जानकारी के अनुसार, भगवान कीर की शादी का कार्यक्रम घर में चल रहा था। मंडप में खाना-पीना और डीजे की धुन के बीच पूरा परिवार और रिश्तेदार मौजूद थे। इसी दौरान पहले से विवादित रिश्तेदार अमर सिंह कीर अपने बेटे लोकेश के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि शराब के नशे में धुत अमर सिंह ने पहले बहस शुरू की और फिर अचानक घर से बाहर निकलकर हथियार लेकर लौट आया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाप-बेटे हाथों में तलवार और चाकू लेकर आए और देखते ही देखते उत्पात मचाना शुरू कर दिया। बाहर खड़ी महिला क्षमा पर पहले वार किया गया, जिससे चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर कमरे में बंद पुरुष खिड़की तोड़कर बाहर निकले, लेकिन आरोपियों ने किसी को नहीं बख्शा और जो भी सामने आया उस पर हमला कर दिया।
इस हमले में जय नारायण कीर (दूल्हे के जीजा) की इलाज के दौरान भोपाल में मौत हो गई। वहीं दौलतराम कीर (दूल्हे के मामा) की मौके पर हालत गंभीर होने के बाद जान चली गई। हरि नारायण कीर सहित अन्य घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है, जिनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी लोकेश फरार हो गया। बाद में पीछा करने पर उसने आरक्षक ओम प्रकाश जाट पर भी बेरहमी से हमला कर दिया। बताया गया कि आरोपी ने आरक्षक पर पेट, सीने, गर्दन और हाथ-पैर पर कुल 9 बार चाकू से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच करीब 5 साल से विवाद चल रहा था और आपसी बातचीत बंद थी। शादी में आमंत्रण के बावजूद अमर सिंह ने पहले विवाद किया और फिर बेटे के साथ लौटकर हिंसा को अंजाम दिया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी अमर सिंह कीर को हिरासत में ले लिया है, जबकि उसका बेटा लोकेश अभी फरार है। उसकी तलाश में तीन टीमें गठित की गई हैं, जिनमें इंदौर तक दबिश दी जा रही है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज होने की पुष्टि हुई है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। शादी जैसा खुशी का अवसर हिंसा में बदल जाने से लोग स्तब्ध हैं। पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है एक हत्या का और दूसरा पुलिस पर जानलेवा हमले का।









