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  • मेटा को बड़ा झटका: 213 करोड़ का जुर्माना और डेटा शेयरिंग पर रोक बरकरार, CJI की पीठ के सख्त रुख के आगे झुकी ग्लोबल टेक दिग्गज!

    मेटा को बड़ा झटका: 213 करोड़ का जुर्माना और डेटा शेयरिंग पर रोक बरकरार, CJI की पीठ के सख्त रुख के आगे झुकी ग्लोबल टेक दिग्गज!


    नई दिल्ली: वैश्विक तकनीकी दिग्गज मेटा और उसके लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने सोमवार 23 फरवरी को देश की सर्वोच्च अदालत में एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। मुख्य न्यायाधीश CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण NCLT के उन सभी निर्देशों का पालन करेगा, जो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग CCI द्वारा निर्धारित गोपनीयता और सहमति मानकों से संबंधित हैं।

    मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ दिसंबर 2025 में आए NCLT के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान व्हाट्सएप के इस ‘यू-टर्न’ ने सबको चौंका दिया, क्योंकि कंपनी ने पहले इन निर्देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। अब व्हाट्सएप ने अपनी वह अर्जी वापस ले ली है जिसमें उसने नियामक निर्देशों पर रोक लगाने की मांग की थी।

    कपिल सिब्बल ने रखी दलील: 16 मार्च तक होगा अनुपालन

    व्हाट्सएप की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को भरोसा दिलाया कि कंपनियां आगामी 16 मार्च तक न्यायाधिकरण के सभी निर्देशों को पूरी तरह से लागू कर देंगी। इस पर पीठ ने न केवल स्थगन याचिकाओं को खारिज कर दिया, बल्कि कंपनियों से एक विस्तृत ‘अनुपालन रिपोर्ट’ Compliance Report भी तलब की है। हालांकि, अदालत ने यह साफ कर दिया कि इस सहमति का मुख्य अपील में उठाए गए कानूनी मुद्दों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उन पर अलग से विचार किया जाएगा।

    213 करोड़ का जुर्माना और ‘डेटा’ का खेल
    यह पूरा विवाद व्हाट्सएप की 2021 की विवादास्पद गोपनीयता नीति से शुरू हुआ था। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग CCI ने व्हाट्सएप पर अपनी प्रधान स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 213.14 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया था। CCI का आरोप था कि व्हाट्सएप ‘टेक इट ऑर लीव इट’ मानो या छोड़ो की तर्ज पर उपयोगकर्ताओं को अपना डेटा मेटा की अन्य कंपनियों के साथ साझा करने के लिए मजबूर कर रहा है।

    यद्यपि NCLT ने अपने नवंबर 2025 के आदेश में उस हिस्से को हटा दिया था जिसमें विज्ञापन के लिए डेटा साझा करने पर पांच साल की पूर्ण रोक लगाई गई थी, लेकिन 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में 3 फरवरी को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि “नागरिकों के निजता के अधिकार के साथ ‘डेटा साझा करने’ के नाम पर खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।”

    क्या होगा असर?
    व्हाट्सएप के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि अब उसे भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा का उपयोग विज्ञापनों के लिए करने से पहले उनकी स्पष्ट सहमति लेनी होगी और पारदर्शिता के कड़े मानकों का पालन करना होगा। यह फैसला भारत में डिजिटल नागरिक अधिकारों और डेटा सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जहां बड़ी टेक कंपनियों को भारतीय नियामकों के प्रति जवाबदेह बनाया गया है।

  • बैंकिंग जगत में हड़कंप: हरियाणा सरकार के 590 करोड़ के गबन पर RBI की पैनी नजर, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% टूटे!

    बैंकिंग जगत में हड़कंप: हरियाणा सरकार के 590 करोड़ के गबन पर RBI की पैनी नजर, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% टूटे!


    नई दिल्ली/चंडीगढ़: हरियाणा के प्रशासनिक और सियासी गलियारों में इन दिनों 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले को लेकर भारी हलचल मची हुई है। IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में हुई वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि “जनता का एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा” और इस महाघोटाले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

    यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक सरकारी विभाग ने अपने खाते को बंद कर धनराशि को दूसरे बैंक में स्थानांतरित Transfer करने की प्रक्रिया शुरू की। प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए जब उन्होंने पाया कि कागजों पर दर्ज राशि और बैंक खाते के वास्तविक बैलेंस के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। बैंक की आंतरिक जांच में पता चला कि यह गड़बड़ी केवल एक खाते तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसी शाखा से जुड़े कई अन्य सरकारी खातों में भी सेंध लगाई गई थी।

    विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने घेरा
    23 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में इस घोटाले की गूंज सुनाई दी। विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी राशि की हेराफेरी कैसे संभव हुई और अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई है? हुड्डा के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य की एंटी-करप्शन ब्यूरो ACB और विजिलेंस विभाग इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, चाहे वह बैंक का कर्मचारी हो या कोई रसूखदार सरकारी अधिकारी, जिसने भी जनता की कमाई पर हाथ साफ किया है, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

    बैंकिंग प्रणाली और बाजार पर असर
    घोटाले की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को बैंक का शेयर 20 प्रतिशत तक लुढ़ककर 66.85 रुपये पर आ गया। बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने स्वीकार किया कि यह धोखाधड़ी बैंक के कुछ कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत का परिणाम है। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि यह कोई तकनीकी या प्रणालीगत त्रुटि Systemic Error नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी जो केवल हरियाणा सरकार के विशिष्ट खातों तक सीमित थी।

    RBI की पैनी नजर
    भारतीय रिजर्व बैंक RBI भी इस पूरे घटनाक्रम पर सतर्कता बनाए हुए है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंक इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकिंग सिस्टम में कोई बड़ी “प्रणालीगत समस्या” नहीं है और यह मामला एक विशेष इकाई और ग्राहक समूह तक ही सीमित है।

    हरियाणा सरकार ने अब अपनी वित्तीय निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी न हो सके। मुख्यमंत्री के सख्त लहजे ने यह साफ कर दिया है कि सरकार इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

  • होलाष्टक आज से शुरू: विवाह और मांगलिक कार्यों का मुहूर्त निषिद्ध, होलिका दहन पर लगेगा चंद्र ग्रहण

    होलाष्टक आज से शुरू: विवाह और मांगलिक कार्यों का मुहूर्त निषिद्ध, होलिका दहन पर लगेगा चंद्र ग्रहण


    नई दिल्ली । आज 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू हो रहा है। होली से पहले के आठ दिन यानी फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक माना जाता है। इन आठ दिनों में विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त नहीं रहते। ज्योतिषियों के अनुसार इस दौरान ग्रहों की स्थिति उग्र होती है, इसलिए मांगलिक कार्यों के लिए शुभ योग नहीं बनते। होलाष्टक का समापन होलिका दहन के साथ होता है।

    इस साल होलिका दहन यानी फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी होगा। ग्रहण के समय और सूतक में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। 3 मार्च को सुबह 6.21 बजे से ग्रहण का सूतक शुरू होगा और दोपहर 3.21 बजे से ग्रहण आरंभ होकर शाम 6.47 बजे तक रहेगा। ग्रहण के दौरान रंग-गुलाल खेलना उचित नहीं माना गया है। ज्योतिषियों की सलाह है कि इस समय मानसिक रूप से मंत्र जप, दान-पुण्य और पूजा-पाठ करना चाहिए। इसके चलते इस साल धुलंडी होली 4 मार्च को मनाने की सलाह दी जा रही है, हालांकि कुछ पंचांगों में 3 मार्च को भी होली खेलने का उल्लेख है।

    होलाष्टक की कथा

    होलाष्टक से जुड़ी कथा भक्त प्रह्लाद से संबंधित है। असुरराज हिरण्यकश्यपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु की भक्ति के कारण अनेक यातनाएं दीं। फाल्गुन कृष्ण अष्टमी से पूर्णिमा तक होलिका ने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठने की कोशिश की, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए और होलिका अग्नि में भस्म हो गई। तभी से होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।

    होलाष्टक में किए जाने वाले शुभ कार्य

    ध्यान, जप और पूजा का विशेष महत्व। शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें, बिल्वपत्र चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें। हनुमान जी के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की पूजा करें, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें दान-पुण्य, हवन, अभिषेक, ध्यान और तीर्थ यात्रा करना शुभ फलदायी माना गया है। इस प्रकार होलाष्टक का समय आध्यात्मिक उन्नति और भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, जबकि मांगलिक कार्यों के लिए यह निषिद्ध अवधि है। होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण के कारण इस वर्ष रंगों की होली 4 मार्च को खेलने की सलाह दी जा रही है।

  • PM मोदी की इजरायल यात्रा और 'गोल्डन हेरोइजन' का दांव: सुखोई के साथ मिलकर अभेद्य किलों को खाक कर देगी यह मिसाइल!

    PM मोदी की इजरायल यात्रा और 'गोल्डन हेरोइजन' का दांव: सुखोई के साथ मिलकर अभेद्य किलों को खाक कर देगी यह मिसाइल!


    नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इजरायल यात्रा को लेकर देश और दुनिया के रक्षा गलियारों में जबरदस्त हलचल है। पिछले आठ वर्षों में पीएम मोदी की यह पहली इजरायल यात्रा होगी, जिसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस यात्रा के दौरान रक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौते हो सकते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इजरायल की उस ‘सीक्रेट’ मिसाइल प्रणाली की हो रही है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। खबरें हैं कि इजरायल ने भारत को अपनी सबसे शक्तिशाली एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम गोल्डन हेरोइजन Golden Horizon देने की पेशकश की है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, परंतु यदि यह सौदा सिरे चढ़ता है, तो भारतीय वायुसेना की ताकत में कई गुना इजाफा होना तय है।

    गोल्डन हेरोइजन कोई साधारण मिसाइल नहीं है; यह इजरायल की उस उन्नत सैन्य तकनीक का हिस्सा है जिसे उसने हमास और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच विशेष रूप से विकसित किया है। अक्टूबर 2024 में ईरान पर हमले से ठीक पहले लीक हुए अमेरिकी दस्तावेजों ने दुनिया को इस मिसाइल के वजूद से रूबरू कराया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एक ऐसी मिसाइल है जिसे फाइटर जेट्स से हवा में ही दागा जा सकता है। इसकी मारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी अनुमानित रेंज 1,500 से 2,000 किलोमीटर के बीच है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेंज के साथ भारतीय विमान बिना दुश्मन की सीमा में प्रवेश किए उनके गहरे ठिकानों को तबाह कर सकते हैं।

    इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ़्तार और भेदने की क्षमता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गोल्डन हेरोइजन गहरे भूमिगत बंकरों और भारी सुरक्षा वाले ढांचों को भी मिट्टी में मिलाने की शक्ति रखती है। जब इसे फाइटर जेट से छोड़ा जाता है, तो यह पहले एक निश्चित ऊंचाई तक बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र Trajectory का पालन करती है और फिर सीधे लक्ष्य पर काल बनकर गिरती है। अपने अंतिम चरण में इसकी गति 5 मैक ध्वनि की गति से पांच गुना से भी अधिक हो जाती है, जो इसे ‘हाइपरसोनिक’ श्रेणी के करीब खड़ा करती है। तुलनात्मक रूप से देखें तो भारत की शान कही जाने वाली ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की गति 2.8 मैक है। यानी गोल्डन हेरोइजन न केवल रफ़्तार में बल्कि मारक क्षमता में भी एक नया बेंचमार्क स्थापित करती है।

    भारतीय परिप्रेक्ष्य में यह मिसाइल गेम-चेंजर साबित हो सकती है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल सुखोई-30 MKI Su-30MKI जैसे शक्तिशाली विमान इस मिसाइल को ढोने और दागने के लिए पूरी तरह अनुकूल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के साथ बढ़ते सीमा विवादों के बीच, यह तकनीक भारत को एक ऐसा ‘स्टैंड-ऑफ’ लाभ देगी जिससे दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नाकाम हो जाएगा। गाजा युद्ध में हमास के सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त करने वाली इस तकनीक ने अपनी उपयोगिता पहले ही साबित कर दी है।

    प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में केवल हथियारों की खरीद ही नहीं, बल्कि तकनीक के हस्तांतरण Technology Transfer पर भी बात होगी। यदि गोल्डन हेरोइजन भारतीय शस्त्रागार का हिस्सा बनती है, तो यह न केवल भारत की मारक क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि दक्षिण एशिया के सैन्य संतुलन को भी पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका देगी। हालांकि, दुनिया की निगाहें अब नई दिल्ली और यरुशलम से आने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर टिकी हैं, लेकिन इतना साफ है कि यह दोस्ती आने वाले समय में दुश्मनों के लिए ‘काल’ साबित होने वाली है।

  • जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा

    जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा


    मुरैना। अंबाह में किन्नर गुरु के घर हुई सनसनीखेज डकैती ने पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वारदात के पीछे मामा भांजे की जोड़ी द्वारा जेल में तैयार की गई 11 सदस्यों की संगठित गैंग का हाथ सामने आया है। इस गिरोह ने पांच दिन के भीतर तीन अलग अलग जगहों पर वारदात की कोशिश की जिनमें दो बार असफल रहने के बाद तीसरी बार अंबाह में बड़ी लूट को अंजाम देकर फरार हो गए।

    पुलिस जांच के मुताबिक गिरोह की कमान सुरेश निषाद और उसके भांजे सुनील निषाद के हाथ में थी। दोनों पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और जेल में बंद रहने के दौरान उनकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई। समान आपराधिक पृष्ठभूमि और एक ही समाज से जुड़े होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जेल से रिहा होने के बाद मामा भांजे ने संपर्क बनाए रखा और नौ अन्य लोगों को जोड़कर गैंग 11 तैयार कर ली। गिरोह के सभी सदस्य मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दर्ज मामलों में आरोपी रहे हैं।

    गैंग ने 13 जनवरी को राजस्थान के पाली जिले के सराफा बाजार में पहली वारदात की कोशिश की लेकिन बाजार में हलचल होने से भागना पड़ा। 16 जनवरी को मुरैना जिले के कैलारस में एक परिवार को बंधक बनाकर चोरी की पर उम्मीद के मुताबिक माल नहीं मिला। उसी रात सराफा बाजार में सीसीटीवी तार काटने के बावजूद वे सफल नहीं हो सके। 17 जनवरी की रात करीब दो बजे बदमाश सफेद एसयूवी से अंबाह पहुंचे। खेतों के रास्ते छत पर चढ़कर गैस कटर से गेट काटा और घर में घुस गए। किन्नर राबिया और रिया को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए।

    पीड़िता के अनुसार लूट के बाद बदमाशों ने अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी दी। बदमाश बार बार घर में किसी पुरुष की मौजूदगी के बारे में पूछते रहे। एक आरोपी के फारसी भाषा बोलने का भी जिक्र सामने आया है जिससे अंदरूनी मुखबिरी की आशंका गहराई। जांच में पता चला कि एक मुस्लिम साईं ने किन्नर के यहां कार्यक्रमों के दौरान जेवर देखे थे और यह जानकारी अपने दामाद के माध्यम से सुनील निषाद तक पहुंचाई गई जिसके बाद पूरी योजना बनाई गई।

    घटना के बाद मुरैना पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित कर मध्यप्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाया। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिर की सूचना पर अलग अलग राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये नकद डेढ़ किलो चांदी और छह तोला सोना बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी समेत छह बदमाश अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जिसने योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य मामलों के भी खुलासे होने की संभावना है।

  • अंक ज्योतिष भविष्यफल: आज स्थिरता और भावनात्मक संतुलन पर रहेगा जोर

    अंक ज्योतिष भविष्यफल: आज स्थिरता और भावनात्मक संतुलन पर रहेगा जोर


    नई दिल्ली:24 फरवरी 2026 का अंक ज्योतिष जीवन में स्थिरता, जिम्मेदारी और भावनात्मक संतुलन को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज का मूलांक 6 है, जो प्रेम, परिवार, सामंजस्य और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। वहीं भाग्यांक 9 त्याग, पूर्णता और पुराने बोझ से मुक्ति की ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है।

    इन दोनों अंकों का संयोजन यह दर्शाता है कि आज का दिन जल्दबाजी से बचकर धैर्य और विवेक के साथ निर्णय लेने के लिए अनुकूल है। कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक रहेगा। भावनात्मक रूप से परिपक्व फैसले भविष्य में स्थायी और सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

    मूलांक के अनुसार आज का प्रभाव
    मूलांक 1
    नेतृत्व क्षमता का उपयोग करें, लेकिन सामूहिक कार्यशैली अपनाएं। टीम के साथ तालमेल बनाकर चलना लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 2
    संवाद और समझदारी से समस्याओं का समाधान संभव है। रिश्तों में नरमी और धैर्य से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

    मूलांक 3
    रचनात्मक योजनाओं की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। नई सोच और आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ाएंगे।

    मूलांक 4
    प्रशासनिक और वित्तीय मामलों में स्थिरता रखें। सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे।

    मूलांक 5
    निवेश और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है, इसलिए योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ें।

    मूलांक 6
    सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत हैं। परिवार और कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाकर चलें।

    मूलांक 7
    शोध, अध्ययन और आत्ममंथन के लिए दिन अनुकूल है। मानसिक स्पष्टता पाने के लिए ध्यान या एकांत समय लाभकारी रहेगा।

    मूलांक 8
    आर्थिक और कानूनी मामलों में सतर्कता रखें। धैर्य और अनुशासन से कार्य करें।

    मूलांक 9
    अधूरे कार्य पूरे करने और पुराने विवाद समाप्त करने का अवसर मिल सकता है। सकारात्मक पहल से संबंध सुधरेंगे।

    दिन का संदेश
    विशेषज्ञों का मानना है कि आज की ऊर्जा लोगों को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्वों के प्रति अधिक सजग बनाएगी। परिवार में संवाद और समझदारी से रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।

    मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी गई है। आज का दिन दिल और दिमाग दोनों के संतुलन से आगे बढ़ने का संकेत देता है।

  • हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, शादी के बाद मैं भी आबादी बढ़ाऊंगा… बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री का बयान

    हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, शादी के बाद मैं भी आबादी बढ़ाऊंगा… बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री का बयान


    नई दिल्ली । धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. उन्होंने ये भी बताया कि जब उनकी शादी होगी तो वो भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में अपना योगदान देंगे. बागेश्वर धाम सरकार ने इस दौरान अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदुओं को सलाह दी को वो सनातन का ही पालन करें.
    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बाद अब बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर चिंता जताई है. जहां भागवत ने हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने के लिए कहा था वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को 4 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है.

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमान कथा के लिए तीन दिवसीय पुष्कर दौरे पर गए हैं. इस दौरान उन्होंने कई अलग अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. इस दौरान उन्होंने भारतीय मुसलमानों की घर वापसी को लेकर भी अपनी राय दी है.

    हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कहा ‘ये बहुत वैश्विक विषय है खासकर भारत का बहुत बड़ा मुद्दा है. घटते हिंदू बढ़ते मजहबी देश को बर्बाद करने के परिस्थिति पर जा रहा है
    ‘शादी के बाद हम भी हिंदुओं की आबादी..

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा ‘हिंदूओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करना चाहिए. हमारी तो शादी नहीं हुई तो हम पर तो अभी लोग कमेंट करेंगे ही कि बाबा आपका क्या योगदान है. जब हमारा ब्याह हो जाएगा तो हम भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे

    मुसलमानों की घर वापसी पर बोले बाबाधाम सरकार

    भारतीय मुसलमानों की घर वापसी के सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दावा किया कि उनके पूर्वज हिंदू थे. उन्होंने कहा एक फिल्म आई थी अमर अकबर एंथनी उसमें आखिर में तीनों का बाप कन्हैयालाल निकला था. उन्हें अगर ये बात समझ आ जाए तो घर वापसी हो जाएगी

    हिंदुओं को अजमेर की दरगाह पर ना जाने की सलाह

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदू धर्म के लोगों से अपील की. उन्होंने कहा सबके अपने अपने विचार हैं लेकिन सनातनों से मैं एक प्रार्थना करूंगा कि गीता में कृष्ण भगवान ने कहा कि अपने धर्म में ही चलना जीना सही है. दूसरे धर्म मजहब में उनकी सेवा उन्हें करने दो. हमें अपनी श्रद्धा भावना से भक्ति करनी चाहिए और हमें लगता है हिंदुओं में भगवानों की कमी नहीं है

  • पीएमएफएमई योजना से प्रेमलता गृहिणी से बनी सफल उद्यमी, सालाना 30 लाख की आय

    पीएमएफएमई योजना से प्रेमलता गृहिणी से बनी सफल उद्यमी, सालाना 30 लाख की आय


    नीमच। कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली नीमच जिले के ग्राम बमोरा की श्रीमती प्रेमलता पाटीदार आज एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने उनके सपनों को पंख देकर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।

    श्रीमती प्रेमलता बताती हैं कि वे हमेशा कुछ अपना करना चाहती थीं, लेकिन संसाधनों की कमी और मार्गदर्शन के अभाव में आगे बढ़ना आसान नहीं था। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पीएमएफएमई योजना की जानकारी मिली। योजना के तहत उन्होंने 23.61 लाख रुपये की लागत से ‘बालाजी उद्योग’ नाम से खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। उद्योग की स्थापना के लिए उन्होंने नीमच जिले में भारतीय स्टेट बैंक की जीरन शाखा से 20 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। शासन की ओर से उन्हें 8.26 लाख रुपये का अनुदान भी मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत हुआ।

    श्रीमती प्रेमलता ने ‘गोपाल कृष्ण’ नाम के ब्रांड से कोकोनट ऑयल का पंजीयन कराया और अपने उत्पाद को बाजार में उतारा। गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और निरंतर मेहनत के बल पर उनका व्यवसाय तेजी से आगे बढ़ा। आज उनका मासिक टर्नओवर लगभग 8 से 10 लाख रुपये है और वे प्रतिमाह 2 से 3 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। सालाना लाभ लगभग 30 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुका है।

    प्रेमलता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उन्होंने अपने उद्योग में 7 स्थानीय लोगों को रोजगार देकर गांव में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया है। वे कहती हैं, “सरकार की योजना ने मुझे हिम्मत दी, लेकिन सफलता मेहनत और विश्वास से मिली।”

    नीमच जिले में पीएमएफएमई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिले में अब तक 210 हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित किया गया है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 125 नए उद्योग स्थापित हुए हैं। इस उपलब्धि के साथ नीमच जिला प्रदेश और संभाग के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है।

    प्रेमलता पाटीदार की यह कहानी बताती है कि आत्म विश्वास के साथ सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिल जाये तो एक गृहिणी भी सफल उद्योगपति बन सकती है। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता नहीं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है।

  • केरल का नया नाम ‘केरलम’! मोदी कैबिनेट ने दिया ऐतिहासिक मंजूरी, राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नया सम्मान

    केरल का नया नाम ‘केरलम’! मोदी कैबिनेट ने दिया ऐतिहासिक मंजूरी, राज्य की सांस्कृतिक पहचान को नया सम्मान


    नई दिल्ली। केरल अब आधिकारिक तौर पर ‘केरलम’ के नाम से जाना जाएगा। मोदी कैबिनेट ने मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को इस ऐतिहासिक फैसले पर मुहर लगा दी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि केरल का नाम बदलने की मांग लंबे समय से राज्य और स्थानीय भाषा प्रेमियों के बीच उठती रही है, और अब इस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हरी झंडी दे दी है। इस कदम को राज्य विधानसभा में अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह संविधान की आठवीं अनुसूची में भी शामिल कर दिया जाएगा।

    केरल विधानसभा ने इस प्रस्ताव को पारित करने का रास्ता पहले ही साफ कर दिया था। 24 जून, 2024 को विधानसभा ने आम सहमति से केंद्र सरकार को राज्य का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रारंभिक प्रस्ताव में कुछ तकनीकी सुधार सुझाए थे। इसके बाद दूसरी बार प्रस्ताव पारित किया गया और अब केंद्र ने इसे मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में राज्य के हित में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यह नाम न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि मलयालम भाषा के महत्व को भी उजागर करेगा।

    केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी राज्य का नाम बदलने का लंबे समय से समर्थन किया था। उनका कहना था कि ‘केरलम’ नाम मलयालम भाषा और स्थानीय संस्कृति की गहनता को दर्शाता है और इससे राज्य की पहचान और गौरव बढ़ेगा। भाजपा के केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी इस साल के शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य का आधिकारिक नाम बदलने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि ‘केरलम’ नाम स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त करता है और राज्य की असली पहचान को दर्शाता है।

    नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित इस बैठक में केरल का नाम बदलने के अलावा भी कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इस कदम से राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक और सांस्कृतिक माहौल में भी एक नया उत्साह देखा जा रहा है। नाम परिवर्तन न केवल औपचारिकता है, बल्कि यह राज्यवासियों के लिए सांस्कृतिक गर्व और भाषाई सम्मान का प्रतीक है।

    केरल का यह नाम परिवर्तन देश के अन्य राज्यों में भी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ा सकता है। राज्य में स्थानीय भाषा, परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए यह एक मजबूत संदेश है। अब केरलम के नाम से राज्य की पहचान और भी व्यापक होगी, और यह राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

    संक्षेप में कहा जाए तो मोदी कैबिनेट द्वारा केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की मंजूरी राज्य की भाषाई, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान को मजबूत करने वाला निर्णय है। अब इसे अंतिम रूप देने के लिए राज्य विधानसभा में विधेयक पेश किया जाएगा, जिसके बाद यह नाम संविधान की आठवीं अनुसूची में भी दर्ज होगा। इस कदम से केरलम की सांस्कृतिक विरासत को एक नई पहचान मिलेगी और राज्यवासियों में गर्व की भावना और बढ़ेगी।

  • मंगल दोष के प्रभाव कम करने के उपाय: मंगलवार को हनुमान उपासना और दान का विशेष महत्व

    मंगल दोष के प्रभाव कम करने के उपाय: मंगलवार को हनुमान उपासना और दान का विशेष महत्व


    नई दिल्ली।वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को पराक्रम, ऊर्जा, साहस और भूमि का कारक माना गया है। यदि कुंडली में मंगल की स्थिति प्रतिकूल हो, तो इसे मंगल दोष या कुज दोष कहा जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार मंगलवार का दिन मंगल ग्रह की शांति और अनुकूलता के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन हनुमान उपासना, व्रत, दान और संयमित जीवनशैली को प्रभावी उपाय माना गया है।

    मंगल ग्रह को अनुकूल बनाने के धार्मिक उपाय
    ज्योतिषीय मान्यता है कि मंगलवार को श्रद्धा और नियमपूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, बाधा और मानसिक अशांति में कमी आती है। प्रातः स्नान कर स्वच्छ लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें और भगवान हनुमान की पूजा करें। दीप प्रज्वलित कर सिंदूर, चोला तथा गुड़-चना का भोग अर्पित करना मंगल ग्रह के शुभ फल को बढ़ाने वाला माना गया है।

    मंगलवार का व्रत भी विशेष फलदायी बताया गया है। इस दिन सात्विक आहार ग्रहण करें और यथासंभव नमक का त्याग करें। दिनभर संयम, धैर्य और सेवा भाव बनाए रखना धार्मिक दृष्टि से मंगल शांति का साधन माना जाता है।

    दान और सेवा का महत्व
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान और सेवा मंगल कृपा प्राप्ति का श्रेष्ठ मार्ग है। जरूरतमंदों को लाल मसूर की दाल, गुड़, शहद या लाल वस्त्र दान करना पुण्यदायी माना गया है।

    गौ सेवा भी मंगल शांति के उपायों में शामिल है। विशेषकर मंगलवार को गौमाता को गुड़ और रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। इससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन आने की मान्यता है।

    तांबा और मंत्र जाप
    ज्योतिष परंपरा में तांबा मंगल ग्रह की धातु मानी जाती है। इसलिए तांबे के पात्र का उपयोग करना या तांबे का कड़ा अथवा चेन धारण करना पारंपरिक उपायों में शामिल है।

    इसके साथ ‘ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः’ या ‘ॐ अंग अंगारकाय नमः’ मंत्र का नियमित जप मंगल ग्रह की शांति और कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना गया है। नियमित जप से मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास में वृद्धि होने की भी मान्यता है।

    मंगल दोष शांति के विशेष उपाय
    यदि कुंडली में मंगल दोष अधिक प्रबल हो, तो विवाह से पूर्व विशेष पूजा-अनुष्ठान कराने की परंपरा है। योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में मंगल शांति अनुष्ठान, पीपल पूजन या मंगल यंत्र की स्थापना कर पूजा की जाती है।

    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करना भी मंगल के संतुलन का प्रतीक माना गया है। हालांकि, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अनुभवी ज्योतिषाचार्य से परामर्श करना उचित माना जाता है।

    आध्यात्मिक संदेश
    धार्मिक दृष्टि से ग्रहों की शांति केवल अनुष्ठानों से नहीं, बल्कि आचरण से भी जुड़ी मानी जाती है। संयमित जीवन, सेवा भाव, परिवार के प्रति सद्भाव और ईश्वर स्मरण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। श्रद्धा, नियम और सत्कर्म ही मंगल की कृपा का सच्चा आधार माने गए हैं।