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  • डाक विभाग को सबसे बड़ी लाजिस्टिक शक्ति के रूप में करेंगे स्थापित: केन्द्रीय मंत्री सिंधिया

    डाक विभाग को सबसे बड़ी लाजिस्टिक शक्ति के रूप में करेंगे स्थापित: केन्द्रीय मंत्री सिंधिया


    भोपाल।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग देश के विकास में अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहा है। डाक विभाग को तकनीकी रूप से सुदृढ बनाने के लिए कई कदम उठाए गए है। हमारा संकल्प है कि देश के डाक विभाग को विश्व की सबसे बड़ी लाजिस्टिक शक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।

    केंद्रीय संचार एवं उत्तरपूर्व क्षेत्र विकास मंत्री सिंधिया मंगलवार शाम को मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे स्थित कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित ग्रामीण डाक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण डाक सेवक मेरे परिवार के सदस्य हैं।

    सिंधिया ने कहा कि देशभर में ग्रामीण डाक सेवक एक सैनिक की भांती कार्य कर रहे हैं। रेगिस्तान हो या पहाड़ों की चोटियां या मैदानी क्षेत्र हर एक स्थान पर ग्रामीण डाक सेवक निर्भीक रूप से पहुंचकर आमजन की सेवा कर रहे हैं। दुर्गम स्थलों जहां कोई अन्य व्यक्ति जाने की हिम्मत नहीं करता है, वहां भी हमारा डाक सेवक अपनी सेवाएं दे रहा है। सर्दी, गर्मी, बरसात की परवाह किए बगैर डाक सेवक अपने कर्तव्य का निर्वाह कर रहा है। ग्रामीण डाक सेवक का मान-सम्मान शासन का संकल्प है।

    उन्होंने डाक सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में 30 करोड़ पोस्ट ऑफिस बचत खातों को खुलवाने तथा उनमें लगभग 22 लाख करोड़ की रुपये की राशि जमा कराने में ग्रामीण डाक सेवक की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज पूरे देश में 3 करोड़ 80 लाख सुकन्या समृद्धि खाते हैं, जो हमारे ग्रामीण डाक सेवकों ने खुलवाएं हैं। देश में 2 करोड़ पासपोर्ट बनवाने में तथा 15 करोड़ से अधिक आधार कार्ड वितरण में भी हमारे डाक सेवकों ने महत्वूर्ण भूमिका निभाई है।

    सिंधिया ने कहा कि अब केंद्रीय विद्यालयों में ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों को भी प्रवेश मिलेगा। डाकघरों को मुनाफे का केंद्र बनाया जाएगा। पार्सल वितरण क्षेत्र में अब महत्वपूर्ण भूमिका डाक घरों द्वारा निभाई जाएगी। डाक विभाग में डिजिटल सिस्टम, ट्रैकिंग सिस्टम अपनाए जाएंगे। सामग्री वितरण शत-प्रतिशत रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। दुर्गम क्षेत्रों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की भी सेवाएं ली जाएगी। विभाग अब ड्रोन का भी उपयोग करेगा।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि विभाग द्वारा तकनीकी दक्षता में वृद्धि, उपभोक्ता का विश्वास, अच्छा व्यवहार तथा ऑन टाइम डिलीवरी पर ध्येय केंद्रीत किया गया है। समय सीमा पर फोकस किया जा रहा है। 24 घंटे, 48 घंटे जैसी समय-सीमा में पार्सल अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचाने पर कार्य विभाग करेंगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय डाक व्यवस्था में आये निर्णायक परिवर्तन: मुख्यमंत्री

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकों के हित में भारतीय डाक व्यवस्था ने अपनी सार्थक भूमिका सिद्ध की है। ब्रिटिश काल से प्रारंभ व्यवस्थाओं को नया स्वरूप मिलता गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक व्यवस्था में निर्णायक परिवर्तन आये हैं और डाक विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाने की ठोस पहल हुई है।

    ग्रामीण डाक सेवक देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की है नींव
    उन्होंने कहा कि एक समय सिर्फ चिट्ठियां पहुंचाने वाला विभाग अब बाबा महाकाल के प्रसाद के वितरण के लिए नई पोस्टल सेवा लागू करने तक अपनी यात्रा तय कर चुका है। डाक घरों के माध्यम से नागरिकों को बीमा योजनाओं, बचत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। खाते प्रारंभ करने से लेकर तीव्र गति से स्पीड पोस्ट और अन्य माध्यमों से ग्राहकों को लाभान्वित किया जा रहा है। ग्रामीण डाक सेवक भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डाक सेवकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि अपने अथक परिश्रम से गांव-गांव तक डाक तथा अन्य जनउपयोगी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने वाले ग्रामीण डाक सेवकों की देश के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक हमारे सैनिक तथा हमारी ताकत है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। हमारे देश में प्राचीन काल से ही डाक पहुंचाने की परंपरा रही है। हमारे देश में डाक सेवकों का हृदय से सम्मान रहा है। बदलते दौर में देश के पोस्ट ऑफिस तीव्र गति से कार्य कर रहे हैं। डाक विभाग को तकनीकी रूप से दक्ष बनाया जा रहा है। विभाग को शत प्रतिशत कम्प्युटरीकृत तथा डिजिटलाईज किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के हित में दिन रात अपनी भूमिका को सराहनीय रूप से निभाने के लिए हमारा डाक विभाग बधाई का पात्र है। सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण जीवन उपयोगी कार्यों में भी डाक विभाग की महती भूमिका है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में डाक विभाग नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मध्य प्रदेश में 16 हजार 800 से ज्यादा ऊर्जावान ग्रामीण डाक सेवक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का काम कर रहे हैं।

    ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में डाक नायकों का हुआ सम्मान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में उज्जैन में आयोजित ग्रामीण डाक सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने की। सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्य पद्रेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्रामीण डाक नायकों को सम्मानित किया।

    उज्जैन के दर्शनीय स्थलों के पिक्टोरियल पोस्टकार्ड का किया विमोचन

    कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारतीय डाक विभाग से उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर तथा श्री ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर की प्रसादी आमजन तक पहुंचाने के लिए पोस्टल सेवा का शुभारंभ किया गया। इसके अतिरिक्त उज्जैन के प्रसिद्ध स्थानों के संकलन पर आधारित पिक्टोरियल पोस्ट कार्ड का विमोचन भी अतिथियों द्वारा किया गया।

    कार्यक्रम में केंद्रीय महिला बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, राजेन्द्र भारती सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण डाक सेवक उपस्थित थे।

  • कार, बस या फ्लाइट में मोशन सिकनेस? इन आसान टिप्स से राहत पाएं

    कार, बस या फ्लाइट में मोशन सिकनेस? इन आसान टिप्स से राहत पाएं


    नई दिल्ली। सफर का मज़ा तब ही बढ़ता है जब रास्ता आरामदायक और परेशानी-मुक्त हो। लेकिन कई लोगों के लिए बस, कार या फ्लाइट में सफर करना मोशन सिकनेस के कारण मुश्किल भरा हो जाता है। चक्कर, उलझन, मतली और कभी-कभी उल्टी की समस्या ऐसे यात्रियों के लिए ट्रिप का मज़ा ही खराब कर देती है। खासकर बच्चों और महिलाओं में मोशन सिकनेस अधिक देखने को मिलती है।

    मोशन सिकनेस तब होती है जब आंखों, कानों और शरीर से मिलने वाले संकेत दिमाग तक अलग-अलग तरीके से पहुंचते हैं। यानी शरीर को स्थिर महसूस होता है, लेकिन आंखें चलती हुई चीजें देखती हैं। यही असंतुलन दिमाग को भ्रमित करता है और मतली, चक्कर या उल्टी जैसी समस्याएं पैदा करता है।

    मोशन सिकनेस क्यों होती है?
    हमारे कान के अंदर मौजूद बैलेंस सिस्टम, जिसे वेस्टिब्युलर सिस्टम कहते हैं, शरीर की गति को महसूस करता है। जब यह सिस्टम और आंखों से मिलने वाली जानकारी मेल नहीं खाती, तो दिमाग कन्फ्यूज हो जाता है। इसका असर मतली, उल्टी, पसीना और सिरदर्द के रूप में दिखता है। लंबी यात्रा, घुमावदार सड़कें और बंद वाहन इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं।

    मोशन सिकनेस से बचने के आसान उपाय
    1. सही सीट का चुनाव करें

    कार में आगे की सीट, बस में खिड़की के पास और फ्लाइट में विंग के पास वाली सीट अपेक्षाकृत स्थिर मानी जाती है। यहां बैठने से झटके कम महसूस होते हैं और चक्कर आने की संभावना घटती है।

    2. हल्का और संतुलित भोजन करें
    सफर से पहले तला-भुना या भारी भोजन करने से बचें। हल्का और सुपाच्य भोजन करें और बहुत ज्यादा खाली पेट भी न रहें। अदरक की चाय, नींबू पानी या हल्का स्नैक मोशन सिकनेस को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    3. नजरें स्थिर रखें

    चलती गाड़ी में मोबाइल या किताब पढ़ना मोशन सिकनेस को बढ़ा सकता है। कोशिश करें कि दूर किसी स्थिर बिंदु को देखें या आंखें बंद करके आराम करें।

    4. ताजी हवा और हाइड्रेशन
    वाहन में ताजी हवा का इंतजाम रखें। खिड़की खोलें या एयर वेंट को अपनी ओर रखें। साथ ही पानी की छोटी-छोटी घूंट लेते रहें। यह शरीर को डिहाइड्रेट होने से बचाएगा और उलझन कम करेगा।

    5. दवाइयों का सहारा
    अगर समस्या गंभीर है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर एंटी-नॉशिया या एंटीहिस्टामिन दवाएं ली जा सकती हैं। इन्हें सफर शुरू होने से पहले लेना ज्यादा असरदार होता है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दवा लेने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है।

    मोशन सिकनेस को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही तैयारी और सावधानी अपनाकर इसके असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव, जैसे सही सीट पर बैठना, हल्का भोजन करना, नजरें स्थिर रखना और पर्याप्त हाइड्रेशन, सफर को आरामदायक और मज़ेदार बना सकते हैं।

  • घर पर बनाएं नींबू का चटपटा-चटकारेदार अचार: आसान और फटाफट रेसिपी

    घर पर बनाएं नींबू का चटपटा-चटकारेदार अचार: आसान और फटाफट रेसिपी


    नई दिल्ली । नींबू का अचार सिर्फ खाने का स्वाद ही बढ़ाता है बल्कि यह पाचन के लिए भी बेहद लाभकारी होता है। भारतीय खाने में अचार की खास जगह है चाहे पराठे हों या चावल दी दा अचार खाने का मज़ा दुगना कर देता है। गर्मियों में नींबू का अचार बनाना एक परंपरा जैसी हो गई है। खट्टा मीठा और मसालेदार यह अचार खाने में चटपटा और पाचन के लिए हितकारी होता है। अगर आप भी घर पर नींबू का अचार बनाना चाहते हैं तो यहां आसान रेसिपी नोट कर लें।

    सामग्री

    नींबू 500 ग्राम पतले छिलके वाले और रसीले ,नमक 50 ग्राम लगभग 4 बड़े चम्मच ,काला नमक 1 बड़ा चम्मच,लाल मिर्च पाउडर 2 बड़े चम्मच तीखापन स्वाद अनुसार ,हल्दी पाउडर 1 छोटा चम्मच,अजवाइन 1 बड़ा चम्मच हथेलियों से रगड़कर ,भुना हुआ जीरा पाउडर 1 बड़ा चम्मच,हींग आधा छोटा चम्मच

    बनाने की विधि
    नींबू की तैयारी: नींबू को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रहे कि नींबू पर कोई नमी न रहे नहीं तो अचार जल्दी खराब हो सकता है। काटना: प्रत्येक नींबू को 4 या 8 टुकड़ों में काट लें। आप चाहें तो नींबू का रस अंदर ही रहने दें या थोड़ा रस अलग से निचोड़कर ऊपर डाल सकते हैं। मसाले मिलाना: एक बड़े सूखे बर्तन में नींबू के टुकड़े डालें। अब इसमें नमक काला नमक हल्दी लाल मिर्च पाउडर अजवाइन जीरा पाउडर और हींग डालें।

    मिक्स करना: चम्मच या हाथों से नींबू और मसालों को अच्छे से मिलाएं ताकि हर टुकड़े पर मसाला लग जाए। अगर आप खट्टा मीठा स्वाद चाहते हैं तो इस समय थोड़ा गुड़ या चीनी भी मिला सकते हैं। धूप दिखाना: तैयार अचार को एक कांच के सूखे जार में भरें। इसे 4 5 दिनों तक धूप में रखें। दिन में एक बार जार को हल्का हिलाएं ताकि मसाले और रस अच्छी तरह मिल जाए। इस तरह आपका चटपटा और चटकारेदार नींबू का अचार तैयार हो जाएगा। इसे पराठे चावल या स्नैक्स के साथ परोसें और खाने का स्वाद दोगुना करें।

  • ट्रंप के दूत के एक बयान ने हिला दी अरब दुनिया: इजरायल का अधिकार पूरे रीजन पर, भड़का पाकिस्तान; ओआईसी ने जताई गहरी चिंता!

    ट्रंप के दूत के एक बयान ने हिला दी अरब दुनिया: इजरायल का अधिकार पूरे रीजन पर, भड़का पाकिस्तान; ओआईसी ने जताई गहरी चिंता!


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों के बीच इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी के एक हालिया बयान ने कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। हकाबी ने एक साक्षात्कार के दौरान संकेत दिया कि यदि इजरायल पश्चिम एशिया के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लेता है, तो उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी। इस टिप्पणी के बाद सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन और पाकिस्तान सहित दर्जनों मुस्लिम देशों ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया है।

    साक्षात्कार जिसने मचाया बवाल
    यह विवाद तब शुरू हुआ जब माइक हकाबी प्रसिद्ध रूढ़िवादी टिप्पणीकार टकर कार्लसन के साथ एक साक्षात्कार में शामिल हुए। बातचीत के दौरान जब कार्लसन ने ‘बाइबिल’ के संदर्भों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या अब्राहम के वंशजों (इजरायल) को वह पूरी भूमि मिलनी चाहिए जो आज के लगभग पूरे पश्चिम एशिया को कवर करती है, तो हकाबी ने जवाब दिया, “अगर वे सब कुछ ले लें तो भी ठीक होगा।” हालांकि, उन्होंने बाद में संतुलित करते हुए यह भी कहा कि इजरायल फिलहाल अपने क्षेत्र का विस्तार नहीं कर रहा है, बल्कि केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

    सऊदी और पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया

    सऊदी अरब ने हकाबी के इस बयान को ‘कट्टरपंथी’ करार देते हुए पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। वहीं, मिस्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया। रविवार को इस विरोध की लहर में पाकिस्तान भी शामिल हो गया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि ओमान, कुवैत, कतर, तुर्किये और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ मिलकर वे इस टिप्पणी की ‘कड़ी निंदा’ करते हैं।

    संयुक्त बयान में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि हकाबी की यह सोच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस घोषित दृष्टिकोण के विपरीत है, जो गाजा संघर्ष को समाप्त करने और एक स्वतंत्र फलस्तीनी राष्ट्र के निर्माण (Two-State Solution) की वकालत करता है।

    दो-राष्ट्र समाधान के धुर विरोधी हैं हकाबी

    माइक हकाबी का रिकॉर्ड हमेशा से इजरायल के पक्ष में बेहद झुका हुआ रहा है। वे लंबे समय से फलस्तीनी राष्ट्र के विचार का विरोध करते रहे हैं। पिछले वर्ष उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि वे ब्रिटिश शासन के दौरान रहने वाले अरब वंशजों को ‘फलस्तीनी’ कहने में विश्वास नहीं रखते। उनकी यह वैचारिक पृष्ठभूमि अब अरब देशों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है।

    इतिहास और वर्तमान का संघर्ष
    1967 के ‘छह दिवसीय युद्ध’ के बाद से ही वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गोलान हाइट्स पर इजरायल के कब्जे को लेकर विवाद बना हुआ है। हाल के वर्षों में इजरायल ने वेस्ट बैंक में बस्तियों का तेजी से विस्तार किया है, जिसे लेकर फलस्तीनी लोग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार चिंता जताते रहे हैं। हकाबी का यह नया बयान उन जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है।

  • रणवीर बनाम फरहान: 'डॉन 3' छोड़ने पर एक्सल एंटरटेनमेंट ने मांगा भारी हर्जाना, गिल्ड ने कहा- अपनाइए कानूनी रास्ता

    रणवीर बनाम फरहान: 'डॉन 3' छोड़ने पर एक्सल एंटरटेनमेंट ने मांगा भारी हर्जाना, गिल्ड ने कहा- अपनाइए कानूनी रास्ता


    नई दिल्ली।मुंबई: बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ अब अपने कास्टिंग या शूटिंग को लेकर नहीं, बल्कि एक कड़वे कानूनी विवाद को लेकर सुर्खियों में है। एक्सल एंटरटेनमेंट के कर्ता-धर्ता फरहान अख्तर और एक्टर रणवीर सिंह के बीच चल रही खींचतान अब उस मोड़ पर आ गई है, जहाँ सुलह की गुंजाइश कम और अदालती कार्यवाही के आसार ज्यादा नजर आ रहे हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक, प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के बाद दोनों पक्षों को कानूनी रास्ता अपनाने का सुझाव दिया है।

    आमिर खान के घर हुई ‘महाबैठक’

    विवाद की गंभीरता को देखते हुए फिल्म जगत के दिग्गजों ने बीच-बचाव की कोशिश की। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आमिर खान के घर पर एक महत्वपूर्ण मीटिंग आयोजित हुई, जिसमें करण जौहर, साजिद नाडियाडवाला, एकता कपूर, जोया अख्तर और पुनीत गोयंका जैसे भारी-भरकम नाम शामिल थे। इस बैठक का उद्देश्य विवाद का कोई सर्वसम्मत समाधान निकालना था, लेकिन घंटों चली चर्चा के बाद भी कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका।

    40 करोड़ का मुआवजा और दावों की टक्कर

    विवाद की मुख्य जड़ रणवीर सिंह का फिल्म से अचानक बाहर होना है। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी एक्सल एंटरटेनमेंट का दावा है कि रणवीर के फिल्म छोड़ने से प्रोडक्शन हाउस को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। इसके एवज में उन्होंने 40 करोड़ रुपये के मुआवजे Compensation की मांग की है।

    दूसरी तरफ, रणवीर सिंह ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने मीटिंग के दौरान अपने ईमेल्स और व्हाट्सएप टेक्स्ट का हवाला देते हुए यह साबित करने की कोशिश की कि उनका फैसला परिस्थितियों के आधार पर था। चूंकि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं, इसलिए प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि एक संगठन के रूप में उनकी भी सीमाएं हैं और अब बेहतर होगा कि दोनों पार्टियाँ अपनी कानूनी टीमों के जरिए इसे सुलझाएं।

    ऋतिक रोशन का नाम और नया मोड़
    विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब रिपोर्टों में कहा गया कि रणवीर के बाहर होने के पीछे एक वजह यह भी थी कि मेकर्स ऋतिक रोशन को फिल्म में लेने का विचार कर रहे थे। हालांकि, ऋतिक रोशन ने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत बताया है। गौरतलब है कि अगस्त 2023 में एक धमाकेदार वीडियो के जरिए रणवीर सिंह को नए ‘डॉन’ के रूप में पेश किया गया था, जिससे शाहरुख खान के फैंस पहले ही नाराज चल रहे थे।

    रणवीर की ‘धुरंधर 2’ और यश की ‘टॉक्सिक’ में महाटक्कर
    विवादों के बीच रणवीर सिंह का फोकस अब अपनी अगली बड़ी रिलीज ‘धुरंधर 2’ पर है। यह फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे सितारे भी नजर आएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इसी दिन बॉक्स ऑफिस पर कन्नड़ सुपरस्टार यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ भी रिलीज हो रही है, जिसमें कियारा आडवाणी और नयनतारा जैसे बड़े नाम हैं। अब देखना होगा कि कानूनी विवादों में फंसे रणवीर बॉक्स ऑफिस पर इस बड़ी टक्कर को कैसे संभालते हैं।

  • बुधवार 25 फरवरी: रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग में करें ये असरदार उपाय, दूर होगा तनाव और सुधरेगी सेहत

    बुधवार 25 फरवरी: रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग में करें ये असरदार उपाय, दूर होगा तनाव और सुधरेगी सेहत


    नई दिल्ली । बुधवार 25 फरवरी को रोहिणी नक्षत्र और विष्कुम्भ योग का संयोग रहेगा जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर सकता है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से न केवल आपके मानसिक तनाव में कमी आएगी बल्कि सेहत परिवार व्यवसाय और जीवनसाथी संबंधों में भी सुधार देखने को मिलेगा। यदि आपको भूलने की आदत है और आप चीज़ें रखकर भूल जाते हैं तो आज शाम को चंद्रदेव को प्रणाम करें और चांदी का चंद्रमा धारण करें।
    यह उपाय आपकी याददाश्त को तेज करने में सहायक होगा। स्वास्थ्य के लिए भी यह दिन विशेष है। एक सुंदर और स्वस्थ जीवन के लिए जामुन का पेड़ लगाना चाहिए और उसकी जड़ों में पानी डालना चाहिए। यदि आज पेड़ लगाना संभव न हो तो संकल्प लेकर भविष्य में इसे जरूर करें। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो तो शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल में दूध मिलाकर अर्पित करें। इससे माता का स्वास्थ्य जल्द ही सुधरेगा। वहीं यदि जीवनसाथी के मन में किसी बात को लेकर तनाव या शक की स्थिति बनी रहती है तो उनके हाथों से मोती का दान कराना लाभकारी होगा।

    काम के बोझ और मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए आज 2 मुखी रुद्राक्ष गले में धारण करें। इससे आप मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त रहेंगे। घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करनी हो तो शिव मंदिर जाकर अपने हाथ के बराबर लंबा सफेद सूत का धागा भेंट करें। इससे कार्यक्रम सफल होंगे और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। यदि कार्यों की सफलता को लेकर घबराहट रहती है तो माता से आशीर्वाद स्वरूप मुट्ठी भर चावल प्राप्त कर उसे पोटली में संभालकर रखें। इससे कार्य से जुड़ी चिंता दूर होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा। आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए चंद्रमा की रोशनी में ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम: मंत्र का 108 बार जप करना लाभकारी रहेगा।

    घर में बहस और तनाव का माहौल दूर करने के लिए सफेद कपड़ा मंदिर में दान करें। यह उपाय परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में मदद करेगा। व्यवसायिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए शाम के समय चंद्रदेव को अर्घ्य दें और सौं सोमाय नमः मंत्र का जप करें। इससे व्यवसाय में आपकी स्थिति मजबूत होगी। घर की सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए मंदिर में दूध का दान करें और घर के बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करें। इन उपायों को करने से न केवल आपका जीवन तनावमुक्त होगा बल्कि परिवारिक स्वास्थ्य और व्यवसायिक जीवन में भी सुधार आएगा। बुधवार 25 फरवरी का यह दिन इन उपायों के माध्यम से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए उत्तम अवसर है।

  • BAFTA 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने रचा इतिहास, पीएम मोदी बोले- यह गौरव का क्षण, पूरे देश की रचनात्मक प्रतिभा की जीत

    BAFTA 2026: मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने रचा इतिहास, पीएम मोदी बोले- यह गौरव का क्षण, पूरे देश की रचनात्मक प्रतिभा की जीत


    नई दिल्ली/लंदन: भारतीय सिनेमा के लिए साल 2026 एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ शुरू हुआ है। लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल फेस्टिवल हॉल में आयोजित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स BAFTA 2026 में मणिपुरी फिल्म बूंगने ‘बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म’ कैटेगरी में जीत हासिल कर दुनिया भर में भारत का परचम लहरा दिया है। यह गौरव इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी भारतीय फिल्म ने इस विशेष श्रेणी में बाफ्टा अवॉर्ड अपने नाम किया है।

    इस ऐतिहासिक क्षण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ Twitter पर फिल्म की टीम की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई। यह वाकई बेहद खुशी का पल है, खासकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रदर्शित करता है।” प्रधानमंत्री के इस संदेश ने न केवल फिल्म की टीम का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा संबल भी दिया है।

    स्टेज से शांति का संदेश: भावुक हुईं डायरेक्टर
    फिल्म की निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी के लिए यह उनकी पहली फीचर फिल्म Debut है, और पहली ही कोशिश में उन्होंने वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ दी। अवॉर्ड लेते समय लक्ष्मीप्रिया ने अपनी स्पीच में मणिपुर की वर्तमान परिस्थितियों का जिक्र कर सबको भावुक कर दिया। उन्होंने कहा, “मैं प्रार्थना करती हूँ कि मणिपुर में जल्द ही शांति लौटे।” उन्होंने उन बच्चों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की जो राज्य की स्थितियों के कारण आंतरिक रूप से प्रभावित हुए हैं, जिनमें फिल्म के नन्हे कलाकार भी शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अवॉर्ड उन बच्चों की मासूमियत और सपनों को वापस लाने में एक उम्मीद की किरण बनेगा।

    फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी का प्रोडक्शन

    फिल्म ‘बूंग’ का निर्माण बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म मेकर्स फरहान अख्तर, रितेश सिधवानी, विकेश भूटानी, एलन मैकएलेक्स और शुजात सौदागर ने मिलकर किया है। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2024 में ‘टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ TIFF के डिस्कवरी सेक्शन में हुआ था, जहाँ इसे खूब सराहना मिली थी।

    क्या है ‘बूंग’ की भावुक कहानी?
    ‘बूंग’ की कहानी मणिपुर की वादियों और वहाँ के सामाजिक परिवेश पर आधारित है। यह एक छोटे लड़के ‘बूंग’ की भावनात्मक यात्रा है, जिसका किरदार बाल कलाकार गुगुन किपगेन ने बखूबी निभाया है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे बूंग अपनी सिंगल मदर मंदाकिनी के साथ रहते हुए, अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ मिलकर अपने लापता पिता को खोजने के सफर पर निकल पड़ता है। यह फिल्म केवल एक खोज नहीं, बल्कि परिवार, उम्मीद और मासूमियत की एक ऐसी दास्तां है जो सीधे दिल को छू लेती है।मणिपुर से निकली इस कहानी ने आज साबित कर दिया है कि कला की कोई सीमा नहीं होती और सच्ची कहानियाँ पूरी दुनिया को प्रभावित करने की ताकत रखती हैं।

  • कला और यथार्थ का अद्भुत संगम: श्याम बेनेगल की 10 आइकोनिक फिल्में, जिनकी चमक आज भी बरकरार है!

    कला और यथार्थ का अद्भुत संगम: श्याम बेनेगल की 10 आइकोनिक फिल्में, जिनकी चमक आज भी बरकरार है!


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा जगत में श्याम बेनेगल का नाम एक ऐसे हस्ताक्षर के रूप में दर्ज है, जिन्होंने पर्दे पर ग्लैमर के बजाय यथार्थ को प्राथमिकता दी। उनकी फिल्मों ने न केवल समाज की रूढ़ियों पर प्रहार किया, बल्कि अभिनय की एक नई पौध (शबाना आज़मी, स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह) को भी जन्म दिया। आइए, उनके करियर की 10 सबसे बेहतरीन फिल्मों पर एक नज़र डालते हैं:

    1. अंकुर (1974):
    यह श्याम बेनेगल की पहली फिल्म थी और इसने रिलीज होते ही धमाका कर दिया। सामाजिक भेदभाव और मानवाधिकारों के मुद्दे पर बनी इस फिल्म ने 40 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीते। शबाना आज़मी की भी यह पहली फिल्म थी, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया।

    2. मंडी (1983):
    वेश्यावृत्ति और समाज के दोहरे मानदंडों पर प्रहार करती यह फिल्म एक वेश्यालय की कहानी है। इसमें शबाना आज़मी और स्मिता पाटिल के बेजोड़ अभिनय ने इसे मील का पत्थर बना दिया। इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

    3. कलयुग (1981):
    महाभारत के कथानक को आधुनिक कॉर्पोरेट जगत के परिप्रेक्ष्य में पेश करने वाली यह फिल्म एक मास्टरपीस है। इसमें दो परिवारों के बीच व्यापारिक दुश्मनी को बहुत ही गहराई से फिल्माया गया था।

    4. जुबैदा (2001):
    करिश्मा कपूर, रेखा और मनोज बाजपेयी अभिनीत यह फिल्म एक अलग ही मिजाज की प्रेम कहानी थी। इसमें एक राजकुमारी के संघर्ष और उसकी भावनाओं को बखूबी दिखाया गया था।

    5. भूमिका (1977):
    एक प्रसिद्ध मराठी अभिनेत्री के जीवन पर आधारित यह फिल्म दिखाती है कि कैसे एक सफल महिला की जिंदगी में आने वाले पुरुष उसके जीवन को प्रभावित करते हैं। स्मिता पाटिल ने इस रोल को अमर कर दिया।

    6. निशांत (1975):
    यह फिल्म सामंती समाज में उच्च वर्ग द्वारा किए जाने वाले शोषण की दर्दनाक दास्तां है। इस फिल्म को शिकागो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में गोल्डन प्लेक अवॉर्ड से नवाजा गया था।

    7. मुजीब: द मेकिंग ऑफ ए नेशन (2023):
    बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान की यह बायोपिक श्याम बेनेगल के करियर की हालिया महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक है। इसमें इतिहास के पन्नों को बड़ी ईमानदारी से पर्दे पर उतारा गया है।

    8. सारांश:
    यह फिल्म एक वृद्ध पिता के संघर्ष की मार्मिक कहानी है, जो अपने बेटे की असामयिक मृत्यु के बाद व्यवस्था से लड़ता है और फिर से जीना सीखता है।

    9. जुनून (1978):
    1857 के विद्रोह की पृष्ठभूमि पर बनी इस ऐतिहासिक फिल्म ने एक अंग्रेज लड़की और एक भारतीय नवाब शशि कपूर की जटिल प्रेम कहानी को दिखाया। इसकी भव्यता और निर्देशन आज भी सराहा जाता है।

    10. मंथन (1976):
    सहकारिता आंदोलन और ‘श्वेत क्रांति’ पर आधारित इस फिल्म की खास बात यह थी कि इसे गुजरात के 5 लाख किसानों ने 2-2 रुपये चंदा देकर फाइनेंस किया था।

  • गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!

    गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!


    नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब के गुरदासपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तैनात दो पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या के मामले ने अब एक अंतरराष्ट्रीय और आतंकी मोड़ ले लिया है। इस जघन्य हत्याकांड के अगले ही दिन पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो पोस्ट किया है। इस अपुष्ट वीडियो में एक अज्ञात शूटर को बेहद करीब से ड्यूटी पर तैनात एएसआई गुरनाम सिंह पर गोलियां बरसाते हुए देखा जा सकता है।

    हैरानी की बात यह है कि इसी वीडियो कोतहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान TTH नामक संगठन ने भी साझा किया है। इसी संगठन ने रविवार को हुई इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि पंजाब पुलिस ने अब तक इन दावों और वीडियो की सत्यता पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इसटेरर-गैंगस्टर लिंक समेत सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।

    शहादत को सलाम: 2-2 करोड़ की आर्थिक सहायता
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कायराना हमले में शहीद हुए एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार के परिवारों के लिए भारी अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नेएक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब सरकार दोनों शहीदों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये देगी। इसके अतिरिक्त, एचडीएफसी HDFC बैंक की ओर से भी बीमा कवर के रूप में 1-1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। यानी प्रत्येक शहीद परिवार को कुल 2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।

    ड्रोन तस्करी के लिए संवेदनशील है यह इलाका
    यह घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज दो किलोमीटर दूरअधियान चेकपोस्ट पर हुई। फॉरेंसिक टीम ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया। शुरुआती जांच में पता चला कि एएसआई गुरनाम सिंह का शव कुर्सी पर मिला, जबकि होमगार्ड अशोक कुमार का शव चारपाई पर था। जिस शांति और अचानक तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया, वह किसी पेशेवर शूटर की संलिप्तता की ओर इशारा करता है। बता दें कि यह क्षेत्र सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।

    विपक्ष का तीखा हमला: यह शासन नहीं, आत्मसमर्पण है
    इस घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने इसे राज्य सरकार का गैंगस्टरों के आगेआत्मसमर्पण करार दिया। वहीं कांग्रेस ने भी इस मामले की केंद्रीय जांच Central Investigation की मांग की है ताकि सीमा पार की साजिशों का पर्दाफाश हो सके।

    राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
    शहीद होमगार्ड अशोक कुमार का उनके पैतृक गांव कैलाशपुर में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पंजाब पुलिस के आला अधिकारी और भारी जनसैलाब मौजूद था, जिन्होंने नम आंखों से अपने वीर जवान को विदाई दी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

  • सोना दो दिन में ₹4 हजार महंगा, 10 ग्राम 24 कैरेट का भाव ₹1.59 लाख पहुंचा, चांदी की कीमतें गिरीं

    सोना दो दिन में ₹4 हजार महंगा, 10 ग्राम 24 कैरेट का भाव ₹1.59 लाख पहुंचा, चांदी की कीमतें गिरीं


    नई दिल्ली । आज यानी 24 फरवरी को सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,021 बढ़कर ₹1,59,241 प्रति 10 ग्राम हो गया है। इससे पहले यह ₹1,58,220 पर था। यानी दो कारोबारी दिनों में सोना लगभग ₹4 हजार महंगा हुआ है।

    वहीं, चांदी के दामों में गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी की कीमत आज ₹1,163 घटकर ₹2,62,912 पर आ गई, जबकि कल यह ₹2,64,075 प्रति किलो थी।इस साल सोने और चांदी की कीमतों में पहले से ही तेजी रही है। 2026 में अब तक सोना ₹26,000 और चांदी ₹33,000 महंगी हो चुकी है। जनवरी में 29 तारीख को सोने ने ₹1,76,000 और चांदी ने ₹3,86,000 प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी छुआ था।

    पिछले साल 2025 में भी सोने और चांदी ने निवेशकों को बड़ा लाभ दिया। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76,000 का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1,33,000 हो गया, यानी लगभग ₹57,000 की बढ़ोतरी। चांदी में भी 167% का इजाफा हुआ। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86,000 थी, जो साल के अंत तक ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

    आने वाले समय में सोने की कीमतों को लेकर UBS जैसी इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनियों ने अनुमान लगाया है कि मांग और खरीदारी और बढ़ सकती है। 2025 में दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने 863 टन सोना खरीदा था, जबकि 2026 में यह आंकड़ा 950 टन तक पहुंचने का अनुमान है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी 825 टन तक होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार साल के मध्य तक सोना $6,200 प्रति औंस तक जा सकता है, यानी भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव ₹1.80 लाख तक पहुंच सकता है।

    सोना खरीदते समय ध्यान रखें ये बातें:

    सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड हॉलमार्क वाला सोना खरीदें। हॉलमार्क नंबर अल्फान्यूमेरिक होता है जैसे AZ4524, जिससे कैरेट पता चलता है। कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का वजन और कीमत दिन के हिसाब से कई सोर्सेज से चेक करें। 24, 22 और 18 कैरेट सोने का भाव अलग होता है। सोने और चांदी में निवेश करते समय सही समय और प्रमाणित गोल्ड चुनना सबसे जरूरी है, ताकि लाभ सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ रहे।