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  • लुंगी एनगिडी के लिए 'देवदूत' बनी दिल्ली पुलिस, 11 मिनट के ग्रीन कॉरिडोर ने बचाई स्टार गेंदबाज की जान।

    लुंगी एनगिडी के लिए 'देवदूत' बनी दिल्ली पुलिस, 11 मिनट के ग्रीन कॉरिडोर ने बचाई स्टार गेंदबाज की जान।

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले के दौरान खेल का मैदान अचानक एक आपातकालीन केंद्र में बदल गया। दिल्ली और पंजाब के बीच चल रहे मैच में दिल्ली की टीम के मुख्य तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी एक कैच लपकने के प्रयास में गंभीर रूप से चोटिल हो गए।

    सिर के बल जमीन पर गिरने के कारण उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी, जिसे देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत महसूस हुई। इस नाजुक समय में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पेशेवर मुस्तैदी का एक नया उदाहरण पेश किया। भारी ट्रैफिक और पीक ऑवर्स के बावजूद, पुलिस ने महज 11 मिनट के भीतर एक सुरक्षित ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर एम्बुलेंस को अस्पताल पहुँचाया, जिससे खिलाड़ी को समय पर आवश्यक चिकित्सा मिल सकी।

    यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना मैच की दूसरी पारी के तीसरे ओवर के दौरान घटी। विपक्षी टीम के बल्लेबाज ने एक ऊँचा शॉट खेला, जिसे पकड़ने के लिए एनगिडी पीछे की ओर दौड़े, लेकिन संतुलन बिगड़ने की वजह से वह सिर के बल जमीन पर गिर पड़े। गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके सिर का पिछला हिस्सा सीधे जमीन से टकराया और वे दर्द से कराहने लगे।

    मैदान पर मौजूद मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उन्हें विशेष अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। स्टेडियम से अस्पताल की दूरी और दिल्ली की सड़कों के दबाव को देखते हुए यह एक कठिन कार्य था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने इसे मिशन मोड में पूरा किया।

    ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने पुलिस कंट्रोल रूम के साथ बेहतरीन समन्वय स्थापित किया। जैसे ही मेडिकल इमरजेंसी की पुष्टि हुई, स्टेडियम से लेकर राजेंद्र नगर स्थित स्पेशलिटी अस्पताल तक के पूरे मार्ग को एम्बुलेंस के लिए खाली करा दिया गया।

    ट्रैफिक सिग्नल को मैन्युअल रूप से नियंत्रित कर यह सुनिश्चित किया गया कि एम्बुलेंस को कहीं भी रुकना न पड़े। पुलिसकर्मियों की इस तत्परता का ही परिणाम था कि यह सफर रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर की चोट के मामलों में समय की बहुत अहमियत होती है और पुलिस की इस फुर्ती ने एनगिडी के खतरे को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई।

    राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि अस्पताल में गहन परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने लुंगी एनगिडी को खतरे से बाहर बताया। उन्हें किसी भी प्रकार की कोई गहरी आंतरिक चोट नहीं आई है और शनिवार देर रात ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    खेल के लिहाज से भले ही दिल्ली को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा हो और पंजाब ने टी20 इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस की इस मानवीय पहल की जमकर सराहना हो रही है।

    इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आपातकालीन स्थिति में तकनीकी और पेशेवर तालमेल कैसे अनमोल जिंदगियां बचा सकता है।
  • आईपीएल 2026 में राहुल का तूफान! 16 चौके और 9 छक्कों से दहला पंजाब, 150 का आंकड़ा छूकर रचा नया इतिहास।

    आईपीएल 2026 में राहुल का तूफान! 16 चौके और 9 छक्कों से दहला पंजाब, 150 का आंकड़ा छूकर रचा नया इतिहास।

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के मंच पर शनिवार को एक ऐसा चमत्कार हुआ जिसे क्रिकेट प्रेमी सदियों तक याद रखेंगे। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से खेलते हुए स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने पंजाब के खिलाफ बल्लेबाजी का वो स्तर दिखाया, जिसने आधुनिक क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी।

    राहुल ने मैदान के चारों ओर 16 शानदार चौके और 9 गगनचुंबी छक्के जड़ते हुए नाबाद 152 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। यह स्कोर केवल एक मैच का परिणाम नहीं था, बल्कि उन तमाम दिग्गजों के रिकॉर्ड्स की विदाई थी जो अब तक इस लीग के शीर्ष पर काबिज थे। इस तूफानी पारी के साथ ही राहुल ने यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस पीढ़ी के सबसे तकनीकी रूप से सक्षम और आक्रामक बल्लेबाजों में गिना जाता है।

    इस पारी की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि केएल राहुल अब आईपीएल के इतिहास में 150 रनों की व्यक्तिगत पारी खेलने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। भारत के लिए टी20 प्रारूप में यह कारनामा करने वाले वे दूसरे खिलाड़ी हैं, लेकिन आईपीएल के विशाल मंच पर यह कीर्तिमान स्थापित करने वाले वे इकलौते भारतीय हैं।

    अब वे आईपीएल की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों की सर्वकालिक सूची में तीसरे स्थान पर पहुँच गए हैं, जहाँ उनसे आगे केवल क्रिस गेल (175*) और ब्रेंडन मैकुलम (158*) जैसे विदेशी नाम शामिल हैं। राहुल का यह प्रदर्शन न केवल उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ है, बल्कि यह दिल्ली की टीम के लिए पूरे सीजन का सबसे बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ भी माना जा रहा है।

    मैच के दौरान रिकॉर्ड्स टूटने का सिलसिला यहीं नहीं थमा। राहुल ने नीतीश राणा के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 220 रनों की अविश्वसनीय साझेदारी की। यह साझेदारी आईपीएल इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी पार्टनरशिप बन गई है, जिसमें पहले स्थान पर अभी भी विराट कोहली और एबी डिविलियर्स (229 रन) का नाम दर्ज है।

    इसके साथ ही, केएल राहुल ने अपने करियर का छठा आईपीएल शतक पूरा कर ‘यूनिवर्स बॉस’ क्रिस गेल के शतकों की बराबरी कर ली है। अब उनके निशाने पर विराट कोहली के सर्वाधिक 8 शतकों का रिकॉर्ड है। अपनी वर्तमान टीम के लिए यह राहुल का दूसरा शतक था, जिसके साथ वे अपनी टीम की ओर से सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की श्रेणी में भी शीर्ष पर पहुँच गए हैं।

    आंकड़ों के आईने में देखें तो केएल राहुल अब एक ऐसी ‘रन मशीन’ बन चुके हैं जिसे रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए चुनौती है। 5500 से अधिक रन और लगभग 47 के औसत के साथ वे लीग के सबसे निरंतर खिलाड़ियों में शुमार हैं। 1000 से अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों में राहुल की निरंतरता बेजोड़ है।

    इस ऐतिहासिक पारी ने न केवल पंजाब की टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, बल्कि क्रिकेट के पंडितों को भी यह मानने पर मजबूर कर दिया कि 2026 का यह सीजन केएल राहुल के नाम होने वाला है। दिल्ली की यह जीत और राहुल का यह बल्ला, आने वाले मैचों के लिए विपक्षी टीमों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

  • बिना शराब पिए भी खराब हो सकता है आपका लिवर; जंक फूड और पेनकिलर्स के इस घातक गठजोड़ को पहचानें।

    बिना शराब पिए भी खराब हो सकता है आपका लिवर; जंक फूड और पेनकिलर्स के इस घातक गठजोड़ को पहचानें।

    नई दिल्ली। मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण इंजन कहा जाने वाला ‘लिवर’ आज एक अनचाहे खतरे के साये में है। अक्सर माना जाता है कि लिवर की खराबी का एकमात्र कारण अत्यधिक शराब का सेवन है, लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि हमारी आधुनिक जीवनशैली की कुछ सामान्य चीजें शराब से भी अधिक तेजी से इस अंग को नष्ट कर रही हैं।

    लिवर न केवल शरीर से जहरीले तत्वों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालता है, बल्कि यह पाचन के लिए पित्त बनाने और महत्वपूर्ण विटामिन्स को स्टोर करने का कार्य भी करता है। यदि इसमें सूजन या खराबी आती है, तो यह पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को ठप कर सकता है। दुर्भाग्यवश, आजकल हर दूसरा व्यक्ति ‘फैटी लिवर’ की समस्या से जूझ रहा है, जिसका मुख्य कारण वह भोजन है जिसे हम सुरक्षित और सामान्य समझकर खा रहे हैं।

    लिवर को चुपचाप नुकसान पहुँचाने वाली चीजों में सबसे ऊपर प्रोसेस्ड और पैकेट बंद खाद्य पदार्थ आते हैं। इन डिब्बाबंद स्नैक्स में नमक, चीनी और कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स की भारी मात्रा होती है, जो लिवर की कोशिकाओं में सूजन पैदा करती है। इसी श्रेणी में अत्यधिक चीनी वाले आहार भी शामिल हैं। जब हम सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स या बहुत अधिक मीठा खाते हैं, तो लिवर उस अतिरिक्त शुगर को फैट में बदलने लगता है।

    समय के साथ यह फैट लिवर में जमा होकर सिरोसिस और फाइब्रोसिस जैसी जानलेवा बीमारियों का मार्ग प्रशस्त करता है, जहाँ लिवर पूरी तरह काम करना बंद कर सकता है।

    एक और गंभीर खतरा बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स और प्रोटीन पाउडर के सेवन से जुड़ा है। फिटनेस के प्रति बढ़ते जुनून के कारण कई लोग बिना उचित जानकारी के भारी मात्रा में सप्लीमेंट्स लेते हैं, जो लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। इसके साथ ही, मामूली शारीरिक दर्द के लिए बार-बार पेनकिलर्स (दर्द निवारक दवाएं) लेना भी एक आत्मघाती कदम साबित हो सकता है।

    ये दवाएं रक्त के माध्यम से सीधे लिवर तक पहुँचती हैं और उसे अंदर से डैमेज करना शुरू कर देती हैं। वहीं, जंक फूड और डीप फ्राइड आइटम्स जैसे मोमोज, चाऊमीन और फ्रेंच फ्राइज में इस्तेमाल होने वाला तेल लिवर की पाचन शक्ति को नष्ट कर देता है।

    लिवर की सेहत को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है क्योंकि यह विटामिन A, D, E और B12 का मुख्य भंडार है। शराब जहाँ इन पोषक तत्वों को सोख लेती है, वहीं ये पांचों ‘साइलेंट किलर’ लिवर की फिल्टर करने की क्षमता को खत्म कर देते हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर की रक्षा के लिए प्राकृतिक और संतुलित आहार ही सबसे उत्तम मार्ग है। यदि आप भी नियमित रूप से बाजार के तले-भुने खाने या बिना जरूरत दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो आज ही संभलने की जरूरत है। स्वस्थ जीवन जीने के लिए लिवर का ‘हैप्पी और हेल्दी’ होना अनिवार्य है।

  • मात्र 10 रुपये में मिलेगा भरपूर प्रोटीन, शरीर को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे सस्ता तरीका।

    मात्र 10 रुपये में मिलेगा भरपूर प्रोटीन, शरीर को लोहे जैसा मजबूत बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने बताया सबसे सस्ता तरीका।

    नई दिल्ली। फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के प्रति बढ़ते रुझान के बीच आज हर कोई एक सुडौल और ताकतवर शरीर की चाहत रखता है। आमतौर पर यह माना जाता है कि बेहतर मसल्स बनाने के लिए अंडे, चिकन या महंगे सप्लीमेंट्स ही एकमात्र विकल्प हैं, लेकिन पोषण विशेषज्ञों ने एक ऐसी सस्ती और सुलभ चीज को ‘प्रोटीन का पावरहाउस’ माना है जो इन सभी को कड़ी टक्कर दे रही है।

    हम बात कर रहे हैं सोयाबीन की, जिसे सोया चंक्स के रूप में भी जाना जाता है। शाकाहारियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह न केवल शरीर की प्रोटीन की जरूरत को पूरा करता है, बल्कि बेहद कम खर्च में आपको एक एथलीट जैसी फिटनेस प्रदान करने की क्षमता रखता है।

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो सोयाबीन में मौजूद पोषण इसे दुनिया के सबसे प्रभावी सुपरफूड्स की श्रेणी में खड़ा करता है। इसके प्रति 100 ग्राम में लगभग 36.5 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है, जो पनीर या किसी भी मांसाहारी आहार की तुलना में काफी अधिक है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोयाबीन में सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो कठिन वर्कआउट के बाद मांसपेशियों की मरम्मत (Muscle Recovery) और उनके विकास के लिए अनिवार्य होते हैं। यही कारण है कि अब दुनिया भर के फिटनेस प्रेमी अपनी डाइट में सोया चंक्स, टोफू और सोया दूध को प्रमुखता से शामिल कर रहे हैं।

    सोयाबीन के फायदे केवल मांसपेशियों तक ही सीमित नहीं हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर, आयरन, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के संपूर्ण विकास में सहायक होते हैं। यह हड्डियों को मजबूती देने के साथ-साथ हृदय की धमनियों को भी स्वस्थ रखता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

    वजन कम करने के इच्छुक लोगों के लिए भी सोयाबीन एक आदर्श विकल्प है; इसमें प्रोटीन की अधिकता के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे अनावश्यक कैलोरी लेने की इच्छा कम हो जाती है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी तेजी से घटने लगती है।

    इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी बेहद आसान है। सोया चंक्स का उपयोग स्वादिष्ट सब्जी, पुलाव या सलाद के रूप में किया जा सकता है। इसके अलावा, सोया मिल्क उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो डेयरी उत्पादों से परहेज करते हैं।

    हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी आहार का लाभ तभी मिलता है जब उसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। सीमित और नियमित रूप से सोयाबीन को अपनी थाली में जगह देकर आप न केवल अपनी शारीरिक ताकत बढ़ा सकते हैं, बल्कि बिना जेब पर बोझ डाले एक ‘फौलादी’ व्यक्तित्व के मालिक बन सकते हैं।

  • 'ग्लोरी' से लेकर 'बैचमेट्स' तक, इस हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगेगा मनोरंजन का मेला।

    'ग्लोरी' से लेकर 'बैचमेट्स' तक, इस हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगेगा मनोरंजन का मेला।

    नई दिल्ली। गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में एक बड़ा धमाका होने जा रहा है। 26 अप्रैल से लेकर 1 मई के बीच विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर नई फिल्मों और वेब सीरीज की एक बड़ी लहर आने वाली है। अगर आप भी घर बैठे बेहतरीन कंटेंट का आनंद लेना चाहते हैं, तो अपनी वॉच लिस्ट तैयार करने का यह सबसे सही समय है।

    इस हफ्ते दर्शकों को हिंदी, तेलुगू और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में कॉमेडी, हॉरर, सस्पेंस और एक्शन का बेजोड़ संगम देखने को मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि इस बार बच्चों के लिए खास एनिमेशन से लेकर युवाओं के लिए कॉलेज लाइफ ड्रामा और बड़ों के लिए डार्क क्राइम थ्रिलर—हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ विशेष पेश किया जा रहा है।

    इस हफ्ते की सबसे बहुप्रतीक्षित रिलीज में ‘ग्लोरी’ का नाम सुर्खियों में है। 1 मई को रिलीज होने वाली यह वेब सीरीज खेल की दुनिया के संघर्ष और जुनून की कहानी कहती है, जिसमें पुलकित सम्राट और दिव्येंदु शर्मा जैसे दिग्गज कलाकार अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरते नजर आएंगे।

    वहीं, जो लोग अपराध जगत की सच्ची कहानियों में रुचि रखते हैं, उनके लिए 27 अप्रैल को ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ नाम की एक क्राइम डॉक्यूमेंट्री पेश की जा रही है, जो पंजाब के आपराधिक इतिहास के कुछ अनछुए पहलुओं को उजागर करेगी। इसके साथ ही, आज यानी 26 अप्रैल से लाइव इवेंट के शौकीनों के लिए ‘सुपरनोवा स्ट्राइकर्स’ शुरू हो रहा है, जहाँ मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज बॉक्सिंग रिंग में मुकाबला करते दिखेंगे।

    रोमांच और डर का अनुभव चाहने वालों के लिए 29 अप्रैल को ‘द हाउस ऑफ द स्पिरिट्स’ रिलीज होने वाली है। यह सीरीज एक परिवार के गहरे रहस्यों और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटनाओं पर आधारित है। वहीं, 30 अप्रैल को सस्पेंस से भरपूर थ्रिलर ‘मैन ऑन फायर’ दस्तक देगी, जिसकी कहानी एक जांबाज शख्स की बहादुरी और बदले के इर्द-गिर्द बुनी गई है। कॉलेज लाइफ को करीब से महसूस करने वाले युवाओं के लिए तेलुगू सीरीज ‘बैचमेट्स’ भी इसी हफ्ते आ रही है, जो इंजीनियरिंग कॉलेज के दिनों, दोस्तों के आपसी विवाद और रैगिंग जैसे गंभीर मुद्दों को एक नए नजरिए से पेश करती है।

    सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चों के मनोरंजन का भी इस हफ्ते पूरा ख्याल रखा गया है। 1 मई को ‘स्वैप्ड’ नाम की एक शानदार एनिमेटेड फैंटसी फिल्म रिलीज हो रही है, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। इसके अलावा, फैशन और ग्लैमर की दुनिया के उतार-चढ़ाव दिखाने वाली फिल्म ‘द डेविल वियर्स प्राडा 2’ भी 1 मई को डिजिटल पर्दे पर वापसी कर रही है।

    चाहे वह संगीत प्रेमियों के लिए किसी म्यूजिक ग्रुप का अमेरिकी सफर हो या एक पादरी और आम लड़की की प्रेम कहानी वाली फिल्म ‘माई डियरेस्ट सेनोरीटा-यह हफ्ता हर मायने में मनोरंजन से भरपूर होने वाला है। तो बस, अपनी पसंद की सीरीज चुनें और तैयार हो जाएं एक शानदार फिल्मी सफर के लिए।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

    एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है।

    तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है।

    शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया।

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब आपके दिल की धड़कनों को पढ़ेंगे डॉक्टर, हार्ट अटैक के खतरों पर लगेगी लगाम।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से अब आपके दिल की धड़कनों को पढ़ेंगे डॉक्टर, हार्ट अटैक के खतरों पर लगेगी लगाम।


    नई दिल्ली। चिकित्सा और प्रौद्योगिकी के संगम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक समस्याओं का समाधान नवाचार में ही छिपा है। झारखंड स्थित आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक ऐसी तकनीकी छलांग लगाई है, जो भविष्य में हजारों जिंदगियां बचाने की क्षमता रखती है।

    संस्थान के कंप्यूटर साइंस विभाग के विशेषज्ञों ने ‘इकोपल्स’ (EcoPulse) नामक एक आधुनिक प्रणाली विकसित की है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर हृदय संबंधी रोगों की पहचान को बेहद सरल और सटीक बना देगी। यह तकनीक उन लोगों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी है, जो समय पर दिल की बीमारियों का पता न चल पाने के कारण जोखिम में रहते हैं। इस शोध की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह जटिल जांच प्रक्रियाओं को न केवल सस्ता बनाती है, बल्कि इसकी सटीकता किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के विश्लेषण के बराबर है।

    ‘इकोपल्स’ की कार्यप्रणाली इसे दुनिया की मौजूदा तकनीकों से अलग खड़ा करती है। आमतौर पर हृदय की जांच के लिए किए जाने वाले परीक्षणों की रिपोर्ट को समझना आम आदमी तो क्या, कई बार चिकित्सा कर्मियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है।

    लेकिन यह नई तकनीक ‘सेल्फ-सुपरवाइज्ड लर्निंग’ मॉडल पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि यह मशीन बिना किसी पुराने रिकॉर्ड के भी हृदय की धड़कनों और रक्त पंप करने की क्षमता में आने वाले सूक्ष्म बदलावों को तुरंत भांप लेती है। इतना ही नहीं, वर्चुअल रियलिटी यानी आभासी वास्तविकता का उपयोग करके डॉक्टर मरीज के दिल की कार्यप्रणाली को 3D प्रारूप में देख सकते हैं। इससे दिल के किसी भी हिस्से में होने वाली रुकावट या कमजोरी को गहराई से समझना और उसका तत्काल उपचार शुरू करना संभव हो जाएगा।

    इस तकनीक का सबसे क्रांतिकारी प्रभाव भारत के ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे पर पड़ने वाला है। हमारे देश के दूरदराज के क्षेत्रों में अक्सर अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट की कमी होती है, जिससे हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों की पहचान नहीं हो पाती। ‘इकोपल्स’ इस अंतर को पाटने का काम करेगा। इसकी सरलता का लाभ उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी भी किसी विशेषज्ञ की तरह सटीक हृदय जांच कर सकेंगे।

    यह तकनीक जटिल डेटा को इतने सरल विजुअल्स में बदल देती है कि कोई भी पैरामेडिकल स्टाफ समय रहते जीवनरक्षक निर्णय लेने में सक्षम हो जाएगा। यह नवाचार ग्रामीण भारत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है, जहाँ अब विशेषज्ञ सेवाओं के अभाव में इलाज में देरी नहीं होगी।

    प्रोफेसर ए.सी.एस. राव के नेतृत्व में तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट की गंभीरता को समझते हुए राष्ट्रीय स्तर पर भी इसे भारी समर्थन मिला है। अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने इस स्वदेशी तकनीक के विकास के लिए 47 लाख रुपये की महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान की है।

    इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य चिकित्सा क्षेत्र को ‘स्मार्ट’ और ‘पारदर्शी’ बनाना है, ताकि तकनीक और मरीज के बीच कोई पर्दा न रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आविष्कार न केवल भारत में हृदय रोगों से होने वाली मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी चिकित्सा इमेजिंग के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा। यह तकनीक इस बात का प्रमाण है कि भारतीय वैज्ञानिक अपनी प्रतिभा से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

  • सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?

    सुनीता आहूजा के तल्ख तेवरों ने उड़ाए फैंस के होश, आखिर क्यों पति के नाम पर भड़क रही हैं गोविंदा की पत्नी?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच के रिश्तों को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक वीडियो ने फैंस और फिल्म जगत के जानकारों को हैरान कर दिया है। इस वीडियो में सुनीता आहूजा का अपने पति गोविंदा के प्रति बेहद तल्ख और बेरुखा अंदाज देखने को मिल रहा है।

    जब सार्वजनिक स्थान पर मौजूद लोगों ने उनसे गोविंदा की गैर मौजूदगी और उनके ठिकाने के बारे में सवाल किया, तो सुनीता ने सामान्य जवाब देने के बजाय गुस्से में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं पता कि गोविंदा कहाँ हैं, वे शायद घर पर होंगे। उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस मशहूर जोड़ी के बीच सब कुछ सामान्य है या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी दरार आ चुकी है।

    सफेद शर्ट और जींस पहने अपने पालतू कुत्ते के साथ नजर आ रही सुनीता के चेहरे पर उस वक्त नाराजगी साफ देखी जा सकती थी, जब उनसे पूछा गया कि गोविंदा सर काफी समय से दिखाई क्यों नहीं दे रहे हैं। इस सवाल पर जिस तरह का चेहरा उन्होंने बनाया और जिस लहजे में जवाब दिया, वह किसी सामान्य वैवाहिक चर्चा जैसा नहीं था।

    अक्सर सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की तारीफ करने वाले इस जोड़े के बीच ऐसी कड़वाहट पहले कभी नहीं देखी गई। इस घटना ने उन पुरानी चर्चाओं को फिर से जीवित कर दिया है, जिनमें अक्सर यह दावा किया जाता रहा है कि यह जोड़ी पिछले कुछ समय से व्यक्तिगत मतभेदों के कारण अलग-अलग रह रही है।

    गौरतलब है कि हाल ही में सुनीता आहूजा को उनके भांजे और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ एक मंच पर देखा गया था, जिसे सालों पुराने पारिवारिक विवाद के खात्मे के रूप में देखा जा रहा था। प्रशंसकों को लगा था कि अब परिवार में सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन पति के प्रति सुनीता की यह हालिया नाराजगी एक नई उलझन पैदा कर रही है।

    पिछले साल भी जब गोविंदा के निजी जीवन से जुड़ी कुछ खबरें सामने आई थीं, तब सुनीता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि वे किसी भी बात को तब तक सच नहीं मानेंगी जब तक प्रमाण न देख लें, और सच साबित होने पर वे कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी।

    फिलहाल, इस वायरल घटनाक्रम ने बॉलीवुड प्रेमियों के बीच चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है। जहाँ एक तरफ सुनीता के इस अंदाज को उनका स्वाभाविक बेबाकपन बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इसे एक टूटते हुए रिश्ते की आहट के तौर पर भी देखा जा रहा है।

    गोविंदा की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सुनीता के इस ‘चौंकाने वाले’ जवाब ने यह साफ कर दिया है कि उनके और गोविंदा के बीच फिलहाल स्थितियां बहुत सहज नहीं हैं। आने वाले समय में ही यह साफ हो पाएगा कि यह महज एक पल का गुस्सा था या फिर किसी बड़े अलगाव की आधिकारिक शुरुआत।

  • US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार

    US: ट्रंप के कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम में अंधाधुंध फायरिंग… एक हमलावर गिरफ्तार


    वॉशिंगटन।
    वाशिंगटन हिल्टन होटल में शनिवार की रात 8:45 बजे (अमेरिकी समय के अनुसार) के करीब कॉरेस्पोंडेंट डिनर कार्यक्रम (Correspondent Dinner Program) के दौरान जोरदार फायरिंग की आवाज सुनाई दी। इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) , उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप (Melania Trump) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President J.D. Vance) भी शामिल हुए थे। इस घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रपति सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और अमेरिकी राष्ट्रपति को सुरक्षित वहां से बाहर निकाल लिया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

    इस घटना पर राष्ट्रपति ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। इस घटना के करीब एक घंटे बाद उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि एक शूटर को पकड़ लिया गया है। ट्रंप ने आगे कहा, “डीसी में आज की शाम काफी गहमागहमी भरी रही। सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया है।”

    रॉयटर्स के लिए काम करने वाले एक फ्रीलांस फोटोग्राफर ने आंखोदेखा हाल बताते हुए कहा कि होटल के भीतर फायरिंग की चार से छह राउंड आवाज सुनाई दी। हालांकि ये आवाजें मुख्य डाइनिंग हॉल के बिल्कुल पास नहीं थीं, लेकिन इनकी तीव्रता ने सभी को चौंका दिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि होटल परिसर के भीतर एक सशस्त्र हमलावर देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही आवाजें सुनाई दीं, मेहमानों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। “गेट डाउन, गेट डाउन!” हॉल में मौजूद लगभग 2,600 मेहमान अपनी मेजों के नीचे छिप गए।

    इस घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की पर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित निकाल लिया गया। सुरक्षाकर्मियों द्वारा मंच से हटाए जाने से कुछ ही देर पहले मेलानिया ने भीड़ में किसी बात पर प्रतिक्रिया दी और उनके चेहरे पर चिंता के भाव दिखाई दिए।

    प्रेस पूल ने सीक्रेट सर्विस के हवाले से बताया कि ट्रंप के डिनर के दौरान हुई कथित गोलीबारी के बाद एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया। यह सुरक्षा घटना उस कमरे के बाहर हुई, जहां राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य अधिकारी डिनर कर रहे थे। सीक्रेट सर्विस और अन्य अधिकारी बैंक्वेट हॉल पहुंचे। सैकड़ों मेहमान मेजों के नीचे छिपकर अपनी जान बचाने की कोशिश करने लगे।

    क्या होता है कॉरेस्पोंडेंट डिनर?
    वाशिंगटन डीसी में हर साल कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर का आयोजन किया जाता है, जिसकी मेज़बानी वाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन करता है। इस समारोह में पत्रकार, राजनेता और हॉलीवुड की मशहूर हस्तियां एक साथ जुटती हैं। यह समारोह प्रेस की आजादी का जश्न मनाता है, पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्तियां जुटाता है और इसमें हल्के-फुल्के अंदाज में राजनेताओं की रोस्टिंग (व्यंग्या) किया जाता है। अक्सर इसमें अमेरिका के राष्ट्रपति भी शामिल होते हैं।

  • Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग

    Telangana: हैदराबाद से चेन्नई जा रही चारमीनार एक्सप्रेस में लगी आग


    हैदराबाद।
    तेलंगाना (Telangana) के यादद्री भुवनगिरी ज़िले (Yadadri Bhuvanagiri district) में स्थित अलेर रेलवे स्टेशन के पास चारमीनार एक्सप्रेस (Charminar Express) में आग लग गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना ट्रेन के S5 कोच में हुई, जहां अचानक धुआं उठता देखा गया और कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन जैसे ही अलेर स्टेशन के नज़दीक पहुंची, यात्रियों ने कोच के अंदर धुआं देखा. स्थिति को भांपते हुए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग तत्काल कोच से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. बताया जा रहा है कि ट्रेन को तुरंत रोका गया, जिससे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिला. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि अभी इस घटना पर रेलवे की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

    आग कैसे लगी, जांच के बाद ही होगा साफ
    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और स्थानीय राहत दल मौके पर पहुंचे. आग पर काबू पाने के प्रयास किए गए और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश जारी है. कुछ सूत्रों का कहना है कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी के कारण लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    ट्रेन में आग की घटना के कई वीडियो भी वायरल हो रहे हैं. जिनमें कोच से धुआं और आग निकलती दिखाई दे रही है. वहीं ट्रेन में यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि ट्रेन में अचानक आग लग गई. जिससे कोच धुएं से भर गया. घबराए यात्रियों ने चेन खींच दी और ट्रेन रुक गई. हालांकि, ट्रेन रुकने से पहले ही कई यात्री कूद गए थे।