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  • JioHotstar की ये क्राइम सीरीज देख उड़ जाएंगे होश, पहले एपिसोड से ही शुरू होता है सस्पेंस

    JioHotstar की ये क्राइम सीरीज देख उड़ जाएंगे होश, पहले एपिसोड से ही शुरू होता है सस्पेंस


    नई दिल्ली । क्राइम थ्रिलर के शौकीनों के लिए ओटीटी प्लेटफॉर्म The Raikar Case एक ऐसी सीरीज है, जो शुरुआत से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है। अगर आप सस्पेंस, मिस्ट्री और फैमिली ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण देखना चाहते हैं, तो यह सीरीज आपके लिए परफेक्ट चॉइस हो सकती है। 7 एपिसोड्स में सिमटी इस कहानी का हर हिस्सा एक नया ट्विस्ट लेकर आता है और क्लाइमेक्स ऐसा है, जो देखने वालों को हैरान कर देता है।

    सुसाइड या मर्डर? यहीं से शुरू होता है खेल
    सीरीज की कहानी गोवा के एक प्रतिष्ठित रायकर परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक 16 साल के लड़के की रहस्यमयी मौत हो जाती है। शुरुआत में यह मामला आत्महत्या जैसा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ती है, यह साफ हो जाता है कि मामला कुछ और ही है। यहीं से कहानी में सस्पेंस का असली खेल शुरू होता है। परिवार के लोग, जो बाहर से एकजुट दिखते हैं, धीरे-धीरे अपने-अपने राज खोलने लगते हैं।

    हर एपिसोड में नया खुलासा, हर चेहरा संदिग्ध
    सीरीज का सबसे मजबूत पहलू यह है कि हर एपिसोड में एक नया सस्पेक्ट सामने आता है। दूसरे एपिसोड में परिवार के ही एक अहम सदस्य पर शक गहराता है, जबकि तीसरे एपिसोड में एक ऐसा सबूत मिलता है जो पूरी कहानी को पलट देता है। चौथे और पांचवें एपिसोड तक आते-आते यह साफ हो जाता है कि इस परिवार में हर कोई कुछ न कुछ छिपा रहा है। बेटी इताशा का किरदार खास तौर पर कहानी को आगे बढ़ाता है, जो सच तक पहुंचने के लिए हर जोखिम उठाती है।

    सच सामने आने पर उड़ जाएंगे होश
    छठे एपिसोड में आखिरकार किलर का चेहरा सामने आता है और यही वह मोड़ है, जहां दर्शक सबसे ज्यादा चौंकते हैं। जिस शख्स पर किसी को शक नहीं होता, वही असली गुनहगार निकलता है। सातवें एपिसोड में कहानी और भी उलझती है और इताशा खुद एक बड़े संकट में फंस जाती है। अंत ऐसा रखा गया है कि दर्शक अगले सीजन का इंतजार करने को मजबूर हो जाते हैं।

    दमदार कास्ट ने बढ़ाई कहानी की ताकत
    इस सीरीज की सफलता में इसकी कास्ट का भी बड़ा योगदान है। Atul Kulkarni, Ashwini Bhave, Parul Gulati, Rina Wadhwa, Lalit Prabhakar, Rushad Rana और Kunal Karan Kapoor जैसे कलाकारों ने अपने अभिनय से हर किरदार को जीवंत बना दिया है। सभी कलाकारों की परफॉर्मेंस कहानी को और प्रभावी बनाती है।

    क्यों देखें ये सीरीज?
    अगर आप ऐसी कहानी देखना चाहते हैं, जिसमें हर मोड़ पर सस्पेंस हो, हर किरदार में रहस्य छिपा हो और अंत तक सच्चाई का अंदाजा न लगे, तो ‘द रायकर केस’ जरूर देखनी चाहिए। यह सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और छिपे हुए सच की कहानी है।

  • Indonesia: होटल से डोरमैट, बर्तन, हेयर ड्रायर चुराते पकड़े गए भारतीय पर्यटक, कटाई देश की नाक

    Indonesia: होटल से डोरमैट, बर्तन, हेयर ड्रायर चुराते पकड़े गए भारतीय पर्यटक, कटाई देश की नाक


    उबुद (बाली)।
    इंडोनेशिया (Indonesia) के बाली में भारतीय पर्यटकों (Indian tourists) के एक समूह द्वारा होटल का सामान (Hotel stuff) चोरी करने का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यह घटना 19 अप्रैल को उबुद के असवारा रिसॉर्ट (Asvara Resort) में हुई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चेक-आउट के दौरान पकड़ी गई चोरी रिपोर्टों के अनुसार, यह समूह 16 अप्रैल से रिसॉर्ट में रुका हुआ था और 19 अप्रैल को चेक-आउट कर रहा था। चेक-आउट की प्रक्रिया के दौरान, होटल के कर्मचारियों को कुछ सामान कम होने का संदेह हुआ। जब पर्यटकों को रोककर उनके सामान की तलाशी ली गई, तो उनके बैग से होटल की कई चीजें बरामद हुईं।


    बैग से निकला हेयर ड्रायर और डोरमैट

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि होटल स्टाफ पर्यटकों के बैग खोलकर उनमें से चोरी किया गया सामान निकाल रहा है। बरामद की गई वस्तुओं में पूल टॉवल, बाथ टॉवल, एक डोरमैट, किमोनो रोब्स, हेयर ड्रायर, बर्तन और टीवी रिमोट का बॉक्स शामिल थे। वीडियो में एक कर्मचारी को यह कहते सुना जा सकता है कि ये पर्यटक भारत से हैं, जिस पर समूह के ही एक सदस्य ने सफाई देते हुए कहा, “सभी भारतीय ऐसे नहीं होते”।


    सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

    इस घटना के वीडियो ने इंटरनेट पर भारतीयों के बीच काफी नाराजगी पैदा कर दी है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे “शर्मनाक” और “घटिया कृत्य” बताया है। एक यूजर ने टिप्पणी की, “वे विदेश यात्रा का खर्च तो उठा सकते हैं, लेकिन अपने लिए चम्मच और तौलिए नहीं खरीद सकते?” वहीं अन्य लोगों ने इसे देश की छवि खराब करने वाला व्यवहार बताया।


    पुलिस की कार्रवाई और मामला सुलझा

    इस बीच, गियान्यार पुलिस (Gianyar Police) के प्रवक्ता इप्तु आई गुस्ती नगुरह सुआर्डिता ने बताया कि इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार, होटल प्रबंधन और पर्यटकों के बीच मामले को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। पर्यटकों द्वारा सारा सामान वापस कर दिए जाने के बाद उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई।

  • चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति

    चारधाम यात्राः केदारनाथ मार्ग पर मुस्लिम व्यक्ति मिलने से मचा हड़कंप… बनी तनाव की स्थिति


    देहरादून।
    केदारनाथ यात्रा मार्ग (Kedarnath Route) पर एक मुस्लिम व्यक्ति (Muslim person) के मिलने पर विवाद हो गया। जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) के इस व्यक्ति को कुछ यात्रियों ने रोककर आपत्ति जताई। यात्रियों का कहना था कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) में मुस्लिम समुदाय के लोगों के आने पर प्रतिबंध है।

    यात्रियों ने व्यक्ति को घेरकर यात्रा मार्ग पर होने का कारण पूछा। व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि उसे यहां काम करने के लिए बुलाया गया है। इस घटना से यात्रा मार्ग पर कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

    बता दें कि इस वर्ष बदरी केदार मंदिर समिति ने चारधाम के मंदिर परिसर में गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, यात्रा मार्ग पर इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

  • पाकिस्तानी गेंदबाज का कमाल: 3 गेंदों में 4 विकेट, हैट्रिक के साथ रचा अनोखा रिकॉर्ड

    पाकिस्तानी गेंदबाज का कमाल: 3 गेंदों में 4 विकेट, हैट्रिक के साथ रचा अनोखा रिकॉर्ड

    नई दिल्ली । पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। Ali Raza नाम के युवा तेज गेंदबाज ने न सिर्फ हैट्रिक लेकर तहलका मचाया, बल्कि पारी की आखिरी 3 गेंदों में 4 विकेट गिरने का अनोखा रिकॉर्ड भी बना दिया।

    18 साल के गेंदबाज ने मचाई सनसनी

    Peshawar Zalmi के लिए खेलते हुए 18 वर्षीय अली रजा ने Karachi Kings के खिलाफ घातक गेंदबाजी की। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में 41 रन देकर 4 विकेट झटके। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी हैट्रिक पारी के आखिरी ओवर में पूरी की और PSL इतिहास के सबसे कम उम्र में हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज बन गए।

    ऐसे पूरी हुई हैट्रिक

    20वें ओवर में अली रजा ने लगातार तीन बल्लेबाजों को आउट किया-

    चौथी गेंद पर खुशदिल शाह हिट विकेट आउट
    पांचवीं गेंद पर शाहिद अजीज बोल्ड
    छठी गेंद पर हसन अली बोल्ड
    इस तरह उन्होंने शानदार हैट्रिक पूरी की।

    3 गेंदों में 4 विकेट कैसे गिरे?

    यह सबसे दिलचस्प सवाल है। दरअसल, मामला “लीगल गेंदों” का है-
    20वें ओवर की चौथी गेंद वाइड थी
    उसी वाइड गेंद पर रन लेने के प्रयास में एक बल्लेबाज रन आउट हो गया
    इसके बाद दोबारा चौथी गेंद (लीगल) पर हिट विकेट
    फिर अगली दो गेंदों पर लगातार बोल्ड
    इस तरह 3 वैध गेंदों (legal deliveries) में कुल 4 विकेट गिर गए। क्रिकेट में ऐसा कम ही देखने को मिलता है।

    मैच का हाल

    इस मुकाबले में David Warner की कप्तानी वाली कराची किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 182 रन बनाए। Jason Roy ने 85 रनों की शानदार पारी खेली।

    जवाब में पेशावर जाल्मी ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। Babar Azam की टीम ने 18.5 ओवर में मैच जीत लिया, जिसमें कुसल मेंडिस ने 80 रन की अहम पारी खेली।

    क्यों खास है यह उपलब्धि?

    अली रजा का यह प्रदर्शन कई वजहों से ऐतिहासिक है-
    सबसे कम उम्र में PSL हैट्रिक
    डेथ ओवर में दबाव में शानदार गेंदबाजी
    3 गेंदों में 4 विकेट जैसा दुर्लभ कारनामा

    क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और अली रजा ने इसे फिर साबित कर दिया। एक ही ओवर में मैच का रुख बदल देना और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा देना-यह बताता है कि आने वाले समय में यह युवा गेंदबाज इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़ा नाम बन सकता है।

  • IPL में नया इतिहास: Jofra Archer की धमाकेदार गेंदबाजी, टीम के लिए साबित हुए मैच विनर

    IPL में नया इतिहास: Jofra Archer की धमाकेदार गेंदबाजी, टीम के लिए साबित हुए मैच विनर


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए आर्चर ने न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि राजस्थान रॉयल्स के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनकर युजवेंद्र चहल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
    आर्चर ने तोड़ा चहल का रिकॉर्ड
    लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में जैसे ही जोफ्रा आर्चर ने अपना दूसरा विकेट लिया, उन्होंने युजवेंद्र चहल को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद अपने स्पेल में दो और विकेट लेकर उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए कुल 68 विकेट पूरे कर लिए।
    अब राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज जोफ्रा आर्चर बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड युजवेंद्र चहल के नाम था, जिन्होंने 66 विकेट लिए थे।
    राजस्थान के लिए सबसे सफल गेंदबाज
    राजस्थान रॉयल्स के इतिहास में आर्चर की यह उपलब्धि उन्हें खास बनाती है। उनके बाद सूची में युजवेंद्र चहल, सिद्धार्थ त्रिवेदी, शेन वॉटसन और शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाज शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी अपने-अपने समय में टीम के लिए अहम योगदान दे चुके हैं।
    आईपीएल करियर में भी चमके आर्चर
    अगर आईपीएल करियर की बात करें तो जोफ्रा आर्चर के नाम कुल 70 से ज्यादा विकेट दर्ज हैं। उन्होंने कुछ समय मुंबई इंडियंस के लिए भी खेला था, लेकिन राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका प्रदर्शन हमेशा बेहतर रहा है। उनकी गति, सटीक लाइन-लेंथ और डेथ ओवर्स में विकेट निकालने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।

    राजस्थान रॉयल्स के दिग्गजों की सूची

    राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची इस प्रकार है-

    जोफ्रा आर्चर – 68 विकेट
    युजवेंद्र चहल – 66 विकेट
    सिद्धार्थ त्रिवेदी – 65 विकेट
    शेन वॉटसन – 61 विकेट
    शेन वॉर्न – 57 विकेट

    टीम के लिए बड़ा संबल
    आर्चर का यह प्रदर्शन राजस्थान रॉयल्स के लिए बड़ी राहत और ताकत दोनों है। लगातार विकेट निकालने की उनकी क्षमता ने टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई है। इस सीजन में उनका फॉर्म टीम के प्लेऑफ की उम्मीदों को भी मजबूत कर रहा है।

    जोफ्रा आर्चर का यह रिकॉर्ड न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि राजस्थान रॉयल्स के इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ता है। चहल जैसे अनुभवी स्पिनर को पीछे छोड़कर आर्चर का शीर्ष पर पहुंचना साबित करता है कि वह इस समय आईपीएल के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में से एक हैं।
  • IPL में बड़ा उलटफेर: गेंदबाजों की मेहनत बेकार, Rajasthan Royals ने अंक तालिका में लगाई छलांग

    IPL में बड़ा उलटफेर: गेंदबाजों की मेहनत बेकार, Rajasthan Royals ने अंक तालिका में लगाई छलांग


    नई दिल्ली । इकाना स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के एक रोमांचक मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स को 40 रनों से हरा दिया। राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 159 रन बनाए, जिसके जवाब में लखनऊ की पूरी टीम 18 ओवर में 119 रन पर ऑलआउट हो गई।
    राजस्थान की संभली हुई बल्लेबाजी
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ाई, लेकिन टीम ने धीरे-धीरे पारी को संभाल लिया। यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत में 32 रनों की साझेदारी की। हालांकि जल्द ही विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया और टीम ने 32 रन पर ही तीन विकेट खो दिए।
    इसके बाद कप्तान रियान पराग और शिमरॉन हेटमायर ने पारी को संभालने की कोशिश की। अंत में रवींद्र जडेजा ने नाबाद 43 रनों की जिम्मेदार पारी खेली और शुभम दुबे के साथ मिलकर टीम को 159 के चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।
    लखनऊ की बल्लेबाजी बिखरी
    160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जाएंट्स की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने सिर्फ 11 रनों के अंदर तीन बड़े विकेट गंवा दिए, जिसमें ऋषभ पंत, एडेन मार्करम और आयुष बडोनी बिना खाता खोले आउट हो गए।
    मिचेल मार्श ने 55 रनों की जुझारू पारी खेलकर कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन उन्हें किसी अन्य बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। पूरी टीम 119 रन पर सिमट गई और लखनऊ को घरेलू मैदान पर एक और हार का सामना करना पड़ा।
    आर्चर की घातक गेंदबाजी
    राजस्थान की जीत में सबसे बड़ा योगदान गेंदबाजों का रहा। जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट लेकर लखनऊ की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। नांद्रे बर्गर और अन्य गेंदबाजों ने भी अहम मौके पर विकेट निकालकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
    अंक तालिका में बड़ा बदलाव
    इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। टीम ने 7 में से 5 मैच जीतकर 10 अंक हासिल किए हैं। वहीं लखनऊ सुपर जाएंट्स को 7 में से 5 हार के बाद निचले पायदान पर रहना पड़ा है।
    राजस्थान रॉयल्स ने एक बार फिर साबित किया कि उनकी टीम संतुलित है। गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने आसान जीत दर्ज की। दूसरी ओर लखनऊ की लगातार असफल बल्लेबाजी चिंता का विषय बनी हुई है।
  • बद्रीनाथ धाम के अद्भुत रहस्य, 6 महीने बंद रहने के बाद भी जलती मिलती है अखंड ज्योति..

    बद्रीनाथ धाम के अद्भुत रहस्य, 6 महीने बंद रहने के बाद भी जलती मिलती है अखंड ज्योति..

    देहरादून । बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 की सुबह 6 बजे खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही अगले छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे और इस पवित्र स्थल के दिव्य वातावरण में आध्यात्मिक शांति का अनुभव करेंगे। इसी मौके पर बद्रीनाथ धाम से जुड़े कुछ ऐसे रहस्य और मान्यताएं चर्चा में हैं, जिनका वैज्ञानिक प्रमाण भले ही न हो, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था में इनका विशेष स्थान है।

    6 महीने बंद रहने के बाद भी जलती रहती है अखंड ज्योति
    मान्यता के अनुसार, शीतकाल में मंदिर के कपाट बंद करने से पहले यहां एक बड़ा घी का दीपक जलाया जाता है, जिसे अखंड ज्योति कहा जाता है। आश्चर्य की बात यह है कि छह महीने बाद जब मंदिर के कपाट फिर खोले जाते हैं, तो यह दीपक जलता हुआ मिलता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दौरान देवतागण स्वयं इस ज्योति की रक्षा करते हैं। मंदिर खुलने पर सबसे पहले इसी दिव्य ज्योति के दर्शन कराए जाते हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

    कुत्ते नहीं भौंकते और माहौल रहता है शांत
    स्थानीय मान्यताओं के अनुसार बद्रीनाथ धाम में कुत्तों का भौंकना नहीं सुना जाता। इसे मंदिर के आध्यात्मिक और शांत वातावरण से जोड़ा जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह स्थान इतना पवित्र और दिव्य है कि यहां हर जीव शांत व्यवहार करता है।

    सांप-बिच्छुओं को लेकर अनोखी मान्यता
    धार्मिक कथाओं और लोक मान्यताओं में कहा जाता है कि बद्रीनाथ क्षेत्र में पाए जाने वाले सांप और बिच्छू विषहीन होते हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने यहां नर-नारायण स्वरूप में तप किया था, जिससे यह भूमि अत्यंत पवित्र और शांत मानी जाती है। इसी कारण यहां के जीव-जंतु किसी को हानि नहीं पहुंचाते। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसका कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन यह क्षेत्र की आध्यात्मिक छवि को और गहरा बनाता है।

    आस्था और आध्यात्म का संगम
    बद्रीनाथ धाम से जुड़ी ये मान्यताएं भले ही लोक आस्था और परंपराओं पर आधारित हों, लेकिन यह स्थान सदियों से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इस दिव्य धाम की अलौकिक अनुभूति को महसूस करते हैं।

  • अटल पेंशन योजना में हो सकती है बढ़ोत्‍तरी, ₹10,000 तक करने पर सरकार कर रही विचार

    अटल पेंशन योजना में हो सकती है बढ़ोत्‍तरी, ₹10,000 तक करने पर सरकार कर रही विचार

    नई दिल्ली । भारत सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने पर विचार कर रही है। बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद बढ़ते खर्चों को देखते हुए, सरकार अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन की ऊपरी सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह तक करने की संभावना पर मंथन कर रही है। यह जानकारी मिंट ने तीन सरकारी अधिकारियों के हवाले से दी है, जिन्होंने नाम सार्वजनिक नहीं किया।

    असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर फोकस
    भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की हिस्सेदारी करीब 90% है। इनमें रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर और स्वरोजगार करने वाले लोग शामिल हैं। इस वर्ग के लिए नौकरी की सुरक्षा, नियमित वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं सीमित होती हैं, जिससे बुढ़ापे में आर्थिक असुरक्षा बढ़ जाती है।

    क्या है अटल पेंशन योजना?
    अटल पेंशन योजना की शुरुआत मई 2015 में की गई थी, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा देना है। फिलहाल इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह तक की गारंटीड पेंशन दी जाती है। हालांकि, बढ़ती महंगाई के कारण यह राशि अब पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।

    सदस्यता तो बढ़ी, लेकिन नियमित योगदान में कमी
    अब तक इस योजना से 9 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं। हालांकि इनमें से लगभग आधे सदस्य समय पर नियमित योगदान नहीं कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 1.35 करोड़ नए सदस्य जुड़े हैं, जो योजना के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। सरकार का मानना है कि पेंशन राशि बढ़ाने से न केवल नए लोग जुड़ेंगे, बल्कि पुराने सदस्य भी योजना में बने रहेंगे।

    पेंशन बढ़ाने पर चल रहा मंथन
    वित्त मंत्रालय और पेंशन फंड नियामक प्राधिकरण (PFRDA) मिलकर इस प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। विचार यह है कि वर्तमान अधिकतम पेंशन सीमा को ₹8,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह तक किया जाए। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम योजना को मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाएगा और इसे अधिक आकर्षक भी करेगा।

    सरकारी योगदान और विस्तार की योजना
    शुरुआती वर्षों में सरकार ने कुछ लाभार्थियों को सह-योगदान (co-contribution) भी दिया था। अब सरकार इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ‘पेंशन सखी’ और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट नेटवर्क का विस्तार करने की तैयारी में है। योजना को वित्त वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी पहले ही दी जा चुकी है।

    खजाने पर सीमित असर की संभावना
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रस्ताव से सरकारी वित्त पर बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह योजना मुख्य रूप से लाभार्थियों के अपने योगदान पर आधारित है। ऐसे में पेंशन राशि बढ़ने के बावजूद राजकोष पर सीमित प्रभाव ही पड़ेगा।

  • गर्मियों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा क्यों बढ़ता है? इन उपायों से पाएं मन की शांति

    गर्मियों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा क्यों बढ़ता है? इन उपायों से पाएं मन की शांति


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम शुरू होते ही सिर्फ तापमान ही नहीं बढ़ता, बल्कि इसका असर हमारे शरीर और मन पर भी साफ दिखाई देने लगता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, जिससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा, बेचैनी और मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर का आंतरिक ताप असंतुलित हो जाता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भी जल्दी प्रतिक्रिया देने लगता है और मानसिक शांति भंग हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में शरीर को ठंडक और संतुलन देने वाली दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी है, जिससे मन और तन दोनों स्वस्थ रह सकें।

    पित्त बढ़ने से क्यों आता है गुस्सा?
    आयुर्वेद में पित्त को अग्नि तत्व माना गया है, जो शरीर के पाचन, ऊर्जा और तापमान को नियंत्रित करता है। गर्मियों में बाहरी तापमान बढ़ने से यह पित्त और अधिक सक्रिय हो जाता है, जिससे शरीर में गर्मी बढ़ती है। इसका सीधा असर मन पर पड़ता है और व्यक्ति जल्दी गुस्से में आ जाता है। इसके अलावा सिर में भारीपन, जलन, अनिद्रा और तनाव भी इसी असंतुलन के लक्षण हैं। ऐसे में शरीर को ठंडक देने वाले उपाय अपनाना आवश्यक हो जाता है।

    हर्बल टी से मिलेगा मानसिक सुकून
    गर्मियों में चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है, इसलिए विशेषज्ञ इसकी जगह हर्बल टी लेने की सलाह देते हैं। तुलसी, गुलाब की पंखुड़ियां, कैमोमाइल और पैशनफ्लावर जैसी जड़ी-बूटियों से बनी हर्बल टी तनाव को कम करने में मदद करती है। इसे दिन में एक या दो बार लेने से हार्मोन संतुलित रहते हैं और मानसिक शांति बनी रहती है। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक भी प्रदान करती है।

     मानसिक तनाव का प्राकृतिक उपचार
    आयुर्वेद में नस्य क्रिया को बेहद प्रभावी माना गया है। इसमें रात के समय नाक में शुद्ध घी की कुछ बूंदें डाली जाती हैं। यह प्रक्रिया मस्तिष्क को ठंडक देती है और तंत्रिका तंत्र को शांत करती है। इससे मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। नियमित रूप से करने पर यह पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक होती है।

    चंदन का लेप: शरीर को देता है ठंडक
    चंदन की तासीर स्वभाव से ही ठंडी होती है। इसे माथे पर लगाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और मानसिक अशांति कम होती है। गर्मियों में इसका प्रयोग विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। यह सिर में होने वाली जलन और तनाव को भी दूर करता है।

    तेल मालिश से मिलेगा आराम
    नारियल तेल या भृंगराज तेल से सिर और पैरों के तलवों की मालिश करना भी बेहद फायदेमंद होता है। इससे शरीर की थकान दूर होती है और रक्त संचार बेहतर होता है। विशेषकर तलवों की मालिश करने से तुरंत शीतलता का अनुभव होता है और गहरी नींद आने में मदद मिलती है।

    दिनचर्या में बदलाव जरूरी
    गर्मियों में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। अधिक मसालेदार और तले-भुने भोजन से बचना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, समय पर आराम करना और धूप में कम निकलना भी जरूरी है। दिन में थोड़ी देर आराम करने से शरीर की ऊर्जा संतुलित रहती है और मानसिक तनाव कम होता है।

    गर्मियों में बढ़ता गुस्सा और चिड़चिड़ापन केवल स्वभाव नहीं बल्कि शरीर के पित्त असंतुलन का संकेत है। यदि सही समय पर हर्बल उपाय, आयुर्वेदिक दिनचर्या और ठंडक देने वाले उपाय अपनाए जाएं, तो मन और शरीर दोनों को संतुलित रखा जा सकता है।

  • सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित कर रहे आतंकी, 57 के 200 से ज्यादा नाम, गृह मंत्रालय ने सूची की जारी

    सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित कर रहे आतंकी, 57 के 200 से ज्यादा नाम, गृह मंत्रालय ने सूची की जारी


    नई दिल्ली । पाकिस्तान से जुड़े कई खतरनाक आतंकियों ने सुरक्षा और जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए अपनी पहचान बदलने का तरीका अपना लिया है। इन आतंकियों के एक-दो नहीं, बल्कि कई-कई नाम दर्ज हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत तैयार सूची में 57 आतंकियों के करीब 200 अलग-अलग नाम शामिल किए गए हैं।

    अलग-अलग नामों से छिपा रहे असली पहचान
    गृह मंत्रालय की सूची में शामिल आतंकियों ने पहचान छिपाने के लिए कई नाम अपनाए हैं। मुंबई हमलों का आरोपी और भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम सबसे आगे है, जिसके 22 नाम दर्ज हैं। वहीं लश्कर-ए-ताइबा के प्रमुख हाफिज सईद के 9 और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मोहीउद्दीन औरंगजेब आलमगीर के 11 नाम बताए गए हैं।

    मसूद अजहर समेत कई बड़े नाम शामिल
    सूची में मौलाना मसूद अजहर का नाम प्रमुख रूप से दर्ज है, जिसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। इसी तरह रियाज इस्माइल शाहबंदर, इब्राहिम मेनन और सैयद मोहम्मद युसूफ शाह जैसे आतंकियों ने भी अलग-अलग नाम रखे हुए हैं। कुछ आतंकियों के नामों की संख्या 5 से 9 तक है, जिससे उनकी गतिविधियों को ट्रैक करना और कठिन हो जाता है।

    दाऊद इब्राहिम के नामों की लंबी सूची
    दाऊद इब्राहिम के सबसे अधिक 22 नाम सामने आए हैं। इनमें दाऊद इब्राहिम कासकर, दाऊद हसन शेख कासकर, दाऊद भाई, इकबाल सेठ, बड़ा पटेल सहित कई अन्य नाम शामिल हैं। इतने ज्यादा नामों का इस्तेमाल कर वह लंबे समय से एजेंसियों को चकमा देता रहा है।

    लश्कर और जैश के आतंकियों ने भी बदली पहचान
    लश्कर-ए-ताइबा प्रमुख हाफिज सईद ने भी अपनी पहचान छिपाने के लिए 9 अलग-अलग नाम अपनाए हैं। वहीं जकी उर रहमान लख्वी और जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य मोहीउद्दीन औरंगजेब आलमगीर ने भी कई उपनाम रखे हुए हैं। एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, ये आतंकी अलग-अलग नामों के जरिए अपनी गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं।