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  • शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई

    शिकायत के बाद सख्त कार्रवाई: जगदीश नगर में 12 अवैध रो हाउस ढहाए, नगर निगम की बड़ी कार्रवाई


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाणगंगा क्षेत्र के जगदीश नगर में बन रहे रो-हाउस को जमींदोज कर दिया। शिकायत मिलने के बाद निगम की रिमूवल टीम सोमवार को मौके पर पहुंची और अवैध कॉलोनी में बन रहे 12 रो-हाउस पर पोकलेन मशीन चलाकर उन्हें तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान 3 पोकलेन मशीन और 70 से अधिक निगमकर्मी मौजूद रहे, जिससे इलाके में हलचल मच गई।

    शिकायत के बाद जांच, फिर चला बुलडोजर

    नगर निगम के रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि कॉलोनी सेल विभाग को सर्वे नंबर 242/1 पर अवैध कॉलोनी काटने और रो-हाउस निर्माण की शिकायत मिली थी। जांच में पाया गया कि बिना अनुमति के निर्माण कार्य चल रहा है। इसके बाद भवन अनुज्ञा से संबंधित प्रक्रिया पूरी कर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। बताया जा रहा है कि शुभम साहू नामक व्यक्ति द्वारा यह निर्माण कराया जा रहा था।

    6 तैयार, 6 निर्माणाधीन-सभी पर चला पोकलेन

    अधिकारियों के मुताबिक, यहां कुल 12 रो-हाउस बनाए जा रहे थे, जिनमें से 6 लगभग तैयार हो चुके थे और उनमें पुट्टी तक का काम पूरा हो गया था, जबकि 6 निर्माणाधीन थे। अच्छी बात यह रही कि इन रो-हाउस में कोई रह नहीं रहा था, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध या जनहानि नहीं हुई। ये मकान 5 से 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बनाए जा रहे थे।

    कमिश्नर के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

    हाल ही में नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद से निगम की टीम लगातार ऐसे मामलों पर नजर रख रही है और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह की कॉलोनियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

    अवैध निर्माण पर सख्ती का संदेश

    इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम ने साफ संदेश दिया है कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। शहर में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है।

  • छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में आग लगने से 50 लाख से अधिक का हुआ नुकसान, दो लोग झुलसे

    छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में आग लगने से 50 लाख से अधिक का हुआ नुकसान, दो लोग झुलसे

    छिंदवाड़ा। जिले के सोनपुर रोड स्थित एक डिस्पोजल फैक्ट्री में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई और भारी नुकसान हो गया। सुबह 6 बजे के बाद आग पर काबू पा लिया गया, हालांकि फैक्ट्री के अंदर से अभी भी बीच-बीच में धुआं उठ रहा है।

    आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की 5 गाड़ियां लगातार पानी डालती रहीं, जबकि नगर निगम के 4 टैंकर भी मौके पर लगाए गए। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में रखी पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और हालात बेकाबू हो गए।

    आग की चपेट में आए मालिक और परिजन
    यह फैक्ट्री दीपक साहू (30), पिता लालचंद साहू की बताई जा रही है। घटना के समय फैक्ट्री परिसर में बने आवास में उनका परिवार मौजूद था। आग लगने के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति झुलस गए। उन्हें बचाने के प्रयास में फैक्ट्री संचालक दीपक साहू भी घायल हो गए। बुजुर्ग को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जबकि मौके पर पहुंचे डॉक्टर मनन गोगिया ने दीपक साहू का प्राथमिक उपचार किया।

    परिवार में मचा कोहराम
    घटना की सूचना मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। फैक्ट्री को आग में जलता देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की। फैक्ट्री परिसर में रखे सिलेंडर और डीजल से भरे जनरेटर को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    28 लाख रुपये की नकदी सुरक्षित बचाई गई
    आग फैलने के दौरान परिवार ने सूझबूझ दिखाते हुए घर में रखे 28 लाख रुपये नकद सुरक्षित बाहर निकाल लिए। हालांकि घरेलू सामान आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। आग की चिंगारियां पास के खेतों तक भी पहुंचीं, जिससे वहां खड़ी फसल को नुकसान हुआ।

    प्रशासन मौके पर पहुंचा
    घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नायब तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे। भाजपा नेता अरविंद राजपूत, डॉक्टर मनन गोगिया और कई समाजसेवियों ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

    कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि सुबह तक आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अंदर ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण अभी भी धुआं निकल रहा है। एहतियात के तौर पर मौके पर टीम तैनात की गई है।

  • अमरनाथ यात्रा 2026: इंदौर में मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, रात 3 बजे से सड़कों पर श्रद्धालु

    अमरनाथ यात्रा 2026: इंदौर में मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए ‘अग्निपरीक्षा’, रात 3 बजे से सड़कों पर श्रद्धालु


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, लेकिन मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने की अव्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। 29 जून से शुरू होने वाली यात्रा के लिए अनिवार्य मेडिकल सर्टिफिकेट लेने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों नहीं, बल्कि पूरी रात इंतजार करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल की खिड़की खुलने से करीब 10 घंटे पहले ही लोग लाइन में लगने को मजबूर हैं, जिससे पूरा सिस्टम चरमराता नजर आ रहा है।

    रात 3 बजे से लाइन, फुटपाथ बना इंतजार का ठिकाना

    शहर के जिला अस्पताल और अन्य निर्धारित केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से आए श्रद्धालु रात 11 बजे से ही अस्पताल परिसर में पहुंचकर डेरा डाल रहे हैं। कई लोग खुले आसमान के नीचे फुटपाथ पर ही रात गुजार रहे हैं। सुबह 3 बजे तक अस्पताल के गलियारे खचाखच भर जाते हैं, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है। यह स्थिति बताती है कि श्रद्धालुओं की संख्या के मुकाबले व्यवस्थाएं बेहद कम हैं।

    महिलाओं पर ज्यादा असर, लाइन में ही नाश्ता

    इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर महिला श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है। लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने के कारण महिलाएं लाइन में ही नाश्ता करने को मजबूर हैं। थकान और असुविधा के चलते कई बार खिड़की खुलने से पहले ही विवाद और धक्का-मुक्की की स्थिति बन जाती है। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंता का विषय बन गई है।

    सिर्फ दो डॉक्टर, हजारों की भीड़ धीमी प्रक्रिया से बढ़ी नाराजगी

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद मेडिकल जांच के लिए केवल दो डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इसी कारण पूरी प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है और सैकड़ों श्रद्धालु घंटों इंतजार करने के बाद भी सर्टिफिकेट नहीं बनवा पा रहे। मेडिकल सर्टिफिकेट में देरी के कारण यात्रा पंजीयन भी अटक रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    व्यवस्था पर उठे सवाल, सुधार की मांग तेज

    श्रद्धालुओं का कहना है कि एक तरफ सरकार यात्रा को सुगम बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं पूरी तरह नाकाफी हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए, अलग-अलग काउंटर बनाए जाएं और महिलाओं व बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को मिला दुर्लभ नजारा, बाघिन P-142 अपने शावकों के साथ जंगल में करती दिखी अठखेलियां

    पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को मिला दुर्लभ नजारा, बाघिन P-142 अपने शावकों के साथ जंगल में करती दिखी अठखेलियां

    मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में वन्यजीव प्रेमियों को एक ऐसा दुर्लभ और मनमोहक दृश्य देखने को मिला जिसने सफारी के पूरे अनुभव को यादगार बना दिया। हिनौता क्षेत्र में जंगल सफारी पर निकले पर्यटकों को उस समय रोमांच और उत्साह का अनुभव हुआ जब उन्हें बाघिन P-142 अपने दो छोटे शावकों के साथ प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हुए दिखाई दी। यह दृश्य न केवल रोमांचकारी था बल्कि जंगल की जीवंतता और उसमें चल रही प्राकृतिक प्रक्रियाओं की एक सुंदर झलक भी प्रस्तुत करता है।

    सफारी के दौरान अचानक सामने आए इस दृश्य ने पर्यटकों को पूरी तरह उत्साहित कर दिया। बाघिन अपने शावकों के साथ बेहद शांत और सतर्क अवस्था में नजर आई, जबकि नन्हे शावक अपने मासूम और चंचल व्यवहार से सभी का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। कभी वे मां के करीब जाकर स्नेह जताते दिखे तो कभी झाड़ियों के बीच छिपकर खेलते और अपने प्राकृतिक व्यवहार को समझने की कोशिश करते नजर आए। यह पूरा दृश्य जंगल में जीवन के स्वाभाविक विकास और सीखने की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से दर्शा रहा था।

    इस अनोखे अनुभव को पर्यटकों ने कैमरों में कैद कर लिया। तस्वीरों और वीडियो में बाघिन की सतर्कता, शावकों की मासूम हरकतें और जंगल का शांत वातावरण एक साथ देखने को मिला। कुछ समय तक पर्यटकों के सामने रहने के बाद बाघिन धीरे धीरे अपने शावकों को लेकर घने जंगल की ओर बढ़ गई और देखते ही देखते सभी दृश्य से ओझल हो गए। यह क्षण पर्यटकों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव बन गया।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सुरक्षित और संतुलित प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीव न केवल सुरक्षित रहते हैं बल्कि अपनी प्राकृतिक जीवनशैली को पूरी स्वतंत्रता के साथ जीते हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या और उनका सफल प्रजनन इस क्षेत्र की मजबूत पारिस्थितिकी व्यवस्था का संकेत देता है। यह संरक्षण प्रयासों की सफलता को भी दर्शाता है, जहां प्रकृति और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

    ऐसे दृश्य यह संदेश देते हैं कि जब प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहते हैं तो वन्यजीव अपनी पूरी सहजता के साथ जीवन जीते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में योगदान देते हैं।

  • अनोखी कलाकारी: विशाल पीतल संरचना पर दुनिया के 193 देशों के निशान, बनाने में लगे घंटों

    अनोखी कलाकारी: विशाल पीतल संरचना पर दुनिया के 193 देशों के निशान, बनाने में लगे घंटों


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में आंबेडकर जयंती से पहले एक अनूठा और प्रेरणादायक कार्य किया जा रहा है। यहां 72 फीट लंबे पीतल के पट्ट पर दुनिया के 193 देशों के प्रतीक चिन्ह उकेरे जा रहे हैं। यह विशेष पहल “संविधान से देश” थीम के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य विश्व शांति और एकता का संदेश देना है। इस पट्ट पर “सर्वेभवन्तु: सुखिन:” का संदेश भी अंकित किया जाएगा, जो वैश्विक कल्याण की भावना को दर्शाता है।

    3 घंटे में कटा 72 फीट लंबा पीतल पट्ट, अब होगी प्रिंटिंग

    रविवार को इस 72 फीट लंबे और 5 इंच चौड़े पीतल पट्ट को काटने का काम पूरा किया गया। इस प्रक्रिया में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगा। खास बात यह है कि इतने लंबे पट्ट का वजन लगभग 1 किलो ही है, जिससे इसे संभालना और प्रदर्शित करना आसान रहेगा। अब सोमवार को इस पर 193 देशों के प्रतीक चिन्हों की प्रिंटिंग की जाएगी, जिसके बाद 14 अप्रैल को इसे औपचारिक रूप से जारी किया जाएगा।

    एडवोकेट लोकेश मंगल की पहल, 80 वकीलों का सहयोग

    इस अनोखे प्रोजेक्ट को लोकेश मंगल के नेतृत्व में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए उन्हें थावरचंद गेहलोत से प्रेरणा मिली है। इस पहल में करीब 80 वकीलों का सहयोग मिल रहा है, जो इसे सफल बनाने में जुटे हैं। इससे पहले भी लोकेश मंगल पीतल पर कई रचनात्मक कार्य कर चुके हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट अपने आप में बेहद खास और बड़ा है।

    फोल्ड कर ले जा सकेंगे, विश्व शांति का संदेश बनेगा पहचान

    इस पीतल पट्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे फोल्ड करके आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकेगा। 193 देशों के प्रतीक चिन्हों के साथ यह पट्ट एक तरह से वैश्विक एकता और शांति का प्रतीक बनेगा। आयोजकों का कहना है कि “सर्वेभवन्तु: सुखिन:” के संदेश को केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आंबेडकर जयंती पर होगा भव्य विमोचन

    14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर इस पीतल पट्ट का विमोचन किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग इस अनूठी कृति को देखने पहुंच सकते हैं। यह पहल न केवल आंबेडकर के विचारों को सम्मान देती है, बल्कि संविधान और विश्व शांति के संदेश को भी मजबूत करती है।

  • मध्यप्रदेश कैबिनेट में 286.26 करोड़ की मीडवासा सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी..

    मध्यप्रदेश कैबिनेट में 286.26 करोड़ की मीडवासा सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी..

    भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से कई योजनाओं और परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, जिससे प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।

    कैबिनेट बैठक में सागर जिले की मीडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को कृषि उत्पादन में सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

    इसके साथ ही प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन के लिए 2250 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, जिससे उत्पादन क्षमता और दक्षता में वृद्धि हो सके।

    महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, वन स्टॉप सेंटर योजना और महिला हेल्पलाइन 181 के संचालन के लिए 240.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत प्रदेश में आठ नए वन स्टॉप सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को आपातकालीन सहायता और सुरक्षा सेवाएं और अधिक सुलभ हो सकेंगी।

    इसके अलावा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1005 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए 1674 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।

    पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 3553.35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना और विकास कार्यों को गति मिलेगी। वहीं लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10801 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा।

    कैबिनेट बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को शीघ्र लागू करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाने के निर्णय का स्वागत किया गया है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया है।

    कैबिनेट के इन निर्णयों को प्रदेश के समग्र विकास, महिला सशक्तिकरण, कृषि आधुनिकीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में व्यापक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

  • Khandwa Incident: मालगाड़ी में LPG लीकेज से अफरा-तफरी, रेलवे ट्रैफिक हुआ प्रभावित

    Khandwa Incident: मालगाड़ी में LPG लीकेज से अफरा-तफरी, रेलवे ट्रैफिक हुआ प्रभावित


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खंडवा में रविवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन से गैस रिसाव का मामला सामने आया। यह मालगाड़ी महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (बिटौनी) जा रही थी, जिसमें भारत पेट्रोलियम के कुल 32 वैगन जुड़े हुए थे। रात करीब 9:30 बजे खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर खड़ी इस ट्रेन में स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज बदबू महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस का रिसाव पाया गया, जिसके बाद रेलवे और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

    तत्काल कार्रवाई: लीकेज वैगन को किया आइसोलेट

    मामले की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। ऋषव गुप्ता और मनोज कुमार राय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। टेक्निकल टीम की मदद से रिसाव वाले वैगन को बाकी 31 वैगनों से अलग कर सुरक्षित दूरी पर आइसोलेट किया गया। प्राथमिक बचाव के तौर पर वैगन को गीली बोरियों और गीली रेत से ढंक दिया गया, ताकि गैस के प्रभाव को कम किया जा सके। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को भी सतर्क किया गया।

    3 घंटे की मशक्कत, 6 ट्रेनें रहीं प्रभावित

    इस पूरे ऑपरेशन में करीब 3 घंटे का समय लगा। रात 12:30 बजे तक स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सका। इस दौरान रेलवे यातायात प्रभावित रहा और राजधानी एक्सप्रेस व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित हुईं। अधिकारियों द्वारा स्थिति सामान्य घोषित करने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू की गई।

    पीथमपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम, बड़ा खतरा टला

    कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से विशेषज्ञ तकनीकी टीम को बुलाया गया है, जो आगे की जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि एक वैगन में भारी मात्रा में गैस भरी होती है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था, जिससे पूरे शहर को खतरा हो सकता था।

    सतर्कता से टला बड़ा हादसा, जांच जारी

    प्रशासन की तत्परता और रेलवे की सूझबूझ से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि आखिर लीकेज किस वजह से हुआ। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।

  • आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते समय अथिया शेट्टी ने अनजाने में साझा की लता मंगेशकर की फोटो।

    आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते समय अथिया शेट्टी ने अनजाने में साझा की लता मंगेशकर की फोटो।

    नई दिल्ली।भारतीय फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली अभिनेत्री अथिया शेट्टी इन दिनों एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गई हैं। हाल ही में दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई और मनोरंजन जगत की तमाम हस्तियों ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी क्रम में अथिया शेट्टी ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए एक पोस्ट साझा किया लेकिन उसमें हुई एक तकनीकी या मानवीय चूक ने नेटिजन्स का ध्यान खींच लिया। अभिनेत्री ने आशा भोसले को नमन करते हुए अनजाने में स्वर कोकिला लता मंगेशकर की तस्वीर साझा कर दी जिसके बाद उन्हें तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा।

    सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले दर्शकों ने इस चूक को तुरंत पकड़ लिया और इसे एक गैर जिम्मेदार व्यवहार करार दिया। ट्रोल करने वालों का तर्क है कि फिल्म उद्योग से जुड़ी एक हस्ती होने के नाते इतनी बड़ी चूक होना निराशाजनक है। लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि बिना जांचे परखे इतनी महान विभूतियों के बारे में जानकारी साझा करना उनकी गरिमा के अनुकूल नहीं है। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने इसे एक मानवीय भूल बताते हुए अभिनेत्री का बचाव भी किया लेकिन तब तक यह मुद्दा इंटरनेट पर पूरी तरह वायरल हो चुका था और बहस का विषय बन गया था।

    अथिया शेट्टी के इस पोस्ट पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई जिसमें लोगों ने उन्हें दोनों महान गायिकाओं के बीच अंतर समझाने की कोशिश की। कई यूजर्स ने लिखा कि श्रद्धांजलि देने की जल्दबाजी में तथ्यों और तस्वीरों की गरिमा का ध्यान रखना अनिवार्य होता है। फिल्म सितारों के लिए सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है जहां उनकी हर छोटी बड़ी गतिविधि पर लाखों लोगों की नजर होती है और ऐसे में इस तरह की गलती उनकी संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर देती है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में कलाकारों को अपनी सार्वजनिक अभिव्यक्ति के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    आशा भोसले के निधन से संगीत जगत के एक युग का अंत हो गया है और उनके प्रशंसक इस समय अत्यधिक भावुक हैं। ऐसे संवेदनशील समय में गलत तस्वीर का उपयोग होना प्रशंसकों की भावनाओं को आहत करने वाला सिद्ध हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि कलाकारों के सोशल मीडिया हैंडल अक्सर उनकी टीम द्वारा संचालित किए जाते हैं लेकिन अंतिम जिम्मेदारी कलाकार की ही मानी जाती है। इस विवाद के बाद अथिया शेट्टी ने हालांकि अपनी भूल सुधारने की कोशिश की होगी लेकिन स्क्रीनशॉट और चर्चाओं ने तब तक सोशल मीडिया के हर कोने में अपनी जगह बना ली थी।

    मनोरंजन जगत में अक्सर सितारों को उनकी छोटी-छोटी गलतियों के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है और अथिया शेट्टी के साथ हुआ यह वाकया भी इसी का उदाहरण है। यह घटना सेलिब्रिटी संस्कृति और सोशल मीडिया के दबाव के बीच एक संतुलन बनाने की चुनौती को दर्शाती है। जहां एक ओर पूरा देश संगीत जगत की महान हस्ती को खोने के गम में डूबा है वहीं दूसरी ओर इस तरह के विवाद मुख्य शोक समाचार से ध्यान भटकाने का काम करते हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि अभिनेत्री इस पूरे प्रकरण पर अपनी क्या सफाई देती हैं या वे इसे शांति से शांत होने का समय देती हैं।

  • आंधी-बारिश खत्म, 16 से भीषण गर्मी, लू भी चलेगी:भोपाल, इंदौर-उज्जैन संभाग के शहरों में पारा बढ़ा; रतलाम में 41°C तक पहुंचा तापमान

    आंधी-बारिश खत्म, 16 से भीषण गर्मी, लू भी चलेगी:भोपाल, इंदौर-उज्जैन संभाग के शहरों में पारा बढ़ा; रतलाम में 41°C तक पहुंचा तापमान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और हालात यह हैं कि कई जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। रतलाम में सबसे अधिक 41°C तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, अब प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ेगा और 16 अप्रैल से लू चलने की स्थिति बन जाएगी। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

    कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज गर्मी दर्ज की गई। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4°C, धार, मंडला और नर्मदापुरम में 40.2°C तापमान रहा। इसके अलावा दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में 39.5°C, जबकि खरगोन में 39.2°C दर्ज किया गया। भोपाल में 38.6°C, जबलपुर में 38.7°C और ग्वालियर में 36.1°C तापमान रहा।

    15 अप्रैल का सिस्टम कमजोर, लू से नहीं मिलेगी राहत

    मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन यह काफी कमजोर रहेगा। इसका असर न के बराबर होगा, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बना रहेगा। 16 अप्रैल से धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से ही हर साल तेज गर्मी पड़ती है और इस बार भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है।

    लोगों ने अपनाए बचाव के उपाय, एडवाइजरी जारी

    गर्मी बढ़ने के साथ ही लोग इससे बचने के उपाय भी अपनाने लगे हैं। कोई चेहरे पर कपड़ा बांधकर बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का जूस, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।

    अप्रैल की शुरुआत रही बदली, अब दिखेगा असली असर

    इस बार अप्रैल की शुरुआत आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हुई थी। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के कई जिलों में मौसम लगातार बदलता रहा। ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि 45 से अधिक जिलों में कहीं न कहीं पानी गिरा। हालांकि अब मौसम पूरी तरह साफ हो गया है और गर्मी का असली असर दिखाई देने लगा है।

    रिकॉर्ड तोड़ सकती है गर्मी, पुराने आंकड़े दे रहे संकेत

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के अंतिम दिनों में तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। भोपाल में 1996 में 44.4°C, इंदौर में 1958 में 44.6°C और जबलपुर में 1970 में 45.4°C तक तापमान दर्ज किया जा चुका है। ग्वालियर में तो पारा 46°C के पार जा चुका है, जो इसे प्रदेश का सबसे गर्म शहर बनाता है।

  • एमआरपी से महंगी शराब की बिक्री, जबलपुर में देर रात तक जारी अवैध कारोबार

    एमआरपी से महंगी शराब की बिक्री, जबलपुर में देर रात तक जारी अवैध कारोबार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में शराब बिक्री को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर के धनवंतरी नगर और गढ़ा क्षेत्र में देर रात तक अवैध रूप से शराब बेचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दुकानें बंद होने के बाद भी बगल में बनी छोटी खिड़की से रात 12 बजे से लेकर 1 बजे तक शराब बेची जा रही है। इस घटनाक्रम ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है और संबंधित विभागों की जानकारी में होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

    एमआरपी से महंगी शराब, ‘ब्लैक’ का खुला खेल

    वायरल वीडियो में सामने आया है कि देर रात शराब खरीदने वालों से एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है। एक वीडियो में धनवंतरी नगर क्षेत्र में एक युवक रात करीब साढ़े 12 बजे बीयर खरीदता दिख रहा है, जहां उसने दो बीयर के पैसे दिए लेकिन उसे केवल एक ही दी गई। पैसे वापस मांगने पर खिड़की बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुकानें बंद होने के बाद शटर के नीचे या साइड में बनी खिड़की से 24 घंटे शराब की सप्लाई की जाती है। रात के समय इस ‘ब्लैक’ कारोबार में दाम और भी बढ़ा दिए जाते हैं, जिससे ठेकेदार मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

    स्थानीय लोगों के आरोप-संरक्षण में चल रहा अवैध धंधा

    रहवासियों का कहना है कि नए शराब ठेकों के टेंडर बढ़ने के बाद ठेकेदार ज्यादा कमाई के लिए नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की कथित मिलीभगत के चलते यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है। धनवंतरी नगर, गढ़ा और आसपास के इलाकों में देर रात शराब बिक्री के कारण विवाद, झगड़े और असामाजिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

    कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता, फिर शुरू हो जाता है खेल

    कुछ मामलों में स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर जरूर पहुंची, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने शटर पर डंडा मारकर औपचारिकता निभाई और वहां से चली गई, जिसके बाद थोड़ी देर में फिर से वही अवैध बिक्री शुरू हो गई। इससे लोगों का भरोसा प्रशासनिक कार्रवाई पर कमजोर होता जा रहा है।

    वायरल वीडियो से बढ़ा दबाव, जांच की उठी मांग

    लगातार सामने आ रहे वीडियो में दुकानों के बाहर देर रात तक भीड़, ऑर्डर लेकर नंबर देना और भुगतान के बाद खिड़की से शराब देना जैसे दृश्य स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि पुलिस और आबकारी विभाग इस मामले में क्या सख्त कदम उठाते हैं या फिर यह ‘खिड़की सिस्टम’ यूं ही चलता रहेगा।