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  • श्रीकृष्ण जन्मभूमि केसः अदालत में पेश होंगी भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की मूर्तियां

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि केसः अदालत में पेश होंगी भगवान विष्णु और अन्य देवताओं की मूर्तियां


    मथुरा ।
    श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Shri Krishna Janmabhoomi) बनाम शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Eidgah Mosque) मामले में भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के विश्वरूप एवं अन्य देवों की मूर्तियों के तथ्य अदालत में पेश किए जाएंगे। ये मूर्तियां समय समय पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में कराई गई खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थीं जो इस समय मथुरा के राजकीय संग्रहालय में सुरक्षित हैं। जन्मभूमि पक्ष ने पत्र के माध्यम से इन सभी के बारे में पूरी जानकारी संग्रहालय से प्राप्त कर ली है। जन्मभूमि पक्ष इसे अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।

    मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। जन्मभूमि पक्ष यह बात रख रहा है कि जहां वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद बनी है वही क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण का वास्तविक जन्मस्थान है जबकि मस्जिद पक्ष इसका विरोध कर रहा है।

    इलाहाबाद हाईकोर्ट में जन्मभूमि पक्ष वाद बिंदू तय कराने के लिए अपनी दलील पेश कर रहा है जबकि मस्जिद पक्ष ने दलील दी है कि दूसरा पक्ष पहले यह तो साबित करे कि यह आस्था का विषय है। दोनों पक्ष अपनी अपनी बात के लिए तमाम साक्ष्य जुटा रहे हैं।

    इस मामले के वादी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने आरटीआई के माध्यम से राजकीय संग्रहालय से उन मूर्तियों की जानकारी जुटाई है जो विभिन्न समय पर इस क्षेत्र में हुई खुदाई में प्राप्त हुई हैं। वहां से विधिवत सूचना प्रेषित कर दी गई है। ऐसी सात मूर्तियां एवं स्तंभ की जानकारी दी गई जो यहां से प्राप्त हुए हैं। इनमें से तीन मूर्ति व एक स्तंभ ऐसा है जिसे हिंदू पक्ष अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण मानकर चल रहा है।

    ये भगवान कार्तिकेय एवं अग्निदेव की, देवी गंगा एवं विश्वरूप विष्णु भगवान की हैं। अन्य भगवान बुद्ध एवं जैन तीर्थंकर ऋषभनाथ से जुड़े हैं। ये सभी कटरा केशवदेव, श्रीकृष्ण जन्मस्थान से प्राप्त हुई हैं। यह पूरा क्षेत्र कटरा केशवदेव के ही नाम से जाना जाता है व अभिलेखों में भी दर्ज है।

    हमनें संग्रहालय से रखी इन मूर्तियों के बारे में जानकारी ली है। चाहे भगवान विष्णु का विश्वरूप हो या भगवान कार्तिकेय या नदी देवी की मूर्ति, सभी यह दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र हिंदू आस्था का केंद्र रहा है। खास तौर से भगवान कृष्ण से जुड़ा रहा है। हम ये सारे तथ्य अदालत में पेश कर रहे हैं।
    -एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास

    मामला अदालत में विचाराधीन है। इस दौरान विभिन्न साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जाते हैं। जो भी सबूत वो कोर्ट में पेश करेंगे उसका अध्ययन कर हम अपनी दलील पेश करेंगे। पहले भी इस तरह के तथ्य पेश किए गए हैं।
    -एडवोकेट तनवीर अहमद, शाही ईदगाह मस्जिद सचिव एवं पैरोकार

  • MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट

    MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कोलारस (Kollars) में 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट (Defense Plant) की घोषणा की, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। साथ ही 19.68 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू कर क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी के कोलारस नगर के लिए बड़े औद्योगिक विकास की घोषणा की। उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा निर्माण संयंत्र (डिफेंस प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शिवपुरी-कोलारस दौरे के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रस्तावित रक्षा संयंत्र अगले दो महीनों के भीतर स्थापित किया जाएगा।

    सिंधिया ने कहा कि कोलारस को 2,500 करोड़ रुपये का रक्षा प्लांट मिलेगा, जो क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा और लगभग दो दशकों से लंबित मांग को पूरा करेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान बताया।

    2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे
    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। परियोजना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने कहा कि कोलारस, जो अब तक मुख्य रूप से कृषि, खासकर टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता था, अब देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

    उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा
    उन्होंने कहा कि कोलारस लंबे समय से अपनी कृषि क्षमता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भी योगदान देगा। यहां निर्मित उपकरण हमारी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पैदा करेगी, जिससे आगे औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

    कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
    औद्योगिक घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस में 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। पीएम-जनमन योजना के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का भूमिपूजन किया और जनपद पंचायत भवन का शिलान्यास किया। सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के हर हिस्से तक बुनियादी ढांचा, रोजगार और आवश्यक सेवाएं पहुंच सकें।

  • ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार

    ऊफ ये गर्मी ! दुनिया के सबसे गर्म 100 शहरों में 92 भारत के…. दिल्ली में पारा 44 डिग्री के पार


    नई दिल्ली।
    गर्मी (Heat) शुरुआत में ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। वैश्विक तापमान आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों (World 100 Hottest cities) में 92 भारत (India) के हैं। इसके अलावा 6 शहर थाईलैंड और दो शहर नेपाल के हैं। अप्रैल की शुरुआत में ही दिल्ली (Delhi), मुंबई, चेन्नई और बंगलूरू जैसे शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। दिल्ली में तापमान 44.5 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में इसमें और वृदि्ध की आशंका जताई जा रही है।

    देश में शनिवार को सर्वाधिक तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस यूपी के बांदा का रहा। इसके बाद प्रयागराज में 45.5 डिग्री, वाराणसी में 45 डिग्री, झांसी में 44.8 डिग्री रहा। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 43 डिग्री रहा। कई इलाकों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री या उससे ऊपर है, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बन रही है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू चलने (Scorching Heatwave) की संभावना है। उत्तर भारत में रातें भी गर्म रह सकती हैं। यह स्थिति हीट डोम जैसे हालात की ओर इशारा करती है, जिसमें गर्म हवा एक क्षेत्र में फंस जाती है और तापमान लगातार बढ़ता रहता है।


    गाजियाबाद 43 डिग्री में तपा, सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37

    100 सबसे गर्म शहरों में यूपी के 37 शहर हैं। प. बंगाल के 18, पंजाब के सात, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के छह-छह, बिहार और ओडिशा के पांच-पांच, महाराष्ट्र के चार, उत्तराखंड और आंध्र प्रदेश के दो-दो शहर शामिल हैं। ज्यादातर शहरों में तापमान तापमान 42 से 45 डिग्री दर्ज किया गया।


    दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनी

    दिल्ली में शनिवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके चलते राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हीटस्ट्रोक यूनिट बनाई गई है। इसमें कूलिंग टब, 200 किलो बर्फ बनाने की मशीनें और पोर्टेबल आइस पैक भी रखे गए हैं।


    दोपहर में काम नहीं कर सकेंगे मजदूर

    उत्तर प्रदेश : आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में दोपहर 12 से 4 बजे तक मजदूरों के काम पर रोक।
    ओडिशा : सोमवार से सभी सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।
    केरल : लोगों से दिन में 11 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह। सेल्फ लॉकडाउन अपनाने के लिए कहा।
    कर्नाटक : सभी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक यूनिट बनाने का आदेश। ये सभी यूनिट 31 जुलाई तक चालू रखी जाएंगी।
    मध्य प्रदेश : नर्मदापुरम जिले में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है।


    धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने हल्के कपड़े पहनने की सलाह

    मौसम विभाग ने दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों, बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। सावधानी बरतने से हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।

    कश्मीर में बारिश और रोहतांग में बर्फबारी
    श्रीनगर समेत कश्मीर घाटी के मैदानी इलाकों में शनिवार को रुक-रुक कर हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली है, जबकि जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी भी हुई। वहीं, हिमाचल में रोहतांग दर्रा, कुंजम दर्रा सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई।

  • गुरुग्राम में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगी भीषण आग…. 100 से ज्यादा झुग्गियां जलीं

    गुरुग्राम में सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगी भीषण आग…. 100 से ज्यादा झुग्गियां जलीं


    गुरुग्राम।
    हरियाणा (Haryana) के गुरुग्राम (Gurugram) में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन (Sikanderpur Metro Station) के पास झुग्गी बस्ती में भीषण आग (Massive Fire in Slum) लग गई. आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग ने देखते ही देखते झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया. इस भीषण हादसे में सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख हो गईं. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई.

    आग बुझाने के अभियान में सिविल डिफेंस और पुलिस की टीमें भी जुटी हुई हैं. प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. राहत की बात यह है कि अब तक इस आगजनी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.

    सिकंदरपुर मेट्रो के पास लगी इस आग से इलाके में भारी अफरातफरी का माहौल बन गया. यातायात पर भी इसका असर पड़ा और आसपास के रास्तों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग बुझने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा. शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

  • शांति वार्ता फिर विफल…! ईरानी विदेश मंत्री बिना बातचीत लौटे…. US डेलिगेट्स का दौरा भी रद्द

    शांति वार्ता फिर विफल…! ईरानी विदेश मंत्री बिना बातचीत लौटे…. US डेलिगेट्स का दौरा भी रद्द


    इस्लामाबाद।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच जंग और तनाव के बीच शनिवार को नई उम्मीद की किरण दिखी थी. लेकिन अब वह उम्मीद टूट गई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Iran’s Foreign Minister Abbas Araghchi) अपनी एक बड़ी टीम के साथ पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad.) में थे. पाकिस्तान (Pakistan) दोनों देशों के बीच बिचौलिया यानी मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला था. लेकिन, ईरान का डेलिगेशन बिना अमेरिकी प्रतिनिधित्व के इस्लामाबाद में आए हुए ही पाकिस्तान से चले गए. अब अमेरिकी प्रतिनिधित्व ने भी पाकिस्तान का दौरा रद्द करने का ऐलान किया है।

    ईरान सीधे अमेरिका से बात करने को तैयार नहीं है इसलिए पाकिस्तान दोनों के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहा. अमेरिका से भी स्पेशल दूत इस्लामाबाद आने वाले थे. लेकिन ईरानी प्रतिनिधित्व चले गए हैं तो उन्होंने भी अपने दौरे को रद्द कर दिया है. ये ऐलान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है।

    अराघची और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मुलाकात हुई. इस मीटिंग में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर भी मौजूद थे. इस मुलाकात के बाद तेहरान के प्रतिनिधत्व पाकिस्तान से ओमान चले गए.

    अराघची इस्लामाबाद के बाद मस्कट यानी ओमान पहुंचे हैं. इसके बाद वह मॉस्को यानी रूस भी जाएंगे. यानी ईरान एक साथ कई देशों से संपर्क करके रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है।


    ईरान ने सीधी बात से किया इनकार

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने साफ कहा कि इस दौर में ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी मीटिंग नहीं होगी. ईरान पाकिस्तान के जरिए अपनी बात और अपनी चिंताएं अमेरिका तक पहुंचाएगा. उन्होंने अमेरिका के इस पूरे कदम को ‘अमेरिका का थोपा हुआ हमलावर युद्ध’ बताया और कहा कि पाकिस्तान शांति बहाल करने की कोशिश में जुटा है.


    ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने क्या कहा?

    ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने पाकिस्तान दौरे के बाद बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनका पाकिस्तान दौरा ‘काफी फलदायी’ रहा. यानी बातचीत अच्छी रही और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए एक व्यावहारिक फ्रेमवर्क पेश किया है. यानी ऐसा प्लान दिया गया है, जिससे स्थायी तौर पर संघर्ष खत्म किया जा सके. लेकिन साथ ही उन्होंने एक बड़ी बात भी कही. अभी तक यह साफ नहीं है कि अमेरिका सच में बातचीत को लेकर गंभीर है या नहीं.

    ईरान के फैसले पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में 18 घंटे की लंबी यात्रा करके बातचीत करने का कोई मतलब नहीं है. उनके मुताबिक, फोन पर भी बातचीत उतनी ही अच्छी तरह हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो वह खुद फोन कर सकता है. अमेरिका सिर्फ बैठकर बेकार की बातचीत के लिए यात्रा नहीं करेगा.

    जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब है कि अमेरिका फिर से युद्ध शुरू करने जा रहा है, तो ट्रंप ने साफ किया कि ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं लिया गया है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है. उनके शब्दों में, ‘हमारे पास सारे पत्ते हैं’ यानी अमेरिका के पास बातचीत में बढ़त है. उन्होंने कहा कि वे बेकार की चर्चा में समय नहीं गंवाना चाहते.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनके प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि यह मुलाकात काफी अच्छी और पॉजिटिव रही. दोनों नेताओं के बीच मौजूदा क्षेत्रीय परिस्थितियों पर खुलकर चर्चा हुई. साथ ही, पाकिस्तान और ईरान के आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर भी बात हुई. यानी सिर्फ मौजूदा तनाव ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर भी बातचीत हुई.

  • गर्मी में राहत का देसी उपाय, गुलकंद दूध से दूर होगी पेट की जलन और एसिडिटी

    गर्मी में राहत का देसी उपाय, गुलकंद दूध से दूर होगी पेट की जलन और एसिडिटी


    नई दिल्ली । गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए आयुर्वेदिक उपायों की मांग तेजी से बढ़ रही है आज के समय में जब लोग कोल्ड ड्रिंक और केमिकल युक्त पेय का सेवन कर रहे हैं तब पारंपरिक देसी पेय गुलकंद दूध एक प्राकृतिक विकल्प के रूप में सामने आ रहा है यह शरीर को अंदर से ठंडक देने के साथ स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करता है

    गुलकंद दूध गुलाब की पंखुड़ियों से बने गुलकंद और दूध के मिश्रण से तैयार किया जाता है आयुर्वेद में गुलकंद को ठंडी तासीर वाला माना गया है यह शरीर की गर्मी को कम करता है और मानसिक शांति देता है जब इसे दूध के साथ मिलाया जाता है तो यह एक पौष्टिक और स्वादिष्ट पेय बन जाता है जो हर उम्र के लोगों के लिए लाभकारी है यह गर्मी में डिहाइड्रेशन की समस्या को भी कम करने में मदद करता है

    गुलकंद दूध का सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र पर देखने को मिलता है यह पेट की जलन एसिडिटी और गैस जैसी समस्याओं में राहत देता है शरीर के अंदर तापमान को संतुलित रखने में यह काफी उपयोगी माना जाता है यह आंतों को शांत करता है और भोजन के पाचन को बेहतर बनाता है दूध के साथ मिलकर यह कैल्शियम और प्रोटीन की पूर्ति भी करता है जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर को ऊर्जा मिलती है

    आज के समय में बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड मिल्क और रोज मिल्क में अक्सर कृत्रिम स्वाद और रंगों का उपयोग किया जाता है जबकि गुलकंद दूध पूरी तरह प्राकृतिक होता है इसमें गुलाब की पंखुड़ियों की असली खुशबू और स्वाद मिलता है जो इसे और भी स्वास्थ्यवर्धक बनाता है यह शरीर को ठंडक देने के साथ तनाव को भी कम करता है और दिनभर ताजगी बनाए रखता है

    गुलकंद दूध बनाना बेहद आसान है इसे घर पर कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है इसके लिए ठंडा दूध गुलकंद इलायची पाउडर और थोड़े मेवे की आवश्यकता होती है सभी सामग्री को मिलाकर ब्लेंड किया जाता है और तुरंत परोसा जाता है बेहतर परिणाम के लिए ताजा गुलकंद का उपयोग करना चाहिए और हल्का भोजन के साथ इसका सेवन करना अधिक लाभकारी होता है यह गर्मी में शरीर को संतुलित रखने का प्राकृतिक उपाय है

    गुलकंद दूध को नियमित रूप से पीने से शरीर में ठंडक बनी रहती है और गर्मी से होने वाली कई समस्याएं दूर हो सकती हैं यह न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है इससे थकान कम होती है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है जिन लोगों को पेट की समस्या रहती है उनके लिए यह एक प्राकृतिक उपाय के रूप में काम करता है यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए सुरक्षित माना जाता है

    लेकिन किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना हमेशा जरूरी होता है यह पेय शरीर को प्राकृतिक रूप से संतुलित करने में मदद करता है और गर्मी के मौसम को आसान बनाता है यह पारंपरिक देसी पेय आधुनिक जीवनशैली में स्वास्थ्य और संतुलन बनाए रखने का सरल और प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है और इसे अपनाकर लोग गर्मी से राहत पा सकते हैं

  • ज्येष्ठ मास 2026 बड़ा मंगल का महासंयोग नौकरी कारोबार में सफलता और संकटों से मुक्ति का सुनहरा अवसर

    ज्येष्ठ मास 2026 बड़ा मंगल का महासंयोग नौकरी कारोबार में सफलता और संकटों से मुक्ति का सुनहरा अवसर


    नई दिल्ली। ज्येष्ठ मास 2026 इस बार अत्यंत विशेष और दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है क्योंकि इस वर्ष यह महीना लगभग साठ दिनों का होगा और इसमें अधिकमास का भी प्रभाव देखने को मिलेगा जिससे इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है इस अवधि को भक्तजन विशेष पुण्य अर्जित करने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का श्रेष्ठ अवसर मान रहे हैं

    शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ मास भगवान हनुमान की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है इस महीने में पड़ने वाले प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है मान्यता है कि इसी महीने के मंगलवार को हनुमान जी का श्रीराम से प्रथम मिलन हुआ था इसलिए इस दिन की पूजा का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है वर्ष 2026 में अधिकमास के कारण इस बार आठ बड़े मंगल का विशेष योग बन रहा है जिससे यह समय और भी शक्तिशाली और शुभ माना जा रहा है

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बड़ा मंगल के दिन किए गए उपाय जीवन में बड़े परिवर्तन ला सकते हैं और व्यक्ति के करियर आर्थिक स्थिति तथा मानसिक शांति पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं ऐसा कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा हनुमान जी को शीघ्र प्रसन्न करती है और भक्तों के संकट दूर होते हैं

    यदि कोई व्यक्ति आर्थिक तंगी कर्ज या रुके हुए धन से परेशान है तो ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना गया है श्रद्धा भाव से हनुमान मंदिर में बैठकर इस स्तोत्र का पाठ करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और आर्थिक बाधाएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं ऐसा विश्वास है कि इससे जीवन में स्थिरता आती है और कर्ज से मुक्ति के मार्ग खुलते हैं

    करियर और नौकरी में तरक्की के लिए बड़ा मंगल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया है यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से प्रमोशन नहीं मिल रहा या मेहनत का उचित फल नहीं मिल रहा तो इस दिन हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करना शुभ माना जाता है पान को सफलता और कार्य सिद्धि का प्रतीक माना जाता है इससे कार्यस्थल की बाधाएं दूर होती हैं और नए अवसर प्राप्त होते हैं

    विवाह में देरी या मांगलिक दोष से परेशान लोगों के लिए भी यह समय अत्यंत शुभ बताया गया है ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी को लाल चोला अर्पित करने से वैवाहिक बाधाएं दूर होने की मान्यता है इससे रिश्तों में सुधार आता है और जीवन में स्थिरता बढ़ती है

    मानसिक तनाव चिंता या शारीरिक पीड़ा से जूझ रहे लोगों के लिए भी बड़ा मंगल विशेष राहत देने वाला माना गया है इस दिन हनुमान जी को सुगंधित इत्र और केवड़े की माला अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है साथ ही लाल वस्त्र धारण करने की सलाह दी जाती है क्योंकि लाल रंग ऊर्जा साहस और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है

    इस प्रकार ज्येष्ठ मास 2026 का बड़ा मंगल भक्तों के लिए केवल धार्मिक अवसर ही नहीं बल्कि जीवन में नई दिशा देने वाला समय माना जा रहा है जिसमें श्रद्धा और भक्ति से किए गए कार्य कई गुना फल देने वाले माने गए हैं

  • मोटापे और बीमारियों की बड़ी वजह बना तेल, ऐसे करें नियंत्रण..

    मोटापे और बीमारियों की बड़ी वजह बना तेल, ऐसे करें नियंत्रण..


    नई दिल्ली।आज के समय में बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान ने सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को तेजी से बढ़ा दिया है। इनमें सबसे बड़ी समस्या है भोजन में अधिक तेल का इस्तेमाल, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाकर कई गंभीर बीमारियों की जड़ बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन न केवल वजन बढ़ाता है, बल्कि यह हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य मेटाबॉलिक समस्याओं का जोखिम भी बढ़ा देता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा केवल दिखने की समस्या नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर कई बीमारियों की शुरुआत का संकेत भी है। जब खाने में तेल की मात्रा अधिक होती है, तो शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होने लगती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ता है। धीरे-धीरे यह स्थिति शरीर के अंगों पर दबाव डालने लगती है और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं पैदा होती हैं।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। खाना बनाते समय तेल को मापकर इस्तेमाल करना, बिना जरूरत के तलने वाले भोजन से दूरी बनाना और हल्के पकाने के तरीकों को अपनाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।

    भाप में पकाए गए भोजन, ग्रिल्ड या कम तेल में बने व्यंजन न केवल शरीर के लिए हल्के होते हैं बल्कि इनमें पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा घर के खाने में संतुलन बनाए रखना और बार-बार तले हुए खाद्य पदार्थों से बचना लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि तेल का पूरी तरह त्याग करना जरूरी नहीं है, बल्कि इसका संतुलित उपयोग सबसे महत्वपूर्ण है। सही मात्रा में लिया गया तेल शरीर के लिए ऊर्जा का स्रोत भी होता है, लेकिन जब यह सीमा से अधिक हो जाता है तो यही सेहत के लिए खतरा बन जाता है।

  • ज्येष्ठ मास 2026 में 60 दिन का दुर्लभ संयोग ,दोगुना पुण्य और आस्था का महासंगम

    ज्येष्ठ मास 2026 में 60 दिन का दुर्लभ संयोग ,दोगुना पुण्य और आस्था का महासंगम


    नई दिल्ली। इस वर्ष ज्येष्ठ मास का विशेष संयोग देखने को मिल रहा है। वर्ष 2026 में ज्येष्ठ मास लगभग 60 दिन का होगा। ऐसा दुर्लभ योग कई वर्षों बाद बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय अत्यंत पुण्यदायी माना जा रहा है। इस बार अधिकमास के कारण ज्येष्ठ मास का महत्व और अधिक बढ़ गया है। भक्तजन इस अवधि को भगवान विष्णु और भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर मान रहे हैं।

    ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से हो रही है और यह 29 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान 17 मई से 15 जून तक अधिकमास रहेगा। अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस अवधि में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना अधिक माना जाता है। इसलिए इसे दोगुना पुण्य देने वाला महीना कहा जा रहा है।

    इस महीने में मंगलवार का विशेष महत्व होता है जिसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। इस बार ज्येष्ठ मास लंबे होने के कारण बड़े मंगल की संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी। भक्त इस दिन हनुमान जी की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इससे संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख शांति आती है।

    ज्येष्ठ मास में दान पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। इस दौरान गर्मी चरम पर होती है इसलिए जल सेवा को सबसे बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है। लोग राहगीरों को पानी पिलाते हैं। प्याऊ लगवाते हैं। पशु पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था करते हैं। इससे सकारात्मक ऊर्जा और पुण्य प्राप्त होता है।

    इस मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष विधान है। तिल अन्न और सत्तू का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख समृद्धि बढ़ती है। साथ ही इस महीने में सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है।

    भक्तजन इस पूरे महीने नियम संयम का पालन करते हैं। दिन में एक बार भोजन करना और सरल जीवन जीना पुण्यकारी माना जाता है। मंगलवार के दिन हनुमान मंदिरों में विशेष भंडारे और पूजा आयोजन किए जाते हैं। बूंदी के लड्डू का भोग लगाया जाता है।

    ज्येष्ठ मास में सूर्य की तीव्र गर्मी रहती है इसलिए दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि आवश्यक हो तो सूती वस्त्र पहनकर शरीर को ढककर निकलना चाहिए। इससे स्वास्थ्य की रक्षा होती है।

    इस प्रकार यह ज्येष्ठ मास धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकमास के कारण इसका प्रभाव और भी बढ़ गया है। भक्तजन इसे जीवन में पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ अवसर मान रहे हैं।

    यह अवधि भक्तों के लिए विशेष साधना और सेवा का समय मानी जाती है। इस दौरान किए गए छोटे से छोटे पुण्य कार्य का भी बड़ा फल मिलता है। इसलिए लोग इस मास को आध्यात्मिक उन्नति का सुनहरा अवसर मानते हैं और श्रद्धा के साथ इसका पालन करते हैं।

  • मई 2026 में गूंजेंगी सिर्फ कुछ ही दिन शहनाइयां जानिए पूरी विवाह मुहूर्त सूची

    मई 2026 में गूंजेंगी सिर्फ कुछ ही दिन शहनाइयां जानिए पूरी विवाह मुहूर्त सूची

    नई दिल्ली। भारत में शादी का मौसम हमेशा उत्सव जैसा माहौल लेकर आता है जहां हर गली मोहल्ले में ढोल नगाड़े और शहनाइयों की गूंज सुनाई देती है और परिवारों में खुशी का माहौल होता है लेकिन मई 2026 में यह खुशियों का सिलसिला कुछ ही दिनों तक सीमित रहने वाला है क्योंकि इसके बाद अधिकमास शुरू हो जाएगा

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अधिकमास को बहुत ही विशेष समय माना जाता है जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है इस दौरान सभी शुभ कार्यों जैसे विवाह सगाई गृह प्रवेश आदि पर रोक लग जाती है वर्ष 2026 में यह अधिकमास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा इस कारण मई के मध्य के बाद शादी विवाह के योग समाप्त हो जाएंगे

    इससे पहले मई महीने में कुछ ही दिन ऐसे रहेंगे जब विवाह के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं जिनमें परिवार अपनी शादियों की तैयारियां पूरी कर सकते हैं और धूमधाम से विवाह समारोह आयोजित कर सकते हैं

    मई 2026 में विवाह के प्रमुख शुभ दिन इस प्रकार रहेंगे

    1 मई 2026 शुक्रवार को स्वाति नक्षत्र और पूर्णिमा तिथि का संयोग रहेगा यह दिन सुबह से रात तक विवाह के लिए बेहद अनुकूल रहेगा और मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे

    3 मई 2026 रविवार को अनुराधा नक्षत्र के प्रभाव में पूरा दिन विवाह के लिए शुभ रहेगा और इस दिन कई परिवार अपने विवाह समारोह आयोजित कर सकते हैं

    5 मई 2026 मंगलवार की शाम से अगले दिन सुबह तक विवाह का अच्छा मुहूर्त बन रहा है जो रात के समय विवाह के लिए विशेष रूप से उपयुक्त रहेगा

    6 मई 2026 बुधवार को सुबह से दोपहर तक विवाह के लिए समय अनुकूल रहेगा हालांकि इस दिन मूल नक्षत्र होने के कारण कुछ लोग ज्योतिषीय सलाह लेकर ही कार्य करेंगे

    7 मई 2026 गुरुवार को उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र रहेगा जिसे विवाह के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और इस दिन शाम से अगले दिन तक विवाह हो सकते हैं

    8 मई 2026 शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक विवाह के लिए शुभ समय रहेगा और यह दिन भी विशेष रूप से अच्छा माना जा रहा है

    13 मई 2026 बुधवार को रात से अगले दिन सुबह तक विवाह का मुहूर्त रहेगा और इस दिन उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा

    14 मई 2026 गुरुवार को सुबह से शाम तक विवाह के लिए अनुकूल समय रहेगा और यह इस महीने के अंतिम बड़े शुभ मुहूर्तों में से एक होगा

    इसके बाद जैसे ही 17 मई से अधिकमास शुरू होगा वैसे ही विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा और लोगों को फिर 15 जून के बाद ही नए विवाह मुहूर्त का इंतजार करना पड़ेगा

    इस प्रकार मई 2026 शादी के इच्छुक परिवारों के लिए सीमित लेकिन महत्वपूर्ण अवसर लेकर आ रहा है जिसमें सही तिथि और समय का चयन करके शुभ विवाह संपन्न किए जा सकते हैं