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  • OTT पर इस वीक मिलेगा एक्शन-थ्रिल का फुल डोज, जानें क्या होगा खास

    OTT पर इस वीक मिलेगा एक्शन-थ्रिल का फुल डोज, जानें क्या होगा खास

    नई दिल्ली । अगर आप भी इस हफ्ते अपने घर पर ही बैठकर फ़िल्में और सीरीज का मजा उठाना चाहते हैं। तो यह हफ्ता आपके लिए काफी खास हो सकता है। इस हफ्ते आपको OTT पर एक्शन, कॉमेडी और थ्रिल सब कुछ घर पर ही देखने को मिल जाएगा। क्योंकि इस हफ्ते एक से बढ़कर एक फ़िल्में और सीरीज दस्तक देने को तैयार है तो चलिए उनके बारे में जानते हैं।

    इस हफ्ते OTT पर क्या होगा खास
    ओटीटी पर भी ‘टोस्टर’ (Toaster) और ‘मटका किंग'(Matka King) सहित कई फिल्में और सीरीज बीते सप्ताह रिलीज हुईं। और अब ये वीक भी काफी शानदार है।

    24 सीरीज
    अनिल कपूर अभिनीत एक्शन थ्रिलर शो ’24’ का तीसरा सीजन इस वीक रिलीज होने जा रहा है। इसमें अनिल कपूर एक बार फिर जय सिंह राठौड़ के रोल में नजर आने वाले हैं। उनका यह किरदार देखने के लिए फैंस बड़े ही उत्सुक हैं। इसे दर्शक 24 अप्रैल को Jio Hotstar पर देख सकेंगे।

    स्ट्रेंजर थिंग्स- टेल्स फ्रॉम ’85’
    यह सीरीज भी इस वीक की OTT लिस्ट में शामिल है। यह 23 अप्रैल 2026 से Netflix पर स्ट्रीम होगी। यह एक एनिमेटेड साइंस फिक्शन सीरीज है। अगर आपको एनिमेटेड शो पसंद हैं, तो इसे देख सकते हैं।

    एपेक्स
    यह एक सर्वाइवल एक्शन थ्रिलर फिल्म है। यह भी इस वीक रिलीज होगी। इसका निर्देशन बाल्टासर कोरमाकुर ने किया है। इसकी स्क्रिप्ट जेरेमी रॉबिन्स ने लिखी है। वहीं, इसमें चार्लीज थेरॉन, टैरोन एगर्टन और एरिक बाना जैसे सितारे हैं। यह 24 अप्रैल 2026 से Netflix पर स्ट्रीम होगी।

    प्रतिछाया
    यह मलयालम पॉलिटिकल थ्रिलर फिल्म इस साल मार्च में थिएटर्स में रिलीज हुई थी। अब यह ओटीटी पर दस्तक देने जा रही है। इस वीक से दर्शक इसे देख सकेंगे। इस फिल्म में पावर, राजनीति और बदले की दमदार कहानी दिखाई गई है। ये 24 अप्रैल को jio Hotstar पर आएगी।

  • किचन में कीड़े-मकोड़ों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, केमिकल स्प्रे की जरूरत नहीं

    किचन में कीड़े-मकोड़ों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, केमिकल स्प्रे की जरूरत नहीं


    नई दिल्ली: घर की रसोई यानी किचन न सिर्फ खाना बनाने की जगह होती है, बल्कि यह पूरे परिवार की सेहत से जुड़ी सबसे अहम जगह मानी जाती है। यहां जरा सी लापरवाही भी कीड़े-मकोड़ों और कॉकरोच जैसी समस्या को बढ़ा सकती है। नमी, खाने के टुकड़े और गंदगी के कारण किचन में छोटे कीड़े आसानी से पनपने लगते हैं, जो न केवल देखने में असुविधाजनक होते हैं बल्कि कई तरह की बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं। आमतौर पर लोग इन्हें भगाने के लिए केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनमें मौजूद हानिकारक तत्व सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में घरेलू और प्राकृतिक उपाय एक सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं।

    किचन में कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए प्याज एक असरदार प्राकृतिक उपाय माना जाता है। प्याज की तेज गंध कीड़ों को बिल्कुल पसंद नहीं होती और यह उन्हें दूर रखने में मदद करता है। प्याज का रस निकालकर उसमें थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाकर पानी के साथ स्प्रे तैयार किया जा सकता है। इस घोल को किचन के कोनों, सिंक के आसपास और गैस चूल्हे के पीछे छिड़कने से कीड़ों की समस्या कम हो सकती है।

    लहसुन भी कीड़ों को भगाने में बेहद प्रभावी माना जाता है। इसकी तेज गंध कॉकरोच और अन्य कीड़ों को दूर रखती है। प्याज और लहसुन को मिलाकर तैयार किया गया घोल और उसमें काली मिर्च मिलाकर स्प्रे बनाने से इसका असर और भी बढ़ जाता है। इसे नियमित रूप से इस्तेमाल करने से किचन में कीड़ों की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

    इसके साथ ही किचन की साफ-सफाई का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। रात में सिंक में जूठे बर्तन छोड़ना कीड़ों को आकर्षित करता है, इसलिए बर्तन तुरंत साफ करने चाहिए। किचन की सतह पर जमा नमी भी कीड़ों के पनपने का कारण बनती है, इसलिए काम खत्म होने के बाद स्लैब और सिंक को सूखे कपड़े से साफ करना चाहिए।

    स्वच्छ और सूखा किचन न केवल कीड़ों को दूर रखता है, बल्कि परिवार की सेहत को भी सुरक्षित बनाता है। नियमित सफाई के साथ प्राकृतिक उपाय अपनाकर इस समस्या से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

  • पेट की हर समस्या का देसी इलाज, बेल का शरबत बनाए पाचन मजबूत और शरीर तरोताजा

    पेट की हर समस्या का देसी इलाज, बेल का शरबत बनाए पाचन मजबूत और शरीर तरोताजा


    नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम आते ही शरीर पर उसका असर साफ दिखाई देने लगता है। तेज गर्मी और पसीने के कारण जहां एक ओर डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ती है वहीं दूसरी ओर पेट से जुड़ी परेशानियां भी आम हो जाती हैं। अपच गैस कब्ज और पेट फूलने जैसी दिक्कतें लोगों को परेशान करने लगती हैं। ऐसे में अगर आप बाजार के ठंडे और शक्कर से भरपूर पेयों से दूरी बनाकर कोई प्राकृतिक और फायदेमंद विकल्प तलाश रहे हैं तो बेल का शरबत आपके लिए एक बेहतरीन उपाय साबित हो सकता है।

    बेल का शरबत भारतीय परंपरा में लंबे समय से गर्मियों के लिए एक असरदार पेय माना जाता रहा है। आयुष मंत्रालय भी इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताता है। बेल में फाइबर प्रोटीन आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और पाचन तंत्र को बेहतर करते हैं।

    अगर आपका पाचन कमजोर है या खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है तो बेल का शरबत आपके लिए खास तौर पर फायदेमंद है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और गैस कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह पेट को साफ रखता है और आंतों को स्वस्थ बनाए रखता है जिससे भोजन सही तरीके से पच पाता है।

    गर्मियों में दस्त और डायरिया की समस्या भी काफी देखने को मिलती है। ऐसे में बेल का शरबत एक प्राकृतिक उपचार की तरह काम करता है और शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है। यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है।

    इसके अलावा यह शरीर को ठंडक देने के साथ साथ ऊर्जा भी प्रदान करता है। गर्मी में लगातार पसीना निकलने से शरीर थका हुआ महसूस करता है लेकिन बेल का शरबत पीने से ताजगी बनी रहती है और पूरे दिन एनर्जी महसूस होती है।

    बेल का शरबत रक्त शुद्धि में भी मदद करता है। यह शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालता है जिससे त्वचा पर भी अच्छा असर पड़ता है और चेहरा साफ और चमकदार दिखाई देता है। इसके नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है। महिलाओं के लिए भी यह शरबत काफी लाभकारी माना जाता है। विशेष रूप से प्रसव के बाद यह शरीर को पोषण देने और दूध बढ़ाने में सहायक होता है।

    बेल का शरबत बनाना बेहद आसान है। इसके लिए ताजा बेल का गूदा निकालकर उसे अच्छी तरह मैश कर लें और उसमें ठंडा पानी मिलाएं। स्वाद के लिए काला नमक जीरा पाउडर और शहद या गुड़ डाल सकते हैं। इसे अच्छी तरह मिलाकर ठंडा कर लें और सेवन करें।

    अगर आप रोजाना सुबह खाली पेट या दोपहर के बाद एक गिलास बेल का शरबत पीते हैं तो इससे पाचन बेहतर रहता है और शरीर पूरे दिन तरोताजा बना रहता है। यह एक सस्ता प्राकृतिक और बेहद असरदार उपाय है जो गर्मियों में सेहत को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • शरीर को संतुलित और मजबूत बनाता है अष्टांग नमस्कारासन, जानें सही तरीका और जरूरी लाभ

    शरीर को संतुलित और मजबूत बनाता है अष्टांग नमस्कारासन, जानें सही तरीका और जरूरी लाभ


    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले लोगों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए आयुष मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है और इसी कड़ी में विभिन्न योग आसनों के लाभ और उन्हें करने की सही विधि साझा की जा रही है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण आसन है अष्टांग नमस्कारासन जो न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि संतुलन और लचीलापन बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है।

    अष्टांग नमस्कारासन को योग की परंपरा में विशेष स्थान प्राप्त है। इसे सूर्य नमस्कार का छठा चरण माना जाता है और इसे आठ अंगों वाला आसन भी कहा जाता है क्योंकि इस मुद्रा में शरीर के आठ हिस्से जमीन को स्पर्श करते हैं। इसमें दोनों हाथ दोनों घुटने दोनों पैर के अंगूठे छाती और ठोड़ी जमीन पर टिके रहते हैं जबकि शरीर का मध्य भाग ऊपर उठा रहता है।

    इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल जमीन पर लेटना होता है। इसके बाद ठोड़ी को जमीन पर टिकाकर पैरों को सीधा रखें और धीरे धीरे कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं। ध्यान रखें कि शरीर का संतुलन बना रहे और केवल आवश्यक अंग ही जमीन को छू रहे हों। इस स्थिति में कुछ समय तक रुककर गहरी सांस लें और फिर धीरे से अगली मुद्रा में जाएं।

    अष्टांग नमस्कारासन का नियमित अभ्यास शरीर की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाता है। खासतौर पर कंधों पीठ और बाजुओं पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसन बेहद लाभकारी माना जाता है क्योंकि यह मांसपेशियों में जकड़न को कम करता है और शरीर को सक्रिय बनाए रखता है।

    इसके अलावा यह आसन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है जिससे अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण मिलता है। इससे थकान कम होती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। यह आसन सांसों को नियंत्रित करने में भी मदद करता है जिससे मानसिक शांति और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

    योग विशेषज्ञों के अनुसार अष्टांग नमस्कारासन केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि मानसिक संतुलन के लिए भी उपयोगी है। यह व्यक्ति को धैर्य और समर्पण सिखाता है और नियमित अभ्यास से जीवन में सकारात्मकता लाने में मदद करता है।

    हालांकि इस आसन को करते समय सही तकनीक का पालन करना बेहद जरूरी है। यदि किसी को पीठ या गर्दन से जुड़ी गंभीर समस्या है तो उन्हें इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। धीरे धीरे अभ्यास बढ़ाना चाहिए ताकि शरीर को किसी प्रकार की चोट या असहजता न हो। इस तरह अष्टांग नमस्कारासन एक सरल लेकिन प्रभावी योगासन है जो शरीर को अंदर और बाहर दोनों तरह से मजबूत बनाता है और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करता है।

  • कच्चा पपीता है सेहत का पावरहाउस, सूजन और टॉक्सिन दूर करने में असरदार, जानें सही सेवन तरीका

    कच्चा पपीता है सेहत का पावरहाउस, सूजन और टॉक्सिन दूर करने में असरदार, जानें सही सेवन तरीका


    नई दिल्ली । पपीता एक ऐसा फल है जिसे सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है लेकिन जहां पका हुआ पपीता आमतौर पर ज्यादा खाया जाता है वहीं कच्चा पपीता अपने गुणों के कारण उससे भी अधिक प्रभावी माना जाता है। पोषक तत्वों से भरपूर कच्चा पपीता शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है और आयुर्वेद में इसे औषधि के रूप में भी देखा जाता है। हालांकि इसके सेवन के दौरान कुछ जरूरी सावधानियों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।

    कच्चे पपीते में फाइबर विटामिन सी और कैरोटीनॉयड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। इसमें मौजूद पापेन नामक एंजाइम खासतौर पर पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह एंजाइम खाने को खासकर प्रोटीन को तेजी से तोड़ने में मदद करता है जिससे भोजन आसानी से पच जाता है। यही कारण है कि जिन लोगों को गैस अपच या पेट भारी रहने की समस्या होती है उनके लिए कच्चा पपीता एक कारगर उपाय माना जाता है।

    अगर भोजन के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है या भूख कम लगने लगी है तो कच्चे पपीते का सेवन लाभदायक हो सकता है। इसे सब्जी के रूप में खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और भूख भी बढ़ती है। यह कमजोर पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में सहायक है जिससे शरीर को जरूरी पोषण सही तरीके से मिल पाता है।

    वजन नियंत्रित करने के लिए भी कच्चा पपीता एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें कैलोरी कम होती है और फाइबर की मात्रा अधिक होती है जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे ओवरइटिंग की आदत पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है और धीरे-धीरे वजन संतुलित होने लगता है।

    कच्चा पपीता शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में भी प्रभावी है। यह शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद करता है जिससे रक्त शुद्ध होता है और त्वचा पर भी सकारात्मक असर दिखाई देता है। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से चेहरे पर निखार आता है और शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।

    महिलाओं के लिए भी कच्चा पपीता लाभकारी माना जाता है क्योंकि यह हॉर्मोन संतुलन में मदद करता है लेकिन इसका सेवन सोच समझकर करना जरूरी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं या जो महिलाएं गर्भधारण की योजना बना रही हैं उन्हें इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए क्योंकि गलत तरीके से सेवन करने पर यह नुकसान भी पहुंचा सकता है।

    कच्चे पपीते को सीधे खाने के बजाय उबालकर या पकाकर ही सेवन करना बेहतर माना जाता है। इसे सब्जी सूप सलाद या जूस के रूप में लिया जा सकता है लेकिन मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर पर विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है।

    इस तरह कच्चा पपीता एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है जो पाचन सुधारने से लेकर शरीर को अंदर से साफ करने तक कई फायदे देता है लेकिन इसके लाभ तभी मिलते हैं जब इसे सही तरीके और संतुलित मात्रा में सेवन किया जाए।

  • 726 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू; क्या आप बनना चाहते हैं तकनीकी शिक्षक?

    726 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू; क्या आप बनना चाहते हैं तकनीकी शिक्षक?


    नई दिल्ली। बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से राज्य में तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती के तहत इंस्ट्रक्टर के कुल 726 पदों को भरा जाएगा। आयोग ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू कर दी है, जो 15 मई तक जारी रहेगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

    इस भर्ती में विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के लिए पद शामिल किए गए हैं। इनमें सर्वेक्षण, मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, रेडियो और टीवी मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, वायरमैन, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, ट्रैक्टर मैकेनिक और कृषि मशीनरी जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। इन पदों का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कुशल प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

    आवेदन के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य रखा गया है। इसके साथ ही कुछ पदों के लिए अनुभव और आवश्यक तकनीकी कौशल भी जरूरी होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल पात्र उम्मीदवारों को ही आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

    आयु सीमा के अनुसार न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष और महिला उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना निर्धारित तिथि के अनुसार की जाएगी और आरक्षित वर्ग को नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी।

    चयन प्रक्रिया में ऑनलाइन लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण जैसे चरण शामिल होंगे। सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को अंतिम चयन सूची में जगह मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती स्तर पर 35,400 रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा।

    आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए समान रखा गया है, जिसे ऑनलाइन माध्यम से जमा करना अनिवार्य होगा। शुल्क जमा किए बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। उम्मीदवारों को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा, उसके बाद लॉगिन कर आवेदन फॉर्म भरना होगा। सभी व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण सही तरीके से भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। अंत में आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा और भविष्य के लिए उसका प्रिंट सुरक्षित रखना होगा।

  • भोलेनाथ को प्रसन्न करने का सरल उपाय, सोमवार व्रत के फायदे और जरूरी नियम जान लें

    भोलेनाथ को प्रसन्न करने का सरल उपाय, सोमवार व्रत के फायदे और जरूरी नियम जान लें


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दिन रखा गया व्रत विशेष फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और विधि विधान से सोमवार का व्रत करता है उस पर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख समृद्धि के द्वार खुलते हैं। यह व्रत केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का भी स्रोत माना जाता है।

    सोमवार व्रत रखने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चाहे नौकरी में सफलता की इच्छा हो या व्यापार में वृद्धि की कामना इस व्रत को करने से साधक को सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। इसके अलावा अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति और शीघ्र विवाह के लिए भी यह व्रत रखती हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा विशेष विधि से करनी चाहिए। इस दिन सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए और चंदन अक्षत दूध गंगाजल तथा तिल मिलाकर अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है।

    कहा जाता है कि सूर्योदय के समय शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस दिन गरीबों को भोजन कराना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी बेहद शुभ माना गया है। शिव मंदिर में रुद्राक्ष दान करना भी भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक प्रभावी उपाय माना जाता है।

    जहां एक ओर सोमवार व्रत के कुछ विशेष नियम हैं वहीं कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है। इस दिन तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए और किसी भी प्रकार का झगड़ा या विवाद नहीं करना चाहिए। शांति और संयम का पालन करना इस व्रत की सफलता के लिए आवश्यक माना जाता है।

    मान्यता यह भी है कि सोमवार के दिन शक्कर का उपयोग नहीं करना चाहिए और सफेद वस्त्र या दूध का दान करने से बचना चाहिए। इसके अलावा इस दिन पूर्व उत्तर या आग्नेय दिशा में यात्रा करना भी शुभ नहीं माना जाता। भगवान शिव को पीले रंग की मिठाई का भोग नहीं लगाना चाहिए और किसी का अपमान करने से भी बचना चाहिए।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार व्रत करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है जिससे मानसिक तनाव और चिंता में कमी आती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो मानसिक परेशानियों या अस्थिरता से जूझ रहे हैं।

    सावन महीने में सोमवार व्रत का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इस दौरान किया गया व्रत और पूजा कई गुना अधिक फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि इस समय भगवान शिव अपने भक्तों की हर मनोकामना शीघ्र पूरी करते हैं।

    इस प्रकार सोमवार व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि जीवन में संतुलन शांति और सफलता प्राप्त करने का एक सरल और प्रभावी माध्यम भी है। यदि इसे सही नियमों के साथ किया जाए तो इसके परिणाम अत्यंत सकारात्मक और लाभकारी हो सकते हैं।

  • सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार

    सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई 15 करोड़ रुपए की सनसनीखेज बैंक डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में दिनदहाड़े पांच हथियारबंद बदमाश घुसे और करीब 10 किलो सोना व 20 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसे आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हालांकि लूट का पूरा माल अभी बरामद नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है जबकि अन्य आरोपी झारखंड और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की 10 विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    डकैती की घटना के पीछे सबसे बड़ी बात तीन गंभीर लापरवाहियां मानी जा रही हैं। पहली यह कि बैंक में शुरुआत से ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। वर्ष 2018 में खुली इस शाखा में कभी गार्ड नहीं रखा गया। बैंक प्रबंधन ने खर्च कम करने के नाम पर यह व्यवस्था खत्म कर दी थी। इससे बदमाशों को वारदात को अंजाम देने में आसानी मिली।

    दूसरी बड़ी चूक पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस मौके पर करीब 20 मिनट की देरी से पहुंची जबकि थाना बैंक से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। इस देरी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से फरार हो गए।

    तीसरी और अहम लापरवाही यह रही कि शहर के चेक पॉइंट्स को समय पर अलर्ट नहीं किया गया। सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों को बाइक से शहर से बाहर जाते हुए देखा गया लेकिन वे मस्जिद तिराहा और अंबेडकर चौक जैसे प्रमुख चेक पॉइंट पार कर गए और किसी ने उन्हें नहीं रोका। इसके बाद वे बीजपुर रोड होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर गए।

    घटना के बाद बैंक के सुरक्षा इंतजामों की पोल और भी खुली जब यह सामने आया कि बैंक में लगा अलार्म सिस्टम भी सिर्फ औपचारिकता भर था। अलार्म बजने पर भी कोई त्वरित मदद नहीं मिलती क्योंकि वह पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा नहीं है।

    इस बीच गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार को रेलवे स्टेशन पर शक के आधार पर पकड़ा गया। उसके पास से 15 लाख 20 हजार रुपए और 61 ग्राम सोना बरामद हुआ। पूछताछ में उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती के बाद उसने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली।

    पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने न केवल बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था बल्कि पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • सलमान खान की वो ब्लॉकबस्टर जिसने पर्दे पर मचाया धमाल, मगर पर्दे के पीछे विवादों ने नहीं छोड़ा पीछा!

    सलमान खान की वो ब्लॉकबस्टर जिसने पर्दे पर मचाया धमाल, मगर पर्दे के पीछे विवादों ने नहीं छोड़ा पीछा!


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की कई सफल फिल्मों के पीछे सिर्फ ग्लैमर और सफलता ही नहीं, बल्कि कई बार ऐसे किस्से भी जुड़े होते हैं जो समय के साथ सामने आते हैं और इंडस्ट्री को हिला देते हैं। ऐसी ही एक फिल्म रही चोरी चोरी चुपके चुपके, जिसमें सलमान खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई, लेकिन इसके निर्माण से जुड़ी कुछ विवादित चर्चाएं लंबे समय तक सुर्खियों में बनी रहीं।

    फिल्म के निर्माण को लेकर उस दौर में यह चर्चा सामने आई थी कि इसके वित्तीय प्रबंधन और प्रोडक्शन प्रक्रिया में कुछ ऐसे संपर्क शामिल थे जिन पर बाद में सवाल उठे। बताया जाता है कि फिल्म की शुरुआत के दौरान एक व्यक्ति ने सलमान खान की डेट्स को लेकर दावा किया था, जिसके आधार पर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया गया। बाद में जैसे जैसे फिल्म पर काम आगे बढ़ा, वैसे वैसे इसके वित्तीय ढांचे को लेकर कई तरह की बातें सामने आने लगीं।

    स्थिति तब और गंभीर हो गई जब फिल्म से जुड़े कुछ लेनदेन और संपर्कों को लेकर संदेह जताया गया। उस समय इंडस्ट्री में यह भी चर्चा रही कि कुछ बाहरी दबाव और अनौपचारिक मांगों ने माहौल को जटिल बना दिया था। इसी दौरान जांच और कानूनी कार्रवाई जैसी स्थितियां भी बनीं, जिसने पूरे मामले को और विवादित बना दिया।

    इस पूरे घटनाक्रम को लेकर फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों ने बाद में यह संकेत दिए कि उस दौर में फिल्म निर्माण और फाइनेंसिंग के क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी के कारण कई प्रोजेक्ट्स प्रभावित होते थे। हालांकि फिल्म की शूटिंग और निर्माण अंततः पूरा हुआ और यह बड़े पर्दे पर रिलीज भी हुई।

    2001 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन अब्बास मस्तान ने किया था। रोमांटिक कॉमेडी शैली में बनी यह फिल्म दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रही और इसने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन किया। करीब 13 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 37 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे यह उस साल की सफल फिल्मों में शामिल हो गई।

    फिल्म की सफलता का मुख्य कारण इसकी मनोरंजक कहानी, कलाकारों की केमिस्ट्री और हल्के फुल्के अंदाज में पेश किया गया कथानक था। दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया, लेकिन इसके निर्माण से जुड़ी चर्चाएं इसे लंबे समय तक विवादों में भी बनाए रखती हैं।

    यह फिल्म आज भी इस बात का उदाहरण मानी जाती है कि बॉलीवुड की चमकदार दुनिया के पीछे कई बार ऐसी परतें भी होती हैं जो समय के साथ धीरे धीरे सामने आती हैं और दर्शकों को हैरान कर देती हैं।

  • UPI और दक्षिण कोरियाई पेमेंट सिस्टम के बीच ऐतिहासिक करार, लेन-देन होगा अब और भी आसान!

    UPI और दक्षिण कोरियाई पेमेंट सिस्टम के बीच ऐतिहासिक करार, लेन-देन होगा अब और भी आसान!


    नई दिल्ली। भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI अब एक और बड़े देश में अपनी पहुंच बनाने जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने-अपने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सिस्टम को जोड़ने पर सहमति जताई है। इस पहल के बाद भारतीय नागरिक जल्द ही दक्षिण कोरिया में भी अपने UPI आधारित ऐप्स के जरिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे, जिससे विदेशी यात्रा और लेनदेन पहले से अधिक सरल हो जाएंगे।

    इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के लोकल QR कोड आधारित भुगतान सिस्टम को आपस में जोड़ना है। इसका सीधा फायदा यात्रियों, छात्रों और कामकाजी लोगों को मिलेगा, जो एक देश से दूसरे देश में जाते समय डिजिटल भुगतान की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद भारतीय उपयोगकर्ता दक्षिण कोरिया में वहां के QR कोड स्कैन कर अपने UPI ऐप से सीधे भुगतान कर सकेंगे। इसी तरह दक्षिण कोरिया के नागरिक भारत में भी इसी सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

    यह पहल डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके तहत तकनीकी एकीकरण, सुरक्षा मानक, मुद्रा विनिमय और संचालन व्यवस्था जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जाएगा। इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही यह सुविधा आम उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी तरह से उपलब्ध हो पाएगी।

    भारत में UPI पहले से ही डिजिटल लेनदेन का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। देश के भीतर इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और अब इसका अंतरराष्ट्रीय विस्तार इसे वैश्विक पहचान दिला रहा है। इस कदम से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है और नकद रहित लेनदेन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

    डिजिटल भुगतान के अलावा इस समझौते के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहयोग के अन्य क्षेत्रों पर भी चर्चा की है। इनमें सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शिक्षा, तकनीकी सहयोग और रचनात्मक उद्योग शामिल हैं। दोनों देशों ने फिल्म, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों के बीच संबंध मजबूत करने पर सहमति जताई है, जिससे आपसी समझ और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

    इसके साथ ही दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों को भी विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है। आने वाले वर्षों में व्यापार को दोगुना करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके लिए एआई, सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण और वित्तीय तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।

    इस डिजिटल पेमेंट एकीकरण को एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान होगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की फिनटेक क्षमता भी मजबूत होगी। यह पहल भविष्य में अन्य देशों के साथ भी इसी तरह के समझौतों का रास्ता खोल सकती है।