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  • भारत के इस दक्षिणी राज्य में खत्म हुआ तेल का स्टॉक … 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद

    भारत के इस दक्षिणी राज्य में खत्म हुआ तेल का स्टॉक … 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद


    विजयवाड़ा।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच छिड़ी जंग की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। इसका असर अब भारत (India) में भी दिखने लगा है। दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश (Southern State Andhra Pradesh) के कई पेट्रोल पंपों (Petrol pumps) पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो जाने की खबर फैलने और लोगों की भारी भीड़ उमड़ने के बाद, रविवार को अलग-अलग जिलों में 400 से ज्यादा पंप बंद कर दिए गए हैं। वहीं इन पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की सूचना दी जाने के बाद लोगों ने दूसरे पंपों पर धावा बोल दिया, जहां लंबी लाइनें देखी जा रही हैं।

    आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य में 4,510 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 421 पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो गया। वहीं अधिकांश पेट्रोल पंप दोपहिया वाहनों को सिर्फ 2 लीटर और कारों को 10 लीटर पेट्रोल ही बेच रहे हैं। आंध्र प्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि औसतन वे 7000 लीटर से अधिक डीजल बेचते हैं, लेकिन अब घबराहट में हो रही खरीदारी के कारण 14,000 लीटर से अधिक डीजल बिक रहा है।


    कई जगहों पर कमी की खबरें

    पेट्रोल और डीजल की कमी ने विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, कुरनूल और नेल्लोर सहित कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगह पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा स्टॉक खत्म होने के बोर्ड लगाने पर वाहन चालकों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई। प्रसिद्ध पहाड़ी तीर्थ तिरुमाला में भी परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। यहां दो पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया था। पेट्रोल भरवाने के लिए लाइन में खड़े कुछ लोगों ने मीडिया को बताया कि वे अपनी बाइकों में पेट्रोल भरवाने के लिए कई घंटे से इंतजार कर रहे हैं।


    क्यों बंद करने पड़े पंप?

    सूत्रों ने बताया कि वीकेंड पर, सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट्स वायरल होने लगीं जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका युद्ध अभी और बढ़ने वाला है और ईंधन की कमी हो जाएगी। इसके कारण लोग घबराकर खरीदारी करने लगे। अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर हजारों लोग पेट्रोल पंपों के बाहर खड़े हो गए और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगे जिसकी वजह से कमी हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने भी एक बयान में बताया कि रविवार दोपहर तक जो ज्यादातर आउटलेट्स बंद हुए, वे स्टॉक खत्म होने के कारण नहीं, बल्कि पैनिक में की जा रही खरीदारी को रोकने के लिए बंद किए गए थे।


    CM ने मांगी रिपोर्ट

    इस बीच, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister Chandrababu Naidu.) ने एक्शन लिया है। उन्होंने जिला कलेक्टरों को तेल की कमी की समस्या से निपटने के लिए तुरंत एक कार्य योजना लागू करने और समस्या के समाधान के लिए विभिन्न विभागों द्वारा उठाए गए कदमों पर सोमवार शाम तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव जी साई प्रसाद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस भी की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि शनिवार को डीलरों को 10,345 किलो लीटर पेट्रोल और 14,156 किलो लीटर डीजल की आपूर्ति की गई, लेकिन घबराहट में खरीदारी के कारण कई आउटलेट्स पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    होर्मुज में नाकेबंदी
    गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद से ही दुनिया के सबसे प्रमुख जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बंद हो गई है। जंग खत्म होने से वैश्विक तेल व्यापार का 20 फीसदी हिस्सा यहां से होकर गुजरता था। यह इसीलिए अहम है क्योंकि भारत भी अपनी जरूरतों का 85 फीसदी से अधिक हिस्सा आयात करता है और इनमें से ज्यादातर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर ही भारत पहुंचता है। अब इस रास्ते के बंद होने के बाद ऊर्जा संकट बढ़ सकता है। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत अपने आयात विकल्पों को बढ़ा रहा है और देश में ईंधन की कोई कमी फिलहाल नहीं है।

  • नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत में 5 की मौत

    नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर दर्दनाक हादसा, टवेरा और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत में 5 की मौत


    नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम–पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास रविवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार टवेरा और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 से 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    रात करीब 1 बजे हुआ हादसा
    यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात लगभग 1 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि टवेरा सवार सभी लोग महेंद्रवाड़ी और माखननगर के रहने वाले थे और वे अपने गांव के एक शादी समारोह में शामिल होकर बुधनी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई।

    ओवरटेक के दौरान हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार, क्रॉसिंग के समय टवेरा वाहन अनाज से भरी ट्रॉली के साइड से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टवेरा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    पुलिस और ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी घायलों का इलाज जारी है।

    अस्पताल में जुटी भीड़, जांच शुरू
    हादसे की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जो सोमवार को नर्मदापुरम में किया जाएगा। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    मृतकों के नाम
    इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई, उनके नाम इस प्रकार हैं-
    शुभम मोरप्पा (18), महेंद्रवाड़ी
    विनीत यादव (22), महेंद्रवाड़ी
    साहिल यादव (19), महेंद्रवाड़ी
    हरि सिंह (57), महेंद्रवाड़ी
    संतोष प्रजापति, माखननगर

  • पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….

    पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….


    कोलकाता।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दूसरे चरण के मतदान से पहले घुसपैठियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मैं घुसपैठियों को चेतावनी देता हूं कि वे बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले देश को छोड़ दें, वरना परिणाम आने के बाद उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के पहले चरण में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) का अहंकार चकनाचूर हो गया, दूसरे चरण में भाजपा की जीत सुनिश्चित होगी।

    पीएम मोदी ने चुनावी रैली में कहा, ”तृणमूल कांग्रेस के शासन में छोटे से छोटा नेता और गुंडे भी खुद को सरकार समझते हैं। भाजपा को वोट दीजिए, मैं आपको तृणमूल कांग्रेस के ‘महा जंगलराज’ से मुक्ति दिलाऊंगा। तृणमूल कांग्रेस की ‘निर्मम सरकार’ बंगाल की महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडों के साथ खड़ी है। अब यह कहने का समय आ गया है कि इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”संदेशखलि के पीड़ित एवं आर जी कर अस्पताल की पीड़िता की मां को चुनाव में टिकट देने के फैसले में बंगाल की महिलाओं के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता झलकती है। बंगाल की नई भाजपा सरकार महिलाओं के साथ बलात्कार और उन्हें प्रताड़ित करने वाले बदमाशों को चार मई के बाद न्याय के कठघरे में लाएगी।” वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि मैं मतुआ नामशुद्र समुदाय के सदस्यों के समक्ष यह प्रतिज्ञा करता हूं कि उन्हें सीएए के माध्यम से नागरिकता प्राप्त होगी।

    इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य सचिवालय से नहीं बल्कि पार्टी द्वारा संरक्षित गुंडों और अपराधियों द्वारा चलाई जा रही है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले, हुगली जिले के आरामबाग में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए टीएमसी की ”असामाजिक तत्वों पर निर्भरता” के कारण अक्सर कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मोदी ने कहा, ”टीएमसी की ‘निर्मम सरकार’ नबान्न (राज्य सचिवालय) से नहीं चलती। इसे गुंडे और अपराधी चलाते हैं, और सरकार को पटरी पर लाने के लिए उच्च न्यायालय और देश की शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है।”

    उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के कार्यान्वयन को मंजूरी दी जाएगी। ममता बनर्जी प्रशासन की विश्वसनीयता ”पूरी तरह से खत्म” होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केवल भाजपा ही ऐसी सरकार बना सकती है जो राज्य के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करेगी। राज्य के आलू किसानों की ”दुर्दशा” के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी सरकार से जुड़ा ‘सिंडिकेट राज’ उपज को कम दाम पर खरीदकर कहीं और ऊंचे दाम पर बेचता है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासनकाल में राज्य भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध अपने चरम पर पहुंच गए। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर ”अपराधियों को संरक्षण देने” का आरोप लगाया, जिसके चलते अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

  • बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल

    बंगाल के उत्तर 24 परगना में PM मोदी की रैली से पहले भारी हिंसा… पत्थरबाजी-बमबाजी और फायरिंग में 3 घायल


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के उत्तर 24 परगना जिले (North 24 Parganas district) में रविवार रात को भारी हिंसा भड़क गई। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सोमवार को होने वाली जनसभा से कुछ घंटे पहले हुई। मामले में जगद्दल पुलिस स्टेशन के सामने तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress- TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थक आपस में भिड़ गए। इस संघर्ष में पत्थरबाजी, बमबाजी और फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।

    हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।

    इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    भाजपा उम्मीदवार पवन सिंह ने कहा कि यह विवाद पिछले दिन एक नुक्कड़ सभा के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद के नेतृत्व में टीएमसी के लोगों ने भाजपा के कार्यक्रमों में बाधा डाली। पवन सिंह के मुताबिक, जब वे पुलिस स्टेशन से शिकायत करके घर लौट रहे थे, तब उन पर पत्थरों और बमों से हमला किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस दौरान हुई फायरिंग में एक सीआईएसएफ (CISF) जवान के बाएं पैर में गोली लग गई।

    दूसरी ओर, भाटपारा से टीएमसी उम्मीदवार अमित गुप्ता ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि विवाद अचला बागान वार्ड में शुरू हुआ था। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ता शांति से झंडे लगा रहे थे, तभी गुड्डू और पिंटू सिंह नाम के व्यक्तियों ने उनके कार्यकर्ता बिट्टू के साथ मारपीट की और पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। अमित गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वे शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे, तो भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर स्टेशन के अंदर ही टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया।

    प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। जगद्दल और भाटपारा इलाकों में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है ताकि हिंसा और न बढ़े। पुलिस ने बमबाजी और झड़पों के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगा रही हैं।

  • बुध गोचर 2026: अप्रैल के अंत में बनेगा बुधादित्य राजयोग, इन राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

    बुध गोचर 2026: अप्रैल के अंत में बनेगा बुधादित्य राजयोग, इन राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा


    नई दिल्ली। अप्रैल 2026 के आखिरी दिनों में ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ता है।

    इस बार बुध गोचर मेष राशि में प्रवेश करने जा रहा है। बुध को बुद्धि, व्यापार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। इसी समय सूर्य पहले से ही मेष राशि में मौजूद रहेंगे, जिससे दोनों ग्रहों की युति बनकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। यह योग ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है और माना जाता है कि यह आर्थिक उन्नति और करियर में सफलता दिला सकता है। इस गोचर का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहने की संभावना है।

    मेष राशि:-
    मेष राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद अनुकूल माना जा रहा है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। निवेश से लाभ और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

    मिथुन राशि:-
    मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर आय में वृद्धि का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और पारिवारिक जीवन में खुशहाली बढ़ सकती है।

    मकर राशि:-
    मकर राशि के लिए यह गोचर भाग्यवृद्धि लेकर आ सकता है। अटके हुए कार्य पूरे होंगे और कर्ज से राहत मिलने की संभावना है। संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है और नौकरी में पदोन्नति के योग भी बन रहे हैं।

  • MP: छतरपुर में पंचायत सचिव का कारनामा… 3 'जिंदा' लोगों के जारी कर दिए डेथ सर्टिफिकेट…

    MP: छतरपुर में पंचायत सचिव का कारनामा… 3 'जिंदा' लोगों के जारी कर दिए डेथ सर्टिफिकेट…


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में एक पंचायत सचिव को 3 जिंदा लोगों के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. जहां स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सचिव ने शायद किसी दबाव में आकर ऐसा किया हो, वहीं अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह गलती शायद कंप्यूटर चलाने की जानकारी न होने के कारण हुई हो।

    सचिव अमर सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई 17 अप्रैल को रमाबाई रायकवार, गिरजा विश्वकर्मा और कल्लू अहिरवार की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद की गई. इन लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया था और उनके मृत्यु प्रमाण पत्र गलत तरीके से बना दिए गए थे।


    पेंशन रुकी तो पता चला- ‘हम तो मर चुके हैं’

    अपनी शिकायत में रायकवार और विश्वकर्मा ने कहा कि उन्हें मृत घोषित किए जाने के बाद उनकी विधवा पेंशन रोक दी गई थी. अहिरवार ने दावा किया कि वह दलित कल्याण योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों का फायदा नहीं उठा पा रहे थे, क्योंकि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।


    बदला या तकनीकी गलती?

    स्थानीय लोगों ने दावा किया कि इन तीनों लोगों ने चुनाव के दौरान चंद्रापुरा के सरपंच के खिलाफ काम किया था, और हो सकता है कि सरपंच ने बदला लेने के लिए सचिव पर दबाव डाला हो।


    CEO की कार्रवाई और सचिव का निलंबन

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नमः शिवाय अरजरिया ने चंद्रापुरा ग्राम पंचायत के सचिव अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. हालांकि, अरजरिया ने कहा कि वह इस शिकायत पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, क्योंकि अभी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि सचिव को कंप्यूटर चलाने की ज्यादा जानकारी नहीं थी और इसलिए शायद यह गलती हो गई हो।

    CEO ने कहा कि शुरुआती तौर पर यह पाया गया कि यह कृत्य ‘मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1996’ के तहत एक गंभीर कदाचार (गलत आचरण) है. निलंबन की अवधि के दौरान अमर सिंह को जनपद पंचायत गौरिहार कार्यालय से अटैच किया जाएगा और उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

  • MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल

    MP: सिंधिया के स्वागत में ग्वालियर स्टेशन पर उमड़ी भीड़…. धक्का-मुक्की में 7 साल की बच्ची घायल


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर रेलवे स्टेशन (Gwalior Railway Station) पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के स्वागत के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से भीड़ की स्थिति बन गई. इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में एक 7 साल की बच्ची के घायल होने की बात सामने आई है.

    दरअसल, बच्ची अपने परिवार के साथ यात्रा के लिए स्टेशन पहुंची थी, तभी वह भीड़ के बीच फंस गई. परिजनों ने बमुश्किल उसे बाहर निकाला. बच्ची के घायल होने की जानकारी उसके माता-पिता ने दी है।

    परिजनों ने आरोप लगाया है कि VVIP आगमन के दौरान पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से आम यात्रियों को परेशानी हुई. साथ ही स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते रास्ते संकरे होने की वजह से भी स्थिति और बिगड़ने की बात कही गई है. फिलहाल यह मामला चर्चा में है और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


    क्या है पूरा मामला?

    दरअसल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार रात अंचल के चार दिवसीय दौरे पर ग्वालियर स्टेशन पहुंचे थे, जहां उनके समर्थक स्वागत करने उमड़ पड़े. इस दौरान बेकाबू हुए समर्थकों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई और इस तरह कई लोग इस धक्का मुक्की का शिकार हुए, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी गोवा एक्सप्रेस से गोवा जाने के लिए स्टेशन पहुंचे सिकंदर कंपू निवासी कुशवाह परिवार को हुई, जहां उनकी 7 साल की मासूम इक्षिता भीड़ के पैरों के नीचे दब गई.

    मासूम चीख पुकार मचाने लगी, लेकिन तब तक भीड़ उसके पैरों को कुचलती हुई आगे बढ़ गई. बमुश्किल मासूम के परिजनों ने उसे भीड़ से बचाया. रोती बिलखती हुई मासूम इक्षिता को परिजनों ने जैसे तैसे शांत कराया.


    परिजनों का फूटा गुस्सा

    वहीं, परिजनों का मासूम बेटी के पैर में चोट आने पर गुस्सा फूट बैठा. परिजनों ने कहा कि “माना VVIP का आगमन है, इसका मतलब ये नही की जनता को परेशान किया जाएगा. उनके साथ धक्का मुक्की होगी, बच्चों को पैरों तले दबा दिया जाएगा. परिजनों ने स्टेशन पर इस अव्यवस्था के लिए RPF,स्थानीय पुलिस बल, स्टेशन प्रबंधन को जिम्मदार माना है.


    संकरे रास्ते ने बढ़ाई मुश्किल

    बता दें कि स्टेशन पर पुनर्विकास का काम चल रहा है. जिसके चलते वैकल्पिक रास्ते प्लेटफॉर्म से बाहर आने के लिए तैयार किए गए हैं जो काफी संकरे भी हैं. यही वजह है कि हर बार की तरह बड़ी संख्या में पहुंचे सिंधिया समर्थकों के बीच स्वागत की होड़ में आम लोग, यात्री परेशान होते हुए दिखे।

  • MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

    MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली।

    जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

    दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी।

    10 साल से अलग रह रही थी पत्नी
    करीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है।


    परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधार

    पत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया।


    पति को अप्रैल में हुई जानकारी

    ऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी।

    ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।

  • Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत

    Bihar में बदला मौसम…. कोसी-सीमांचल में मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत


    पटना।
    बिहार (Bihar) में मौसम (Weather) का मिजाज बदल चुका है। रविवार देर रात कोसी-सीमांचल (Kosi Seemanchal) के जिलों में मूसलाधार बारिश हुई। पूर्णिया समेत कुछ जिलों में तो ओले भी गिरे। सहरसा, सुपौल, कटिहार, पूर्णिया और अररिया में तेज आंधी कई कच्चे मकानों को गिरा दिया। कई पेड़ गिर गए। इन जिलों में वज्रपात (Thunderstorm) के कारण पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में कटिहार के तीन लोग, पूर्णिया और अररिया एक-एक महिला की मौत हो गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने इन घटना पर शोक जताया जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में वे प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने सभी मृतक के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रूपये अनुग्रह अनुदान देने के निर्देश दिये हैं।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उत्तर और उत्तर पूर्वी बिहार के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में आंधी और बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चलने के भी आसार हैं।


    28 अप्रैल को पूरे बिहार में बारिश के आसार

    इधर, दक्षिण बिहार, दक्षिण-पश्चिम बिहार के लिए कोई भी चेतावनी जारी नहीं की गई है। पटना समेत कुछ जिलों में रविवार रात को हवा चलने से गर्मी से राहत जरूर मिली। सोमवार सुबह धूप निकली है लेकिन उतनी तपिश नहीं है। मौसम विभाग ने रोहतास, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, गया समेत कुछ जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 28 अप्रैल को पूरे बिहार में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में भी एक से तीन डिग्री तक कमी आने की संभावना है।


    कहां कितनी बारिश हुई?

    बारिश के प्रमुख आंकड़ों पर नजर डालें तो ठाकुरगंज में 75.4 मिमी, पलासी में 52.4 मिमी, कुर्साकांटा में 38.4 मिमी, बैसा में 32.4 मिमी और कोचाधामन में 30.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा किशनगंज (28.4 मिमी), सिकटी (26.4 मिमी), फॉरबिसगंज (25.4 मिमी) और अररिया (25.2 मिमी) समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।


    कहां कितनी गर्मी पड़ी?

    राज्य में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रोहतास के डेहरी में दर्ज किया गया। पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस से 44.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि, बीते 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव नहीं देखा गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो सबसे कम 21.0 डिग्री सेल्सियस अररिया के फॉरबिसगंज में दर्ज किया गया। राज्य का न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस से 30.3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और इसमें भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।

  • कांग्रेस विधायक का विवादित बयान, कहा- ट्रंप पर गोली चलनी ही थी, भारत में भी जनता का मूड ऐसा है

    कांग्रेस विधायक का विवादित बयान, कहा- ट्रंप पर गोली चलनी ही थी, भारत में भी जनता का मूड ऐसा है


    नई दिल्‍ली । अमेरिका में वाइट हाउस संवाददाताओं (WHCA) के वार्षिक रात्रिभोज कार्यक्रम में गोलीबारी की चर्चाएं दुनियाभर में हैं। इधर, भारत में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने विवादित बयान दे दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गोलियां चलनी ही थीं। साथ ही कहा है कि भारत में भी लोगों की यही भावना है। हमले में ट्रंप सुरक्षित हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वडेट्टीवार ने कहा, ‘ट्रंप दुनिया में दबदबना बनाना चाहते थे और दूसरे देशों को अस्थिर करना चाहते थे। जैसी करनी वैसी भरनी…। चूंकि चीजें ऐसी नहीं हुईं, जैसी उन्होंने उम्मीद की थी तो ये होना ही था।’ उन्होंने कहा कि भारत में भी जनता का मूड कुछ अलग नहीं है। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘चूंकि यहां लोग बाहर नहीं आ रहे हैं, तो भ्रम बना हुआ है कि सब ठीक है। लेकिन लोगों की भावना वैसी ही है कि भारत को तबाह किया जा रहा है।’

    कांग्रेस विधायक ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘इतने उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था, लेकिन जनता की प्रतिक्रिया आमतौर पर दिखाती है कि नेतृत्व कैसा है।’

    वाइट हाउस में गोलीबारी
    यह घटना शनिवार रात करीब 8:34 बजे की है, जब मेहमानों को रात्रिभोज परोसा जा रहा था। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप, एसोसिएशन की अध्यक्ष वेइजिया जियांग और ‘मेंटलिस्ट’ ओज पर्लमैन के साथ बातचीत करते नजर आ रहे थे। पर्लमैन वॉशिंगटन हिल्टन में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम में अपना शो पेश करने वाले थे। खुफिया सेवा के अधिकारियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने राष्ट्रपति, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और द्वितीय महिला उषा वेंस को सुरक्षा घेरा बना कक्ष से बाहर ले गए।

    कुछ घंटों बाद, ट्रंप ने वाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और घोषणा की कि सुरक्षाकर्मियों ने कैलिफोर्निया के एक व्यक्ति को पकड़ लिया है। ट्रंप ने रविवार को कहा कि रात्रिभोज में हथियारों के साथ घुसने की कोशिश करने वाला आरोपी प्रशासन के अधिकारियों को निशाना बनाना चाहता था और उसके परिवार ने पहले ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष इसे लेकर चिंता जताई थी।

    हमलावर की हुई पहचान
    अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध की पहचान कैलिफोर्निया निवासी 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे सोमवार को अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। न्याय विभाग के कार्यवाहक प्रमुख टोड ब्लैंच ने बताया कि आरोपी ट्रेन से कैलिफोर्निया से वाशिंगटन आया था और कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही उस होटल में ठहरा था, जहां यह समारोह आयोजित किया गया था।