Blog

  • लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़

    लोगों को खूब भा रहा PM मोदी का झालमुड़ी वीडियो….इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ और फेसबुक पर 9 करोड़ व्यूज़


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में चार जनसभाओं के बीच झालमुड़ी (Jhalmuri) की एक दुकान पर जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है। इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर इसे 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा जा चुका है। सूत्रों ने यह भी बताया कि “झालमुड़ी” के लिए गूगल सर्च पिछले 22 वर्षों में सबसे अधिक है। पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार दौरे के दौरान अचानक रुके और झाड़ग्राम में लोकप्रिय बंगाली स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लिया। झालमुड़ी मुरमुरे, हरी मिर्च और अन्य मसालों से बनाया जाती है।

    एक सूत्र ने बताया, ”प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी की एक दुकान पर जाने के वीडियो को इंस्टाग्राम पर 24 घंटे के भीतर 10 करोड़ बार और फेसबुक पर लगभग नौ करोड़ बार देखा गया।” मोदी ने झालमुड़ी का स्वाद लिया और बाद में उसकी तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तीन पोस्ट किये जिसमें उन्होंने अपने दौरे का एक वीडियो भी पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ”एक व्यस्त रविवार को पश्चिम बंगाल में चार सार्वजनिक सभाओं के बीच, मैंने झाड़ग्राम में स्वादिष्ट मसालेदार मुरमुरे (झालमुड़ी) का आनंद लिया।”


    ममता बोलीं- ये नौटंकी था

    दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अचानक “झालमुरी” खरीदने के लिए रुकना सिर्फ एक “नौटंकी” था। बीरभूम जिले के मुरारई विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “चुनाव प्रचार के दौरान जब प्रधानमंत्री बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अचानक झालमुरी खरीदने के लिए रुके थे, तो उस समय वहां कैमरे कैसे मौजूद थे?” उन्होंने कहा कि ये पूरा घटनाक्रम पहले से तय था।


    पीएम ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया था

    प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह झाड़ग्राम की एक साधारण-सी दुकान से ‘झालमुरी’ खरीदते दिखाई दे रहे थे। इस दौरान उनके सुरक्षाकर्मी भी साथ थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि मोदी ‘झालमुरी’ के लिए दुकानदार को भुगतान करते हैं और जब ​​दुकानदार रुपये लेने से इनकार करता है, तो वह जोर देकर कहते हैं कि उसे रुपये स्वीकार करने चाहिए। पूरे घटनाक्रम की सहजता पर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा, “वहां कैमरे पहले से ही लगा दिए गए थे। एसपीजी (प्रधानमंत्री को निकट सुरक्षा प्रदान करने वाला बल) ने पूरी व्यवस्था की थी।”


    जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था

    उन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री को अपनी जेब में 10 रुपये का नोट रखे देखा गया था। क्या यह विश्वास करने लायक है? यह सब नौटंकी है।” ममता ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय से निर्दलीय उम्मीदवारों को मैदान में उतारने में कुछ गद्दारों की गुप्त रूप से मदद करने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मेरे इलाके भाबानीपुर में भी ऐसा ही हुआ है। वे मुर्शिदाबाद और मालदा से आए हैं।” ममता ने कहा, “उन्होंने (भाजपा नेताओं) धर्म का व्यवसायीकरण कर दिया है। मैं मानवता का सम्मान करती हूं। मैं धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखती हूं। मैं हर धर्म, जाति, पंथ और भाषा का सम्मान करती हूं। लेकिन जिन्होंने अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात किया है, हमारी पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें जनता अस्वीकार कर देगी।”

  • ‘ये मेरी आखिरी फिल्म…’ David Dhawan का बड़ा इशारा, बेटे Varun Dhawan को लेकर हुए इमोशनल

    ‘ये मेरी आखिरी फिल्म…’ David Dhawan का बड़ा इशारा, बेटे Varun Dhawan को लेकर हुए इमोशनल


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के मशहूर फिल्ममेकर David Dhawan इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वे एक बार फिर अपने बेटे Varun Dhawan के साथ काम कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच उनके एक बयान ने फैंस को भावुक कर दिया है। डेविड धवन ने संकेत दिया है कि यह फिल्म उनके करियर की आखिरी फिल्म हो सकती है। उनका कहना है कि अब वे धीरे-धीरे काम से दूरी बनाकर परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं।

    बेटे वरुण के साथ खास बॉन्डिंग, सेट पर सिर्फ एक्टर-डायरेक्टर रिश्ता

    एक इंटरव्यू में डेविड धवन ने अपने और वरुण के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच शानदार समझ और तालमेल है। “डायरेक्टर को सबसे पहले एक अच्छा एक्टर चाहिए होता है। वरुण सिर्फ मेरा बेटा नहीं, बल्कि एक समझदार कलाकार है, जो हर चीज को गहराई से समझता है।”
    डेविड ने यह भी बताया कि सेट पर वे वरुण को बेटे की तरह नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल एक्टर की तरह देखते हैं। उनका मानना है कि काम के दौरान रिश्तों को अलग रखना जरूरी होता है, ताकि बेहतर रिजल्ट मिल सके।

    पुराने दौर को किया याद, बदले फिल्म बनाने के तरीके

    डेविड धवन ने फिल्म इंडस्ट्री के पुराने दौर को याद करते हुए बताया कि पहले फिल्मों के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग था। उन्होंने कहा कि उस समय पूरी स्क्रिप्ट सुनाने का चलन नहीं था। Salman Khan, Govinda और Sanjay Dutt जैसे बड़े स्टार्स भी कई बार पूरी स्क्रिप्ट नहीं सुनते थे।
    सीन-टू-सीन समझाकर फिल्म बनाई जाती थी और भरोसे के आधार पर काम होता था। हालांकि आज का दौर बदल चुका है, लेकिन डेविड आज भी उसी पुराने अंदाज को पसंद करते हैं।

    वरुण के काम की तारीफ, बोले- अब कंप्लीट एक्टर बन चुका है

    डेविड धवन ने वरुण के काम की जमकर सराहना की। उन्होंने खासतौर पर Border 2 में उनके रोल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “उस फिल्म में वरुण ने शानदार काम किया है। उसका किरदार इमोशनल है, जिसमें उसने दर्शकों को हंसाया भी और रुलाया भी।”
    डेविड के मुताबिक, वरुण अब एक ‘कंप्लीट एक्टर’ बन चुका है, जो हर तरह के रोल में फिट बैठता है।

    शूटिंग के दौरान बिगड़ी तबीयत, बेटे ने संभाली जिम्मेदारी

    इस दौरान डेविड धवन ने अपनी सेहत को लेकर भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान वे काफी बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा। उस समय वरुण ने एक जिम्मेदार बेटे की तरह उनका पूरा ख्याल रखा। डॉक्टरों से लगातार संपर्क में रहकर उन्होंने हर स्थिति को संभाला।

    3 दशक का शानदार सफर, अब संतुष्ट नजर आए डेविड

    करीब 30 साल के करियर में 45 से ज्यादा फिल्में बनाने वाले डेविड धवन अपने सफर से संतुष्ट नजर आते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत अच्छा सफर देखा है, अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए।” उन्होंने अपने गुरु Manmohan Desai को भी याद किया और बताया कि उन्होंने उनसे ही मसाला एंटरटेनमेंट सिनेमा की बारीकियां सीखी हैं।

    12 जून को रिलीज होगी फिल्म, फैंस को बड़ी उम्मीद

    अब Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai 12 जून को रिलीज होने जा रही है, जिसमें वरुण धवन के साथ Pooja Hegde और Mrunal Thakur नजर आएंगी।
    फैंस इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म डेविड धवन की पिछली कॉमेडी फिल्मों की तरह बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा पाएगी या वाकई यह उनके शानदार करियर का आखिरी पड़ाव साबित होगी।

  • दर्शकों की बदलती पसंद: कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का नया संगम रच रहा सिनेमा

    दर्शकों की बदलती पसंद: कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का नया संगम रच रहा सिनेमा


    नई दिल्ली। पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पहले जहां दर्शक सिर्फ मनोरंजन के लिए कॉमेडी या एक्शन फिल्में देखते थे, वहीं अब वे ऐसी कहानियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जो दिल को छू जाएं और लंबे समय तक याद रहें। अब फिल्मों में इमोशन, गहराई और सच्चाई की मांग बढ़ गई है। यही कारण है कि फिल्म इंडस्ट्री भी अब कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों पर ज्यादा फोकस कर रही है, जहां कहानी और प्रस्तुति को प्राथमिकता दी जा रही है।
    माइथोलॉजी और लोककथाएं भारतीय समाज का अहम हिस्सा रही हैं। इन कहानियों में हमारी संस्कृति, परंपराएं और आस्था की झलक मिलती है। जब इन्हें आधुनिक अंदाज में फिल्मों या वेब सीरीज के जरिए पेश किया जाता है, तो दर्शकों के साथ एक गहरा भावनात्मक जुड़ाव बनता है। यही वजह है कि आजकल फिल्ममेकर्स इन विषयों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
    इस ट्रेंड को मजबूत करने में Kantara का बड़ा योगदान रहा है। Rishab Shetty की इस फिल्म ने दिखाया कि जड़ों से जुड़ी सच्ची कहानी भाषा की सीमाओं को पार कर सकती है। फिल्म में लोकदेवता, परंपरा और प्रकृति के रिश्ते को बेहद प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिसे पूरे देश के दर्शकों ने सराहा। इसकी सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री का नजरिया बदल दिया और कंटेंट की ताकत को फिर साबित किया।इसी सफलता के बाद फिल्ममेकर्स का भरोसा मजबूत हुआ है और अब वे बड़े सितारों के बजाय दमदार कहानियों पर ध्यान दे रहे हैं। पौराणिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित कई नई फिल्में और वेब सीरीज बन रही हैं, जिनमें सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि इंसानी रिश्तों और समाज की सच्चाई को भी दिखाया जा रहा है। दर्शकों को यही ईमानदारी पसंद आ रही है।
    इसी कड़ी में Ramayana जैसे बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से काम चल रहा है। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। इसे भव्य सेट्स, आधुनिक वीएफएक्स और नई तकनीक के साथ पेश करने की तैयारी है, ताकि हर वर्ग के दर्शकों को एक अलग और यादगार अनुभव मिल सके।
    आज के दौर में फिल्मों की भव्यता भी दर्शकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभा रही है। इंटरनेशनल स्तर के विजुअल्स, शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक और दमदार प्रेजेंटेशन से फिल्म का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि, केवल भव्यता ही काफी नहीं होतीकहानी में भावनात्मक गहराई और सच्चाई भी उतनी ही जरूरी है, तभी फिल्म दिलों में जगह बना पाती है।
    अब माइथोलॉजी फिल्मों का क्रेज युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां इन्हें सिर्फ बड़े उम्र के लोगों तक सीमित माना जाता था, वहीं अब युवा भी इन कहानियों को पसंद कर रहे हैं। नए अंदाज, तेज रफ्तार कहानी और हाई-क्वालिटी विजुअल्स के कारण उन्हें इसमें एक्शन, ड्रामा और इमोशन का बेहतरीन मिश्रण मिलता है।
    इस बदलाव में OTT platforms का भी बड़ा योगदान है। ओटीटी ने फिल्ममेकर्स को ज्यादा स्वतंत्रता दी है, जिससे वे अपनी कहानियों को विस्तार से दिखा पा रहे हैं। खासकर पौराणिक और ऐतिहासिक कहानियां वेब सीरीज के रूप में दर्शकों तक बेहतर तरीके से पहुंच रही हैं। धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली इन कहानियों से दर्शकों का जुड़ाव भी मजबूत होता है।
    कुल मिलाकर, दर्शकों की बदलती पसंद ने फिल्म इंडस्ट्री को एक नई दिशा दी है, जहां कंटेंट, संस्कृति और भव्यता का संतुलन बनाकर ऐसी कहानियां पेश की जा रही हैं, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक यादगार अनुभव बन जाती हैं।
  • .भारत-यूक्रेन के बीच जल्‍द होगा रक्षा और सुरक्षा को लेकर अहम समझौता, जेलेंस्की ने दी जानकारी

    .भारत-यूक्रेन के बीच जल्‍द होगा रक्षा और सुरक्षा को लेकर अहम समझौता, जेलेंस्की ने दी जानकारी


    नई दिल्ली। भारत और यूक्रेन के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर एक अहम समझौता जल्द ही आधिकारिक रूप ले सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। यह घोषणा यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव की हालिया भारत यात्रा के बाद सामने आई, जहां उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की।

    सैन्य अनुभव साझा करने पर जोर

    रूस के साथ जारी युद्ध के पांचवें वर्ष में पहुंच चुके यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक और वायु रक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किए हैं। अब वह इन अनुभवों को साझेदार देशों के साथ साझा कर रहा है। भारत भी यूक्रेन की इस विशेषज्ञता से लाभ उठाने में रुचि दिखा रहा है।

    भारत का रुख: संवाद से समाधान

    बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने एक बार फिर भारत की उस नीति को दोहराया, जिसमें किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने पर बल दिया जाता है।

    शांति प्रयासों में सहयोग की उम्मीद
    रुस्तम उमेरोव ने स्थायी शांति की दिशा में भारत की भूमिका और समझ की सराहना की। फरवरी 2022 से जारी रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारत ने संतुलित कूटनीतिक रुख अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी रूस और यूक्रेन यात्राओं के दौरान यह स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत शांति स्थापित करने के प्रयासों में हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।

  • भारत-दक्षिण कोरिया के बीच ‘चिप से शिप’ तक हुए 15 समझौते, व्यापार 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

    भारत-दक्षिण कोरिया के बीच ‘चिप से शिप’ तक हुए 15 समझौते, व्यापार 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य

    नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे. म्युंग के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस दौरान दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। साथ ही तकनीक, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और पोत निर्माण समेत 15 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और छह अहम घोषणाएं भी हुईं।

    भरोसे से भविष्य की साझेदारी की ओर

    बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया अपने भरोसेमंद रिश्तों को भविष्य की मजबूत साझेदारी में बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि “चिप से लेकर शिप, टैलेंट से लेकर टेक्नोलॉजी और एनर्जी से लेकर एनवायरमेंट तक हर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा।” इससे दोनों देशों की प्रगति और समृद्धि को नई गति मिलेगी।

    2030 तक व्यापार दोगुना करने की योजना
    प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच वर्तमान व्यापार करीब 27 अरब डॉलर है, जिसे 2030 तक बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भारत-दक्षिण कोरिया फाइनेंशियल फोरम की शुरुआत की गई है। साथ ही औद्योगिक सहयोग समिति का गठन और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए आर्थिक सुरक्षा वार्ता शुरू की जाएगी।

    निवेश और इंडस्ट्री को बढ़ावा देने पर जोर
    भारत में दक्षिण कोरिया की कंपनियों, खासकर MSME सेक्टर के लिए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अगले एक साल में अपग्रेड किया जाएगा। एआई, सेमीकंडक्टर, आईटी, पोत निर्माण, स्टील और पोर्ट सेक्टर में सहयोग को भी विस्तार मिलेगा।

    सांस्कृतिक रिश्तों में भी नई ऊर्जा

    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हजारों साल पुराना जुड़ाव है। उन्होंने अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की कथा का उल्लेख किया।
    उन्होंने कहा कि भारत में K-Pop और K-ड्रामा तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं दक्षिण कोरिया में भारतीय सिनेमा की पहचान भी बढ़ रही है। इस सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करने के लिए 2028 में भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा।

    इन क्षेत्रों में हुए प्रमुख समझौते

    दोनों देशों के बीच पोत निर्माण, औद्योगिक सहयोग, इस्पात सप्लाई चेन, MSME सहयोग, समुद्री विरासत, व्यापार समझौते का उन्नयन, वित्तीय सिस्टम, विज्ञान एवं तकनीक, अंतरराष्ट्रीय भुगतान, डिजिटल ब्रिज, जलवायु और पर्यावरण, पेरिस समझौते के तहत सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल जैसे क्षेत्रों में समझौते हुए हैं।

    ये रहीं अहम घोषणाएं
    बैठक के दौरान आर्थिक सुरक्षा वार्ता की शुरुआत, डिस्टिंग्विश्ड विजिटर प्रोग्राम, दक्षिण कोरिया का इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव और सोलर एलायंस में शामिल होना, विदेश मंत्री स्तर की वार्ता शुरू करना और 2028-29 को भारत-दक्षिण कोरिया फ्रेंडशिप ईयर के रूप में मनाने जैसे फैसले लिए गए।

  • MP में पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट, रातें भी होंगी गर्म, कई शहरों में दिन का पारा 42 डिग्री के पार

    MP में पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट, रातें भी होंगी गर्म, कई शहरों में दिन का पारा 42 डिग्री के पार

    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस सीजन पहली बार ‘वॉर्म नाइट’ की स्थिति बनने जा रही है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार रात भोपाल सहित 9 शहरों में रात के समय भी गर्मी का असर बना रहेगा। वहीं, डिंडौरी जिले में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

    इन शहरों में रात भी देगी गर्मी का एहसास

    मंगलवार रात जिन शहरों में ‘वॉर्म नाइट’ का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें भोपाल, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इससे पहले रविवार और सोमवार की रात भी भोपाल, छिंदवाड़ा, मंडला और नर्मदापुरम में गर्म रात दर्ज की गई थी।

    क्या होती है ‘वॉर्म नाइट’ की स्थिति?
    मौसम विभाग के अनुसार, ‘वॉर्म नाइट’ तब मानी जाती है जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक हो। यदि यह तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो और दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर रहे, तो ऐसी स्थिति बनती है। यदि रात का तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री से ज्यादा बढ़ जाए, तो उसे ‘सीवियर वॉर्म नाइट’ कहा जाता है। फिलहाल प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं बनी है।

    खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म, 43°C पहुंचा पारा
    सोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में भीषण गर्मी रही। छतरपुर के खजुराहो में सबसे अधिक 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। दतिया में 42.3 डिग्री, रतलाम और सीधी में 42.2 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा रीवा और श्योपुर में 42 डिग्री, रायसेन में 41.6 डिग्री, नौगांव में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42.5 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर और उज्जैन में 39.5 डिग्री तथा जबलपुर में 38.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    दिन में बादल, कहीं बारिश और गरज-चमक

    रविवार और सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। खरगोन, इंदौर, सीहोर, सागर, अशोकनगर, आगर-मालवा, नर्मदापुरम, गुना, सतना, मुरैना, हरदा, खंडवा, बड़वानी, उज्जैन और बैतूल में बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिली। भोपाल में सुबह देर से धूप निकली।

    मौसम में बदलाव की वजह क्या है?

    पिछले तीन दिनों से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन सक्रिय है, जिसके कारण बादल छाए रहे और कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश भी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, 23 अप्रैल को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, हालांकि इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहने की संभावना है।

  • मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार

    मप्र के मुख्यमंत्री आज तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर, भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में करेंगे प्रचार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज मंगलवार को तमिलनाडु के एक दिवसीय चुनावी दौरे पर रहेंगे। वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करेंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:00 बजे भोपाल से कोयंबटूर के लिए रवाना होंगे और वहां से रासिपुरम विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर पार्टी की बैठक लेंगे और स्थानीय प्रत्याशी के समर्थन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे सायं 4:30 बजे अविनाशी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी डॉ. एल. मुरूगन के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे। वे यहां जनसभा को संबोधित कर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से वोट की अपील करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव सायं 6:15 बजे कोयंबटूर से भोपाल के लिए वापस रवाना होंगे।

  • मप्रः ग्वालियर के शक्ति दीदी नवाचार को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार

    मप्रः ग्वालियर के शक्ति दीदी नवाचार को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखने वाले “शक्ति दीदी” नवाचार को अब प्रदेश स्तर पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। राज्य शासन ने इस अनूठी पहल को “मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” के लिए चयनित किया है।

    आज मंगलवार को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में आयोजित भव्य समारोह में ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत कलेक्टर रुचिका चौहान, सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन और सहायक संचालक (महिला एवं बाल विकास) राहुल पाठक को संयुक्त रूप से एक लाख रुपये की नकद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

    जनसम्पर्क अधिकारी हितेन्द्र सिंह भदौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्वालियर जिले को यह पुरस्कार “सामाजिक समावेश एवं सशक्तिकरण” कैटेगरी में दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार, समाज की अंतिम पंक्ति की महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कलेक्टर रुचिका चौहान ने 2 जनवरी 2025 को इस नवाचार का आगाज़ किया था।

    पेट्रोल पंपों पर कमान संभाल रहीं ‘शक्ति दीदियाँ’

    उन्होंने बताया कि “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जिले की ऐसी महिलाओं को चुना गया जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थीं, अपनों द्वारा उपेक्षित थीं या विधवा थीं। जिला प्रशासन ने इन महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर ‘फ्यूल डिलीवरी वर्कर’ के रूप में सम्मानजनक रोजगार दिलाया। पिछले साल 2 जनवरी 2025 को महज पांच महिलाओं से शुरू हुआ यह कारवां मौजूदा अप्रैल माह तक 112 “शक्ति दीदियों” तक पहुँच गया है। शुरुआत में झिझक रहे पेट्रोल पंप संचालक अब इन महिलाओं की मेहनत और ईमानदारी देखकर स्वयं प्रशासन से “शक्ति दीदी” की मांग कर रहे हैं।

    शक्ति दीदियों की सुरक्षा व सुविधा का पूरा ध्यान

    जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, “शक्ति दीदी” नवाचार के तहत जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंद महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर केवल सम्मानजनक रोजगार ही नहीं दिलाया गया है बल्कि उनकी सुरक्षा व सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने शक्ति दीदी नवाचार के लिये एक वॉट्सएप ग्रुप तैयार कराया है, जिस पर जिला प्रशासन, पुलिस, पेट्रो पंप के संचालक एवं शक्ति दीदी जुड़ी हैं। जिस पर शक्ति दीदी अपनी समस्याएं बता सकती हैं। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी व संबंधित पुलिस थाने की पुलिस भी पेट्रोल पंपों पर लगातार गश्त कर शक्ति दीदियों को भरोसा दिलाती हैं कि आप सब बेखौफ होकर अपना काम करें। हम सब आपकी सुरक्षा के लिये 24 घंटे सजग हैं। पेट्रोल पंप पर महिला फ्यूल डिलेवरी वर्कर की ड्यूटी का समय प्रात: 9 बजे से सायंकाल 5 बजे तक रखा गया है।

    शक्ति दीदियों का कहना है – हमें सम्मान के साथ मिला रोजगार

    “शक्ति दीदी” बनी महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले को महिला कलेक्टर देकर उनके दु:ख-दर्द को समझने वाला सहारा प्रदान किया है। महिलाएं कहती हैं कि इस नवाचार ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि समाज में हमारा मान-सम्मान भी बढ़ाया है।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को

    पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए EC ने कसी कमर.. अति संवेदनशील बूथों की जिम्मेदारी CAPF को


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) (Central Paramilitary Forces – CAPF) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी (Intelligence Agency) और निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन अति संवेदनशील बूथों की पहचान की गई है, जहां पर हिंसा या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो सकती है।

    ऐसे सभी बूथों को अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के हवाले किया जा रहा है। किसी बूथ पर कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस तैनात करने का आदेश जारी किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने 18 अप्रैल को एडीजी ‘लीगल’ एंड स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ), आईजी सीआरपीएफ एवं पश्चिम बंगाल स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेटर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि अति संवेदनशील बूथों पर केवल सीआरपीएफ को ही तैनात किया जाएं। प. बंगाल की सड़कों पर सीआरपीएफ के मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं।

    कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित
    अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर के पत्र में कहा गया है कि बूथों की स्थिति को लेकर कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा अति संवेदनशील बूथों की एक सूची तैयार कराई गई है। मौजूदा चुनाव में जो खुफिया अलर्ट मिल रहे हैं, उनके साथ उक्त सूची का मिलान किया गया है। ऐसे में जितने भी अति संवेदनशील बूथ, जहां पर हिंसा होने या मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका है, वहां केवल सीआरपीएफ ही तैनात होगी।

    पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन के लिए देश के चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की है। उसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, जवानों और अधिकारियों को ‘वन इलेक्शन फोर्स’ बनकर ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी केंद्रीय बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

  • उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन

    उत्तर भारत में इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी… IMD की चेतावनी- सामान्य से ज्यादा रहेंगे लू के दिन


    नई दिल्ली।
    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department) ने चेतावनी दी है कि इस साल उत्तर भारत (North India) के मैदानी इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और आसपास के इलाकों में हीटवेव (Heatwave.-लू) के दिन सामान्य से अधिक देखने को मिल सकते हैं। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जहां जलवायु के लिहाज से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना सामान्य है। इसलिए हमें ऐसे उच्च तापमान वाले दिनों के लिए तैयार रहना चाहिए।


    उत्तरी मैदानी राज्यों में चलेगी भीषण लू

    मौसम विभाग के प्रमुख ने बताया कि हर साल अप्रैल, मई और जून के दौरान उच्च तापमान देखने को मिलता है, हालांकि इसमें साल-दर-साल कुछ भिन्नता होती है। तापमान में वार्षिक और दैनिक उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए आईएमडी एक सीजन पहले ही हीटवेव का पूर्वानुमान जारी करता है। इसके बाद हर गुरुवार अगले चार सप्ताह के लिए विस्तारित पूर्वानुमान और गर्मियों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी जारी की जाती है।

    आईएमडी ने फरवरी के अंत में मार्च, अप्रैल और मई के लिए पहला हीटवेव आउटलुक जारी किया था, जिसे मार्च के अंत में अप्रैल, मई और जून के लिए अपडेट किया गया। पूर्वानुमान के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच उत्तर तटीय राज्यों—जैसे पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ और तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में लू की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, मैदानी क्षेत्रों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड), राजस्थान के दक्षिणी हिस्सों, गुजरात के कुछ भागों, मध्य प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों और महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी हीटवेव की आशंका जताई गई है।


    मजदूरों और रेहड़ी पटरी वालों को तापमान की सूचना दी जा रही

    संवेदनशील आबादी तक जानकारी पहुंचाने के उपायों पर उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने फील्ड में काम करने वाले मजदूरों और रेहड़ी-पटरी वालों तक सूचना पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाकर गर्मी और उससे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

    मोहापात्रा ने कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को सरकारी माध्यमों से साझा किया जाता है, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल का भी इस्तेमाल होता है, जिससे मोबाइल फोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति यह जानकारी प्राप्त कर सकता है।नउन्होंने यह भी माना कि कुछ वर्ग ऐसे हैं जिन तक मोबाइल या अलर्ट की पहुंच नहीं है, इसलिए पारंपरिक और नवाचारपूर्ण तरीकों से उन्हें जागरूक करने की जरूरत है।