मोदी का क्या था बयान?
    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैचारिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा, “सुरक्षा बलों ने जंगलों में जारी बंदूकधारी माओवादी उग्रवाद को लगभग ध्वस्त कर दिया है।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन नक्सली विचारधारा वाले लोग अब ‘दिमागी नक्सल’ के रूप में देश को गलत रास्ते पर ले जाने और युवाओं को गुमराह करने के मौकों की तलाश में हैं।”

    पीएम ने कहा कि माओवादी विचारधारा ने दशकों तक सत्ता के गलियारों और सलाहकार समितियों में पैठ बनाकर सरकारी नीतियों को प्रभावित किया था। हमें इन ‘दिमागी नक्सलियों’ को अलग-थलग करना होगा।

    विपक्षी नेताओं का तीखा पलटवार
    प्रधानमंत्री के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों ने उन पर स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए करने का आरोप लगाया।

    कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “पहले उन्होंने अपने विरोधियों को ‘अर्बन नक्सल’ कहा, अब वे उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ कह रहे हैं। यह उनकी हताशा का स्पष्ट संकेत है। पीएम अक्सर उन्हीं नीतियों को अपनाते हैं जिनकी सलाह उनकी तरफ से निशाना बनाए गए लोग देते हैं।”

    वहीं CJP के मुख्य प्रवक्ता और स्वतंत्र पत्रकार सौरभ दास ने पीएम की शब्दावली पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, “दिमागी नक्सल या ऐसा कोई भी ठप्पा काम नहीं आने वाला, प्रधानमंत्री जी! आप देश के शिक्षित युवाओं को सिर्फ इसलिए ‘नक्सली’ कैसे कह सकते हैं क्योंकि वे आपकी सरकार से सवाल पूछते हैं? यह सरासर अहंकार और युवाओं की समस्याओं को हल करने में नाकामी है।”

    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने कहा कि राइट-विंग ट्रॉप्स में ‘एंटी-नेशनल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के बाद अब पीएम ने ‘दिमागी नक्सल’ का एक नया निरर्थक लेबल जोड़ दिया है। यह असहमति की आवाजों को दबाने और रोजगार-शिक्षा मांगने वाले युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।

    टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पीएम के बयान पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “हां, मैं एक दिमागी नक्सल हूं। परिभाषा के मुताबिक सभी कॉकरोच होते हैं।” 2027 और 2028 के आगामी राज्य विधानसभा चुनावों से पहले लाल किले से आया यह बयान आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा बहस का एक मुख्य केंद्र बनने वाला है।

  • गांधी नहीं, भगत सिंह के रास्ते पर आंदोलन… आज हेमंत सोरेन-राहुल गांधी के पुतले जलाएंगे छात्र

    गांधी नहीं, भगत सिंह के रास्ते पर आंदोलन… आज हेमंत सोरेन-राहुल गांधी के पुतले जलाएंगे छात्र


    रांची।
    झारखंड (Jharkhand) में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं (JPSC and JSSC examinations) में कथित अनियमितता के खिलाफ पिछले 21 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन को अब और तेज करने की तैयारी है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने आज सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Chief Minister Hemant Soren) के इस्तीफे की मांग की है। मंच ने आंदोलन के अगले चरण के कार्यक्रमों का भी ऐलान किया है। आज छात्रों ने एक बड़ा ऐलान किया है। आइए जानते हैं छात्रों ने क्या-क्या कहा है।


    ‘गांधी नहीं, भगत सिंह के रास्ते पर’

    सरकार की बेरुखी को देखते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्र रवींद्र पासवान ने कहा कि अब आंदोलन गांधी के रास्ते पर नहीं, बल्कि भगत सिंह के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। वहीं, मंच के पीयूष कुमार ने सरकार पर छात्रों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उन्हें ‘कीड़ा-मकोड़ा’ समझ रही है। उन्होंने कहा कि अब छात्र ‘दिशोम गुरु’ के रास्ते पर चलकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।


    आज राहुल गांधी और हेमंत सोरेन का पुतला दहन का प्लान

    मंच के अनुसार, 16 अगस्त को पूरे झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया जाएगा जबकि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति भी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सरकार में उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, तो उन्हें राज्य सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ खड़े रहने की बात कहकर उन्हें भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।


    10 अगस्त को छात्रों पर पुलिस ने बरसाई थीं लाठियां

    बता दें कि जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ छात्रों का आंदोलन पिछले 21 दिनों से जारी है। 10 अगस्त को राज्य भर से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे थे और विधानसभा घेराव का प्रयास किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। कार्रवाई में कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई थी। इसके बाद से छात्रों में सरकार के प्रति नाराजगी और बढ़ गई है।

    सदर अस्पताल में 5 दिनों से भर्ती देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल 14वें दिन भी जारी रही. उन्होंने अस्पताल के अपने बेड को छोड़कर कॉरिडोर की जमीन पर लेटकर धरना जारी रखा। देवेंद्र नाथ महतो ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में तिरंगा फहराने और इसके बाद प्रस्तावित तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए सदर अस्पताल से बाहर निकलने का प्रयास किया था।


    धक्का- मुक्की हुई

    इस संबंध में देवेंद्र नाथ महतो ने पहले ही जिला प्रशासन को पत्र देकर अपनी इच्छा से अवगत कराया था.इसके साथ ही, पुलिसकर्मियों की ओर से उनके साथ जाकर वापस अस्पताल लाने की बात भी कही गई थी. सुबह करीब 8 बजे देवेंद्र नाथ महतो सदर अस्पताल से निकलने लगे. लेकिन उन्हें बार-बार लगभग 10-10 मिनट के अंतराल में रोक दिया गया और काफी देर तक बाहर जाने नहीं दिया गया. इस दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की भी हुई।

    करीब 9 से 10 बजे के बीच मौके पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति और गंभीर हो गई. देवेंद्र नाथ महतो के अनुसार, उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे उन्हें चोट भी आई. उनके साथ मौजूद साथियों के साथ भी कथित रूप से बल प्रयोग किया गया और कुछ साथियों को उठाकर पटके जाने की बात कही गई. घटना के बाद देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल के अपने कमरे के गेट के बाहर बैठ गए और अपना अनशन जारी रखा।


    विधानसभा से जवाब मांगा जाएगा- जयराम महतो

    इसके बाद देवेंद्र नाथ महतो की बातचीत विधायक टाइगर जयराम महतो से हुई. बातचीत के दौरान जयराम महतो ने स्वतंत्रता दिवस के दिन हुई इस घटना को गंभीर और निंदनीय बताया. विधायक टाइगर जयराम महतो ने कहा कि इस पूरे मामले को विधानसभा के माध्यम से उठाया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा. इसके बाद करीब 2 से 4 बजे के बीच पुलिसकर्मी अस्पताल परिसर से हट गए, जिसके बाद मीडिया प्रतिनिधियों को अस्पताल के अंदर आने का अवसर मिला और उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।