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  • शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार

    शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार


    नई दिल्ली । लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए सियासी बहस को नई धार दे दी है। एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन को प्रधानमंत्री द्वारा शर्मनाक बताए जाने पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया और कहा कि असली शर्म प्रदर्शन नहीं बल्कि उन मामलों पर सरकार की चुप्पी है जिनमें गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री उनके एक मंत्री और एक करीबी सहयोगी का नाम सामने आना चिंता का विषय है और यही वास्तव में शर्म की बात है।

    राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा मोदी जी आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात यह है कि एपस्टीन फाइल्स में आपका आपके मंत्री और आपके मित्र का नाम साथ में आ रहा है। ऐसे घिनौने अपराधी के साथ नाम जुड़ना ही शर्मनाक है। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस समझौते से देश के किसानों टेक्सटाइल उद्योग और डेटा सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक सरकार ने देशहित से समझौता किया है और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल जिस संदर्भ का जिक्र कर रहे हैं उसमें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि पुरी ने स्पष्ट किया है कि उनके संबंध केवल आधिकारिक और कार्यगत थे। इसी प्रकरण में प्रधानमंत्री मोदी के एक विदेशी दौरे का उल्लेख भी सामने आने की बात कही गई थी जिस पर संसद में पहले भी हंगामा हो चुका है। अब राहुल गांधी ने उसी मुद्दे को फिर से उठाकर सरकार पर नैतिक जवाबदेही का दबाव बनाने की कोशिश की है।

    इसके साथ ही राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिका में चल रहे मामलों को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक कारोबारी तक सीमित नहीं है बल्कि सत्ता और पूंजी के रिश्तों से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई जो अपने आप में कई संदेह पैदा करती है। राहुल ने अनिल अंबानी का नाम लेते हुए भी सरकार और बड़े उद्योगपतियों की नजदीकियों पर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी तथा देशहित के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी।

    यह पूरा विवाद नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट से जुड़ा है जहां कांग्रेस यूथ कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री मोदी ने मेरठ की सभा में कड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे कांग्रेस की गंदी और शर्म वाली राजनीति बताते हुए कहा था कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब कर रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

    कांग्रेस के प्रदर्शन की आलोचना केवल सत्तापक्ष तक सीमित नहीं रही। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस तरह की हरकत से देश की छवि धूमिल होती है। वहीं बसपा प्रमुख मायावती समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। इसके बावजूद कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं का समर्थन किया और इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया।

    सियासत के इस तीखे दौर में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो चुका है। एक ओर प्रधानमंत्री कांग्रेस की राजनीति को शर्मनाक बता रहे हैं तो दूसरी ओर राहुल गांधी सरकार की नीतियों अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कारोबारी गठजोड़ पर सवाल उठाकर जवाब मांग रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और चुनावी मंचों पर और अधिक गूंजने की संभावना है।

  • भोपाल-उज्जैन की हलचल: बजट चर्चा, किसान महाचौपाल, अमेरिका ट्रेड डील विरोध और बिजली आपूर्ति प्रभावित

    भोपाल-उज्जैन की हलचल: बजट चर्चा, किसान महाचौपाल, अमेरिका ट्रेड डील विरोध और बिजली आपूर्ति प्रभावित


    मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र मंगलवार को अपने सातवें दिन पहुंच गया है। सदन में आज विभागीय वार बजट पर चर्चा होगी, जिसमें नगरीय विकास, जनजातीय कार्य, स्कूल और शिक्षा, परिवहन और उच्च शिक्षा पर विचार किया जाएगा। बजट की अनुदान मांगों के साथ जमीन बंदोबस्त और नहर सीमेंटीकरण के मामले भी ध्यानाकर्षण के लिए उठेंगे। इसके अलावा किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने का मुद्दा, भोपाल गैस त्रासदी, राहत और पुनर्वास, और लोक परिसंपत्ति विभाग की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह 10 बजे विधानसभा में कैबिनेट बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेंगे। दोपहर 1:40 बजे वे भोपाल से उज्जैन के लिए रवाना होंगे और स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। शाम 4:35 बजे वे कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां ग्रामीण डाक सम्मेलन का आयोजन होगा। शाम 5:15 से 6:05 बजे वे उज्जैन हेलीपैड से भोपाल वापसी करेंगे और शाम 7 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन पर भोपाल-धनबाद/चोपन एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी आज भोपाल दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता राजधानी में आयोजित किसान महाचौपाल में शामिल होंगे। राहुल गांधी दोपहर 12 बजे दिल्ली से भोपाल रवाना होंगे और करीब 1 बजे भोपाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। 1:30 बजे वे जवाहर चौक के लिए प्रस्थान करेंगे और 1:55 बजे वहां पहुंचेंगे। दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक किसान महा चौपाल में उपस्थित रहकर किसानों से संवाद करेंगे। इसके बाद वे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और शाम 4:15 बजे भोपाल से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

    अमेरिका के साथ होने वाली ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस भोपाल में प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन अटल पथ पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे मंच से संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मंच पर 250 नेता मौजूद रहेंगे और लगभग एक लाख किसानों के शामिल होने का दावा किया गया है। मुख्य रूप से भोपाल के आसपास के 11 जिलों के किसान इसमें शामिल होंगे।

    भोपाल में मंगलवार को बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सुबह 10 से शाम 4 बजे तक एमएलए रेस्ट हाउस, एमएलए क्वार्टर, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टीटी नगर, मालवीय नगर, जवाहर चौक, प्रियदर्शनी और गंगौत्री भवन में बिजली नहीं रहेगी। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक मीनाखेड़ी, बैरागढ़ चीचली, सतगढ़ी, गेहूंखेड़ा और अमराई में बिजली कटौती होगी। दीपड़ी में सुबह 11 से शाम 4 बजे तक बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी।

  • महाकाल भस्म आरती 24 फरवरी: उज्जैन में भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार और भव्य आराधना

    महाकाल भस्म आरती 24 फरवरी: उज्जैन में भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार और भव्य आराधना


    उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध Mahakaleshwar Temple में फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि मंगलवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। इस अवसर पर महाकाल भस्म आरती का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर के पट खुलने के साथ ही पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक संपन्न हुआ।

    भगवान महाकाल का मनोहारी श्रृंगार चंदन के त्रिपुंड, त्रिनेत्र और भांग के साथ किया गया। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढंककर भस्म रमाई गई। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों और सुगंधित पुष्पों से भगवान का अलंकरण किया गया।

    अल सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। भक्त नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाओं के पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त करते रहे। इस दौरान पूरा मंदिर बाबा महाकाल की जयकारों से गुंजायमान रहा। भक्तजन मंत्रोच्चार और भक्ति रस में डूबकर भगवान के चरणों में अपने मन की शांति और आशीर्वाद के लिए उपस्थित रहे।

    मंदिर में भक्तों की उपस्थिति ने माहौल को और भी आध्यात्मिक और भव्य बना दिया। पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती का अनुभव श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत अद्भुत और प्रेरक रहा। भक्तों ने पूजा में अपनी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ भाग लिया और महाकाल का दर्शन करके आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। इस अवसर ने मंदिर और श्रद्धालुओं के बीच गहरा आध्यात्मिक संबंध और भक्ति भाव का अद्वितीय अनुभव प्रस्तुत किया।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का यह आयोजन न केवल भव्य था बल्कि भक्तों के लिए धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से परिपूर्ण रहा। भक्तजन यहाँ अपने मनोकामनाओं की पूर्ति, जीवन में सुख-शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्ति के लिए हर वर्ष इस भव्य आरती में भाग लेते हैं।

  • भारतीय गिद्धों की संख्या सबसे अधिक, सात अलग-अलग प्रजातियों की हुई पुष्टि

    भारतीय गिद्धों की संख्या सबसे अधिक, सात अलग-अलग प्रजातियों की हुई पुष्टि


    सागर
    । मध्य प्रदेश के सागर से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में मध्य प्रदेश के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से उत्साहजनक खबरें सामने आई हैं। वन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 20 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक चले विशेष गणना अभियान में टाइगर रिजर्व के भीतर गिद्धों की समृद्ध उपस्थिति दर्ज की गई है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण इन पक्षियों की कुल संख्या और उनकी सेहत का सटीक मूल्यांकन करना था।

    तीन दिनों तक चले इस गहन सर्वेक्षण में कुल 2536 गिद्ध दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों और वन विभाग की टीमों ने रिजर्व के अलग-अलग क्षेत्रों में गिद्धों की गतिविधियों और उनके बसेरों की निगरानी की। इस गणना की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि यहाँ कुल सात विभिन्न प्रजातियों की पहचान हुई है, जो इस क्षेत्र की जैव-विविधता का प्रमाण है।

    सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय गिद्ध (Long-billed Vulture): इनकी संख्या रिजर्व में सर्वाधिक पाई गई। यह प्रजाति चट्टानी इलाकों में प्रजनन के लिए जानी जाती है।

    व्हाइट रंप्ड गिद्ध (White-rumped Vulture): संख्या के मामले में यह दूसरे स्थान पर रहे।

    इजिप्शियन गिद्ध (Egyptian Vulture): इनकी उपस्थिति मध्यम स्तर पर दर्ज की गई।

    लाल सिर वाले गिद्ध (Red-headed Vulture): इनकी संख्या तुलनात्मक रूप से कम रही, जो इनके दुर्लभ होने का संकेत है।

    स्थानीय प्रजातियों के अलावा, टाइगर रिजर्व में तीन प्रमुख प्रवासी प्रजातियाँ भी देखी गईं, जो सर्दियों के मौसम में यहाँ प्रवास करती हैं। 
    • यूरेशियन ग्रिफॉन (Eurasian Griffon)
    • हिमालयन ग्रिफॉन (Himalayan Griffon)
    • सिनेरियस गिद्ध (Cinereous Vulture)

    गिद्धों की इतनी बड़ी संख्या और विविधता यह दर्शाती है कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का वातावरण उनके फलने-फूलने के लिए अनुकूल है। यह “प्रकृति के सफाईकर्मियों” के संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता है।

  • कोलकाता से गिरफ्तार पांच अफगानी एटीएस की रिमांड पर, पूछताछ जारी

    कोलकाता से गिरफ्तार पांच अफगानी एटीएस की रिमांड पर, पूछताछ जारी

    जबलपुर। मध्यप्रदेश एटीएस (ऐंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) द्वारा फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में कोलकाता से गिरफ्तार कर शहर लाए गए 5 अफगानी नागरिक इस समय रिमांड पर हैं। सोमवार को की गई पूछताछ में अफगानी नागरिकों ने कई अहम राज खोले हैं।


    कोलकाता से गिरफ्तार किए गए जिया उर रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैय्यद मोहम्मद व जफर खान को रविवार को जबलपुर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें 25 फरवरी तक की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया है। अब पूछताछ के दौरान आरोपी नए-नए खुलासे कर रहे हैं जिससे पुलिस चौकन्नी हो गई है।

    एटीएस की पूछताछ में पता चला कि इन अफगान नागरिकों ने भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिए शहर में रह रहे मास्टरमाइंड सोहबत खान से प्रति व्यक्ति करीब ढाई लाख रुपए में डील की थी। आरोपियों ने दस्तावेज में फर्जी पतों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन किए थे और सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। 5 में से 4 पासपोर्ट जारी भी हो चुके थे, जिनमें से 3 एटीएस ने जब्त कर लिए हैं। एक पासपोर्ट गलत पते के कारण पासपोर्ट कार्यालय वापस लौट गया था। एटीएस की जांच में सामने आया कि ये सभी 2018-19 में काबुल (अफगानिस्तान) से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचे थे। इनमें से सुल्तान मोहम्मद मेडिकल वीजा पर आया था जबकि बाकी चार अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए थे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्होंने पूछताछ में ये कबूल किया है कि उन्होंने जबलपुर के जिन फर्जी पतों से पासपोर्ट बनवाए हैं। उनमें 300 मोतीनाला तालाब सदर,ए 410 उपरैनगंज व 870 छोटी ओमती जैसे पते शामिल हैं जो वास्तविक नहीं थे। बताया तो यहां तक जा रहा है कि उन्होंने फर्जी पासपोर्ट मामले में कुछ कर्मचारियों के नाम भी बताए हैं जिनकी मिलीभगत से इतना बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया। हालांकि उन कर्मचारियों के नामों की पुष्टि अभी तक पुलिस ने नहीं की है लेकिन सूत्र बताते हैं कि इतनी बड़ी गड़बड़ी बिना कर्मचारियों की मिलीभगत के नहीं हो सकती। पुलिस इस मामले में अधिकृत तौर पर कुछ भी कहने से फिलहाल बच रही है।

    इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ उस वक्त शुरू हुआ, जब मुख्य आरोपी सोहबत खान ने सोशल मीडिया पर एके-47 राइफल के साथ अपनी फोटो पोस्ट की थी। अगस्त 2025 में उसकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने कडिय़ां जोडऩा शुरू किया। सोहबत 2015 में भारत आया था और जबलपुर में निकाह कर यहीं बस गया था। एटीएस ने जबलपुर में इसी जगह से अफगानी नागरिक सोबहत खान को गिरफ्तार किया था।

    एटीएस को यह भी पता चला कि सोहबत खान ने सबसे पहले अकबर नाम के एक व्यक्ति का पासपोर्ट बनवाने की डील की। इसके लिए दो से ढाई लाख रुपए लिए गए। गिरोह के सदस्य दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदान व चंदन सिंह ने जबलपुर के फर्जी पते पर अकबर के निवास और पहचान दस्तावेज तैयार कराए। पासपोर्ट सेवा केंद्र में सत्यापन के लिए अकबर को जबलपुर बुलाया गया। जहां उसने फोटो व दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की। पासपोर्ट जारी होने के बाद गिरोह ने पोस्टमैन को 3 हजार रुपए देकर रास्ते में ही पासपोर्ट ले लिया था।


    फर्जी पासपोर्ट मामले में एटीएस ने अगस्त 2025 में ही कोलकाता निवासी मोहम्मद इकबाल, अकबर जबलपुर निवासी कथित अधिवक्ता चंदन सिंह, वन विभाग कर्मचारी दिनेश गर्ग व महेंद्र कुमार सुखदान को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट बनवाने में सहयोग किया। एटीएस अब पूरे नेटवर्क व अन्य विदेशी नागरिकों और शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।अब तक कुल 11 गिरफ्तार हो गए है।

  • मप्र के ग्वालियर में वायुसेना के रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट से ऑनलाइन अरेस्ट कर 2.52 करोड़ की ठगी

    मप्र के ग्वालियर में वायुसेना के रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट से ऑनलाइन अरेस्ट कर 2.52 करोड़ की ठगी

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वायुसेना के रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट को जालसाजों द्वारा ऑनलाइन अरेस्ट कर 2.52 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

    जालसाजों ने 90 वर्षीय बुजुर्ग को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया कि उनके डॉक्यूमेंट से देश में एक बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड किया गया है। आप सोचते हैं कि इतना बड़ा फ्रॉड करने के बाद बचे रहेंगे। कुछ ही समय में हमारी विशेष पुलिस आपको गिरफ्तार करने आ रही है। इतना सुनते ही बुजुर्ग रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट और उनकी पत्नी डर गईं। उन्होंने अपनी उम्र का हवाला देते हुए निर्दोष होने की बात कही। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन गिरफ्तार 27 दिन में जालसाजों द्वारा उनसे मल्टीपल अकाउंट में ट्रांजेक्शन कर 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित ने ठगी का अहसास होने पर सोमवार को क्राइम ब्रांच पहुंचकर शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, विंडसर हिल्स टाउनशिप निवासी नारायण महादेव (90) एयरफोर्स के मेडिकल डिपार्टमेंट में बतौर रेडियोलॉजिस्ट पद से रिटायर्ड हैं। सोमवार को उन्होंने क्राइम ब्रांच पहुंचकर अधिकारियों को बताया कि 28 जनवरी 2026 को उनके पास एक वॉटसऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) ऑफिसर बताया था। उन्होंने कहा कि आपके आधार कार्ड, पेन कार्ड से जनरेट सिम से फ्रॉड किया है। आपको गिरफ्तार किया जा रहा है।

    बुजुर्ग रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट व उनकी पत्नी डर गए। उन्होंने कहा कि वह सीनियर सिटीजन हैं और इसलिए हमें गिरफ्तार नहीं किया जाए। जिस पर सीबीआई अधिकारी ने कहा कि इसलिए आपको ऑनलाइन अरेस्ट किया जा रहा है। इसके बाद सीबीआई अधिकारी ने वीडियो कॉल पर लेकर सारी जानकारी ले ली। फिर उनसे कहा कि उनके पास जो पैसा है वह उनको ट्रांसफर कर दें। यह आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के पास भेजा जाएगा। जांच के बाद जब आप निर्दोष साबित होंगे तो कार्रवाई के बाद पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। जालसाजों ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाकर कि सीबीआई उनके साथ है और उनको कुछ नहीं होने देगी। इसके बाद 28 जनवरी से 27 दिन के अंदर अलग-अलग तारीख में 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपये रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट से अपने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए।

    रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट ने पांच बार बैंक में जाकर इतनी बड़ी रकम निकाली तो बैंक वालों को शक हुआ, उनसे पूछताछ की गई। इस पर रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट ने पहले तो कुछ नहीं बताया और जरुरत होने पर कैश निकालने की बात कही। जब 27 दिन में इतनी बड़ी रकम निकालकर देने के बाद भी सीबीआई अधिकारी बनकर ठग परेशान कर रहे थे तो बैंक प्रबंधन को यह बात बताई। जिसके बाद उनको बताया गया कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती है। आप फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इसके बाद रिटायर्ड रेडियोलॉजिस्ट नारायण महादेव पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत की।

    ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि एयरफोर्स के एक रिटायर्ड अधिकारी के साथ ऑनलाइन ठगी हुई है। उनके दस्तावेजों के आधार पर फ्रॉड करने की बात कहकर उन्हें डराया गया और 2.52 करोड़ रुपये ठग लिए गए। शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।



  • इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य

    इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में शनिवार की रात एक बच्चे की जन्मदिन पार्टी में आए मेहमान उल्टी-दस्त का शिकार हो गए। इसके बाद वे अलग-अलग स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज कराने गए। राहत की बात है कि कोई गंभीर बीमार नहीं हुआ। चार लोगों को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है।


    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि शनिवार देर रात भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित शर्मा गली में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में भोजन ग्रहण करने के बाद कुछ नागरिकों की तबीयत खराब हो गई थी। सभी 6 नागरिकों का स्वास्थ्य वर्तमान में पूरी तरह सामान्य एवं ठीक है।

    डॉ. हासानी ने बताया कि शनिवार को भागीरथपुरा में आयोजित जन्मदिन समारोह में लगभग 60 रिश्तेदार शामिल हुए थे, जिन्होंने रात करीब 11 बजे भोजन किया था। इसके बाद रविवार को कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आई। प्रभावित व्यक्तियों का उपचार किया गया तथा एहतियात के तौर पर उन्हें एम.वाय.अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की गंभीरता नहीं है।

    सीएमएचओ डॉ. हासानी ने नागरिकों एवं मीडिया से अनुरोध किया है कि इस घटना को अनावश्यक रूप से बहुप्रसारित न करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है।

    दरअसल, भागीरथपुरा की शुक्ला गली में आकाश मुक्शिया के बेटे का जन्मदिन शनिवार को मनाया गया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को बुलाया था। खाने में दाल-बाफलेँ, लड्डू और अन्य व्यंजन थे। रविवार सुबह कुछ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। मुक्शिया के अनुसार 30 से ज्यादा लोग बीमार हुए। मामला भोजन से जुड़ा होने के कारण खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने भोजन के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा नगर निगम ने भी पानी के सैंपल लिए हैं। अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।

    आकाश ने बताया कि घर पर ही खाना बनाया था। 60 से ज्यादा मेहमानों को बुलाया गया था। खाने में हमने बोरिंग का पानी उपयोग में लिया था। फिलहाल डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की बात कही है। आकाश ने कहा कि मेरी पत्नी, भाई और भाभी भी बीमार हैं। उन्हें भी हम सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में दिखाने ले गए थे।
  • संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते

    संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते


    नई दिल्ली । भदोही से जारी राजनीतिक बयानबाजी में यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनने के ऑफर पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व खुद को कमजोर मान रहा है और दूसरों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहा है। संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा “भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते।

    भदोही में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए संजय निषाद ने साफ किया कि सपा का यह बयान ही साबित करता है कि उनके पास सरकार बनाने की ताकत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि PDA संकट में है और यदि यह स्थिति बनी रही तो 2027 के चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। संजय निषाद ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि वे असली पहलवान तैयार करते थे और संगठन को जमीन पर खड़ा करते थे जबकि आज अखिलेश यादव केवल ‘भाड़े के पहलवानों’ के सहारे सत्ता हासिल करना चाहते हैं।

    संजय निषाद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य पूरे सनातन समाज के पूज्यनीय हैं और उनके साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने न्याय प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की।

    संजय निषाद की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। उनका कहना है कि सपा का यह ऑफर केवल हवा में बातें करने जैसा है और सत्ता हासिल करने के लिए असली संगठन और जमीन पर संघर्ष जरूरी है। उनका निशाना स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और गठबंधन की ताकत पर सवाल उठ रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि इस बयान के बीच शंकराचार्य विवाद भी गर्म बना हुआ है जिसमें बालकों की शिखा खींचने और गिरफ्तारी का मुद्दा शामिल है। संजय निषाद ने कहा कि इस घटना से समाज आहत है लेकिन कानून सच्चाई सामने लाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यूपी की सियासी हलचल में यह बयान और विवाद दोनों ही चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
    , मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख एवं पूर्व संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा की पूज्य माताजी श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां सम्पूर्ण जीवन की आधारिाला होती हैं, उनका जाना अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजन को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

  • अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?

    अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?


    मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत और बारामती विमान हादसे को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। एनसीपी एमएलसी अमोल मितकरी ने इस घटना को 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि बड़ी साजिश हो सकती है।

    मितकरी का विवादित दावा
    अकोला में जनसभा में मितकरी ने कहा, “जैसे LTTE ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रची थी, उसी तरह अजित पवार के मामले में भी साजिश रची गई। क्या विमान उड़ा रहे कैप्टेन सुमित कपूर आत्मघाती थे? अगर उनकी पत्नी कह रही हैं कि वे जिंदा हैं, तो इस हादसे में वास्तव में कौन मरा?”

    उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में इतनी शांति क्यों है जबकि घटना के आसपास कई सवाल हैं। मितकरी ने कहा कि केवल तकनीकी जांच पर्याप्त नहीं है और ब्लैक बॉक्स डेटा के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी जनता के सामने आना चाहिए।

    जांच और सीसीटीवी की मांग

    एमएलसी ने पूछा कि कैप्टेन साहिल मदान और कैप्टेन को विमान उड़ाना था, वे कहाँ हैं और उनके मूवमेंट का सीसीटीवी फुटेज क्यों जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को केवल तकनीकी पक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए और दृश्य साक्ष्य भी सामने लाना चाहिए।

    बारामती में प्रदर्शन

    बारामती में एनसीपी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर इकट्ठा होकर जांच की मांग की। लोगों ने पवार की स्मृतियों से जुड़ी तख्तियां भी रखीं। स्थानीय निवासी बोले कि हादसे को 25 दिन हो गए हैं, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उपमंडलीय मजिस्ट्रेट को गहन जांच के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हादसे की सीबीआई जांच का अनुरोध कर चुकी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले आ जाएगी।