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  • दो काले हिरण का शिकार: रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड, प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास विफल

    दो काले हिरण का शिकार: रेंजर समेत 6 वनकर्मी सस्पेंड, प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास विफल


    नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सिवनी मालवा क्षेत्र में दो दुर्लभ काले हिरणों के शिकार के मामले ने वन विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। सोमवार देर रात वन विभाग ने रेंजर और चार वनकर्मियों सहित कुल छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि हिरणों की मौत को प्राकृतिक घटनाक्रम दिखाने की कोशिश की गई और सबूतों को नष्ट किया गया लेकिन जांच में उनका झूठ बेनकाब हो गया।

    नर्मदापुरम के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि यह घटना 21 जनवरी को बासनिया गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार शिकारी दो हिरणों को ले जा रहे थे जिन्हें गांव वालों ने देख लिया। लोगों ने सूचना दी और हिरण रिवेन्यू भूमि पर छोड़ दिए। इसके बाद वन कर्मचारियों ने हिरणों की उचित जांच नहीं की और पूरी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी।

    डीएफओ ने आगे बताया कि मुखबिर की सूचना पर स्टाफ की कॉल डिटेल्स और कार्रवाई का विश्लेषण किया गया। कड़ी पूछताछ में सामने आया कि वन कर्मचारियों ने वास्तविक स्थिति को छिपाया। उन्होंने बताया कि एक हिरण के शिकार की बात की गई जबकि वास्तव में दो हिरणों में से एक जिंदा था और दूसरा मृत। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना को प्राकृतिक मौत का रूप देने का प्रयास किया गया।

    इस मामले में सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत वनपाल महेश गौर वनरक्षक मनीष गौर रूपक झा ब्रजेश पगारे और पवन उइके को निलंबित किया गया। डीएफओ ने कहा कि रेंजर के निलंबन के लिए सीसीएफ को पत्र लिखा गया जिसके बाद रेंजर को भी निलंबित किया गया।

    सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने बताया कि प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वन कर्मचारियों द्वारा प्रकरण के वास्तविक स्वरूप को छिपाने और जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

    इस घटना ने वन विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर किया है। दुर्लभ काले हिरण की शिकार की घटनाओं पर पर्यावरणविद और वन संरक्षणकर्ता चिंतित हैं। वन विभाग के सख्त कदम से यह संदेश गया कि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

    इस प्रकरण से यह भी स्पष्ट हुआ कि वन्य जीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन गंभीर मामला है और इसे छिपाने या दबाने की कोशिश करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

     मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सिवनी मालवा क्षेत्र में दो दुर्लभ काले हिरणों के शिकार के मामले ने वन विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। सोमवार देर रात वन विभाग ने रेंजर और चार वनकर्मियों सहित कुल छह कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। आरोप है कि हिरणों की मौत को प्राकृतिक घटनाक्रम दिखाने की कोशिश की गई और सबूतों को नष्ट किया गया लेकिन जांच में उनका झूठ बेनकाब हो गया।

    नर्मदापुरम के डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि यह घटना 21 जनवरी को बासनिया गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार शिकारी दो हिरणों को ले जा रहे थे जिन्हें गांव वालों ने देख लिया। लोगों ने सूचना दी और हिरण रिवेन्यू भूमि पर छोड़ दिए। इसके बाद वन कर्मचारियों ने हिरणों की उचित जांच नहीं की और पूरी जानकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी।

    डीएफओ ने आगे बताया कि मुखबिर की सूचना पर स्टाफ की कॉल डिटेल्स और कार्रवाई का विश्लेषण किया गया। कड़ी पूछताछ में सामने आया कि वन कर्मचारियों ने वास्तविक स्थिति को छिपाया। उन्होंने बताया कि एक हिरण के शिकार की बात की गई जबकि वास्तव में दो हिरणों में से एक जिंदा था और दूसरा मृत। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना को प्राकृतिक मौत का रूप देने का प्रयास किया गया।

    इस मामले में सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत वनपाल महेश गौर वनरक्षक मनीष गौर रूपक झा ब्रजेश पगारे और पवन उइके को निलंबित किया गया। डीएफओ ने कहा कि रेंजर के निलंबन के लिए सीसीएफ को पत्र लिखा गया जिसके बाद रेंजर को भी निलंबित किया गया।

    सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने बताया कि प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में वन कर्मचारियों द्वारा प्रकरण के वास्तविक स्वरूप को छिपाने और जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के तथ्य सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए गए कर्मचारियों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई करेगा।

    इस घटना ने वन विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी को उजागर किया है। दुर्लभ काले हिरण की शिकार की घटनाओं पर पर्यावरणविद और वन संरक्षणकर्ता चिंतित हैं। वन विभाग के सख्त कदम से यह संदेश गया कि किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

  • ऑनलाइन और ऑफलाइन का सह-अस्तित्व: भारत का ई-कॉमर्स 2030 तक 280-300 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है


    नई दिल्ल। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकास किया है और नई रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक इसका आकार लगभग दोगुना होकर 280-300 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। वर्तमान में यह बाजार 120-140 अरब डॉलर के बीच है। यह जानकारी मंगलवार को बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप BCG की रिपोर्ट में सामने आई।

    रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ऑनलाइन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है लेकिन ऑफलाइन रिटेल बाजार भी मजबूत बना हुआ है और पिछले चार वर्षों में 13-14 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय ई-कॉमर्स अब एक ऐसे चरण में प्रवेश कर चुका है जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल सह-अस्तित्व के साथ काम कर रहे हैं। मल्टी-चैनल खरीदार आज सामान्य रूप से दोनों माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं और लगभग आधे ऑफलाइन खरीदार ऑनलाइन चैनलों से खरीदारी की जानकारी प्राप्त करते हैं।

    वर्तमान में भारत में लगभग 30 करोड़ ऑनलाइन खरीदार हैं जिनकी संख्या 2030 तक 44 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। इनमें लगभग 30 प्रतिशत खरीदार ग्रामीण भारत से हैं। ई-कॉमर्स में ई-रिटेल और ई-सेवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। अनुमानित मूल्य के अनुसार ई-रिटेल 75-85 अरब डॉलर और ई-सेवाएं 45-55 अरब डॉलर तक पहुंच सकती हैं। वहीं ई-सेवाओं की वृद्धि दर 20-22 प्रतिशत और ई-रिटेल की वृद्धि दर 16-18 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

    रिपोर्ट में 12000 से अधिक उपभोक्ताओं के सर्वेक्षण के आधार पर यह भी उल्लेख किया गया कि आज के खरीदार सुविधा विश्वास और आवश्यकताओं के आधार पर स्क्रीन और स्टोर के बीच सहजता से आवागमन करते हैं। वे ऑनलाइन खोज करते हैं ऑफलाइन खरीदारी करते हैं और कभी-कभी ऑनलाइन ब्राउज़िंग के बाद ऑफलाइन खरीदारी का विकल्प चुनते हैं।

    लगभग दो-तिहाई महिला खरीदारों ने कहा कि वे ऑनलाइन खरीदारी को अधिक सुरक्षित मानती हैं। इसका कारण गोपनीयता आसान पहुँच और किसी भी समय स्वतंत्र रूप से खरीदारी करने की क्षमता है। BCG की पार्टनर और डायरेक्टर कनिका सांघी ने बताया भारत के खरीदार अधिक विविधतापूर्ण होते जा रहे हैं। उपभोक्ता अपनी आवश्यकताओं और परिपक्वता के अनुसार विभिन्न प्रारूपों का उपयोग कर रहे हैं। इसलिए प्लेटफॉर्म और ब्रांडों को सभी टचपॉइंट्स पर सरल सुरक्षित और सहज अनुभव प्रदान करना आवश्यक है।

    क्विक कॉमर्स ने पिछले वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक की सीएजीआर वृद्धि दर्ज की है जिससे तत्काल और टॉप-अप खरीदारी मुख्यधारा बन गई है और खरीदारों की खरीदारी की आवृत्ति बढ़ी है। इसी तरह सोशल और चैट कॉमर्स में 40-45 प्रतिशत की सीएजीआर वृद्धि हुई है।

    रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि ऑनलाइन ब्रांडों को 100 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व तक पहुँचने में लगने वाला समय पहले लगभग 11 साल था जो अब घटकर लगभग 7 साल रह गया है। इस डेटा से यह स्पष्ट होता है कि भारत का ई-कॉमर्स बाजार न केवल तेजी से बढ़ रहा है बल्कि उपभोक्ताओं के व्यवहार और तकनीकी अपनाने की क्षमता के कारण भी यह निरंतर विकास कर रहा है।

  • दिल्ली-मुंबई के हवाई अड्डों पर दबाव कम करने के लिए अल्टरनेट एयरपोर्ट्स की क्षमता में तेजी

    दिल्ली-मुंबई के हवाई अड्डों पर दबाव कम करने के लिए अल्टरनेट एयरपोर्ट्स की क्षमता में तेजी


    नई दिल्ली, फ़रवरी 2026 । भारत में अल्टरनेट एयरपोर्ट्स की क्षमता अगले कुछ वर्षों में बढ़कर 2026 के अंत तक करीब 4 करोड़ यात्रियों तक पहुँचने की उम्मीद है। यह जानकारी मंगलवार को जारी CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट में सामने आई। अल्टरनेट एयरपोर्ट्स का उद्देश्य मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई के मुख्य हवाई अड्डों पर बढ़ते ट्रैफिक को कम करना और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि पुराने हवाई अड्डे जो व्यस्त शहरों के केंद्रों में स्थित हैं, पहले से ही अपनी पूरी क्षमता पर ऑपरेट कर रहे हैं और बढ़ते एयर ट्रैवल को संभालने में असमर्थ हैं। ऐसे में अल्टरनेट एयरपोर्ट्स पुराने एयरपोर्ट्स पर दबाव कम करने और भविष्य में बढ़ती यात्री संख्या को संभालने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    विश्लेषण में यह भी बताया गया कि अगले चार वित्तीय वर्षों में इन नए एयरपोर्ट्स के विस्तार से कुल क्षमता बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष 4.5 से 5 करोड़ यात्रियों तक पहुँच सकती है। इस वृद्धि को मौजूदा एयरपोर्ट्स पर बढ़ती भीड़, कनेक्टिविटी में सुधार और नए कैचमेंट क्षेत्रों के कारण बल मिलेगा।

    हालांकि रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए परिचालन में समय पर वृद्धि करना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। CRISIL ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर मुंबई महानगर क्षेत्र एमएमआर और गोवा सहित पुराने हवाई अड्डों के आसपास स्थित चालू और आगामी अल्टरनेट एयरपोर्ट्स पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

    एनसीआर और एमएमआर जैसे महानगरों में पुराने हवाई अड्डे पहले से ही अपनी डिजाइन क्षमता के लगभग 87 प्रतिशत पर ऑपरेट कर रहे हैं। स्थान की कमी के कारण इन एयरपोर्ट्स में बड़े विस्तार परियोजनाओं की गुंजाइश सीमित है। इसी कारण अल्टरनेट एयरपोर्ट्स को विकसित करना अपरिहार्य हो गया है।

    CRISIL रेटिंग्स के निदेशक अंकित हखू ने कहा कि महानगरों में स्थित नए एयरपोर्ट्स से वित्त वर्ष 2030 तक कुल क्षेत्रीय यातायात का 20-25 प्रतिशत हिस्सा संभालने की उम्मीद है। उन्होंने आगे बताया कि नए एयरपोर्ट्स के शुरुआती वर्षों में विमानन और गैर-विमानन दोनों प्रकार के राजस्व में वृद्धि करना महत्वपूर्ण होगा।

    रिपोर्ट में मुंबई के पुराने एयरपोर्ट के विकास पर ध्यान दिया गया। वित्त वर्ष 2017 के बाद इसकी विकास दर धीमी रही क्योंकि क्षमता संबंधी बाधाओं के कारण एयरलाइंस व्यस्त समय में अतिरिक्त उड़ानें उपलब्ध नहीं करा पाईं। इसके विपरीत, दिल्ली एयरपोर्ट का विकास लगातार जारी रहा। लेकिन क्षेत्र में दूसरे हवाई अड्डे के विकास के बिना दिल्ली भी मध्यम अवधि में इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर सकती है।

    कुछ अन्य महानगरों जैसे बेंगलुरु और हैदराबाद के हवाई अड्डों में अभी भी विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है। ये एयरपोर्ट्स पिछले वित्तीय वर्ष में अपनी डिजाइन क्षमता के लगभग 65 प्रतिशत पर ऑपरेट कर रहे थे जिससे भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए विस्तार की संभावना बनी हुई है।

  • रबी-खरीफ फसल तक का ज्ञान चाहिए, राहुल गांधी को CM मोहन यादव का तंज

    रबी-खरीफ फसल तक का ज्ञान चाहिए, राहुल गांधी को CM मोहन यादव का तंज


    भोपाल । कांग्रेस की किसान महा चौपाल में शामिल होने राजधानी में पहुँचे राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के स्वागत से पहले ही सियासी तापमान बढ़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान महा चौपाल लगाना अच्छी बात है लेकिन राहुल गांधी को यह भी समझना चाहिए कि रबी और खरीफ फसल क्या होती है। उनका तंज सीधे कांग्रेस के किसान दृष्टिकोण पर था।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा मध्य प्रदेश के दूध उत्पादन पर भी कुछ कहें। हम 365 दिन किसानों के लिए काम कर रहे हैं। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में किसानों के साथ अन्याय किया है। 2003 तक साढ़े सात लाख हेक्टेयर सिंचाई रकबा ही क्यों रहा जबकि हमने डेढ़ साल में उससे अधिक कार्य कर दिया।

    मोहन यादव ने कांग्रेस के पुराने कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले 55 सालों में सिंचाई का विस्तार बहुत कम हुआ वहीं वर्तमान सरकार ने इसे तेजी से बढ़ाया है। उन्होंने भावांतर योजना और किसान कल्याण योजनाओं का भी जिक्र किया जिससे किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है।

    मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को सुझाव भी दिया कि अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासित करें। उन्होंने कहा कपड़े खोलकर प्रदर्शन करने वालों को डांट लगानी चाहिए और छमा मांगनी चाहिए। यह आदर्श जगह है और देश भी आदर्श होना चाहिए।

    कांग्रेस की किसान महा चौपाल राजधानी भोपाल के जवाहर चौक में आयोजित की जा रही है जिसमें किसानों की समस्याओं और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रतिक्रिया जुटाई जाएगी। इस अवसर पर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे किसानों की आवाज़ को केंद्रित करेंगे और कृषि नीतियों पर अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं को उजागर करेंगे।

    सियासत की इस गरमाई हुई स्थिति में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसानों के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने सिंचाई मूल्य सुरक्षा और किसान कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश में किसानों के हित सर्वोपरि हैं।

    राहुल गांधी के आगमन से पहले किए गए इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी किसान मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं और आगामी समय में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है।

  • द पैराडाइज’ के सेट से नानी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश, निर्देशक ने कहा – हर बार आपने मुझे बनाया

    द पैराडाइज’ के सेट से नानी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश, निर्देशक ने कहा – हर बार आपने मुझे बनाया


    नई दिल्ली, फ़रवरी 2026 । नेचुरल स्टार के नाम से मशहूर अभिनेता नानी का जन्मदिन इस बार और भी खास बन गया। फिल्म निर्माता-निर्देशक श्रीकांत ओडेला ने सोशल मीडिया पर बेहद इमोशनल पोस्ट के जरिए नानी को जन्मदिन की बधाई दी। यह पोस्ट न केवल प्यार और सम्मान का प्रतीक है बल्कि उनके बीच के गहरे विश्वास और सहयोग को भी दर्शाता है।

    श्रीकांत ओडेला वर्तमान में नानी के साथ ‘द पैराडाइज’ फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म के दौरान दोनों की दोस्ती और पेशेवर तालमेल और भी मजबूत हुआ। श्रीकांत ने एक्स पूर्व ट्विटर पर लिखा कि नानी ने हर बार उन्हें जोड़ा और हिम्मत दी। उन्होंने लिखा कि हर बार जब मैंने आपको तोड़ा, आपने मुझे बनाया अन्ना। मैंने सिनेमा के हर रूल को तोड़ा -आपके काम करने के पैटर्न, रिलीज डेट, काम करने का तरीका -सब कुछ। लेकिन हर बार जब मैंने आपको तोड़ा, आपने मुझे बनाया।

    फिल्म के सेट पर नानी ने हर डिमांड पर एक ही जवाब दिया – ओके रा नी इस्तम। चाहे वह चोटी बनवाने की बात हो, हाथ पर टैटू बनवाने की रिक्वेस्ट हो या अनगिनत रीटेक्स, नानी हमेशा इस जवाब के साथ सहमति जताते रहे। श्रीकांत ने लिखा कि उन्होंने जीवन में हर सेकंड यही सोचा कि नानी इतना भरोसा क्यों करते हैं और शायद ‘द पैराडाइज’ के साथ उन्हें इसका जवाब मिल जाएगा।

    श्रीकांत ने नानी को नन्नू नमिना ना धरणी कहकर सम्मानित किया, जिसका अर्थ है -जिसने मुझ पर भरोसा किया। उन्होंने आगे लिखा -हैप्पी बर्थडे नानी अन्ना। जिंदगी भर के लिए शुक्रगुजार हूं। इस संदेश में नानी और श्रीकांत के बीच के मजबूत बंधन और आपसी विश्वास की झलक साफ दिखाई देती है।

    द पैराडाइज श्रीकांत और नानी की दूसरी फिल्म है। इससे पहले उनकी फिल्म ‘दशहरा’ ने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से खूब तारीफ बटोरी थी और बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की थी। इस बार अपकमिंग फिल्म में राघव जुयाल भी अहम रोल में नजर आएंगे।

    द पैराडाइज 21 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज होगी और यह हिंदी, तेलुगू के साथ तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, स्पेनिश और इंग्लिश में भी उपलब्ध होगी। फिल्म की मल्टी-लैंग्वेज रिलीज इसे व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के साथ नानी के फैन बेस को और मजबूत करेगी।

    फिल्म और पोस्ट दोनों ही इस बात का उदाहरण हैं कि नानी केवल स्क्रीन पर ही नहीं बल्कि सेट के पीछे भी अपने सहयोगियों के लिए कितने भरोसेमंद और प्रेरणादायक हैं। श्रीकांत का यह इमोशनल पोस्ट दर्शाता है कि एक मजबूत टीम और आपसी विश्वास ही किसी फिल्म को यादगार बनाते हैं।

  • एमपी विधानसभा बजट सत्र में पत्थरबाजी पर हंगामा, सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित

    एमपी विधानसभा बजट सत्र में पत्थरबाजी पर हंगामा, सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 में आज एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया जब सदन में पत्थरबाजी के मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा प्रदर्शन हुआ। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर देना पड़ा। बजट सत्र के छठे दिन जब सदन पहुँच चुका था तब भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने अचानक ध्यान आकर्षण पेश करते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर दोनों जगह भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं जिसमें पत्थरबाजी भी शामिल रही और कुछ महिला कार्यकर्ता घायल भी हुई हैं। उन सभी घटनाओं पर चर्चा की आवश्यकता है।

    पांडे ने कहा कि “पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे और यह सब न सिर्फ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास है बल्कि मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी की तरफ इशारा भी करता है। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार-शनिवार होने के कारण उन घटनाओं के बारे में पहले सूचना नहीं दी जा सकी। जब विपक्ष से चर्चा शुरू करने की अपील की गई तब कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने पलटवार किया और कहा कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है और इसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के सोहनलाल वाल्मीकि ने सवाल उठाया कि इंदौर के भागीरथपुरा में हुए विवाद और हिंसा पर क्यों चर्चा नहीं कराई जा रही है इसके बजाय सदन में अलग मुद्दों को उछाला जा रहा है।

    एक समय ऐसा आया कि विपक्ष और सदस्यों के बीच आवाजें मिलने लगीं और सदन में व्यवधान बढ़ता गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा ताकि दोनों पक्ष संतुलित होकर फिर से चर्चा शुरू कर सकें। यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026‑27 के बजट को पेश किया है जिसमें कई नई घोषणाएँ भी की गई हैं। विपक्ष का मानना है कि बजट पर बात करते हुए सुरक्षा कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए जबकि सरकार इसे स्थानीय तनाव बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

    मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 में आज एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया जब सदन में पत्थरबाजी के मामले पर चर्चा की मांग को लेकर जोरदार हंगामा प्रदर्शन हुआ। मामला इतना गरमा गया कि विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर देना पड़ा। बजट सत्र के छठे दिन जब सदन पहुँच चुका था तब भाजपा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे ने अचानक ध्यान आकर्षण पेश करते हुए कहा कि भोपाल और इंदौर दोनों जगह भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं जिसमें पत्थरबाजी भी शामिल रही और कुछ महिला कार्यकर्ता घायल भी हुई हैं। उन सभी घटनाओं पर चर्चा की आवश्यकता है।

    पांडे ने कहा कि पहले से पत्थर इकट्ठा किए गए थे और यह सब न सिर्फ समाज में अशांति फैलाने का प्रयास है बल्कि मध्य प्रदेश में गुंडागर्दी की तरफ इशारा भी करता है। उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार-शनिवार होने के कारण उन घटनाओं के बारे में पहले सूचना नहीं दी जा सकी। जब विपक्ष से चर्चा शुरू करने की अपील की गई तब कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने पलटवार किया और कहा कि उनके कार्यालय पर हमला हुआ है और इसी मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस के सोहनलाल वाल्मीकि ने सवाल उठाया कि इंदौर के भागीरथपुरा में हुए विवाद और हिंसा पर क्यों चर्चा नहीं कराई जा रही है इसके बजाय सदन में अलग मुद्दों को उछाला जा रहा है।

    एक समय ऐसा आया कि विपक्ष और सदस्यों के बीच आवाजें मिलने लगीं और सदन में व्यवधान बढ़ता गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष को सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित करने का निर्णय लेना पड़ा ताकि दोनों पक्ष संतुलित होकर फिर से चर्चा शुरू कर सकें।  यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026‑27 के बजट को पेश किया है जिसमें कई नई घोषणाएँ भी की गई हैं। विपक्ष का मानना है कि बजट पर बात करते हुए सुरक्षा कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति जैसे मुद्दों पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए जबकि सरकार इसे स्थानीय तनाव बताते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है।

  • नई दिल्ली घोषणापत्र: 91 देशों और वैश्विक संगठनों ने किया एआई सहयोग का ऐतिहासिक समर्थन

    नई दिल्ली घोषणापत्र: 91 देशों और वैश्विक संगठनों ने किया एआई सहयोग का ऐतिहासिक समर्थन


    नई दिल्ली, फ़रवरी 2026 । आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ ने दुनिया भर के देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, अब तक इस घोषणापत्र में 91 देशों और वैश्विक संगठनों ने समर्थन दिया है।

    पिछले सप्ताह नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का समापन इस घोषणापत्र को अपनाने के साथ हुआ। यह घोषणा एआई के उपयोग को आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण और समावेशी प्रौद्योगिकी के लिए वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का एक संकेतक माना जा रहा है। प्रारंभ में 21 फ़रवरी 2026 तक 88 देशों और संगठनों ने इसका समर्थन किया था। इसके तुरंत बाद बांग्लादेश, कोस्टा रिका और ग्वाटेमाला के शामिल होने से इस संख्या बढ़कर 91 हो गई।

    घोषणापत्र का मूल संदेश ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत से प्रेरित है। इसका मकसद एआई के लाभ को पूरी मानवता तक समान रूप से पहुँचाना और तकनीकी असमानताओं को कम करना है। बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहु-हितधारक भागीदारी को मजबूत करना, राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करना और भरोसेमंद तथा सुलभ ढांचे के माध्यम से एआई को आगे बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    घोषणापत्र में आर्थिक परिवर्तन में एआई की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। ओपन-सोर्स और सुलभ एआई इकोसिस्टम को बढ़ावा देना, ऊर्जा-कुशल एआई अवसंरचना का निर्माण और विज्ञान, शासन तथा सार्वजनिक सेवा वितरण में एआई की भूमिका को मजबूत करना इसमें शामिल हैं। इसके साथ ही वैश्विक सहयोग को मजबूत करना और डिजिटल अवसंरचना तथा किफ़ायती कनेक्टिविटी के माध्यम से एआई की पूरी क्षमता का उपयोग सुनिश्चित करना भी प्रमुख बिंदु हैं।

    ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत के अनुसार, घोषणापत्र एआई संसाधनों की वहनीयता और पहुँच बढ़ाने के महत्व को स्वीकार करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी देश अपने नागरिकों के लिए एआई का विकास, अपनाना और उपयोग कर सकें। इसके अतिरिक्त, सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत एआई को बढ़ावा देना समाज और अर्थव्यवस्था के लिए विश्वास निर्माण की बुनियाद के रूप में देखा गया है।

    विशेषज्ञों के अनुसार यह घोषणापत्र केवल तकनीकी सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक नीति और नैतिकता के स्तर पर भी एआई के संतुलित और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देता है। नई दिल्ली घोषणापत्र 91 देशों और संगठनों के हस्ताक्षर से यह संदेश देता है कि एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र की बात नहीं रही, बल्कि यह वैश्विक विकास, सामाजिक कल्याण और समान अवसरों की दिशा में एक साझा प्रयास बन गया है।

  • यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की नई राजनीति, ओमप्रकाश राजभर की बड़ी रैली

    यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की नई राजनीति, ओमप्रकाश राजभर की बड़ी रैली

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की राजनीति तेज हो गई है। मायावती के सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले से प्रेरित अब ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में 10 हजार ब्राह्मणों की रैली कर अपनी रणनीति का ऐलान कर दिया। राजभर ने रैली में ब्राह्मणों के सम्मान में कसीदे पढ़े और नारे लगाए जय सुहेलदेव जय परशुराम साथ ही साफ कर दिया कि उनका निशाना समाजवादी पार्टी है।

    बीते 20 सालों में मायावती और बीएसपी ने ब्राह्मण-दलित गठजोड़ और दलित मुस्लिम फॉर्मूले के कई प्रयोग किए लेकिन 2022 में बीएसपी केवल एक सीट पर सिमट गई। ऐसे में ओमप्रकाश राजभर ने ओबीसी-ब्राह्मण गठजोड़ की नींव आजमगढ़ से रखी है जहां समाजवादी पार्टी का दबदबा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी रैली से आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटें एनडीए के पक्ष में जा सकती हैं।

    रैली में राजभर ने मुख्य रूप से तीन बातें कही: ब्राह्मण वर्ग की प्रबुद्धता और समाज में भूमिका यूजीसी गाइडलाइंस पर विश्वास और सुप्रीम कोर्ट की सहायता और ब्राह्मणों के प्रति सम्मानजनक संदेश। उनके प्रयास में बीजेपी और ब्राह्मण वर्ग को साधने की राजनीतिक रणनीति साफ झलक रही है। यूपी में ब्राह्मण आबादी लगभग 12 फीसदी है और सवर्ण आबादी 18-20 फीसदी इसलिए इसे साधना किसी भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।

    ब्राह्मणों की राजनीति पर नज़र डालें तो ओमप्रकाश राजभर के मंच पर अलग मंच लखनऊ में ब्रजेश पाठक द्वारा तिलक और पूजा और प्रयागराज में हुए अपमान का विरोध सभी संकेत देते हैं कि जातिगत सियासत सक्रिय है। समाजवादी पार्टी बीएसपी और बीजेपी की कोशिशें इस वोट बैंक को आकर्षित करने में लगी हैं। मायावती ने हाल ही में घोसखोर पंडत विवाद में हस्तक्षेप कर ब्राह्मणों का समर्थन किया। वहीं कांग्रेस ने फिलहाल खामोशी अख्तियार कर रखी है हालांकि अतीत में इसका जनाधार मजबूत था।

    यूपी की राजनीति में ब्राह्मण वोट बैंक अब नए दौर में सोशल इंजीनियरिंग 2.0 का केंद्र बन गया है। ओमप्रकाश राजभर के प्रयास समाजवादी पार्टी के गढ़ आजमगढ़ पर चुनौती और बीजेपी-बीएसपी के फॉर्मूले इसे और दिलचस्प बना रहे हैं। आने वाले चुनाव में ब्राह्मण वर्ग की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।

  • रीढ़ की तकलीफ के बावजूद नहीं रुकते शाहरुख,गोविंद नामदेव ने खोला किंग खान की मेहनत का राज

    रीढ़ की तकलीफ के बावजूद नहीं रुकते शाहरुख,गोविंद नामदेव ने खोला किंग खान की मेहनत का राज


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेतागोविंद नामदेव ने हाल ही में सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने फैंस को हैरान भी किया और प्रेरित भी। गोविंद नामदेव के मुताबिक शाहरुख खान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, खासतौर पर रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका काम करने का जज्बा जरा भी कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में अगर कोई शख्स 24 घंटे काम करने की क्षमता रखता है, तो वह शाहरुख खान हैं।

    गोविंद नामदेव ने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में शाहरुख के प्रोफेशनल एटिट्यूड की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, एक ही बंदा है जो 24 घंटे काम करता है। सोना भी 3-4 घंटे, उसी में दंड-बैठक भी है, उद्घाटन भी करना है, डायलॉग भी याद करना है, कहीं परफॉर्म करने भी जाना है। मैं हैरान हो गया कि ये कैसा आदमी है। उनके अनुसार, शाहरुख की दिनचर्या बेहद व्यस्त होती है, लेकिन वह कभी थकान या दर्द का बहाना नहीं बनाते।

    दोनों कलाकारों ने साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी में साथ काम किया था, जिसका निर्देशनअज़ीज़ मिर्ज़ाने किया था। इस फिल्म में गोविंद नामदेव ने मुख्यमंत्री की भूमिका निभाई थी। उसी दौरान उन्होंने शाहरुख के काम करने के तरीके को करीब से देखा। गोविंद के मुताबिक, शाहरुख की ऊर्जा, समय की पाबंदी और काम के प्रति समर्पण उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है।

    गोविंद नामदेव ने आगे बताया कि शाहरुख को रीढ़ की हड्डी की समस्या है और उन्हें शारीरिक रूप से काफी तकलीफ रहती है। उन्होंने कहा, फिजिकली बहुत ज्यादा प्रॉब्लम है, रीढ़ की हड्डी की दिक्कत है, लेकिन फिर भी वह रुकते नहीं हैं। गोविंद का कहना है कि शाहरुख कभी अपनी तकलीफों को जाहिर नहीं करते और उन्हें देखकर दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है कि मुश्किल हालात में भी कैसे काम के प्रति समर्पित रहा जाए।

    शाहरुख खान खुद भी पहले कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वह लंबे समय तक घर पर खाली नहीं बैठ सकते। उनका मानना है कि ज्यादा ब्रेक लेने से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होती है, इसलिए वह खुद को लगातार काम में व्यस्त रखते हैं। यही कारण है कि चाहे शूटिंग हो, प्रमोशन हो या कोई स्टेज परफॉर्मेंस शाहरुख हर जगह पूरी तैयारी और ऊर्जा के साथ नजर आते हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म King को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह एक बार फिर एक्शन अवतार में दिखाई देंगे। उनका लुक पहले ही सामने आ चुका है और फैंस को ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है। फिल्म की रिलीज इस साल दिसंबर में प्रस्तावित है।

    स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद शाहरुख का यह समर्पण दर्शाता है कि सुपरस्टार बनने के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और जुनून भी उतना ही जरूरी है। गोविंद नामदेव की बातों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शाहरुख खान सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक मिसाल हैं।

  • वानखेड़े में छक्कों का तूफान, वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे मुकाबले में T20 वर्ल्ड कप का नया महारिकॉर्ड

    वानखेड़े में छक्कों का तूफान, वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे मुकाबले में T20 वर्ल्ड कप का नया महारिकॉर्ड


    नई दिल्ली । मुंबई के प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 मुकाबले ने क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम और ज़िम्बाब्वे की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच हुए इस हाई-वोल्टेज मैच में छक्कों की ऐसी बारिश हुई कि दर्शक गिनते रह गए। दोनों पारियों को मिलाकर कुल 31 छक्के लगे, जो T20 वर्ल्ड कप के किसी भी एक मैच में सर्वाधिक हैं। इससे पहले 30 छक्कों का रिकॉर्ड था, जो अब इतिहास बन चुका है।

    मैच की शुरुआत से ही कैरेबियाई बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया। वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने लंबी-लंबी हिट्स लगाते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को दबाव में ला दिया। पारी के दौरान मैदान के हर कोने में गेंद पहुंचती नजर आई। कुल 19 छक्के अकेले वेस्टइंडीज की ओर से लगे, जो एक पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्कों में शामिल हो गए। जवाब में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने भी संघर्ष किया और 12 छक्के जड़े, लेकिन टीम को 100 से ज्यादा रनों से हार झेलनी पड़ी।

    इससे पहले साल 2014 में सिलहट में खेले गए नीदरलैंड और आयरलैंड के मुकाबले में कुल 30 छक्के लगे थे। एक दशक से ज्यादा समय तक वह रिकॉर्ड कायम रहा, लेकिन अब वानखेड़े की इस रन बरसाती शाम ने उसे पीछे छोड़ दिया। दर्शकों के लिए यह मुकाबला किसी टी20 महोत्सव से कम नहीं था, जहां हर कुछ गेंदों के बाद स्टैंड्स में बैठी भीड़ जश्न मनाती दिखाई दी।

    वेस्टइंडीज की ओर से शिमरोन हेटमायर ने सबसे ज्यादा 7 कार्नर जड़कर मैच को यादगार बना दिया। कप्तान रोवमन पॉवेल ने 4 कार्नर लगाए, जबकि रोमारियो शेफर्ड ने 3 छक्के जड़े। शेरफेन रदरफोर्ड और जेसन होल्डर ने 2-2 विकेट लिए, वहीं ब्रैंडन किंग ने भी एक छक्का जड़ा। इस तरह कैरेबियाई टीम ने कुल 19 बार गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाया।

    जिम्बाब्वे की ओर से ब्रैड इवांस ने 5 छक्कों के साथ सबसे ज्यादा योगदान दिया। कप्तान सिकंदर रजा और डियोन मायर्स ने 2-2 विकेट लगाए। इसके अलावा तडिवानाशे मारुमानी, टोनी मुनयोंगा और रिचर्ड नगारवा ने भी एक-एक छक्का जड़ा।

    हालांकि मुकाबला एकतरफा रहा, लेकिन छक्कों की यह बरसात क्रिकेट प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं थी। T20 वर्ल्ड कप 2026 का यह मैच अब रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो चुका है और 31 छक्कों का यह आंकड़ा आने वाले वर्षों तक चुनौती बना रहेगा।