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  • मरीज बनकर आता और स्कूटी लेकर फरार शहडोल में एंबुलेंस प्रेमी चोर का खुलासा

    मरीज बनकर आता और स्कूटी लेकर फरार शहडोल में एंबुलेंस प्रेमी चोर का खुलासा


    शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यहां एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया गया है जो न सिर्फ गाड़ियां चोरी करता था बल्कि एंबुलेंस को भी फ्री टैक्सी की तरह इस्तेमाल करता था। आरोपी की करतूतें किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगतीं लेकिन यह हकीकत है।

    मामला धनपुरी क्षेत्र का है जहां 22 अप्रैल को आरोपी रामानंद तिवारी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत खुद को घायल बताकर 108 एंबुलेंस को कॉल किया। उसने दावा किया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत है। खास बात यह रही कि उसने एंबुलेंस कर्मियों से जिद कर उसे धनपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही पहुंचाने को कहा।

    अस्पताल पहुंचते ही आरोपी ने अपनी एक्टिंग शुरू कर दी। वह लंगड़ाते हुए अंदर गया ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन उसका असली मकसद इलाज नहीं बल्कि चोरी करना था। अस्पताल में मौजूद अफरा तफरी का फायदा उठाकर उसने वहां तैनात एएनएम संगीता सिंह की स्कूटी की चाबी पार कर दी और कुछ ही पलों में वाहन लेकर फरार हो गया।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में आरोपी की पूरी हरकत कैद हो गई थी जिससे पुलिस को उसके हुलिए का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और जाल बिछाकर आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वह चोरी की स्कूटी बेचने की कोशिश कर रहा था।

    पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए वे और भी चौंकाने वाले थे। पुलिस के अनुसार वह अक्सर चोरी के मोबाइल फोन से 108 एंबुलेंस को कॉल करता था और खुद को बीमार या घायल बताकर मुफ्त में एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करता था। उसने बताया कि वह डायल 112 से इसलिए बचता था क्योंकि उसमें पुलिस की मौजूदगी होती है।

    आरोपी का मकसद सिर्फ घूमना फिरना था। वह गाड़ियां चोरी करता और जब तक पेट्रोल रहता तब तक उनका इस्तेमाल करता फिर जहां पेट्रोल खत्म होता वहीं गाड़ी छोड़ देता। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है और उस पर धोखाधड़ी और वाहन चोरी के कई केस दर्ज हैं।

    थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है। साथ ही जिले के अन्य थानों को भी उसकी गतिविधियों की जानकारी दे दी गई है।

    यह मामला न केवल पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहा बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह कुछ लोग सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर अपराध को अंजाम देते हैं। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

  • टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित, सभी यात्री सुरक्षित

    टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित, सभी यात्री सुरक्षित

    नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को एक गंभीर विमान हादसा टल गया, जब एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान टेकऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। उड़ान भरने की तैयारी कर रहे विमान में अचानक गड़बड़ी के संकेत मिले, जिसके बाद चालक दल ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए बड़ा निर्णय लिया और उड़ान को रोक दिया। इस दौरान विमान के एक हिस्से से धुआं उठता देखा गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई।

    जानकारी के मुताबिक, विमान रनवे पर था और टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, तभी इंजन में समस्या सामने आई। इसी बीच विमान के बाएं हिस्से से धुआं निकलने लगा, जबकि दूसरे हिस्से में भी असामान्य स्थिति महसूस की गई। हालात को गंभीर देखते हुए तुरंत आपातकाल घोषित किया गया और विमान को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    विमान में सवार सभी 232 यात्रियों और 13 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। एयरपोर्ट स्टाफ और आपातकालीन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए सभी को बाहर निकाला। इस दौरान कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

    घटना के चलते संबंधित रनवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रबंधन की सतर्कता के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया और अन्य व्यवस्थाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं।

    प्रारंभिक तौर पर इस घटना के पीछे तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसमें विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि इंजन में समस्या कैसे उत्पन्न हुई। इसके साथ ही विमान की पूरी तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    इस घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों और त्वरित कार्रवाई की अहमियत को उजागर किया है। समय पर लिए गए फैसलों और बेहतर समन्वय की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।

  • ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे

    ग्वालियर में बागेश्वर धाम जा रही बस में भीषण आग टायर फटते ही मची अफरा तफरी 15 यात्री बाल बाल बचे


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब बागेश्वर धाम जा रही एक सवारी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के सामने हुई जहां कुछ ही पलों में बस धू धू कर जलने लगी लेकिन राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    जानकारी के मुताबिक जयपुर से चलकर ग्वालियर पहुंची मां लक्ष्मी ट्रेवल्स की यह बस बागेश्वर धाम के लिए रवाना हुई थी। बस में कुल 15 यात्री सवार थे। जैसे ही बस झांसी रोड थाना क्षेत्र से गुजर रही थी तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते धुआं आग की लपटों में बदल गया और बस तेजी से आग की चपेट में आ गई।

    स्थिति को भांपते हुए ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोक दिया। बस रुकते ही सभी यात्रियों ने तेजी से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को घेर लिया और देखते ही देखते वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। इस दौरान सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ जिसे बाद में पुलिस ने डायवर्ट कर नियंत्रित किया।

    प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह टायर फटना और उसके बाद हुए शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि टायर ब्लास्ट के बाद निकली चिंगारी ने बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित किया जिससे आग भड़क उठी। हालांकि पुलिस और दमकल विभाग इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रहे हैं ताकि सटीक कारण सामने आ सके।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सड़क पर चलते वाहनों में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हालांकि इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की तेजी से प्रतिक्रिया ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। कुल मिलाकर ग्वालियर की यह घटना एक चेतावनी है कि वाहन सुरक्षा और नियमित जांच कितनी जरूरी है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

  • सालों बाद सामने आया सच, ‘7 खून माफ’ के किस सीन विवाद पर अन्नू कपूर की सफाई..

    सालों बाद सामने आया सच, ‘7 खून माफ’ के किस सीन विवाद पर अन्नू कपूर की सफाई..


    नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री में कई बार ऐसे किस्से सामने आते हैं जो समय बीतने के बाद भी चर्चा में बने रहते हैं। ऐसा ही एक मामला फिल्म ‘7 खून माफ’ से जुड़ा है, जो एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस फिल्म में साथ काम कर चुके अभिनेता अन्नू कपूर ने हाल ही में उस पुराने विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उनके और प्रियंका चोपड़ा के बीच एक किस सीन को लेकर चर्चा हुई थी।

    अन्नू कपूर ने इस पूरे मामले को याद करते हुए बताया कि फिल्म के रिलीज के दौरान मीडिया में इस विषय को काफी उछाला गया था। उनसे बार-बार यही सवाल पूछा जाता था कि क्या प्रियंका चोपड़ा उनके साथ ऑनस्क्रीन किस करने से हिचकिचा रही थीं। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के लिए यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय होता है और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। उन्होंने यह भी माना कि उस समय उनकी कही गई बातों को बाद में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, जिससे विवाद और गहरा हो गया।

    उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म के निर्देशक ने उन्हें इस बात की जानकारी दी थी कि प्रियंका इस सीन को लेकर पूरी तरह सहज नहीं थीं। इस पर उन्होंने कोई आपत्ति नहीं जताई, बल्कि इसे एक सामान्य स्थिति के रूप में देखा। उनके अनुसार, दोनों के बीच उम्र का अंतर काफी ज्यादा था और सेट पर उनका रिश्ता भी बेहद सहज और सम्मानजनक था। वे अक्सर प्रियंका को स्नेह से ‘बेटा’ कहकर बुलाते थे, जिससे उनके बीच एक अलग तरह की समझ विकसित हो गई थी।

    अन्नू कपूर ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस पूरे मुद्दे से कभी कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने यहां तक सुझाव दिया था कि यदि जरूरत हो तो उस सीन को हटाया भी जा सकता है, लेकिन फिल्म की कहानी के अनुसार उसे रखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि एक पेशेवर अभिनेता के रूप में उनका कर्तव्य था कि वे अपने काम को पूरी ईमानदारी से निभाएं, और उन्होंने वही किया।

    दूसरी ओर, इस मुद्दे पर प्रियंका चोपड़ा की प्रतिक्रिया भी उस समय सामने आई थी, जिसमें उन्होंने इस तरह की चर्चाओं पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि इस विषय को जिस तरह से प्रस्तुत किया गया, वह सही नहीं था और इससे उन्हें असहज महसूस हुआ। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि फिल्म में इस तरह के सीन पहले से तय नहीं थे और बाद में इस पर अनावश्यक विवाद खड़ा कर दिया गया।

    फिल्म ‘7 खून माफ’ में अन्नू कपूर ने प्रियंका चोपड़ा के एक पति की भूमिका निभाई थी। यह कहानी एक महिला के जीवन और उसके रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें कई कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाए थे। फिल्म अपने विषय और प्रस्तुति के कारण उस समय चर्चा में रही थी।

    अब, कई वर्षों बाद जब यह मुद्दा फिर सामने आया है, तो अन्नू कपूर ने अपने पक्ष को स्पष्ट करते हुए यह बताया है कि उस समय की परिस्थितियों को समझना जरूरी है। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में काम करते समय कलाकारों की सहजता और सीमाओं का सम्मान करना सबसे महत्वपूर्ण होता है, और यही किसी भी पेशेवर माहौल की पहचान है।

  • यश की ‘टॉक्सिक’ बनाएगी नई सिनेमाई दुनिया, रुक्मिणी वसंत ने बताया फिल्म को अब तक का सबसे अलग अनुभव

    यश की ‘टॉक्सिक’ बनाएगी नई सिनेमाई दुनिया, रुक्मिणी वसंत ने बताया फिल्म को अब तक का सबसे अलग अनुभव


    नई दिल्ली।
    रुक्मिणी वसंत इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेरीटेल फॉर ग्रो-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं और इसे लेकर उनका उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में उन्होंने फिल्म के पैमाने और इसकी अनोखी प्रस्तुति के बारे में खुलकर बात की। उनके मुताबिक यह फिल्म एक अलग ही स्तर पर बनाई जा रही है, जो दर्शकों को अब तक के अनुभव से बिल्कुल अलग महसूस कराएगी।

    रुक्मिणी का कहना है कि इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल और प्रभावशाली स्केल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर में पहले कभी इतनी बड़ी और अलग तरह की सिनेमाई दुनिया का हिस्सा नहीं बनी हैं। फिल्म की कहानी और उसका प्रस्तुतिकरण इतना नया है कि यह हर किसी के लिए एक ताज़ा अनुभव साबित हो सकता है।

    उन्होंने आगे बताया कि निर्देशक और टीम जिस तरह इस फिल्म को तैयार कर रही है, वह इसे और खास बनाता है। हर पहलू पर बारीकी से काम किया जा रहा है, ताकि दर्शकों को एक अलग और यादगार अनुभव मिल सके। रुक्मिणी के अनुसार, यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक ऐसा विज़ुअल अनुभव है जो लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।

    रुक्मिणी ने यह भी कहा कि वह खुद को इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनकर काफी भाग्यशाली मानती हैं। उनके लिए यह फिल्म सिर्फ एक और काम नहीं बल्कि एक खास मौका है, जहां उन्हें कुछ नया और बड़ा करने का अवसर मिला है। वह इस बात को लेकर भी उत्सुक हैं कि जब यह फिल्म रिलीज होगी तो दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी होगी।

    फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं, जिससे इसकी चर्चा और भी बढ़ गई है। इसे कई भाषाओं में रिलीज करने की तैयारी की जा रही है, ताकि यह ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके। इसके जरिए मेकर्स एक बड़े स्तर पर दर्शकों को जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

    रुक्मिणी वसंत के लिए यह फिल्म उनके करियर का अहम मोड़ साबित हो सकती है। इसके अलावा भी वह आने वाले समय में कई अन्य प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं, जिनकी घोषणा जल्द हो सकती है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि उनके लिए आने वाला समय बेहद खास रहने वाला है।

  • सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    सड़क पर खुला चैंबर बना खतरा ग्वालियर में बुजुर्ग महिला हादसे का शिकार

    ग्वालियर । मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है जहां एक खुला चैंबर एक बुजुर्ग महिला के लिए जानलेवा साबित हो गया। थाटीपुर थाना क्षेत्र के विवेक आनंद चौराहे पर हुए इस हादसे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार बुजुर्ग महिला अपने घर के पास से गुजर रही थी तभी अचानक उनका पैर सड़क पर बने नवनिर्मित खुले चैंबर में पड़ गया। चैंबर का मुंह खुला होने और गहराई ज्यादा होने के कारण महिला संतुलन खो बैठीं और सीधे उसमें गिर गईं। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ समझ नहीं पाए और कुछ ही पलों में वहां अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    महिला के गिरते ही उनकी चीख पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने देखा कि महिला चैंबर के अंदर फंसी हुई है तो तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मदद नहीं पहुंचती तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। चैंबर का मुंह संकरा होने के कारण महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। साथ ही महिला के घायल होने से स्थिति और भी जटिल हो गई थी। इसके बावजूद टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू कर महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    हादसे में महिला को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। रेस्क्यू के तुरंत बाद उन्हें पुलिस वाहन से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

    इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा बनाए गए चैंबरों को बिना ढके छोड़ दिया गया है जो आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान ऐसे खुले चैंबर किसी भी बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकते हैं।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के सभी खुले चैंबरों को तुरंत ढका जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। यह हादसा एक बार फिर यह साबित करता है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है और सार्वजनिक सुरक्षा के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई जानलेवा साबित हो सकती है।

  • शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा

    शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

  • आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    आईपीएल में तहलका मचा रहे वैभव सूर्यवंशी, मोहम्मद कैफ ने बताया भविष्य का सुपरस्टार

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का जलवा लगातार चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा ओपनर ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में शतक ठोककर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उनकी इस पारी के बाद पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने उनकी जमकर तारीफ की और उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सुपरस्टार बताया।

    मोहम्मद कैफ ने कहा कि इतनी कम उम्र में वैभव जिस तरह के गेंदबाजों के सामने बिना किसी डर के बल्लेबाजी कर रहे हैं, वह उन्हें खास बनाता है। उन्होंने याद दिलाया कि वैभव ने एक ही ओवर में चार छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाज को पूरी तरह दबाव में ला दिया था और पिछले मुकाबले की हार का जवाब भी मैदान पर दिया।

    कैफ के मुताबिक वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका निडर रवैया है। उन्होंने बताया कि वह नाम या बड़े गेंदबाजों को देखकर अपनी सोच नहीं बदलते, बल्कि हर गेंद को अटैक करने के इरादे से खेलते हैं। पैट कमिंस जैसे अनुभवी गेंदबाज के सामने भी उन्होंने पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर अपनी मंशा साफ कर दी।

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने यह भी कहा कि वैभव की लगातार दो सीजन में शतक लगाने की क्षमता और तेज स्ट्राइक रेट इस बात का सबूत है कि उनकी मानसिकता बेहद मजबूत है। उनके अनुसार वैभव गेंद की लेंथ को जल्दी समझ लेते हैं और क्रीज पर उनका संतुलन उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग करता है।

    अंत में कैफ ने कहा कि अगर वैभव इसी तरह फिट रहते हैं और अपने खेल पर फोकस बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा खिलाड़ी मिल सकता है जो लंबे समय तक टीम की रीढ़ बन सकता है।

  • शेयर बाजार में अगले हफ्ते बड़ा उतार-चढ़ाव संभव, ग्लोबल फैक्टर्स रहेंगे अहम..

    शेयर बाजार में अगले हफ्ते बड़ा उतार-चढ़ाव संभव, ग्लोबल फैक्टर्स रहेंगे अहम..


    नई दिल्ली।
    भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह कई अहम घटनाओं से भरा रहने वाला है, जिनका सीधा असर बाजार की दिशा और निवेशकों की रणनीति पर पड़ सकता है। इस समय बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और वैश्विक से लेकर घरेलू स्तर तक कई ऐसे कारक हैं जो आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव को बढ़ा सकते हैं।

    सबसे महत्वपूर्ण घटना अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक मानी जा रही है, जो 28 और 29 अप्रैल के बीच होने वाली है। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर लिए जाने वाले फैसले पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी। मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां पहले से ही अस्थिर हैं और ऐसे में किसी भी नीति निर्णय का प्रभाव सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर देखने को मिल सकता है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ेगा।

    इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। वैश्विक तनाव और आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। तेल की कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव महंगाई और कंपनियों की लागत संरचना को प्रभावित कर सकता है, जिससे बाजार की चाल पर सीधा असर पड़ता है।

    वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियां भी इस समय बाजार की दिशा को प्रभावित कर रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों में चल रही अनिश्चितताओं और बातचीत की स्थिति में बदलाव का असर निवेशकों की धारणा पर साफ दिखाई देता है। यही कारण है कि अगले सप्ताह बाजार में सतर्कता और अस्थिरता दोनों बनी रह सकती है।

    घरेलू स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी होने वाले हैं, जिनमें औद्योगिक उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े आंकड़े शामिल हैं। ये डेटा देश की आर्थिक गतिविधियों की वास्तविक स्थिति को दर्शाते हैं और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत प्रदान करते हैं। इन आंकड़ों के आधार पर बाजार में सेक्टर आधारित हलचल देखने को मिल सकती है।

    इसके अलावा, कॉरपोरेट सेक्टर में भी चौथी तिमाही के नतीजों का सिलसिला जारी रहेगा। कई बड़ी कंपनियां अपने वित्तीय परिणाम घोषित करेंगी, जिनमें बैंकिंग, ऑटो, एनर्जी और अन्य प्रमुख सेक्टर शामिल हैं। इन नतीजों के आधार पर संबंधित कंपनियों के शेयरों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है और निवेशकों की रणनीति भी इसी के अनुसार बदलेगी।

    पिछला सप्ताह बाजार के लिए कमजोर साबित हुआ था, जहां प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई थी। कई सेक्टरों में दबाव देखने को मिला था, जबकि कुछ क्षेत्रों में सीमित मजबूती भी दिखाई दी थी। कुल मिलाकर बाजार में अनिश्चितता और अस्थिरता का माहौल बना रहा था।

    आने वाले सप्ताह में भी यही स्थिति जारी रहने की संभावना है, जहां वैश्विक घटनाक्रम, आर्थिक डेटा और कंपनियों के नतीजे मिलकर बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और सोच-समझकर निर्णय लेने का रहेगा।

  • MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड

    MP में हेलमेट पर सख्ती शुरू बिना हेलमेट पकड़े गए तो चालान के साथ लाइसेंस भी होगा सस्पेंड


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सख्त कदम उठाया गया है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में आज से हेलमेट चेकिंग अभियान शुरू हो गया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना भारी पड़ सकता है क्योंकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    यह अभियान आज से शुरू होकर 10 मई तक लगातार चलेगा और इस दौरान हर जिले में व्यापक स्तर पर चेकिंग की जाएगी। पुलिस की टीम सड़कों पर तैनात रहेगी और जो भी चालक बिना हेलमेट पाया जाएगा उसका चालान काटा जाएगा। इतना ही नहीं कई मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करना भी है। आंकड़ों के अनुसार सड़क हादसों में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण हेलमेट का उपयोग न करना है। करीब 50 प्रतिशत मामलों में दोपहिया चालक की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि उसने हेलमेट नहीं पहना होता।

    पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। एडीजी पीटीआरआई विवेक शर्मा ने बताया कि प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं और यातायात नियमों की अनदेखी इसके पीछे मुख्य वजह है। उन्होंने कहा कि हेलमेट पहनना सिर्फ कानूनी बाध्यता नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे जरूरी उपाय है।

    अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस टीम न केवल शहरों में बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी निगरानी बढ़ाएगी ताकि हर स्तर पर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

    इस अभियान के पीछे मुख्य उद्देश्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है। सरकार और पुलिस विभाग चाहते हैं कि लोग अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नियमों का पालन करें। कई बार छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो जाती है और हेलमेट जैसी साधारण चीज जीवन बचा सकती है।

    पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे बिना हेलमेट वाहन चलाने से बचें और अपने परिवार तथा खुद की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। यह अभियान एक चेतावनी भी है और एक अवसर भी कि लोग अपनी आदतों में सुधार लाएं। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में शुरू हुआ यह अभियान सड़क सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है जो आने वाले दिनों में लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव ला सकता है।