Blog

  • MP सरकार को बड़ा झटका…. दिल्ली HC ने दिया वकील को 78 लाख का भुगतान करने का आदेश

    MP सरकार को बड़ा झटका…. दिल्ली HC ने दिया वकील को 78 लाख का भुगतान करने का आदेश


    नई दिल्ली।
    दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) को आदेश दिया कि वह वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी (Anoop George Chaudhari) को एक मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश होने के बदले 78 लाख 65 हजार रुपए और उस पर 9% सालाना की दर से ब्याज का भुगतान भी करे। उच्च न्यायालय ने राज्य के इस दावे को खारिज कर दिया कि वरिष्ठ अधिवक्ता असल में सिर्फ दो बार पेश हुए थे।

    जस्टिस सचिन दत्ता की पीठ ने इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाम मनोहरलाल व अन्य (2020) मामले में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ के आदेश का हवाला दिया और वरिष्ठ अधिवक्ता की मौजूदगी को नोट किया। पीठ ने कहा कि कार्यवाही के रिकॉर्ड में दिख रही पेशी को देखने से पता चलता है कि याचिकाकर्ता मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए थे। ऐसे में ना ही इसमें कोई शक रह जाता है और इस रिकॉर्ड के महत्व को कम करके भी नहीं आंका जा सकता।

    अदालत ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में पेशी दर्ज करना कोई अनौपचारिक या सामान्य काम नहीं है। उच्चतम न्यायालय नियम, 2013 के आदेश IV नियम 1(बी) के तहत किसी पार्टी के ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ के अलावा कोई अन्य वकील किसी मामले में अदालत के सामने पेश नहीं हो सकता, बहस नहीं कर सकता। अदालत को संबोधित नहीं कर सकता, जब तक कि उसे ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ ने निर्देश न दिया हो या अदालत ने अनुमति न दी हो।

    पीठ ने कहा कि एक वरिष्ठ अधिवक्ता उच्चतम न्यायालय में किसी पक्षकार पर अपनी पेशी थोप नहीं सकता। उसकी पेशी केवल उस पार्टी के ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ के माध्यम से और उनके निर्देशों पर ही दर्ज की जा सकती है। पीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता की पेशी राज्य के स्थाई वकील व राज्य के ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ के साथ चौदह तारीखों पर दर्ज की गई, इसलिए यह निष्कर्ष निकला कि ऐसी हर तारीख पर उनकी पेशी राज्य के ही अधिकृत प्रतिनिधियों द्वारा कराई गई।

  • पाकिस्तान की हार से लेकर अबॉर्शन तक इमाद वसीम पर सानिया के गंभीर आरोप बोलीं उस वक्त मैं पूरी तरह बेबस थी

    पाकिस्तान की हार से लेकर अबॉर्शन तक इमाद वसीम पर सानिया के गंभीर आरोप बोलीं उस वक्त मैं पूरी तरह बेबस थी


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इमाद वसीम एक बार फिर अपने क्रिकेट करियर की वजह से नहीं बल्कि निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी पूर्व पत्नी सानिया अशफाक ने एक पॉडकास्ट में इमाद और उनके परिवार को लेकर कई गंभीर दावे किए हैं। सानिया ने आरोप लगाया कि साल 2023 में उनकी इच्छा के खिलाफ उनका अबॉर्शन करवाया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में इमाद और उनके परिवार का दबाव था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और सामने उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से सानिया के बयान पर आधारित है।

    सानिया ने पॉडकास्ट में अपनी तीसरी प्रेग्नेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने इमाद को इस बारे में बताया था तो वह शुरुआत में काफी खुश हुए थे। इसके बाद इमाद ने अपनी मां को फोन किया और सानिया के मुताबिक बातचीत के दौरान उन्हें इस प्रेग्नेंसी को खत्म करने के लिए कहा गया। सानिया ने दावा किया कि उन्हें बेहद गंभीर धमकी भी दी गई थी और इस वजह से वह खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रही थीं।

    सानिया का कहना है कि उस समय उनके बच्चे भी उनके साथ थे और हालात उनके लिए बेहद मुश्किल थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें एक इंजेक्शन दिए जाने की बात कही गई थी जिससे वह शांत रहेंगी लेकिन जब उन्हें होश आया तो अबॉर्शन हो चुका था। सानिया ने इस दौरान यह भी आशंका जताई कि उन्हें पूरी सच्चाई नहीं बताई गई थी। उनके मुताबिक वह उस परिस्थिति में कुछ समझ पाने या अपनी बात मजबूती से रखने की स्थिति में नहीं थीं।

    इस पूरे मामले के साथ सानिया ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले का भी जिक्र किया। उस मैच में पाकिस्तान को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। सानिया के मुताबिक मैच खत्म होने के बाद जब इमाद होटल पहुंचे तो वह काफी गुस्से में थे। सानिया का दावा है कि इमाद ने उनसे कहा कि पाकिस्तान उनकी वजह से मैच हार गया। इसके जवाब में सानिया ने कथित तौर पर कहा कि शायद यह उस बच्चे के मामले में अल्लाह की सजा है।

    सानिया के ये दावे सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। इमाद वसीम और सानिया अशफाक का रिश्ता पहले भी कई बार सुर्खियों में रहा है। दोनों के रिश्ते में लंबे समय से तनाव की खबरें सामने आती रही हैं और बाद में दोनों अलग हो गए। अब सानिया के ताजा बयान ने उनके रिश्ते से जुड़े पुराने विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    क्रिकेट की बात करें तो इमाद वसीम पाकिस्तान के प्रमुख ऑलराउंडरों में रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 55 वनडे मुकाबले खेले जिसमें 986 रन बनाने के साथ 44 विकेट हासिल किए। टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 75 मैचों में 554 रन बनाए और 73 विकेट अपने नाम किए। गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने वाले इमाद का अंतरराष्ट्रीय करियर पाकिस्तान क्रिकेट में काफी अहम रहा है।

    फिलहाल सानिया के आरोपों को लेकर इमाद वसीम की ओर से कोई विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है। ऐसे में इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है। सानिया के बयान ने हालांकि इमाद की निजी जिंदगी को लेकर एक नया विवाद जरूर खड़ा कर दिया है।

  • बिहार निवेश के मामले में आज भी पिछड़ा राज्य… निवेशकों को आकर्षित करने में सबसे पीछे

    बिहार निवेश के मामले में आज भी पिछड़ा राज्य… निवेशकों को आकर्षित करने में सबसे पीछे


    पटना।
    बिहार (Bihar) आज भी निवेश (Investment) आकर्षित करने की कसौटी पर सबसे पिछड़ा राज्य है। आधारभूत संरचना, संसाधनों की उपलब्धता, कारोबारी माहौल और जमीन आवंटन की जटिलता के मोर्चे पर राज्य आज भी पिछड़ा है। नीति आयोग (NITI Aayog) की हालिया रैकिंग रिपोर्ट (Ranking Report) में बिहार देश के बड़े 17 राज्यों में सबसे नीचे 17वें स्थान पर और 36 राज्यों में 26वें स्थान पर है। नीति आयोग द्वारा जुलाई 2026 में जारी निवेश अनुकूल सूचकांक में बिहार को देश के तीसरे श्रेणी के राज्यों में शामिल किया गया है।

    रिपोर्ट में राज्य को सौ अंकों में कुल 41.2 अंक ही प्राप्त हुए हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में मानकों के अनुरूप राज्यों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। तीसरी श्रेणी (40 से 45 अंक) में बिहार के साथ झारखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, मेघालय, नागालैंड और पुदुचेरी शामिल हैं। वहीं, उच्च प्रदर्शन (50 से अधिक अंक) वाले पांच राज्यों में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और तामिलनाडु शामिल हैं।


    प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में निचले पायदान पर

    निवेश अनुकूल सूचकांक में बताया गया है कि बिहार में वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सिर्फ 0.16 मिलियन डॉलर रहा जबकि इसी वित्तीय वर्ष में महाराष्ट्र में 15,116 मिलियन डॉलर, दिल्ली में 6523.43 मिलियन डॉलर और कर्नाटक में 6571 मिलियन डॉलर रहा। कुल एफडीआई का 85 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, तामिलनाडु को मिल जाता है। इसी तरह पेटेंट के मामले में भी बिहार फिसड्डी रहा। रिपोर्ट के अनुसार बिहार से वित्तीय वर्ष 2023 में कंपनियों द्वारा कुल दाखिल पेटेंट का 0.48 प्रतिशत ही दाखिल हो सका।

    जबकि देश के बड़े राज्यों का औसत पेटेंट दाखिल करने की दर 3.6 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में राज्य में समर्पित(डेडिकेटेड) औद्योगिक पार्क, औद्योगिक आधारभूत संरचना के अलावा निवेश आकर्षित करने के लिए संरक्षा और सुरक्षा की दिशा में काम करने की सलाह दी गई है। आधारभूत संरचना, कारोबारी माहौल, संसाधन, सरकारी नीतियां, विनियामक सुगमता, वित्तीय सेहत, संस्थागत वातावरण (इंस्टीटयूशनल इन्वायरमेंट) और पर्यावरणीय लचीलापन की बात भी कही गई।


    दूरगामी रणनीति अपनानाी होगी

    अर्थशास्त्री और नालंदा विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर सुधांशु कुमार के अनुसार निवेश अनुकूल सूचकांक में बिहार की खराब स्थिति चिंता का विषय है। बड़े राज्यों में सबसे नीचे बिहार की स्थिति राज्य की गहरी संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर करती है जो पहले भी कई अध्ययनों में सामने आती रही हैं। नवाचार और एमएसएमई आधार दोनों ही पिछड़े हैं, जबकि सुरक्षा, भूमि आवंटन और रोजगार की कमी निवेशकों को रोकती है। रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति जीएसडीपी बड़े राज्यों के औसत से 72 फीसदी कम है। निर्णायक दृष्टि और समयबद्ध दूरगामी रणनीति अपनाकर बिहार निम्न विकास के जाल से बाहर निकल सकता है और एक सशक्त आर्थिक भविष्य की ओर बढ़ सकता है।


    क्या है निवेश अनुकूल सूचकांक

    निवेश अनुकूल सूचकांक के तहत देश के विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में निवेशक और व्यवसाय के लिए कितना अनुकूल माहौल है। इसका मूल्यांकन किया गया है। नीति आयोग ने देश में पहली बार राज्यों की निवेश तैयारियों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट और रैंकिंग जुलाई 2026 में जारी की है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार देश में मजबूत निवेश पारिस्थितिकी तंत्र(इकोसिस्टम) विकसित कर देश को 2047 तक विकसित देश बनाने के उद्देश्य से इस सूचकांक को जारी किया गया है। इसमें देश के सभी 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश को विभिन्न श्रेणियों के तहत शामिल किया गया है।


    कमियां गिनाईं, सुझाव दिये

    1. बिहार में भूमि आवंटन प्रक्रिया जटिल और उलझाऊ है
    2. रोजगार के अवसर सीमित हैं।
    3. राज्य के द्वितीय और तृतीय श्रेणी वाले शहरों में वायु संपर्कता कम है
    4. बिजली की निर्बाध उपलब्धता के लिए अभी और काम करने की जरूरत है
    5. निवेश आकर्षित करने के लिए संरक्षा और सुरक्षा पर फोकस करने की जरुरत

  • कैसे प्रसन्न होंगे विघ्नहर्ता गणेश? जानें पूजा का सही तरीका, प्रिय भोग और जीवन बदलने वाले सरल उपाय

    कैसे प्रसन्न होंगे विघ्नहर्ता गणेश? जानें पूजा का सही तरीका, प्रिय भोग और जीवन बदलने वाले सरल उपाय


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणपति की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि जहां भगवान गणेश की कृपा होती है वहां जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर होने लगती हैं। बुद्धि विवेक ज्ञान सुख समृद्धि और सफलता के दाता माने जाने वाले गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए केवल बड़े अनुष्ठान ही नहीं बल्कि सच्ची श्रद्धा और सरल उपाय भी काफी माने जाते हैं। नियमित रूप से भगवान गणेश की पूजा करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होना चाहिए। इसके बाद साफ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा के साथ गणपति का ध्यान करें। मान्यता है कि भगवान गणेश को स्वच्छता और पवित्रता अत्यंत प्रिय है इसलिए पूजा स्थान को साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए।

    भगवान गणेश को दूर्वा विशेष रूप से प्रिय मानी जाती है। पूजा के दौरान गणपति को दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। दूर्वा चढ़ाते समय भगवान गणेश का स्मरण करने से जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना की जाती है। इसके साथ ही लाल या पीले फूल भी अर्पित किए जा सकते हैं। गणेश जी को मोदक और लड्डू का भोग लगाना भी अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणपति को मिठास प्रिय है इसलिए गुड़ और मोदक का भोग भी उनकी कृपा पाने का सरल उपाय माना जाता है।

    गणेश जी की पूजा में मंत्र जाप का भी विशेष महत्व है। ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का नियमित जाप करने से मन की एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने में मदद मिलती है। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है इसलिए इस दिन विशेष पूजा और व्रत करना भी शुभ फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु बुधवार को गणपति मंदिर जाकर दर्शन कर सकते हैं और जरूरतमंद लोगों को भोजन या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान भी कर सकते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को केवल पूजा और भोग से ही नहीं बल्कि अच्छे कर्मों से भी प्रसन्न किया जा सकता है। किसी का अपमान न करना बुजुर्गों का सम्मान करना जरूरतमंदों की सहायता करना और अपने व्यवहार में विनम्रता रखना गणपति की कृपा पाने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। जीवन में सफलता के लिए मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना भी भगवान गणेश की आराधना का ही एक रूप माना जाता है।

    यदि किसी व्यक्ति के जीवन में लगातार रुकावटें आ रही हों या कोई महत्वपूर्ण कार्य बार-बार बाधित हो रहा हो तो भगवान गणेश का स्मरण कर उस कार्य की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। घर से निकलने से पहले गणपति का ध्यान करना और सकारात्मक सोच के साथ काम करना आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। बुधवार के दिन गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाकर परिवार में प्रसाद बांटना भी शुभ माना जाता है।

    भगवान गणेश को प्रसन्न करने का सबसे बड़ा उपाय सच्ची श्रद्धा और शुद्ध मन है। पूजा में दिखावे की बजाय भक्ति और विश्वास को महत्व देना चाहिए। जब व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे विचार अच्छे कर्म और सकारात्मक व्यवहार को अपनाता है तब उसका मन भी मजबूत होता है। विघ्नहर्ता गणपति की आराधना हमें यही संदेश देती है कि हर कठिनाई का सामना धैर्य बुद्धि और विश्वास के साथ किया जाए। सच्चे मन से गणेश जी का स्मरण करने वाला व्यक्ति जीवन की चुनौतियों से लड़ने की शक्ति और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्राप्त कर सकता है।

  • पत्नी के गंभीर आरोपों पर दर्शन जरीवाला ने तोड़ी चुप्पी, 23 साल बाद बोले- ‘मैंने ऐसा कभी नहीं कहा’

    पत्नी के गंभीर आरोपों पर दर्शन जरीवाला ने तोड़ी चुप्पी, 23 साल बाद बोले- ‘मैंने ऐसा कभी नहीं कहा’


    नई दिल्ली। एक्टर दर्शन जरीवाला ने अपनी पत्नी और अभिनेत्री अपरा मेहता की ओर से लगाए गए पुराने आरोपों पर करीब 23 साल बाद खुलकर अपनी बात रखी है। दोनों की शादी को लंबा वक्त बीत चुका है लेकिन पिछले कई वर्षों से दोनों अलग रह रहे हैं। अब एक इंटरव्यू में दर्शन ने उन दावों पर सफाई दी है जिनमें उन पर घर छोड़कर जाने और पत्नी को बदसूरत कहने जैसे आरोप लगाए गए थे। दर्शन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी महिला के रूप रंग को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना उनके स्वभाव का हिस्सा नहीं है।

    सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में दर्शन ने कहा कि वह किसी साधारण दिखने वाली महिला को भी बदसूरत नहीं कह सकते। उनके मुताबिक वह हमेशा इंसान के बाहरी रूप से ज्यादा उसके भीतर के स्वभाव को महत्व देते हैं। इसलिए इस तरह की टिप्पणी उनके व्यक्तित्व से मेल नहीं खाती। दर्शन ने यह भी संकेत दिया कि इतने लंबे समय के बाद सामने आई कुछ बातें यादों के बदल जाने का नतीजा हो सकती हैं। उन्होंने इसे फॉल्स मेमोरी से भी जोड़कर देखा।

    पुराने आरोपों पर सवाल उठाते हुए दर्शन ने यह भी पूछा कि जब वह और अपरा 23 साल से अलग रह रहे हैं तो इतने लंबे समय बाद इन घटनाओं को फिर से सामने लाने की जरूरत क्यों पड़ी। दर्शन ने कहा कि अपरा जो कहना चाहें कह सकती हैं लेकिन वह अपनी सच्चाई जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ विक्टिम कार्ड खेला जा रहा है।

    दर्शन ने अपनी शादी टूटने के पीछे बदलती प्राथमिकताओं और परिस्थितियों को जिम्मेदार बताया। उनके मुताबिक समय के साथ दोनों की सोच और जिंदगी को लेकर प्राथमिकताएं बदलती गईं। इसी दौरान एक बिजनेस वेंचर के असफल होने से उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब हुई। आर्थिक दबाव और आपसी मतभेदों ने रिश्ते में तनाव बढ़ा दिया और आखिरकार दोनों अलग रहने लगे।

    एक्टर ने यह भी बताया कि उन्होंने कानूनी तौर पर तलाक लेने की कोशिश की थी। उन्होंने तलाक के लिए आवेदन भी किया था लेकिन आखिरी समय पर अपरा ने अपनी सहमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अदालत ने तलाक की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया और दोनों कानूनी तौर पर पति पत्नी बने रहे।

    दर्शन के मुताबिक जब उन्होंने सांताक्रूज स्थित घर छोड़ा था तब अपनी ज्यादातर चीजें अपरा और बेटी के लिए छोड़ दी थीं। उस समय उनके पास नया घर किराए पर लेने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में कुछ समय तक उन्होंने दोस्तों के घर रहकर अपना गुजारा किया।

    बेटी की परवरिश को लेकर भी दर्शन ने अपरा के दावे से अलग बात कही। उन्होंने बताया कि वह आज भी अपनी बेटी के संपर्क में हैं। दोनों के बीच बातचीत होती है और वह बेटी की आर्थिक मदद भी करते हैं। दर्शन का कहना है कि पिता के तौर पर उनका रिश्ता अपनी बेटी के साथ अब भी कायम है।

    अपनी मौजूदा जिंदगी के बारे में दर्शन ने कहा कि वह अपने अतीत से आगे बढ़ चुके हैं। वह साल 2010 से इंटीरियर डिजाइनर अनाहिता इटालिया के साथ रिलेशनशिप में हैं और अपनी वर्तमान जिंदगी में खुश हैं। 23 साल पुराने रिश्ते और आरोपों पर खुलकर बोलने के बाद दर्शन जरीवाला ने साफ कर दिया है कि वह अब अपने अतीत को पीछे छोड़कर अपनी जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं।

  • शेयर बाजार में आज बड़ा फैसला लेने से पहले रहें सतर्क! ग्लोबल मार्केट और आर्थिक संकेत तय करेंगे सेंसेक्स निफ्टी का रुख

    शेयर बाजार में आज बड़ा फैसला लेने से पहले रहें सतर्क! ग्लोबल मार्केट और आर्थिक संकेत तय करेंगे सेंसेक्स निफ्टी का रुख


    नई दिल्ली । 2 सितम्बर को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर कई अहम घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रहने वाली है। पिछले कारोबारी सत्रों की गतिविधियों के बाद आज सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख विदेशी निवेशकों की खरीद बिक्री कच्चे तेल की कीमतें रुपये की स्थिति और प्रमुख कंपनियों से जुड़ी खबरें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बाजार में निवेश करने वाले लोगों के लिए आज का दिन सतर्कता के साथ फैसले लेने का हो सकता है क्योंकि छोटी सी सकारात्मक या नकारात्मक खबर भी बाजार के मूड को तेजी से बदल सकती है।

    भारतीय शेयर बाजार लगातार घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और कंपनियों के प्रदर्शन से प्रभावित होता है लेकिन मौजूदा दौर में वैश्विक परिस्थितियां भी निवेशकों की रणनीति पर बड़ा असर डाल रही हैं। अमेरिका और यूरोप के बाजारों की चाल एशियाई बाजारों की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़े संकेत भारतीय बाजार में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर सुबह से ही ग्लोबल मार्केट के रुझानों पर रहेगी।

    बाजार की दिशा तय करने में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भूमिका भी अहम रहने वाली है। यदि विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में खरीदारी बढ़ाते हैं तो बाजार को मजबूती मिल सकती है जबकि लगातार बिकवाली होने पर प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ सकता है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार को सहारा देने या दबाव बढ़ाने का काम कर सकती हैं। यही वजह है कि 2 सितम्बर के कारोबार में निवेशकों की नजर खरीद और बिक्री के आंकड़ों पर भी बनी रहेगी।

    कच्चे तेल की कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी से भारत के आयात खर्च पर असर पड़ सकता है जबकि कीमतों में नरमी अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर हो सकती है। इसका प्रभाव तेल और गैस कंपनियों के साथ ही एयरलाइन ट्रांसपोर्ट और अन्य सेक्टरों के शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर सकती है।

    बैंकिंग आईटी ऑटो फार्मा मेटल एनर्जी और एफएमसीजी सेक्टरों के शेयरों पर आज खास नजर रहने की संभावना है। अलग अलग सेक्टरों में निवेशकों की खरीदारी और मुनाफावसूली बाजार की व्यापक तस्वीर को बदल सकती है। बैंकिंग शेयरों की मजबूती सेंसेक्स और निफ्टी को सहारा दे सकती है जबकि आईटी शेयरों की चाल वैश्विक टेक्नोलॉजी सेक्टर के संकेतों पर निर्भर रह सकती है। छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रह सकती है लेकिन यहां उतार चढ़ाव अधिक देखने को मिल सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में निवेश करते समय केवल एक दिन की तेजी या गिरावट देखकर फैसले लेना सही रणनीति नहीं है। निवेशकों को कंपनियों की बुनियादी स्थिति सेक्टर की संभावनाओं और लंबे समय के निवेश लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए। शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों के लिए बाजार की तकनीकी स्थिति और महत्वपूर्ण स्तरों पर नजर रखना जरूरी हो सकता है।

    कुल मिलाकर 2 सितम्बर का कारोबारी दिन शेयर बाजार के लिए कई संकेतों से भरा रहने वाला है। घरेलू आर्थिक मजबूती और सकारात्मक कॉरपोरेट गतिविधियां बाजार को समर्थन दे सकती हैं जबकि वैश्विक अनिश्चितता अचानक दबाव भी बना सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए जल्दबाजी से बचना और बाजार की बदलती परिस्थितियों को समझकर रणनीति बनाना सबसे बेहतर कदम हो सकता है। आज सेंसेक्स और निफ्टी की चाल केवल खरीदारी और बिकवाली से नहीं बल्कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के पूरे मिश्रण से तय होगी।

  • बॉक्स ऑफिस पर टॉक्सिक की धीमी रफ्तार के बीच यश को मिला बड़ा सपोर्ट, आदित्य धर की पोस्ट ने खींचा ध्यान

    बॉक्स ऑफिस पर टॉक्सिक की धीमी रफ्तार के बीच यश को मिला बड़ा सपोर्ट, आदित्य धर की पोस्ट ने खींचा ध्यान


    नई दिल्ली। यश स्टारर फिल्म टॉक्सिक इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं और यश की पिछली बड़ी सफलताओं को देखते हुए माना जा रहा था कि टॉक्सिक भी कमाई के नए रिकॉर्ड बना सकती है। हालांकि रिलीज के बाद सामने आए रिव्यू और दर्शकों की प्रतिक्रिया ने फिल्म की रफ्तार पर असर डाला। वीकडेज में फिल्म का कलेक्शन सिंगल डिजिट तक सिमट गया है। ऐसे समय में जब फिल्म को लेकर लगातार चर्चा हो रही है और इसकी कमाई उम्मीद से कमजोर बताई जा रही है तब यश को एक बड़े फिल्ममेकर का समर्थन मिला है। धुरंधर के निर्देशक आदित्य धर ने सोशल मीडिया पर यश के प्रति अपना सपोर्ट जाहिर किया है।

    आदित्य धर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर यश की टॉक्सिक से जुड़ी तस्वीर शेयर की। इस पोस्ट के साथ उन्होंने दिल वाली इमोजी लगाई और यश को टैग भी किया। हालांकि यश ने फिलहाल आदित्य धर की इस पोस्ट को रीशेयर नहीं किया है लेकिन सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई। फैंस ने पोस्ट को सिर्फ समर्थन के तौर पर नहीं देखा बल्कि दोनों के संभावित साथ काम करने की अटकलें भी शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने इच्छा जताई कि यश और आदित्य धर को किसी फिल्म में साथ काम करना चाहिए।

    यश और आदित्य धर के बीच यह समर्थन इसलिए भी दिलचस्प माना जा रहा है क्योंकि टॉक्सिक और धुरंधर 2 की रिलीज डेट को लेकर पहले दोनों फिल्मों से जुड़ी चर्चाएं सामने आई थीं। टॉक्सिक की रिलीज पहले 19 मार्च के लिए तय बताई गई थी। इसी दौरान धुरंधर 2 की रिलीज भी इसी तारीख पर घोषित की गई। दोनों बड़ी फिल्मों के एक ही दिन सिनेमाघरों में आने की स्थिति में बॉक्स ऑफिस पर सीधी टक्कर की संभावना बन रही थी। बाद में टॉक्सिक की रिलीज डेट में बदलाव हुआ और फिल्म को आखिरकार 26 अगस्त को रिलीज किया गया।

    फिल्म की रिलीज के बाद अब इसकी कमाई को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। खबर के मुताबिक टॉक्सिक ने सात दिनों में 229 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया है जबकि दुनियाभर में फिल्म की कमाई 313 करोड़ रुपये के पार बताई जा रही है। हालांकि फिल्म से जिस स्तर की कमाई की उम्मीद की जा रही थी उसके मुकाबले यह प्रदर्शन कमजोर माना जा रहा है। फीकी कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर मिली प्रतिक्रिया का असर दर्शकों की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है।

    ऐसे माहौल में आदित्य धर का यश के समर्थन में पोस्ट करना अभिनेता के प्रशंसकों के लिए खास बन गया है। धुरंधर जैसी चर्चित फिल्म के निर्देशक की ओर से यश को सार्वजनिक समर्थन मिलने के बाद फैंस अब दोनों के संभावित कोलैबोरेशन को लेकर उत्साहित हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि अगर आदित्य धर और यश साथ आते हैं तो यह जोड़ी पर्दे पर कुछ बड़ा कर सकती है। हालांकि अभी दोनों की किसी आगामी फिल्म को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल आदित्य धर की पोस्ट ने टॉक्सिक को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यश के फैंस को एक नई उम्मीद जरूर दे दी है।

  • रणबीर-कटरीना की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री और सलमान की एंट्री, सालों बाद सामने आया सेट का दिलचस्प किस्सा

    रणबीर-कटरीना की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री और सलमान की एंट्री, सालों बाद सामने आया सेट का दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में कुछ रिश्ते ऐसे रहे हैं जिनकी चर्चा फिल्म खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक होती रही। रणबीर कपूर और कटरीना कैफ का नाम भी ऐसे ही चर्चित रिश्तों में शामिल रहा है। दोनों ने फिल्म अजब प्रेम की गजब कहानी में साथ काम किया था और इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके बीच बढ़ती नजदीकियों की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। दिलचस्प बात यह थी कि उस दौर में रणबीर कपूर का नाम दीपिका पादुकोण के साथ जुड़ा हुआ था जबकि कटरीना कैफ सलमान खान के साथ रिश्ते में थीं। ऐसे में जब फिल्म के सेट पर सलमान खान कैमियो के लिए पहुंचे तो लोगों की दिलचस्पी और भी बढ़ गई। अब अभिनेता दर्शन जरीवाला ने उस दौर को याद करते हुए सेट के माहौल और रणबीर कटरीना की बॉन्डिंग को लेकर कई बातें साझा की हैं।

    सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में दर्शन जरीवाला से जब पूछा गया कि रणबीर और कटरीना के बीच रोमांस की खबरों के बीच सलमान खान के सेट पर आने के दौरान कैसा माहौल था तो उन्होंने कहा कि एक अभिनेता अपने किरदार के लिए आसपास की जिंदगी और अपने निजी अनुभवों से काफी कुछ लेता है। उनके मुताबिक पर्दे पर रणबीर और कटरीना के बीच जो केमिस्ट्री नजर आई वह केवल संयोग नहीं थी। सेट पर मौजूद लोगों को भी दोनों के बीच की बॉन्डिंग दिखाई देती थी। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि उस समय सेट पर बहुत से लोग मौजूद रहते थे इसलिए किसी खास तरह की इनसिक्योरिटी या तनावपूर्ण माहौल के बारे में वह निश्चित तौर पर कुछ नहीं कह सकते।

    फिल्म में सलमान खान की मौजूदगी भी काफी खास थी। बताया जाता है कि निर्देशक राजकुमार संतोषी ने सलमान खान से गेस्ट अपीयरेंस के लिए बात की थी। दर्शन जरीवाला ने कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी लेकिन संतोषी ने फिल्म के लिए अच्छी कास्टिंग की थी। फिल्म के सेट को याद करते हुए उन्होंने बताया कि पूरी टीम के साथ काम करने का अनुभव मजेदार रहा और फिल्म को अच्छे ह्यूमर के साथ तैयार किया गया था।

    इसी बातचीत में दर्शन ने कटरीना कैफ के शुरुआती हिंदी उच्चारण को लेकर भी एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि कटरीना कुछ शब्दों का उच्चारण अलग तरीके से करती थीं और प्रेम को फ्रेम बोल देती थीं। इस पर सेट पर मौजूद लोग हंसते थे। रणबीर भी कटरीना की इस गलती को लेकर उनका मजाक बनाते थे। हालांकि कटरीना इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती थीं और माहौल हल्का फुल्का बना रहता था।

    अजब प्रेम की गजब कहानी राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी थी और इसमें रणबीर कपूर तथा कटरीना कैफ मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला और यह सफल फिल्मों में शामिल हुई। फिल्म की कहानी और कॉमेडी के साथ रणबीर और कटरीना की जोड़ी भी दर्शकों को खूब पसंद आई। पर्दे पर दोनों की केमिस्ट्री और शूटिंग के दौरान उनके रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं ने फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी थी। यही वजह है कि इतने साल बाद भी इस फिल्म से जुड़े किस्से और सेट की यादें बॉलीवुड प्रेमियों के बीच दिलचस्पी पैदा करती हैं।

  • भारी इलाज खर्च के बीच सुधीर दलवी के लिए फरिश्ता बने सितारे, अक्षय से रणबीर-कार्तिक तक ने दिया सहारा

    भारी इलाज खर्च के बीच सुधीर दलवी के लिए फरिश्ता बने सितारे, अक्षय से रणबीर-कार्तिक तक ने दिया सहारा


    नई दिल्ली। साईं बाबा का किरदार निभाकर देशभर में पहचान बनाने वाले अभिनेता सुधीर दलवी के लिए बीते दिनों का समय बेहद मुश्किल भरा रहा। एक समय ऐसा आया जब उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या के चलते करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें ICU में भी रखा गया। इलाज लंबा चलने के साथ अस्पताल का खर्च लगातार बढ़ता गया और देखते ही देखते बिल 19 लाख रुपये से ज्यादा पहुंच गया। परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता इलाज जारी रखने के साथ अस्पताल का भारी भरकम बिल चुकाने की थी। आर्थिक परेशानियों के बीच जब यह खबर सामने आई तो फिल्म इंडस्ट्री और साईं बाबा से जुड़े लोगों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया।

    रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट को सुधीर दलवी के इलाज के लिए 11 लाख रुपये का योगदान देने की अनुमति भी दी थी। इसके अलावा फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने भी अभिनेता और उनके परिवार की आर्थिक मदद की। इनमें अक्षय कुमार रणबीर कपूर और कार्तिक आर्यन जैसे बड़े नाम शामिल रहे। सुधीर दलवी की पत्नी सुहास दलवी ने बताया कि जब अस्पताल के बिल चुकाने में परिवार को परेशानी हो रही थी और यह बात सामने आई तो इंडस्ट्री के कई लोग मदद के लिए आगे आए। उन्होंने खास तौर पर उन सितारों का आभार जताया जिन्होंने मुश्किल वक्त में परिवार का साथ दिया।

    सुधीर दलवी की लोकप्रियता की बात करें तो उन्हें सबसे ज्यादा पहचान फिल्म शिरडी के साईं बाबा में साईं बाबा की भूमिका निभाने से मिली। उनके अभिनय ने दर्शकों के बीच ऐसी छाप छोड़ी कि वह लंबे समय तक साईं बाबा के किरदार के साथ पहचाने जाते रहे। उनकी पत्नी के मुताबिक इसी वजह से कई साईं भक्त भी उनकी मदद के लिए आगे आए। अभिनेता की बीमारी के दौरान आर्थिक सहायता के साथ लोगों की भावनात्मक मदद भी परिवार के लिए बड़ा सहारा बनी।

    अब राहत की बात यह है कि सुधीर दलवी अस्पताल से घर लौट चुके हैं और पहले की तुलना में उनकी हालत बेहतर है। हालांकि स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग रहा है। उनकी पत्नी ने बताया कि उन्हें अभी भी वॉकर के सहारे चलना पड़ता है और कभी कभी उनका दिमाग थोड़ा उलझा हुआ रहता है। इसके बावजूद घर लौटने के बाद अभिनेता काफी खुश हैं और परिवार भी उन्हें अपने बीच पाकर राहत महसूस कर रहा है। सुहास ने यह भी बताया कि अस्पताल का माहौल मरीज के लिए मानसिक रूप से भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है। लंबे इलाज और अस्पताल के खर्च के बीच परिवार ने जिस मुश्किल दौर का सामना किया उसके बाद सुधीर दलवी का घर लौटना उनके चाहने वालों के लिए भी राहत की खबर है।

    सुधीर दलवी ने केवल साईं बाबा के किरदार से ही नहीं बल्कि रामानंद सागर की रामायण में गुरु वशिष्ठ की भूमिका निभाकर भी दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी। इसके अलावा क्योंकि सास भी कभी बहू थी में गोवर्धन विरानी यानी बापू जी के किरदार से भी वह घर घर में पहचाने गए। उनके मुश्किल वक्त में फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और साईं भक्तों की मदद ने एक बार फिर साबित किया कि पर्दे पर लोगों का मनोरंजन करने वाले कलाकार के प्रति दर्शकों और साथी कलाकारों का जुड़ाव कितना गहरा हो सकता है।

  • पद्मावत के जौहर पर छिड़ी बहस स्वरा भास्कर ने दी सफाई कहा मेरा सवाल महिलाओं के जीने के अधिकार को लेकर था

    पद्मावत के जौहर पर छिड़ी बहस स्वरा भास्कर ने दी सफाई कहा मेरा सवाल महिलाओं के जीने के अधिकार को लेकर था


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और विवाद के केंद्र में आ गई हैं। इस बार विवाद संजय लीला भंसाली की सुपरहिट फिल्म पद्मावत के उस चर्चित जौहर सीन को लेकर खड़ा हुआ है जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं आग में प्रवेश करती दिखाई जाती हैं। स्वरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ जिसके बाद उन्हें जमकर ट्रोल किया जाने लगा। कई लोगों ने उनके बयान को इतिहास और राजपूत वीरांगनाओं के त्याग का अपमान बताया। बढ़ते विवाद और लगातार हो रही आलोचना के बाद स्वरा भास्कर ने सामने आकर अपनी सफाई दी और कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से समझा और पेश किया गया है।

    स्वरा ने एक कार्यक्रम के दौरान पद्मावत के क्लाइमैक्स में दिखाए गए जौहर सीन पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि सैकड़ों महिलाओं को आग में कूदते हुए देखने के बाद उनके मन में कई सवाल उठे। उनका कहना था कि समाज को इस बात पर विचार करना चाहिए कि किसी महिला के साथ कोई अमानवीय घटना होने के बाद क्या उसकी जिंदगी का मूल्य खत्म हो जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी पीड़िता के लिए जीते रहना कमजोरी माना जा सकता है और क्या समाज उसे सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार देता है। इसी बयान के कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर वायरल हुए और इसके बाद स्वरा के खिलाफ आलोचनाओं की बाढ़ आ गई।

    विवाद तब और बढ़ गया जब लोगों ने उनके बयान को जौहर प्रथा और ऐतिहासिक वीरांगनाओं के बलिदान से जोड़ते हुए देखा। सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा कि जौहर को केवल कायरता या आत्महत्या के नजरिए से देखना इतिहास और उस दौर की परिस्थितियों को नजरअंदाज करना है। कई लोगों ने राजपूत महिलाओं के आत्मसम्मान और बलिदान का हवाला देते हुए स्वरा के बयान की आलोचना की। लगातार बढ़ती ट्रोलिंग के बाद अभिनेत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा।

    स्वरा भास्कर ने साफ कहा कि उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या इतिहास की किसी वीरांगना के त्याग को कायरता नहीं कहा है। उनके मुताबिक उनके बयान की अधूरी क्लिप को अलग संदर्भ में फैलाया गया जिससे पूरी बात का अर्थ बदल गया। उन्होंने कहा कि उनका असली सवाल आधुनिक समाज में महिलाओं के प्रति बनी उस सोच को लेकर था जिसमें किसी हिंसक घटना या अपराध की शिकार महिला को कभी कभी अपनी जिंदगी खत्म मानने के लिए मजबूर कर दिया जाता है। स्वरा ने कहा कि हर पीड़िता को सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है और किसी भी परिस्थिति में उसकी जिंदगी का मूल्य कम नहीं हो जाता।

    अभिनेत्री ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए कहा कि फिल्मों और कहानियों के माध्यम से ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए जिससे किसी महिला को यह महसूस हो कि किसी हादसे के बाद उसके लिए जीने का कोई कारण नहीं बचा है। उन्होंने दिल्ली के निर्भया मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि गंभीर हिंसा का सामना करने के बावजूद उस युवती ने आखिरी समय तक जीवन के लिए संघर्ष किया और यही जिजीविषा समाज के लिए प्रेरणा होनी चाहिए। स्वरा का कहना है कि किसी भी पीड़िता के सामने जीना शर्म या कमजोरी नहीं बल्कि उसका अधिकार और उसकी ताकत है।

    पद्मावत के जौहर सीन को लेकर स्वरा भास्कर की टिप्पणी और उसके बाद दी गई सफाई ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर इतिहास संस्कृति महिला अधिकार और फिल्मों के संदेश को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां एक पक्ष उनके बयान को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कह रहा है वहीं दूसरा पक्ष मानता है कि ऐतिहासिक घटनाओं पर टिप्पणी करते समय उनके सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ को समझना बेहद जरूरी है। फिलहाल स्वरा की सफाई के बावजूद यह विवाद सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।