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  • मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल

    मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल


    भोपाल!
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज की है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार राज्य खाद्यान्न, दलहन तथ तिलहन फसलों के उत्पादन में शीर्ष तीन राज्यों में शामिल रहा है। मध्यप्रदेश ने कुल खाद्यान्न उत्पादन में 46.63 मिलियन टन उत्पादन के साथ देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया, जो राष्ट्रीय उत्पादन का लगभग 13.04 प्रतिशत है। राज्य कुल दलहन फसल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर हैं। तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषकों की आय को बढ़ाने एवं उनके समग्र कल्याण के उद्देश्य से वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।

    खाद्यान्न उत्पादन में देश में दूसरा स्थान

    गेहूं उत्पादन में राज्य ने 24.51 मिलियन टन उत्पादन किया और लगभग 20.78 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। राज्य मक्का उत्पादन में भी अग्रणी रहा, 6.64 मिलियन टन उत्पादन के साथ मध्यप्रदेश का राष्ट्रीय हिस्सेदारी में लगभग 15.30 प्रतिशत योगदान रहा, जिससे यह देश का प्रमुख उत्पादक राज्य बना। मोटे अनाज (न्यूट्री/कोर्स सीरियल्स) के उत्पादन में भी राज्य ने 7.78 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 12.17 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की और देश में तृतीय स्थान हासिल किया।

    दलहन उत्पादन शीर्ष स्थान बरक़रार

    दलहन क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल दलहन उत्पादन में 5.24 मिलियन टन उत्पादन किया और 20.40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में पहला स्थान प्राप्त किया। चना उत्पादन में राज्य 2.11 मिलियन टन उत्पादन और लगभग 19.01 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ शीर्ष तीन राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

    तिलहन फसलों के उत्पादन में देश में अग्रणी राज्य

    तिलहन क्षेत्र में भी राज्य की स्थिति मजबूत रही। कुल तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश ने 8.25 मिलियन टन उत्पादन करते हुए लगभग 19.19 प्रतिशत राष्ट्रीय हिस्सेदारी दर्ज की एवं देश से दूसरा स्थान हासिल किया। विशेष रूप से सोयाबीन उत्पादन में राज्य ने 5.38 मिलियन टन उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 35.27 प्रतिशत है और इसे देश के प्रमुख सोयाबीन उत्पादक राज्यों में स्थापित करता है। राज्य में मूंगफली का उत्पादन 1.55 मिलियन टन रहा जो कि देश के कुल उत्पादन का 12.99 प्रतिशत रहा। मूंगफली उत्पादन में राज्य देश में तीसरे स्थान पर है।

    मध्यप्रदेश में केंद्र एवं राज्य सरकार की कृषि विकास योजनाओं रासायनिक उर्वरकों का वितरण, पौध संरक्षण कार्यक्रम, मांग आधारित कृषि के लिए फसलों का विविधीकरण, एक जिला-एक उत्पाद योजना, मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन, कृषि उत्पादक संगठनों का गठन एवं संवर्धन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, भावांतर भुगतान, रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। परिणामस्वरूप राज्य को कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। कुल उत्पादन में वृद्धि हुई है। कृषि आधारित नीतियों के परिणाम स्वरूप मध्यप्रदेश देश की कृषि अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण राज्य के रूप में स्थापित है।

  • चंद्र ग्रहण की वजह से होली को तिथि को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति, नोट कर लें होलिका दहन और रंग खेलने की सही डेट

    चंद्र ग्रहण की वजह से होली को तिथि को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति, नोट कर लें होलिका दहन और रंग खेलने की सही डेट


    नई दिल्ली । Holi 2026: इस बार रंगों की होली और होलिका दहन को लेकर कंफ्यूजन देखने को मिल रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने वाला चंद्र ग्रहण। वाराणसी के प्रसिद्ध हृषिकेश पंचांग और जाने माने ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार इस ग्रहण ने होली की गणित को थोड़ा पेचीदा बना दिया है। अगर आप भी इसी उलझन में हैं कि होलिका दहन कब होगा सूतक कब लगेगा और रंग कब खेला जाएगा तो जानिए यहां सबकुछ।

    2 मार्च: भद्रा पुच्छ में ही होगा होलिका दहन

    वैदिक पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026 सोमवार को चतुर्दशी तिथि शाम 5:18 बजे तक रहेगी उसके तुरंत बाद पूर्णिमा तिथि शुरू हो जाएगी। शास्त्रों का नियम है कि होलिका दहन हमेशा पूर्णिमा तिथि में ही किया जाता है लेकिन इस बार पूर्णिमा के साथ ही भद्रा का आगमन भी हो रहा है।

    भद्रा का लंबा साया 2 मार्च की शाम 5:18 बजे से लेकर पूरी रात और अगले दिन 3 मार्च की भोर सुबह 4:56 बजे तक भद्रा का वास रहेगा। शास्त्रों में भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित माना गया है क्योंकि इससे राज्य और व्यक्ति पर अशुभ प्रभाव पड़ते हैं।

    शुभ मुहूर्त का चयन ऐसी स्थिति में जब पूरी रात भद्रा हो तो शास्त्रों में भद्रा पुच्छ भद्रा का पूंछ वाला भाग में कार्य करने का विधान है। पं. नरेंद्र उपाध्याय जी के अनुसार इस साल दहन का सबसे शुभ समय यह रहेगा

    शुभ मुहूर्त: रात 12:50 बजे से रात 02:02 बजे तक अवधि: 1 घंटा 12 मिनट

    इसी समय में दहन करना शास्त्रीय दृष्टि से सबसे उत्तम और कल्याणकारी है। 3 मार्च: होली पर चंद्र ग्रहण का पहरा 3 मार्च मंगलवार को पूर्णिमा तिथि के दिन ही साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा इसलिए इसका धार्मिक प्रभाव सूतक भी पूरे देश में मान्य होगा। ग्रहण की टाइमिंग भारतीय समय के अनुसार यह ग्रहण दोपहर लगभग 03:20 बजे से शाम 06:47 बजे तक रहेगा। इस ग्रहण के दौरान ब्लड मून का नजारा भी देखने को मिल सकता है।

    सूतक काल और नियम चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है। इसका मतलब यह है कि 3 मार्च को सुबह 06:20 बजे से ही सूतक लग जाएगा। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। इस दौरान पूजा पाठ मूर्ति स्पर्श और खाना पीना वर्जित होता है। सूतक और ग्रहण के साये में होली का डंडा या रंग गुलाल खेलना अशुभ माना जाता है इसलिए 3 मार्च को रंग वाली होली नहीं मनाई जाएगी।

    4 मार्च: रंगों की होली धुलेंडी का असली उत्सव 3 मार्च की शाम को ग्रहण खत्म होने के बाद शुद्धिकरण और स्नान किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च 2026 बुधवार को सूर्योदय के समय चैत्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि रहेगी। शास्त्रीय मर्यादा के अनुसार ग्रहण और सूतक से मुक्त होने के बाद इसी दिन पूरे देश में धूम धाम से धुलेंडी और रंगों का त्योहार मनाया जाएगा।

    होली 2026: पूरा कैलेंडर

    2 मार्च सोमवार होलिका दहन रात 12:50 बजे से 02:02 बजे तक

    3 मार्च मंगलवार चंद्र ग्रहण दोपहर 03:20 बजे से शाम 06:47 बजे तक

    3 मार्च मंगलवार सूतक काल सुबह 06:20 बजे से शुरू

    4 मार्च बुधवार रंग वाली होली सुबह से धुलेंडी का असली दिन

    ग्रहण के दौरान सावधानियां और उपाय

    तुलसी का प्रयोग सूतक लगने से पहले 3 मार्च सुबह दूध दही और पके हुए खाने में तुलसी के पत्ते जरूर डाल दें। गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय बाहर न निकलें और न ही किसी नुकीली चीज़ सुई कैंची का इस्तेमाल करें। स्नान और दान ग्रहण खत्म होने के बाद 3 मार्च शाम 7 बजे के बाद स्नान करें और सफेद वस्त्र चावल या चीनी का दान करें। इससे ग्रहण का अशुभ प्रभाव कम होता है। मंत्र जाप ग्रहण के दौरान ॐ नमः शिवाय का जाप करना होली पर कई गुना फलदायी होता है।

  • 24 फरवरी 2026 पंचांग: अभिजीत और अमृत काल में करें शुभ कार्य, जानें ग्रह-नक्षत्र की स्थिति

    24 फरवरी 2026 पंचांग: अभिजीत और अमृत काल में करें शुभ कार्य, जानें ग्रह-नक्षत्र की स्थिति


    नई दिल्ली।24 फरवरी 2026, मंगलवार का दिन विशेष खगोलीय संयोगों के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि प्रातः 7:01 बजे तक प्रभावी रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ हो जाएगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज का दिन सामाजिक प्रतिष्ठा, प्रशासनिक कार्यों और व्यक्तिगत निर्णयों के लिहाज से प्रभावशाली रह सकता है।

    ग्रहों की स्थिति और नक्षत्र प्रभाव
    आज सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु का कुंभ राशि में संयोग बना हुआ है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रह स्थिति सामूहिक प्रयासों, सार्वजनिक जीवन और सरकारी गतिविधियों में सक्रियता बढ़ाने वाली मानी जाती है।

    वहीं चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा और कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। कृत्तिका नक्षत्र को ऊर्जा, स्पष्ट सोच और साहस का प्रतीक माना जाता है। पंचांग विशेषज्ञों का मानना है कि यह नक्षत्र अधूरे कार्यों को पूरा करने और नई योजनाओं को गति देने के लिए अनुकूल समय प्रदान करता है।

    योग और शुभ मुहूर्त
    दिन की शुरुआत इन्द्र योग से होगी, जो प्रातः 7:24 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन्द्र योग को मान-सम्मान और सफलता प्रदान करने वाला योग माना जाता है। इसके पश्चात वैधृति योग प्रारंभ होगा। इस योग में धैर्य, संतुलन और सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जाती है।

    आज का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इस अवधि को विशेष रूप से शुभ कार्यों, सरकारी प्रक्रियाओं और महत्वपूर्ण शुरुआत के लिए अनुकूल माना गया है।

    इसके अतिरिक्त अमृत काल दोपहर 12:51 बजे से 2:22 बजे तक रहेगा। यह समय नए कार्य आरंभ करने, अनुबंध करने और सकारात्मक निर्णय लेने के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

    राहुकाल और सावधानियां
    पंचांग के अनुसार राहुकाल सायं 3:26 बजे से 4:52 बजे तक रहेगा। इस दौरान निवेश, विवाद या बड़े निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

    यमगण्ड और गुलिकाल के समय भी पारंपरिक रूप से सावधानी बरतने की परंपरा रही है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इन समयों का पालन केवल धार्मिक मान्यता नहीं, बल्कि मानसिक अनुशासन और समय प्रबंधन का भी एक हिस्सा है।

    सूर्योदय और चंद्रमा से जुड़ी जानकारी
    आज सूर्योदय प्रातः 6:51 बजे और सूर्यास्त सायं 6:18 बजे होगा। चंद्रोदय 10:58 बजे और चंद्रास्त अगले दिन 1:40 बजे निर्धारित है। यह जानकारी विशेष रूप से व्रत, पूजन और दैनिक धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    पंचांग का व्यापक महत्व
    ज्योतिष विश्लेषकों का कहना है कि पंचांग केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर समय का सदुपयोग, निर्णय की दिशा और कार्यों की योजना बनाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।

  • बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार और भाई वीरेंद्र के बीच तीखी नोकझोंक, चौकीदारों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर हंगामा

    बिहार विधानसभा में सीएम नीतीश कुमार और भाई वीरेंद्र के बीच तीखी नोकझोंक, चौकीदारों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर हंगामा


    नई दिल्ली । पटना बिहार विधानसभा में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र आमने सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने कल चौकीदारों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी की। आरजेडी विधायकों ने लाठी गोली की सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी का नारा लगाया। आरजेडी विधायकों को जवाब देने के लिए मंत्री विजय चौधरी उठे। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चलेगी तो चौकीदारों की सुनेगा कौन।

    नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए विपक्षी विधायक

    इतने में सीएम नीतीश भी खड़े हो गए। उन्होंने भाई वीरेन्द्र को कहा कि आप बैठिए। आपकी संख्या कितनी कम है। आप लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया है। नीतीश जब बोल रहे थे तो आरजेडी विधायक सर्वजीत भी खड़े हो गए। फिर राजद विधायक वेल की तरफ आ गए और नारे लगाने लगे। मार्शल ने विधायकों के हाथ से तख्तियां ले ली।

    सरकार ने दिया विपक्ष के आरोपों का जवाब

    आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत ने चौकीदारों पर लाठीचार्ज को क्रूर बताया। आरजेडी विधायकों ने सदन में हंगामा किया। संसदीय मामलों के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि प्रशासन चौकीदारों और दफादारों की चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने कहा कि उसने चौकीदार के विरोध को दबाने की कोशिश नहीं की है और उनकी मांगों की जांच करेगी।

    मांगों को लेकर किया था प्रदर्शन

    बता दें कि बिहार पुलिस के चौकीदारों ने सोमवार को अपने मानदेय में बढ़ोतरी और सर्विस में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और बैरिकेड तोड़ दिए जिसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। पुलिस की कार्रवाई में कई चौकीदार घायल हो गए। बिहार पुलिस के चौकीदारों ने पटना के बीच में जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और डाक बंगला क्रॉसिंग की ओर बढ़ने की कोशिश की।

  • यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु की गिरफ्तारी से भड़के सांसद पप्पू यादव, 'गलगोटिया वालों की…'

    यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु की गिरफ्तारी से भड़के सांसद पप्पू यादव, 'गलगोटिया वालों की…'


    नई दिल्ली । भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट ने चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है. एआई समिट में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में उदयभानु को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद बीजेपी पर विपक्षी दल निशाना साध रहे हैं. बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने भी हमला बोला है.

    सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार 24 फरवरी, 2026 को अपने एक्स से पोस्ट किया. कांग्रेस नेता की इस गिरफ्तारी के विरोध में सांसद पप्पू यादव ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का जिक्र किया. एआई समिट में गलगोटिया की ओर से पेश किए गए रोबोडॉग के मामले में उन्होंने सवाल उठाया कि गलगोटिया वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई?

    अपने एक्स पोस्ट में पप्पू यादव ने क्या लिखा?

    अपने एक्स पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा है, AI समिट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु जी और यूपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष आदि कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वालों से एक सवाल AI समिट में देश का नाम डुबाने वाले गलगोटिया वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की… क्या इसलिए कि वह BJP का लंगोटिया है?

    एआई समिट पर पहले भी हमला कर चुके हैं पप्पू यादव

    यह पहली बार नहीं है जब सांसद पप्पू यादव ने एआई समिट को लेकर बीजेपी को घेरा है. इसके पहले वे पीएम मोदी तक का नाम लेकर निशाना साध चुके हैं. एक पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा है मोदी जी AI का मतलब ए आइ मां समझे रहे थे. उनकी सरकार ने AI का मतलब All Insult कराना समझ लिया.

    क्या है गलगोटिया का मामला?

    एआई समिट में एक रोबोडॉग को दिखाते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर नेहा सिंह ने मीडिया को बताया कि इसे यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में छात्रों द्वारा विकसित किया गया है. सोशल मीडिया पर लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह रोबोट वास्तव में चीन की कंपनी का मॉडल है जो ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है. विवाद बढ़ने पर समिट आयोजकों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का स्टॉल बंद करवा दिया.

  • शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल

    शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। देहात थाना क्षेत्र की महल सराय आदिवासी बस्ती में शासकीय शौचालय को तोड़कर अतिक्रमण किए जाने की सूचना पर पहुंची नगर पालिका टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की गई बल्कि जमकर मारपीट भी की गई। घटना के बाद से नगर पालिका अमले में आक्रोश है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    जानकारी के अनुसार महल सराय आदिवासी बस्ती में बने सरकारी शौचालय को कुछ लोग तोड़कर उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। शिकायत मिलने पर नपा अतिक्रमण दस्ता प्रभारी अशोक खरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके पर कुछ लोग शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। जब टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें मौके से खदेड़ने की कोशिश की गई।

    घटना के बाद घायल कर्मचारियों ने देहात थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से मारपीट और हंगामा दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने की बात सामने आ रही है जिससे देहात थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि जब शासकीय संपत्ति को बचाने गए कर्मचारियों पर खुलेआम हमला होता है और उसके बाद भी त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने फिलहाल केवल आवेदन लिया है लेकिन प्रकरण दर्ज करने में देरी की जा रही है।

    स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाएं।

  • इंग्लैंड के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले से पहले अश्विन का सुझाव: पाकिस्तान को फखर जमान पर भरोसा करना चाहिए

    इंग्लैंड के खिलाफ सुपर-8 मुकाबले से पहले अश्विन का सुझाव: पाकिस्तान को फखर जमान पर भरोसा करना चाहिए


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले में पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ मंगलवार को मैदान में उतरेगी। इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका सुपर-8 मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था। इस बीच भारत के पूर्व ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने पाकिस्तान टीम के लिए एक अहम सलाह दी है। अश्विन ने कहा कि अगर सलमान की कप्तानी वाली टीम इस टूर्नामेंट में गंभीर है, तो उन्हें अनुभवी बल्लेबाज फखर जमान को मिडिल ऑर्डर में मौका देना चाहिए।

    फखर जमान को इस टी20 वर्ल्ड कप में अब तक कोई मौका नहीं मिला है। 35 वर्षीय फखर आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में खेले थे, जिसमें दो मुकाबलों में केवल 20 रन बनाए थे। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ सुपर-8 मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था, लेकिन बारिश के कारण इस मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी।

    फखर जमान ने 7 जून 2017 को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। तब से उन्होंने पाकिस्तान के लिए 118 टी20 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 23.38 की औसत से 2,385 रन बनाए। इसके साथ ही उनके बल्ले से 13 अर्धशतक निकले। इसके अलावा उन्होंने 3 टेस्ट और 92 वनडे मैच भी खेले हैं। अश्विन के मुताबिक, फखर की स्पिनरों के खिलाफ स्वीप करने की क्षमता इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है।

    अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान को फखर जमान को मिडिल ऑर्डर में शामिल करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “वह राशिद और डॉसन के खिलाफ स्वीप शॉट खेल सकते हैं और अपने बेहतरीन फुटवर्क का इस्तेमाल करके मिडिल ओवर्स में इंग्लैंड को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”

    अश्विन ने पाकिस्तान को आदिल राशिद और लियाम डॉसन के खिलाफ नेपाल के बल्लेबाजों के रणनीतिक ब्लूप्रिंट को अपनाने की भी सलाह दी। नेपाल ने ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड के मुख्य गेंदबाज आदिल राशिद के खिलाफ तीन ओवर में 42 रन बनाए थे, जबकि आदिल को कोई विकेट नहीं मिला।

    अश्विन ने आदिल राशिद के खिलाफ नेपाल की सफलता का फॉर्मूला साझा करते हुए कहा, “स्टेप हिट जोन में बॉल पाने के लिए स्क्वायर बाउंड्री का इस्तेमाल करें। यह रणनीति दो बार के चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ काफी प्रभावी साबित हुई थी।”

    इस सलाह के बाद पाकिस्तान टीम को सुपर-8 मुकाबले में फखर जमान के प्रदर्शन और इंग्लैंड के खिलाफ सही रणनीति पर ध्यान देने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ऑर्डर में अनुभवी बल्लेबाज की वापसी टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के अगले दौर में क्वालीफाई करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। फखर जमान के शामिल होने से टीम की बल्लेबाजी गहराई मजबूत होगी और मिडिल ओवर्स में बड़े रन बनाने की संभावना बढ़ेगी।

  • उत्तर प्रदेश में निवेश का बड़ा तोहफा: जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4,458 करोड़ रुपए का निवेश

    उत्तर प्रदेश में निवेश का बड़ा तोहफा: जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4,458 करोड़ रुपए का निवेश


    नई दिल्ली। लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को वैश्विक निवेश का एक और बड़ा तोहफा मिला। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी सैट्स लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहले प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है और दूसरे में विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन स्थापित की जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल निवेश 4,458 करोड़ रुपए होगा।

    एमओयू के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट परिसर में बनने वाला अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी और विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा।

    एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन स्थापित किया जाएगा। इस किचेन से उच्च गुणवत्ता वाला भोजन जेवर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स तक की जाएगी। इससे फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे। यह न केवल राज्य की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेगा। निवेश से जुड़े ये प्रोजेक्ट्स रोजगार सृजन, व्यापार संवर्द्धन और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि वैश्विक निवेशकों को राज्य की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे से जोड़कर उत्तर प्रदेश को एक निवेश-अनुकूल केंद्र बनाया जा रहा है। सैट्स जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ समझौते से राज्य में लॉजिस्टिक्स, एविएशन और सर्विस सेक्टर में निवेश का नया दौर शुरू होगा।

  • कैसे नक्सल मुक्त हुआ मध्य प्रदेश? DGP कैलाश मकवाना ने खोला रणनीति का राज, इन नेताओं को दिया श्रेय

    कैसे नक्सल मुक्त हुआ मध्य प्रदेश? DGP कैलाश मकवाना ने खोला रणनीति का राज, इन नेताओं को दिया श्रेय


    इंदौर। मध्य प्रदेश को नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त घोषित किए जाने के बाद पुलिस महानिदेशक DGP लाश मकवाना का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस उपलब्धि को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति केंद्र सरकार के स्पष्ट निर्देश और सुरक्षा एजेंसियों के समन्वित अभियान का परिणाम बताया।

    डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद लंबे समय से एक गंभीर चुनौती रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जिस रणनीतिक ढंग से कार्रवाई की गई उससे प्रदेश में नक्सल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में सफलता मिली। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करना है। इन्हीं निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में अभियान को तेज किया गया।

    डीजीपी ने यह भी बताया कि जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाई तब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने योजनाबद्ध तरीके से अभियान चलाया। लगातार सर्च ऑपरेशन संवेदनशील इलाकों में विशेष बल की तैनाती खुफिया तंत्र की मजबूती और तकनीक आधारित निगरानी से नक्सल गतिविधियों पर निर्णायक प्रहार किया गया।

    कैलाश मकवाना के अनुसार इस सफलता के पीछे केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं बल्कि अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल भी अहम रहा। वन क्षेत्र सीमावर्ती जिलों और पहले से चिन्हित संवेदनशील इलाकों में संयुक्त ऑपरेशन चलाए गए। स्थानीय स्तर पर विश्वास बहाली के प्रयास ग्रामीणों के साथ संवाद और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन ने भी नक्सल संगठनों की जड़ें कमजोर कीं।

    उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सुरक्षा बलों की नहीं बल्कि पूरे शासन-प्रशासन की सामूहिक कोशिश का परिणाम है। प्रदेश में जिन क्षेत्रों को पहले नक्सल प्रभावित माना जाता था वहां अब शांति का वातावरण है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

    डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि अब फोकस केवल नक्सल गतिविधियों को खत्म करने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि शांति और विकास को स्थायी बनाए रखने पर रहेगा। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी सामुदायिक पुलिसिंग और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोबारा किसी भी प्रकार की उग्र गतिविधियां पनपने न पाएं।

  • उज्जैन सिंहस्थ 2028: पुलिस ने तैयारियों को लेकर की उच्च स्तरीय बैठक, प्रशिक्षण और तकनीक पर जोर

    उज्जैन सिंहस्थ 2028: पुलिस ने तैयारियों को लेकर की उच्च स्तरीय बैठक, प्रशिक्षण और तकनीक पर जोर


    उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में अगले वर्ष होने वाले सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर पुलिस विभाग ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इस क्रम में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें प्रशिक्षण संसाधनों और रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

    पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए यह उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में शामिल अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पुलिस बल को समय पर समुचित प्रशिक्षण दिया जाए और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें। बैठक में एडीजी इंटेलीजेंस डीजी ईओडब्ल्यू और सिंहस्थ-2016 में पदस्थ रहे पूर्व आईजी मनोहर वर्मा समेत स्थानीय और बाहरी जिलों से लगभग 22 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

    एसपी शर्मा ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल की समीक्षा और रिविजन पर जोर दिया गया। पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए नए तकनीकी उपकरणों मॉनिटरिंग सिस्टम और सुरक्षा प्रबंधन के तरीकों को जोड़कर एक संतुलित प्रशिक्षण योजना बनाई जा रही है। इससे न केवल पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ेगी बल्कि आने वाले विशाल आयोजन में सुरक्षा व जनसुविधा सुनिश्चित करना भी आसान होगा।

    बैठक में प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति संचालन तंत्र और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से सभी स्तरों पर दिया जाए और वास्तविक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों की क्षमता बढ़ाने के लिए सिमुलेशन और अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएं।

    पुलिस विभाग का मानना है कि समय पर सुव्यवस्थित प्रशिक्षण और रणनीतिक तैयारी ही सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने की आधारशिला है। अधिकारी यह भी मानते हैं कि तकनीक और पुराने अनुभवों का सही संयोजन आने वाले वर्षों में आयोजनों को और प्रभावी और नियंत्रित बनाने में मदद करेगा।

    सुरक्षा व्यवस्था के अलावा बैठक में भीड़ नियंत्रण यातायात प्रबंधन आकस्मिक स्थिति से निपटने के उपाय और जनसंपर्क रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। एसपी शर्मा ने कहा कि इस बार प्रशिक्षण मॉड्यूल में नई तकनीक और डिजिटल साधनों के माध्यम से सतत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    उज्जैन पुलिस का उद्देश्य है कि सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराते हुए आयोजनों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी इस आयोजन को देखते हुए समय रहते हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।