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  • युद्धपोत में हिडन कैमरे का सनसनीखेज मामला, महिला सैनिकों के निजी वीडियो ऑनलाइन साझा किए जाने की आशंका से मचा हड़कंप

    युद्धपोत में हिडन कैमरे का सनसनीखेज मामला, महिला सैनिकों के निजी वीडियो ऑनलाइन साझा किए जाने की आशंका से मचा हड़कंप


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के एक युद्धपोत में छिपा हुआ रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने के बाद सैन्य महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले ने महिला नौसैनिकों की निजता और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि डिवाइस के जरिए महिला सैनिकों की निजी गतिविधियों की गुप्त रिकॉर्डिंग की गई हो सकती है। इतना ही नहीं कुछ रिकॉर्डिंग इंटरनेट पर साझा किए जाने की आशंका भी सामने आई है। हालांकि अभी तक इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच संयुक्त सैन्य पुलिस इकाई को सौंप दी है।

    जानकारी के मुताबिक यह मामला क्वींसलैंड के केर्न्स में तैनात रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी के युद्धपोत एचएमएएस लीउविन से जुड़ा है। रविवार को जहाज के एक केबिन में रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। बुधवार को इस घटना की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि डिवाइस किसने लगाया था और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

    यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र सीनेटर जैकी लैम्बी ने संसद में महिला नौसैनिकों की निजता से जुड़े आरोप उठाए। पूर्व सैन्यकर्मी लैम्बी के मुताबिक कुछ सैन्यकर्मियों ने उनसे संपर्क कर महिला सैनिकों के इस्तेमाल वाले शॉवर एरिया में हिडन कैमरे मिलने को लेकर चिंता जताई थी। उनके सामने उठाए गए सवालों ने इस आशंका को और बढ़ा दिया कि कहीं महिला कर्मियों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी निजी गतिविधियों को रिकॉर्ड तो नहीं किया गया।

    लैम्बी ने यह आशंका भी जताई कि ऐसी रिकॉर्डिंग पहले ही इंटरनेट पर अपलोड की गई हो सकती है। हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि कोई वीडियो वास्तव में बनाया गया था या उसे ऑनलाइन साझा किया गया था। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विभाग ने भी अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद डिवाइस महिला सैनिकों के लिए निर्धारित किसी विशेष स्थान पर मिला था या नहीं। ऐसे में मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।

    रक्षा विभाग ने मामले की जांच संयुक्त सैन्य पुलिस इकाई को सौंपने की पुष्टि की है। जांच पूरी करने और चालक दल के सदस्यों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जहाज को फिलहाल बंदरगाह पर ही रखा गया है। विभाग का कहना है कि वह इस घटना को बेहद गंभीरता से लेता है और किसी भी तरह के अस्वीकार्य व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उनका कल्याण विभाग की प्राथमिकता है। जरूरत के मुताबिक संबंधित कर्मियों को सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

    फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि रिकॉर्डिंग डिवाइस किसने लगाया और क्या उसके जरिए किसी की निजता का उल्लंघन किया गया। इसके साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि कोई वीडियो बनाया गया था या नहीं और क्या ऐसी कोई सामग्री इंटरनेट पर साझा की गई। रक्षा विभाग ने जांच जारी होने और संबंधित लोगों की निजता की रक्षा का हवाला देते हुए अतिरिक्त जानकारी देने से इनकार किया है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युद्धपोत पर वास्तव में क्या हुआ और इस मामले में किसकी जिम्मेदारी तय होती है।

  • सऊदी में हूतियों के हमले जारी… तेल कंपनी अरामको के मुख्यालय को बनाया निशाना

    सऊदी में हूतियों के हमले जारी… तेल कंपनी अरामको के मुख्यालय को बनाया निशाना


    तेहरान।
    ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने रात में सऊदी अरब (Saudi Arabia) की तेल कंपनी अरामको (Oil company Aramco) के मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तरों को नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि हमले में कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के इस्तेमाल वाली इमारत की सबसे ऊपरी तीन मंजिलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। एक अधिकारी के अनुसार, कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यालय भी हमले की चपेट में आया। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हूती विद्रोहियों ने इससे पहले कहा था कि उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल से धहरान को निशाना बनाया, जहां अरामको का मुख्यालय है।

    इससे पहले बुधवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय निवासियों ने इसके लिए पड़ोसी देश यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर आरोप लगाया। हूती विद्रोहियों के एक अधिकारी ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि रूस और चीन समेत कई देशों ने संघर्षविराम समझौते के प्रयासों के तहत उनसे संपर्क किया है। हाल के दिनों में सऊदी अरब के संवेदनशील प्रतिष्ठानों से धुआं उठने की घटनाओं ने क्षेत्र और वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी दबाव बढ़ा है, जिन्होंने कहा है कि वह विचार कर रहे हैं कि अमेरिका को हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के हमलों में शामिल होना चाहिए या नहीं।

    सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि उसने धहरान की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल, रियाद को निशाना बनाने वाली क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों तथा ड्रोन और प्रिंस सुल्तान एयर बेस एवं सरकारी मिलिट्री इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन वाले खरज की ओर दागी गई एक क्रूज मिसाइल को रोक दिया। हूती विद्रोहियों ने इन हमलों को यमन की राजधानी सना और अन्य विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों पर सऊदी अरब की ”आक्रामकता” का जवाब बताया।

    विद्रोहियों के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यमन में हुए हमलों में दो लोगों की मौत होने की जानकारी दी और इसके लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। हूती विद्रोही हालिया ईरान युद्ध के एक नए मोर्चे पर सऊदी अरब के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को बार-बार निशाना बना रहे हैं। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले एक सप्ताह में कई हमले हुए हैं, जिनमें कम से कम 18 लोगों की मौत हुई और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

    वर्षों तक चले गृहयुद्ध से मजबूत हुए हूती विद्रोही इस समय ईरान के सबसे प्रभावी सशस्त्र सहयोगी माने जा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि उनका अपना एजेंडा भी है। इन हमलों से अमेरिका के प्रमुख सहयोगी सऊदी अरब पर दबाव बढ़ रहा है। हूती विद्रोहियों के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-बुखैती ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि सऊदी अरब पर हमले रोकने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने संघर्षविराम समझौते के तहत संपर्क किया है।

    उन्होंने कहा कि ओमान ने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश की है, जबकि रूस और चीन ने ईरान के माध्यम से प्रयास किए हैं। इस बीच, विद्रोहियों ने हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रखने की चेतावनी दी है। विमानन विश्लेषण कंपनी सिरियम के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में सऊदी अरब के विभिन्न हवाई अड्डों से रवाना होने वाली तीन हजार से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं या उन्हें परिचालन में नहीं बताया गया है।


    सऊदी अरब मिसाइलों को रोकने वाले हथियारों की कमी का सामना कर रहा

    हमलों में तेजी से सऊदी अरब के सामने हूती मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की चुनौती उजागर हुई है। सऊदी अरब ने अमेरिका सहित अपने सहयोगियों से अधिक सैन्य सहायता मांगी है। क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हथियारों का दुनिया में सबसे बड़ा खरीदार सऊदी अरब मिसाइलों को रोकने वाले हथियारों की कमी का सामना कर रहा है। इस बीच, सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में हवाई हमले कर रहा है।


    दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए

    हूती विद्रोहियों के नियंत्रण वाले स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि मंगलवार को होदेदा प्रांत के रास ईसा बंदरगाह क्षेत्र में हुए हवाई हमले में दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। मंत्रालय ने कहा कि हमले में सरकारी तेल कंपनी के एक प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया और इसके लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना में एक तेल प्रतिष्ठान पर भी हमला किया।

  • MP: लाड़ली बहना योजना के लाभ से वंचित महिलाओं के लिए खुशखबरी, खुलेगा पोर्टल… मंत्री ने दिए संकेत

    MP: लाड़ली बहना योजना के लाभ से वंचित महिलाओं के लिए खुशखबरी, खुलेगा पोर्टल… मंत्री ने दिए संकेत


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (Chief Minister’s Ladli Behna Yojana) का लाभ पाने से वंचित रह गई महिलाओं (Women) के लिए राहत की उम्मीद जगी है. राज्य सरकार योजना से छूटी हुई महिलाओं के नाम जोड़ने के लिए पोर्टल दोबारा खोलने पर विचार कर सकती है. स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इस संबंध में संकेत दिए हैं।

    बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल (Minister Narendra Shivaji Patel) ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने निकट भविष्य में लाड़ली बहना योजना से छूटी हुई महिलाओं के नाम जोड़ने की बात कही है. इसके लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना के दायरे से बाहर रह गई महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए हैं. मंत्री के इस बयान के बाद उन महिलाओं को उम्मीद बंधी है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक योजना में अपना नाम नहीं जुड़वा सकी हैं. हालांकि, अभी पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।


    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए आकलन के निर्देश

    मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह नहीं बताया जा सकता कि लाड़ली बहना योजना का पोर्टल कब खोला जाएगा. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को पहले यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि योजना के लाभ से कितनी महिलाएं बाहर रह गई हैं. सरकार की ओर से इस आकलन के बाद आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जा सकता है. यदि पोर्टल दोबारा खोलने का फैसला होता है, तो योजना से वंचित रह गई महिलाओं को आवेदन करने का अवसर मिल सकता है।

    हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नए आवेदन कब से लिए जाएंगे, आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी और पात्रता की शर्तों में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं. इन सभी बातों पर सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में आई 41वीं किस्त लाड़ली बहना योजना को लेकर यह बयान ऐसे समय आया है, जब बुधवार, 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया जिले के गुरुवाही ग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन में योजना की 41वीं किस्त जारी की।

    मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए योजना की 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की. इस दौरान करीब 1834 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी गई. इस कार्यक्रम के साथ ही योजना से जुड़ी महिलाओं के खातों में किस्त पहुंचने की प्रक्रिया आगे बढ़ी. वहीं, अब योजना से बाहर रह गई महिलाओं के नाम जोड़ने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।


    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट

    मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है. योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है. अब सरकार की ओर से योजना के दायरे से बाहर रह गई महिलाओं की संख्या का आकलन कराया जा रहा है. इस प्रक्रिया के बाद पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर फैसला लिए जाने की संभावना है. फिलहाल महिलाओं को आवेदन शुरू होने की तारीख और पात्रता से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा. मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बयान से पोर्टल दोबारा खुलने की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन अभी इसे लेकर अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

  • रणथंभौर से कूनो तक बनेगा वाइल्डलाइफ टूरिज्म सर्किट… बाघ के साथ चीतों के दीदार कर सकेंगे पर्यटक

    रणथंभौर से कूनो तक बनेगा वाइल्डलाइफ टूरिज्म सर्किट… बाघ के साथ चीतों के दीदार कर सकेंगे पर्यटक


    जयपुर।
    राजस्थान (Rajasthan) के रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore Tiger Reserve) घूमने आने वाले पर्यटक जल्द ही मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) और माधव टाइगर रिजर्व (Madhav Tiger Reserve) तक भी वन्यजीव पर्यटन का सफर कर सकेंगे। तीनों संरक्षित क्षेत्रों को जोड़कर एक वाइल्डलाइफ टूरिज्म सर्किट (Wildlife Tourism Circuit) विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका मकसद राजस्थान और मध्य प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों को सफारी और प्रकृति से जुड़ी गतिविधियों के ज्यादा विकल्प देना है।

    मध्य प्रदेश के वन विभाग ने रणथंभौर को कूनो नेशनल पार्क और शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व से जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस सर्किट से घरेलू और विदेशी पर्यटकों को एक ही यात्रा में अलग-अलग वन्यजीवों और प्राकृतिक स्थलों को देखने का मौका मिल सकेगा। फिलहाल कूनो में करीब 55 चीते, माधव टाइगर रिजर्व में चार बाघ और रणथंभौर में 75 से अधिक बाघ होने की जानकारी दी गई है।


    रणथंभौर-कूनो-माधव के बीच वन्यजीव कॉरिडोर पर भी जोर

    तीनों क्षेत्रों को जोड़ने की पहल केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) भी रणथंभौर, कूनो और माधव के बीच वन्यजीव कॉरिडोर की पहचान करने में रुचि दिखा चुका है। संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, देशभर में ऐतिहासिक रिकॉर्ड, वन्यजीवों की आवाजाही और उनके प्राकृतिक आवासों के बीच संपर्क के आधार पर कॉरिडोर चिह्नित किए जा रहे हैं। इन्हें विकसित करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की होगी।


    राजस्थान में चीतों की आवाजाही से बढ़ी संरक्षण की मांग

    मध्य प्रदेश के कूनो से चीतों के बार-बार राजस्थान की सीमा में आने के कारण राज्य को प्रोजेक्ट चीता से औपचारिक रूप से जोड़ने की मांग भी तेज हुई है। हाड़ौती क्षेत्र के वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि बारां, चित्तौड़गढ़ और राजस्थान के अन्य हिस्सों में चीतों की आवाजाही को चुनौती के बजाय संरक्षण के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

    हाल ही में मादा चीता वीरा ने बारां में काफी समय बिताया था। बाद में उसे बेहोश कर वापस कूनो ले जाया गया। भारत में जन्मे चीते केपी-2 और केपी-3 भी राजस्थान के इलाकों में पहुंच चुके हैं। इन घटनाओं के बाद दोनों राज्यों के बीच समन्वित संरक्षण रणनीति की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने 17,000 वर्ग किलोमीटर के कूनो-गांधी सागर लैंडस्केप को अंतरराज्यीय संरक्षण कॉरिडोर के रूप में चिह्नित किया है।

  • भारत-कनाड़ा के बीच कारोबारी रिश्तों को मजबूत करेगी IDBI बैंक डील…..इन क्षेत्रों में आएगा निवेश

    भारत-कनाड़ा के बीच कारोबारी रिश्तों को मजबूत करेगी IDBI बैंक डील…..इन क्षेत्रों में आएगा निवेश


    नई दिल्ली।
    भारत और कनाडा (India and Canada) के बीच कारोबारी रिश्तों को बढ़ावा देने की दिशा में आईडीबीआई बैंक का सौदा (IDBI Bank Deal) अहम माना जा रहा है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू (Maninder Sidhu) ने कहा है कि उनका देश भारत में निवेश और बढ़ाने की संभावनाएं देख रहा है। केंद्र सरकार ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री और पुनर्गठन को मंजूरी दी है। यह सौदा 52,878 करोड़ रुपये का है और इसमें कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की भूमिका अहम है। सिद्धू के मुताबिक, भारत में बुनियादी ढांचे, विमानन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कनाडाई कंपनियों के लिए काफी अवसर हैं।

    सिद्धू ने कहा कि कनाडा अब तक भारत में करीब 107 अरब अमेरिकी डॉलर (107 Billion US Dollars) का निवेश कर चुका है। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने की काफी गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि कनाडाई कंपनियां, संस्थान और पेंशन फंड भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में योगदान दे रहे हैं। सिद्धू ने फेयरफैक्स और उसके प्रमुख प्रेम वत्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि कंपनी भारत में हवाई अड्डों के विकास में मदद कर रही है। उनके मुताबिक, भारत की विकास योजनाएं कनाडा के लिए निवेश के नए रास्ते खोल सकती हैं।


    निर्मला सीतारमण बोलीं- बैंकिंग व्यवस्था होगी मजबूत

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी मिलने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे बैंक को विकास के अगले चरण में पहुंचने और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) हासिल करने में मदद मिलेगी। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी 52,878 करोड़ रुपये में बेचने की मंजूरी दी। इस सौदे के बाद भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी घटकर 19 प्रतिशत रह जाएगी। सीतारमण के मुताबिक, इस कदम से देश का बैंकिंग तंत्र मजबूत होगा और बैंकिंग सेवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने में मदद मिलेगी।

    केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस फैसले से वित्तीय क्षेत्र में विदेशी निवेश बढ़ेगा और छोटे कारोबारियों तथा उद्यमियों के लिए नए अवसर बनेंगे। सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी और एलआईसी अपनी 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी। सौदे के बाद सरकार के पास 15 प्रतिशत और एलआईसी के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। बैंक की वित्तीय स्थिति में भी सुधार हुआ है। इसका सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (जीएनपीए) अनुपात सितंबर 2018 के 31.78 प्रतिशत से घटकर मार्च 2026 में 2.32 प्रतिशत रह गया। शुद्ध एनपीए भी 17.30 प्रतिशत से घटकर 0.15 प्रतिशत हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक ने 9,513 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया। खराब वित्तीय स्थिति के कारण मई 2017 में आरबीआई ने बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के दायरे में रखा था, जिसे सुधार के बाद मार्च 2021 में हटा दिया गया।


    आईडीबीआई बैंक के सौदे में क्या हुआ और कनाडा की भूमिका क्यों अहम है?

    केंद्र सरकार की कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री और पुनर्गठन को मंजूरी दी है। प्रस्तावित सौदे का मूल्य 52,878 करोड़ रुपये है। इस प्रक्रिया के तहत भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 19 प्रतिशत करने वाला है। वहीं, कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की भागीदारी से बैंक के स्वामित्व में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह सौदा भारत के बैंकिंग क्षेत्र में सरकारी हिस्सेदारी घटाने की कोशिशों का अहम हिस्सा है। इसके साथ ही भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ने की संभावनाओं पर भी ध्यान गया है।


    भारत में किन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना चाहता है कनाडा?

    सिद्धू ने कहा कि भारत में बुनियादी ढांचे, विमानन, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में कनाडा के लिए निवेश के बड़े अवसर हैं। उन्होंने भारत की हवाई यातायात और परिवहन से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि देश 100 और हवाई अड्डे बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा भारत को करीब 2,000 और विमानों की जरूरत होगी। सिद्धू के अनुसार, कनाडा का विमानन उद्योग, बुनियादी ढांचे से जुड़ी विशेषज्ञता और ऊर्जा क्षेत्र की क्षमता इन जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे सकती है।


    भारतीय बुनियादी ढांचे में कनाडाई पेंशन फंड कैसे मदद कर रहे हैं?

    कनाडा के मंत्री ने बताया कि उनके देश के पेंशन फंड भारत में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भागीदारी कर रहे हैं। इनमें राजमार्गों से जुड़ी परियोजनाएं भी शामिल हैं। पेंशन फंड ऐसे निवेश को लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं, जिससे बड़ी परियोजनाओं के लिए पूंजी उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। सिद्धू ने भारत और कनाडा की अर्थव्यवस्थाओं को एक-दूसरे के लिए उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, भारत की विकास जरूरतें और कनाडा की निवेश क्षमता दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ा सकती हैं।


    क्या आईडीबीआई बैंक सौदे से दोनों देशों का निवेश संबंध मजबूत होगा?

    सिद्धू ने भरोसा जताया कि भारत और कनाडा के बीच निवेश आने वाले समय में और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि कनाडा पहले ही भारत में बड़ी रकम निवेश कर चुका है, लेकिन अवसर अभी खत्म नहीं हुए हैं। आईडीबीआई बैंक का सौदा ऐसे समय हुआ है, जब दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को विस्तार देने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इस सौदे के बाद कितना अतिरिक्त निवेश आएगा, इसकी कोई निश्चित राशि या समयसीमा मंत्री ने नहीं बताई। फिलहाल बुनियादी ढांचा, विमानन, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज दोनों देशों के संभावित सहयोग के प्रमुख क्षेत्र हैं।

  • JK: उड़ी के राजेरवानी में भारी बारिश….भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, 33 केवी लाइन टूटने से अंधेरे में डूबे 50 गांव

    JK: उड़ी के राजेरवानी में भारी बारिश….भूस्खलन से नेशनल हाईवे बंद, 33 केवी लाइन टूटने से अंधेरे में डूबे 50 गांव


    श्रीनगर।
    उत्तरी कश्मीर (North Kashmir) के बारामुला जिले (Baramulla district) के सीमांत सब-डिवीजन उड़ी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश (Torrential Rain) के चलते राजेरवानी क्षेत्र में भारी भूस्खलन (Massive Landslide) हुआ है। इस आपदा से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, वहीं 33 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के करीब 40 से 50 गांव अंधेरे में डूब गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, एनएचपीसी उड़ी-I के पास एडीआईटी-4 के समीप भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। प्रभावित हिस्से पर लगातार पत्थरों के गिरने से स्थिति काफी जोखिम भरी बनी हुई है।

    प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एक एडवाइजरी जारी कर इस मार्ग से यात्रा न करने की अपील की है। चालकों और यात्रियों को गिंगल–दावरान–परमपिला–बांडी–उड़ी के वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, रात के समय और लगातार गिरते पत्थरों के कारण मलबा हटाने के काम में बाधा आ रही है।

    भूस्खलन की चपेट में आने से मुख्य 33 कीवी विद्युत लाइन टूट गई, जिसके कारण क्षेत्र में शाम से ही ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली विकास विभाग (पीडीडी) के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिकूल मौसम और लगातार पत्थरों के गिरने के कारण मरम्मत कर्मियों के लिए मौके पर पहुंचना खतरनाक बना हुआ है। अधिकारी के अनुसार, बांडी और सलामाबाद फीडर मौसम साफ होने और प्रभावित क्षेत्र के सुरक्षित होने तक प्रभावित रह सकते हैं। स्थिति सामान्य होते ही प्राथमिकता के आधार पर बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा।

    गौरतलब है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते एनएस ब्रिज और आसपास के इलाकों में गीली मिट्टी और फिसलन के कारण भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा उपाय पुख्ता करने और बिजली-सड़क संपर्क को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है। आम जनता से भी अपील की गई है कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक सतर्कता बरतें और वैकल्पिक मार्ग का ही प्रयोग करें।

  • 15 अक्टूबर का राशिफल, किसी की चमकेगी किस्मत तो किसी को मिल सकती है चुनौती, जानें सभी 12 राशियों का हाल

    15 अक्टूबर का राशिफल, किसी की चमकेगी किस्मत तो किसी को मिल सकती है चुनौती, जानें सभी 12 राशियों का हाल

    नई दिल्ली । 15 अक्टूबर 2026 को गुरुवार का दिन है। आज का दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आ सकता है। किसी को नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं तो किसी को आर्थिक फैसले लेते समय सावधानी बरतने की जरूरत होगी। पारिवारिक जीवन में आपसी तालमेल और रिश्तों में मधुरता बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रह सकता है आज का दिन।

    मेष राशि: आज कामकाज में अपनी जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान दें। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। नौकरी करने वालों को मेहनत का लाभ मिल सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत करते समय संयम रखें। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

    वृषभ राशि: आज आपको कामकाज में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नई योजनाओं पर विचार करने का मौका मिलेगा। आर्थिक मामलों में समझदारी से कदम उठाएं। परिवार में किसी बात को लेकर खुशी का माहौल बन सकता है।

    मिथुन राशि: आज आपके संपर्क और बातचीत करने का तरीका लाभदायक हो सकता है। नौकरी में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है। पैसों के लेनदेन में सावधानी बरतें और किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें।

    कर्क राशि: आज भावनाओं में बहकर फैसले लेने से बचें। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलना फायदेमंद रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिल सकता है। अपनी दिनचर्या संतुलित रखें और आराम के लिए भी समय निकालें।

    सिंह राशि: आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का दिन है। नौकरी और व्यापार में नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। वरिष्ठों की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है। पारिवारिक मामलों में अपनी बात दूसरों पर थोपने से बचें।

    कन्या राशि: आज मेहनत और अनुशासन से काम पूरे करने में मदद मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापारियों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। अनावश्यक विवादों से दूर रहें और जरूरी काम समय पर निपटाएं।

    तुला राशि: आज रिश्तों में मधुरता बनाए रखने पर ध्यान दें। कारोबार में नए प्रस्ताव मिल सकते हैं लेकिन कोई भी फैसला सोच समझकर लें। आर्थिक मामलों में बचत को प्राथमिकता दें। पुराने मित्र से बातचीत मन को प्रसन्न कर सकती है।

    वृश्चिक राशि: आज धैर्य बनाए रखना आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। नौकरी में अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं। किसी बात पर विवाद होने की स्थिति में शांत रहकर समाधान तलाशें। आर्थिक लेनदेन में सतर्कता बरतें।

    धनु राशि: आज नई जानकारी हासिल करने और अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। कामकाज में लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखें। परिवार का सहयोग मिल सकता है। निवेश से जुड़े फैसले लेने से पहले जोखिम और जरूरतों पर विचार करें।

    मकर राशि: आज काम की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यवस्थित तरीके से काम करने पर बेहतर परिणाम पाने में मदद मिलेगी। वरिष्ठों के साथ संवाद बनाए रखें। खर्चों का हिसाब रखें और परिवार के लिए भी पर्याप्त समय निकालें।

    कुंभ राशि: आज टीम के साथ मिलकर काम करने से फायदा हो सकता है। किसी नए विचार को आगे बढ़ाने से पहले जरूरी जानकारी जुटाएं। सामाजिक संपर्क मजबूत हो सकते हैं। परिवार में अपनी बात स्पष्ट और विनम्र तरीके से रखें।

    मीन राशि: आज रचनात्मक कामों में रुचि बढ़ सकती है। नौकरी और कारोबार में महत्वपूर्ण फैसले सोच समझकर लें। रिश्तों में दूसरों की भावनाओं को समझने का प्रयास करें। आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए गैरजरूरी खर्चों पर नियंत्रण रखें।

    कुल मिलाकर गुरुवार का दिन सभी राशियों के लिए सोच समझकर आगे बढ़ने और जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देने का संदेश देता है। धार्मिक आस्था रखने वाले लोग भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं और जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं। ध्यान रखें कि राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे निश्चित भविष्यवाणी न मानें और महत्वपूर्ण फैसले अपनी वास्तविक परिस्थितियों तथा सही जानकारी के आधार पर लें।

  • ध्रुव राठी को दिल्ली कोर्ट से फिर समन, गुरुग्राम के पते पर भेजने का आदेश, 17 अक्टूबर को होगी सुनवाई

    ध्रुव राठी को दिल्ली कोर्ट से फिर समन, गुरुग्राम के पते पर भेजने का आदेश, 17 अक्टूबर को होगी सुनवाई


    नई दिल्ली। यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने नया आदेश दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे की अर्जी पर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित पते पर नए सिरे से समन भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही शिकायतकर्ता को समन की तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति भी दी गई है, ताकि समन पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।

    न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन की अदालत ने यह आदेश ऐसे समय दिया है, जब मामले में पहले जारी समन की तामील अब तक नहीं हो पाई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, पहला समन जुलाई 2019 में जारी किया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं, जिसके कारण समन पहुंचाने में लंबे समय से परेशानी आ रही है।

    गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित पते पर भेजा जाएगा समन

    शिकायतकर्ता के वकील समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी फिलहाल भारत में हैं और हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर-56 स्थित एक आवास पर रह रहे हैं। इसी जानकारी के आधार पर नए पते पर समन भेजने की मांग की गई थी।

    अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से पता चलता है कि शिकायतकर्ता कई वर्षों से ध्रुव राठी को समन पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद अदालत ने बताए गए गुरुग्राम के पते पर नया समन जारी करने का निर्देश दिया।

    अदालत ने समन की प्रक्रिया के लिए दो दिन के भीतर आवश्यक शुल्क जमा करने को कहा है। संबंधित कर्मचारी को समन जारी करने की प्रक्रिया रोजाना आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है। अब 17 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की स्थिति पर विचार किया जाएगा।

    मई 2018 के वीडियो से जुड़ा है मानहानि का मामला

    यह मामला मई 2018 में ध्रुव राठी द्वारा जारी किए गए वीडियो ‘भाजपा आईटी सेल पार्ट-2’ से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि वीडियो में उनके खिलाफ मानहानिकारक बातें कही गई थीं। विकास पांडे ‘आई सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ नाम से सोशल मीडिया पेज चलाते हैं।

    शिकायत के अनुसार, वीडियो में आरोप लगाया गया था कि भाजपा आईटी सेल ने शिकायतकर्ता को बदनाम करने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की थी। वीडियो में यह भी दावा किया गया था कि विकास पांडे की भाजपा आईटी सेल में अहम भूमिका थी और उन्होंने महावीर प्रसाद नाम के व्यक्ति को 50 लाख रुपये देने की पेशकश की थी, ताकि वह भाजपा आईटी सेल के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने के आरोप वापस ले ले।

    विकास पांडे ने इन आरोपों को मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। इसी शिकायत पर साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही चल रही है। वीडियो में लगाए गए आरोप शिकायत का हिस्सा हैं; अदालत में इनकी कानूनी जांच कार्यवाही के तहत होनी है।

    अरविंद केजरीवाल ने भी साझा किया था वीडियो

    इस विवाद में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी जुड़ा था। उन्होंने ध्रुव राठी के वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया था। इसके बाद विकास पांडे ने ध्रुव राठी और अरविंद केजरीवाल, दोनों के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की थी।

    फरवरी 2024 में अरविंद केजरीवाल ने वीडियो साझा करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष माफी मांगी थी। वहीं, ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत पर साकेत कोर्ट में कार्यवाही जारी है।

    अब गुरुग्राम के पते पर समन भेजने के आदेश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख तय की है।

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में इंडिया गेट पर प्रदर्शन, पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेसी हिरासत में

    अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में इंडिया गेट पर प्रदर्शन, पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेसी हिरासत में


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर चल रहा प्रदर्शन बुधवार देर रात पुलिस कार्रवाई के बाद चर्चा में आ गया। दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और कई अन्य विपक्षी नेताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में अंकिता के माता-पिता को रिहा कर दिया गया। प्रदर्शनकारी कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रातभर से जुटे हुए थे।

    कांग्रेस नेता और मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता राष्ट्रपति भवन के सामने शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी परिवार से मुलाकात कर उन्हें समर्थन दिया था। इसके बावजूद देर रात पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जाने लगी।

    काजी निजामुद्दीन ने कहा कि जिस पुलिस को कथित वीआईपी एंगल की जांच करनी चाहिए, वही न्याय की मांग कर रहे अंकिता के माता-पिता को हिरासत में ले रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में अपनी लड़ाई जारी रखेगी। साथ ही दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    नियुक्ति रद्द होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

    अंकिता के माता-पिता की मांग है कि उनकी बेटी की हत्या के मामले में कथित वीआईपी कनेक्शन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। परिवार का कहना है कि जब तक इस पहलू की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

    पुलिस कार्रवाई के दौरान अंकिता की मां ने कहा कि जब तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं होती, वे अपनी मांग पर अडिग रहेंगी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें धरना देने की अनुमति नहीं मिलती है, तो वे अपने घरों में ही भूख हड़ताल करेंगी।

    वहीं, अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर देशभर के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।

    कांग्रेस नेताओं ने भी आरोप लगाया कि बेटी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे परिवार को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच से जुड़े सवाल अब तक बने हुए हैं।

    राहुल और प्रियंका गांधी ने परिवार से की थी मुलाकात

    इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस लड़ाई में कांग्रेस के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिलाया था।

    राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि चार साल बीत जाने के बाद भी अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कथित आरोपी को संरक्षण दिया गया और संवैधानिक पद से नवाजा गया। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि अंकिता के माता-पिता न्याय की गुहार लेकर अपने घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं।

    परिवार की मांग है कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। इस मुद्दे पर कांग्रेस लगातार सरकार से जवाब मांग रही है।

    क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

    उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। बाद में उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक और पूर्व भाजपा नेता के बेटे पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को अदालत आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है।

    अदालती कार्रवाई के बावजूद अंकिता का परिवार और विपक्षी दल मामले में कथित वीआईपी संलिप्तता की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं। परिवार का कहना है कि इस पहलू की जांच से ही पूरे मामले से जुड़े बाकी सवालों का जवाब मिल सकेगा।

    दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत और अंकिता के माता-पिता की रिहाई के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब निगाहें परिवार की आगे की रणनीति और कथित वीआईपी एंगल की जांच को लेकर उठ रही मांगों पर हैं।

  • रोमानिया के पास ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज में लगी आग, क्रू को सुरक्षित निकाला, ड्रोन हमले की आशंका

    रोमानिया के पास ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज में लगी आग, क्रू को सुरक्षित निकाला, ड्रोन हमले की आशंका


    नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ता जा रहा है। रोमानिया के जलक्षेत्र में खड़े एक व्यावसायिक जहाज में बुधवार देर रात अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलने के बाद क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रोमानियाई अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। यह घटना नाटो के पूर्वी मोर्चे के पास ब्लैक सी में समुद्री परिवहन से जुड़े जोखिमों के बीच हुई है।

    रोमानिया की नेवल अथॉरिटी ने बताया कि उसे कोमोरोस के झंडे के तहत संचालित केमिकल और ऑयल टैंकर ‘यारा जे’ (Yara J) में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद जहाज पर मौजूद क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया। हालांकि, आग किस वजह से लगी, इस बारे में अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    रोमानिया के रक्षा मंत्री राडू मिरुटा ने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया था या नहीं। मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वजह और किसी संभावित हमले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    अक्टूबर से अब तक पांच जहाजों को बनाया गया निशाना

    ब्लैक सी में हाल के दिनों में कमर्शियल जहाजों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर की शुरुआत से नाटो सदस्य देशों रोमानिया और बुल्गारिया के तटों के पास पांच व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इन घटनाओं में करीब 23 नाविकों की मौत हो गई या वे लापता हो गए।

    इन घटनाओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े ड्रोन हमलों के कारण ब्लैक सी में समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर बढ़ते खतरे को रेखांकित किया है। हालांकि, रोमानिया में ‘यारा जे’ पर लगी आग के मामले में ड्रोन हमले की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

    बुल्गारिया के तट के पास भी दो जहाजों पर हमला

    इससे कुछ दिन पहले बुल्गारिया के तट के पास ब्लैक सी में दो जहाजों को ड्रोन से निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रुमेन रादेव के अनुसार, इन जहाजों में से एक पूरी तरह डूब गया, जबकि दूसरे को तीन ड्रोन हमलों में नुकसान पहुंचा।

    प्रधानमंत्री रादेव ने बताया था कि यूक्रेन के स्वामित्व वाला जहाज ‘चेल्सी 3’ माल्टा के झंडे के तहत समुद्र में संचालित हो रहा था। बुल्गारिया के तट से करीब 18 नॉटिकल मील यानी लगभग 33 किलोमीटर दूर रात के समय इस जहाज पर तीन ड्रोन से हमला किया गया था।

    ब्लैक सी में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रोमानिया के जलक्षेत्र में ‘यारा जे’ पर लगी आग की जांच के नतीजों से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे किसी हमले की भूमिका थी।