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  • खर्च पर लगाम! अब दिल्ली जाने से पहले लेनी होगी परमिशन, MP सरकार का बड़ा फैसला

    खर्च पर लगाम! अब दिल्ली जाने से पहले लेनी होगी परमिशन, MP सरकार का बड़ा फैसला


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी खर्चों पर नियंत्रण लगाने और संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अब प्रदेश के आईएएस, आईपीएस और सचिव स्तर के अधिकारियों को सरकारी खर्च पर दिल्ली, गुजरात, अन्य राज्यों या विदेश यात्रा करने से पहले मुख्य सचिव की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। वहीं अन्य अधिकारियों को राज्य से बाहर की शासकीय यात्रा के लिए अपने विभागीय सचिव से मंजूरी लेनी होगी।

    सरकार का मानना है कि अनावश्यक यात्राओं और प्रशासनिक खर्चों में कटौती कर राज्य के वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से सभी विभागों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

    ऑनलाइन बैठकों को मिलेगा बढ़ावा
    सरकार ने स्पष्ट किया है कि विभागीय बैठकों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनारों को अधिकतम डिजिटल माध्यमों के जरिए आयोजित किया जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अधिकारियों की अनावश्यक यात्रा कम हो और समय व धन दोनों की बचत हो सके। इसके अलावा अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, बस सेवा और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

    ऊर्जा बचत पर सरकार का विशेष फोकस
    राज्य सरकार ने सभी सरकारी कार्यालयों में ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। कार्यालयों में ऊर्जा ऑडिट कराने, बिजली खपत की निगरानी करने तथा शाम 7 बजे के बाद अनावश्यक रूप से चल रहे पंखे, लाइट, कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य उपकरण बंद रखने को कहा गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में काम करने पर जोर दिया गया है।

    प्राकृतिक खेती और हरित विकास को प्रोत्साहन
    कृषि विभाग को प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं निर्माण एजेंसियों को फ्लाई ऐश, प्लास्टिक वेस्ट बिटुमिन और अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री का अधिक उपयोग करने के लिए कहा गया है। सरकार का लक्ष्य विकास कार्यों को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ना है।

    PNG और LPG कनेक्शनों की होगी जांच
    सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार में सहयोग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उज्ज्वला योजना और सामान्य एलपीजी कनेक्शनों में डुप्लीकेट तथा अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर कार्रवाई करने का अभियान भी चलाया जाएगा।

    फूड ऑयल के कम उपयोग पर चलेगा अभियान
    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को खाद्य तेल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए व्यवहार परिवर्तन आधारित अभियान चलाए जाएंगे, जिससे लोगों में स्वस्थ खानपान की आदत विकसित हो सके।

    90 दिन का जन-जागरूकता अभियान
    जनसंपर्क विभाग को ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर 90 दिनों का व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं पर्यटन विभाग को “देखो अपना देश” और “सबसे पहले मध्यप्रदेश” जैसे अभियानों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।

    सरकार ने सभी विभागों को इन निर्देशों के पालन की मासिक रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को भेजने के लिए भी कहा है। सरकार का दावा है कि इन कदमों से न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी बल्कि ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

  • योग दिवस पर MP में दिखा उत्साह: राष्ट्रपति ने किया योग, इंदौर ने बनाया रिकॉर्ड, राजगढ़ में मंत्री की तबीयत बिगड़ी

    योग दिवस पर MP में दिखा उत्साह: राष्ट्रपति ने किया योग, इंदौर ने बनाया रिकॉर्ड, राजगढ़ में मंत्री की तबीयत बिगड़ी


    मध्यप्रदेश । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मध्य प्रदेश के शहरों, कस्बों और गांवों में योग का उत्साह देखने को मिला। राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जबलपुर के सदर स्थित गैरिसन ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सामूहिक योगाभ्यास किया। इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक संगठन और आम नागरिक उपस्थित रहे। योग कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों की आस्था को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने योगाभ्यास से पहले सभी प्रतिभागियों का अभिवादन किया और योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताया। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भी विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। गैरिसन ग्राउंड में सैकड़ों लोगों ने एक साथ योग कर सामूहिक स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश दिया।

    वहीं, इंदौर ने इस बार योग दिवस पर एक अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम किया। शहर में आयोजित विशाल सामूहिक योग कार्यक्रम में हजारों लोगों ने तीन मिनट से अधिक समय तक लगातार भ्रामरी प्राणायाम किया। आयोजकों के अनुसार यह योग के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है। प्रशिक्षकों के निर्देशन में हुए इस आयोजन ने लोगों को नियमित योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

    राजधानी भोपाल में भी योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। टीटी नगर स्टेडियम और बड़े तालाब क्षेत्र में हजारों लोगों ने योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। प्रशासन की ओर से पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे प्रतिभागियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

    प्रदेश के अन्य जिलों में भी योग दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। नर्मदापुरम के सेठानी घाट, महेश्वर के माहिष्मती घाट, सांची स्तूप परिसर और कई ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों पर सामूहिक योगाभ्यास हुआ। महिलाओं ने भारतीय परंपरा और संस्कृति पर आधारित विशेष योग प्रस्तुतियां भी दीं, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा।

    हालांकि राजगढ़ में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम के दौरान एक अप्रत्याशित घटना भी सामने आई। टाइफाइड से पीड़ित मंत्री नारायण सिंह पंवार की योग कार्यक्रम के दौरान तबीयत बिगड़ गई। कमजोरी महसूस होने पर स्टाफ ने उन्हें सहारा देकर मंच के पीछे बैठाया। राहत की बात यह रही कि प्राथमिक देखभाल के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तेज हवा चलने से आयोजन स्थल का आधा टेंट भी गिर गया, हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे मध्य प्रदेश में आयोजित कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की कुंजी है। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने साबित कर दिया कि योग अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

  • MP Weather Update: 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 दिन लेट मानसून 25 जून तक देगा दस्तक

    MP Weather Update: 37 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 6 दिन लेट मानसून 25 जून तक देगा दस्तक


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की देरी अब चिंता का कारण बनती जा रही है। सामान्य तौर पर 15 जून तक प्रदेश में दस्तक देने वाला मानसून इस बार 6 दिन पीछे चल रहा है और मौसम विभाग ने इसके 25 जून तक पहुंचने की संभावना जताई है। मानसून के इंतजार के बीच प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं, जिसके चलते कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर बना हुआ है। रविवार को इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, शिवपुरी, रीवा, शहडोल, सतना, मुरैना, धार, झाबुआ और अलीराजपुर समेत 37 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    शनिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। उज्जैन में 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि भोपाल में 1.3 इंच पानी बरसा। इंदौर, ग्वालियर, श्योपुर, सीहोर और धार के पीथमपुर सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। धार में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भोपाल में 33.4 और इंदौर में 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल तेलंगाना क्षेत्र में धीमी गति से आगे बढ़ रहा है। यदि इसकी रफ्तार बनी रही तो 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है और इसके बाद 25 जून के आसपास मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को ही प्रदेश में पहुंच गया था, लेकिन इस बार इसकी गति काफी धीमी है।

    मानसून की देरी का असर जून महीने की बारिश पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश पर पड़ा है, जहां जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम है।

    कम बारिश के कारण किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलें जैसे सोयाबीन, उड़द, मूंग और तुअर की बुवाई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई के लिए कम से कम चार इंच बारिश आवश्यक है ताकि मिट्टी में पर्याप्त नमी बन सके। कई किसानों ने मानसून आने की उम्मीद में पहले ही सोयाबीन की बुवाई कर दी थी, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से बीज खराब होने का खतरा बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ सकती है, जिससे उनकी लागत बढ़ेगी।

    फिलहाल प्रदेशभर के किसानों और आम लोगों की नजरें आसमान पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले चार दिनों में मानसून सक्रिय होकर मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा, जिससे गर्मी और बारिश की अनिश्चितता के बीच राहत मिलने की संभावना बनेगी।

  • NEET-UG री-एग्जाम 2026: कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आज, भोपाल-इंदौर समेत प्रदेशभर में हाई अलर्ट

    NEET-UG री-एग्जाम 2026: कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा आज, भोपाल-इंदौर समेत प्रदेशभर में हाई अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-एग्जाम को लेकर रविवार को मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की जा रही है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सतना, खंडवा और अन्य जिलों में हजारों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

    भोपाल में 32 परीक्षा केंद्रों पर करीब 13,774 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं, जबकि इंदौर में 14 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। ग्वालियर में लगभग 5 हजार, जबलपुर में 10 हजार, छिंदवाड़ा में 4,303, गुना में 1,839, विदिशा में 1,709, नर्मदापुरम में 1,283 और अशोकनगर में 865 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना जताई गई है।

    इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है तथा सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा बलों की निगरानी में सामग्री केंद्रों तक पहुंचाई गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। अभ्यर्थियों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है और इसके लिए अतिरिक्त मशीनों तथा कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

    परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों पर सुबह 11 बजे से रिपोर्टिंग, बायोमेट्रिक जांच और फ्रिस्किंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से अतिरिक्त 65 मिनट का समय भी प्रदान किया जाएगा।

    परीक्षा को लेकर ड्रेस कोड का भी सख्ती से पालन कराया जा रहा है। छात्रों को हल्के रंग के साधारण कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, ईयरफोन, बेल्ट, आभूषण, पर्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनकर आने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त जांच प्रक्रिया के कारण समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।

    री-एग्जाम के लिए आने वाले छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, गुना और अशोकनगर रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। यहां छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने, परिवहन सुविधाओं और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    हालांकि कुछ अभ्यर्थियों को अंतिम समय में परीक्षा केंद्र बदलने जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। मुरैना के एक छात्र का केंद्र ग्वालियर से बदलकर भोपाल कर दिया गया, जिससे उसे अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ी। वहीं कई छात्रों ने पिछले डेढ़ महीने को तनाव और अनिश्चितता से भरा बताया। उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़े विवादों ने मानसिक दबाव बढ़ाया, लेकिन अब वे पूरे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने पहुंचे हैं।

    प्रदेशभर में प्रशासन, पुलिस और परीक्षा एजेंसियों की निगरानी में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के प्रयास जारी हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

  • सकट योग भंग होते ही बनता है मुकुट योग! जानें कैसे दिलाता है सत्ता, सम्मान और सफलता

    सकट योग भंग होते ही बनता है मुकुट योग! जानें कैसे दिलाता है सत्ता, सम्मान और सफलता


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में कई ऐसे योग बताए गए हैं जो व्यक्ति के जीवन की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं। इन्हीं में से एक है मुकुट योग, जिसे सम्मान, अधिकार, नेतृत्व और सफलता का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग तब बनता है जब कुंडली में मौजूद सकट योग विशेष परिस्थितियों में भंग हो जाता है। माना जाता है कि जिन लोगों की जन्म कुंडली में मुकुट योग प्रभावी होता है, वे जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बाद उच्च पद, प्रतिष्ठा और प्रभाव हासिल करते हैं।

    सकट योग सामान्यतः गुरु और चंद्रमा के द्विद्वादश (2-12) या षडाष्टक (6-8) संबंध से बनता है। यह योग व्यक्ति के जीवन में आर्थिक उतार-चढ़ाव, मानसिक तनाव और संघर्ष की स्थितियां पैदा कर सकता है। लेकिन जब चंद्रमा पर मंगल की सप्तम दृष्टि पड़ती है और केंद्र में स्थित शनि भी चंद्रमा को देखता है, तब सकट योग का प्रभाव समाप्त होकर मुकुट योग का निर्माण होता है। यही स्थिति व्यक्ति के भाग्य को नई दिशा देने वाली मानी जाती है।

    कुंडली में कैसे बनता है मुकुट योग?
    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मुकुट योग बनने के लिए केवल सकट योग का भंग होना ही पर्याप्त नहीं है। लग्न, दशम भाव और नवम भाव का मजबूत होना भी आवश्यक माना जाता है। यदि इन भावों के स्वामी ग्रह बलवान स्थिति में हों और उन पर शुभ ग्रहों का प्रभाव हो, तो मुकुट योग और अधिक प्रभावी हो जाता है। सूर्य, गुरु और चंद्रमा जैसे प्रभावशाली ग्रह यदि केंद्र या त्रिकोण भावों में स्थित हों, तो व्यक्ति को समाज में विशेष पहचान और सम्मान प्राप्त हो सकता है। हालांकि किसी भी योग का सही प्रभाव जानने के लिए पूरी जन्म कुंडली का गहन अध्ययन जरूरी माना जाता है। केवल एक योग के आधार पर भविष्यवाणी करना उचित नहीं माना जाता।

    मुकुट योग से मिलने वाले लाभ
    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार मुकुट योग व्यक्ति को कई विशेष गुण और अवसर प्रदान कर सकता है। ऐसे लोग नेतृत्व क्षमता से भरपूर होते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की योग्यता रखते हैं। समाज में उन्हें सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है। प्रशासन, राजनीति, व्यवसाय, शिक्षा, सामाजिक सेवा और कॉर्पोरेट क्षेत्र में वे उच्च पदों तक पहुंच सकते हैं। ऐसे लोगों का व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और वे दूसरों का विश्वास आसानी से जीत लेते हैं। उनकी निर्णय क्षमता और संगठन कौशल उन्हें भीड़ से अलग पहचान दिलाते हैं।

    क्या हमेशा शुभ फल देता है मुकुट योग?
    विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी योग का परिणाम ग्रहों की शक्ति, दशा-अंतर्दशा, गोचर और अन्य ग्रह स्थितियों पर निर्भर करता है। यदि मुकुट योग बनाने वाले ग्रह कमजोर हों या पाप ग्रहों के प्रभाव में हों, तो इसके शुभ फल कम हो सकते हैं। इसलिए केवल योग की मौजूदगी को सफलता की गारंटी नहीं माना जा सकता।

    आधुनिक समय में मुकुट योग को केवल राजसत्ता या राजनीतिक सफलता तक सीमित नहीं देखा जाता। इसे किसी भी क्षेत्र में नेतृत्व, प्रभाव और उपलब्धि प्राप्त करने की क्षमता का संकेत माना जाता है। यही कारण है कि यह योग आज भी ज्योतिष प्रेमियों के बीच विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • भारत की बढ़ी नॉकआउट उम्मीदें, पाकिस्तान और नीदरलैंड के बाहर होने से बदला समीकरण

    भारत की बढ़ी नॉकआउट उम्मीदें, पाकिस्तान और नीदरलैंड के बाहर होने से बदला समीकरण


    नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में लीग चरण के मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे सेमीफाइनल की तस्वीर भी साफ होने लगी है। टूर्नामेंट के बीच पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीमों का सफर आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। लगातार तीन-तीन मैच हारने के बाद दोनों टीमें सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई हैं। दूसरी ओर भारतीय महिला टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप-ए में दूसरे स्थान पर पहुंच गई है और उसके नॉकआउट चरण में पहुंचने की संभावनाएं काफी मजबूत दिखाई दे रही हैं।

    शनिवार को खेले गए मुकाबलों ने ग्रुप-ए की अंकतालिका को पूरी तरह बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को 98 रनों के बड़े अंतर से हराकर अपनी लगातार तीसरी जीत दर्ज की। इसके बाद बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराकर उसे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इन नतीजों के बाद पाकिस्तान और नीदरलैंड दोनों के खाते में तीन-तीन हार दर्ज हो चुकी हैं और अब वे शेष मैच जीतकर भी सेमीफाइनल की दौड़ में वापसी नहीं कर सकतीं।

    ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है। टीम ने अपने तीनों मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में लगभग जगह पक्की कर ली है। भारतीय टीम ने अब तक खेले गए दोनों मुकाबले जीते हैं और 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर काबिज है। भारत का नेट रन रेट भी शानदार है, जो उसे अन्य टीमों पर बढ़त दिला रहा है। बांग्लादेश भी 4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, लेकिन नेट रन रेट के मामले में वह भारत से पीछे है। दक्षिण अफ्रीका 2 अंकों के साथ चौथे स्थान पर बनी हुई है।

    भारतीय टीम के लिए सबसे अहम मुकाबला अब बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा। यदि टीम इंडिया अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखती है तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। कप्तान और टीम प्रबंधन भी खिलाड़ियों के मौजूदा फॉर्म से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

    ग्रुप-बी की बात करें तो मेजबान इंग्लैंड ने अपने तीनों मुकाबले जीतकर शीर्ष स्थान पर कब्जा जमा रखा है। वेस्टइंडीज 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड और श्रीलंका की टीमें अभी भी सेमीफाइनल की दौड़ में बनी हुई हैं। वहीं आयरलैंड लगातार तीन हार के बाद लगभग टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है, हालांकि गणितीय रूप से उसकी उम्मीदें अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।

    महिला टी20 विश्व कप 2026 में अब हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। भारतीय टीम की नजर लगातार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह सुनिश्चित करने पर होगी, जबकि अन्य टीमें भी अंतिम चार में पहुंचने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। आने वाले दिनों में टूर्नामेंट का रोमांच और भी बढ़ने वाला है।

  • देवदास: एक प्रेम कहानी जिसने दर्द को अमर बना दिया, 16 साल तक लिखने से डरते रहे लेखक

    देवदास: एक प्रेम कहानी जिसने दर्द को अमर बना दिया, 16 साल तक लिखने से डरते रहे लेखक


    नई दिल्ली। भारतीय साहित्य और सिनेमा के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे होते हैं, जो समय की सीमाओं को पार कर लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है ‘देवदास’। एक ऐसा किरदार, जिसके दर्द को दर्शकों ने अपना दर्द समझा, जिसकी अधूरी मोहब्बत ने लाखों दिलों को छुआ और जिसकी त्रासदी ने उसे अमर बना दिया।

    देवदास का जन्म वर्ष 1901 में महान साहित्यकार शरत चंद्र चट्टोपाध्याय की कल्पना में हुआ था। कहा जाता है कि यह कहानी कहीं न कहीं उनके अपने जीवन के अनुभवों और भावनाओं से प्रेरित थी। लेकिन लेखक को इस किरदार को लेकर एक डर था। उन्हें लगता था कि उनका नायक आदर्शवादी नहीं है। वह प्रेम में असफल होता है, शराब का सहारा लेता है और अंततः दुखद मृत्यु को प्राप्त होता है। शायद इसी वजह से शरत चंद्र ने इस रचना को करीब 16 वर्षों तक प्रकाशित नहीं किया।

    आखिरकार 1917 में जब ‘देवदास’ उपन्यास प्रकाशित हुआ, तो उसने साहित्य जगत में तहलका मचा दिया। लोगों को इस कहानी में अपना दर्द दिखाई देने लगा। देवदास की अधूरी प्रेम कहानी, पारो के प्रति उसका समर्पण और समाज की बंदिशों के आगे उसकी हार ने पाठकों को भावुक कर दिया।

    साहित्य से निकलकर जब देवदास सिनेमा के पर्दे पर पहुंचा, तो उसकी लोकप्रियता कई गुना बढ़ गई। वर्ष 1928 में इस पर पहली मूक फिल्म बनी। इसके बाद 1936 में महान गायक-अभिनेता के.एल. सहगल ने देवदास को पर्दे पर जीवंत कर दिया। लेकिन 1955 में दिलीप कुमार ने जिस गहराई और संवेदनशीलता से इस किरदार को निभाया, उसने देवदास को भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर बना दिया।

    साल 2002 में निर्देशक संजय लीला भंसाली ने इस क्लासिक कहानी को भव्य अंदाज में पेश किया। फिल्म में शाहरुख खान ने देवदास, ऐश्वर्या राय ने पारो और माधुरी दीक्षित ने चंद्रमुखी का किरदार निभाया। फिल्म के भावनात्मक दृश्यों और भव्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद 2009 में अनुराग कश्यप ने आधुनिक अंदाज में ‘देव डी’ बनाकर इस कहानी को नई पीढ़ी तक पहुंचाया।

    आज तक ‘देवदास’ पर 14 से अधिक फिल्में और रूपांतरण बन चुके हैं। शायद यही उसकी सबसे बड़ी सफलता है कि एक सदी से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह किरदार लोगों के दिलों में जिंदा है। प्रेम, विरह, त्याग और आत्मसंघर्ष का यह प्रतीक भारतीय साहित्य और सिनेमा की सबसे अमर धरोहरों में गिना जाता है।

    देवदास सिर्फ एक पात्र नहीं, बल्कि एक ऐसी भावना है, जो हर उस इंसान को छूती है जिसने कभी प्रेम किया हो, खोया हो या दर्द को करीब से महसूस किया हो।

  • किशोर कुमार का सबसे विवादित गाना: 8 महिला गायिकाओं के बीच अकेले गाया गीत, अश्लीलता के आरोप में हुआ था बैन

    किशोर कुमार का सबसे विवादित गाना: 8 महिला गायिकाओं के बीच अकेले गाया गीत, अश्लीलता के आरोप में हुआ था बैन


    नई दिल्ली। हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में कई ऐसे गीत हैं, जिन्होंने अपनी लोकप्रियता के साथ-साथ विवादों के कारण भी खास पहचान बनाई। ऐसा ही एक गीत था फिल्म ‘विधाता’ का ‘सात सहेलियां खड़ी-खड़ी, फरियाद सुनाए घड़ी-घड़ी’, जिसे महान गायक किशोर कुमार ने आठ महिला गायिकाओं के साथ मिलकर गाया था। यह गीत अपने समय में इतना चर्चित हुआ कि इसके कुछ बोलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया और बाद में इसे दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

    वर्ष 1982 में रिलीज हुई फिल्म ‘विधाता’ उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार, संजीव कुमार, शम्मी कपूर, संजय दत्त और अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे जैसे सितारे नजर आए थे। प्रसिद्ध फिल्मकार सुभाष घई द्वारा निर्देशित इस फिल्म का संगीत भी दर्शकों को खूब पसंद आया। फिल्म के सभी गीत सुपरहिट रहे, लेकिन ‘सात सहेलियां खड़ी-खड़ी’ ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं।

    इस गीत की खास बात यह थी कि इसमें किशोर कुमार अकेले पुरुष गायक थे, जबकि उनके साथ आठ महिला गायिकाओं ने अपनी आवाज दी थी। इनमें हेमलता, कंचन, अनुराधा पौडवाल, साधना सरगम, अलका याज्ञनिक, पद्मिनी कोल्हापुरे, उनकी बहन शिवांगी कोल्हापुरे और शक्ति कपूर की पत्नी शिवांगी कपूर शामिल थीं। बताया जाता है कि जब किशोर कुमार रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचे और वहां एक साथ इतनी महिला गायिकाओं को देखा तो वे चौंक गए। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि वे तो फंस गए हैं। हालांकि संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी और अभिनेता शम्मी कपूर के समझाने पर उन्होंने यह गीत रिकॉर्ड किया।

    गीत के बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बक्शी ने लिखे थे। रिकॉर्डिंग के बाद इसे फिल्माया गया और दर्शकों के सामने पेश किया गया। लेकिन रिलीज के बाद गीत के कुछ अंतरों को लेकर आपत्ति जताई गई। आलोचकों ने इसे अश्लील बताया और इसके प्रसारण पर सवाल उठाए। विवाद इतना बढ़ा कि ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन ने इस गीत के प्रसारण पर रोक लगा दी। हालांकि फिल्म की लोकप्रियता पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

    दिलचस्प बात यह रही कि जिस गीत को कभी अश्लील बताकर बैन किया गया था, वही समय के साथ हिंदी फिल्म संगीत की चर्चित धरोहर बन गया। आज भी संगीत प्रेमी इस गीत को याद करते हैं और इसे किशोर कुमार के सबसे अनोखे और दुर्लभ गीतों में गिना जाता है। यह गीत न केवल अपनी धुन और प्रस्तुति के लिए बल्कि एक साथ इतनी महिला गायिकाओं के साथ रिकॉर्ड होने के कारण भी संगीत इतिहास में विशेष स्थान रखता है।

  • Khatron Ke Khiladi 15: टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम लीक! करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच होगी खिताबी जंग?

    Khatron Ke Khiladi 15: टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम लीक! करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच होगी खिताबी जंग?


    नई दिल्ली। रोहित शेट्टी का लोकप्रिय स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शो का प्रसारण अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में इससे जुड़े कई बड़े अपडेट सामने आने लगे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार शो के टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम भी लीक हो गए हैं, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

    करण वाही और फरहाना भट्ट पहुंचे फाइनल में!
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सीजन के टॉप-2 फाइनलिस्ट करण वाही और फरहाना भट्ट बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों कंटेस्टेंट्स ने पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक अपनी जगह बनाने में सफल रहे। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अभिनेता अविनाश मिश्रा फाइनल की रेस में मजबूती से बने हुए थे, लेकिन अंतिम चरण में वह जगह नहीं बना सके। यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो ट्रॉफी के लिए सीधी टक्कर करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच देखने को मिल सकती है।

    फिनाले भारत में होने की चर्चा
    एक और बड़ा अपडेट यह सामने आया है कि इस बार शो का ग्रैंड फिनाले दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में नहीं बल्कि भारत में आयोजित किया जा सकता है। हालांकि शो की शूटिंग फिलहाल केप टाउन में ही चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार विजेता की घोषणा शो के टेलीविजन प्रसारण के अंतिम चरण में भारत में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान की जाएगी।

    पहले हफ्ते में नहीं होगा एलिमिनेशन!
    सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार शो के पहले सप्ताह में किसी भी कंटेस्टेंट का एलिमिनेशन नहीं होगा। वहीं दूसरे सप्ताह में सोशल मीडिया स्टार ओरी (ओरहान अवात्रामणि) के बाहर होने की चर्चा है। हालांकि चैनल या मेकर्स की ओर से अभी तक इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    कौन-कौन हैं इस बार प्रतियोगी?
    इस सीजन में कई लोकप्रिय टीवी सितारे और सोशल मीडिया हस्तियां हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगियों की सूची में गौरव खन्ना, रुबीना दिलैक, करण वाही, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, जैस्मिन भसीन, रित्विक धनजानी, अविका गौर, विशाल आदित्य सिंह, हर्ष गुजराल, ओरी, शगुन शर्मा और रुहानिका धवन जैसे नाम शामिल हैं।

  • 21 जून का राशिफल: किस राशि को मिलेगा भाग्य का साथ और किसे बरतनी होगी आर्थिक सावधानी, जानें पूरे दिन का ज्योतिषीय संकेत

    21 जून का राशिफल: किस राशि को मिलेगा भाग्य का साथ और किसे बरतनी होगी आर्थिक सावधानी, जानें पूरे दिन का ज्योतिषीय संकेत


    नई दिल्ली । 21 जून 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार विभिन्न राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आने वाला है। कुछ राशि के जातकों को करियर और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि कुछ को आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम बढ़ाने की आवश्यकता होगी। पारिवारिक जीवन, स्वास्थ्य, निवेश और सामाजिक संबंधों पर भी ग्रहों का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और पुराने प्रयासों का लाभ प्राप्त हो सकता है। मित्रों और परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा। व्यापारिक गतिविधियों में भी अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास सफलता दिला सकता है।

    वृष राशि वालों के लिए दिन धीरे-धीरे बेहतर परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। लंबे समय से अटके कार्यों में प्रगति के संकेत हैं। प्रशासनिक और सरकारी मामलों में राहत मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से पेशेवर जीवन में मजबूती आएगी। आर्थिक स्थिति में भी सुधार की संभावना है।

    मिथुन राशि के जातकों को कार्यस्थल पर सक्रियता बनाए रखनी होगी। समय पर लिए गए निर्णय भविष्य में लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल कार्यक्षमता बढ़ा सकता है।

    कर्क राशि वालों के लिए अनुभवी लोगों का मार्गदर्शन लाभकारी रहेगा। पारिवारिक वातावरण संतुलित रहेगा और स्वास्थ्य संबंधी मामलों में सुधार दिखाई दे सकता है। करियर में नई संभावनाएं बन सकती हैं, हालांकि जोखिम भरे निर्णय लेने से पहले पूरी समीक्षा करना आवश्यक रहेगा।

    सिंह राशि के जातकों के लिए दिन उपलब्धियों वाला रह सकता है। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर पाएंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है। अनुशासन बनाए रखना सफलता की कुंजी रहेगा।

    कन्या राशि वालों को वित्तीय मामलों में विशेष सतर्कता रखने की आवश्यकता होगी। खर्चों पर नियंत्रण और बजट प्रबंधन पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा। कार्यक्षेत्र में सामान्य प्रगति बनी रहेगी, लेकिन मेहनत का उचित परिणाम मिलने की संभावना है। विरोधियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना उचित रहेगा।

    तुला राशि के लिए व्यापार और करियर के क्षेत्र में अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। प्रतिस्पर्धी माहौल में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आ सकती है और आर्थिक मामलों में सकारात्मक गति बनी रह सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन सफलता और उत्साह से भरा रहने के संकेत दे रहा है। व्यापारिक योजनाओं को गति मिल सकती है। परिवार और मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। सकारात्मक सोच और संतुलित व्यवहार महत्वपूर्ण उपलब्धियां दिला सकता है।

    धनु राशि के जातकों को भाग्य का सहयोग मिलने की संभावना है। दीर्घकालिक योजनाओं में प्रगति होगी और आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा। भावनाओं में बहकर निर्णय लेने से बचना अधिक लाभकारी रहेगा।

    मकर राशि वालों को निवेश और लेन-देन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जल्दबाजी में किसी अनुबंध या आर्थिक निर्णय से बचना चाहिए। स्वास्थ्य और निजी संबंधों पर ध्यान देना आवश्यक रहेगा। शाम के बाद परिस्थितियां अपेक्षाकृत बेहतर हो सकती हैं।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए साझेदारी और व्यवसाय से जुड़े नए अवसर सामने आ सकते हैं। सहयोगियों के साथ संबंध मजबूत होंगे। हालांकि दिन के उत्तरार्ध में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, इसलिए महत्वपूर्ण कार्य पहले ही निपटाना बेहतर रहेगा।

    मीन राशि वालों के लिए दिन मेहनत और धैर्य के बल पर सफलता दिलाने वाला साबित हो सकता है। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और पेशेवर जीवन में स्थिरता बनी रहेगी। बातचीत और समझौते के मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी मामलों में लापरवाही से बचना आवश्यक होगा।

    कुल मिलाकर 21 जून का दिन अधिकांश राशियों के लिए अवसरों और सावधानियों का संतुलित मिश्रण लेकर आ रहा है। सोच-समझकर लिए गए निर्णय, संयमित व्यवहार और सकारात्मक दृष्टिकोण दिन को अधिक सफल और लाभकारी बना सकते हैं।