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  • पाकिस्तान की कई धरोहरें यूनेस्को सूची में, लेकिन उन्हें खतरा बना रहा गंभीर मामला

    पाकिस्तान की कई धरोहरें यूनेस्को सूची में, लेकिन उन्हें खतरा बना रहा गंभीर मामला

    इस्लामाबाद: पाकिस्तान की कई ऐतिहासिक धरोहरें, जिनमें प्राचीन तक्षशिला आर्कियोलॉजिकल कॉम्प्लेक्स भी शामिल है, ‘वर्ल्ड हेरिटेज इन डेंजर’ सूची में शामिल होने के खतरे के घेरे में हैं। अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि इन स्थलों के रखरखाव और संरक्षण में कोताही बरती जा रही है, और जिम्मेदार विभागों के बीच समन्वय की कमी से स्थिति और गंभीर हो रही है।

    विवादित स्थल और संरक्षण कार्य

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला विशेष रूप से मोहरा मोरादू और सरकैप से जुड़ा है। इन स्थलों पर मरम्मत और पुनर्निर्माण के दौरान मूल संरचनाओं में बदलाव, दीवारों को ऊंचा करना और सीमेंट का उपयोग जैसे कदम उठाए गए, जिससे संरक्षण विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई। यह शिकायत पेरिस में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि तक पहुंची और वहां आधिकारिक चिंता जताई गई।

    डीओएएम का दृष्टिकोण

    पाकिस्तान के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग (डीओएएम) ने इन कार्यों को गंभीर उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि सीमेंट का उपयोग ऐतिहासिक प्रामाणिकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाता है और यह यूनेस्को के संरक्षण मानकों के खिलाफ है। विभाग ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो इन स्थलों को ‘डेंजर लिस्ट’ में डाल दिया जा सकता है।

    1980 में तक्षशिला आर्कियोलॉजिकल कॉम्प्लेक्स को विश्व धरोहर का दर्जा मिला था। यह 18 स्थलों का समूह है, जो नवपाषाण काल से लेकर 5वीं सदी तक के शहरी विकास और बौद्ध संस्कृति के विकास को दर्शाता है।

    पंजाब पुरातत्व विभाग का बयान

    वहीं, पाकिस्तान स्थित पंजाब पुरातत्व विभाग ने इन आरोपों को खारिज किया है। विभाग के महानिदेशक ने कहा कि यह कार्य “जरूरी संरक्षण” के तहत किया गया ताकि संरचनाएं और अधिक खराब न हों। उनका दावा है कि सभी कार्य अंतरराष्ट्रीय मानकों, ऐतिहासिक रिकॉर्ड और विशेषज्ञ सलाह के अनुसार किए गए हैं, और मूल ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया गया।

    उन्होंने यह भी बताया कि कुछ पुराने “गलत” कंक्रीट कार्यों को हटाया गया है और छिपी हुई ऐतिहासिक विशेषताओं जैसे प्राचीन जलकुंड को पुनर्जीवित किया जा रहा है। साथ ही, पर्यटकों की सुविधाओं जैसे रेस्टोरेंट, धर्म कक्ष और गेस्ट हाउस का विकास बफर जोन के बाहर किया गया है।

    वैश्विक साख पर प्रभाव

    यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान कई अन्य ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में संरक्षण के तरीकों पर उठ रहे सवाल उसकी वैश्विक साख और विश्व धरोहर संरक्षण के प्रति गंभीरता को प्रभावित कर सकते हैं।

    पाकिस्तान की प्राचीन धरोहरों, खासकर तक्षशिला और अन्य स्थल, संरक्षण में कोताही और विवादित कार्यों के कारण यूनेस्को की डेंजर लिस्ट में शामिल होने के खतरे में हैं। जबकि डीओएएम ने चेतावनी दी है, पंजाब पुरातत्व विभाग ने संरक्षण को सही ठहराया है। इस विवाद का असर पाकिस्तान की वैश्विक साख और विश्व धरोहर परियोजनाओं पर पड़ सकता है।

  • ईरान का बड़ा फैसला, भारत समेत पांच देशों को ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति, जारी की सूची

    ईरान का बड़ा फैसला, भारत समेत पांच देशों को ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति, जारी की सूची


    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने पांच मित्र देशों की सूची जारी की है जिन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है। इस सूची में भारत को प्राथमिकता देते हुए सबसे ऊपर रखा गया है। इसके अलावा चीन रूस पाकिस्तान और इराक भी शामिल हैं। इन देशों के वाणिज्यिक जहाजों को सीमित रूप से इस अहम समुद्री मार्ग का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।

    होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण

    दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का लगभग 20-25 प्रतिशत इसी जलडमरूमध्य से गुजरता है जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत बेहद बढ़ जाती है। वर्तमान हालात में इस क्षेत्र पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है और वह अपनी शर्तों पर ही जहाजों को गुजरने दे रहा है।

    इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने इस मार्ग को खुलवाने के लिए यूरोपीय देशों से सैन्य सहयोग की अपील की थी लेकिन कोई ठोस समर्थन नहीं मिला। इसके बाद अमेरिका ने 48 घंटे की चेतावनी देते हुए ईरान के पावर ग्रिड पर हमले की धमकी दी जिस पर ईरान ने कड़ा जवाब देते हुए मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नेटवर्क को निशाना बनाने की चेतावनी दी। बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी समयसीमा और धमकी वापस ले ली।

    पाकिस्तान का लौटाया जहाज

    हालांकि सूची में शामिल होने के बावजूद पाकिस्तान को झटका लगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक पाकिस्तानी टैंकर को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी। ईरान का कहना है कि पाकिस्तान उसकी तय शर्तों पर खरा नहीं उतरा इसलिए जहाज को वापस लौटना पड़ा।

    दुश्मन देशों के लिए मार्ग पूरी तरह बंद

    ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि युद्ध जैसे हालात के चलते यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि मित्र देशों के जहाजों को ही अनुमति दी जा रही है जबकि दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों के लिए यह मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा। उन्‍होंने कहा कि हमने चीन रूस भारत इराक और पाकिस्तान के तेल टैंकर और जहाजों को होर्मुज पास करने की इजाजत दी है।

    गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है। इस मार्ग में बाधा के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।

  • यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप: छह नागरिकों की गिरफ्तारी में भारत को घसीटा

    यूक्रेन ने रूस पर लगाया आरोप: छह नागरिकों की गिरफ्तारी में भारत को घसीटा


    नई दिल्ली। हाल ही में भारत में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया गया। इस घटनाक्रम के बीच यूक्रेनी दूतावास ने आरोप लगाया कि इस मामले में रूस भारत को अपनी राजनीतिक स्क्रिप्ट में घसीटने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेनी दूतावास ने रूस के विदेश मंत्रालय को ‘प्रोपेगैंडा मंत्रालय’ बताते हुए कहा कि यह अभियान रूस द्वारा तैयार की गई गलत जानकारी और राजनीतिक दबाव का हिस्सा है।

    रूस की भूमिका पर यूक्रेन का आरोप

    यूक्रेनी दूतावास का कहना है कि रूस ने भारत में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी को लेकर तथाकथित “आधिकारिक बयान” जारी किया। इसमें रूस की स्पेशल सर्विसेज द्वारा बनाई गई मनगढ़ंत जानकारी भारत की संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई, जिससे यूक्रेन पर गलत आरोप लगाए जा सकें। यूक्रेन ने इसे राजनीतिक उपकरण के तौर पर भारत को घसीटने की कोशिश बताया और कहा कि रूस अब भी दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में दखल देने की सोच रखता है।

    भारत की संप्रभुता और न्याय प्रणाली पर हमला

    यूक्रेनी दूतावास ने जोर देकर कहा कि रूस का यह रवैया भारत की संप्रभुता और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि भारत का न्याय प्रणाली राजनीतिक दबाव के आधार पर काम नहीं करती और यह मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। यूक्रेन ने यह भी कहा कि रूस ने जांच शुरू होने से पहले ही निष्कर्ष निकालने की कोशिश की, जिससे यह पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी।

    यूक्रेन का भरोसा भारत पर

    यूक्रेनी दूतावास ने भारत की जांच और न्याय प्रणाली पर भरोसा जताया। उन्होंने भारत के अधिकारियों से अपील की कि वे उकसावे में न आएं और मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करें। यूक्रेन ने यह भी कहा कि वह सच सामने लाने के लिए पूरी तैयारी के साथ भारतीय जांच में सहयोग करेगा।

  • अमेलिया केर और जैकब डफी ने जीते प्रतिष्ठित मेडल, न्यूजीलैंड क्रिकेट में चमका सितारा

    अमेलिया केर और जैकब डफी ने जीते प्रतिष्ठित मेडल, न्यूजीलैंड क्रिकेट में चमका सितारा


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड क्रिकेट में इस साल अवॉर्ड समारोह में स्टार खिलाड़ियों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया। महिला टीम की कप्तान अमेलिया केर ने लगातार चौथी बार डेबी हॉकले मेडल अपने नाम किया, जबकि पुरुष टीम के तेज गेंदबाज जैकब डफी को सर रिचर्ड हैडली मेडल से नवाजा गया।

    अमेलिया केर: टी20 की चमकती सितारा

    अमेलिया केर ने अपनी टीम को लगातार तीसरी बार सुपर स्मैश खिताब दिलाया। उन्होंने 70 की औसत से कुल 354 रन बनाए और न्यूजीलैंड के टी20 रन चार्ट में टॉप पर रहीं। गेंदबाजी में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया, सर्वाधिक विकेट के मामले में दूसरे स्थान पर रहीं। उनकी मेहनत और लीडरशिप के लिए उन्हें महिला टी20 प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया।

    जैकब डफी: टेस्ट क्रिकेट का दमदार गेंदबाज

    31 वर्षीय डफी ने टेस्ट क्रिकेट में जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने 16 की औसत से कुल 25 विकेट लिए, जिसमें चार मैचों में तीन बार पाँच-विकेट स्पेल शामिल था। वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी लंबी गेंदबाजी स्पेल ने उनकी फिटनेस और सहनशक्ति को साबित किया। इस शानदार दौर के लिए उन्हें टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर और विंसर कप भी मिला।

    अन्य प्रमुख पुरस्कार विजेता


    टिम सीफर्ट – पुरुष टी20 प्लेयर ऑफ द ईयर; 154 के स्ट्राइक रेट से 739 रन।
    डेरिल मिचेल – वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर; 138 की औसत से 692 रन, वनडे में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी।
    ब्रुक हॉलिडे – महिला वनडे प्लेयर ऑफ द ईयर; 71 की औसत से 391 रन।
    हेनरी निकोल्स – पुरुष घरेलू प्लेयर ऑफ द ईयर और रेडपाथ कप विजेता।
    जेस केर – महिला घरेलू क्रिकेट में तीन अवॉर्ड; महिला घरेलू प्लेयर ऑफ द ईयर, सुपर स्मैश महिला प्लेयर ऑफ द ईयर, और फिल ब्लैकलर कप।
    कटेन क्लार्क – सुपर स्मैश मेन्स प्लेयर ऑफ द ईयर।
    केट एंडरसन – महिलाओं की बैटिंग के लिए रूथ मार्टिन कप।
    क्रिस गैफनी – आईसीसी एलीट पैनल के शानदार सीजन के बाद अंपायर ऑफ द ईयर।
    मार्टिन स्नेडेन – क्रिकेट में योगदान के लिए बर्ट सटक्लिफ मेडल।

  • देश के वीरों को बड़ा सम्मान: गैलेंट्री अवॉर्ड विजेताओं को ट्रेन में आजीवन मुफ्त सफर की सौगात

    देश के वीरों को बड़ा सम्मान: गैलेंट्री अवॉर्ड विजेताओं को ट्रेन में आजीवन मुफ्त सफर की सौगात


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वीरता पुरस्कार हासिल करने वाले सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान में एक अहम कदम उठाया है। नए आदेश के अनुसार थल सेना, वायुसेना और नौसेना के गैलेंट्री अवॉर्ड विजेताओं को अब ट्रेनों में आजीवनमुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। यह विशेष सुविधा फर्स्ट क्लास, 2AC और एसी चेयर कार जैसी श्रेणियों में लागू होगी। खास बात यह है कि इन वीर जवानों के साथ एक सहयोगी (Companion) को भी यात्रा करने की अनुमति दी गई है, जिससे उन्हें अतिरिक्त सुविधा मिल सके।

    परिजनों को भी शामिल किया गया
    सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए वीरता पुरस्कार विजेताओं के परिवारों को भी इसमें शामिल किया है। इसके तहत उनके जीवनसाथी चाहे वे विधवा हों, विधुर हों या पुनर्विवाह कर चुके हों, इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा, अविवाहित मरणोपरांत सम्मानित सैनिकों के माता-पिता को भी जीवनभर मुफ्त रेल यात्रा की सुविधा मिलेगी।

    सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक

    यह फैसला देश के उन बहादुर सैनिकों के प्रति सरकार की कृतज्ञता को दर्शाता है, जिन्होंने अपनी बहादुरी और बलिदान से राष्ट्र की रक्षा की है। इसका उद्देश्य केवल सम्मान देना ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी सामाजिक और आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।

    मनोबल बढ़ाने की पहल
    इस तरह की पहल से न सिर्फ सैनिकों और उनके परिवारों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि युवाओं को भी सेना में शामिल होकर देश सेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी। यह निर्णय सशस्त्र बलों के कल्याण और सम्मान को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • सरकार का बयान: भारत के पास 60 दिन का कच्चे तेल भंडार, एलपीजी की एक महीने की पूरी व्यवस्था

    सरकार का बयान: भारत के पास 60 दिन का कच्चे तेल भंडार, एलपीजी की एक महीने की पूरी व्यवस्था


    नई दिल्ली: सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट कर दिया कि भारत में पेट्रोल, डीजल और ऑटोमोबाइल की दुकानें पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में हैं। कोयला एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि देश में कहीं भी पौधों की कमी नहीं है और हर नागरिक के लिए लगभग दो महीने तक का अवशेष सुरक्षित है। मिनिस्ट्री ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अफवाहों से नफरत न करें, क्योंकि उनका मकसद सिर्फ डर और भ्रम फैलाना है।

    कच्चे तेल का भंडार और प्रमुख तैयारी

    मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल 74 दिनों के चिप्स और कच्चे तेल के भंडार की क्षमता है, जिसमें लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोल-डीजल और भंडारगृह शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि देश अब 27वें दिन भी मध्य पूर्व तनाव के बावजूद पूरी तरह सुरक्षित है। इसके अलावा बाकी दो महीने के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले से तय कर दी गई है, ताकि किसी भी समय वैश्विक संकट का असर न हो।

    क्वांटम नेटवर्क में पर्याप्त स्टॉक

    सरकार ने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों में पर्याप्त मात्रा में कोयला मौजूद है। ऑयल कंपनी ने क्रेडिट अवधि मिलाकर तीन दिन कर दी है, जिससे किसी भी पंप पर काम करने वाले की कमी के कारण जंगल की कमी न हो। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बावजूद भारत अब 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल मंगा रहा है और सभी रिफाइनरी 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं।

    लाभ की स्थिति और घरेलू उत्पाद

    ईसाई धर्म का इतिहास भी पूरी तरह से सुरक्षित है। घरेलू उत्पादन में प्रतिदिन 40 प्रतिशत की वृद्धि कर 50 टी का उत्पादन किया जा रहा है, जबकि कुल आवश्यकता लगभग 80 टी की है। इसके अलावा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से 800 टिकट पहले ही भारत के 22 तीर्थ टर्मिनलों पर पहुंच चुके हैं। सरकार ने निर्देश दिया है कि कम से कम एक महीने की कीमत पर स्टॉक पूरी तरह से सुनिश्चित है और वितरण स्थिर है।

    ब्लैक मार्केटिंग निषेध का उपाय

    तेल उद्योग प्रतिदिन 50 लाख से अधिक की कमाई कर रहे हैं। साथ ही, 50 प्रतिशत तक की कमाई के साथ अर्नेस्ट गैस स्टूडियो की मार्केटिंग ब्लैक को छोड़ी जा रही है। सरकारी पाइप्ड सिलिकॉन गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प है। देश में वीडियो नेटवर्क तेजी से बढ़ा है, और घरेलू कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ हो गया है।

    सरकारी आधिकारिक संपत्ति पर भरोसा करें

    मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे जल और गैस से जुड़ी जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक संपत्ति पर भरोसा करें। अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हंसी-मजाक वाली खबरों से डरने की कोई जरूरत नहीं है। भारत आने वाले कई महीनों तक पूरी तरह से सुरक्षित है, और हर नागरिक को पेट्रोल, डीजल और सुपरमार्केट की निरंतरता सुनिश्चित है।

  • आंध्र प्रदेश में दर्दनाक हादसा, बस-ट्रक की टक्कर के बाद भड़की आग, 14 लोगों की जिंदा जलकर मौत

    आंध्र प्रदेश में दर्दनाक हादसा, बस-ट्रक की टक्कर के बाद भड़की आग, 14 लोगों की जिंदा जलकर मौत


    नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मारकापुरम जिले के रायवरम क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यात्रियों से भरी बस और बजरी से लदे टिपर ट्रक की आमने-सामने की टक्कर के बाद दोनों वाहनों में अचानक आग लग गई। पुलिस के अनुसार, टक्कर के तुरंत बाद आग इतनी तेजी से फैली कि बस के अंदर बैठे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। खासकर पीछे बैठे लोग लपटों और धुएं में फंस गए। दम घुटने और जलने की वजह से 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

    घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती

    स्थानीय लोगों और पुलिस की तत्परता से करीब एक दर्जन घायलों को बचाकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मारकापुरम के डीएसपी नागराजू ने बताया कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि आशंका है कि कुछ शव अभी भी बस के जले हुए मलबे में फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।

    मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    प्रशासन मृतकों की पहचान करने और उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने में जुटा है। पहचान पूरी होने के बाद शव सौंपे जाएंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

  • निजी ईंधन विक्रेता नायरा एनर्जी ने बढ़ाया दाम, पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपए महंगा

    निजी ईंधन विक्रेता नायरा एनर्जी ने बढ़ाया दाम, पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपए महंगा


    नई दिल्ली। निजी ईंधन विक्रेता नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। इस कदम के साथ नायरा एनर्जी उन शुरुआती कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया।

    कीमतों में राज्यवार अंतर, पेट्रोल 5.30 रुपए तक महंगा

    कंपनी ने बताया कि राज्यों में वैट (वीएटी) जैसे स्थानीय टैक्स के कारण दामों में मामूली अंतर हो सकता है। कुछ राज्यों में पेट्रोल की कीमत 5.30 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बढ़ोतरी वैश्विक बाजार में तेल के महंगे होने के साथ हुई है, जिससे ईंधन की कीमतें घरेलू स्तर पर भी प्रभावित हुई हैं।

    मिडिल ईस्ट तनाव और तेल की बढ़ती कीमतें

    तेल की कीमतों में यह उछाल मिडिल ईस्ट के तनाव के चलते हुआ। फरवरी के आखिर से अब तक कच्चे तेल की कीमतें लगभग 50 प्रतिशत बढ़ चुकी हैं। हाल ही में इजरायल द्वारा ईरान पर हमला और उसके जवाब में कार्रवाई के चलते तेल सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ गई। अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल कुछ समय के लिए 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा, जो बाद में घटकर लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
    सार: मिडिल ईस्ट में तनाव और तेल सप्लाई पर असर की वजह से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई।

    सरकारी कंपनियों ने अभी तक दाम स्थिर रखे

    इस दौरान सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अभी तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए। ये कंपनियां देश के लगभग 90 प्रतिशत फ्यूल रिटेल मार्केट को नियंत्रित करती हैं। अप्रैल 2022 से सरकारी कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
    सार: सरकारी कंपनियां अभी दाम नहीं बढ़ा रही हैं और देश में ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

    भारत की ऊर्जा निर्भरता और सरकार का भरोसा

    भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ी मात्रा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है। इस मार्ग पर तनाव के चलते सप्लाई प्रभावित हो सकती है। सरकार ने कहा कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं और रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं।

    अफवाहों से बचें, घबराहट में खरीदारी न करें

    कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के चलते लोग घबराहट में ईंधन खरीदने लगे, लेकिन सरकार ने साफ किया कि किसी तरह की कमी नहीं है। विशेषज्ञों ने भी लोगों से शांत रहने और घबराहट में खरीदारी न करने की सलाह दी।

  • रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा

    रामलला के दर पर पहुंचे दिग्विजय सिंह: पहली बार अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, बोले काफी अच्छा लगा


    भोपाल । मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में पहली बार श्रीरामलला के दर्शन किए अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के बाद यह उनका पहला दौरा था दर्शन के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर आकर काफी अच्छा लगा उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जल्द स्वस्थ हों और हमारा नेतृत्व करते रहें

    पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपए का चंदा दिया था और मंदिर के पूरा होने के बाद दर्शन करने की इच्छा जताई थी अब मंदिर पूरा हो गया है तो वे दर्शन करने आए हैं उनके इस कदम से कांग्रेस के भीतर और राज्य में सियासी हलचल भी बढ़ गई है

    दिग्विजय सिंह के रामलला दर्शन पर सियासत गरमाई पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि राम मंदिर बीजेपी की बपौती नहीं है राघोगढ़ में भी भगवान राम विराजमान हैं वहां उनके नाम की ज्योति जलती है राम मंदिर निर्माण के लिए दिग्विजय सिंह ने चेक से राशि दी थी और मंदिर पूरा होने पर दर्शन करने आए हैं भगराम राम सबके हैं

    वहीं बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेष बाजपेयी ने कहा कि दिग्विजय सिंह चतुर और उद्देश्य परख राजनीति करते हैं राज्यसभा की सीट पर चुनाव होने वाला है और इसी उद्देश्य को लेकर वे पहुंचे होंगे उन्होंने कहा कि वैसे कांग्रेस और राम मंदिर का दृष्टिकोण विरोधाभाषी रहा है

    इस तरह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का रामलला दर्शन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा का विषय बन गया है उनके कदम ने कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी समीकरणों को भी नई दिशा दी है

  • भारत का हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट FY2025 में बढ़ा 9%, प्रीमियम 1.2 लाख करोड़ से अधिक

    भारत का हेल्थ इंश्योरेंस मार्केट FY2025 में बढ़ा 9%, प्रीमियम 1.2 लाख करोड़ से अधिक


    नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर लगातार मजबूत हुआ है। सरकार ने गुरुवार को बताया कि इस वित्त वर्ष में हेल्थ इंश्योरेंस का कुल प्रीमियम 1.2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। यह सेक्टर सालाना लगभग 9 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे लोगों में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, बेहतर हेल्थ फाइनेंसिंग सुविधाएं और बढ़ती मेडिकल खर्चों से सुरक्षा की आवश्यकता प्रमुख कारण हैं।

    कैशलेस क्लेम में नई समयसीमा, मरीजों को मिलेगा तेजी से इलाज

    बीमा क्षेत्र की सुधार प्रक्रिया को और मजबूत करने के लिए आईआरडीएआई ने कैशलेस क्लेम के लिए सख्त समय सीमा तय की है। नए नियमों के अनुसार बीमा कंपनियों को प्री-ऑथराइजेशन रिक्वेस्ट एक घंटे के भीतर मंजूरी देनी होगी, जबकि अंतिम मंजूरी तीन घंटे के भीतर पूरी करनी होगी। सरकार का कहना है कि इस कदम से क्लेम में देरी कम होगी और मरीजों को समय पर इलाज मिलने में मदद मिलेगी।
    सार: आईआरडीएआई की नई समयसीमा से मरीजों को इलाज में तेजी और बीमा सेक्टर में भरोसा बढ़ेगा।

    प्रीमियम बढ़ोतरी के पीछे: उम्र, कवर और बेहतर फीचर्स

    हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में बढ़ोतरी के कई कारण हैं। इनमें पॉलिसीधारकों की बढ़ती उम्र, ज्यादा कवर राशि और बेहतर पॉलिसी फीचर्स शामिल हैं। आईआरडीएआई ने 2024 के दिशा-निर्देशों में कहा है कि बीमा उत्पादों की कीमत जोखिम के आधार पर तय हो और समय-समय पर डेटा और ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर उनकी समीक्षा की जाए।

    क्लेम सेटलमेंट में सुधार, लेकिन कुछ खारिज भी

    क्लेम सेटलमेंट के मामले में सेक्टर में सुधार देखा गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में क्लेम भुगतान अनुपात 87.5 प्रतिशत रहा, जबकि 2023-24 में यह 82.46 प्रतिशत और 2022-23 में 85.66 प्रतिशत था। आईआरडीएआई के ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, इस वित्त वर्ष में 1,37,361 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से करीब 93 प्रतिशत का समाधान उसी वर्ष में कर दिया गया। हालांकि कुछ क्लेम अब भी खारिज होते हैं, जिनमें बीमा कवर से ज्यादा खर्च, को-पेमेंट, सब-लिमिट, डिडक्टिबल और रूम रेंट लिमिट शामिल हैं।

    पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने के लिए कदम

    बीमा रेगुलेटर ने क्लेम प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। इन कदमों का उद्देश्य पॉलिसीधारकों का भरोसा बढ़ाना और हेल्थ इंश्योरेंस सिस्टम को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नई नीतियां न केवल क्लेम प्रक्रिया को तेज करेंगी, बल्कि बीमा उद्योग में निवेश और विस्तार के अवसर भी बढ़ाएंगी।

     वित्त वर्ष 2025 में भारत का हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर 9 प्रतिशत बढ़कर 1.2 लाख करोड़ प्रीमियम पार कर गया। नई कैशलेस क्लेम नीति, प्रीमियम वृद्धि के कारण और क्लेम सेटलमेंट सुधार से सेक्टर अधिक मजबूत और भरोसेमंद बन रहा है।