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  • बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट: 14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ ग्रहण संभव

    बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट: 14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ ग्रहण संभव

    पटना। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

    14 अप्रैल को होगा नेता का चयन

    शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर मुहर लगेगी। इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल—जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा—की बैठकों के बाद संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।

    15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी

    सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को संभावित है। कार्यक्रम के लिए लोकभवन के साथ-साथ बापू सभागार को भी तैयार रखा गया है। पहले चरण में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कुछ वरिष्ठ मंत्री शपथ लेंगे, जबकि बाद में मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

    राज्यपाल को सौंपा जाएगा दावा

    एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 14 अप्रैल की शाम को ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

    नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट

    वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे कैबिनेट की अंतिम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक उनके लंबे कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट मानी जा रही है। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इसके बाद वे डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपेंगे।

    ‘हर जिम्मेदारी निभाऊंगा’—शिवराज

    पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।

    सीएम आवास पर बढ़ी हलचल

    इधर, पटना में मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं की आवाजाही भी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की।

    बिहार की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां 14 और 15 अप्रैल की तारीखें सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करेंगी।

  • असम चुनाव में गरमाया माहौल: कुनकी चौधरी को पुलिस का समन

    असम चुनाव में गरमाया माहौल: कुनकी चौधरी को पुलिस का समन

    गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव के बीच सियासी माहौल और गरमा गया है। गुवाहाटी सेंट्रल सीट से चुनाव लड़ रहीं युवा उम्मीदवार कुनकी चौधरी को पुलिस ने आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है।

    उन्हें पान बाजार थाने में तलब किया गया, जहां उन्होंने अपना पक्ष रखा।

    कैंपेन टीम पर कार्रवाई, तीन सदस्य हिरासत में

    मतदान खत्म होने के कुछ घंटों बाद पुलिस ने इस मामले में उनकी कैंपेन टीम के तीन सदस्यों को हिरासत में लिया था। पुलिस के अनुसार, ये तीनों सदस्य हरियाणा के रहने वाले हैं और चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए मतदान से 48 घंटे पहले भी क्षेत्र में मौजूद थे।

    सबसे युवा उम्मीदवार पर सियासी घमासान

    27 वर्षीय कुनकी चौधरी इस चुनाव की सबसे युवा उम्मीदवार हैं और असम जातीय परिषद (AJP) के टिकट पर मैदान में हैं। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विजय गुप्ता से है।

    इस बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने चौधरी और उनके परिवार पर तीखे आरोप लगाए, जिससे यह मुकाबला और ज्यादा चर्चा में आ गया।

    सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर उनके परिवार पर सवाल उठाए थे।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    पुलिस ने यह केस लोक सेवक के आदेश में बाधा डालने, चुनाव के दौरान अनुचित प्रभाव डालने और जनप्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज किया है। आरोप यह भी है कि मतदान के दिन भी प्रचार जारी था और सुरक्षा कर्मियों को मतदान केंद्रों के पास ले जाया गया।

    चौधरी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

    पूछताछ के बाद कुनकी चौधरी ने कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि मुझे अपना पक्ष रखने का मौका मिला। मुझे सिस्टम पर भरोसा है और जांच निष्पक्ष होगी।”

    विपक्ष का आरोप—प्रशासन का दुरुपयोग

    वहीं, लुरिंज्योति गोगोई ने इसे राजनीतिक दबाव बताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल प्रशासन और पुलिस का इस्तेमाल कर विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।

    क्यों अहम है यह मामला?

    गुवाहाटी सेंट्रल सीट पर मुकाबला इस बार खासा दिलचस्प हो गया है। एक तरफ युवा चेहरा और उभरती राजनीति, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी दल की मजबूत पकड़—ऐसे में यह विवाद चुनावी परिणामों पर भी असर डाल सकता है।

  • जबलपुर में यूथ कांग्रेस का विरोध, राष्ट्रीय अध्यक्ष चिब ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

    जबलपुर में यूथ कांग्रेस का विरोध, राष्ट्रीय अध्यक्ष चिब ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब एकदिवसीय दौरे पर शहर पहुंचे हैं और दोपहर में सिविक सेंटर में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट घेराव के लिए कूच किया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी तय मानी जा रही है, जिससे शहर का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।

    ‘ट्रेड डील से किसानों पर पड़ेगा भारी असर’ चिब का आरोप

    सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उदय भानु चिब ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है, ऐसे में प्रस्तावित यूएस ट्रेड डील किसानों के लिए घातक साबित होगी। चिब ने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश का डेटा अमेरिका के पास चला जाएगा और मजदूर वर्ग की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि यह डील किसानों को बर्बादी की ओर धकेल देगी और केंद्र सरकार इसे लागू कर देशहित के साथ समझौता कर रही है।

    देशभर में आंदोलन की तैयारी, सरकार को दी चेतावनी

    यूथ कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। भारतीय युवा कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। चिब ने चेतावनी दी कि जब तक केंद्र सरकार इस ट्रेड डील को वापस नहीं लेती, तब तक देशभर में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही विभिन्न राज्यों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा, जिससे सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।

    महंगाई और विदेश नीति पर भी साधा निशाना

    प्रेस वार्ता के दौरान उदय भानु चिब ने महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हालात इतने खराब हैं कि लोगों को 3500 रुपए तक में गैस सिलेंडर ब्लैक में खरीदना पड़ रहा है और लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र की विदेश नीति को “पूरी तरह फेल” करार देते हुए कहा कि इससे देश में संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है और आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

    चुनाव को लेकर बड़ा दावा, बीजेपी पर साधा निशाना

    आगामी चुनावों को लेकर भी उदय भानु चिब ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 4 मई को आने वाले नतीजों में भारतीय जनता पार्टी किसी भी राज्य में सरकार नहीं बना पाएगी। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है।

  • सीमा पर चीन की ‘साइलेंट स्ट्रैटेजी’, PoK के करीब नई काउंटी; वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी हलचल

    सीमा पर चीन की ‘साइलेंट स्ट्रैटेजी’, PoK के करीब नई काउंटी; वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने जहां दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया की ओर खींच रखा है, वहीं इसी बीच चीन ने अपने सीमावर्ती इलाके में एक अहम प्रशासनिक कदम उठाकर नई भू-राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। चीन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान से सटे शिनजियांग क्षेत्र में “सेनलिंग” नाम से नई काउंटी का गठन किया है।
    रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नई प्रशासनिक इकाई काराकोरम पर्वतमाला के पास स्थित है और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। खासकर वाखान कॉरिडोर की निगरानी और क्षेत्र में उइगर गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर इसे चीन की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

    सीमावर्ती इलाकों पर लगातार फोकस
    चीन पिछले एक साल में शिनजियांग में “हेआन” और “हेकांग” के बाद यह तीसरी नई काउंटी बना चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सीमा क्षेत्रों में प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और सुरक्षा तंत्र को स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है।

    भारत की आपत्ति बरकरार
    भारत ने इस तरह के बदलावों पर पहले भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत का कहना है कि इन नई इकाइयों के कुछ हिस्से उसके केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आते हैं।

    विशेष रूप से अक्साई चिन को लेकर भारत ने अपनी संप्रभुता दोहराते हुए चीन के कदमों को अस्वीकार्य बताया है।

    काशगर से जुड़ा प्रशासनिक नियंत्रण
    नई काउंटी को काशगर प्रशासन के तहत रखा जाएगा, जो ऐतिहासिक रूप से सिल्क रूट का प्रमुख केंद्र रहा है। यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का शुरुआती बिंदु भी है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

    सुरक्षा और रणनीति का मिश्रण
    विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी मजबूत करने की व्यापक रणनीति है। वाखान कॉरिडोर—करीब 74 किलोमीटर लंबा यह क्षेत्र—चीन के लिए संवेदनशील इसलिए भी है क्योंकि यह ताजिकिस्तान और PoK के बीच स्थित है।

    चीन को आशंका रही है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट से जुड़े उइगर लड़ाके इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में नई काउंटी के जरिए स्थानीय प्रशासन, खुफिया निगरानी और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

    आगे क्या?
    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की चेतावनियों के बावजूद चीन के इस कदम से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। आने वाले समय में यह मुद्दा कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर और अहम हो सकता है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।

  • आर्थिक स्थिरता और सामाजिक मान सम्मान की दृष्टि से गुरु का यह गोचर होगा अत्यंत प्रभावशाली।

    आर्थिक स्थिरता और सामाजिक मान सम्मान की दृष्टि से गुरु का यह गोचर होगा अत्यंत प्रभावशाली।

    नई दिल्ली:ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति और ज्ञान के कारक माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जाती है जिसका प्रभाव समस्त चर अचर जगत पर पड़ता है। जून 2026 में गुरु ग्रह अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करने जा रहे हैं जो ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली स्थिति मानी जाती है। कर्क राशि चंद्रमा की राशि है और यहाँ गुरु का आगमन होने से एक विशेष प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा जो समाज और व्यक्तिगत जीवन के विभिन्न पहलुओं को गहराई से प्रभावित करेगा। इस गोचर के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में प्रेम धन और सम्मान के नए द्वार खुलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है क्योंकि कर्क राशि में गुरु अपनी पूर्ण शक्ति के साथ कार्य करते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का यह परिवर्तन सुख और सुविधाओं में वृद्धि लाने वाला सिद्ध होगा। उनके पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा और लंबे समय से अटके हुए संपत्ति से जुड़े मामले सुलझ सकते हैं। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र में उनकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक दृष्टिकोण से यह समय उनके लिए संचय करने और नए निवेश करने के लिए अत्यंत अनुकूल रहने वाला है। सामाजिक रूप से भी उनकी सक्रियता बढ़ेगी जिससे उनके मान सम्मान में चार चांद लगेंगे और वे समाज में एक नई पहचान स्थापित करने में सफल रहेंगे।

    वृषभ राशि के लिए गुरु का यह गोचर उनके पराक्रम और संवाद कौशल में जबरदस्त सुधार लेकर आएगा। जो लोग लेखन शिक्षा या कला के क्षेत्र से जुड़े हैं उनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा क्योंकि उनकी रचनात्मकता अपने चरम पर होगी। आर्थिक लाभ के नए स्रोत विकसित होंगे और भाई बहनों के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। प्रेम संबंधों के मामले में भी यह अवधि उत्साहजनक रहेगी और अविवाहित लोगों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। व्यावसायिक यात्राएं सुखद और लाभप्रद रहेंगी जिससे उनके करियर को एक नई दिशा प्राप्त होगी और वे अपनी योजनाओं को धरातल पर उतारने में सक्षम होंगे।

    कर्क राशि के जातकों के लिए तो यह समय स्वयं को पुनः परिभाषित करने जैसा होगा क्योंकि गुरु उनकी अपनी ही राशि में गोचर करेंगे। स्वास्थ्य में सुधार के साथ साथ उनकी निर्णय लेने की क्षमता में अद्भुत स्पष्टता आएगी। उनके व्यक्तित्व में एक नया आकर्षण पैदा होगा जो लोगों को उनकी ओर आकर्षित करेगा। आर्थिक रूप से यह कालखंड उनके लिए अत्यंत समृद्ध रहने वाला है और उन्हें अचानक धन लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। शिक्षा और करियर में वे अपनी मेहनत के दम पर उच्च पदों को प्राप्त करेंगे और समाज में उनकी प्रतिष्ठा एक मार्गदर्शक के रूप में स्थापित होगी।

    मकर राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर सातवें भाव को प्रभावित करेगा जिससे उनके वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी में स्थिरता आएगी। जो लोग साझेदारी में व्यवसाय कर रहे हैं उन्हें बड़े मुनाफे की उम्मीद रखनी चाहिए। समाज के प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनेंगे जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे। कानूनी विवादों में राहत मिलने की संभावना है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। यह गोचर उन्हें एक संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देगा जिससे वे अपने पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन के बीच सही तालमेल बिठा पाएंगे। कुल मिलाकर जून 2026 का यह ग्रह परिवर्तन ब्रह्मांडीय ऊर्जा का एक ऐसा संगम लेकर आ रहा है जो मानवता के लिए सकारात्मक और विकासोन्मुखी सिद्ध होगा।

  • सऊदी भागा आकिब, एटीएस जांच में बड़ा खुलासा; 2025 से लापता, लुकआउट नोटिस जारी

    सऊदी भागा आकिब, एटीएस जांच में बड़ा खुलासा; 2025 से लापता, लुकआउट नोटिस जारी


    लखनऊ। संदिग्ध आतंकी कनेक्शन की जांच में घिरे आकिब के खिलाफ अब एजेंसियों ने शिकंजा कसना तेज कर दिया है। एटीएस की पड़ताल में सामने आया है कि वह चार बार सऊदी अरब जा चुका है और अगस्त 2025 में चौथी बार विदेश जाने के बाद से अब तक भारत नहीं लौटा है। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है, वहीं पासपोर्ट निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

    जांच में सामने आई ट्रैवल हिस्ट्री के मुताबिक, आकिब का पासपोर्ट 9 अप्रैल 2018 को बना था। वह पहली बार 4 अगस्त 2019 को सऊदी अरब गया और 8 फरवरी 2022 को भारत लौटा। इसके बाद 8 अप्रैल 2022 को दोबारा सऊदी गया और 11 अप्रैल 2023 को वापस आया। तीसरी बार वह 20 जून 2023 को गया और 22 जुलाई 2025 को भारत लौटा। हालांकि, महज 10 दिन बाद ही 1 अगस्त 2025 को वह फिर सऊदी चला गया और तब से वहीं पर है।

    एटीएस ने उसकी पूरी यात्रा का ब्योरा खंगाल लिया है और अब उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आकिब के हिरासत में आने के बाद आतंकी मॉड्यूल और संभावित साजिश से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

    वीडियो जारी कर दी सफाई, कहा—अगर गलत हूं तो गोली मार देना

    इधर, मामले में तीन दिन पहले मॉड्यूल से जुड़े उवैद और जलाल हैदर की गिरफ्तारी के बाद यह प्रकरण और चर्चा में आया। इसी बीच आकिब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है।

    वीडियो में उसने पुलिस अधिकारियों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि वह देश की सुरक्षा करने वालों की इज्जत करता है। उसने यह भी दावा किया कि उसने अपने साथी को पुलिस के सामने सरेंडर कर सच्चाई बताने की सलाह दी थी। आकिब ने अपने ऊपर लगे आतंकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने कोई आपराधिक गतिविधि नहीं की, केवल गुस्से में अपशब्द कहे थे।

    वीडियो के अंत में उसने भावुक अपील करते हुए कहा, “मैं अपने ऊपर आतंकवादी का ठप्पा नहीं लगने दूंगा। अगर मैं गलत हूं, तो मेरे माथे पर गोली मार देना।”

    फिलहाल, एजेंसियां उसके ठिकाने और नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हैं।

  • होर्मुज के बाद लाल सागर में बढ़ा खतरा: हथियारबंद हमलावरों ने घेरा जहाज, टली बड़ी वारदात

    होर्मुज के बाद लाल सागर में बढ़ा खतरा: हथियारबंद हमलावरों ने घेरा जहाज, टली बड़ी वारदात


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब समुद्री मार्गों पर भी गंभीर असर डालता दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव की स्थिति के बीच अब लाल सागर में भी जहाजों पर हमलों का खतरा तेजी से बढ़ने लगा है।

    हथियारबंद समूह ने जहाज को घेरा

    यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक, यमन के अल-हुदैदा तट से करीब 54 नॉटिकल मील दूर एक जहाज को 10-12 हथियारबंद लोगों ने घेर लिया। इनमें 4-5 हमलावर ऑटोमैटिक हथियारों से लैस थे।

    हमलावरों ने जहाज को रोकने का आदेश दिया, लेकिन कप्तान ने इंकार कर दिया। इसके बाद हमलावर जहाज के करीब आकर उस पर चढ़ने की कोशिश करने लगे।

    कप्तान की सूझबूझ से टला खतरा

    स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन जहाज के कप्तान ने तुरंत फ्लेयर दागकर खतरे का संकेत दिया। इसके बाद हमलावर पीछे हट गए और दक्षिण-पूर्व दिशा में भाग निकले। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन खतरे की गंभीरता साफ झलकती है।

    हूती विद्रोहियों पर शक

    इस हमले के पीछे हूती विद्रोही का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। अक्टूबर 2023 से ये विद्रोही लाल सागर में जहाजों को निशाना बना रहे हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग और व्यापार प्रभावित हुआ है।

    इन हमलों के चलते कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अपने जहाजों को केप ऑफ गुड होप के रास्ते भेज रही हैं, जिससे यात्रा 10-14 दिन लंबी हो रही है और लागत भी बढ़ रही है।

    होर्मुज में भी जारी तनातनी

    उधर ईरान ने इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स के जरिए चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी ‘गलत हरकत’ का कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान का दावा है कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर उसकी पूरी निगरानी और नियंत्रण है।

    बढ़ता समुद्री संकट

    विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में बढ़ता खतरा वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापारिक मार्गों के लिए बड़ा संकट बन सकता है। यदि हालात नहीं संभले, तो इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है।

  • रजत पाटीदार और फिल साल्ट की आक्रामक पारियों ने मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण को किया ध्वस्त।

    रजत पाटीदार और फिल साल्ट की आक्रामक पारियों ने मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण को किया ध्वस्त।

    नई दिल्ली। आईपीएल के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई इंडियंस को एकतरफा अंदाज में पराजित कर दिया। इस मुकाबले में बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। राजत पाटीदार और फिल सॉल्ट की विस्फोटक बल्लेबाजी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया और मुंबई के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया। दोनों बल्लेबाजों ने न केवल तेजी से रन बनाए बल्कि साझेदारी के जरिए टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जिससे विपक्षी टीम के लिए वापसी करना बेहद मुश्किल हो गया।

    मैच की शुरुआत में मुंबई इंडियंस ने गेंदबाजी का चयन किया, लेकिन उनका यह फैसला जल्द ही गलत साबित होने लगा। बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और हर गेंदबाज पर दबाव बनाया। फिल सॉल्ट ने अपनी स्वाभाविक शैली में तेज रन बनाते हुए मैदान के चारों ओर शॉट्स खेले, जबकि राजत पाटीदार ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। दोनों के बीच हुई मजबूत साझेदारी ने टीम को एक विशाल स्कोर की दिशा में अग्रसर किया।

    मुंबई की ओर से गेंदबाजी में लय की कमी साफ नजर आई। प्रमुख गेंदबाज विकेट लेने में असफल रहे और रन रोकने में भी नाकाम साबित हुए। फील्डिंग में भी कुछ गलतियां देखने को मिलीं, जिसने स्थिति को और कठिन बना दिया। बेंगलुरु के बल्लेबाजों ने इन कमजोरियों का पूरा फायदा उठाया और लगातार रन गति को ऊंचा बनाए रखा। पारी के अंत तक टीम ने एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया, जो मुंबई के लिए पीछा करना आसान नहीं था।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई और बल्लेबाजों को रन बनाने में संघर्ष करना पड़ा। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने पारी को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन रन रेट लगातार बढ़ता गया और आवश्यक गति हासिल करना मुश्किल हो गया। बेंगलुरु के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट लेते रहे।

    मैच के दौरान बेंगलुरु की रणनीति और निष्पादन दोनों ही स्तर पर बेहतर नजर आए। बल्लेबाजी में आक्रामकता और गेंदबाजी में संयम ने टीम को एक संतुलित प्रदर्शन दिया। वहीं मुंबई इंडियंस की टीम इस मुकाबले में हर विभाग में पिछड़ती नजर आई। यह जीत बेंगलुरु के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई, जबकि मुंबई को अपनी कमजोरियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत महसूस होगी।

  • शिवपुरी के नरवर किले में खजाने की खोज का खेल, पुलिस को मिले औजार और कंबल

    शिवपुरी के नरवर किले में खजाने की खोज का खेल, पुलिस को मिले औजार और कंबल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिला के ऐतिहासिक नरवर किला में एक बार फिर दफीनाखोरों की सक्रियता ने प्रशासन को चौंका दिया है। किले में स्थित मां पसर देवी मंदिर के पीछे खजाने की तलाश में करीब 20 फीट गहरी सुरंग खोदे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। खास बात यह है कि सुरंग को बड़ी चालाकी से झाड़ियों से ढककर छिपाने की कोशिश की गई थी, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। सूचना मिलते ही नरवर पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां से खुदाई में इस्तेमाल किए गए औजार, एरोसोल स्प्रे कैन और कंबल बरामद हुए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि दफीनाखोर कई दिनों से सुनियोजित तरीके से इस काम को अंजाम दे रहे थे।

    आस्था और अफवाहों के बीच पनपी खजाने की लालसा

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, मां पसर देवी मंदिर की एक विशेष मान्यता है कि यहां माता की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में विराजमान है और उसके नीचे प्राचीन खजाना छिपा हुआ है। इसी आस्था और अफवाह ने दफीनाखोरों को लालच में डाल दिया। माना जा रहा है कि खजाने तक पहुंचने के लिए ही मंदिर के पीछे सुरंग खोदी जा रही थी। दफीनाखोर रात के अंधेरे में खुदाई करते और सुबह होने से पहले सुरंग को झाड़ियों से ढक देते थे, जिससे लंबे समय तक यह गतिविधि छिपी रही। मौके से मिले कंबल और अन्य सामान इस बात के संकेत देते हैं कि आरोपी रातभर वहीं रुककर काम करते थे। यह पूरा घटनाक्रम न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं, पुलिस ने तेज की जांच

    गौरतलब है कि नरवर किला में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी खजाने की तलाश में अवैध खुदाई के कई मामले सामने आ चुके हैं। हर बार प्रशासन कार्रवाई करता है, लेकिन फिर भी दफीनाखोर नई चाल के साथ सक्रिय हो जाते हैं। इस बार मिली सुरंग और बरामद सामग्री को पुलिस ने जब्त कर लिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। प्रशासन ने किले की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

  • आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक 8 पोषक खाद्य पदार्थ, गाजर के अलावा भी मिलते हैं कई प्राकृतिक विकल्प

    आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक 8 पोषक खाद्य पदार्थ, गाजर के अलावा भी मिलते हैं कई प्राकृतिक विकल्प


    नई दिल्ली:
    आज की जीवनशैली में आंखों पर पड़ने वाला दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मोबाइल फोन, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के अधिक उपयोग के कारण आंखों में थकान, सूखापन, जलन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में आंखों की सेहत को बनाए रखना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। आमतौर पर यह धारणा रही है कि आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए गाजर सबसे प्रभावी विकल्प है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि कई अन्य खाद्य पदार्थ भी आंखों को मजबूत बनाने और उनकी कार्यक्षमता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    शकरकंद को आंखों के लिए एक बेहद उपयोगी खाद्य पदार्थ माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन ए की प्रचुर मात्रा होती है। यह तत्व आंखों की सतह यानी कॉर्निया को स्वस्थ रखने में मदद करता है और दृष्टि क्षमता को बेहतर बनाए रखता है। इसके नियमित सेवन से आंखों की कार्यक्षमता लंबे समय तक संतुलित रह सकती है।

    हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और अन्य हरी सब्जियां आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। इनमें मौजूद ल्यूटिन और ज़ीएक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व रेटिना की सुरक्षा करते हैं और तेज रोशनी या स्क्रीन के हानिकारक प्रभाव से आंखों को बचाते हैं। ये तत्व उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दृष्टि संबंधी समस्याओं को भी कम करने में सहायक होते हैं।

    अंडे आंखों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। इनमें मौजूद तत्व आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और दृष्टि को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में अंडे का सेवन आंखों की सेहत को सपोर्ट कर सकता है।

    जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे दालें, बीन्स और नट्स आंखों की कोशिकाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पोषक तत्व आंखों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने और उन्हें आंतरिक रूप से मजबूत करने में मदद करता है। इसी तरह बादाम भी विटामिन ई का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, जो आंखों को ऑक्सीडेटिव तनाव और फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है।

    ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर मछली आंखों के सूखेपन को कम करने में सहायक होती है और उन्हें प्राकृतिक रूप से नमी प्रदान करती है। यह आंखों की सतह को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली समस्याओं को कम कर सकती है। पपीता विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है, जो आंखों के ऊतकों को मजबूती प्रदान करता है और उम्र के प्रभाव को धीमा करने में मदद करता है।

    इसके अलावा बीन्स और साबुत अनाज भी आंखों के लिए लाभकारी माने जाते हैं। ये शरीर में ऊर्जा संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आंखों की समग्र सेहत को समर्थन देते हैं। संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्याप्त नींद, स्क्रीन टाइम में नियंत्रण और नियमित अंतराल पर आंखों को आराम देना भी आंखों की सुरक्षा के लिए आवश्यक माना जाता है।