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  • मंडी व्यवस्था पर सवाल: Burhanpur में किसानों की भीड़, उप संचालक बोले- व्यवस्था सुधरी

    मंडी व्यवस्था पर सवाल: Burhanpur में किसानों की भीड़, उप संचालक बोले- व्यवस्था सुधरी


     बुरहानपुर। जिले की तुकईथड़ कृषि उपज मंडी में समर्थन मूल्य पर चना बेचने पहुंचे किसानों को मंगलवार को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। कई किसान अपनी उपज लेकर रात से ही ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ मंडी परिसर में पहुंच गए थे, लेकिन मंडी का मुख्य गेट सुबह से दोपहर 12 बजे तक बंद रहने के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
    रातभर मंडी के बाहर डटे रहे किसान
    जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में किसान रात में ही मंडी पहुंच गए थे ताकि सुबह जल्दी अपनी उपज की बिक्री कर सकें। लेकिन सुबह होने के बाद भी जब मंडी का गेट नहीं खुला तो किसानों में नाराजगी और असंतोष देखने को मिला। कई किसान खुले आसमान के नीचे पूरी रात अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
    गेट बंद रहने से बढ़ी परेशानी
    मंडी गेट पर ताला लगा होने के कारण किसानों को न तो प्रवेश मिल पाया और न ही खरीदी प्रक्रिया शुरू हो सकी। इस दौरान किसानों की भीड़ लगातार बढ़ती गई और मौके पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए।
    सूचना पर प्रशासन मौके पर पहुंचा
    स्थिति बिगड़ती देख नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर तत्काल समाधान के निर्देश दिए, जिसके बाद खरीदी प्रक्रिया को शुरू कराने की कवायद तेज हुई।
    दोपहर 12 बजे खुला गेट, शुरू हुई खरीदी
    लगभग दोपहर 12 बजे मंडी का गेट खोला गया और चना खरीदी की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद धीरे-धीरे किसानों की भीड़ को नियंत्रित किया गया और उपज की तुलाई व खरीदी कार्य प्रारंभ हुआ।
    अधिकारियों का पक्ष व्यवस्था सामान्य हुई
    उप संचालक कृषि एवं खरीदी प्रभारी एमएस देवके ने बताया कि मंडी मैनेजर के पारिवारिक कारणों से समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण देरी हुई। जैसे ही जानकारी मिली, तुरंत वैकल्पिक कर्मचारी भेजकर खरीदी शुरू कराई गई। उन्होंने कहा कि दोपहर तक सभी व्यवस्थाएं सामान्य हो गईं और खरीदी कार्य सुचारू रूप से चलने लगा।
    प्रशासन ने बताया अधिकार क्षेत्र का मामला
    इस पूरे मामले पर एसडीएम भागीरथ वाखला ने कहा कि यह विषय उप संचालक कृषि के अधिकार क्षेत्र में आता है और आगे की व्यवस्था संबंधित विभाग द्वारा देखी जाएगी।
    किसानों में नाराजगी बरकरार
    हालांकि खरीदी शुरू हो गई, लेकिन किसानों ने देर से प्रक्रिया शुरू होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यदि समय पर व्यवस्था होती तो उन्हें रातभर परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ

    उज्जैन के महाकाल मंदिर में अनुपम खेर की भक्ति यात्रा, देश और फैंस के लिए की विशेष प्रार्थना, मंदिर व्यवस्था की खुलकर की तारीफ

    नई दिल्ली। उज्जैन: प्रसिद्ध अभिनेता अनुपम खेर ने मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित पवित्र महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए। अपनी इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान उन्होंने मंदिर में आयोजित आरती में भाग लिया और पूरे श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर में बिताए गए समय को उन्होंने बेहद दिव्य और ऊर्जावान अनुभव बताया और कहा कि यहां आकर उन्हें एक अलग ही शांति और शक्ति का एहसास हुआ, जो जीवन में एक विशेष प्रेरणा देता है।

    अनुपम खेर समय-समय पर अपनी धार्मिक यात्राओं को लेकर चर्चा में रहते हैं। वे देशभर के विभिन्न मंदिरों और पवित्र स्थलों पर जाकर आस्था व्यक्त करते हैं और अपने अनुभवों को फैंस के साथ साझा करते हैं। इसी क्रम में उनकी उज्जैन यात्रा भी बेहद खास रही, जहां उन्होंने महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर की भव्यता और वातावरण की आध्यात्मिक ऊर्जा को करीब से महसूस किया।

    अभिनेता ने अपनी इस यात्रा की झलक अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की, जहां उन्होंने कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। इन दृश्यों में वे मंदिर परिसर में घूमते हुए और आरती में शामिल होते हुए दिखाई दिए। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि महाकाल के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय रहा और उन्होंने देशवासियों की शांति, सुख और समृद्धि के लिए भी प्रार्थना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति और धार्मिक स्थलों की प्राचीनता और भव्यता विश्व में अद्वितीय है।

    वीडियो संदेश में अनुपम खेर ने उत्साह के साथ ‘जय महाकाल’ का उद्घोष किया और बताया कि आरती के दौरान का अनुभव अत्यंत दिव्य था। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण मन और आत्मा दोनों को एक अलग ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने मंदिर प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि यहां भक्तों के लिए सुव्यवस्थित और सम्मानजनक व्यवस्था की गई है, जिससे सभी श्रद्धालु सहजता से दर्शन कर सकें।

    अनुपम खेर ने यह भी बताया कि उन्होंने महाकाल के दर्शन के साथ-साथ सभी के कल्याण और देश की प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना की। उनके अनुसार यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुभव नहीं थी, बल्कि आत्मिक शांति और आंतरिक शक्ति प्राप्त करने का एक माध्यम भी रही।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर जल्द ही फिल्म ‘खोसला का घोसला’ के दूसरे भाग में नजर आएंगे, जिसमें वे एक बार फिर कमल किशोर खोसला के किरदार में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन दिबाकर बनर्जी कर रहे हैं और इसमें कई अनुभवी कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में होंगे। इसके अलावा वे निर्देशक सूरज बड़जात्या के आगामी प्रोजेक्ट का भी हिस्सा हैं, जिससे उनके प्रशंसकों में उत्साह बना हुआ है।

    महाकालेश्वर मंदिर की यह यात्रा एक बार फिर यह दर्शाती है कि अनुपम खेर अपने व्यस्त फिल्मी करियर के बावजूद आध्यात्मिकता और आस्था से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उनका यह अनुभव न केवल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि उनके चाहने वालों के लिए भी प्रेरणादायक संदेश लेकर आया है।

  • सामाजिक सुरक्षा नीति की मांग तेज: बड़वानी में मुलायम कर्मियों ने तेज आवाज

    सामाजिक सुरक्षा नीति की मांग तेज: बड़वानी में मुलायम कर्मियों ने तेज आवाज


    बड़वानी। जिले में मंगलवार को भारतीय मजदूर संघ, मध्यप्रदेश के बैनर तले आउटसोर्स एवं ठेका कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार बाबू सिंह निनामा के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी रैली के रूप में पहुंचे और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।
    आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं पर ठोस नीति की मांग
    ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थाओं में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ठोस और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई है। संघ ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और स्थायी सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है, जिसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए।
    श्रम कानूनों के सख्त पालन की मांग
    संघ ने अपने ज्ञापन में श्रम कानूनों के सख्त पालन पर जोर देते हुए कहा कि कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही मांग की गई कि 8 घंटे से अधिक कार्य करने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए, वेतन हर महीने की 7 तारीख तक सुनिश्चित रूप से मिले और सभी कर्मचारियों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए।
    ईपीएफ, ईएसआई और समान वेतन की मांग
    कर्मचारियों ने मांग की कि सभी आउटसोर्स कर्मियों को ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले। इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करने और बिचौलिया प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर सीधे विभाग से भुगतान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
    नौकरी सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
    ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बिना जांच के किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाया जाए और अनुभव के आधार पर वेतन वृद्धि दी जाए। साथ ही नियमित भर्ती प्रक्रियाओं में आउटसोर्स कर्मचारियों को अवसर देने, सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने और साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की गई।
    62 वर्ष तक सेवा और बीमा सुविधा की मांग
    संघ ने यह भी प्रस्ताव रखा कि कर्मचारियों को 62 वर्ष तक सेवा का अवसर दिया जाए। इसके अलावा 20 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा और कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सके।
    प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपील
    भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान केवल कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के हित में है। उन्होंने सरकार से जल्द ठोस निर्णय लेने की अपील की।

  • खरगोन में किसान ने खेत में जहर पीकर की आत्महत्या, लगाए गंभीर आरोप

    खरगोन में किसान ने खेत में जहर पीकर की आत्महत्या, लगाए गंभीर आरोप


    खरगोन। जिले के रेहगांव में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 43 वर्षीय किसान सालकराम मोतीराम यादव ने अपने ही खेत में जहरीली दवा पीकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मंगलवार सुबह गोगांवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
    मौत से पहले बनाया वीडियो, लगाए गंभीर आरोप
    आत्महत्या से पहले किसान ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह भावुक होकर कुछ लोगों के नाम लेते हुए नजर आया। वीडियो में उसने जमीन खरीद-फरोख्त के दौरान धोखाधड़ी, पैसे लेने के बाद भी जमीन न देने और लगातार धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उसने पुलिस से अपने परिवार की सुरक्षा और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    45 लाख रुपये के जमीन सौदे में विवाद
    जानकारी के अनुसार, सालकराम यादव ने रेहगांव निवासी राजू गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता और जितेंद्र गुप्ता से 7 एकड़ 52 डिसमिल जमीन का सौदा 45 लाख रुपये में किया था। यह सौदा सुरेश मंशाराम यादव के नाम पर लिखी गई चिट्ठी के आधार पर हुआ था। इसमें एक लाख रुपये बयाना दिया गया था और बाकी राशि पांच महीने में देने की शर्त तय की गई थी।
    पैसे देने के बाद भी मुकरने का आरोप
    मृतक किसान ने वीडियो में आरोप लगाया कि उसने तय राशि में से 45 लाख रुपये दे दिए थे, जिसमें पूरी लिखापढ़ी का खर्च भी शामिल था। इसके बावजूद जमीन मालिकों ने सौदे से मुकरते हुए उसे जमीन नहीं दी। किसान का यह भी दावा है कि उसने राजू और जितेंद्र गुप्ता को 22 लाख 7 हजार 300 रुपये अलग से दिए थे, फिर भी वे अपने वादे से पीछे हट गए।
    धमकी देने के भी लगाए आरोप
    किसान ने अपने वीडियो में बिलखेड़ निवासी श्याम पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने कहा कि श्याम उसे खरीदी गई जमीन पर जाने से रोक रहा था और जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसके अलावा सुरेश और उसके बेटे कमलेश पर भी धमकाने का आरोप लगाया गया है।
    पोस्टमार्टम के दौरान हंगामा, गिरफ्तारी की मांग
    पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी दीपक यादव ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाइश दी और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर माहौल शांत कराया।
    पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायम
    गोगांवा पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और वीडियो साक्ष्य के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल
    घटना के बाद रेहगांव और आसपास के गांवों में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर विवाद का समाधान होता तो किसान की जान बच सकती थी।

  • 40 साल का करियर और 150 फिल्में; राकेश बेदी के घर का हर कोना बयां करता है अभिनय के प्रति उनका जुनून

    40 साल का करियर और 150 फिल्में; राकेश बेदी के घर का हर कोना बयां करता है अभिनय के प्रति उनका जुनून

    नई दिल्ली।  मनोरंजन जगत के जाने-माने अभिनेता राकेश बेदी, जिन्होंने हाल ही में अपने अभिनय से एक बार फिर दर्शकों के बीच हलचल मचा दी है, इन दिनों अपने अभिनय के साथ-साथ अपने खास आशियाने को लेकर भी चर्चा में हैं। मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित एक प्रसिद्ध टावर में बना उनका घर किसी आम घर जैसा नहीं, बल्कि एक छोटी सी फिल्मी दुनिया जैसा नजर आता है। अपनी पत्नी और बेटी के साथ इस घर में रह रहे राकेश बेदी ने इसे बेहद संजीदगी और कलात्मकता के साथ संवारा है, जहां कदम रखते ही सिनेमा के प्रति उनके प्रेम की झलक मिलती है।

    राकेश बेदी के घर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अनूठी प्रवेश शैली है। घर के मुख्य द्वार पर ही कुछ स्लेट्स लगाई गई हैं, जिन पर हिंदी सिनेमा के कालजयी डायलॉग लिखे हुए हैं। मेहमानों का स्वागत ‘शोले’ फिल्म के गब्बर सिंह के उस मशहूर संवाद ‘जो डर गया समझो मर गया’ से होता है, जो तुरंत ही घर के माहौल को फिल्मी और रोमांचक बना देता है। घर की इस साज-सज्जा का श्रेय उनकी पत्नी आराधना को जाता है, जिन्होंने पेशेवर चकाचौंध से दूर घर में एक पारिवारिक सुकून और फिल्मी विरासत का संतुलन बनाए रखा है।

    घर के भीतर का नजारा बेहद सादगीपूर्ण और आरामदायक है। लिविंग रूम को कोजी सोफों और टेक्सचर्ड वॉल पेंट के साथ सजाया गया है, जहां मेल खाते हुए शो-पीस और लैंप शेड इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं। अभिनय के साथ-साथ लेखन और पठन-पाठन में रुचि रखने वाले राकेश बेदी ने घर में एक कस्टमाइज लाइब्रेरी भी बनाई है। इसके अलावा, उन्होंने एक छोटा ऑफिसनुमा कमरा भी तैयार किया है, जिसकी दीवारें उनके प्रशंसकों द्वारा दिए गए उपहारों, पेंटिंग्स और उनके लोकप्रिय नाटकों के पोस्टर्स से भरी हुई हैं। यह कोना उनके करियर के उतार-चढ़ाव और दर्शकों के प्यार का जीता-जागता गवाह है।

    लगभग चार दशकों से फिल्म जगत का हिस्सा रहे राकेश बेदी ने अब तक 150 से अधिक फिल्मों और अनगिनत नाटकों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से न केवल नाम कमाया, बल्कि एक भव्य जीवनशैली भी अर्जित की है। उनका यह घर केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं है, बल्कि उस कलाकार की स्मृतियों का संदूक है जिसने अपनी कॉमेडी और संजीदा अभिनय से करोड़ों दिलों पर राज किया है।

    वर्तमान में उनके घर की ये झलकियां कला प्रेमियों और प्रशंसकों के बीच काफी पसंद की जा रही हैं। यह घर इस बात का उदाहरण है कि कैसे आधुनिकता के बीच अपनी जड़ों और अपनी कला को सहेजकर रखा जा सकता है। राकेश बेदी का यह आशियाना न केवल उनके संघर्षों की कहानी सुनाता है, बल्कि नए कलाकारों के लिए एक प्रेरणा भी है कि सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी अपनी पसंद और यादों को कैसे संजोया जाता है।

  • Khandwa में सड़क पर पड़े मुरूम के ढेर से दर्दनाक हादसा, बाइक टकराकर 28 वर्षीय युवक की मौत

    Khandwa में सड़क पर पड़े मुरूम के ढेर से दर्दनाक हादसा, बाइक टकराकर 28 वर्षीय युवक की मौत


    खंडवा। जिले के बीड़ रोड स्थित मूंदी मंडी के पास सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें शादी समारोह से लौट रहे तीन लोगों की बाइक सड़क किनारे पड़े मुरूम (गिट्टी-मिट्टी) के ढेर से टकरा गई। इस हादसे में 28 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
    शादी से लौटते समय हुआ हादसा
    जानकारी के अनुसार, ग्राम दैत निवासी विजय सिंह (28), जो टेलर का काम करता था, अपने साथी राजेंद्र सिंह (35) और 12 वर्षीय सूरज सिंह के साथ ग्राम मांडला में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। देर रात तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे, तभी मूंदी मंडी के पास अंधेरे में सड़क किनारे पड़े मुरूम के ढेर से उनकी बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई।
    अस्पताल पहुंचते ही टेलर ने तोड़ा दम
    हादसा इतना भीषण था कि तीनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत मूंदी के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान विजय सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं, डॉक्टर शिखा चंद्रवंशी ने राजेंद्र सिंह और सूरज सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल खंडवा रेफर कर दिया।
    बिना सुरक्षा संकेत के पड़ा था मुरूम, लापरवाही के आरोप
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे मुरूम का ढेर बिना किसी चेतावनी संकेत या सुरक्षा व्यवस्था के रखा गया था। अंधेरे के कारण बाइक सवार उसे देख नहीं पाए और यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
    राजनीतिक दलों ने ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की
    घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। भाजपा नेता दिग्विजय सिंह तोमर और युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अनिल जाधव ने इस मामले में लापरवाह ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। दोनों नेताओं ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया है।
    पुलिस जांच में जुटी
    मूंदी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
    गांव में मातम का माहौल
    विजय सिंह की मौत की खबर से उसके गांव दैत में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

  • स्वास्थ्य निगरानी की नई पहल: Harda जेल में कैदियों की सेहत पर होगी विशेष जांच

    स्वास्थ्य निगरानी की नई पहल: Harda जेल में कैदियों की सेहत पर होगी विशेष जांच

    हरदा। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला जेल हरदा में 25 अप्रैल को विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य जेल में निरुद्ध कैदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करना और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

    प्रधान जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में होगा आयोजन

    यह विशेष शिविर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा के अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जेल परिसर में स्वास्थ्य एवं विधिक दोनों ही सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

    हर कैदी को मिलेगा हेल्थ कार्ड

    शिविर के दौरान प्रत्येक कैदी का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और उन्हें एक विशेष हेल्थ कार्ड प्रदान किया जाएगा। इस हेल्थ कार्ड में संबंधित कैदी की बीमारी, वर्तमान उपचार, खान-पान संबंधी सलाह और आवश्यक सावधानियों का विस्तृत विवरण दर्ज रहेगा, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा सकेगी।

    स्वास्थ्य के साथ विधिक साक्षरता पर भी जोर

    इस शिविर में केवल स्वास्थ्य परीक्षण ही नहीं बल्कि विधिक साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके तहत कैदियों को नालसा (NALSA) और सालसा (SALSA) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें उनके लंबित मामलों की स्थिति से अवगत कराया जाएगा और जरूरतमंद कैदियों को मुफ्त विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    कैदियों के पुनर्वास की दिशा में अहम कदम

    प्रशासन का मानना है कि इस तरह के शिविर न केवल कैदियों के स्वास्थ्य सुधार में मदद करेंगे, बल्कि उन्हें कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाकर उनके पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल

    इस आयोजन में जेल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त भागीदारी रहेगी। चिकित्सक टीम द्वारा कैदियों की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।

  • साउथ की फिल्मों का ओटीटी पर धमाका: इस हफ्ते रिलीज होंगी कॉमेडी और पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्में

    साउथ की फिल्मों का ओटीटी पर धमाका: इस हफ्ते रिलीज होंगी कॉमेडी और पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्में


    नई दिल्ली।क्षेत्रीय सिनेमा के शौकीनों के लिए अप्रैल का यह सप्ताह मनोरंजन की एक नई लहर लेकर आया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस वीकेंड एक साथ कई भाषाओं और अलग-अलग विषयों पर आधारित दक्षिण भारतीय फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। अगर आप कॉमेडी, रोमांस, राजनीति या थ्रिलर कहानियों के प्रशंसक हैं, तो यह हफ्ता आपके लिए बेहद खास है। मनोरंजन जगत में इन फिल्मों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इस सप्ताह की सूची काफी विविधतापूर्ण रखी गई है, जो हर वर्ग के दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखती है।

    सप्ताह की शुरुआत में ही महिलाओं के संघर्ष और अदम्य शक्ति पर आधारित फिल्म ‘लेचिंदी महिला लोकम’ दर्शकों के बीच होगी। यह फिल्म समाज में महिलाओं के सामने आने वाली रोजमर्रा की मुश्किलों और उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को बेहद संजीदगी से दर्शाती है। यह सामाजिक संदेश देने वाली फिल्म 22 अप्रैल से देखने के लिए उपलब्ध होगी। इसके ठीक बाद राजनीति के गलियारों की कड़वी सच्चाई और दांव-पेच दिखाने वाली फिल्म ‘प्रतिछाया’ रिलीज होने जा रही है। यह एक पॉलिटिकल थ्रिलर है, जिसकी कहानी एक ताकतवर नेता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भ्रष्टाचार के आरोपों और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई के बीच फंसा हुआ है। इसे 24 अप्रैल को प्रसारित किया जाएगा।

    युवा दर्शकों के लिए भी इस सप्ताह एक मजेदार विकल्प उपलब्ध है। ‘हैप्पी राज’ नाम की फिल्म एक रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा है, जो एक मध्यमवर्गीय परिवार की रोजमर्रा की मजेदार उलझनों को दिखाती है। इसमें नायक अपनी प्रेम कहानी और अपने पिता की विचित्र आदतों के बीच तालमेल बैठाने की जद्दोजहद करता नजर आता है। यह फिल्म भी 24 अप्रैल को ही डिजिटल पर्दे पर दस्तक देगी। इसके साथ ही, एक बहुप्रतीक्षित रोमांटिक फिल्म ‘बैंड मेलम’ भी बड़े पर्दे पर सफलता के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने के लिए तैयार है। यह फिल्म 26 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और अब 24 अप्रैल से इसे घर बैठे देखा जा सकेगा।

    ओटीटी लवर्स के लिए यह सप्ताह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये फिल्में न केवल अपनी मूल भाषा बल्कि कई अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध होकर एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुँच रही हैं। अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने अपने दर्शकों को बांधे रखने के लिए इन बेहतरीन फिल्मों पर भरोसा जताया है। इन नई रिलीज के आने से दर्शकों का वीकेंड काफी रोमांचक और मनोरंजक होने वाला है।

  • सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़; पुलिस ने 42 लाख से अधिक की अवैध राशि वाले बैंक खाते किए फ्रीज

    सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़; पुलिस ने 42 लाख से अधिक की अवैध राशि वाले बैंक खाते किए फ्रीज


    नई दिल्ली। खेल के मौजूदा रोमांच के बीच सट्टेबाजी के अवैध धंधे के खिलाफ प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की विशेष टीम ने इस ऑपरेशन के तहत क्षेत्र के ही रहने वाले चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी कथित तौर पर लंबे समय से एक सुनियोजित तरीके से इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि यह गिरोह न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के खेल में भी गहराई से शामिल था।

    जांच के दौरान अधिकारियों को आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अवैध सट्टेबाजी से अर्जित की गई लगभग 42.3 लाख रुपये की राशि वाले विभिन्न बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। इन खातों में जमा रकम का स्रोत और लेनदेन का तरीका बेहद संदिग्ध पाया गया है, जिसकी अब बारीकी से वित्तीय ऑडिट की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम केवल सट्टेबाजी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे वैध बनाने के लिए कई डिजिटल रास्तों और जटिल वित्तीय माध्यमों का उपयोग किया गया था।

    गिरफ्तारी के दौरान मौके से सट्टेबाजी के संचालन में उपयोग किए जाने वाले भारी मात्रा में उपकरण भी बरामद किए गए हैं। इनमें 11 अत्याधुनिक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और हजारों की नकद राशि शामिल है। जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह के तार विदेश से जुड़े हुए हैं। एक मुख्य संदिग्ध, जिसके खाड़ी देशों में छिपे होने का संदेह है, इस पूरे रैकेट के सरगना के रूप में उभरा है। वह अंतरराष्ट्रीय ऐप्स के जरिए लोगों को मैचों पर सट्टा लगाने के लिए आकर्षित करता था और अवैध चैनलों के जरिए लेनदेन को अंजाम देता था।

    मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए अब जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सुराग मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी इस प्रकरण में शामिल किया जा सकता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों और सहयोगियों के बैंक खातों की भी गहन पड़ताल कर रही है ताकि इस अवैध संपत्ति के पूरे जाल का खुलासा किया जा सके। गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और उन पर पहले से ही जुआ अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं।

    इस बड़ी कार्रवाई ने उन अपराधियों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो तकनीक की आड़ में सट्टेबाजी का काला कारोबार चला रहे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले किसी भी अवैध वित्तीय लेनदेन पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे सट्टेबाजी के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के कई और चेहरों से नकाब उतर सकता है।

  • 45 गेंदों में जड़ा करियर का पहला शतक, जयसूर्या के कीर्तिमान की बराबरी कर टीम की कराई धमाकेदार वापसी

    45 गेंदों में जड़ा करियर का पहला शतक, जयसूर्या के कीर्तिमान की बराबरी कर टीम की कराई धमाकेदार वापसी


    नई दिल्ली/अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे तिलक वर्मा ने सोमवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अपनी बल्लेबाजी का वो रौद्र रूप दिखाया, जिसकी गूँज लंबे समय तक खेल गलियारों में सुनाई देगी। खराब फॉर्म और टीम की नाजुक स्थिति के बीच क्रीज पर उतरे तिलक ने न केवल अपने करियर का पहला शतक जड़ा, बल्कि अपनी आतिशी पारी से कई स्थापित रिकॉर्ड्स को भी मटियामेट कर दिया। यह पारी उस समय आई जब उनकी टीम गहरे संकट में थी और शुरुआती ओवरों के दौरान ही विपक्षी टीम की घातक गेंदबाजी ने शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। मात्र 45 गेंदों में खेली गई उनकी 101 रनों की इस पारी ने मैदान पर मौजूद हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

    मैच की शुरुआत टीम के लिए किसी दुःस्वप्न से कम नहीं थी। शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि टीम 150 के स्कोर तक भी मुश्किल से पहुँच पाएगी। तिलक वर्मा जब बल्लेबाजी करने आए, तो उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझा और शुरुआत में बेहद संभलकर खेलना शुरू किया। उन्होंने अपनी पहली 22 गेंदों पर केवल 19 रन बनाए थे, जिसे देखकर किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ ही मिनटों में मैदान पर रनों का तूफान आने वाला है। जैसे ही पारी के आखिरी ओवरों का आगाज हुआ, तिलक ने अपने खेल का गियर पूरी तरह बदल दिया और गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े।

    तिलक की बल्लेबाजी का असली जादू अंतिम ओवरों यानी 16वें से 20वें ओवर के बीच देखने को मिला। उन्होंने अंतिम 23 गेंदों में अविश्वसनीय रूप से 82 रन कूट डाले। विशेषकर पारी के आखिरी तीन ओवरों में उन्होंने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और टीम के स्कोर में 58 रनों का भारी योगदान दिया। अपनी इस पूरी पारी के दौरान तिलक ने 8 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के जड़े। उनकी आक्रामकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने डेथ ओवर्स की महज 18 गेंदों में 65 रन बना डाले, जो खेल के इतिहास की सबसे तेज और प्रभावशाली पारियों में से एक गिनी जा रही है।

    इस शतक के साथ ही तिलक वर्मा ने दिग्गजों की फेहरिस्त में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उन्होंने 45 गेंदों में अपनी सेंचुरी पूरी कर दिग्गज सनथ जयसूर्या के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इससे पहले खेले गए मैचों में तिलक का बल्ला पूरी तरह खामोश था और उन्होंने बहुत ही कम रन बनाए थे, जिसके चलते उनके प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि, इस एक पारी ने न केवल उनके आलोचकों का मुँह बंद कर दिया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि वे बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं। उनकी इस जादुई पारी की बदौलत टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 199 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि तिलक की यह पारी तकनीकी कौशल और मानसिक दृढ़ता का बेहतरीन नमूना थी। शुरुआत में रक्षात्मक खेल दिखाकर विकेट बचाना और फिर अंत में गेंदबाजों की बखिया उधेड़ना एक परिपक्व खिलाड़ी की निशानी है। जिस तरह से उन्होंने मुख्य गेंदबाजों के खिलाफ जोखिम भरे शॉट्स को आसानी से अंजाम दिया, उसने उनके आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है। इस शतकीय प्रहार ने न केवल टीम को मजबूती दी है, बल्कि पूरे टूर्नामेंट के समीकरणों को भी रोमांचक बना दिया है।