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  • गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी… बैंकों को वित्त मंत्री की कड़ी चेतावनी

    गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी… बैंकों को वित्त मंत्री की कड़ी चेतावनी


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बैंकों (Banks) द्वारा गलत जानकारी के साथ बेची जा रही बीमा पॉलिसी (Insurance Policy) व अन्य उत्पादों पर कड़ी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि बैंकों का मूल कार्य जमा (धनराशि) जुटाने और ऋण देने है और बैंक उसी पर ध्यान केंद्रित करें। सोमवार को बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक जरूरत न होने के बावजूद भी ग्राहकों को बीमा बेचने में अधिक समय लगा रहे हैं जबकि उनका मुख्य कार्य बैंकिंग सेवाएं देना है। उन्होंने कहा कि मिस-सेलिंग लंबे समय से चिंता का विषय रही है और अब इस पर सख्ती जरूरी है।

    कई मामलों में ग्राहकों के पास पहले से बीमा पॉलिसी होती है, लेकिन उसके बावजूद बैंक उन पर नई बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाते हैं। खासकर होम लोन लेते समय ग्राहकों से अतिरिक्त बीमा लेने को कहा जाता है, जबकि संपत्ति पहले से ही गिरवी होती है। ऐसे में नियामक की जिम्मेदारी स्पष्ट न होने के कारण ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि बैंकों को ग्राहकों की जरूरत समझने, जमा बढ़ाने और जिम्मेदारी के साथ ऋण देने पर ध्यान देना चाहिए।


    बैंकों को अधिक मानवीय होने की जरूरत

    वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को अधिक मानवीय और ग्राहक-केंद्रित बनाने की आवश्यकता है। मौजूदा समय में बैंकों ने ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने और उनकी वित्तीय जरूरतों को समझने की मूल कार्य दूरी बना ली है, जिससे ग्राहकों में असंतोष बढ़ा है। बैंक अपने कम लागत वाले जमा यानी (करंट अकाउंट–सेविंग अकाउंट) को मजबूत करने पर जोर दें और ग्राहक केंद्रित सेवाएं विकसित करें।


    कहां और कैसे करें शिकायत

    गलत जानकारी देकर उत्पाद बेचने पर आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा, बीमा के लिए इरडा, बैंकिंग के लिए आरबीआई (सीएमएस पोर्टल), या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। समस्या का समाधान न होने पर उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।


    शिकायत करने के प्रमुख मंच

    – राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन : टोल-फ्री नंबर 1915 या 1800-11-4000 पर कॉल करें।
    – ई-दाखिल पोर्टल: ऑनलाइन उपभोक्ता शिकायत दर्ज करने के लिए।
    – बीमा मिस-सेलिंग: बीमा कंपनी की शिकायत निवारण सेल में, फिर बीमा लोकपाल या इरडा की वेबसाइट (155255 पर कॉल)।
    – बैंकिंग मिस-सेलिंग: आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल के पास।
    – फ्री-लुक पीरियड (आमतौर पर 15-30 दिन) के भीतर शिकायत करने पर पॉलिसी रद्द कर रिफंड पाना आसान होता है।

  • कनाडा के PM मार्क कार्नी आएंगे भारत दौरे पर…..इन मुद्दों पर होगी चर्चा, द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत

    कनाडा के PM मार्क कार्नी आएंगे भारत दौरे पर…..इन मुद्दों पर होगी चर्चा, द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत


    नई दिल्ली।
    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Canadian Prime Minister Mark Carney) 26 फरवरी 2026 को भारत का दौरा (India Visit) करने जा रहे हैं। कनाडाई सरकार (Canadian Government) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह यात्रा भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के तीन देशों की एक व्यापक इंडो-पैसिफिक यात्रा का हिस्सा है, जो 26 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कनाडा-भारत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, व्यापार को बढ़ावा देना तथा रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), प्रतिभा, संस्कृति और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नई महत्वाकांक्षी साझेदारियां स्थापित करना है। कार्नी पहले मुंबई पहुंचेंगे, जहां वे प्रमुख कारोबारियों से मुलाकात करेंगे ताकि कनाडा में निवेश के अवसरों की खोज की जा सके और दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा मिले। इसके बाद वे नई दिल्ली जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे।

    यह दौरा कनाडा-भारत संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों के बाद संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “बेतुका” करार दिया था। इस विवाद के चलते अक्टूबर 2024 में भारत ने अपने उच्चायुक्त सहित कई राजनयिकों को वापस बुला लिया था और कनाडा ने भी समान संख्या में भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किया था। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि, अप्रैल 2025 में हुए कनाडाई संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी की जीत ने संबंध सुधार की प्रक्रिया शुरू की। कार्नी ने मार्च 2025 में प्रधानमंत्री पद संभाला था और उसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्तों की नियुक्ति की, जिससे तनाव कम हुआ और बातचीत का रास्ता खुला।


    किन मुद्दों पर होगी बातचीत

    कार्नी की यह यात्रा न केवल संबंधों को पटरी पर लाने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बीच कनाडा को अमेरिका पर निर्भरता कम करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नए साझेदारों के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाने की रणनीति का हिस्सा भी है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चाओं में व्यापार समझौते, रक्षा समझौते, एआई और प्रौद्योगिकी सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र (जैसे क्रिटिकल मिनरल्स और क्लीन एनर्जी) तथा रक्षा साझेदारी पर फोकस रहने की उम्मीद है। कार्नी प्रमुख भारतीय उद्योगपतियों से भी मिलेंगे, जिससे निवेश और संयुक्त उद्यमों के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

    यह दौरा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह निज्जर विवाद के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा है। इससे उम्मीद है कि पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर दोनों राष्ट्र भविष्योन्मुखी सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

  • Tamilnadu : SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी… 97 लाख से ज्यादा नाम हटाए

    Tamilnadu : SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी… 97 लाख से ज्यादा नाम हटाए


    चेन्नई।
    चुनाव आयोग (Election Commission) ने तमिलनाडु (Tamilnadu) में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (Special Intensive Voter Revision- SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित कर दी है। राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने सोमवार को अंतिम मतदाता सूची जारी की, जिसके मुताबिक विभिन्न श्रेणियों के तहत 97.37 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कि राज्य में अब 5.67 करोड़ (5,67,07,380) मतदाता बचे हैं। इसमें 2,77,38,925 पुरुष, 2,89,60,838 महिलाएं और 7,617 तृतीय लिंग (थर्ड जेंडर) मतदाता शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हटाए गए नामों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा मृत मतदाताओं का है।

    पटनायक ने चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण करने से पहले राज्य में मतदाताओं की संख्या 6.41 करोड़ थी। उन्होंने बताया कि नयी सूची में 18-19 आयु वर्ग के 7.40 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया है जबकि विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 97.37 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। पटनायक ने कहा कि निरंतर अद्यतन करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जाएगी।


    SC के आदेश के अनुसार लिस्ट जारी

    संशोधन प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग के 30 जनवरी के उस निर्देश का भी पालन किया गया, जो उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुसार जारी किया गया था। इस निर्देश में यह अनिवार्य किया गया था कि ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में हटाए गए नामों को हटाने के कारणों के साथ सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए। ये सूचियाँ ग्राम पंचायत कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों, तालुकों, उप-मंडल कार्यालयों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित की गईं। प्रभावित व्यक्तियों को आपत्ति दर्ज करने या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया था। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारियों (कलेक्टरों) ने अपने-अपने जिलों में अंतिम मतदाता सूची जारी की।


    लगभग आठ प्रतिशत मतदाताओं को हटाया गया

    इस बीच, विशेष गहन पुनरीक्षण के दूसरे चरण के दौरान नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग आठ प्रतिशत मतदाताओं को हटाया गया है। पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में, कुछ दिन पहले प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, कुल मतदाताओं की संख्या 9,44,211 है। वहीं शोलिंगनल्लूर में कुल 5,36,991 मतदाता हैं जिनमें से 2,62,621 पुरुष मतदाता, 2,74,254 महिला मतदाता और 116 तृतीय लिंग मतदाता हैं।

  • मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में चौथी बार बारिश का दौर, बालाघाट, डिंडौरी समेत 5 जिलों में आज अलर्ट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और दो ट्रफ के असर से एक बार फिर मौसम बदला है। प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को धूप खिली, लेकिन इसके बाद आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला और सिवनी जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    लो प्रेशर और ट्रफ का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके साथ ही दक्षिणी-पश्चिमी हिस्से में दो ट्रफ सक्रिय हैं। इन प्राकृतिक सिस्टम के प्रभाव से फरवरी में चौथी बार प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है, जो मंगलवार को भी जारी रहेगा।

    दिन में धूप, शाम को बदला मौसम

    सोमवार को कई जिलों में दोपहर तक धूप खिली रही, लेकिन शाम होते-होते मौसम बदल गया। जबलपुर, रीवा और सीधी में बारिश हुई। रात में मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, बड़वानी, धार, दतिया, खरगोन, सागर और दमोह में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई।

    फरवरी में बार-बार बारिश का असर
    फरवरी की शुरुआत से ही प्रदेश में दो बार बारिश और ओले गिरे हैं, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित क्षेत्रों में सरकार ने सर्वे भी कराया। तीसरी बार 18 फरवरी को प्रदेश भीगा, और 19-21 फरवरी को भी मौसम का असर रहा। अब चौथी बार 23 फरवरी से बारिश का दौर शुरू हुआ है।

    तापमान में उतार-चढ़ाव

    बारिश के कारण दिन का तापमान गिरा है, लेकिन रात में हल्की गर्मी बनी रही। रविवार-सोमवार की रात में पचमढ़ी में न्यूनतम 11.2 डिग्री, मंदसौर में 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में भी तापमान 12 डिग्री से ऊपर रहा।

  • Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda की शादी की धूम: उदयपुर में शुरू हुए जश्न, ‘विरोश’ थीम ने खींचा ध्यान

    Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda की शादी की धूम: उदयपुर में शुरू हुए जश्न, ‘विरोश’ थीम ने खींचा ध्यान


    नई दिल्ली। लंबे समय से चर्चा में चल रहे रिश्ते पर आखिरकार मुहर लग गई है। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने आधिकारिक रूप से अपनी शादी कन्फर्म कर दी है। अक्टूबर में सगाई की खबरों के बाद से ही फैंस इस ऐलान का इंतजार कर रहे थे। अब कपल ने एक खास नोट जारी कर यह साफ कर दिया है कि वे 26 फरवरी 2026 को शादी के बंधन में बंधेंगे।

    क्यों चुना उदयपुर?
    यह शाही शादी राजस्थान के खूबसूरत शहर Udaipur में हो रही है। झीलों, महलों और रॉयल वाइब के लिए मशहूर उदयपुर सेलिब्रिटी वेडिंग्स की पहली पसंद बन चुका है। कपल ने इस डेस्टिनेशन को इसलिए चुना ताकि शादी में शाही अंदाज़ के साथ-साथ निजीपन भी बरकरार रहे। सभी कार्यक्रम एक ही आलीशान प्रॉपर्टी में आयोजित किए जा रहे हैं।

    पूल पार्टी से दिखी शादी की मस्ती
    वेडिंग फेस्टिविटीज़ की शुरुआत मस्ती भरे अंदाज़ में हुई। विजय देवरकोंडा ने दोस्तों के साथ पूल पार्टी की झलक शेयर की, जिसमें वे वॉटर वॉलीबॉल जैसे गेम्स खेलते नजर आए। तस्वीरों से साफ है कि शादी सिर्फ पारंपरिक रस्मों तक सीमित नहीं, बल्कि दोस्तों के साथ एन्जॉयमेंट का भी पूरा इंतज़ाम है।

    ‘विरोश’ थीम बना खास आकर्षण
    रश्मिका ने भी डेकोर की झलक दिखाकर फैंस का उत्साह बढ़ाया। गुलाबी और हरे रंग की थीम पर सजी टेबल, फूलों और फलों की खूबसूरत सजावट के साथ बेहद एलिगेंट नजर आई। सबसे खास बात रही मेन्यू कार्ड, जो ‘विरोश’ लिखे कपड़े में लिपटा हुआ था। ‘विरोश’ विजय और रश्मिका के नाम का कॉम्बिनेशन है, जिसे फैंस ने सालों पहले दिया था। इस पर्सनल टच ने शादी को और खास बना दिया है।
    तीन दिन का भव्य समारोह
    रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

    24 फरवरी – मेहंदी सेरेमनी

    25 फरवरी – हल्दी और संगीत

    26 फरवरी – मुख्य विवाह समारोह

    मेहंदी और संगीत में करीबी परिवार और खास दोस्तों की मौजूदगी रहेगी। गेस्ट लिस्ट बेहद सीमित रखी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं।

    परंपरा और मॉडर्न स्टाइल का मेल
    सूत्रों के मुताबिक, शादी में साउथ इंडियन परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी, जबकि डेकोर और आयोजन में मॉडर्न एलिमेंट्स जोड़े गए हैं। खास कारीगरों और डिजाइनर्स को बुलाया गया है, ताकि हर रस्म यादगार बन सके।

    शाही लोकेशन, पर्सनल थीम और करीबी मेहमानों के बीच होने वाला यह समारोह 2026 की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी वेडिंग बनने की ओर बढ़ रहा है। फैंस अब इस रॉयल वेडिंग की और झलकियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • बढ़ती उम्र में मांसपेशियां कमजोर? दही-इडली से रखें मसल्स मजबूत, 60 के बाद भी फिट रहें

    बढ़ती उम्र में मांसपेशियां कमजोर? दही-इडली से रखें मसल्स मजबूत, 60 के बाद भी फिट रहें


    नई दिल्ली । बुढ़ापे में थकान चलने में दिक्कत और गिरने का डर आम बात लगती है लेकिन यह केवल उम्र का खेल नहीं है। इसका मुख्य कारण है सार्कोपेनिया यानी मांसपेशियों का कमजोर होना। 60 की उम्र के बाद शरीर प्रोटीन का सही उपयोग नहीं कर पाता जिससे मसल्स धीरे-धीरे गलने लगती हैं।

    डॉ. शैलेंद्र भदौरिया एमडी-जेरियाट्रिक मेडिसिन एम्स नई दिल्ली बताते हैं कि इस उम्र में मसल्स मजबूत रखने के लिए डाइट और हल्की कसरत दोनों जरूरी हैं। आईसीएमआर और WHO के अनुसार 60+ उम्र में प्रतिदिन प्रति किलो शरीर वजन के हिसाब से 1 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि आपका वजन 65 किलो है तो रोजाना 65 ग्राम प्रोटीन शामिल करें।

    मसल स्ट्रेंथ बढ़ाने में फर्मेंटेड फूड्स जैसे दही इडली ढोकला और खमीर वाले अन्य पदार्थ बहुत मददगार हैं। ये प्रोबायोटिक्स से पेट की सेहत सुधारते हैं जिससे प्रोटीन आसानी से पचता और अवशोषित होता है। लेकिन अकेले फर्मेंटेड फूड पर्याप्त नहीं हैं। प्रोटीन की सही मात्रा और हल्की वजन वाली कसरत मिलाकर ही मसल्स मजबूत रह सकती हैं।

    WHO की सलाह के अनुसार 65 साल से ऊपर के लोगों को हफ्ते में कम से कम 2 दिन मसल स्ट्रेंथ बढ़ाने वाली कसरत करनी चाहिए। इसके लिए आसान एक्सरसाइज जैसे कुर्सी से 10 बार उठना-बैठना दीवार के सहारे पुश-अप या पानी की बोतल से वेट लिफ्टिंग करना पर्याप्त है।

    डॉ. भदौरिया बताते हैं कि एक संतुलित दिनचर्या अपनाने से मसल्स कमजोर होने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है। उदाहरण के तौर पर:

    सुबह: हल्की एक्सरसाइज + प्रोटीन युक्त नाश्ता

    दोपहर: दाल पनीर और सलाद

    शाम: 20 मिनट वॉक

    रात: हल्की खिचड़ी या पौष्टिक डिनर

    इस तरह नियमित प्रोटीन फर्मेंटेड फूड और हल्की कसरत से 60 पार भी मसल्स मजबूत बनी रह सकती हैं और थकान या गिरने का डर कम होता है। बुढ़ापे में फिट रहने के लिए यह आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है।

  • रंगों का त्योहार, ठंडाई के साथ: जानें खसखस ठंडाई बनाने का तरीका..

    रंगों का त्योहार, ठंडाई के साथ: जानें खसखस ठंडाई बनाने का तरीका..


    नई दिल्ली।होली केवल रंगों और गुलाल का त्योहार नहीं है। यह त्योहार स्वाद और ताजगी के लिए भी जाना जाता है। और जब बात हो ठंडक और ऊर्जा की, तो ठंडाई का नाम सबसे पहले आता है। खासकर खसखस ठंडाई, जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों में अद्भुत संतुलन देती है। इस होली, आप अपने परिवार और दोस्तों के लिए घर पर खसखस ठंडाई बनाकर त्योहार को और यादगार बना सकते हैं।

    ठंडाई क्यों खास है?
    ठंडाई केवल ठंडी ड्रिंक नहीं है। इसमें खसखस, बादाम, काजू, किशमिश और गुलाब जल जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। भारतीय पारंपरिक स्वास्थ्य विज्ञान के अनुसार, ठंडाई में मौजूद सूखे मेवे और मसाले शरीर को गर्मियों की उमस से बचाने में मदद करते हैं।

    खसखस ठंडाई बनाने की सामग्री:
    खसखस – 2 बड़े चम्मच

    काजू – 10-12 पीसेस

    बादाम – 10-12 पीसेस

    काली मिर्च – 1/4 चम्मच

    गुलाब जल – 1 छोटा चम्मच

    ठंडा दूध – 500 ml

    शक्कर – 4-5 बड़े चम्मच (स्वाद अनुसार)

    साबुत किशमिश – 8-10 पीसेस

    खसखस ठंडाई बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी:
    1. खसखस और मेवे भिगोएँ: खसखस, काजू और बादाम को 4–5 घंटे या रात भर पानी में भिगोकर नरम कर लें।

    2. पीसना: भिगोए हुए खसखस और मेवे को ब्लेंडर में डालकर थोड़ा पानी डालकर महीन पेस्ट तैयार करें।

    3. मिलाना: पेस्ट में ठंडा दूध डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।

    4. मसाले डालें: अब इसमें काली मिर्च, गुलाब जल और शक्कर डालकर फिर से मिक्स करें।

    5. छानना: मिश्रण को छलनी से छानकर गाढ़ा दूध निकाल लें।

    6. ठंडा परोसें: ठंडाई को फ्रिज में 1–2 घंटे ठंडा करें और साबुत किशमिश से गार्निश करके सर्व करें।

    खसखस ठंडाई क्यों चुनें?
    खसखस ठंडाई न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि इसमें ऊर्जा बढ़ाने वाले तत्व और एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं। यह पारंपरिक ठंडाई की तुलना में हल्की और आसानी से पचने वाली होती है।

    होली पर ठंडाई पीने के फायदे:
    शरीर को ठंडक देती है

    प्यास बुझाने के साथ ऊर्जा भी देती है

    रंगों और गुलाल खेलने के बाद डिहाइड्रेशन से बचाती है

    स्वाद में बच्चों और बड़ों दोनों को समान रूप से पसंद आती है

    परंपरा और त्योहार का संगम:
    होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है। यह परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने, खास पकवान और ड्रिंक के माध्यम से जुड़ने का अवसर भी है। ठंडाई इस त्योहार में सिर्फ पेय नहीं, बल्कि खुशियों और यादों की मिठास जोड़ती है। इस होली, खसखस ठंडाई बनाकर आप रंगों की मिठास के साथ स्वाद और ठंडक का मज़ा भी बढ़ा सकते हैं।

  • चीज: स्वादिष्ट भी, सेहत के लिए फायदेमंद भी? डाइटीशियन से जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू और हेल्थ बेनिफिट्स

    चीज: स्वादिष्ट भी, सेहत के लिए फायदेमंद भी? डाइटीशियन से जानें न्यूट्रिशनल वैल्यू और हेल्थ बेनिफिट्स


    नई दिल्ली । यदि आप किसी रेस्टोरेंट में गए हैं तो मेन्यू पर अक्सर एक्स्ट्रा चीज बर्गर एक्स्ट्रा चीज पिज्जा या एक्स्ट्रा चीज सैंडविच जैसे आइटम्स दिखते हैं। स्वाद में लाजवाब चीज सिर्फ खाने को मजेदार ही नहीं बनाती बल्कि प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत भी है। लेकिन क्या चीज नियमित रूप से खाना सेहत के लिए सुरक्षित है?

    डॉ. पूनम तिवारी सीनियर डाइटीशियन डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ बताती हैं कि चीज एक डेयरी उत्पाद है जो पालतू जानवरों के दूध से बनाया जाता है। इसके उत्पादन में दूध को हल्का गर्म किया जाता है फिर उसमें स्टार्टर कल्चर मिलाकर दूध को खट्टा किया जाता है। उसके बाद रेनेट या नींबू का रस डालकर दूध जमाया जाता है। जमा हुआ दूध छोटे टुकड़ों में काटा जाता है ताकि उसमें मौजूद व्हे यानी बचा हुआ पानी अलग हो सके। जो ठोस हिस्सा बचता है वही चीज कहलाता है। कुछ चीज को हफ्तों या महीनों तक एज भी किया जाता है जिससे उसका स्वाद और टेक्सचर और बेहतर होता है।

    चीज में पाए जाने वाले मुख्य पोषक तत्वों में प्रोटीन और कैल्शियम शामिल हैं। यह हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के विकास के लिए उपयोगी है। इसके अलावा चीज में विटामिन A B12 और फास्फोरस भी होते हैं। वहीं इसका सेवन सीमित मात्रा में करना जरूरी है क्योंकि इसमें सैचुरेटेड फैट और सोडियम भी काफी मात्रा में होता है। ज्यादा चीज खाने से वजन बढ़ने कोलेस्ट्रॉल बढ़ने और हृदय संबंधी जोखिम भी हो सकता है।

    डॉ. तिवारी के अनुसार स्वस्थ वयस्कों के लिए रोजाना 30–40 ग्राम चीज खाना सेहत के लिए लाभकारी है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह हड्डियों और दांतों की मजबूती में मदद करता है। हालांकि उच्च ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल वाले लोग चीज का सेवन कम या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करें।

    इस प्रकार चीज का स्वाद और न्यूट्रिशनल बेनिफिट दोनों ही इसे खास बनाते हैं। लेकिन इसे संतुलित मात्रा में खाना चाहिए। पिज्जा पास्ता या सैंडविच में एक्स्ट्रा चीज लेना स्वादिष्ट तो है लेकिन सेहत का ध्यान रखते हुए इसका सेवन संतुलित रूप से करना ही सही है।

  • हरसिंगार प्लांटेशन: सफेद फूलों और खुशबू से सजाएं अपना गार्डन

    हरसिंगार प्लांटेशन: सफेद फूलों और खुशबू से सजाएं अपना गार्डन


    नई दिल्ली। इसे पारिजात के नाम से भी जाना जाता है। रात में खिलने और सुबह जमीन पर बिखर जाने वाले ये फूल न केवल बगीचे की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि हल्की-सी खुशबू से माहौल को ताजगी से भर देते हैं।

    हरसिंगार का पौधा ज्यादा देखभाल नहीं मांगता, इसलिए यह घरेलू बगीचों के लिए एकदम परफेक्ट माना जाता है। सही जगह, उपयुक्त मिट्टी और थोड़ी-सी धैर्य के साथ आपका गार्डन कुछ ही महीनों में सफेद फूलों से लहलहा सकता है।

    हरसिंगार पौधा लगाने और देखभाल के टिप्स
    1. सही जगह का चुनाव
    हरसिंगार को धूप और हल्की छांव दोनों पसंद हैं। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां रोज़ाना 4-6 घंटे की धूप मिल सके। बहुत तेज धूप में छोटे पौधे की पत्तियां झुलस सकती हैं, इसलिए शुरुआती दिनों में हल्की छाया बेहतर रहती है। अगर आप गमले में पौधा लगा रहे हैं, तो 12–16 इंच का बड़ा गमला चुनें।

    2. मिट्टी कैसी हो?
    इस पौधे के लिए अच्छी जलनिकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे बेहतर रहती है। आप 40% गार्डन सॉइल, 30% रेत और 30% गोबर की सड़ी खाद मिलाकर मिश्रण तैयार कर सकते हैं। मिट्टी ज्यादा कड़ी न हो, वरना जड़ें फैल नहीं पाएंगी। रोपण से पहले गड्ढे में थोड़ी जैविक खाद डालना लाभकारी होता है।

    3. पौधा लगाने की विधि

    नर्सरी से स्वस्थ और हरे पत्तों वाला पौधा चुनें। जमीन में लगभग 1–1.5 फुट गहरा गड्ढा खोदें। पौधे को सावधानी से रखें और मिट्टी भरकर हल्के हाथ से दबा दें। तुरंत हल्का पानी दें ताकि मिट्टी जड़ों से अच्छी तरह चिपक जाए। गमले में लगाने पर नीचे ड्रेनेज होल होना जरूरी है।

    4. सिंचाई और देखभाल
    हरसिंगार को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। गर्मियों में 2-3 दिन में एक बार और सर्दियों में हफ्ते में एक बार पानी देना पर्याप्त है। ध्यान रखें कि पानी जमा न हो, वरना जड़ें सड़ सकती हैं। हर 2-3 महीने में जैविक खाद डालने से फूलों की संख्या बढ़ती है। सूखी और पीली टहनियों की समय-समय पर छंटाई करें।

    5. कब आएंगे फूल?
    आमतौर पर मानसून के बाद से लेकर शरद ऋतु तक इस पौधे में फूल आने लगते हैं। सुबह जमीन पर गिरे फूलों को इकट्ठा करना भी एक सुखद अनुभव है। सही देखभाल मिलने पर पौधा हर साल और ज्यादा घना और खूबसूरत होता जाता है।

    हरसिंगार लगाने के फायदे
    बगीचे की खूबसूरती बढ़ाता है

    हल्की-सी खुशबू से माहौल को ताजगी देती है

    कम देखभाल में भी लंबे समय तक फूल देती है

    पारंपरिक और धार्मिक महत्व भी रखता है

    हरसिंगार न केवल बगीचे की शोभा बढ़ाता है, बल्कि सफेद फूलों और हल्की खुशबू के जरिए घर के वातावरण को सुंदर और ताजगी से भर देता है। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल के साथ आपका गार्डन सालों तक हरसिंगार के फूलों से लबालब भरा रह सकता है।