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  • इशाक डार की अफगानिस्तान को चेतावनी…. बोले- अपनी धरती से पाक में होने आतंकी हमलों की रोके

    इशाक डार की अफगानिस्तान को चेतावनी…. बोले- अपनी धरती से पाक में होने आतंकी हमलों की रोके


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) ने सोमवार को अफगानिस्तान (Afghanistan) की तालिबान सरकार से आग्रह किया कि वह अपनी धरती से पाकिस्तान के अंदर होने वाले आतंकी हमलों (Terrorist attacks) को रोके। पाकिस्तान ने चेतावनी दोहराई कि यही सशस्त्र समूह अंततः तालिबान के अपने शासन के लिए भी खतरा बन सकते हैं। पड़ोसी देशों के बीच सीमा पर बार-बार झड़पों और पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण तनाव बढ़ गया है। इससे आतंकी गतिविधियों को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद गहरा गया है।

    सितंबर में संयुक्त राष्ट्र मिशन इन अफगानिस्तान ने बताया था कि इस साल अफगानिस्तान में सीमा पार हिंसा से 1,100 से अधिक नागरिकों की मौतें और चोटें दर्ज की गई हैं। पाकिस्तानी टेलीविजन पर प्रसारित एक थिंक टैंक में अपने भाषण में विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि उन्होंने जुलाई 2025 में काबुल यात्रा के दौरान अफगान प्रधान मंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद को एक बार चेतावनी दी थी।

    डार ने कहा, “मैंने उन्हें विनम्रता से याद दिलाया कि यदि अफगान अधिकारी अपने क्षेत्र से संचालित होने वाले आतंकवादी समूहों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो वह दिन आएगा जब यही समूह उनकी सरकार को भी धमकी देंगे।” उन्होंने अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया का कोई विवरण नहीं दिया।


    क्या हैं अफगानिस्तान के आरोप और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया?

    अफगान सरकार के प्रवक्ता जाबिहुल्लाह मुजाहिद ने एक्स पर एक पोस्ट में पाकिस्तान के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर बातचीत को कमजोर करने और समाधानों पर प्रचार को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।

    मुजाहिद ने लिखा, “पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा अपनी विफलताओं के लिए अफगानिस्तान को दोषी ठहराना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।” पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने मुजाहिद की टिप्पणियों को खारिज कर दिया।

    मंत्रालय ने एक्स पर कहा कि इस्लामाबाद बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन प्रगति के लिए काबुल को अपनी आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। साथ ही, आतंकी ठिकानों और समर्थन नेटवर्क के खिलाफ सत्यापन योग्य कार्रवाई करनी होगी।


    पाकिस्तान किन आतंकी समूहों पर लगाता है आरोप?

    पाकिस्तान अक्सर काबुल पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को पनाह देने का आरोप लगाता है। इसके अलावा, प्रतिबंधित बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट को भी पनाह देने का आरोप है। टीटीपी अफगानिस्तान के सत्तारूढ़ तालिबान से अलग है, लेकिन उससे घनिष्ठ रूप से संबद्ध है।

    अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को निशाना बनाने वाले आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह देने से बार-बार इन्कार किया है। डार ने कहा कि काबुल के प्रति पाकिस्तान के राजनयिक और आर्थिक प्रयासों से उसकी केंद्रीय सुरक्षा मांग पर कोई सार्थक प्रगति नहीं हुई है। यह मांग अफगान धरती से संचालित होने वाले आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की है।


    सीमा पार से हमलों का क्या है पैमाना?

    डार ने कहा कि पाकिस्तान एक स्थिर और समृद्ध अफगानिस्तान चाहता है, लेकिन सीमा पार से लगातार आतंकी खतरे को अब और नजरअंदाज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के अंदर हमले सीमा पार से नियोजित, निर्देशित और शुरू किए जाते हैं।”

    डार ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के साथ 2,600 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा पर बाड़ का लगभग 95 फीसदी काम पूरा कर लिया है। यह बाड़ 2017 में आतंकियों के सीमा पार हमलों के बाद शुरू की गई थी। डार ने टीटीपी को पाकिस्तान के सबसे गंभीर सुरक्षा खतरों में से एक बताया। उन्होंने स्कूलों, मस्जिदों, बाजारों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों का हवाला दिया।

    पाकिस्तान का कहना है कि जनवरी से 2,800 से अधिक आतंकी हमलों में लगभग 3,000 लोग मारे गए या घायल हुए हैं। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने हिंसा में वृद्धि के लिए अफगानिस्तान स्थित आतंकियों, विशेषकर टीटीपी को जिम्मेदार ठहराया।

    तरार ने संयुक्त राष्ट्र और स्वतंत्र आकलन का हवाला देते हुए कहा कि अफगानिस्तान में 6,000 से अधिक टीटीपी लड़ाके और कुल मिलाकर 20,000 से अधिक आतंकी मौजूद हैं। उन्होंने टीटीपी पर 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान पर हमले करने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने का आरोप लगाया।

  • राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान 2026 से नवाजे जाएंगे रघुवीर यादव, अनुपम खेर के विदेश दौरे के कारण बदला गया नाम

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान 2026 से नवाजे जाएंगे रघुवीर यादव, अनुपम खेर के विदेश दौरे के कारण बदला गया नाम

    मध्य प्रदेश। सरकार की ओर से इस वर्ष का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अभिनेता रघुवीर यादव को दिया जाएगा। 13 अक्टूबर को पार्श्वगायक किशोर कुमार की पुण्यतिथि के अवसर पर खंडवा में सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। रघुवीर यादव को वेब सीरीज पंचायत में प्रधान जी की भूमिका से खास पहचान मिली है। इससे पहले इस सम्मान के लिए अभिनेता अनुपम खेर का नाम तय किया गया था, लेकिन उनके खंडवा आने में असमर्थता जताने के बाद ज्यूरी ने रघुवीर यादव का चयन किया। कार्यक्रम मंगलवार शाम खंडवा के पुलिस ग्राउंड में आयोजित होगा।

    सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। परंपरा के अनुसार, सम्मान ग्रहण करने से पहले रघुवीर यादव किशोर कुमार के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद आयोजित समारोह में उन्हें राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन संस्कृति विभाग की ओर से किया जा रहा है।

    सम्मान के लिए अनुपम खेर का नाम पहले तय किए जाने की जानकारी सामने आई थी। चयन की औपचारिक घोषणा से पहले संबंधित ज्यूरी ने उनसे संपर्क किया था। बताया गया कि अनुपम खेर ने खंडवा आने में असमर्थता जताई, क्योंकि वे 17 अक्टूबर तक देश से बाहर रहने वाले थे। सम्मान ग्रहण करने के लिए चयनित कलाकार का खंडवा पहुंचना अनिवार्य होने के कारण ज्यूरी को दूसरे कलाकार का चयन करना पड़ा। इसके बाद रघुवीर यादव के नाम पर फैसला किया गया। इस वर्ष सम्मान के लिए कलाकार का नाम अंतिम समय में तय हो सका।

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान के लिए कलाकारों का चयन पांच सदस्यीय ज्यूरी करती है। यह समिति मुंबई में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों और विशेषज्ञों के बीच चयन प्रक्रिया पूरी करती है। पहले कई मौकों पर चयनित कलाकारों को उनके घर जाकर भी सम्मान प्रदान किया गया था। वर्ष 2010 में अभिनेता देव आनंद को उनके निवास पर सम्मानित किए जाने के बाद ऐसी व्यवस्था का चलन बढ़ा। इससे खंडवा में किशोर कुमार के प्रशंसकों के बीच नाराजगी सामने आई, क्योंकि सम्मान समारोह का आयोजन किशोर कुमार की जन्मस्थली में किए जाने की अपेक्षा थी। इसके बाद वर्ष 2025 में नियम जोड़ा गया कि सम्मान प्राप्त करने वाले कलाकार को खंडवा आना अनिवार्य होगा।

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 1997-98 में की थी। किशोर कुमार के निधन के करीब दस वर्ष बाद शुरू किए गए इस सम्मान का उद्देश्य सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है। निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन और गीत लेखन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को इसके लिए चुना जाता है। कलाकारों का चयन उनकी दीर्घ साधना, उपलब्धियों और सिनेमा में सक्रिय योगदान के आधार पर किया जाता है।

    शुरुआत में इस सम्मान के साथ दो लाख रुपये की राशि दी जाती थी। वर्तमान में सम्मानित कलाकार को पांच लाख रुपये की नकद राशि, स्मृति चिह्न, शॉल और श्रीफल प्रदान किए जाते हैं। शुरुआती वर्षों में समारोह राजधानी भोपाल में आयोजित होता था। बाद में तत्कालीन संस्कृति मंत्री विजय शाह की पहल पर आयोजन को खंडवा स्थानांतरित किया गया। इसका उद्देश्य किशोर कुमार की जन्मस्थली में उनके प्रति सम्मान और स्मृति को केंद्र में रखना था।

    रघुवीर यादव का जन्म 25 जून 1957 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण लिया और वर्ष 1985 में फिल्म मैसी साहब से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। सलाम बॉम्बे!, बैंडिट क्वीन, दिल से, लगान, वॉटर और पीपली लाइव जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को पहचान मिली। वे अभिनेता होने के साथ गायक और संगीतकार भी हैं। फिल्म मैसी साहब के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले, जबकि पंचायत वेब सीरीज में उनके अभिनय के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया है।

  • नवरात्रि में बनाएं हेल्दी और कुरकुरी शकरकंदी चाट, मखाने से मूंगफली तक मिलेंगी स्वाद और क्रंच की खूबियां

    नवरात्रि में बनाएं हेल्दी और कुरकुरी शकरकंदी चाट, मखाने से मूंगफली तक मिलेंगी स्वाद और क्रंच की खूबियां

    नई दिल्ली: नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा की पूजा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं। उपवास के दौरान अक्सर कुछ चटपटा और स्वादिष्ट खाने का मन करता है लेकिन फलाहार में इस्तेमाल होने वाली चीजों के विकल्प सीमित लगने लगते हैं। ऐसे में शकरकंदी से बनी चटपटी चाट एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
    इसे शकरकंदी के साथ पनीर और ताजी सब्जियों का इस्तेमाल करके तैयार किया जा सकता है। इसमें मखाने और भुनी हुई मूंगफली डालने से स्वाद के साथ कुरकुरापन भी बढ़ जाता है। खास बात यह है कि इसे डीप फ्राई करने की जरूरत नहीं है। शकरकंदी और पनीर को एयर फ्रायर में तैयार करके यह चाट आसानी से बनाई जा सकती है।

    व्रत वाली शकरकंदी चाट बनाने के लिए सामग्री
    इस चाट को बनाने के लिए दो मध्यम आकार की शकरकंद और करीब 150 ग्राम पनीर लें। इसके अलावा एक खीरा छोटे टुकड़ों में कटा हुआ एक छोटी कटोरी भुने हुए मखाने एक मुट्ठी भुनी हुई मूंगफली और आधा कप अनार के दाने चाहिए। शकरकंदी के लिए दो चम्मच घी और पनीर के लिए एक चम्मच घी रखें। स्वाद के अनुसार सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाएं। चटनी बनाने के लिए एक मुट्ठी ताजा हरा धनिया चार हरी मिर्च दो नींबू का रस और जरूरत के अनुसार पानी लें। व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और मसालों के नियम अलग-अलग परिवारों में अलग हो सकते हैं इसलिए अपनी परंपरा के अनुसार सामग्री चुनें।

    शकरकंदी को ऐसे करें तैयार

    सबसे पहले शकरकंदी को अच्छी तरह धोकर छील लें। इसके बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटें और करीब सात से आठ मिनट तक उबालें। उबलने के बाद पानी निकाल दें। अब शकरकंदी में घी सेंधा नमक और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं। एयर फ्रायर को 180 डिग्री सेल्सियस पर सेट करें और शकरकंदी को लगभग 20 मिनट तक एयर फ्राई करें। बीच में एक बार टुकड़ों को देखकर जरूरत के अनुसार पलट दें ताकि वे अच्छी तरह पक सकें। एयर फ्रायर का समय टुकड़ों के आकार और मशीन के हिसाब से थोड़ा बदल सकता है।

    पनीर और हरी चटनी से बढ़ेगा स्वाद

    अब पनीर को छोटे क्यूब्स में काट लें। इसमें एक चम्मच घी सेंधा नमक और थोड़ी काली मिर्च डालकर मिलाएं। पनीर को 180 डिग्री सेल्सियस पर करीब पांच से छह मिनट तक एयर फ्राई करें। इसके बाद हरी चटनी तैयार करें। इसके लिए मिक्सर में हरा धनिया हरी मिर्च नींबू का रस सेंधा नमक और थोड़ा पानी डालकर पीस लें। चटनी को अपनी पसंद के अनुसार गाढ़ा या थोड़ा पतला रखा जा सकता है।

    इस तरह तैयार होगी चटपटी व्रत वाली चाट
    अब एक बड़े बाउल में एयर फ्राई की हुई शकरकंदी और पनीर डालें। इसमें कटा हुआ खीरा भुने मखाने मूंगफली और अनार के दाने मिलाएं। ऊपर से तैयार हरी चटनी डालकर सभी चीजों को हल्के हाथ से मिलाएं। आपकी स्वादिष्ट शकरकंदी चाट तैयार है। इसे तुरंत परोसें ताकि मखाने और मूंगफली का कुरकुरापन बना रहे।

    चाट को और स्वादिष्ट बनाने के आसान टिप्स
    चाट को अधिक चटपटा बनाने के लिए इसमें उबले हुए आलू के छोटे टुकड़े भी मिला सकते हैं। यदि आपके व्रत में अनुमति हो तो थोड़ी इमली की चटनी या अतिरिक्त नींबू का रस डालकर खट्टा स्वाद बढ़ाया जा सकता है।

    दही पसंद करने वाले लोग ताजा फेंटा हुआ दही भी मिला सकते हैं। ऊपर से अनार के दाने और भुना जीरा डालने से स्वाद और आकर्षक हो जाता है। हालांकि दही और मसालों का इस्तेमाल अपनी व्रत परंपरा के अनुसार ही करें।
    नवरात्रि के दौरान यह चाट फलाहार में स्वाद का नया विकल्प दे सकती है। शकरकंदी और पनीर के साथ मखाने तथा मूंगफली इसे अलग-अलग बनावट और स्वाद देते हैं। इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती और डीप फ्राई किए बिना भी स्वादिष्ट चाट का आनंद लिया जा सकता है।
  • शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें पौराणिक कथा, प्रिय भोग, मंत्र और पूजन विधि

    शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन करें मां चंद्रघंटा की पूजा, जानें पौराणिक कथा, प्रिय भोग, मंत्र और पूजन विधि

    नई दिल्ली ।शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन 13 अक्टूबर 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी की आराधना से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति में साहस, धैर्य तथा एकाग्रता का भाव विकसित होता है। मां चंद्रघंटा का स्वरूप कठिन परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखने की प्रेरणा देता है। आज की व्यस्त दिनचर्या में कामकाज का दबाव और एक साथ कई जिम्मेदारियां निभाने की चुनौती लोगों के मानसिक तनाव को बढ़ा सकती है। ऐसे में भक्त मां चंद्रघंटा की पूजा करके मानसिक शांति और सकारात्मकता की कामना करते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा के माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है। इसी कारण देवी को चंद्रघंटा कहा जाता है। देवीभागवत पुराण में उनके स्वरूप का वर्णन मिलता है। उनका शरीर स्वर्ण के समान चमकदार बताया गया है। मां की दस भुजाएं हैं और वे सिंह पर सवार रहती हैं। उनकी भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुशोभित हैं। देवी का यह रूप सौम्यता और वीरता का प्रतीक माना जाता है। उनकी आराधना में भक्त शक्ति, साहस और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता प्राप्त करने की प्रार्थना करते हैं।

    पौराणिक कथा के अनुसार, जब महिषासुर नामक दैत्य का अत्याचार बढ़ने लगा और देवताओं को परेशान किया जाने लगा, तब मां दुर्गा ने दुष्ट शक्तियों का मुकाबला करने के लिए चंद्रघंटा का स्वरूप धारण किया। मान्यता है कि देवी के घंटे की भयानक ध्वनि से दैत्यों में भय फैल गया और बुरी शक्तियों का नाश हुआ। इसी कारण उनके घंटे को नकारात्मक शक्तियों को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के संचार का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा का स्वरूप यह संदेश भी देता है कि विपरीत परिस्थितियों में घबराने के बजाय धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

    नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को दूध और दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाने की परंपरा है। भक्त माता को मखाने या केसर की खीर, पेड़े, रबड़ी और मेवों से बनी मिठाइयां अर्पित कर सकते हैं। फूलों में कमल और सफेद या पीली चमेली को प्रिय माना जाता है। इसके अलावा लाल गुलाब, गेंदा और पीले रंग के फूल भी पूजा में चढ़ाए जा सकते हैं। पूजन के लिए सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को साफ रखें। इसके बाद मां की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक और धूप जलाएं, फूल अर्पित करें तथा दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं। श्रद्धापूर्वक आरती करें और पूजा के दौरान मन को शांत रखने का प्रयास करें।

    मां चंद्रघंटा की आराधना में मंत्र जाप का भी विशेष महत्व माना जाता है। भक्त देवी का ध्यान करते हुए ‘ॐ देवी चंद्रघण्टायै नमः॥’ मंत्र का जाप कर सकते हैं। उनका ध्यान मंत्र है, ‘पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥’ इसका भावार्थ है कि श्रेष्ठ सिंह पर सवार, दुष्टों के संहार के लिए अस्त्र-शस्त्र धारण करने वाली और चंद्रघंटा के नाम से प्रसिद्ध देवी भक्त पर अपनी कृपा बनाए रखें।

    पूजा के दौरान क्रोध, कटुता और अनावश्यक विवाद से बचने की सलाह दी जाती है। घर और पूजा स्थल में स्वच्छता बनाए रखें तथा बासी फूलों को जमा न होने दें। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, नवरात्रि में सात्विक भोजन करने और शराब तथा मांसाहार से दूर रहने की सलाह दी जाती है। मां चंद्रघंटा की आराधना का संदेश है कि कामकाज के दबाव और जीवन की कठिनाइयों के बीच भी शांत मन से निर्णय लेना चाहिए। घर और कार्यस्थल पर अनावश्यक शोर से बचना, दूसरों का सम्मान करना और धैर्य बनाए रखना जीवन में संतुलन स्थापित करने में मदद कर सकता है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव आज इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे, स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर शाम को खंडवा समारोह से जुड़ेंगे

    मुख्यमंत्री मोहन यादव आज इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे, स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर शाम को खंडवा समारोह से जुड़ेंगे

    मध्य प्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 13 अक्टूबर को इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दोनों शहरों में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भोपाल लौटेंगे, जहां उनके निवास पर मुलाकातों और विभिन्न विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित है। शाम को वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह और संगीत संध्या में शामिल होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह नई दिल्ली से इंदौर पहुंचेंगे। वे सुबह 8:50 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद विमान से इंदौर के लिए रवाना होंगे और सुबह 10:20 बजे इंदौर हवाई अड्डे पर पहुंचने का कार्यक्रम है। इंदौर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री होटल विवांता अमलतास जाएंगे, जहां वे स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। होटल में उनका कार्यक्रम सुबह करीब 10:30 बजे से 10:40 बजे तक निर्धारित है।

    इंदौर में निर्धारित कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे। सुबह 11:10 से 11:20 बजे के बीच उनके इंदौर हवाई अड्डे पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से रतलाम के लिए रवाना होंगे। तय समय के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह 11:55 बजे के आसपास रतलाम पहुंचेंगे। वहां वे स्थानीय आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों शहरों का दौरा मुख्यमंत्री के दिनभर के निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है।

    रतलाम में कार्यक्रम पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 12:30 बजे भोपाल के स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे। उनके दोपहर करीब 1:30 बजे भोपाल पहुंचने का कार्यक्रम तय है। इसके बाद वे दोपहर 1:45 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। भोपाल लौटने के बाद दिन के शेष समय में मुख्यमंत्री निवास समत्व में मुलाकातों और बैठकों का सिलसिला चलेगा।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर बाद 3:30 से 4:30 बजे तक निवास पर मुलाकातें निर्धारित हैं। इसके बाद शाम 4:30 से 5:45 बजे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। शाम 5:45 से 7 बजे तक जनसंपर्क से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का कार्यक्रम रखा गया है। सुबह की शुरुआत में निवास पर एडीजी इंटेलिजेंस और आयुक्त जनसंपर्क से ब्रीफिंग का कार्यक्रम भी निर्धारित है।

    दिन के अंतिम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शाम 7 बजे मुख्यमंत्री निवास समत्व से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह और संगीत संध्या से जुड़ेंगे। इस कार्यक्रम में उनकी सहभागिता ऑनलाइन माध्यम से होगी। इस तरह मुख्यमंत्री का दिन नई दिल्ली से इंदौर आगमन, रतलाम में स्थानीय आयोजनों में भागीदारी, भोपाल वापसी और शाम को खंडवा के समारोह में ऑनलाइन सहभागिता के बीच निर्धारित है।

  • बुधनी में आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के शिवराज सिंह चौहान, अफसरों पर बरसे और मुख्यमंत्री मोहन यादव से की बात

    बुधनी में आदिवासियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के शिवराज सिंह चौहान, अफसरों पर बरसे और मुख्यमंत्री मोहन यादव से की बात

    मध्य प्रदेश। के बुधनी क्षेत्र के कुसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों पर वन विभाग की बुलडोजर कार्रवाई के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कड़ी नाराजगी जताई है। गांव पहुंचकर उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। वहां घरों के टूटने और फसलों को नुकसान पहुंचने की स्थिति देखकर शिवराज अधिकारियों पर भड़क गए। उन्होंने कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। इस घटना के बाद प्रदेश में प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

    शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों की कार्यशैली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में अन्याय और जुल्म की हद पार कर दी गई है। उन्होंने गांव की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि जिन घरों में सुबह तक परिवार रह रहे थे और बच्चों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, वहां अब बच्चों की चीखें गूंज रही हैं। उनके मुताबिक, घरों को गिरा दिया गया और फसलें भी दब गईं। उन्होंने प्रभावित महिलाओं के रोने और परिवारों की पीड़ा का उल्लेख करते हुए कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को संवेदनहीन बताया।

    गुस्से में शिवराज ने संबंधित अधिकारियों के लिए बेहद कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें ‘नरपिशाच’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी वह मुख्यमंत्री मोहन यादव के सामने रखेंगे। शिवराज की मांग है कि जिन अधिकारियों ने यह कार्रवाई की, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। उन्होंने इस मामले को केवल प्रशासनिक कार्रवाई का विषय नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के साथ हुए व्यवहार से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

    घटना के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से फोन पर बात की। उन्होंने दोनों नेताओं को घटनाक्रम की जानकारी दी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बातचीत के बाद सरकार या प्रशासन की ओर से लिए गए किसी अंतिम निर्णय का उल्लेख नहीं है। फिलहाल शिवराज की नाराजगी और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग इस मामले के प्रमुख पहलू बने हुए हैं।

    इस घटनाक्रम ने शिवराज सिंह चौहान की वर्तमान राजनीतिक भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। वर्ष 2023 से पहले तक वह मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री के रूप में सक्रिय थे। उनके सार्वजनिक व्यक्तित्व की पहचान आम लोगों से जुड़ाव, ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच और महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने वाले नेता के रूप में रही। कभी उन्हें ‘पांव-पांव वाले भैया’ के नाम से जाना गया, तो कभी लाड़ली बहनों के भाई के रूप में उनकी छवि सामने आई। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने आम लोगों के बीच अपनी सहज उपस्थिति बनाए रखने की कोशिश की थी।

    अब बुधनी और विदिशा से जुड़े सांसद के रूप में उनकी भूमिका के बीच कुसमी की घटना पर उनकी तीखी प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बनी है। सवाल यह उठ रहा है कि उनकी नाराजगी केवल अधिकारियों की कार्यशैली तक सीमित है या इसके राजनीतिक मायने भी हैं। कांग्रेस इस घटनाक्रम को शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के बीच संभावित मतभेदों से जोड़कर देख रही है। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच किसी टकराव की पुष्टि करने वाली जानकारी सामने नहीं आई है।

    बुधनी शिवराज सिंह चौहान का लंबे समय तक राजनीतिक आधार रहा है, जहां से वह लगातार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। ऐसे में इसी क्षेत्र में आदिवासी परिवारों के घरों पर हुई कार्रवाई के बाद उनका खुद गांव पहुंचना और अधिकारियों के खिलाफ खुलकर बोलना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। अब इस मामले में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

  • मध्य प्रदेश में दो साल में 32 पटवारी रिश्वत लेते पकड़े गए, इंदौर-उज्जैन संभाग में जमीन संबंधी मामलों में कार्रवाई

    मध्य प्रदेश में दो साल में 32 पटवारी रिश्वत लेते पकड़े गए, इंदौर-उज्जैन संभाग में जमीन संबंधी मामलों में कार्रवाई


    मध्य प्रदेश:
    में जमीन से जुड़े कामकाज में रिश्वतखोरी के मामलों और स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री कराने में आ रही दिक्कतों को लेकर प्रशासन के सामने चुनौती बनी हुई है। पिछले दो वर्षों में इंदौर और उज्जैन संभाग के 16 जिलों में 32 पटवारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हैं। इन मामलों में जमीन का नामांतरण, सीमांकन, ऋण पुस्तिका तैयार करने और सरकारी रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने जैसे काम शामिल हैं। दूसरी ओर, स्वामित्व योजना के तहत शिविर लगाकर मुफ्त रजिस्ट्री कराने के निर्देशों पर भी पटवारियों की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है।

    स्वामित्व योजना के अंतर्गत मुफ्त रजिस्ट्री कराने को लेकर पटवारियों की अनिच्छा प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। संबंधित पटवारियों का कहना है कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया में यदि कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो उनकी नौकरी पर भी संकट आ सकता है। उन्हें आशंका है कि भविष्य में जिले के अधिकारियों के बदलने पर उन्हें किसी तरह का संरक्षण नहीं मिलेगा। इसी वजह से वे इस काम को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं और निर्देशों के बावजूद प्रक्रिया में शामिल होने से बच रहे हैं।

    इस स्थिति को लेकर जिलों के कलेक्टर कई बार पटवारियों को फटकार लगा चुके हैं। उन्हें काम में सहयोग नहीं करने पर नौकरी से बर्खास्त करने की चेतावनी भी दी गई है। प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने भी कलेक्टरों के सामने इस मामले पर नाराजगी जाहिर की है। इसके बावजूद पटवारियों के रवैये में बदलाव नहीं आने की बात सामने आई है। प्रशासन की ओर से निर्देश दिए जाने के बाद भी योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया में बाधाएं बनी हुई हैं।

    इसी बीच लोकायुक्त की कार्रवाई ने जमीन से जुड़े कामों में रिश्वत मांगने के मामलों को सामने रखा है। पिछले दो साल में इंदौर और उज्जैन संभाग के 16 जिलों में 32 पटवारी रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए। इन मामलों में रिश्वत की रकम दो हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक बताई गई। अलग-अलग मामलों में पटवारियों पर जमीन का नामांतरण करने, ऋण पुस्तिका बनवाने और सरकारी अभिलेखों में नाम दर्ज करने के बदले पैसे मांगने के आरोप सामने आए। सभी मामले जमीन से संबंधित कामकाज से जुड़े थे।

    इंदौर संभाग में अकेले 15 मामले दर्ज किए गए। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, इन मामलों में शिकायत करने वाले लोग गरीब किसान और आदिवासी थे। उनसे जमीन का बंटान कराने, सीमांकन करवाने, ऋण पुस्तिका बनवाने और सरकारी रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद संबंधित मामलों की जांच और सत्यापन किया गया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपित पटवारियों को पकड़ा गया।

    कुछ मामलों में रिश्वत की रकम और काम की प्रकृति भी सामने आई। 29 सितंबर को पटवारी खूबसिंह धारवे और कुलदीप यादव को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने का मामला सामने आया। आरोप के मुताबिक, वे पट्टेदारों को रजिस्ट्री कराने से मना कर रहे थे और किसान का नामांतरण करने के लिए दो लाख रुपये मांग रहे थे। पैसे के बिना काम नहीं करने पर किसान ने शिकायत की थी।

    एक अन्य मामले में पटवारी दिनेश जगताप ने 450 वर्ग फीट के प्लॉट का नामांतरण करने के लिए तीन हजार रुपये मांगे थे। कार्रवाई के बाद उसे पकड़ा गया। अदालत से सजा मिलने पर उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं पटवारी कला भट्ट पर जमीन के कांकड़ का सीमांकन करने के लिए किसान से दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगा। किसान के पैसे देने से इनकार करने पर काम रोक दिया गया था। बाद में लोकायुक्त की कार्रवाई में उसे दस हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया।

  • Netflix पर 13 से 16 अक्टूबर तक 11 नई फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज, माइक टायसन की डॉक्यूमेंट्री से रोडीज रीबर्थ तक

    Netflix पर 13 से 16 अक्टूबर तक 11 नई फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज, माइक टायसन की डॉक्यूमेंट्री से रोडीज रीबर्थ तक

    नई दिल्ली । नेटफ्लिक्स पर 13 से 16 अक्टूबर 2026 के बीच मनोरंजन के कई नए विकल्प देखने को मिलेंगे। इस दौरान फिल्में, वेब सीरीज, रियलिटी शो और डॉक्यूमेंट्री दर्शकों के लिए उपलब्ध होंगी। इस सूची में बॉक्सिंग के दिग्गज माइक टायसन की जिंदगी पर आधारित डॉक्यूमेंट्री, लोकप्रिय सीरीज के नए सीजन और अलग-अलग कहानियों वाली फिल्में शामिल हैं। दर्शकों को क्राइम थ्रिलर, एनिमेटेड कॉमेडी, रोमांस, राजनीतिक साजिश और रियलिटी मनोरंजन जैसे कई विषयों पर आधारित सामग्री देखने का मौका मिलेगा।

    13 अक्टूबर को रिलीज होने वाली सामग्री में टायसन, हाउ टू ट्रेन योर ड्रैगन, सोलर ऑपोजिट्स सीजन 6 और द ट्रैप शामिल हैं। टायसन चार हिस्सों वाली डॉक्यूमेंट्री है, जो मशहूर बॉक्सर माइक टायसन के जीवन और उनकी विरासत पर केंद्रित है। इसमें उनके प्रसिद्ध होने के सफर, निजी जीवन की मुश्किलों और उन विवादों को दिखाया गया है, जिन्होंने उनकी सार्वजनिक छवि को प्रभावित किया। यह डॉक्यूमेंट्री दर्शकों को उनके जीवन के अलग-अलग पहलुओं से परिचित कराएगी।

    हाउ टू ट्रेन योर ड्रैगन एक एडवेंचर फिल्म है, जिसमें इंसानों और ड्रैगन के बीच संबंध को कहानी का केंद्र बनाया गया है। वहीं, सोलर ऑपोजिट्स का छठा सीजन एनिमेटेड कॉमेडी पसंद करने वालों के लिए आएगा। इसकी कहानी एलियंस के एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने ग्रह के नष्ट होने के बाद अमेरिका के उपनगरों में रहने की कोशिश करता है। इस शो में विज्ञान-कथा से जुड़ी असामान्य परिस्थितियों को हास्य के साथ पेश किया गया है। इसी दिन जर्मन क्राइम थ्रिलर द ट्रैप भी रिलीज होगी। इसमें लेखिका लिसा कॉनराड अपनी बहन की हत्या के बाद दस साल तक बाहरी दुनिया से दूर रहती हैं। जब उन्हें टेलीविजन पर एक व्यक्ति को देखकर उसके हत्यारा होने का संदेह होता है, तो वह एक जोखिम भरी योजना बनाती हैं।

    14 अक्टूबर को लव इज ब्लाइंड का 11वां सीजन और कोकेन बेयर देखने को मिलेगी। निक और वैनेसा लैची द्वारा होस्ट किए जाने वाले डेटिंग रियलिटी शो में इस बार बोस्टन के अविवाहित प्रतिभागी शामिल होंगे। शो में प्रतिभागी अलग-अलग पॉड्स में एक-दूसरे को जाने बिना बातचीत करते हैं और आमने-सामने मिलने से पहले सगाई करने का फैसला भी कर सकते हैं। इसका उद्देश्य लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते की तलाश करना है। दूसरी ओर, कोकेन बेयर एक डार्क कॉमेडी है। इसकी कहानी उस अफरातफरी पर आधारित है, जो एक काले भालू के कोकीन की खेप खा लेने के बाद पैदा होती है। जंगल में अलग-अलग किरदारों का इस जानवर से सामना कहानी को खतरनाक मोड़ देता है।

    15 अक्टूबर को द स्ट्रॉर्म, द डिप्लोमैट का चौथा सीजन और हॉलीवुड आर्ट्स रिलीज होंगी। द स्ट्रॉर्म में उत्तरी स्वीडन के एक दूरदराज इलाके में फिलिप के 45वें जन्मदिन का जश्न तूफान के कारण संकट में बदल जाता है। यूनिवर्सिटी के पुराने दोस्तों का समूह वहां फंस जाता है और तनाव के बीच पुराने राज, रंजिशें तथा रोमांटिक धोखे सामने आने लगते हैं। द डिप्लोमैट के नए सीजन में राजदूत केट वाइलर को रूस के चोरी हुए परमाणु हथियार से जुड़े भू-राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ता है। उपराष्ट्रपति हैल वाइलर और राष्ट्रपति ग्रेस पेन के राजनीतिक साजिश में उलझने के बाद केट के सामने बड़े टकराव को रोकने की चुनौती आती है। हॉलीवुड आर्ट्स में ट्रिना वेगा प्रतिभाशाली किशोरों को मार्गदर्शन देने के लिए लौटती हैं। कहानी में स्कूल की प्रतिद्वंद्विता, हास्य और युवा कलाकारों की महत्वाकांक्षाएं शामिल हैं।

    इस सूची में सैक्रिफाइस और रोडीज रीबर्थ भी शामिल हैं। सैक्रिफाइस में क्रिस इवांस और अन्या टेलर-जॉय नजर आएंगे। इसकी कहानी ग्रीक द्वीप पर आयोजित एक चैरिटी समारोह के दौरान एक फिल्म स्टार के सामने आए खतरे पर आधारित है, जहां ज्वालामुखी की पूजा करने वाला एक पंथ उसे बंधक बना लेता है। रोडीज रीबर्थ में रणविजय सिंह होस्ट की भूमिका निभाएंगे। शो में प्रिंस नरूला, नेहा धूपिया, अभिषेक मल्हान, बसीर अली, निखिल चिनप्पा और बानी जे गैंग लीडर के रूप में दिखाई देंगे। इसकी स्ट्रीमिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी।

  • शेयर बाजार में गिरावट के बाद अब क्या होगा, 13 अक्टूबर को इन बड़े संकेतों से तय होगी सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा

    शेयर बाजार में गिरावट के बाद अब क्या होगा, 13 अक्टूबर को इन बड़े संकेतों से तय होगी सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा

    नई दिल्ली । निवेशकों के लिए अहम रहेगा मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार 13 अक्टूबर 2026 को निवेशकों की नजर सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर रहेगी। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में शुरुआती मजबूती के बावजूद बिकवाली का दबाव देखने को मिला। इससे निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। अब बाजार की दिशा घरेलू आर्थिक संकेतों के साथ वैश्विक बाजारों के रुख पर भी निर्भर करेगी।

    ऐसे में कारोबारियों को मंगलवार के सत्र में जल्दबाजी के बजाय सोच समझकर फैसले लेने की जरूरत होगी। सोमवार को भारतीय बाजार में उतार चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स करीब 0.76 प्रतिशत गिरकर 71 हजार 924 अंक के आसपास बंद हुआ जबकि निफ्टी 50 में भी लगभग 0.7 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई और यह 22 हजार 400 के स्तर से नीचे चला गया। बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ी अनिश्चितता प्रमुख कारण रहे। निवेशक महंगाई के आंकड़ों और ब्याज दरों की आगे की दिशा को लेकर भी सतर्क हैं।

    मंगलवार को बाजार की चाल तय करने वाले प्रमुख कारकों में कच्चे तेल की कीमतें शामिल रहेंगी। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है इसलिए तेल महंगा होने पर कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और महंगाई पर दबाव आ सकता है। इसके उलट कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बाजार के लिए राहत का संकेत बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी खबरों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की गतिविधियां भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। हाल के सत्रों में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा पर दबाव बनाया है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से कुछ सहारा मिल रहा है। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहती है तो तेजी टिकने में मुश्किल हो सकती है। इसके विपरीत खरीदारी बढ़ने पर बाजार को समर्थन मिल सकता है।

    इस सप्ताह निवेशकों की निगाह महंगाई के आंकड़ों और कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों पर भी रहेगी। इन आंकड़ों से अर्थव्यवस्था की स्थिति और कंपनियों के प्रदर्शन को समझने में मदद मिलेगी। मजबूत नतीजे चुनिंदा शेयरों में खरीदारी बढ़ा सकते हैं जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले शेयरों पर दबाव आ सकता है। अमेरिकी बाजारों की दिशा डॉलर और रुपये की चाल तथा वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बदलाव भी भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।

    निवेशकों के लिए मंगलवार को सबसे जरूरी बात बाजार के शुरुआती रुख को देखकर तुरंत फैसला नहीं करना है। शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली या गिरावट के बाद खरीदारी दोनों स्थितियों में बाजार की मजबूती की पुष्टि देखना जरूरी होगा। केवल अफवाह या सोशल मीडिया पर चल रही किसी खबर के आधार पर शेयर खरीदने से बचना चाहिए। किसी शेयर में निवेश से पहले कंपनी के नतीजे कारोबार की स्थिति और जोखिम का आकलन करना बेहतर होगा।

    कुल मिलाकर 13 अक्टूबर को शेयर बाजार में सतर्क कारोबार रहने की संभावना है। कच्चे तेल में राहत विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और महंगाई से जुड़े संकेत बाजार को दिशा दे सकते हैं। हालांकि बाजार की वास्तविक चाल कारोबारी सत्र के दौरान सामने आने वाले आंकड़ों और खबरों पर निर्भर करेगी। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि बाजार का अनुमान निश्चित परिणाम नहीं होता इसलिए अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि के अनुसार ही फैसला लें।

  • लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का 15 अक्टूबर को उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हुआ निर्माण

    लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का 15 अक्टूबर को उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी, 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हुआ निर्माण

    नई दिल्ली: लद्दाख के लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोचे (केबीआर) एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग बनकर तैयार हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को इस आधुनिक टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन कर सकते हैं। इसके लिए जमीन पर जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब कार्यक्रम के समय को लेकर अंतिम मंजूरी का इंतजार है। इस नई सुविधा के शुरू होने से हवाई अड्डे की यात्री क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को पहले के मुकाबले बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

    लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने उद्घाटन कार्यक्रम से पहले निर्माण स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नए टर्मिनल के विभिन्न हिस्सों को देखा, जिनमें प्रस्थान लाउंज, आगमन लाउंज, प्रतीक्षालय, यात्रियों की जांच के लिए निर्धारित क्षेत्र और फूड लाउंज शामिल हैं। उन्होंने यात्रियों को दी जाने वाली दूसरी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। साथ ही, टर्मिनल को पूरी तरह चालू करने के लिए शेष कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, भवन से जुड़ी संरचनात्मक और परिचालन तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उम्मीद है कि उद्घाटन के तुरंत बाद नए टर्मिनल को यात्रियों के इस्तेमाल के लिए खोल दिया जाएगा।

    भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इस परियोजना को 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया है। लगभग 23,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली यह तीन मंजिला इमारत सालाना 35 लाख यात्रियों को संभालने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके अलावा, यहां प्रतिदिन 54 उड़ानों के संचालन को ध्यान में रखकर सुविधाएं विकसित की गई हैं। नए टर्मिनल में यात्रियों की आवाजाही और विमान सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। इनमें 20 चेक-इन काउंटर, इनलाइन बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, सामान प्राप्त करने के लिए दो कैरोसेल, 15 लिफ्ट और 12 एस्केलेटर शामिल हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों के चेक-इन, सामान प्रबंधन और टर्मिनल के भीतर आवागमन में मदद मिलने की उम्मीद है।

    नई टर्मिनल बिल्डिंग को ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल तकनीक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 700 किलोवाट पीक क्षमता का रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया गया है। इसके साथ ही, अत्यधिक ठंड वाले मौसम में इमारत को गर्म रखने के लिए भू-तापीय तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। इस परियोजना में शून्य से नीचे तापमान वाले सर्दियों के मौसम की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। भू-तापीय तकनीक के उपयोग को भारत में इस तरह की व्यवस्था के शुरुआती बड़े पैमाने के इस्तेमाल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इससे लेह जैसे ठंडे क्षेत्र में हवाई अड्डे के संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    टर्मिनल के उद्घाटन के बाद परियोजना के दूसरे चरण के तहत पुराने टर्मिनल को गिराने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे हवाई अड्डे के एप्रन का विस्तार करने और विमानों के संचालन से जुड़ी अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने का रास्ता साफ होगा। योजना में तीन एयरोब्रिज और विमानों की पार्किंग के लिए चार अतिरिक्त बे बनाने का प्रस्ताव शामिल है। इन बदलावों से यात्रियों को विमान तक पहुंचने में सुविधा मिलने के साथ विमानों की पार्किंग और परिचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इससे पहले 11 अगस्त को मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के निर्माण और नुब्रा क्षेत्र के थॉइस एयरपोर्ट से नागरिक उड़ान सेवाएं शुरू करने की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक की थी। उस बैठक में एएआई के एयरपोर्ट निदेशक और परियोजना महाप्रबंधक ए. उमाशंकर ने निर्माण कार्य की स्थिति की जानकारी दी थी। अब नई टर्मिनल बिल्डिंग तैयार होने के बाद इसके उद्घाटन और यात्रियों के लिए संचालन शुरू होने पर ध्यान केंद्रित है।