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  • नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘भाई’, कट्टरपंथ के खिलाफ ‘आयरन एलायंस’ बनाने की घोषणा

    नेतन्याहू ने मोदी को बताया ‘भाई’, कट्टरपंथ के खिलाफ ‘आयरन एलायंस’ बनाने की घोषणा


    यरुशलम।
    इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) की यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वह इससे पहले कभी इतने भावुक नहीं हुए। इजराइल की संसद नेसेट में अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने मोदी को “महान मित्र” और “विश्व मंच के बड़े नेता” की संज्ञा दी।

    उन्होंने कहा, “नरेन्द्र, मेरे प्रिय मित्र, आपके यहां आने से मैं काफी भावुक हूं… मैं यह कहने का साहस करता हूं कि आप केवल मित्र ही नहीं, बल्कि भाई जैसे हैं।” नेतन्याहू ने दोनों देशों के बीच तकनीकी और रणनीतिक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना और सहयोग कई गुना बढ़ा है।

    ‘कट्टरपंथी इस्लाम’ के खिलाफ आयरन एलायंस

    नेतन्याहू ने अपने भाषण में कहा कि भारत और इजराइल “कट्टरपंथी इस्लाम” के खतरे के खिलाफ एक “आयरन एलायंस” (मजबूत गठबंधन) का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देश आज पहले से अधिक मजबूत हैं और साझा मूल्यों — प्रगति, मानव गरिमा और पारस्परिक सम्मान — में विश्वास रखते हैं।

    उन्होंने 07 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद भारत के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। नेतन्याहू ने इजराइल की कार्रवाई को “रक्षात्मक युद्ध” बताते हुए कहा कि यह मानवता और सत्य के भविष्य के लिए संघर्ष है।

    आईएमईसी और नए समझौते

    नेतन्याहू ने कहा कि भारत और इजराइल मिलकर अमेरिका समर्थित इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकॉनमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पहल को आगे बढ़ा रहे हैं। इस परियोजना का उद्देश्य समुद्र और रेल मार्ग के जरिए भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ना है।

    उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर तभी सफल हो सकता है जब इसके मार्ग में स्थिर और सुरक्षित देश हों, और इस धुरी पर भारत और इजराइल से अधिक सुरक्षित देश कोई नहीं है।

    नेतन्याहू ने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान पर्यटन, संस्कृति, कृषि, जल प्रबंधन और आव्रजन जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों को लागू किया जाएगा। उन्होंने इसे अब्राहम समझौते की भावना के अनुरूप शांति और सहयोग की दिशा में अहम कदम बताया।

    इससे पहले, तेल अवीव एयरपोर्ट पर इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपनी पत्नी सारा नेतन्याहू के साथ पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। नेतन्याहू के आमंत्रण पर 25-26 फरवरी तक हो रहा यह दौरा भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

    तेल अवीव पहुंचने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ उनका स्वागत किया गया। भारतीय प्रवासी समुदाय में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखा गया। प्रवासियों ने इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। इसी मौके पर भारतीय मूल की नेत्रहीन गायिका दीना सेमटे ने पीएम मोदी के समक्ष प्रस्तुति दी। मणिपुर से ताल्लुक रखने वाली दीना ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति देने पर गर्व है और संगीत लोगों को जोड़ने का माध्यम है।

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद यह मोदी का दूसरा इजराइल दौरा है। इससे पहले वे 2017 में इजराइल गए थे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। वर्ष 2018 में नेतन्याहू ने भारत का दौरा कर संबंधों को और मजबूती दी थी।

    इस बार की यात्रा को केवल द्विपक्षीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत-इजराइल संबंधों की लंबी ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा माना जा रहा है। दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी, जल प्रबंधन, कृषि और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। पीएम मोदी ने नेतन्याहू के साथ मुलाकात में टेक्नोलॉजी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, टैलेंट पार्टनरशिप और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

    इस यात्रा को भारत–इजराइल संबंधों में नई मजबूती और रणनीतिक साझेदारी के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

  • भारत इजराइल साझेदारी आपसी फायदे के साथ दुनिया को स्थिर और खुशहाल बनाने में दे रही योगदान : PM मोदी

    भारत इजराइल साझेदारी आपसी फायदे के साथ दुनिया को स्थिर और खुशहाल बनाने में दे रही योगदान : PM मोदी


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) ने बुधवार को इजराइली संसद (नेसेट) (Israeli Parliament (Knesset) को संबोधित किया और कहा कि दोनों देशों की मजबूत साझेदारी आपसी फायदे के साथ ही दुनिया भर में स्थिरता और खुशहाली में भी योगदान देती है। हमें पक्का करना चाहिए कि भारत और इजराइल के बीच दोस्ती अनिश्चित दुनिया में ताकत का जरिया बनी रहे।

    अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने इजराइल में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और गाजा शांति योजना का समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि इजराइली संसद को संबोधित करना उनके लिए गरिमा और सम्मान की बात है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि भारत ने जिस दिन इजराइल को देश के रूप में मान्यता दी थी उसी दिन (17 सितंबर 1950) उनका जन्म हुआ था।

    अपने भाषण में आतंकवाद की कड़ी निंदा करते हुए मोदी ने इजराइल के साथ एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता। आतंकवाद का लक्ष्य समाज को अस्थिर करना, विकास को रोकना और भरोसा खत्म करना है। इस पर किसी भी तरह से दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। साथ ही समन्वय और सतत प्रयास के साथ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत गाजा शांति योजना को पूर्ण समर्थन देता है।

    प्रधानमंत्री के भाषण के बाद उन्हें “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री मोदी यह मेडल पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं, जो नेसेट का सबसे बड़ा सम्मान है।

    भारत और इजराइल के बीच के हजारों साल पुराने सभ्यगत संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिक संबंध दोनों देशों की दोस्ती का आधार है। उन्होंने यह भी कहा कि यहूदी भारत में ना सताए गए और ना ही उनके साथ कभी भेदभाव हुआ। इस दौरान भारत की विकास यात्रा में योगदान देने वाले प्रमुख यहूदी के नाम भी उन्होंने उल्लेख किया।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदले जाने के बाद से इसका स्तर और दायरा बहुत बढ़ा है। भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है ऐसे में नवाचार और तकनीकी में आगे इजराइल के साथ उसके संबंध स्वभावी तौर पर भविष्य उन्मुख साझेदारी के संकेत हैं। प्रधानमंत्री ने क्वांटम कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की संभावनाओं का जिक्र किया।

    प्रधानमंत्री ने इजराइल में योग को मिलते विस्तार और आयुर्वेद में बढ़ती रुचि का जिक्र करते हुए इजराइली युवाओं को भारत आने और चिकित्सा प्रणाली से जोड़ने का आह्वान किया।

    इससे पहले, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी की बिना कोई इधर-उधर की बात किये इजराइल के साथ खड़े रहने की सराहना की। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने नरेन्द्र मोदी के दोनों देशों के संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने में योगदान की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इसके चलते दोनों देशों का व्यापार दो गुना, सहयोग तीन गुना और समझ चार गुना हुई है।

    इजराइली प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की विश्व नेताओं के साथ गले लगने की विशेष अभिवादन शैली की तारीफ करते हुए कहा कि इस दुनिया में मोदी हग के रूप में जाना जाता है।

    नेतन्याहू ने इस बात को रेखांकित किया कि यहूदी दुनिया में केवल भारत में ही भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा।

  • भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव

    भोपाल में साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता, हिंदू संगठनों ने किया थाने का घेराव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र में बुधवार शाम को कार को ओवरटेक करने की बात पर कुछ युवकों ने साध्वी रंजना दीदी के साथ अभद्रता कर दी। जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और मिसरोद थाने का घेराव कर दिया।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से जुड़ी साध्वी रंजना दीदी बुधवार की शाम नर्मदापुरम रोड से गुजर रही थी। इसी दौरान एक कार चालक ने उनकी कर को ओवरटेक किया और लापरवाही से वाहन चलाते हुए कार में टक्कर मार दी। साध्वी अपने दो सहयोगी बहनों के साथ घटना के समय में गाड़ी में मौजूद थीं। गाड़ी टकराने के विवाद के बाद पीछे की कार में सवार युवकों ने गुंडागर्दी शुरू कर दी। उन्होंने साध्वी की गाड़ी में तोड़फोड़ की तथा डीजल की केन निकालकर कार को जलाने की कोशिश भी की। जब साध्वी रंजना ने इसका विरोध किया तो आरोपी कार चालक ने उनके साथ जमकर अभद्रता की और झूम झटकी तक कर दी।

    इसके बाद साध्वी रंजना दीदी थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंची। इसकी जानकारी विश्व मिलने के बाद हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मिसरोद थाने के बाहर एकत्र हो गए और प्रदर्शन किया। उन्होंने गुंडागर्दी करने वाले युवकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने तथा उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। आरोपी विशेष समुदाय के बताए जा रहे हैं। थाना प्रभारी रतन सिंह ने बताया कि का को ओवरटेक करने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड निर्माण में किसान हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड निर्माण में किसान हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो पॉलिटन सिटी इंदौर-उज्जैन भविष्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगा। इस नाते इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन प्रोजेक्ट भी किसानों के हित में उनके सुझाव के अनुरूप एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनाया जायेगा। जिन किसानों की भूमि प्रभावित होगी, उन्हें उचित मुआवजा देने के लिये शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार देर शाम उनके निवास पर भेंट करने आए इंदौर और उज्जैन जिलों के विभिन्न ग्रामों के किसान प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर और उज्जैन के किसान प्रतिनिधियों ने इंदौर उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर लेन मार्ग का निर्माण कार्य किसानों के हित में करने के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से 2935.15 करोड़ रूपये की परियोजना के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2 जिलों के 28 ग्रामों को नया स्वरूप और जनसुविधा देने के लिये फोर लेन मार्ग निर्मित किया जायेगा। उन्नत संरचना के अंतर्गत इंदौर-उज्जैन के मध्य 2 स्थानों वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर वृहद जंक्शन का प्रावधान है। परिवहन तेज और सुरक्षित रहे इसके लिये प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक प्रबंध भी होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन के इस पुराने मार्ग से जानापाव आने-जाने के लिये भी परिवहन होता रहा है। पूर्व के वर्षों में मार्ग के संकुचित होते जाने से जो दुर्घटनाएं होती रही हैं, वह सिलसिला अब थम जायेगा। किसानों से विचार विमर्श के पश्चात इस ग्रीन फील्ड फोर लेन मार्ग परियोजना के कार्यों को गति दी जा रही है। गत 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन के पश्चात अन्य कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह परियोजना बड़ी जनसंख्या को लाभान्वित करेगी। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

  • T20 World Cup: श्रीलंका सेमीफाइनल की रेस से बाहर, न्यूजीलैंड ने 61 रनों से हराया

    T20 World Cup: श्रीलंका सेमीफाइनल की रेस से बाहर, न्यूजीलैंड ने 61 रनों से हराया


    कोलंबो।
    न्यूजीलैंड (New Zealand) ने बुधवार को श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर-8 मुकाबले में 61 रन से जीत दर्ज की। इस हार के साथ श्रीलंकाई टीम खिताबी दौड़ से बाहर हो गई है।

    न्यूजीलैंड की ओर से रखे गए 169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम 8 विकेट पर 107 रन पर ढेर गई. श्रीलंका की ओर से कामिंडु मेंडिस ने 31 जबकि दुनिथ वेलालगे ने 29 रन बनाए. न्यूजीलैंड की ओर से सबसे सफल गेंदबाजा रचिन रवींद्र रहे जिन्होंने 4 ओवर में 27 रन देकर चार विकेट चटकाए. न्यूजीलैंड का पहला सुपर 8 मैच पाकिस्तान के खिलाफ बारिश की वजह से रद्द हो गया था. मिचेल सैंटनर की टीम चार अंक लेकर ग्रुप 2 में दूसरे नंबर पर पहुंच गई है जबकि इंग्लैंड चार अंकों के साथ पहले नंबर पर है. श्रीलंका की सुपर 8 में लगातार यह दूसरी हार है और वह इस पॉइंट टेबल में सबसे निचले क्रम पर है।

    न्यूजीलैंड की ओर से रखे गए 169 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने खराब शुरुआत की. तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने श्रीलंका के इनफॉर्म ओपनर पथुम निसंका को पहली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया. इसके बाद श्रीलंका के विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हुआ. कुसल मेंडिस 11 रन बनाकर आउट हुए वहीं चरित असलंका ने 5 रन का योगदान दिया. पवन रत्नायके 10 रन बनाकर आउट हुए जबकि कप्तान दासुन शनाका पांच गेंदों पर 3 रन बनाकर आउट हुए. दुसन हेमंता तीन रन बनाकर पवेलियन लौटे. कामिंडु मेंडिस 31 रन बनाकर पवेलियन लौटे. न्यूजीलैंड की ओर से स्पिनर रचिन रवींद्र ने 4 विकेट चटकाए।

    इससे पहले , श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर महीश तीक्षणा के तीन झटकों ने न्यूजीलैंड को पटरी से उतारने की कोशिश की लेकिन कप्तान मिचेल सैंटनर (47 रन) और कोल मैककांकी (नाबाद 31 रन) ने शानदार वापसी करते हुए 7 विकेट पर 168 रन तक पहुंचाया. न्यूजीलैंड ने 9.3 और 12.1 ओवर के बीच में नौ रन पर चार विकेट गंवा दिए थे जिसमें तीक्षणा (30/3) ने बीच के ओवरों में मैच का रूख पलट दिया. लेकिन मैककांकी ने अंत में मोर्चा संभाला जबकि सैंटनर ने महत्वपूर्ण समय पर सात विकेट के लिए महज 47 गेंद में 84 रन की अहम साझेदारी की।

    सैंटनर ने 26 गेंद की पारी के दौरान चार छक्के और दो चौके लगाए. वह आखिरी गेंद पर आउट हुए जबकि मैककांकी ने 23 गेंद में तीन चौके और दो छक्के जमाए. न्यूजीलैंड का स्कोर 16 ओवर के बाद छह विकेट पर 98 रन था. तब मैककांकी ने दुष्मंता चामीरा (38/3) पर दो छक्के और एक चौका जड़कर 18 रन बटोरे. इसके बाद सैंटनर ने श्रीलंका के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज तीक्षणा पर 18वें ओवर में एक चौका और दो छक्के मारे जिससे 21 रन बने।

    इन दोनों की बदौलत न्यूजीलैंड की टीम ने अंतिम चार ओवरों में 70 रन जुटाए. श्रीलंकाई गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन अंतिम ओवरों में गलत लाइन एवं लेंथ के कारण लड़खड़ा गए. श्रीलंका के टॉस जीतकर गेंदबाजी करने के फैसले के बाद ऑफ स्पिनर तीक्षणा और तेज गेंदबाज चामीरा ने मिलकर छह विकेट लेकर न्यूजीलैंड पर लगाम कसी. ग्रुप दो से इंग्लैंड पहले ही अगले दौर में पहुंच चुका है. न्यूजीलैंड ने नौ ओवर में दो विकेट पर 73 रन बना लिए थे. फिन एलन ने 13 गेंद में तीन चौके और एक छक्के से 23 रन बनाए जबकि रचिन रविंद्र ने 22 गेंदों पर 32 रन (तीन चौके, एक छक्का) बनाए।

    इसके बाद तीक्षणा ने उनकी पारी में ब्रेक लगाया. उन्होंने अपनी कैरम गेंद से एलन को आउट किया. बाद में उन्होंने रविंद्र को आउट करने के बाद तीन गेंद के अंदर मार्क चैपमैन को खाता भी नहीं खोलने दिया. चामीरा ने उनका शानदार साथ दिया. उन्होंने 140 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए टिम सिफर्ट (08) और ग्लेन फिलिप्स (18) को आउट किया जबकि दुनिथ वेलालगे ने डेरिल मिचेल (03) को आउट किया।


    अंक तालिका का हाल

    ग्रुप 2 के अंक तालिका में इंग्लैंड की टीम 2 में से 2 जीत के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुकी है. लेकिन दूसरे नंबर की लड़ाई रोचक है. क्योंकि अब न्यूजीलैंड 2 मैच में 3 अंक के साथ दूसरे नंबर पर है. लेकिन पाक के 2 मैच में एक अंक हैं. वहीं श्रीलंका के 0 अंक हैं. अगर पाकिस्तान अपना अगला मैच जीतती है और न्यूजीलैंड अगले मैच में इंग्लैंड से हारती है तो फिर फैसला नेट रन रेट से होगा. लेकिन न्यूजीलैंड अगला मैच जीतती है तो फिर पाकिस्तान बाहर हो जाएगा और न्यूजीलैंड क्वालिफाई कर जाएगा।

  • रश्मिका के आगे फेल हुए विजय देवरकोंडा? जानें शादी के बंधन में बंधने जा रहे इस पावर कपल का हिट रिकॉर्ड!

    रश्मिका के आगे फेल हुए विजय देवरकोंडा? जानें शादी के बंधन में बंधने जा रहे इस पावर कपल का हिट रिकॉर्ड!


    नई दिल्ली ।दक्षिण भारतीय सिनेमा के दो सबसे चहेते सितारे, विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना, इन दिनों अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया से लेकर गलियारों तक सिर्फ एक ही चर्चा है-उनकी शाही शादी। खबरों की मानें तो यह खूबसूरत जोड़ी 26 फरवरी को झीलों की नगरी उदयपुर में एक रॉयल वेडिंग करने जा रही है। लेकिन, सात फेरे लेने से पहले फैंस के बीच इस बात की होड़ मच गई है कि आखिर इन दोनों में से बॉक्स ऑफिस का असली सुल्तान कौन है? किसका करियर ग्राफ ज्यादा ऊँचा है और किसने सबसे ज्यादा ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं?

    विजय देवरकोंडा, जिन्हें अक्सर ‘राउडी स्टार’ कहा जाता है, उन्होंने साल 2011 में फिल्म ‘नुव्विला’ से अपने सफर की शुरुआत की थी। विजय की पहली बड़ी सफलता ‘येवढे सुब्रमण्यम’ (8 करोड़) से शुरू हुई, जिसके बाद ‘पेल्ली चूपुलु’ (30 करोड़) ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। लेकिन उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुई फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’। 60 करोड़ की वर्ल्डवाइड कमाई करने वाली इस फिल्म ने विजय को पूरे भारत में मशहूर कर दिया। इसके बाद ‘टैक्सीवाला’ (40 करोड़) सुपरहिट रही और उनकी अब तक की सबसे बड़ी हिट ‘गीता गोविंदम’ रही, जिसने 130 करोड़ का भारी-भरकम कलेक्शन किया।

    हालांकि, जब हम रश्मिका मंदाना के करियर की ओर देखते हैं, तो आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रश्मिका ने अपनी पहली ही फिल्म ‘किरिक पार्टी’ (36.8 करोड़) से ब्लॉकबस्टर शुरुआत की थी। इसके बाद ‘अंजनीपुत्र’, ‘चमक’ और ‘चलो’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सफलता की गारंटी बना दिया। रश्मिका की सबसे बड़ी ताकत उनकी फिल्मों का विशाल कलेक्शन है। जहाँ विजय की सबसे बड़ी फिल्म 130 करोड़ पर रुकी, वहीं रश्मिका की ‘सरिलरु नीकेवरु’ ने 227 करोड़ और ‘वरिसु’ ने 303 करोड़ का बिजनेस किया। बॉलीवुड में कदम रखते ही उन्होंने रणबीर कपूर के साथ ‘एनिमल’ जैसी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म दी, जिसने 901.2 करोड़ कमाकर इतिहास रच दिया।

    इतना ही नहीं, रश्मिका की ‘पुष्पा: द राइज’ (350 करोड़) के बाद इसके दूसरे पार्ट ‘पुष्पा: द रूल’ ने तो सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भारत में 1471 करोड़ की ऐतिहासिक कमाई के साथ रश्मिका आज देश की सबसे सफल अभिनेत्रियों में शुमार हैं। साफ़ है कि हिट फिल्मों की संख्या और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, दोनों ही पैमानों पर रश्मिका अपने होने वाले पति विजय देवरकोंडा से काफी आगे निकल गई हैं। अब देखना यह होगा कि शादी के बाद यह ‘पावर कपल’ एक साथ पर्दे पर क्या नया धमाका करता है। फिलहाल, उदयपुर में होने वाली उनकी शादी की तैयारियों ने फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।

  • कौन हैं 8 वर्षीय टेक्नोलॉजिस्ट रणवीर सचदेवा? AI समिट में छाए नन्हे स्पीकर के मुरीद हुए दिग्गज

    कौन हैं 8 वर्षीय टेक्नोलॉजिस्ट रणवीर सचदेवा? AI समिट में छाए नन्हे स्पीकर के मुरीद हुए दिग्गज


    नई दिल्ली ।नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में उस वक्त सभी की नजरें एक आठ वर्षीय बच्चे पर टिक गईं जब उसने मंच संभालते हुए खुद को टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में परिचित कराया। यह बच्चा है रणवीर सचदेवा जो अपनी कम उम्र में ही कोडिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पब्लिक स्पीकिंग के लिए चर्चा में हैं। देश-दुनिया के बड़े टेक लीडर्स और सीईओ के बीच रणवीर ने जिस आत्मविश्वास से अपनी बात रखी उसने सभी को प्रभावित किया।

    समिट के दौरान रणवीर ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने का अपना विजन साझा किया। वे इस कार्यक्रम में संबोधित करने वाले सबसे कम उम्र के स्पीकर रहे। खास बात यह रही कि रणवीर केवल कीनोट स्पीकर ही नहीं बल्कि एक ग्लोबल ऑथर के रूप में भी पहचान बना चुके हैं।

    कार्यक्रम में उनकी मुलाकात सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन से हुई। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में रणवीर सैम ऑल्टमैन के साथ बातचीत करते नजर आए। बताया जा रहा है कि दोनों टेक लीडर्स रणवीर के आत्मविश्वास और समझ से काफी प्रभावित हुए और उनसे संपर्क भी साझा किया।

    रणवीर का सफर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। वे पिछले वर्ष जेनेवा में आयोजित AI अच्छे वैश्विक शिखर सम्मेलन के लिए में भी शामिल हो चुके हैं। वहां उनकी मुलाकात मार्क बेनिओफ़ और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन की महासचिव डोरेन बोगदान-मार्टिन से हुई थी। इतना ही नहीं वर्ष 2024 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात की थी।

    रणवीर इससे पहले भी कई बड़े मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। वर्ष 2023 में दिल्ली में एप्पल स्टोर के उद्घाटन के दौरान उन्होंने एप्पल के सीईओ Tim Cook से मुलाकात की थी और मात्र पांच साल की उम्र में अपने कोडिंग अनुभव साझा किए थे। साल 2022 में वे ग्लोबल रीडिंग चैलेंज में सुपर प्रेजेंटर के रूप में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

    छह वर्ष की आयु में वे टेडएक्स  स्पीकर भी बन गए थे। कम उम्र में वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान बना रहे रणवीर सचदेवा आज कई बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं। तकनीक की दुनिया में उनका आत्मविश्वास और विजन यह दिखाता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।

  • कपूर खानदान का वो 'गुमनाम' सितारा, जिसके 30 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड रणबीर-ऋषि भी नहीं तोड़ पाए!

    कपूर खानदान का वो 'गुमनाम' सितारा, जिसके 30 हिट फिल्मों का रिकॉर्ड रणबीर-ऋषि भी नहीं तोड़ पाए!

    नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी किसी दिग्गज परिवार का नाम लिया जाता है, तो ‘कपूर खानदान’ का जिक्र सबसे पहले आता है। पेशावर की गलियों से निकलकर मायानगरी मुंबई के सिंहासन पर बैठने वाले इस परिवार की कई पीढ़ियों ने दर्शकों का मनोरंजन किया है। पृथ्वीराज कपूर से लेकर राज कपूर और आज के दौर के चॉकलेट बॉय रणबीर कपूर तक, हर किसी ने अपनी चमक बिखेरी है। लेकिन, इस चकाचौंध के बीच एक ऐसा नाम कहीं ओझल हो गया, जिसने वास्तव में कपूर परिवार की कामयाबी की पहली ईंट रखी थी। हम बात कर रहे हैं राज कपूर के चाचा और पृथ्वीराज कपूर के छोटे भाई त्रिलोक कपूर की।

    त्रिलोक कपूर केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि वह अपने दौर के एक ऐसे ‘पावरहाउस’ थे, जिनका रिकॉर्ड आज तक अटूट है। दीवान बशेश्वरनाथ के बेटे त्रिलोक ने जब अभिनय की दुनिया में कदम रखा, तो शायद किसी ने नहीं सोचा था कि वह सफलता का एक ऐसा शिखर छुएंगे, जहाँ पहुँचने के लिए उनके भतीजे राज कपूर और पोते रणबीर कपूर को भी कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा। त्रिलोक कपूर ने अपने करियर में 30 सुपरहिट फिल्में दीं। यह एक ऐसा आंकड़ा है, जिसे कपूर परिवार का कोई भी दूसरा सदस्य आज तक पार नहीं कर पाया है।

    त्रिलोक कपूर का फिल्मी सफर 1928 में शुरू हुआ, जब वे पढ़ाई पूरी कर कोलकाता पहुंचे। वह दौर स्वतंत्रता आंदोलन का था और त्रिलोक भी इससे अछूते नहीं रहे। उन्होंने 1933 में फिल्म ‘चार दरवेश’ से डेब्यू किया। इसके बाद आई फिल्म ‘सीता’, जिसमें उनके बड़े भाई पृथ्वीराज कपूर ‘राम’ बने थे और त्रिलोक ने भी अहम भूमिका निभाई थी। 1930 और 1940 के दशक में उन्होंने इंडस्ट्री पर राज करना शुरू किया, लेकिन उनकी लोकप्रियता का असली सैलाब 1950 के दशक में आया।

    उस दौर में त्रिलोक कपूर ‘पौराणिक फिल्मों’ Mythological Films के बेताज बादशाह बन गए थे। उन्होंने पर्दे पर भगवान के इतने जीवंत किरदार निभाए कि लोग उन्हें असलियत में पूजने लगे थे। खास तौर पर ‘शिव’ के रूप में उनकी छवि घर-घर में लोकप्रिय हो गई थी। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि अगर उस समय सोशल मीडिया होता, तो शायद उनके फॉलोअर्स की संख्या आज के दिग्गजों को मात दे देती।

    जैसे-जैसे वक्त बदला, त्रिलोक कपूर ने खुद को बदला और करैक्टर आर्टिस्ट के रूप में अपनी दूसरी पारी शुरू की। 1970 और 80 के दशक में उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने फिल्म ‘गंगा जमुना सरस्वती’ में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के पिता का किरदार निभाया था। इसके अलावा उन्होंने ‘दोस्ताना’, ‘राम तेरी गंगा मैली’ और ‘अल्लाह रखा’ जैसी फिल्मों में भी काम किया।

    त्रिलोक कपूर भले ही आज की पीढ़ी के लिए एक अनसुना नाम हों, लेकिन भारतीय सिनेमा के पन्नों में उनकी कामयाबी स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उनके बेटे विजय कपूर ने भी निर्देशन के क्षेत्र में हाथ आजमाया, लेकिन जो जादू त्रिलोक कपूर ने पर्दे पर पैदा किया, वह बेमिसाल था। 1988 में इस महान कलाकार ने दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन अपनी 30 हिट फिल्मों की विरासत को वह पीछे छोड़ गए, जो आज भी कपूर खानदान के गौरवशाली इतिहास का सबसे मजबूत स्तंभ है।

  • स्वदेशी फ्रिगेट और एएसडब्ल्यू शिप: भारतीय नौसेना के लिए साल 2026 का खास स्टार्ट

    स्वदेशी फ्रिगेट और एएसडब्ल्यू शिप: भारतीय नौसेना के लिए साल 2026 का खास स्टार्ट


    नई दिल्ली ।साल 2026 की शुरुआत भारतीय नौसेना के लिए बेहद खास होने जा रही है। नए साल के पहले तीन महीनों में नेवी में दो नई स्वदेशी वॉरशिप शामिल होने वाली हैं। यह कदम भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को बढ़ाने और 2047 तक पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

    इस क्रम में 27 फरवरी को चेन्नई पोर्ट पर स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘आईएनएस अंजदीप’ नेवी का हिस्सा बनेगा। यह शिप एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, लाइटवेट टॉरपीडो, 30 मिमी नेवल गन, हल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है और 25 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। अंजदीप की एक बार में लगभग 3,300 किलोमीटर तक की क्षमता इसे एंटी-सबमरीन ऑपरेशन के लिए बेहद प्रभावी बनाती है।

    इसी के साथ 14 मार्च को विशाखापत्तनम में प्रोजेक्ट 17ए के नीलगिरी क्लास का चौथा गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरि नौसेना में शामिल होगा। यह फ्रिगेट ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है जो एंटी-सर्फेस और एंटी-शिप वारफेयर में सक्षम है। इसके अलावा एयर डिफेंस के लिए लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल बराक-8 और एयर डिफेंस गन लगी हैं। एंटी-सबमरीन वारफेयर के लिए इसमें स्वदेशी टॉरपीडो वरुणास्त्र और एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर मौजूद हैं।

    आईएनएस तारागिरि लंबी दूरी से आने वाले हमलों को डिटेक्ट, ट्रैक और इंटरसेप्ट करने के लिए सोनार, मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस है। इसमें दो हेलिकॉप्टरों के लिए हैंगर की सुविधा भी मौजूद है। 6,700 टन वजनी इस फ्रिगेट की रफ्तार 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे है।

    प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास फ्रिगेट्स में से अब तक चार मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और तीन गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा बनाए जा चुके हैं। पहले आईएनएस नीलगिरी, हिमगिरि और उदयगिरि को नौसेना में शामिल किया जा चुका है। इन फ्रिगेट्स में लगभग 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से प्राप्त किए गए हैं। इनकी नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री ताकत और अत्याधुनिक क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा।

    नीलगिरी क्लास के सभी वॉरशिप का डिजाइन नेवल डिजाइन ब्यूरो द्वारा किया गया है और इनके नाम भारत की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं पर रखे गए हैं जैसे शिवालिक, सह्याद्रि, सतपुड़ा, नीलगिरी, हिमगिरि, तारागिरि, उदयगिरि, दूनागिरि, महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि।

    चीन और पाकिस्तान की सबमरीन क्षमता से निपटने के लिए एंटी-सबमरीन वारफेयर (एएसडब्ल्यू) शैलो वॉटर क्राफ्ट परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे भारतीय नौसेना को तेज रफ्तार, मजबूती और रणनीतिक बढ़त मिलेगी। साल 2026 के पहले तीन महीनों में इन दो वॉरशिप के शामिल होने से नौसेना की तैयारी और शक्ति में और मजबूती आएगी।
  • Beechcraft C90A King Air एयर एंबुलेंस हादसा: 39 साल पुराना विमान, 6600 घंटे की उड़ान के बाद झारखंड में क्रैश

    Beechcraft C90A King Air एयर एंबुलेंस हादसा: 39 साल पुराना विमान, 6600 घंटे की उड़ान के बाद झारखंड में क्रैश


    नई दिल्ली । झारखंड की राजधानी रांची के पास हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मंगलवार शाम क्रैश हुआ सात सीटों वाला बीचक्राफ्ट सी90ए किंग एयर विमान वर्ष 1987 में निर्मित था और अब तक 6 600 घंटे से अधिक उड़ान भर चुका था। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई।

    यह विमान रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित किया जा रहा था और रांची से दिल्ली के लिए उड़ान पर था। जानकारी के अनुसार विमान एक मरीज को लेकर दिल्ली जा रहा था। मृतकों में 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार एक डॉक्टर एक पैरामेडिक दो परिचारक पायलट-इन-कमांड विवेक विकास भगत और फर्स्ट ऑफिसर सवराजदीप सिंह शामिल थे। पायलट विवेक विकास भगत के पास लगभग 1 400 घंटे का उड़ान अनुभव था जबकि सह-पायलट सवराजदीप सिंह करीब 450 घंटे की उड़ान पूरी कर चुके थे।

    विमान ने 23 फरवरी की शाम करीब 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और इसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना था। उड़ान भरने के तुरंत बाद चालक दल ने मौसम संबंधी कारणों से मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी। अधिकारियों के अनुसार टेकऑफ के लगभग 23 मिनट बाद विमान का एटीसी से संपर्क और रडार सिग्नल दोनों टूट गए। बाद में यह विमान चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के पास एक वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त मिला।

    तकनीकी विवरण के मुताबिक यह ट्विन-टर्बोप्रॉप विमान पी एंड डब्ल्यू पीटी6ए-21 इंजनों से लैस था। दुर्घटना के समय तक बाएं इंजन ने करीब 2 900 घंटे और दाएं इंजन ने लगभग 2 800 घंटे की उड़ान भरी थी। दोनों प्रोपेलर भी लगभग 2 500 घंटे उपयोग में आ चुके थे। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर विमान का अत्यधिक उपयोग नहीं किया गया था। इसका नवीनतम एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट 21 जनवरी को जारी हुआ था जो एक वर्ष के लिए वैध था।

    गौरतलब है कि इस विमान में ब्लैक बॉक्स यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर या डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर स्थापित नहीं था। नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के अनुसार 1987 में मूल प्रमाणीकरण के समय ऐसे उपकरण अनिवार्य नहीं थे इसलिए इसमें यह प्रणाली नहीं लगाई गई थी। अधिकतम 4 583 किलोग्राम उड़ान भार क्षमता वाले इस विमान के क्रैश की जांच अब संबंधित एजेंसियां कर रही हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

    झारखंड की राजधानी रांची के पास हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मंगलवार शाम क्रैश हुआ सात सीटों वाला बीचक्राफ्ट सी90ए (किंग एयर) विमान वर्ष 1987 में निर्मित था और अब तक 6 600 घंटे से अधिक उड़ान भर चुका था। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई।

    यह विमान रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित किया जा रहा था और रांची से दिल्ली के लिए उड़ान पर था। जानकारी के अनुसार विमान एक मरीज को लेकर दिल्ली जा रहा था। मृतकों में 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार एक डॉक्टर एक पैरामेडिक दो परिचारक पायलट-इन-कमांड विवेक विकास भगत और फर्स्ट ऑफिसर सवराजदीप सिंह शामिल थे। पायलट विवेक विकास भगत के पास लगभग 1 400 घंटे का उड़ान अनुभव था जबकि सह-पायलट सवराजदीप सिंह करीब 450 घंटे की उड़ान पूरी कर चुके थे।

    विमान ने 23 फरवरी की शाम करीब 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और इसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना था। उड़ान भरने के तुरंत बाद चालक दल ने मौसम संबंधी कारणों से मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी। अधिकारियों के अनुसार टेकऑफ के लगभग 23 मिनट बाद विमान का एटीसी से संपर्क और रडार सिग्नल दोनों टूट गए। बाद में यह विमान चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के पास एक वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त मिला।

    तकनीकी विवरण के मुताबिक यह ट्विन-टर्बोप्रॉप विमान पी एंड डब्ल्यू पीटी6ए-21 इंजनों से लैस था। दुर्घटना के समय तक बाएं इंजन ने करीब 2 900 घंटे और दाएं इंजन ने लगभग 2 800 घंटे की उड़ान भरी थी। दोनों प्रोपेलर भी लगभग 2 500 घंटे उपयोग में आ चुके थे। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर विमान का अत्यधिक उपयोग नहीं किया गया था। इसका नवीनतम एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट 21 जनवरी को जारी हुआ था जो एक वर्ष के लिए वैध था।

    गौरतलब है कि इस विमान में ब्लैक बॉक्स यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर या डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर स्थापित नहीं था। नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के अनुसार 1987 में मूल प्रमाणीकरण के समय ऐसे उपकरण अनिवार्य नहीं थे इसलिए इसमें यह प्रणाली नहीं लगाई गई थी। अधिकतम 4 583 किलोग्राम उड़ान भार क्षमता वाले इस विमान के क्रैश की जांच अब संबंधित एजेंसियां कर रही हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।