Blog

  • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार

    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार


    नई दिल्ली। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम DMK से 45 सीटों की मांग की है जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी इस बार भी पिछले चुनाव की तरह केवल 25 सीट देने को तैयार है। इस साल अप्रैल मई में राज्य में चुनाव होने की संभावना है।

    कांग्रेस ने बढ़ाई मांग
    कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने सीट बंटवारे को लेकर स्टालिन से चर्चा की लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस का तर्क है कि 2021 के चुनाव परिणामों की समीक्षा के आधार पर उन्हें अधिक सीटें मिलनी चाहिए।

    स्रोतों के अनुसार पिछले चुनाव में DMK ने कुल 234 सीटों में से 173 पर चुनाव लड़ा जिसमें 133 जीत और 40 हार मिली। अधिकांश हार AIADMK और बीजेपी से हुई थी।

    कांग्रेस का मानना है कि अगर उन्हें अधिक सीटें दी जाएं तो पिछली बार हारी हुई कम से कम 20 सीटें जीती जा सकती हैं। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि 45 सीट की मांग का उद्देश्य जीत की संभावनाओं में सुधार गठबंधन को मजबूत करना और 2026 से पहले संतुलित सीट-बंटवारे का फॉर्मूला सुनिश्चित करना है।

    बातचीत का दौर जारी

    रविवार को चेन्नई में स्टालिन और वेणुगोपाल के बीच बैठक हुई जिसमें दोनों दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के कादर मोहिदीन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ DMK नेताओं से मुलाकात की।
  • Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी

    Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी


    रांची।
    रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस (Air Ambulance) सोमवार देर शाम करीब 7:30 बजे चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। इस हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई।

    चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि एयर एंबुलेंस क्रैश (Air ambulance crash.) होकर सिमरिया के जंगल में गिरी है। इस हादसे में संजय कुमार नाम के मरीज की भी मौत हो गई जो ढाबे में भीषण आग लगने के कारण झुलस गए थे और दिल्ली इलाज करवाने के लिए जा रहे थे।

    आग की भयावह लपटों से जूझते हुए जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे संजय की कहानी अब एक मार्मिक त्रासदी बन चुकी है। पेशे से ढाबा चलाने वाले संजय कुछ दिन पहले गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में उन्हें इलेक्ट्रिक बर्न हुआ था, जिससे उनका शरीर 65 फीसदी बुरी तरह जल गया था। परिजनों ने उन्हें तुरंत रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पिछले करीब दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था।

    दस दिनों में परिवार ने हर संभव कोशिश की। डॉक्टरों ने पूरी मेहनत की, लेकिन संजय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद और चिंता के बीच झूलते परिवार ने अंततः बड़ा फैसला लिया-संजय को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। पैसों की परवाह किए बिना परिजनों ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। ढाबा चलाकर परिवार का गुजारा करने वाले संजय की जिंदगी बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों ने भी सहयोग दिया।


    जिंदगी बचाने का सफर बनी आखिरी उड़ान

    एयर एंबुलेंस की बुकिंग के बाद परिवार में एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी। सभी को भरोसा था कि राजधानी में बेहतर इलाज से संजय की जिंदगी बच जाएगी। इसी उम्मीद के साथ मरीज को एयर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। उनके साथ परिजन भी इस उड़ान में सवार हुए, दिल में दुआ और आंखों में उम्मीद लिए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली की ओर बढ़ती यह उड़ान अचानक एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पलक झपकते ही जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे सभी लोग मौत के आगोश में समा गए। जिस उड़ान से जीवन की नई शुरुआत की उम्मीद थी, वही अंतिम सफर साबित हुई।

    इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। संजय, जो रोज सैकड़ों लोगों को अपने ढाबे में खाना खिलाते थे, आज खुद नियति के हाथों हार गए। परिवार, जिसने हर संभव कोशिश की, अब गहरे शोक में डूबा है। बेहतर इलाज की उम्मीद में भरी उड़ान का इस तरह अंत हो जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। उम्मीद, संघर्ष और नियति की इस दर्दनाक कहानी ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

    संजय कुमार मूल रूप से चंदवा के रखात गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में चंदवा स्थित गायत्री मोहल्ले में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। चार दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके बाद उन्हें रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली रेफर किया था। वहीं हादसे के शिकार हुए डॉ. विकास गुप्ता पूर्व में गारू और चंदवा में पदस्थापित रह चुके थे और प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।

    देवकमल में 16 फरवरी को मरीज भर्ती हुआ था
    लातेहार के चंदवा का मरीज संजय (41 वर्ष) 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती हुआ था। बिजली से वह 65 फीसदी जल गया था और उसकी स्थिति ठीक नहीं थी। देवकमल अस्पताल के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने को कहा था। सोमवार को मरीज के परिजनों ने एयर एंबुलेंस बुक किया और इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे। संजय के परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम खराब हो गया था तो एयर एंबुलेंस को उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? पूरा मामला गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा करता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। वहीं रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने कहा, एयर एंबुलेंस के दुर्घटना के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा।


    कैसे टूटा संपर्क

    जानकारी के मुताबिक विमान रांची से उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही क्रैश हो गया। विमान में एक मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक, दो सहायक, एक पायलट और एक सह-पायलट सवार थे। पायलट का नाम विवेक विकास भगत और सह-पायलट सवराजदीप सिंह थे। विमान ने न तो वाराणसी एटीसी से संपर्क किया और न ही लखनऊ एटीसी से जुड़ पाया। विमान का संपर्क वाराणसी के दक्षिण-पूर्व इलाके के आसपास टूटा। आखिरी बार विमान का संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ था। इसके बाद बात नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि इस दौरान विमान ने खराब मौसम के चलते रास्ता बदलने की इजाजत मांगी थी। उड़ान के दौरान कुछ देर तक एटीसी से संपर्क बना रहा, लेकिन बाद में अचानक संपर्क टूट गया। 7:07 बजे शाम में विमान ने रांची से उड़ान भरी थी और रात 10 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद थी। रेडबर्ड एयरवेज का छोटा मेडिकल विमान था, जो मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था।


    इनकी गई जान

    इस हादसे में जिन लोगों की जान गई उनमें मरीज 40 साल के संजय कुमार, उनकी 35 वर्षीय पत्नी अर्चना देवी, भगीना 17 वर्षीय ध्रुव कुमार, चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पारा मेडिकल कर्मी सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत, सौराजदीप सिंह शामिल हैं।

  • अरावली की खूबसूरत वादियों में होगी रश्मिका- विजय की शादी…. थ्री-टियर सिक्योरिटी में लेंगे सात फेरे!

    अरावली की खूबसूरत वादियों में होगी रश्मिका- विजय की शादी…. थ्री-टियर सिक्योरिटी में लेंगे सात फेरे!


    नई दिल्ली।
    साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) और विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। ये जोड़ी उदयपुर (Udaipur) में एक बेहद निजी शादी समारोह का आयोजन कर रही है, जहां अरावली की पहाड़ियों (Aravali Hills) के खूबसूरत दृश्य के बीच उनका विशेष दिन मनाया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से कपल ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं और वेडिंग वेन्यू पर थ्री-टियर सिक्योरिटी सिस्टम (Three-Tier Security System) लागू किया है, ताकि उनकी प्राइवेसी बनी रहे और कोई भी रुकावट न हो।

    सख्त सुरक्षा इंतजाम
    रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद से लोकल प्रशासन और सिक्योरिटी टीमें पहले ही उदयपुर पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही इंटरनेशनल सिक्योरिटी टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि शादी के दिन सब कुछ सही तरीके से चले। कपल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस शादी को कन्फर्म किया, जिससे उनके फैंस और मीडिया में हलचल मच गई।

    एक बेहद निजी शादी
    एक करीबी सूत्र ने जानकारी दी कि उनकी शादी भी सगाई की तरह बेहद निजी रखी जाएगी, जिसमें केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। इसके बाद, मुंबई और हैदराबाद में इंडस्ट्री के दोस्तों के लिए दो बड़े रिसेप्शन आयोजित किए जाएंगे।

    ‘VIROSH’ नाम से होगी शादी
    22 फरवरी को रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर करते हुए बताया कि फैंस ने उन्हें प्यार से ‘VIROSH’ नाम दिया है। इस कारण, वे अपनी शादी को “The Wedding of VIROSH” कहेंगे। उन्होंने इस प्यार के लिए फैंस का धन्यवाद किया और कहा कि वे हमेशा उनके दिल का हिस्सा रहेंगे।

    सगाई और शादी की तारीख
    रश्मिका और विजय की सगाई 3 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में हुई थी। अब, 26 फरवरी 2026 को उनकी शादी उदयपुर में होगी। वेडिंग वेन्यू The Mementoes by ITC Hotels है, जो खूबसूरत अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है।

    रिसेप्शन की जानकारी
    शादी के बाद 4 मार्च 2026 को हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ताज कृष्णा में होगा, जहां टॉलीवुड और बॉलीवुड के कई सितारों के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी इस रिसेप्शन में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    एक प्यार भरी शुरुआत
    रश्मिका और विजय की मुलाकात पहली बार 2018 में फिल्म गीता गोविंदम के सेट पर हुई थी। इसके बाद, 2019 में उन्होंने डियर कॉमरेड में भी साथ काम किया। दोनों ने कई बार साथ में छुट्टियाँ बिताई, लेकिन कभी अपनी तस्वीरें पोस्ट नहीं कीं। अब, शादी की रस्मों और तैयारियों के लिए रश्मिका और विजय उदयपुर पहुंच चुके हैं, जहां वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रहे हैं।

  • PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन

    PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) को आंखों के इलाज के लिए अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) लाया गया। निर्धारित फॉलो-अप जांच के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी प्रभावित आंख में दूसरा एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाया। उपचार पूरा होने के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया।

    अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि सुबह के समय उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार अस्पताल लाया गया। इंजेक्शन का उद्देश्य उनकी दृष्टि में सुधार लाना है। प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञों के एक मेडिकल बोर्ड ने उनका विस्तृत परीक्षण किया।


    कार्डियक जांच भी की गई

    जांच टीम में कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन शामिल थे। कार्डियोलॉजिस्ट ने इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी जांच भी की। सभी परीक्षणों में उन्हें क्लिनिकली स्थिर पाया गया, जिसके बाद नेत्र संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

    पीआईएमएस प्रशासन के अनुसार, यह उपचार डे-केयर सर्जरी के तहत किया गया। पूरी प्रक्रिया पीआईएमएस और Shifa International Hospital के सलाहकार नेत्र रोग विशेषज्ञों और विट्रियोरेटिनल सर्जन की निगरानी में संपन्न हुई।


    इलाज के बाद तुरंत जेल वापसी

    अस्पताल की ओर से कहा गया कि इंजेक्शन के दौरान और उसके बाद उनकी स्थिति स्थिर रही। इलाज पूरा होने पर उन्हें फॉलो-अप से जुड़ी सलाह, जरूरी सावधानियां और मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इसके तुरंत बाद सुरक्षा घेरे में उन्हें पुनः अडियाला जेल ले जाया गया।


    15 गाड़ियों का काफिला, तीन सिग्नल जैमर तैनात

    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान को लगभग 15 वाहनों के काफिले में अस्पताल लाया गया। काफिले में काली गाड़ियां शामिल थीं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन सिग्नल जैमर भी लगाए गए थे। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे। इलाज की पूरी प्रक्रिया सख्त सुरक्षा और चिकित्सकीय निगरानी में पूरी की गई।

  • उत्तराखंड में 159 हिंदू शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता, इनमें 153 पाकिस्तानी भी शामिल

    उत्तराखंड में 159 हिंदू शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता, इनमें 153 पाकिस्तानी भी शामिल


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के तहत बड़ी पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने सोमवार को घोषणा की कि सिटिजनशिप अमेंडमेंट ऐक्ट 2019 (सीएए) के तहत राज्य में रह रहे 159 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अमित शाह के सात मार्च को उत्तराखंड दौरे के दौरान कार्यक्रम में सम्मानित भी किया जाएगा।

    नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के तहत केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान किया है। यह कानून विशेष रूप से अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर चुके अल्पसंख्यक समुदायों को राहत देने के उद्देश्य से लाया गया था।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कानून में संशोधन कर वर्षों से भारत में रह रहे शरणार्थी परिवारों की समस्याओं का समाधान किया है और उन्हें सम्मानजनक जीवन का अधिकार देने की दिशा में ठोस कदम उठाया है।

    अमित शाह के कार्यक्रम में सम्मानित होंगे
    एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सात मार्च को उत्तराखंड के दौरे पर आएंगे। हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान नागरिकता प्राप्त करने वाले परिवारों को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है।

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए परिवार
    राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, नागरिकता पाने वाले 159 लोगों में से 153 पाकिस्तान और छह अफगानिस्तान से आए हैं। पाकिस्तान से आने वाले अधिकांश परिवार सिंध और बलूचिस्तान प्रांत के निवासी हैं। इन परिवारों के कई रिश्तेदार पहले से ही देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में निवास कर रहे हैं। जानकारी यह भी सामने आई है कि पाकिस्तान स्थित माता हिंगलाज मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार ने भी भारत में शरण ली थी, जिन्हें अब भारतीय नागरिकता दी जा रही है।

  • सहवाग बोले- विराट कोहली बनने का मौका कई खिलाड़ियों ने गंवाया, साउथ अफ्रीका से हार पर खूब सुनाया

    सहवाग बोले- विराट कोहली बनने का मौका कई खिलाड़ियों ने गंवाया, साउथ अफ्रीका से हार पर खूब सुनाया


    नई दिल्ली। टीम इंडिया की टी20 वर्ल्ड कप 2026 सुपर 8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से हार के बाद पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने खिलाड़ियों पर कटाक्ष किया और विराट कोहली को याद किया। उन्होंने कहा कि विराट हमेशा मैच को खत्म करने का तरीका जानते थे जबकि कई मौजूदा खिलाड़ी उस जिम्मेदारी को निभाने में नाकाम रहे।

    विराट कोहली की याद

    सहवाग ने बताया टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 160 के ऊपर तभी चेज किया है जब विराट कोहली ने रन बनाए हैं। वह चाहे 50 60 या 80 रन बनाकर नॉट आउट रहते मैच को खत्म करते थे। लेकिन अब तक इस वर्ल्ड कप में किसी खिलाड़ी ने ऐसा नहीं किया।”

    खिलाड़ियों को मिले थे मौके लेकिन फेल

    टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक जड़ चुके सहवाग ने कहा कल तिलक वर्मा सूर्यकुमार यादव शिवम दुबे और हार्दिक पांड्या के पास विराट कोहली बनने का मौका था लेकिन किसी ने भी मैच खत्म नहीं किया। किसी को सीखना पड़ेगा कि विराट मैच कैसे खत्म करते थे।”

    स्ट्राइक रेट से ज्यादा जिम्मेदारी जरूरी
    सहवाग ने आगे कहा हम स्ट्राइक रेट की बातें करते हैं लेकिन जब आप चेज कर रहे हों तो स्कोरबोर्ड पर रन देखकर खेलना चाहिए। सूर्यकुमार यादव कल दबाव में खेलते दिखे बचाव करते दिखे। ऐसे क्रिकेट से जीत मुश्किल है। थोड़ी फीयरलेस क्रिकेट दिखानी होगी। किसी खिलाड़ी को जिम्मेदारी उठानी होगी।

  • मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

    मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    फरवरी (February) जाते-जाते मौसम (Season) में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। फरवरी महीन में ही इतनी तेज धूप निकल रही है कि गर्मी का एहसास होने लगा है। पहाड़ी इलाको में अब बर्फबारी भी कम हो रही है। वहीं उत्तर भारत (North India) के कई राज्यों में बीते दिनों हल्की बूंदा-बांदी हुई है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भी अधिकतम तापमान इस बार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। वहीं राजधानी दिल्ली में अभी से पारा 30 के पार पहुंच गया है। वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

    12 राज्यों में हल्की बारिश के आसार
    मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में सुबह कोहरा छाया रहेगा। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ऐक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण के राज्यों में तेज हवाओ के साथ बारिश हो सकती है। 24 से 26 फरवरी तक ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, झारखंड. पश्चिम बंगाल, अरुणाचल, असम, मेघालय, सिक्किम, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

    पंजाब में कोहरा
    मौसम विभाग ने कहा है कि पंजाब के कुछ इलाकों में सुबह कोहरा देखा जाएगा। इसके अलावा तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल बारिश की सभावना नहीं है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।


    दिल्ली का मौसम

    राजधानी दिल्ली में सोमवार को सामान्य से अधिक गर्मी रही और प्रमुख मौसम केंद्रों पर बारिश की कोई सूचना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य तापमान से पांच डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र 31 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, इसके बाद आयानगर 30.4 डिग्री सेल्सियस और लोदी रोड 30.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पालम में अधिकतम तापमान अपेक्षाकृत कम 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


    कश्मीर में रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी

    कश्मीर घाटी में गर्मियों का मौसम आने से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों में घाटी में और तापमान बढ़ने का अनुमान जताया है। विभाग ने अपने परामर्श में कहा है कि अगले पांच दिनों में घाटी में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस महीने के अंत तक घाटी में बड़े पैमाने पर बर्फबारी के आसार नहीं हैं और 23 से 26 फरवरी तक घाटी में मौसम सूखा रहने की संभावना है, जबकि 27 तथा 28 फरवरी को कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है।


    राजस्थान में बारिश

    राजस्थान में बीते चौबीस घंटे में कहीं कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने यह जानकारी दी। मौसम केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हुई। सर्वाधिक 5.0 मिलीमीटर बारिश चोमू में दर्ज की गई। इसके अलावा टोंक के वनस्थली में बूंदाबांदी हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान बाड़मेर में 34.6 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान अलवर में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए बदलाव के कारण सोमवार सुबह राजधानी जयपुर और आसपास के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे।

  • पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के बीच नया संकट… दाल के लिए मचा हाहाकार

    पाकिस्तान में आर्थिक बदहाली के बीच नया संकट… दाल के लिए मचा हाहाकार


    फैसलाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की आर्थिक बदहाली (Economic Distress) की खबरें नई नहीं हैं। खस्ताहाल पाकिस्तान दुनिया की कई वैश्विक संस्थानों (Global Institutions) से कर्ज लेकर अपनी जरूरतें पूरी कर पा रहा है। अब हाल ही में यह खबरें सामने आई हैं कि पाकिस्तान में दाल (Lentils) के लिए हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति यह है कि पाकिस्तान अब अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर हो चुका है। पाकिस्तान में दाल का उत्पादन लगातार घट रहा है, जिससे देश को जरूरतें पूरी करने के लिए हर साल करीब 98 करोड़ डॉलर आयात पर खर्च करने पड़ रहे हैं।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक कृषि विशेषज्ञों ने इस हालात पर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि अगर उत्पादन नहीं बढ़ा तो आयात पर निर्भरता और बढ़ेगी। पंजाब पल्सेज इंपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष और ग्रेन मार्केट के चेयरमैन राणा मुहम्मद तैय्यब ने बताया कि 1998 से पहले पाकिस्तान दाल का प्रमुख निर्यातक देश था। लेकिन परवेज मुशर्रफ के दौर में लगाए गए निर्यात बैन के बाद किसानों का उत्साह कम हो गया, क्योंकि दाल कम मुनाफे वाली फसल बन गई। जानकारों के मुताबिक देश में हर साल करीब 16.2 लाख टन दाल की खपत होती है, जिसमें से लगभग 10.7 लाख टन आयात की जाती है। यानी पाकिस्तान को देश में खपत होने वाली करीब 80 प्रतिशत दाल आयात करनी पड़ती है।


    बारिश ने भी तरसाया

    तैय्यब ने जलवायु परिवर्तन के असर का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि थल जैसे वर्षा आधारित इलाकों में समय पर बारिश हो जाए तो पैदावार 35 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, लेकिन बारिश कम होने पर भारी नुकसान होता है और किसान अगले सीजन में दाल बोने से हिचकते हैं।

    जानकारों ने जताई चिंता
    ये मुद्दे विश्व दाल दिवस के मौके पर आयूब एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट के पल्सेज रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित एक सेमिनार में उठाए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि पाकिस्तान की सालाना जरूरत करीब 15 लाख टन है, लेकिन लोकल उत्पादन इसका सिर्फ एक छोटा हिस्सा ही पूरा कर पा रहा है। इसी कारण हर साल करीब 10 लाख टन दाल आयात करनी पड़ती है।

    AARI के पल्सेज सेक्शन के चीफ साइंटिस्ट खालिद हुसैन ने कहा कि दाल मानव पोषण और मिट्टी की उर्वरता दोनों के लिए जरूरी है। लेकिन सीमित मुनाफा और निर्यात बैन के कारण किसान इसकी खेती से बच रहे हैं। दाल उत्पादन बढ़ाने के मकसद से एक प्रस्ताव तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है, लेकिन उसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

  • SC के झटके के बाद ट्रंप की नई वार्निंग… बोले- कोई खेल करेगा तो उप पर लगेगा पहले से ज्यादा टैरिफ

    SC के झटके के बाद ट्रंप की नई वार्निंग… बोले- कोई खेल करेगा तो उप पर लगेगा पहले से ज्यादा टैरिफ


    वाशिंगटन।
    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने टैरिफ फैसले (Tariff decision) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की रोक के बाद सोमवार को अदालत पर तीखा हमला बोला। उन्होंने फैसले को ‘बेवकूफाना’ करार देते हुए दावा किया कि इस निर्णय ने अनजाने में उनकी शक्तियों को और मजबूत कर दिया है। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ को लेकर कोई देश अगर खेल करने की कोशिश करेगा, तो उस पर पहले से ज्यादा टैरिफ लगाया जाएगा।

    दरअसल, 20 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA ) के तहत लगाए गए व्यापक वैश्विक टैरिफ अवैध हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन शक्तियों के नाम पर राष्ट्रपति कांग्रेस के कराधान अधिकार, यानी टैरिफ लगाने की शक्ति का उपयोग नहीं कर सकते। फैसले के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लंबी पोस्ट लिखकर अदालत को हास्यास्पद, मूर्खतापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाजनकारी बताया।


    ट्रुथ सोशल पर ट्रंप की प्रतिक्रिया

    ट्रंप ने लिखा कि वे लाइसेंस व्यवस्था का इस्तेमाल विदेशी देशों, खासकर उन देशों के खिलाफ ‘कड़े’ कदम उठाने के लिए कर सकते हैं, जो उनके अनुसार दशकों से अमेरिका का शोषण करते रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अदालत के फैसले से उनकी शक्तियां कैसे बढ़ गईं। उन्होंने यह भी कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट का जिक्र छोटे अक्षरों में करेंगे, जो उनके अनुसार ‘पूर्ण अनादर’ का संकेत है।

    उनकी पोस्ट में लाइसेंस और शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति भी दिखी। अदालत ने कहा था कि राष्ट्रपति आर्थिक आपातकाल में व्यापारिक लाइसेंस जारी कर सकते हैं, लेकिन उन्हें टैरिफ के रूप में शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। ट्रंप ने शिकायत की कि वे देशों से लाइसेंस लेने को तो कह सकते हैं, लेकिन उनसे लाइसेंस शुल्क नहीं वसूल सकते, जबकि हर कोई लाइसेंस पर शुल्क लेता है।

    इस दौरान उन्होंने यह भी दावा किया कि अदालत ने अन्य कई टैरिफ को मंजूरी दी है, जिन्हें वे पहले से अधिक प्रभावी तरीके से लागू कर सकते हैं। ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करते हुए केवल तीन न्यायाधीशों ( ब्रेट कावानॉ, क्लेरेंस थॉमस और सैमुअल अलिटो ) की सराहना की, जिन्होंने असहमति जताई थी।


    जन्मजात नागरिकता पर भी हमला

    अदालत पर हमला करते हुए ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि 14वां संशोधन ‘गुलामों के बच्चों’ के लिए नहीं लिखा गया था। जबकि संविधान का यही संशोधन कहता है कि अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति, जो अमेरिकी अधिकार क्षेत्र के अधीन है, नागरिक माना जाएगा।

    पिछले वर्ष ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश जारी कर अवैध प्रवासियों या अस्थायी वीजा पर रहने वालों के बच्चों को जन्मजात नागरिकता से बाहर करने की कोशिश की थी। उनका तर्क था कि गृहयुद्ध के बाद जो संशोधन लाया गया, उसका उद्देश्य केवल मुक्त गुलामों के बच्चों को नागरिकता देना था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चीन समेत कुछ देश गर्भवती महिलाओं को अमेरिका भेजकर इस प्रावधान का ‘दुरुपयोग’ करते हैं।


    टैरिफ बढ़ाने की घोषणा

    शनिवार को अदालत द्वारा टैरिफ को 10 प्रतिशत तक सीमित करने के फैसले के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि वे इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम पूरी तरह कानूनी और अनुमत है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले महीनों में उनका प्रशासन नए और कानूनी रूप से वैध टैरिफ लागू करेगा, ताकि ‘अमेरिका को फिर से महान बनाने’ की प्रक्रिया जारी रखी जा सकें।

  • वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा – सरकार के पास बैंकों के विलय की फिलहाल कोई रूपरेखा नहीं

    वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा – सरकार के पास बैंकों के विलय की फिलहाल कोई रूपरेखा नहीं


    नई दिल्ली।
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि सरकार के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Banks) के विलय की कोई रूपरेखा नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट (Union Budget) में प्रस्तावित विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च-स्तरीय समिति इस विषय और अन्य पहलुओं पर गौर करेगी।

    वित्त मंत्री ने क्या कहा
    आरबीआई (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल को बजट के बाद संबोधित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ”मैं किसी भी रूपरेखा से परिचित नहीं हूं… ऐसी कोई योजना अभी मौजूद नहीं है। बैंकों का विलय यहां चर्चा का विषय नहीं था, न ही बजट से पहले था। लेकिन अब जो समिति बनाई जा रही है, उसके कार्यक्षेत्र तय होने के बाद, वह भारतीय बैंकिंग को मजबूत बनाने के हर पहलू पर ध्यान देंगी।”

    बजट में सीतारमण ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने और इसे देश के विकास लक्ष्यों के अनुरूप ढालने के लिए उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैंक बेहतर तरीके से पूंजीकृत हैं और वे अगले चार-पांच साल तक ऋण वृद्धि को संभाल सकते हैं।


    बैंकों को दिए ये आदेश

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों द्वारा बीमा सहित वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री पर कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को कहा कि उन्हें (बैंकों को) अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ” बैंकों को अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देना चाहिए…। मैंने हमेशा से इस बात पर आपत्ति जतायी है कि आप उस बीमा को बेचने में अधिक समय लगा रहे हैं जिसकी आवश्यकता ही नहीं है और यह मामला आरबीआई और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के बीच फंसा रहा।”

    आरबीआई ने ग्राहक को भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद की बिक्री पर दिशानिर्देशों का मसौदा 11 फरवरी को जारी किया था। इसमें कहा गया है कि यदि किसी ग्राहक को गलत तरीके से उत्पाद या सेवा दी जाती है, तो बैंक को ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी राशि लौटानी होगी और स्वीकृत नीति के अनुसार हुए नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। इस पर चार मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी गई हैं।

    आरबीआई ने कहा कि गलत तरीके से बिक्री पर कड़े नियम एक जुलाई से लागू होंगे। सीतारमण ने कहा, ”मुझे खुशी है कि आरबीआई यह स्पष्ट मार्गदर्शन दे रहा है कि गलत तरीके से बिक्री क्यों बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदेश, बैंकों तक जाना चाहिए कि आप गलत बिक्री नहीं कर सकते। यह शब्द ‘गलत बिक्री’, किसी को ठेस पहुंचाने के बजाय, शब्दकोश में एक और शब्द बनकर रह गया है।”