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  • गोपी बहू के फैसले ने बदल दी जिया मानेक की जिंदगी, डांस शो ने करियर को पहुंचाया झटका

    गोपी बहू के फैसले ने बदल दी जिया मानेक की जिंदगी, डांस शो ने करियर को पहुंचाया झटका


    नई दिल्ली । टीवी जगत की मशहूर एक्ट्रेस जिया मानेक, जिन्हें उनके शो साथ निभाना साथिया में निभाए गए गोपी बहू के किरदार से घर-घर में पसंद किया गया, आज भी फैंस के दिलों में खास जगह रखती हैं। उनका सिंपल लुक, मार्मिक एक्टिंग और संस्कारी बहू की छवि दर्शकों का दिल जीत गई। सोशल मीडिया पर आज भी उनके शो की क्लिप वायरल होती रहती हैं और फैंस nostalgically उनकी यादों में खो जाते हैं।

    लेकिन जिया मानेक के करियर में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उन्हें रातोंरात स्टार तो बना दिया, लेकिन बाद में उसी फैसले ने उनकी प्रोफेशनल जिंदगी को झटका भी दिया। 2010 में जिया ने स्टार प्लस के शो साथ निभाना साथिया में गोपी कपाड़िया का किरदार निभाया। मोदी परिवार की आज्ञाकारी और जिम्मेदार बहू के रूप में उनका किरदार दर्शकों का पसंदीदा बन गया और शो की टीआरपी लगातार ऊँचाई पर रही।

    लेकिन 2012 में जिया ने अचानक शो छोड़ने का फैसला कर सबको चौंका दिया। इसके पीछे कारण था उनका डांस रियलिटी शो झलक दिखला जा में हिस्सा लेना। जिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि लंबे समय तक संस्कारी बहू की भूमिका निभाते-निभाते वह ऊब चुकी थीं और वह अपनी जिंदगी में थोड़ी सांसारिकता और रचनात्मक बदलाव चाहती थीं। मेकर्स ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन जिया अड़ी रहीं और स्टेज पर अपने शानदार डांस के जरिए सुर्खियां बटोरीं।

    हालांकि, डांस शो में विवादों के चलते उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। जिया के शो छोड़ने के बाद साथ निभाना साथिया की टीआरपी में भारी गिरावट आई। उनके किरदार की जगह देवोलीना भट्टाचार्जी को ऑफर किया गया, जिससे शो को नई जिंदगी मिली, लेकिन जिया के करियर को यह फैसला भारी पड़ा। इसके बाद उन्हें कोई दमदार या लगातार काम नहीं मिला और वह लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं।

    जिया मानेक की कहानी इस बात का सबूत है कि एक सही समय पर लिया गया व्यक्तिगत या पेशेवर फैसला पूरी जिंदगी को बदल सकता है। आज उनके जन्मदिन पर फैंस उन्हें सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दे रहे हैं और गोपी बहू वाले दिनों की याद कर उनके करियर की मिठास महसूस कर रहे हैं।
    टीवी जगत की मशहूर एक्ट्रेस जिया मानेक, जिन्हें उनके शो साथ निभाना साथिया में निभाए गए गोपी बहू के किरदार से घर-घर में पसंद किया गया, आज भी फैंस के दिलों में खास जगह रखती हैं। उनका सिंपल लुक, मार्मिक एक्टिंग और संस्कारी बहू की छवि दर्शकों का दिल जीत गई। सोशल मीडिया पर आज भी उनके शो की क्लिप वायरल होती रहती हैं और फैंस nostalgically उनकी यादों में खो जाते हैं।

    लेकिन जिया मानेक के करियर में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उन्हें रातोंरात स्टार तो बना दिया, लेकिन बाद में उसी फैसले ने उनकी प्रोफेशनल जिंदगी को झटका भी दिया। 2010 में जिया ने स्टार प्लस के शो साथ निभाना साथिया में गोपी कपाड़िया का किरदार निभाया। मोदी परिवार की आज्ञाकारी और जिम्मेदार बहू के रूप में उनका किरदार दर्शकों का पसंदीदा बन गया और शो की टीआरपी लगातार ऊँचाई पर रही।

    लेकिन 2012 में जिया ने अचानक शो छोड़ने का फैसला कर सबको चौंका दिया। इसके पीछे कारण था उनका डांस रियलिटी शो झलक दिखला जा में हिस्सा लेना। जिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि लंबे समय तक संस्कारी बहू की भूमिका निभाते-निभाते वह ऊब चुकी थीं और वह अपनी जिंदगी में थोड़ी सांसारिकता और रचनात्मक बदलाव चाहती थीं। मेकर्स ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन जिया अड़ी रहीं और स्टेज पर अपने शानदार डांस के जरिए सुर्खियां बटोरीं।

    हालांकि, डांस शो में विवादों के चलते उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। जिया के शो छोड़ने के बाद साथ निभाना साथिया की टीआरपी में भारी गिरावट आई। उनके किरदार की जगह देवोलीना भट्टाचार्जी को ऑफर किया गया, जिससे शो को नई जिंदगी मिली, लेकिन जिया के करियर को यह फैसला भारी पड़ा। इसके बाद उन्हें कोई दमदार या लगातार काम नहीं मिला और वह लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं।

    जिया मानेक की कहानी इस बात का सबूत है कि एक सही समय पर लिया गया व्यक्तिगत या पेशेवर फैसला पूरी जिंदगी को बदल सकता है। आज उनके जन्मदिन पर फैंस उन्हें सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दे रहे हैं और गोपी बहू वाले दिनों की याद कर उनके करियर की मिठास महसूस कर रहे हैं।

  • आपकी कथनी-करनी में अंतर, आप कुर्सी पर बैठने के लायक नहीं, राहुल गांधी पर भड़कीं नवजोत कौर

    आपकी कथनी-करनी में अंतर, आप कुर्सी पर बैठने के लायक नहीं, राहुल गांधी पर भड़कीं नवजोत कौर

    नई दिल्ली। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन वहां पर सियासी हलचल अभी से तेज होती जा रही है. लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के लिए स्थिति खराब होती जा रही है. कुछ दिन पहले पार्टी छोड़ने वाली नवजोत कौर सिद्धू ने राहुल गांधी पर करारा प्रहार किया. नवजोत कौर ने अपने हमले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर ‘जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटे’ होने और पंजाब इकाई में अंदरूनी भ्रष्टाचार को दूर करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है.

    कोयंबटूर में बोलते हुए, नवजोत कौर ने यह दावा किया कि राहुल गांधी की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने की वजह से “पंजाब में कांग्रेस खत्म हो रही है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके करीबी लोग चुनाव टिकट बेचने में व्यस्त हैं, जबकि उन्हें वहां की स्थिति का पता ही नहीं है.

    ‘आपका आदमी पंजाब के साथ न्याय नहीं कर रहा’
    उन्होंने कहा, “राहुल गांधी अच्छी बातें करते हैं. वह समझदारी की बात करते हैं. लेकिन वह जो करते हैं और जो कहते हैं उसमें बहुत अंतर है. पिछले 8 महीनों से, मैं उनसे यह कहने के लिए समय मांग रही हूं कि आपके लोग, आपके अध्यक्ष या पंजाब में नियुक्त आपका आदमी पंजाब के साथ न्याय नहीं कर रहा है. वे लोग पंजाब में कांग्रेस को खत्म कर रहे हैं. मैं आपसे बस यह बताने के लिए मुलाकात करने का समय मांग रही हूं कि आपकी पार्टी पंजाब में खत्म हो रही है. उन्होंने पहले ही टिकट बेच दिए हैं.”

    नवजोत कौर ने आगे कहा, “अगर आपको मालूम नहीं है कि आपके नीचे क्या हो रहा है, तो मुझे इसका खेद है. ऐसे में आप उस कुर्सी के लायक नहीं हैं. आप जो कर रहे हैं उसके लिए आप ही जिम्मेदार हैं. हमने पंजाब के लिए सब कुछ छोड़ दिया, आपने हमसे 7 विभाग और मुझे सांसद बनाने के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री पद देने का वादा किया था. लेकिन आपने हमें कुछ नहीं दिया.”

    ‘आप पंजाब में जीत हासिल नहीं करने जा रहे’
    उन्होंने आगे कहा, “आपने हमें स्थानीय निकाय और पर्यटन विभाग दिया, और आप चाहते थे कि वे मुख्यमंत्री के हिसाब से चलें. जब आपके अपने लोग ही भ्रष्ट हैं तो आप भ्रष्टाचार के खिलाफ क्यों बात कर रहे हैं? और आप अपने आस-पास भ्रष्ट लोगों को ही पसंद कर रहे हैं, जबकि आपके आस-पास के लोग पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं.”

    राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कहा, “आपके पास उन ईमानदार लोगों से मिलने के लिए वक्त नहीं है जो आकर आपको बताना चाहते हैं कि यह सब गलत हो रहा है, आप पंजाब नहीं जीतने वाले हैं.” उन्होंने आगे कहा, “शायद आपने उन्हें यह गिफ्ट में दे दिया है. वह असल में जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रहे हैं. मुझे ऐसा लगता है कि जमीन से जुड़े रहना बहुत ही जरूरी है. ग्राउंड ज़ीरो पर क्या हो रहा है, यह किसी के लिए भी बहुत जरूरी है.”

    कांग्रेस नेता को नसीहत देते हुए नवजोत कौर ने कहा, “आपको हकीकत जानने के लिए ग्राउंड रियलिटी से जुड़े रहना होगा. आप सपनों की दुनिया में नहीं जी सकते.” पीएम नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा से ठीक पहले नवजोत कौर ने 30 जनवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. हालांकि पार्टी के खिलाफ अपने बागी तेवर की वजह से उन्हें कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था.

  • UP Politics: पल्लवी पटेल के साथ अलायंस फेल, अब बसपा का मिलेगा साथ! यूपी में क्या होगी ओवैसी की पॉलिटिक्स?

    UP Politics: पल्लवी पटेल के साथ अलायंस फेल, अब बसपा का मिलेगा साथ! यूपी में क्या होगी ओवैसी की पॉलिटिक्स?

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए एक साल से भी कम का वक्त बचा है. इस बीच राज्य में भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपनी-अपनी रणनीतियां बनाने में जुट गए हैं. सपा और कांग्रेस जहां भारतीय राष्ट्रीय समावेशी विकास गठबंधन यानी इंडिया अलायंस के परचम तले चुनाव लड़ सकते हैं तो वहीं बीजेपी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और निर्बल भारतीय शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी) के साथ मैदान में उतरेगी. उधर, बसपा अभी भी अकेले ही मैदान में उतरने का मूड बना रही है.

    इन सबके बीच हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) भी यूपी चुनाव में पूरे दमखम के साथ उतरने की तैयारी कर रही है. अगर पार्टी चुनाव में उतरती है तो यह उसका चौथा चुनाव होगा.

    वर्ष 2017, 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद एआईएमआईएम ने कुछ क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर एक मोर्चा बनाया था. यह मोर्चा सपा चीफ के पीडीए फॉर्मूले के मुकाबले के तौर पर पीडीएम बनाया गया था. जिसमें पिछड़ा, दलित मुसलमान की बात की गई थी. इस मोर्चे ने 25 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे. हालांकि इसमें AIMIM का एक भी प्रत्याशी नहीं था.

    अब 2027 के चुनाव के लिए दावा है कि एआईएमआईएम, बसपा के साथ अलायंस कर सकती है. ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि राज्य में गठबंधन करने के लिए आतुर AIMIM का इस संदर्भ में पुराना इतिहास क्या रहा है? इसके साथ ही यह भी बात हो रही है कि जो एआईएमआईएम, बसपा के हाथी की सवारी कर राज्य में एंट्री की कोशिश में उसकी क्या स्थिति है?

    बता दें AIMIM ने वर्ष 2017 के यूपी विधानसभा का चुनाव 38 सीटों पर लड़ा था. 37 सीटों पर पार्टी की जमानत जब्त हो गई थी.इस चुनाव में AIMIM को 2,04,142 वोट मिले थे. AIMIM ने जिन सीटों पर चुनाव लड़ा था, वो मुख्यतौर पर पश्चिम उत्तर प्रदेश की मुस्लिम बहुल सीटें थीं. उधर, 2022 में एआईएमआईएम ने 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे सिर्फ .49% वोट मिले थे.

    2024 के चुनाव कितना कारगर रहा ओवैसी का अलायंस?

    2024 चुनाव में पीडीएम मोर्चा बनाने वाली एआईएमआईएम ने अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन उसके साथ का फायदा अन्य दल को भी नहीं मिला. इस चुनाव में अपना दल कमेरावादी की नेता पल्लवी पटेल ने प्रत्याशी उतारे और उन्हें कुल मतदान में से सिर्फ .4 फीसदी वोट मिले और नतीजा सिफर रहा. ऐसे में यह स्पष्ट है कि एआईएमआईएम के साथ का लाभ अपना दल कमेरावादी को नहीं हुआ.

    बसपा के साथ कितना फिट होंगे ओवैसी?
    वहीं बसपा की बात करें तो लोकसभा चुनाव में उसे कुल वोट का 9.46 फीसदी मत मिले थे. हालांकि लोकसभा में उसका खाता नहीं खुला था. विधानसभा में भी बसपा का सिर्फ 1 ही विधायक है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो अगर एआईएमआईएम और बसपा साथ आते भी हैं तब भी किसी बड़े जादू की उम्मीद फिलहाल नहीं है.

    अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यूपी में एआईएमआईएम की आगामी रणनीति क्या होगी और वह धरातल पर कितनी मजबूती के साथ उतरेगी.

  • एमपी विधानसभा में गूंजा भागीरथपुरा का मुद्दा, दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने किया सांकेतिक प्रदर्शन

    एमपी विधानसभा में गूंजा भागीरथपुरा का मुद्दा, दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेस ने किया सांकेतिक प्रदर्शन


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।

    विधानसभा परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत होना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस गंभीर मामले में अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है। सिंघार ने मांग की कि जिम्मेदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा दें और संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में जनता को दूषित और मलयुक्त पानी मिलना गंभीर चिंता का विषय है। राज्यपाल के अभिभाषण में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के दावे किए गए, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जनता की आवाज उठाते हुए सदन में प्रस्ताव रखा है और सरकार से स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस विषय पर गंभीर चर्चा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है, क्योंकि हर व्यक्ति महंगा आरओ पानी खरीदने में सक्षम नहीं है। स्वच्छ पानी जनता का बुनियादी अधिकार है।

    सिंघार ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी बड़ी संख्या में मौतों के बावजूद सरकार विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

  • Salim Khan Hospitalised: सलमान के पिता सलीम खान की तबीयत बिगड़ी, लीलावती अस्पताल में भर्ती

    Salim Khan Hospitalised: सलमान के पिता सलीम खान की तबीयत बिगड़ी, लीलावती अस्पताल में भर्ती

    नई दिल्ली। बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर राइटर और सलमान के पिता सलीम खान की अचानक तबीयत बिगड़ गई है. जिसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक्टर के पिता की तबीयत किस वजह से बिगड़ी फिलहाल उनकी हेल्थ कंडीशन के बारे में और जानकारी का इंतजार है. हालांकि, सलमान खान को सुबह हॉस्पिटल में देखा गया था. ‘बैटल ऑफ गलवान’ को लेकर बिजी चल रहे एक्टर टाइट सिक्योरिटी के बीच हॉस्पिटल के बाहर नजर आए. सोशल मीडिया पर जैसे ही सलमान खान का हॉस्पिटल के बाहर से वीडियो सामने आया, तो उनके फैन्स भी चिंता में पड़ गए. लोग लगातार एक्टर के पिता की अच्छी सेहत के लिए दुआएं कर रहे हैं.
    सलमान के पिता सलीम खान की उम्र 90 साल है. फिलहाल उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी खान परिवार की तरफ से नहीं दी गई है. यहां तक कि सलमान खान ने भी हॉस्पिटल के बाहर मीडिया से कुछ नहीं कहा. क्या कुछ सलीम खान को हुआ या फिर उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. हालांकि, सलमान के अलावा दूसरे फैमिली मेंबर्स अबतक हॉस्पिटल में नहीं दिखे हैं.
    हॉस्पिटल के बाहर दिखे सलमान
    इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सलमान खान ब्लैक टी-शर्ट में हॉस्पिटल से बाहर आते दिख रहे थे. टाइट सिक्योरिटी के बीच उनकी गाड़ी वहां से निकली. हालांकि, एक्टर के चेहरे पर टेंशन साफ दिखाई दे रही है. उनके साथ जो बाकी लोग दिख रहे हैं, उनमें से कई लोगों ने बैटल ऑफ गलवान की टी-शर्ट पहनी हुई थी. वहीं, अब नए वीडियो में अतुल अग्निहोत्री भी लीलावती हॉस्पिटल पहुंचते नजर आए. दरअसल अतुल अग्निहोत्री प्रोड्यूसर हैं, साथ ही सलमान की बहन अलवीरा खान के पति हैं. हालांकि, सलमान खान कब हॉस्पिटल पहुंचे, इसकी जानकारी नहीं है. पर वहां से निकलते हुए वो स्पॉट हो गए. दरअसल सलमान खान ने 60 साल की उम्र में भी शादी नहीं की है. वो अपने माता-पिता के साथ ही रहते हैं और उनकी देखभाल करते हैं.
    कौन हैं सलीम खान?
    दरअसल सलीम ख़ान हिन्दी फ़िल्मों के मशहूर राइटर हैं. सलीम खान का जन्म इंदौर के बालाघाट शहर में हुआ था. सलीम खान अपने माता-पिता की सबसे छोटी संतान हैं. जब सलीम खान 14 साल के थे, तब तक उनके माता-पिता दोनों मृत्यु हो गई. उन्होंने पहली शादी सुशीला चरक नाम की एक मराठी हिन्दू महिला से की. जिन्होंने शादी के बाद अपना नाम सलमा रख लिया. सलमान खान, अरबाज खान , सुहेल खान और अलवीरा उन्हीं के बच्चे हैं. जबकि, दूसरी शादी हेलन से की, जिनसे कोई बच्चे नहीं है.

  • इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर । इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में मंदिर के गर्भगृह में दबाव बनाकर दर्शन करवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कुख्यात बदमाश सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला तब उजागर हुआ जब मंदिर प्रबंधन ने शिकायत दर्ज कराई कि आकाश रावत नामक आरोपी ने दबाव बनाकर सतीश भाऊ को गर्भगृह में प्रवेश दिलाया।

    खजराना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाश रावत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। बताया गया है कि मंदिर में दबाव बनाकर किसी भी व्यक्ति को गर्भगृह में प्रवेश कराने का प्रयास कानून और धार्मिक मान्यताओं दोनों के खिलाफ है।

    इस मामले का ध्यान शासन-प्रशासन और मीडिया दोनों ने प्रमुखता से आकर्षित किया। लल्लूराम ने इस घटना को प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी।

    सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज मामला गर्भगृह में अवैध प्रवेश और दबाव बनाने के प्रयास से संबंधित है। मंदिर प्रशासन ने कहा कि धार्मिक स्थलों में किसी भी व्यक्ति के लिए नियमों और अनुशासन का पालन जरूरी है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया कि कानून और धार्मिक मान्यताओं के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    आकाश रावत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक महीने के लिए कैंपस में प्रोटेस्ट पर लगाया बैन, लॉ एंड ऑर्डर की चिंता बताई वजह

    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक महीने के लिए कैंपस में प्रोटेस्ट पर लगाया बैन, लॉ एंड ऑर्डर की चिंता बताई वजह

    नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी से एक बड़ी खबर सामने आई है। DU ने लॉ एंड ऑर्डर की चिंता का हवाला देते हुए एक महीने के लिए कैंपस में प्रोटेस्ट पर बैन लगा दिया है। एक माह के लिए यूनिवर्सिटी ने कैंपस में किसी भी तरह की पब्लिक मीटिंग, जुलूस, प्रदर्शन और विरोध पर रोक लगाई है। इस संबंध में एक ऑर्डर जारी किया गया है। 17 फरवरी के एक ऑर्डर में, DU के प्रॉक्टर ऑफिस ने कहा कि यह रोक इस इनपुट के बाद लगाई गई है कि “बिना रोक-टोक के पब्लिक गैदरिंग” से हालात बिगड़ सकते हैं और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

    जारी किए गए आदेश में सिविल लाइंस के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर के पहले के एक निर्देश का भी जिक्र किया गया है, जिसमें पब्लिक मीटिंग, टॉर्च या ऐसी ही कोई चीज ले जाने, नारे लगाने और ऐसे भाषण देने पर रोक लगाई गई थी, जिनसे पब्लिक शांति या ट्रैफिक फ्लो पर असर पड़ सकता है।

    DU के प्रॉक्टर मनोज कुमार ने क्या कहा
    DU के प्रॉक्टर मनोज कुमार ने अपने एक बयान में कहा कि पहले, ऑर्गनाइज़र अक्सर ऐसे प्रोटेस्ट को कंट्रोल करने में नाकाम रहे जो बढ़ते गए और बड़े पैमाने पर फैल गए, जिससे यूनिवर्सिटी कैंपस के अंदर लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ गया।

    आदेश में लिखा है, “पांच या उससे अधिक लोगों का इकट्ठा होना, नारे लगाना और भाषण देना, मशाल, बीकन/टॉर्च वगैरह जैसी कोई भी खतरनाक चीज ले जाना मना है।” इसमें आगे यह भी कहा गया है, “यह बैन तुरंत लागू होगा और एक महीने तक लागू रहेगा, अगर इसे पहले नहीं हटाया जाता है।”

    इसलिए आया ऑर्डर
    बता दें कि यह आदेश हाल के विवादों के बाद आया है, जहां पिछले वीक एक विरोध प्रदर्शन के दौरान दो स्टूडेंट ग्रुप के बीच हाथापाई के बाद दिल्ली पुलिस ने दो FIR दर्ज की थीं। 12 फरवरी को, हिस्टोरियन इरफान हबीब पर एक बाल्टी पानी फेंका गया था, जब वह एक सोशल जस्टिस प्रोग्राम में बोल रहे थे। (इनपुट- पीटीआई)

  • नरसिंहपुर में सड़क हादसा: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर

    नरसिंहपुर में सड़क हादसा: ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में युवक की मौत, CCTV में दिखा खौफनाक मंजर


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर के करेली क्षेत्र में सोमवार सुबह रांकई रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। घटना की जानकारी के अनुसार पिपरिया के प्रवीन नौरिया सुबह करीब 9 बजे ट्रेन पकड़ने की जल्दी में बाइक चला रहे थे। जैसे ही वह रानी कमलापति से अधारताल जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन के समय से मेल खाने की कोशिश कर रहे थे, उनकी बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई।

    इस दौरान सामने से आ रही एक अन्य बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर तक घिसटते चले गए। हादसा यहीं खत्म नहीं हुआ, पीछे से आ रही एक तीसरी बाइक ने भी गिरे हुए दोनों बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिससे हादसा और गंभीर हो गया।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रवीन को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना का CCTV फुटेज भी सोमवार रात सामने आया, जिसमें प्रवीन की तेज रफ्तार और असंतुलित बाइक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। फुटेज में हादसे की पूरी भयावहता दिखाई दे रही है।

    करेली पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच कर रहे हैं कि हादसे के लिए किन-किन कारकों ने भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि जल्दबाजी और तेज रफ्तार इस दुर्घटना के प्रमुख कारण हैं। हादसे की वजह से इलाके में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की गंभीर जरूरत पर ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क पर बाइक की तेज रफ्तार और नियंत्रण खोना किस हद तक जानलेवा साबित हो सकता है, इसका यह हादसा जीता जागता उदाहरण है। प्रशासन और पुलिस की कोशिश है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

  • शहडोल में रिहायशी इलाके में बायो वेस्ट बम: अस्पतालों ने सड़क को बना दिया डंपिंग ग्राउंड, गोवंश और इंसानों के लिए खतरा

    शहडोल में रिहायशी इलाके में बायो वेस्ट बम: अस्पतालों ने सड़क को बना दिया डंपिंग ग्राउंड, गोवंश और इंसानों के लिए खतरा


    शहडोल । शहडोल के बुढार नगर में एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया। हनुमान मंदिर के ठीक बगल सड़क किनारे खुलेआम फेंके गए मेडिकल बायो वेस्ट ने न सिर्फ इंसानों के लिए खतरा बढ़ा दिया है बल्कि बेजुबान गोवंश की जान भी खतरे में डाल दी है। इंजेक्शन, नीडल और दवाइयों के खतरनाक कचरे को मवेशी चारे की तरह खा रहे हैं।

    स्थानीय निवासी नरेंद्र तिवारी ने बताया कि सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्होंने हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे पड़े मेडिकल अपशिष्ट का ढेर देखा। आश्चर्य की बात यह रही कि कई गोवंश इस कचरे के बीच विचरण कर रहे थे और उसे चारे की तरह ग्रहण कर रहे थे, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

    रिहायशी इलाके में खुले में मेडिकल कचरा फेंके जाने से संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बुढार नगर में कई निजी क्लिनिक संचालित हैं, जहां से निकलने वाले मेडिकल अपशिष्ट का उचित निस्तारण नहीं किया जाता। नतीजा यह हुआ कि सड़कें डंपिंग ग्राउंड बन गई हैं और पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

    विशेष रूप से, उपयोग किए गए इंजेक्शन, सुइयां और दवाइयों की शीशियां सीधे तौर पर लोगों और मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। स्थानीय लोग चिंता जताते हुए प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार क्लीनिक संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    नरेंद्र तिवारी ने कहा कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई जा सकती हैं। स्थानीय प्रशासन से भी आग्रह किया गया है कि रिहायशी इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और मेडिकल अपशिष्ट का सही निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यह मामला न केवल शहडोल बल्कि पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन की प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे बायो वेस्ट की अनदेखी से संक्रमण और जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

  • सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात

    सतना में बदमाशों के हौसले बुलंद: युवती के साथ सड़क पर लूट का प्रयास, CCTV में कैद वारदात


    सतना । सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में नवरंग पार्क कॉलोनी की सुनसान गलियों में सोमवार की सुबह एक सनसनीखेज घटना ने लोगों को हिला कर रख दिया। कॉलोनी की एक युवती अकेले गुजर रही थी, तभी अचानक एक अज्ञात बदमाश ने उस पर हमला कर दिया और मोबाइल झपटने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी तेजी से युवती के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास कर रहा था।

    हालांकि, युवती ने इस अचानक हुए हमले के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर और पकड़े जाने के डर से बदमाश मौके से भाग गया, जबकि मोबाइल सुरक्षित रहा। घटना की पूरी प्रक्रिया पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब पुलिस के लिए मुख्य सुराग बन गई है।

    इस वारदात के बाद कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासी पुलिस से गश्त बढ़ाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। वहीं कोलगवां थाना पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान और जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    स्थानीय लोग इस घटना से चिंतित हैं और लगातार पुलिस प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि इलाके में सुरक्षा बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातें रोकी जा सकें। पुलिस ने भी चेताया है कि नागरिकों को अकेले सुनसान गली या अंधेरी जगहों से गुजरते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह घटना यह दिखाती है कि अपराधियों के हौसले किस हद तक बढ़ चुके हैं, लेकिन साथ ही यह भी प्रमाण है कि साहसिक और सतर्क नागरिक अपने आप को सुरक्षित रख सकते हैं।