Blog

  • यूपी : मुरादाबाद में चेतावनी वाले पोस्टरों से बढ़ा विवाद: ‘हिंदू सोसाइटी’ की अपील ने छेड़ी नई बहस

    यूपी : मुरादाबाद में चेतावनी वाले पोस्टरों से बढ़ा विवाद: ‘हिंदू सोसाइटी’ की अपील ने छेड़ी नई बहस


    मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के लाजपत नगर स्थित श्रीराम सोसाइटी में घरों के बाहर लगाए गए ‘हिंदू सनातनी सोसाइटी’ लिखे पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद शहर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। साथ ही, दो साल पहले शिव मंदिर वाली गली में लगे पलायन संबंधी पोस्टरों की घटना भी एक बार फिर लोगों को याद आ रही है।

    इस पूरे विवाद की वजह सोसाइटी में कुछ मकानों की खरीद-फरोख्त बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कुछ लोग अपने घर बेचना चाहते हैं और इन मकानों को खरीदने के लिए एक विशेष समुदाय के खरीदारों ने अधिक कीमत की पेशकश की है, जबकि अन्य खरीदार कम दाम दे रहे हैं। इसी स्थिति को लेकर सोसाइटी के कुछ निवासियों में यह आशंका पैदा हुई है कि नए समुदाय के आने से इलाके की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना बदल सकती है।

    विरोध का यह तरीका शनिवार को कुछ घरों से शुरू हुआ, जो रविवार तक बढ़कर 25 से ज्यादा घरों तक पहुंच गया। भगवान राम की तस्वीर वाले इन पोस्टरों में लिखा है कि यह क्षेत्र “पूर्णतः हिंदू सनातनी सोसाइटी” है और अन्य पक्ष के लोग यहां मकान न लें।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कटघर थाना पुलिस को मौके पर भेजकर लोगों से बातचीत करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्टरों में सीधे किसी धर्म का नाम नहीं लिया गया है और ‘दूसरे पक्ष’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह मामला कानूनी दृष्टि से जटिल हो जाता है। फिलहाल, क्षेत्र में माहौल संवेदनशील जरूर है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

  • आज शेयर बाजार में तेजी के संकेत: गिफ्ट निफ्टी 185 अंक ऊपर, ग्लोबल मार्केट से मिला सपोर्ट

    आज शेयर बाजार में तेजी के संकेत: गिफ्ट निफ्टी 185 अंक ऊपर, ग्लोबल मार्केट से मिला सपोर्ट


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत होने के संकेत मिल रहे हैं। बीएसई सेंसेक्स और NSE Nifty 50 के ऊंचे स्तर पर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। आज Coal India Limited, UltraTech Cement, Adani Total Gas, SBI Cards and Payment Services समेत कई कंपनियों के शेयर फोकस में रहेंगे, क्योंकि ये अपनी चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली हैं।

    ग्लोबल मार्केट्स से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है। एशियाई बाजारों में सोमवार को बढ़त दर्ज की गई। जापान का Nikkei 225 0.53% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 1% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर के आसपास पहुंच गया। हांगकांग का Hang Seng Index फ्यूचर्स भी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। वहीं, गिफ्ट निफ्टी लगभग 24,108 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 185 अंकों का प्रीमियम है। इसे भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव ओपनिंग का संकेत माना जा रहा है।

    अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। टेक शेयरों में खरीदारी से Nasdaq Composite और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। एसएंडपी 500 करीब 0.80% की बढ़त के साथ 7,165.08 पर और नैस्डैक 1.63% चढ़कर 24,836.60 पर बंद हुआ।

    कॉरपोरेट अपडेट की बात करें तो Reliance Industries ने चौथी तिमाही में मुनाफे में 12.6% की गिरावट दर्ज की है, हालांकि कंपनी की आय में लगभग 13% की वृद्धि हुई है। साथ ही, कंपनी ने ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा भी की है।

    सेंसेक्स के तकनीकी स्तरों की बात करें तो विशेषज्ञों के अनुसार 77,000 का स्तर बेहद अहम बना हुआ है। इसके नीचे फिसलने पर यह 76,000 तक आ सकता है और गिरावट बढ़ने पर 75,700 से 75,500 तक जाने की संभावना है। वहीं, अगर यह 77,000 के ऊपर टिकता है, तो 78,000 से 78,200 तक उछाल देखने को मिल सकता है।

    Nifty 50 के लिए भी तकनीकी संकेत थोड़ा कमजोर नजर आ रहे हैं। साप्ताहिक चार्ट पर गिरावट के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मुनाफावसूली का अंदेशा है। विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी 23,500 तक फिसल सकता है, जबकि 24,100 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। वहीं, Bank Nifty के लिए 55,500-55,400 का स्तर सपोर्ट जोन माना जा रहा है। इसके नीचे जाने पर यह 55,000 और फिर 54,500 तक गिर सकता है। दूसरी ओर, 56,500-56,600 के दायरे में मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।

  • मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा

    मध्य प्रदेश में अप्रैल की गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड, खजुराहो सबसे गर्म, पारा 45 डिग्री पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अप्रैल महीने की गर्मी इस बार नए रिकॉर्ड बना रही है। रविवार को आंधी और हल्की बारिश के बीच भी तापमान में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, मानो आसमान से आग बरस रही हो। पर्यटन स्थल खजुराहो में पहली बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, इंदौर में 6 साल और भोपाल-जबलपुर में 3 साल के भीतर की सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई।

    सोमवार के लिए प्रदेश के 13 जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, शाजापुर, देवास, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इंदौर और उज्जैन में गर्म रात (वॉर्म नाइट) की चेतावनी भी दी गई है, जिससे दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी का असर बना रहेगा। दूसरी ओर, श्योपुर, मुरैना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। जबकि भोपाल, जबलपुर सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा।

    रविवार को प्रदेश में पहली बार इस सीजन में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचा। खजुराहो के अलावा नौगांव में 44.6 डिग्री, सागर और नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, दमोह में 44.2 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, मंडला, दतिया और टीकमगढ़ में भी पारा 44 डिग्री तक पहुंचा। शाजापुर में 43.7 डिग्री, रायसेन, सतना, रतलाम और गुना में 43.6 डिग्री, रीवा और मलाजखंड में 43.5 डिग्री, सीधी में 43.4 डिग्री और बैतूल में 43 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 43.5 डिग्री तक पहुंचा। ग्वालियर में 42.9 डिग्री और उज्जैन में 42.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    रिकॉर्ड की बात करें तो इंदौर में 43 डिग्री तापमान के साथ अप्रैल की गर्मी ने 6 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 2019 में यहां 43.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। भोपाल में यह बीते 10 वर्षों का तीसरा सबसे गर्म दिन रहा, जबकि 3 साल बाद इतनी तेज गर्मी दर्ज की गई। जबलपुर में भी 3 साल के बाद सबसे ज्यादा तापमान 43.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर भी देखने को मिला। इंदौर, महू, भोपाल, सीहोर, रतलाम, शाजापुर, सागर और विदिशा के गंजबासौदा सहित कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसके कारण मौसम में बदलाव बना हुआ है। साथ ही, अगले तीन दिनों तक एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का यह मिला-जुला मिजाज जारी रह सकता है।

  • पंच परिवर्तन से स्थापित होगा भारतीयता का गौरव : सुरेश सोनी

    पंच परिवर्तन से स्थापित होगा भारतीयता का गौरव : सुरेश सोनी


    जबलपुर। अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी ने कहा कि संघ की स्थापना एक निश्चित उद्देश्य के साथ हुई थी और शताब्दी मनाना उसका मूल लक्ष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत का प्राचीन दर्शन और संस्कृति विश्व के लिए कल्याणकारी है, जिसे पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का कार्य तब तक चलता रहेगा, जब तक समाज और संघ में पूर्ण एकरूपता नहीं आ जाती।

    यह बातें सुरेश सोनी ने गत दिवस शनिवार को राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जबलपुर महानगर के तत्वावधान में श्रीजानकीरमण महाविद्यालय में साहित्यकार एवं इतिहासकार श्रेणी की प्रमुख जन गोष्ठी तथा ‘संघिका’ पुस्तक के प्रथम भाग का लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कही। कार्यक्रम में शरदचंद पालन मुख्य अतिथि एवं विभाग संघ चालक कैलाश गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता की पूजा-अर्चना एवं ‘वंदे मातरम’ के सामूहिक गायन से हुआ। अतिथियों का परिचय डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने दिया। इस अवसर पर डॉ. आनंद सिंह राणा द्वारा लिखित महाकौशल प्रांत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास पर आधारित पुस्तक ‘संघिका’ के प्रथम भाग का विमोचन किया गया। पुस्तक का परिचय एवं समीक्षा दीपक द्विवेदी ने प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना अल्केश चतुर्वेदी ने रखी।


    सुरेश सोनी ने बताया कि शताब्दी वर्ष के निमित्त देशभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके तहत 10 करोड़ से अधिक परिवारों से संपर्क और संवाद स्थापित किया गया तथा 60 हजार से अधिक स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हुआ। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण, समाज को एकसूत्र में बांधना और राष्ट्र के प्रति जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने इन विचारों को व्यवहारिक रूप दिया।

    उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की विभिन्न धाराओं क्रांतिकारी, अहिंसक और सैन्य का उल्लेख करते हुए बताया कि संघ के संस्थापक ने इन सभी आयामों को समझकर समाज निर्माण का कार्य किया। सुरेश सोनी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज का मूल दोष आत्मकेंद्रित होना है, जबकि भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है। संघ का स्वयंसेवक भाषा, जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्र को सर्वोपरि मानता है और निस्वार्थ सेवा उसका आधार है।

    उन्होंने ‘पंच परिवर्तन’ को समाज परिवर्तन का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि इसमें कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य बोध शामिल हैं। उन्होंने परिवार व्यवस्था को भारतीय समाज की मूल इकाई बताते हुए इसे सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व एक ऐसा विचार है जो वैश्विक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत कर सकता है। भारतीय परंपरा में समस्त सृष्टि को एक मानने की भावना निहित है, जो विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।

    मुख्य अतिथि शरदचंद पालन ने अपने संबोधन में शताब्दी वर्ष के संदर्भ में राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों और इतिहासकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम में नूपुर देशकर ने एकल गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में जिज्ञासा-समाधान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सुरेश सोनी ने साहित्यकारों एवं इतिहासकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए। इस गोष्ठी में लगभग 250 साहित्यकार एवं इतिहासकार शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आनंद सिंह राणा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. अभिजात कृष्ण त्रिपाठी ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

  • अमित शाह का बड़ा ऐलान: सत्ता में आते ही खत्म करेंगे टीएमसी का सिंडिकेट सिस्टम

    अमित शाह का बड़ा ऐलान: सत्ता में आते ही खत्म करेंगे टीएमसी का सिंडिकेट सिस्टम

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली, जब एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मौजूदा सरकार और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि राज्य में जनता अब बदलाव चाहती है और मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनता जा रहा है।

    अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है और विपक्ष को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। उनके अनुसार कई क्षेत्रों में जनता ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मतदान किया है, जो आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता अब एक नई दिशा और नई सरकार चाहती है।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विशेष रूप से टीएमसी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में एक प्रकार की सिंडिकेट व्यवस्था सक्रिय है, जो प्रशासन और विकास कार्यों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भाजपा को सत्ता मिलती है, तो इस तरह की व्यवस्थाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और पारदर्शी शासन स्थापित किया जाएगा।

    अमित शाह ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाएगी। उनके अनुसार राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाना प्राथमिकता होगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अपने भाषण में उन्होंने महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी और युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे राज्य में आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके।

    किसानों की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को लेकर भी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है और बाजार व्यवस्था में असंतुलन की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई सरकार बनने पर किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनकी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

    इसके अलावा उन्होंने राज्य में अधूरे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि कई परियोजनाएं लंबे समय से पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने वादा किया कि यदि भाजपा को अवसर मिलता है, तो इन लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    पूरे भाषण में अमित शाह ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि राज्य में एक नए प्रशासनिक मॉडल की जरूरत है, जो पारदर्शिता, विकास और सुशासन पर आधारित हो। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।

  • सदाबहार अदाकारा रेखा के ये गाने आज भी हैं संगीत प्रेमियों की पहली पसंद..

    सदाबहार अदाकारा रेखा के ये गाने आज भी हैं संगीत प्रेमियों की पहली पसंद..

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा रेखा का नाम उन कलाकारों में लिया जाता है, जिनकी लोकप्रियता सिर्फ उनकी फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके गानों ने भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। रेखा पर फिल्माए गए कई गीत आज भी उतने ही पसंद किए जाते हैं, जितने अपने समय में थे। उनकी अदाओं, भावनाओं और स्क्रीन प्रेजेंस ने इन गानों को हमेशा के लिए यादगार बना दिया है।

    रेखा के करियर में कई ऐसे गाने शामिल हैं, जो समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। इन गीतों में संगीत, बोल और प्रस्तुति का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जो उन्हें खास बनाता है। एक रोमांटिक गीत, जिसमें उनकी और रणधीर कपूर की जोड़ी नजर आई थी, आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इस गाने में संगीतकार और गायकों की शानदार प्रस्तुति ने इसे अमर बना दिया।

    इसके अलावा एक और गीत, जो एक क्लासिकल अंदाज में प्रस्तुत किया गया था, उसमें रेखा की भावनात्मक अभिव्यक्ति ने दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी आंखों और हाव-भाव के जरिए उन्होंने गाने को जीवंत बना दिया, जिससे यह गीत आज भी खास बना हुआ है।

    रेखा के कुछ गाने ऐसे भी हैं, जिनमें उनकी सादगी और खूबसूरती का अनोखा संगम देखने को मिलता है। एक गाने में उनकी मासूमियत और भावनात्मक गहराई ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया, जबकि एक अन्य गीत में उनकी और एक बड़े स्टार की जोड़ी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन गानों की खास बात यह है कि इन्हें सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि देखा भी उतनी ही दिलचस्पी से जाता है।

    उनके कई गाने ऐसे भी हैं जो अपनी धुन और गायकी के कारण अलग पहचान रखते हैं। इनमें से एक गाना गजल शैली में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें आवाज का जादू और रेखा की अदाकारी ने इसे बेहद खास बना दिया। यह गीत आज भी संगीत प्रेमियों के बीच लोकप्रिय है और अक्सर सुना जाता है।

    रेखा के गानों की एक और खासियत यह है कि वे हर भावना को बेहद खूबसूरती से पेश करते हैं। चाहे वह प्यार हो, दर्द हो या फिर खुशी, हर भावना को उन्होंने अपने अभिनय के जरिए प्रभावी तरीके से दर्शाया। यही कारण है कि उनके ये गीत समय के साथ पुराने नहीं पड़े, बल्कि और भी ज्यादा पसंद किए जाने लगे।

    आज भी जब लोग पुराने गानों की बात करते हैं, तो रेखा के ये सदाबहार गीत जरूर याद किए जाते हैं। उनकी लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि अच्छा संगीत और शानदार अभिनय कभी पुराना नहीं होता। रेखा के ये गाने आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उतने ही खास रहेंगे, जितने आज हैं।

  • मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी

    मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आज राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में यह परीक्षा 365 केंद्रों पर आयोजित हो रही है जहां लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस बार परीक्षा को लेकर नियमों में कई बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है।

    यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जा रही है जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक चलेगा। परीक्षा के लिए प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके।

    इस बार सबसे खास बात यह है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है। उम्मीदवारों को पहले बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से गुजरना होगा इसके बाद एडमिट कार्ड की स्कैनिंग की जाएगी और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के जरिए तलाशी ली जाएगी। इन सभी चरणों से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।

    परीक्षा प्रबंधन के अनुसार हर उम्मीदवार की जांच में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है इसलिए सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की गई है ताकि उम्मीदवार पहले से ही सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की परेशानी से बच सकें।

    प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

    कुल मिलाकर MPPSC की यह परीक्षा न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी नियमों का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करें।

  • डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद

    डिजिटल जनगणना 2027 पर पीएम मोदी का जोर भोपाल में सीएम मोहन यादव ने मन की बात के जरिए जोड़ा संवाद


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को एक अलग ही माहौल देखने को मिला जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें संस्करण का जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ सामूहिक श्रवण किया। वीआईपी रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित इस कार्यक्रम में आमजन की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली जिससे यह एक जनसंवाद का मंच बन गया।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि मन की बात आज देशवासियों के दिलों में अपनी खास जगह बना चुका है और यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं बल्कि करोड़ों लोगों को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि इसके जरिए समाज के प्रेरक कार्यों नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को सामने लाया जाता है जिससे लोगों को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी। घर घर जाकर जानकारी एकत्र करने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप होगा जिसमें नागरिकों की जानकारी सीधे दर्ज की जाएगी।

    प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार नागरिकों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जा रही है। कर्मचारी के आने से लगभग 15 दिन पहले यह सुविधा शुरू होगी जिससे लोग अपने समय अनुसार जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद उन्हें एक विशेष आईडी मिलेगी जिसे वे कर्मचारी के आने पर दिखाकर अपनी जानकारी की पुष्टि कर सकेंगे। इससे प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत भी होगी।

    उन्होंने जानकारी दी कि जिन राज्यों में स्व गणना का कार्य पूरा हो चुका है वहां घरों के सूचीकरण का काम भी शुरू हो गया है और अब तक करीब 1 करोड़ 20 लाख परिवारों का मकान सूचीकरण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लें क्योंकि यह केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उपस्थित युवाओं और आमजनों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान और स्वरोजगार जैसे विषयों पर चर्चा की और बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की शिक्षा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की और उनसे संवाद कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के महत्व और बड़ों के सम्मान की सीख दी तथा उनके साथ समय बिताया।

    कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात देश को सकारात्मक दिशा देने का एक अनूठा प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है।

    कुल मिलाकर भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक रेडियो प्रसारण नहीं बल्कि जनसंवाद और जनभागीदारी का उदाहरण बनकर सामने आया जिसमें सरकार और जनता के बीच संवाद को मजबूत करने की झलक देखने को मिली।

  • टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा

    टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां बीच बाजार में पति पत्नी के बीच हुआ विवाद हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।

    यह पूरा मामला जिले के लिधौरा कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पति पत्नी पास के किसी गांव से बाजार में खरीददारी करने आए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन अचानक हालात तब बिगड़ गए जब पति पास ही स्थित देसी शराब के ठेके से शराब पीकर लौट आया।

    पत्नी को जैसे ही इस बात का पता चला उसने पति के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसके बाद माहौल तेजी से गर्म हो गया और नशे में धुत पति ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में उसने पत्नी के साथ बीच बाजार मारपीट शुरू कर दी जिससे वहां अफरा तफरी मच गई।

    स्थिति यहीं नहीं रुकी बल्कि आरोपी पति ने गुस्से में अपने ही कपड़े फाड़ना शुरू कर दिए जिससे यह पूरा घटनाक्रम और ज्यादा सनसनीखेज बन गया। पति की हरकतों से नाराज पत्नी ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उससे हाथापाई कर ली और देखते ही देखते मामला पूरी तरह बेकाबू हो गया।

    घटना के दौरान बाजार में मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    हालांकि इस पूरे विवाद के बाद पति पत्नी दोनों ही मौके से एक साथ अपने घर के लिए रवाना हो गए। फिलहाल दोनों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है और ना ही इस मामले में किसी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के विवाद किस तरह से कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा को प्रभावित करते हैं। स्थानीय लोग भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जता रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्ती की मांग कर रहे हैं।

  • लाइव कॉन्सर्ट से पहले सड़क पर हुआ खास पल, सोनू निगम ने फैंस को दिया अनोखा सरप्राइज

    लाइव कॉन्सर्ट से पहले सड़क पर हुआ खास पल, सोनू निगम ने फैंस को दिया अनोखा सरप्राइज

    नई दिल्ली। संगीत की दुनिया में अपने सुरों से लाखों दिलों पर राज करने वाले मशहूर गायक सोनू निगम एक बार फिर अपने अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका कोई नया गाना या स्टेज परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि एक बेहद प्यारा और इंसानी जुड़ाव से भरा पल है, जिसने फैंस का दिल जीत लिया। यह घटना उस समय की है जब वह विदेश में अपने एक कॉन्सर्ट के लिए जा रहे थे और रास्ते में कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर हर कोई मुस्कुराए बिना नहीं रह सका।

    दरअसल, सोनू निगम अपनी कार में बैठे हुए अपने कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। रास्ते में उनकी नजर आगे चल रही एक कार पर पड़ी, जिसमें कुछ युवा फैंस पूरे जोश के साथ उनका ही गाना जोर-जोर से बजाकर गा रहे थे। गाड़ी के अंदर मौजूद ये फैंस पूरी तरह म्यूजिक में डूबे हुए थे और उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस आवाज पर वे झूम रहे हैं, वह खुद उनके ठीक पीछे मौजूद है।

    इस दृश्य को देखकर सोनू निगम खुद भी मुस्कुराने लगे। उन्होंने तुरंत इस खास पल को और यादगार बनाने का फैसला किया। उन्होंने अपने ड्राइवर से कहा कि गाड़ी को उन फैंस की कार के करीब ले जाया जाए। जैसे ही उनकी गाड़ी पास पहुंची, सोनू ने अपनी कार की खिड़की नीचे की और फैंस की ओर देखा।

    जब उन युवाओं की नजर सोनू निगम पर पड़ी, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जो लोग अभी तक सिर्फ उनके गाने पर झूम रहे थे, वे अचानक अपने पसंदीदा सिंगर को सामने देखकर हैरान और बेहद खुश हो गए। उनके चेहरे पर आई मुस्कान और उत्साह साफ बता रहा था कि यह पल उनके लिए कितना खास था। उन्होंने हाथ हिलाकर सोनू का अभिवादन किया और यह मुलाकात कुछ ही सेकंड की होने के बावजूद हमेशा के लिए यादगार बन गई।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे खास बात यह रही कि सोनू निगम ने खुद आगे बढ़कर अपने फैंस के साथ जुड़ने की कोशिश की। अक्सर बड़े कलाकारों और फैंस के बीच दूरी बनी रहती है, लेकिन इस छोटे से कदम ने यह दिखा दिया कि असली स्टार वही होता है, जो अपने चाहने वालों की भावनाओं को समझता है।

    बाद में इस खूबसूरत पल का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे एक साधारण सा सफर अचानक एक खास अनुभव में बदल गया। सोनू निगम का यह जेस्चर न सिर्फ उनके फैंस के लिए, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए खास बन गया, जिसने इसे देखा।

    यह घटना यह भी साबित करती है कि संगीत सिर्फ सुनने की चीज नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने का एक मजबूत माध्यम है। और जब कलाकार खुद उस जुड़ाव को महसूस करते हुए फैंस तक पहुंचता है, तो वह पल और भी खास बन जाता है।