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  • भोपाल और जबलपुर जेल में दो बंदियों ने फांसी लगाई सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    भोपाल और जबलपुर जेल में दो बंदियों ने फांसी लगाई सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश की दो प्रमुख सेंट्रल जेलों में कैदियों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं ने जेल प्रशासन की व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक घटना भोपाल केंद्रीय जेल की है और दूसरी जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल की है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    भोपाल सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे एक बंदी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुड्डू आदिवासी के रूप में हुई है जो रायसेन जिले के बाड़ी क्षेत्र का रहने वाला था। वह वर्ष 2017 से जेल में बंद था और जेल परिसर की गौशाला में गौसेवक के रूप में कार्य कर रहा था। जानकारी के अनुसार उसने जेल परिसर में स्थित गौशाला क्षेत्र में पेड़ पर रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में भेजा गया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

    दूसरी घटना जबलपुर केंद्रीय जेल की है जहां एक विचाराधीन बंदी ने अस्पताल वार्ड के शौचालय में तौलिये से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गुड्डू उर्फ राजा विश्वकर्मा के रूप में हुई है जो संजीवनी नगर क्षेत्र का निवासी था। उसे वर्ष 2024 में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर जेल में बंद किया गया था। जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से शुगर और अन्य बीमारियों से भी पीड़ित था। घटना के समय वह जेल के अस्पताल खंड में भर्ती था और वहीं उसने यह कदम उठाया। जेल स्टाफ ने तुरंत डॉक्टर को बुलाया लेकिन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।

    घटना के बाद जेल प्रशासन ने संबंधित थाने को सूचना दी और सिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। उप जेलर के अनुसार बंदी की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही थी लेकिन अचानक हुई इस घटना ने सभी को चौंका दिया।

    दोनों मामलों में आत्महत्या के पीछे के कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस और जेल प्रशासन सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिनमें मानसिक स्थिति स्वास्थ्य समस्याएं और जेल के भीतर की परिस्थितियां शामिल हैं। लगातार दो जेलों में ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों की निगरानी प्रणाली पर गंभीर बहस शुरू हो गई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और नियमित काउंसलिंग की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ईरान युद्ध के बीच भारतीय सेना ने की ऊर्जा संकट से निपटने की तैयारी, बनाया ये प्लान..

    ईरान युद्ध के बीच भारतीय सेना ने की ऊर्जा संकट से निपटने की तैयारी, बनाया ये प्लान..

    नई दिल्ली। ईरान में जारी तनाव और संभावित तेल-गैस संकट के बीच भारतीय सेना ने ऊर्जा खपत को कम करने और वैकल्पिक संसाधनों को अपनाने के लिए बड़ा रणनीतिक प्लान तैयार किया है। सेना अब एलपीजी और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाकर बायोगैस, सोलर और अन्य वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ रही है। यह योजना अगले महीने से मिशन मोड में लागू की जाएगी।

    फ्यूल बचाने के लिए नई रणनीति तैयार
    रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना ने बायोगैस स्टोव्स की खरीद का ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके साथ ही जवानों की मूवमेंट को 400 किलोमीटर के दायरे तक सीमित करने की योजना बनाई गई है, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव बिना किसी ऑपरेशनल क्षमता को प्रभावित किए लागू किया जाएगा।

    वाहनों की पूलिंग और इलेक्ट्रिक विकल्पों पर जोर
    सेना अब वाहनों की पूलिंग सिस्टम को बढ़ावा दे रही है, यानी एक साथ कई कार्यों को एक यात्रा में पूरा करने की रणनीति अपनाई जा रही है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों और सीएनजी के उपयोग को भी बढ़ाने की योजना है। कुछ नियम पहले ही लागू हो चुके हैं, जबकि बाकी अगले एक-दो हफ्तों में लागू किए जाएंगे।

    हवाई गतिविधियों में भी कटौती
    फ्यूल बचाने के लिए सेना से जुड़ी कुछ उड़ानों को भी सीमित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह कदम रणनीतिक जरूरतों को प्रभावित किए बिना ईंधन खपत कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

    सौर और पवन ऊर्जा पर बड़ा फोक
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    सेना की योजना आने वाले वर्षों में बड़े स्तर पर सोलर प्लांट और पवन चक्कियों की स्थापना करने की है। अनुमान के मुताबिक, सेना में रोजाना लगभग 1,56,000 किलो कुकिंग गैस की खपत होती है, जिसमें बायोगैस के इस्तेमाल से लगभग 20% तक बचत संभव है। वहीं, करीब 2 लाख वाहनों के चलते बड़ी मात्रा में ईंधन खर्च होता है।

    पांच साल का हरित ऊर्जा मिशन
    सेना का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में खाली और उपयोग न हो रहे क्षेत्रों में सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स लगाए जाएं, जिससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटे।

    होर्मुज जलमार्ग से गुजरता भारतीय टैंकर सुरक्षित

    इसी बीच एक अहम घटनाक्रम में भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर मुंबई की ओर बढ़ रहा है। यह वही संवेदनशील जलमार्ग है, जहां हाल ही में तनाव की स्थिति देखने को मिली थी। इस टैंकर पर 31 भारतीय नाविक सवार हैं और इसके 22 अप्रैल तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।

  • बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत, हिमंत बिस्वा सरमा का तीखा हमला, बोले- 29 से पहले सरेंडर करो, वरना..

    बंगाल चुनाव से पहले गरमाई सियासत, हिमंत बिस्वा सरमा का तीखा हमला, बोले- 29 से पहले सरेंडर करो, वरना..


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में अब कुछ ही दिन शेष हैं। 23 तारीख को पहले चरण का मतदान होना है, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 तारीख तय की गई है। इसके साथ ही तमिलनाडु में भी 23 को एक ही चरण में मतदान होगा। वहीं 4 मई को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

    बंगाल में बनेगी भाजपा सरकार- हिमंत बिस्वा सरमा
    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का बड़ा दावा किया है। पश्चिम बर्धमान जिले के गौरबाजार में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि इस बार राज्य में भाजपा की सरकार बनना 100 प्रतिशत तय है। उन्होंने पार्टी की संभावनाओं को लेकर पूरा भरोसा जताया।

    चुनावी मंच से दी सख्त चेतावनी
    पांडुआ में जनसभा को संबोधित करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखा बयान दिया। उन्होंने टीएमसी के कथित सिंडिकेट पर निशाना साधते हुए कहा, 29 तारीख से पहले सरेंडर कर दो, नहीं तो बाद में जेल जाना पड़ेगा। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।

    गौरव वल्लभ का दावा, भवानीपुर से हारेंगी ममता बनर्जी

    भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव हार सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में टीएमसी सरकार ने मां, माटी और मानुष के साथ विश्वासघात किया है और राज्य में अराजकता का माहौल बना रहा।

    भाजपा नेताओं का डबल इंजन सरकार पर जोर
    भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता डबल इंजन सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि 29 अप्रैल से पहले आरोपियों को सरेंडर कर देना चाहिए, अन्यथा 4 मई के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पहाड़ों के बीच सुकून तलाशने वालों के लिए जन्नत से कम नहीं है शानगढ़!

    पहाड़ों के बीच सुकून तलाशने वालों के लिए जन्नत से कम नहीं है शानगढ़!


    नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की सैंज घाटी में स्थित शानगढ़ एक ऐसा शांत और प्राकृतिक गांव है जो अपनी अनछुई सुंदरता और सादगी के कारण विशेष पहचान रखता है। ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों और विशाल हरित मैदानों के बीच बसा यह स्थान शहरों की भागदौड़ से दूर एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराता है। यहां पहुंचते ही वातावरण की शांति और ठंडी हवा मन को सुकून देती है और ऐसा महसूस होता है जैसे जीवन की गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई हो।

    शानगढ़ की सबसे बड़ी विशेषता इसके विस्तृत घास के मैदान हैं जो दूर तक फैले हुए हैं और चारों ओर हरियाली का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं। देवदार के ऊंचे पेड़, लकड़ी से बने पारंपरिक घर और पहाड़ी जीवनशैली इस गांव की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाते हैं। यहां का जीवन आज भी सरल और प्रकृति के करीब है जहां लोग अपनी परंपराओं को संजोकर रखते हैं। आधुनिकता का प्रभाव सीमित होने के कारण यहां का वातावरण शुद्ध और प्राकृतिक बना हुआ है।

    यह स्थान केवल प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर स्थानीय आस्था का केंद्र है जहां लोगों की गहरी श्रद्धा जुड़ी हुई है। मंदिर के आसपास बने लकड़ी के छोटे ढांचे और पारंपरिक स्थापत्य शैली इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। शांत वातावरण में स्थित यह धार्मिक स्थल ध्यान और आत्मिक शांति के लिए उपयुक्त माना जाता है।

    शानगढ़ का मौसम पूरे वर्ष बदलता रहता है और हर मौसम इसकी सुंदरता को एक नया रूप देता है। वसंत और गर्मियों के दौरान यहां के घास के मैदान हरे और जीवंत हो जाते हैं तथा हल्की धूप वातावरण को और सुखद बना देती है। गर्मियों में भी यहां का तापमान अपेक्षाकृत ठंडा रहता है जिससे यह स्थान मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत पाने के लिए उपयुक्त बन जाता है। शरद ऋतु में सेब और अखरोट के बागान इस क्षेत्र की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं। सर्दियों में ठंडी हवाएं और हल्की बर्फ इसे एक शांत और आकर्षक रूप प्रदान करती हैं।

    मानसून के समय इस क्षेत्र में यात्रा सावधानी से करनी चाहिए क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद अन्य मौसमों में यहां का सफर बेहद मनमोहक होता है और हर मोड़ पर प्राकृतिक दृश्य यात्रियों को आकर्षित करते हैं। यहां तक पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है जो यात्रा को रोमांचक और यादगार बना देता है।

    शानगढ़ में पर्यटकों के लिए होमस्टे की सुविधा उपलब्ध है जहां उन्हें स्थानीय जीवनशैली को करीब से देखने का अवसर मिलता है। यहां का पारंपरिक भोजन और सरल आतिथ्य पर्यटकों के अनुभव को और भी खास बना देता है। यह गांव उन लोगों के लिए एक आदर्श स्थान है जो प्रकृति के बीच शांति और सुकून के पल बिताना चाहते हैं और भीड़भाड़ से दूर एक सादगी भरा अनुभव तलाश रहे हैं।

  • खेल का महाकुंभ उज्जैन में सम्पन्न, फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल में CM की बड़ी घोषणाएं

    खेल का महाकुंभ उज्जैन में सम्पन्न, फिरोजिया ट्रॉफी फाइनल में CM की बड़ी घोषणाएं


    उज्जैन । उज्जैन शहर में आयोजित फिरोजिया ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांच और उत्साह के बीच संपन्न हुआ। क्षीर सागर मैदान पर खेले गए इस फाइनल मैच में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों को अंत तक रोमांच से बांधे रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम में देर रात तक भारी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में मौजूद रहे, जिससे शहर में क्रिकेट और खेल के प्रति गहरा जुनून देखने को मिला। फाइनल मुकाबला 12 से 19 अप्रैल तक चली इस प्रतियोगिता का समापन था, जिसमें दोनों टीमों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर विजेता टीम के लिए 1 लाख रुपये और उपविजेता टीम के लिए 51 हजार रुपये की नगद राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करते हैं और उनमें अनुशासन तथा टीम भावना को मजबूत बनाते हैं।

    सीएम ने उज्जैन में खेल सुविधाओं के विस्तार की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि नानाखेड़ा स्टेडियम, माधव नगर मैदान और दशहरा मैदान का आधुनिकरण किया जाएगा। इसके साथ ही क्षीरसागर मैदान को भी एक आधुनिक खेल स्टेडियम के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    यह प्रतियोगिता पिछले 21 वर्षों से आयोजित की जा रही है और इसका आयोजन सांसद अनिल फिरोजिया द्वारा उनके स्वर्गीय पिता भूरेलाल फिरोजिया की स्मृति में किया जाता है। इस बार आयोजन में महिला क्रिकेट मैच और मातृशक्ति सम्मान समारोह भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिससे कार्यक्रम को सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम भी मिला।

    फाइनल मुकाबले के बाद पूरे आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। खिलाड़ियों के प्रदर्शन और दर्शकों की भारी भागीदारी ने यह साबित किया कि उज्जैन में खेल संस्कृति लगातार मजबूत हो रही है।

  • अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ ने वीकेंड पर पकड़ी रफ्तार, कलेक्शन में उछाल

    अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ ने वीकेंड पर पकड़ी रफ्तार, कलेक्शन में उछाल


    नई दिल्ली। अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म भूत बंगला (Bhooth Bangla) लगातार सुर्खियों में छाई हुई है। आपको बता दें, इस फिल्म में वीकेंड का फायदा उठाकर काफी अच्छा कलेक्शन कर लिया है। तो चलिए उसकी रिपोर्ट जानते हैं। फैंस भी ट्विटर पर इस फिल्म की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं काफी अच्छा रिव्यु इस फिल्म को दे रहे हैं यह एक कॉमेडी हॉरर फिल्म हैं।

    फिल्म का कलेक्शन
    रिलीज के पहले दिन से ही फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और पहले वीकेंड में इसकी कमाई में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया. दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज ने यह साफ कर दिया है कि अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी आज भी बॉक्स ऑफिस पर मचा सकती है।भूत बंगला’ के तीसरे दिन के कलेक्शन ने बॉक्स ऑफिस पर हलचल मचा दी है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने रविवार को अब तक 23 करोड़ की शानदार कमाई कर ली है।

    फिल्म का कुल कलेक्शन
    हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ के लिए पहला वीकेंड बेहद शानदार रहा। फिल्म ने महज तीन दिनों में 58 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।जबकि ग्रॉस कलेक्शन 69.37 करोड़ तक पहुंच चुका है। दर्शकों के बीच अक्षय और प्रियदर्शन का पुराना जादू फिर से सिर चढ़कर बोल रहा है, जिससे फिल्म की कमाई में हर दिन जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।

    फिल्म के कास्ट
    इस फिल्म से प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी पूरे 14 साल बाद स्क्रीन पर वापस लौटी है।इससे पहले ये दोनों ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘भूल भुलैया’ और ‘खट्टा मीठा’ जैसी कई कल्ट फिल्में दे चुके हैं, यही वजह है कि फैंस इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। और अब जब फिल्म रिलीज हो गई है तो बस चढ़कर सिनेमाघर पहुंच रहे हैं। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, तब्बू, राजपाल यादव, असरानी और जीशु सेनगुप्ता जैसे बड़े हुए कलाकार भी अहम रोल में हैं।

  • ग्वालियर GRP कांड: वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित

    ग्वालियर GRP कांड: वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप में 6 पुलिसकर्मी निलंबित


    ग्वालियर । ग्वालियर शहर में रेलवे स्टेशन पर तैनात शासकीय रेलवे पुलिस GRP पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। अवैध वसूली और दो वेंडरों के साथ मारपीट के मामले में ब्रॉडगेज BG और नैरोगेज NG थानों में पदस्थ कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की है और पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    पूरा मामला शनिवार देर रात का बताया जा रहा है। ग्वालियर की आर.के. कंपनी की किचन में काम करने वाले वेंडर अमित धाकरे और राघव सिंह बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस में ऑर्डर का खाना सप्लाई करने जा रहे थे। दोनों वेंडरों के पास IRCTC द्वारा जारी वैध पहचान पत्र भी मौजूद था। इसके बावजूद GRP कर्मियों द्वारा उन्हें रोके जाने और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं।

    पीड़ित वेंडरों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें रोका और उसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में दोनों वेंडरों को गंभीर चोटें आईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी रहा। घटना के बाद स्टेशन परिसर में भी कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।

    घटना की जानकारी जैसे ही सामने आई मामला ग्वालियर से लेकर भोपाल तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच दल तत्काल ग्वालियर रेलवे स्टेशन पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

    जांच के आधार पर GRP ब्रॉडगेज और नैरोगेज थानों में तैनात आरक्षक योगेश जाट मनोज जाट आशीष चौरसिया विकास सोलंकी नमन कुमार और निहाल सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई GRP पुलिस अधीक्षक राहुल कुमार लोढ़ा द्वारा की गई है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कठोर कार्रवाई संभव है।

    वहीं दूसरी ओर इस घटना को लेकर वेंडरों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय पर और निष्पक्ष जांच नहीं होती तो ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहेगी। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

    यह पूरा मामला रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आम लोगों का कहना है कि यदि वैध पहचान पत्र होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं होती हैं तो सिस्टम में सुधार की आवश्यकता और भी अधिक बढ़ जाती है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

  • सरकार की बड़ी स्कॉलरशिप योजना, विदेश में शिक्षा के लिए मिलेगा फंड

    सरकार की बड़ी स्कॉलरशिप योजना, विदेश में शिक्षा के लिए मिलेगा फंड


    नई दिल्ली। सरकार ने छात्रों के लिए एक बड़ा मौका दिया है। National Overseas Scholarship (NOS) के तहत इस साल 125 स्कॉलरशिप दी जा रही हैं, जिससे छात्र विदेश में मास्टर्स और पीएचडी कर सकते हैं। यह योजना खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों के लिए शुरू की गई है, ताकि वे विदेश की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई कर सकें।

    इस स्कीम को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय चलाता है और इसका उद्देश्य छात्रों को ग्लोबल स्तर पर पढ़ाई का मौका देना है। इस स्कॉलरशिप के तहत ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, ट्रैवल, वीजा और हेल्थ इंश्योरेंस तक का खर्च सरकार उठाती है।

    कौन कर सकता है National Overseas Scholarship में आवेदन
    इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन वही छात्र कर सकते हैं जो SC, डिनोटिफाइड/नोमैडिक ट्राइब्स, लैंडलेस लेबर या ट्रेडिशनल आर्टिजन कैटेगरी से आते हैं।

    योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास कम से कम 60% अंक होना जरूरी है। मास्टर्स के लिए ग्रेजुएशन और पीएचडी के लिए पोस्टग्रेजुएशन जरूरी है। उम्र सीमा 35 साल से कम होनी चाहिए और परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

    सबसे जरूरी शर्त यह है कि छात्र के पास विदेश की टॉप 500 QS रैंकिंग वाली यूनिवर्सिटी से एडमिशन ऑफर होना चाहिए।

    कैसे होता है चयन और कितनी मिलती है स्कॉलरशिप
    इस योजना के तहत हर साल कुल 125 सीटें दी जाती हैं, जिसमें 30% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं।

    चयन प्रक्रिया दो चरणों में होती है। पहले चरण में यूनिवर्सिटी की रैंकिंग के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। अगर रैंकिंग समान होती है तो उम्मीदवार के अंकों को देखा जाता है।

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    बॉलीवुड समाचार
    टेक्नोलॉजी अपडेट
    इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को पूरी फाइनेंशियल मदद मिलती है। पीएचडी के लिए 4 साल और मास्टर्स के लिए 3 साल तक सहायता दी जाती है।

    कुल मिलाकर, यह स्कीम उन छात्रों के लिए सुनहरा मौका है जो विदेश में पढ़ाई का सपना देखते हैं लेकिन आर्थिक वजहों से पीछे रह जाते हैं।

  • भारत और दक्षिण कोरिया के बीच '2030 का मास्टरप्लान' तैयार; 50 बिलियन डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य के साथ शुरू हुआ आर्थिक दोस्ती का नया स्वर्णिम युग!

    भारत और दक्षिण कोरिया के बीच '2030 का मास्टरप्लान' तैयार; 50 बिलियन डॉलर के व्यापारिक लक्ष्य के साथ शुरू हुआ आर्थिक दोस्ती का नया स्वर्णिम युग!

    नई दिल्ली। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक आयोजित हुई जिसमें दोनों देशों ने अपने रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई मजबूती देने पर सहमति जताई। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति के बीच व्यापक चर्चा हुई जिसमें व्यापार विस्तार, निवेश सहयोग, तकनीकी विकास, सांस्कृतिक आदान प्रदान और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर गहन विचार किया गया। बैठक के बाद दोनों देशों ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई नए कदमों की घोषणा की और आने वाले वर्षों में साझेदारी को अधिक व्यापक और परिणाममुखी बनाने का संकल्प दोहराया।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध पिछले कई वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की नींव और अधिक गहरी हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोनों देशों को एक मजबूत साझेदार बनाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी इंडो पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग पर विशेष जोर दिया गया और दोनों देशों ने मौजूदा व्यापार को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। वर्तमान में यह व्यापार लगभग 27 बिलियन डॉलर के स्तर पर है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वित्तीय सहयोग को आसान बनाने, औद्योगिक साझेदारी को बढ़ाने और निवेश के नए अवसर खोलने पर सहमति बनी। इसके लिए एक नए वित्तीय सहयोग मंच की शुरुआत की गई है जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक लेनदेन और निवेश प्रक्रिया अधिक सरल हो सकेगी।

    औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है जो विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगी। इसके साथ ही आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एक नया संवाद तंत्र शुरू किया गया है। भारत में कोरियाई कंपनियों के लिए औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना पर भी सहमति बनी है जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।

    तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, डिजिटल तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक नए डिजिटल सहयोग मंच की शुरुआत की जा रही है जो नवाचार और तकनीकी विकास को नई गति देगा। इसके अलावा जहाज निर्माण, इस्पात उद्योग और पर्यावरण अनुकूल विकास परियोजनाओं में भी संयुक्त प्रयासों पर सहमति बनी है।

    सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। दोनों देशों ने फिल्म, एनीमेशन और गेमिंग जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है। शिक्षा, अनुसंधान और पर्यटन के क्षेत्र में लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी नई पहल की जाएगी। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों ने भविष्य में सांस्कृतिक उत्सवों और आदान प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही।

    अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों ने साझा दृष्टिकोण अपनाते हुए वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर सहमति जताई और एक शांतिपूर्ण और संतुलित वैश्विक व्यवस्था के निर्माण की दिशा में सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया।

  • युवक की पिटाई मामले में OBC नेता का SP को अल्टीमेटम, वीडियो हुआ वायरल

    युवक की पिटाई मामले में OBC नेता का SP को अल्टीमेटम, वीडियो हुआ वायरल


    टीकमगढ़। जिले के बुडेरा थाना क्षेत्र के लार गांव में जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान युवक से मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर ओबीसी महासभा ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन के जिला प्रभारी नीलेश यादव ने एसपी को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आरोपियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो महासभा स्वयं कार्रवाई करने को मजबूर होगी।

    जन्मदिन समारोह में डांस के दौरान बढ़ा विवाद

    जानकारी के अनुसार, लार गांव में गौतम परिवार के यहां जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें आर्केस्ट्रा और डांस कार्यक्रम भी चल रहा था। इसी दौरान आरोप है कि डांस कर रही कलाकारों पर एक युवक द्वारा अश्लील टिप्पणी की गई। मामला बढ़ने पर वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    युवक की लाठी-डंडों से पिटाई का आरोप

    विवाद के बाद करीब 10 से 12 लोगों ने मिलकर रोहित लोधी नामक युवक के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। बताया जा रहा है कि रोहित ने डांस कर रही लड़कियों को बचाने का प्रयास किया था, जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    पुलिस को शिकायत, अब तक कार्रवाई नहीं

    घटना के बाद पीड़ित पक्ष और डांस कर रही लड़कियों ने बुडेरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में रामकुमार गौतम, मुकेश गौतम, मनोज गौतम और बादल गौतम सहित अन्य लोगों पर छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, आरोप है कि पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

    OBC महासभा ने दी सख्त चेतावनी

    मामले को लेकर ओबीसी महासभा के जिला प्रभारी नीलेश यादव ने एसपी से मुलाकात कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई और कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो महासभा स्वयं आरोपियों को पकड़कर सार्वजनिक जुलूस निकालने को मजबूर होगी। उनके इस बयान के बाद मामला और गरमा गया है।

    पुलिस पर दबाव, जांच जारी

    महासभा के बयान के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।