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  • देश में क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा… जानिए कितने Card बनवा सकता है एक व्यक्ति

    देश में क्रेडिट कार्ड का चलन बढ़ा… जानिए कितने Card बनवा सकता है एक व्यक्ति


    नई दिल्ली।
    लोग अपने आज के खर्चो (Expenses) को पूरा करने के साथ ही अपने आने वाले कल के लिए बचत (Savings) भी करते हैं, लेकिन इस बीच लोगों में एक चलन तेजी से बढ़ा है और वो है क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का चलन।

    खासतौर पर नौकरीपेशा लोग क्रेडिट कार्ड (Credit Card) काफी बनवा रहे हैं। वो भी एक बैंक (Bank) के लिए नहीं बल्कि, कई अलग-अलग बैंकों को अलग-अलग क्रेडिट कार्ड बनवाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक व्यक्ति कितने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इसको लेकर नियम क्या हैं…

    क्रेडिट कार्ड बनवाने के फायदे क्या हैं?

    – क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है जिससे आसानी से बड़ा लोन मिल सकता है
    – इमरजेंसी में मदद मिलती है
    – पैसे न होने पर एकदम आप खर्चा कर सकते हैं और उसे आराम से EMI में भर सकते हैं
    – डिस्काउंट, कैशबैक जैसी सुविधाएं मिलती हैं आदि


    क्रेडिट कार्ड बनवाने के नुकसान क्या हैं?

    – अनावश्यक खर्चे की आदत लग सकती है
    – अगर समय पर पैसे नहीं भरे, तो सिबिल स्कोर खराब हो सकता है जिससे भविष्य में लोन नहीं मिल पाता या दिक्कतें आती हैं आदि


    कितने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है एक व्यक्ति?

    – दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई का इसको लेकर कोई लिमिट तय नहीं है
    – एक व्यक्ति जितने बैंक के चाहे उतने क्रेडिट कार्ड बनवा सकता है
    – हालांकि, क्रेडिट कार्ड की पेमेंट को लेकर नियम जरूर सख्त हैं
    – क्रेडिट कार्ड आप जितने बैंक के मर्जी बनवा लें, लेकिन पेमेंट आपको सभी की समय पर करनी होती है
    – अगर पेमेंट मिस हुई या आप पेमेंट नहीं कर पाते
    – ऐसे में आप लोन डिफॉल्टर घोषित किए जा सकते हैं
    – इसलिए क्रेडिट कार्ड तो बनवा लें, लेकिन पेमेंट का ध्यान जरूर रखें

  • घर में किसी को रही है गंभीर बीमारी तो सावधान! डायबिटीज और कैंसर का खतरा समझें, वक्त पर स्क्रीनिंग से रहें सुरक्षित

    घर में किसी को रही है गंभीर बीमारी तो सावधान! डायबिटीज और कैंसर का खतरा समझें, वक्त पर स्क्रीनिंग से रहें सुरक्षित


    नई दिल्ली। किसी परिवार में अगर डायबिटीज कैंसर हृदय रोग या हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारी का इतिहास रहा हो तो अक्सर परिवार के दूसरे सदस्यों के मन में भी चिंता पैदा हो जाती है। सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या परिवार में किसी करीबी को बीमारी होने का मतलब यह है कि आने वाली पीढ़ियों में भी वही बीमारी होना तय है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसा जरूरी नहीं है। परिवार में किसी बीमारी की हिस्ट्री होने से व्यक्ति में उसका जोखिम बढ़ सकता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि बीमारी निश्चित रूप से उसे भी होगी। आनुवंशिक कारणों के साथ जीवनशैली खानपान शारीरिक गतिविधि और पर्यावरण जैसे कई दूसरे कारक भी बीमारी के जोखिम को प्रभावित करते हैं।

    कुछ बीमारियों में आनुवंशिक संबंध अपेक्षाकृत स्पष्ट माना जाता है। उदाहरण के तौर पर कुछ परिवारों में कम उम्र में बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल की समस्या या हार्ट अटैक का इतिहास देखने को मिलता है। ऐसी स्थिति को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया एक ऐसी आनुवंशिक स्थिति है जिसमें खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल का स्तर बहुत ज्यादा हो सकता है। इसके कारण कम उम्र में कोरोनरी हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए यदि परिवार में किसी सदस्य को कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ है या किसी करीबी व्यक्ति का बैड कोलेस्ट्रॉल लगातार बहुत ज्यादा रहता है तो परिवार के दूसरे सदस्यों को भी डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराने पर विचार करना चाहिए।

    कैंसर के मामले में भी पारिवारिक इतिहास महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि हर कैंसर आनुवंशिक नहीं होता और परिवार में किसी सदस्य को कैंसर होने का मतलब यह नहीं कि दूसरे सदस्य को भी कैंसर जरूर होगा। लेकिन कुछ आनुवंशिक बदलाव विशेष प्रकार के कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। BRCA1 और BRCA2 जैसे आनुवंशिक बदलाव वंशानुगत स्तन और अंडाशय कैंसर सिंड्रोम से जुड़े पाए गए हैं। इसी तरह लिंच सिंड्रोम कोलोरेक्टल और कुछ अन्य कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा है। ऐसे मामलों में परिवार की मेडिकल हिस्ट्री को डॉक्टर के साथ साझा करना महत्वपूर्ण हो जाता है।

    डायबिटीज को लेकर भी परिवार का इतिहास एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक हो सकता है। अगर माता पिता या भाई बहन में डायबिटीज रही है तो व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। लेकिन केवल आनुवंशिक जोखिम के कारण बीमारी होना तय नहीं होता। वजन खानपान शारीरिक गतिविधि और रोजमर्रा की जीवनशैली भी जोखिम को प्रभावित कर सकती है। इसलिए परिवार में बीमारी होने पर घबराने के बजाय अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।


    डायबिटीज को लेकर भी परिवार का इतिहास एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक हो सकता है। अगर माता पिता या भाई बहन में डायबिटीज रही है तो व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। लेकिन केवल आनुवंशिक जोखिम के कारण बीमारी होना तय नहीं होता। वजन खानपान शारीरिक गतिविधि और रोजमर्रा की जीवनशैली भी जोखिम को प्रभावित कर सकती है। इसलिए परिवार में बीमारी होने पर घबराने के बजाय अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना अधिक जरूरी है।

    विशेषज्ञों की सलाह के मुताबिक परिवार में गंभीर बीमारी की हिस्ट्री हो तो डॉक्टर को इसकी जानकारी जरूर दें। डॉक्टर आपकी उम्र स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए जरूरी जांच या स्क्रीनिंग की सलाह दे सकते हैं। कुछ मामलों में जेनेटिक काउंसलिंग भी उपयोगी हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीमारी के पारिवारिक इतिहास को डर की वजह न बनाएं बल्कि इसे समय रहते सावधान होने का संकेत समझें। नियमित स्वास्थ्य जांच संतुलित खानपान पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्क्रीनिंग अपनाकर कई जोखिमों को समय पर पहचाना और नियंत्रित किया जा सकता है।

  • Raaka में होगा अल्लू अर्जुन का डबल नहीं ट्रिपल धमाका, तीन टाइमलाइन और खतरनाक दुनिया के बीच दिखेगा जबरदस्त एक्शन

    Raaka में होगा अल्लू अर्जुन का डबल नहीं ट्रिपल धमाका, तीन टाइमलाइन और खतरनाक दुनिया के बीच दिखेगा जबरदस्त एक्शन


    नई दिल्ली। साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन के फैंस के लिए एक बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आई है। पुष्पा जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म से अपनी अलग पहचान बनाने वाले अल्लू अर्जुन अब निर्देशक एटली के साथ साई फाई एक्शन ड्रामा फिल्म राका में नजर आने वाले हैं। फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है लेकिन अब इससे जुड़ी जो जानकारी सामने आई है उसने फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अल्लू अर्जुन इस फिल्म में एक नहीं बल्कि तीन अलग अलग अवतारों में दिखाई देंगे। यह पहली बार होगा जब अभिनेता को ट्रिपल रोल में देखने का मौका दर्शकों को मिल सकता है।

    राका की कहानी और इसके किरदारों को लेकर भी काफी सस्पेंस बरकरार रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अल्लू अर्जुन का एक किरदार दिव्य योद्धा का होगा जबकि उनका दूसरा किरदार ग्रे शेड वाला बताया जा रहा है। तीसरे किरदार को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है और मेकर्स ने इसे फिलहाल सीक्रेट रखा है। यही सस्पेंस फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहा है। पुष्पा में अल्लू अर्जुन का अलग अंदाज देखने के बाद अब फैंस यह जानने के लिए उत्साहित हैं कि अभिनेता तीन अलग किरदारों को पर्दे पर किस तरह पेश करते हैं।

    फिल्म में सिर्फ अल्लू अर्जुन का ट्रिपल रोल ही आकर्षण का केंद्र नहीं है बल्कि इसकी फीमेल स्टारकास्ट भी काफी बड़ी बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म में करीब सात अभिनेत्रियां महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आ सकती हैं। इनमें दीपिका पादुकोण रश्मिका मंदाना और जाह्नवी कपूर जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। दीपिका फिल्म में पौराणिक वैदिक काल की एक गर्भवती महिला के किरदार में नजर आएंगी। बताया गया है कि वह अपने हिस्से की शूटिंग पूरी कर चुकी हैं। वहीं रश्मिका मंदाना उनके किरदार की रक्षक की भूमिका में दिखाई देंगी और कहानी में उनकी भूमिका काफी अहम रहने वाली है।

    जाह्नवी कपूर भी फिल्म में एक अलग अंदाज में नजर आएंगी। उन्हें आदिवासी लड़की के लुक में दिखाए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा मलयालम अभिनेत्री ऐश्वर्या लक्ष्मी का किरदार भी ग्रे और रहस्य से भरा बताया जा रहा है। फिल्म की कहानी तीन अलग अलग टाइमलाइन में आगे बढ़ेगी जिसमें खतरनाक जंगली जानवरों अनोखे जीवों और अलग अलग प्रजातियों की दुनिया देखने को मिल सकती है।

    मेकर्स सितंबर से हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में फिल्म के बड़े एक्शन शेड्यूल की शुरुआत करने की तैयारी में हैं। इसके लिए एक विशाल सेट तैयार किया जा रहा है जहां फिल्म के महत्वपूर्ण इंटरवल ब्लॉक की शूटिंग होने की बात सामने आई है। इस हिस्से में अल्लू अर्जुन रश्मिका मंदाना और ऐश्वर्या लक्ष्मी के साथ बड़े एक्शन सीक्वेंस करते दिखाई दे सकते हैं।

    राका की स्टारकास्ट में मृणाल ठाकुर राम्या कृष्णन फेमिना जॉर्ज नायला ग्रेवाल योगी बाबू और जिम सर्भ के नाम भी बताए जा रहे हैं। विजय सेतुपति के फिल्म से जुड़ने की चर्चाएं भी हैं हालांकि पूरी स्टारकास्ट का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है। इसके अलावा शाहरुख खान के कैमियो को लेकर भी खबरें सामने आई हैं लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

  • घर बैठे मिलेगा फुल एंटरटेनमेंट! सितंबर के पहले हफ्ते OTT पर आएंगी ये बड़ी फिल्में और सीरीज, जानें कब-कहां देख सकेंगे

    घर बैठे मिलेगा फुल एंटरटेनमेंट! सितंबर के पहले हफ्ते OTT पर आएंगी ये बड़ी फिल्में और सीरीज, जानें कब-कहां देख सकेंगे


    नई दिल्ली। सितंबर की शुरुआत ओटीटी दर्शकों के लिए काफी खास होने वाली है। अगर आप सिनेमाघरों में जाने के बजाय घर बैठे फिल्में और वेब सीरीज देखना पसंद करते हैं तो महीने का पहला हफ्ता आपके लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। 1 से 5 सितंबर के बीच अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कई चर्चित प्रोजेक्ट दस्तक देने की तैयारी में हैं। खास बात यह है कि इन फिल्मों और सीरीज में क्राइम एक्शन ड्रामा इमोशन और रियलिटी एंटरटेनमेंट का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिल सकता है। नेटफ्लिक्स जियो हॉटस्टार और ZEE5 जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आने वाले कंटेंट को लेकर दर्शकों में अभी से उत्सुकता बनी हुई है।

    इस लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा तापसी पन्नू स्टारर फिल्म गांधारी की है। यह फिल्म 3 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है। फिल्म की कहानी एक ऐसी मां के इर्द गिर्द घूमती है जो अपने बच्चे की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। घोषणा के समय से ही फिल्म चर्चा में रही है और इसकी कहानी को लेकर भी विवाद सामने आ चुके हैं। ऐसे में दर्शकों की नजर इस बात पर रहेगी कि फिल्म पर्दे पर कैसी कहानी पेश करती है और तापसी पन्नू अपने किरदार में कितना प्रभाव छोड़ पाती हैं।

    क्राइम और एक्शन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए द जेंटलमैन का दूसरा सीजन भी खास आकर्षण बन सकता है। पहले सीजन को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी और अब इसके अगले सीजन का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है। दूसरे सीजन में अपराध रोमांच और एक्शन का स्तर कितना बढ़ता है यह देखना दिलचस्प होगा। सीरीज उन दर्शकों को खास तौर पर पसंद आ सकती है जिन्हें लगातार ट्विस्ट और सस्पेंस वाली कहानियां देखना पसंद है।

    इसके अलावा घमासान को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता है। इस प्रोजेक्ट में राजनीति ड्रामा एक्शन और डिप्लोमेसी का मिश्रण देखने को मिलने वाला है। इसकी रिलीज 11 सितंबर बताई गई है लेकिन सोशल मीडिया पर इसे पहले हफ्ते में सरप्राइज रिलीज किए जाने की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि जब तक मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती तब तक इसकी शुरुआती रिलीज को लेकर किसी पक्के नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा।

    वहीं धमाल फ्रेंचाइजी के प्रशंसकों के लिए धमाल 4 का नाम भी उत्साह बढ़ाने वाला है। सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के मुताबिक फिल्म सितंबर के पहले हफ्ते में ओटीटी पर आ सकती है और 4 सितंबर की संभावित तारीख की चर्चा है। हालांकि इसकी रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। अगर यह फिल्म तय समय के आसपास ओटीटी पर दस्तक देती है तो कॉमेडी और हल्के फुल्के मनोरंजन के शौकीनों को एक और विकल्प मिल जाएगा।

    इसी बीच बिग बॉस का 20वां सीजन भी जियो हॉटस्टार पर 6 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। सलमान खान की मेजबानी वाला यह रियलिटी शो हर साल की तरह इस बार भी कंटेस्टेंट्स टास्क विवाद और मनोरंजन को लेकर चर्चा में रहने की उम्मीद है। कुल मिलाकर सितंबर का पहला सप्ताह ओटीटी और डिजिटल मनोरंजन के लिहाज से काफी व्यस्त रहने वाला है। हालांकि कुछ प्रोजेक्ट्स की तारीखों को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी है इसलिए दर्शकों को अंतिम रिलीज शेड्यूल के लिए संबंधित प्लेटफॉर्म और मेकर्स की घोषणा पर नजर रखनी चाहिए।

  • Shani Margi 2026: शनि के मार्गी होते ही बदलेगा इन 5 राशियों का समय, रुकावटें होंगी दूर और मेहनत का मिलेगा पूरा फल

    Shani Margi 2026: शनि के मार्गी होते ही बदलेगा इन 5 राशियों का समय, रुकावटें होंगी दूर और मेहनत का मिलेगा पूरा फल


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार परिणाम देते हैं और उनकी चाल में होने वाला बदलाव जीवन के कई क्षेत्रों पर प्रभाव डाल सकता है। साल 2026 में 11 दिसंबर को शनिदेव अपनी वक्री अवस्था समाप्त करके मार्गी होने जा रहे हैं। शनि के मार्गी होने का अर्थ उनकी सीधी चाल से है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब कोई ग्रह वक्री अवस्था से निकलकर मार्गी होता है तो उसके प्रभावों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसी वजह से शनि की सीधी चाल को कई राशियों के लिए राहत और प्रगति का संकेत माना जा रहा है। शनि के मार्गी होने से उन लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना बताई जाती है जो लंबे समय से किसी काम में देरी या रुकावट का सामना कर रहे हैं।

    वक्री अवस्था के दौरान व्यक्ति को कामकाज में बार बार अड़चनें आने मानसिक दबाव बढ़ने फैसले लेने में उलझन होने और योजनाओं के अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं शनि के मार्गी होने के बाद परिस्थितियों में धीरे धीरे सकारात्मक बदलाव आने की ज्योतिषीय मान्यता है। इस दौरान लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं और मेहनत के बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद बढ़ सकती है। खासतौर पर नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और अपनी मेहनत तथा अनुशासन के दम पर सफलता हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं।

    शनि की सीधी चाल का असर आर्थिक मामलों पर भी देखने को मिल सकता है। जिन लोगों के पैसे लंबे समय से अटके हुए हैं या किसी आर्थिक योजना को पूरा करने में परेशानी आ रही है उन्हें राहत मिलने के संकेत मिल सकते हैं। निवेश और धन से जुड़े मामलों में सोच समझकर फैसला लेने वालों के लिए समय बेहतर साबित हो सकता है। हालांकि किसी भी तरह के निवेश का फैसला केवल ज्योतिषीय भविष्यवाणी के आधार पर नहीं बल्कि अपनी आर्थिक स्थिति और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही लेना उचित रहेगा।

    ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि के मार्गी होने से कुछ राशियों को अन्य राशियों की तुलना में अधिक सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। इन राशियों के जातकों को करियर में आगे बढ़ने नए अवसर मिलने और पुरानी परेशानियों से राहत मिलने के संकेत बताए जाते हैं। कारोबार करने वालों के लिए भी नई योजनाओं पर काम शुरू करने और पुराने प्रोजेक्ट को गति देने का समय बन सकता है। परिवार और सामाजिक जीवन में भी स्थिरता आने की उम्मीद की जा सकती है।

    कानूनी या लंबे समय से लंबित मामलों में भी शनि की मार्गी चाल को महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक जिन मामलों में लंबे समय से निर्णय नहीं हो पा रहा था उनमें आगे बढ़ने की स्थिति बन सकती है। हालांकि इन सभी प्रभावों को सामान्य ज्योतिषीय मान्यता के तौर पर ही देखना चाहिए क्योंकि किसी व्यक्ति की वास्तविक स्थिति उसकी पूरी जन्मकुंडली और अन्य ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करती है। ऐसे में 11 दिसंबर से शुरू होने वाली शनिदेव की सीधी चाल कुछ राशियों के लिए नई उम्मीद और प्रगति का दौर लेकर आ सकती है। मेहनत अनुशासन और सही फैसलों के साथ यह समय उनके लिए बेहतर अवसरों का संकेत बन सकता है।

  • शेयर मार्केट में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर: बिना सोचे समझे निवेश से बचें बाजार की चाल के साथ इन बातों पर दें खास ध्यान

    शेयर मार्केट में पैसा लगाने वालों के लिए बड़ी खबर: बिना सोचे समझे निवेश से बचें बाजार की चाल के साथ इन बातों पर दें खास ध्यान


    नई दिल्ली। शेयर मार्केट में निवेश करने वालों के लिए बाजार की चाल हमेशा एक जैसी नहीं रहती है। कभी सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखने को मिलती है तो कभी अचानक गिरावट निवेशकों की चिंता बढ़ा देती है। ऐसे माहौल में शेयर बाजार से कमाई की उम्मीद रखने वाले निवेशकों के लिए सबसे जरूरी है कि वे बिना सोचे समझे किसी शेयर में पैसा लगाने के बजाय बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रदर्शन को अच्छी तरह समझें। शेयर बाजार में मुनाफे की संभावना जरूर होती है लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़ा रहता है इसलिए निवेश का फैसला सोच समझकर करना बेहद जरूरी है।

    बाजार में तेजी के दौरान अक्सर निवेशकों का उत्साह बढ़ जाता है और कई लोग तेजी से बढ़ते शेयरों को देखकर बिना पर्याप्त जानकारी के निवेश कर देते हैं। यही जल्दबाजी बाद में नुकसान का कारण बन सकती है। किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने से पहले उसके कारोबार की स्थिति वित्तीय प्रदर्शन कर्ज मुनाफा और भविष्य की संभावनाओं को समझना जरूरी है। केवल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा या किसी दूसरे व्यक्ति की सलाह के आधार पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

    शेयर बाजार में सफल निवेश के लिए धैर्य को सबसे महत्वपूर्ण गुणों में से एक माना जाता है। बाजार में रोज होने वाले उतार चढ़ाव से घबराकर बार बार खरीद और बिक्री करने से निवेश की रणनीति प्रभावित हो सकती है। अगर किसी निवेशक का लक्ष्य लंबे समय का है तो उसे बाजार की छोटी अवधि की हलचल के बजाय कंपनी की बुनियादी स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। वहीं कम अवधि में निवेश करने वाले लोगों के लिए बाजार की अस्थिरता और जोखिम को समझना और भी जरूरी हो जाता है।

    निवेशकों को अपने पूरे पैसे को एक ही शेयर या एक ही सेक्टर में लगाने से भी बचना चाहिए। अलग अलग क्षेत्रों और परिसंपत्तियों में निवेश का संतुलन जोखिम को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। निवेश से पहले यह तय करना भी जरूरी है कि व्यक्ति कितना जोखिम उठा सकता है और उसे अपने पैसे की जरूरत कब पड़ सकती है। आपातकालीन जरूरत के लिए रखे गए पैसे को शेयर बाजार में लगाने से बचना समझदारी हो सकती है।

    बाजार पर घरेलू और वैश्विक घटनाओं का भी असर पड़ता है। ब्याज दरों में बदलाव महंगाई कंपनियों के तिमाही नतीजे कच्चे तेल की कीमतें विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों का रुख भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा किसी बड़ी आर्थिक या राजनीतिक घटना के बाद बाजार में अचानक उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को भावनाओं के आधार पर फैसला लेने के बजाय तथ्यों और विश्वसनीय जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।

    शेयर बाजार में निवेश करते समय यह समझना भी जरूरी है कि पिछला रिटर्न भविष्य में उसी तरह का प्रदर्शन होने की गारंटी नहीं देता। किसी शेयर का लगातार बढ़ना यह सुनिश्चित नहीं करता कि वह आगे भी उसी गति से बढ़ेगा। इसी तरह बाजार में गिरावट का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि हर कंपनी खराब प्रदर्शन कर रही है। इसलिए निवेश का निर्णय कंपनी की वास्तविक स्थिति और अपनी वित्तीय योजना को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।

    कुल मिलाकर शेयर बाजार में सफलता केवल तेजी के दौरान मुनाफा कमाने से नहीं बल्कि जोखिम को समझने और सही रणनीति अपनाने से जुड़ी है। निवेशकों को बाजार की खबरों पर नजर रखने के साथ अपनी वित्तीय स्थिति निवेश अवधि और जोखिम क्षमता का आकलन करना चाहिए। बिना रिसर्च के निवेश और जल्दबाजी में लिए गए फैसलों से बचना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लेकर निवेश की रणनीति बनाना भी बेहतर विकल्प हो सकता है। बाजार में अवसर हमेशा मौजूद रहते हैं लेकिन सही अवसर पहचानने के लिए धैर्य जानकारी और अनुशासन सबसे जरूरी हथियार हैं।

  • ग्लोइंग स्किन का आसान फॉर्मूला: रोज की इन आदतों से त्वचा रहेगी साफ और हेल्दी गलत स्किन केयर से बचना भी जरूरी

    ग्लोइंग स्किन का आसान फॉर्मूला: रोज की इन आदतों से त्वचा रहेगी साफ और हेल्दी गलत स्किन केयर से बचना भी जरूरी


    नई दिल्ली। स्किन केयर आज के समय में सिर्फ खूबसूरती से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि स्वस्थ त्वचा के लिए सही देखभाल करना भी जरूरी माना जाता है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप बदलता मौसम तनाव और अनियमित दिनचर्या का असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। कई बार चेहरे पर रूखापन मुंहासे अतिरिक्त तेल या बेजानपन जैसी समस्याएं नजर आने लगती हैं। ऐसे में महंगे प्रोडक्ट्स की लंबी लिस्ट अपनाने के बजाय अपनी त्वचा की जरूरत को समझना और एक आसान नियमित स्किन केयर रूटीन बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है।

    त्वचा की देखभाल की शुरुआत चेहरे की सफाई से होती है। दिनभर त्वचा पर धूल प्रदूषण और पसीना जमा हो सकता है इसलिए चेहरे को साफ रखना जरूरी है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने या कठोर क्लींजर इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी प्रभावित हो सकती है। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्का क्लींजर चुनना बेहतर विकल्प हो सकता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को अतिरिक्त तेल पर ध्यान देना चाहिए जबकि रूखी त्वचा वालों के लिए नमी बनाए रखना ज्यादा जरूरी होता है।

    मॉइस्चराइजर भी स्किन केयर रूटीन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। त्वचा तैलीय हो या रूखी उसे नमी की जरूरत होती है। सही मॉइस्चराइजर त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा दिन के समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। धूप में मौजूद पराबैंगनी किरणों से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और लंबे समय में समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले उपयुक्त सनस्क्रीन लगाना और जरूरत के अनुसार दोबारा लगाना फायदेमंद हो सकता है।

    स्किन केयर केवल बाहर से लगाए जाने वाले प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं है। शरीर को पर्याप्त पानी देना संतुलित भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। फलों सब्जियों और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को रोज की डाइट में शामिल करना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी बेहतर हो सकता है। वहीं लगातार तनाव और नींद की कमी का असर त्वचा की स्थिति पर भी पड़ सकता है इसलिए आराम और नियमित दिनचर्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    एक आम गलती यह भी होती है कि लोग किसी दूसरे व्यक्ति की स्किन केयर रूटीन को बिना अपनी त्वचा समझे अपनाने लगते हैं। हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है और जो प्रोडक्ट किसी एक व्यक्ति को सूट करता है जरूरी नहीं कि वह दूसरे के लिए भी सही हो। नए प्रोडक्ट को सीधे पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है। किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद जलन खुजली या लालिमा जैसी समस्या हो तो उसका इस्तेमाल रोक देना चाहिए।

    इसके अलावा मुंहासों को बार बार दबाना चेहरे को जरूरत से ज्यादा स्क्रब करना और बिना सलाह के कई तरह के एक्टिव प्रोडक्ट एक साथ इस्तेमाल करना त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। यदि त्वचा पर लगातार गंभीर मुंहासे दाने लालिमा खुजली या कोई अन्य समस्या बनी रहती है तो घरेलू उपायों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए महंगे प्रोडक्ट्स से ज्यादा जरूरी नियमितता सही उत्पादों का चयन संतुलित खानपान धूप से बचाव और त्वचा की जरूरत को समझना है।

  • केरल के इस्लामिक स्कॉलर का विवादित बयान, ‘महिलाओं के मंच पर आने से मचेगी तबाही, घरों में रहें’

    केरल के इस्लामिक स्कॉलर का विवादित बयान, ‘महिलाओं के मंच पर आने से मचेगी तबाही, घरों में रहें’


    नई दिल्ली। केरल में महिलाओं के सार्वजनिक मंचों पर पुरुषों के साथ मौजूद रहने को लेकर जारी विवाद अब और बढ़ गया है। इस बीच इस्लामिक स्कॉलर कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने महिलाओं को घरों तक सीमित रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से ‘बड़ी तबाही’ हो सकती है और इसी वजह से इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दे का प्रावधान किया गया है।

    कंथापुरम ने रविवार को कोच्चि में आयोजित एक इस्लामिक सम्मेलन में यह बयान दिया। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब समस्थ केरल जमीयतुल उलेमा के कंथापुरम गुट के एक सर्कुलर को लेकर पहले ही विवाद चल रहा है।

    महिलाओं के पुरुषों के साथ मंच साझा करने पर रोक
    समस्थ केरल जमीयतुल उलेमा के कंथापुरम गुट ने पिछले सप्ताह धार्मिक समारोहों और कार्यक्रमों को निर्धारित सीमाओं के भीतर आयोजित करने की बात कही थी। संगठन के अध्यक्ष ई. सुलेमान मुसलियार और महासचिव कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया था कि महिलाएं पुरुषों के साथ मंच साझा न करें और सार्वजनिक स्थानों पर पुरुषों के साथ नजर न आएं। इस निर्देश के बाद विवाद शुरू हो गया था। कई महिला राजनीतिक नेताओं ने भी इसका विरोध किया था।

    ‘महिलाओं को घरों तक सीमित रहना चाहिए’
    रविवार को सम्मेलन में कंथापुरम ने अपने रुख को दोहराते हुए कहा कि महिलाओं के सार्वजनिक मंचों पर आने से बड़ी तबाही हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए इस्लाम में महिलाओं के लिए पर्दे का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, ‘पवित्र कुरान में कहा गया है कि महिलाओं को अपने घरों तक सीमित रहना चाहिए और सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आना चाहिए।’ कंथापुरम ने दावा किया कि इस तरह की शिक्षा पिछले 100 वर्षों से धार्मिक विद्वानों, विशेष रूप से समस्थ के नेताओं की ओर से दी जाती रही है।

    ‘विरोध के बावजूद बोलते रहेंगे’
    कंथापुरम ने कहा कि धार्मिक मामलों का अध्ययन करने वाले विद्वानों की इस विषय पर अपनी बात रखने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विरोध या सवाल उठाए जाने के बावजूद वे अपने विचार व्यक्त करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी अन्य संगठन या समस्थ के नेता उनके रुख का विरोध करते हैं, तब भी वे अपनी बात कहेंगे। कंथापुरम ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘हम इसे कहेंगे और कहते रहेंगे। कोई हमें रोक नहीं सकता।’ उनके इस बयान के बाद महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी और धार्मिक संगठनों के निर्देशों को लेकर केरल में बहस और तेज होने की संभावना है।

  • होर्मुज में बारूद, जहाजों पर खतरा, अमेरिका ने ईरान के लारक आईलैंड पर क्यों गिराए बम?

    होर्मुज में बारूद, जहाजों पर खतरा, अमेरिका ने ईरान के लारक आईलैंड पर क्यों गिराए बम?


    नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के लारक आईलैंड पर एयर स्ट्राइक की है। अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया और जॉर्डन व कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलें दागने का दावा किया। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में है होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया के तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

    अमेरिकी सेना ने बताया है कि लारक आईलैंड पर हमला किसी बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक संभावित तत्काल खतरे को खत्म करने के लिए सीमित और सटीक कार्रवाई की गई।

    अमेरिका के मुताबिक क्या था खतरा?

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की माइन बिछाने वाली यूनिट समुद्र में माइंस तैनात करने की तैयारी कर रही थी। इसके लिए दो रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका थी।

    अमेरिका का दावा है कि अगर ये समुद्री माइंस होर्मुज स्ट्रेट के शिपिंग रूट में बिछा दी जातीं तो तेल टैंकरों और दूसरे व्यावसायिक जहाजों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। इसी वजह से अमेरिकी सेना ने इसे ‘इमिनेंट थ्रेट’ यानी तत्काल खतरा माना और दोनों लॉन्चरों को निशाना बनाया।

    लारक आईलैंड ही क्यों बना निशाना?

    लारक आईलैंड ईरान के दक्षिणी तट के पास फारस की खाड़ी में स्थित है और होर्मुज स्ट्रेट के बेहद करीब है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है।

    होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूट्स में से एक है। यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या जहाजों की आवाजाही में रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

    इसी रणनीतिक स्थिति के कारण अमेरिका का दावा है कि लारक आईलैंड पर मौजूद सैन्य गतिविधियों पर नजर रखना और किसी संभावित खतरे को रोकना जरूरी था।

    पहले माइंस हटाईं, फिर हमला क्यों किया?

    अमेरिकी सेना के मुताबिक, उसने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से पहले बिछाई गई समुद्री माइंस को हटाने का अभियान पूरा किया था।

    इसके बाद अमेरिकी निगरानी में IRGC की गतिविधियां सामने आईं। अमेरिका का दावा है कि ईरान दो लॉन्चरों के जरिए नई समुद्री माइंस तैनात करने की तैयारी कर रहा था।

    वॉशिंगटन के मुताबिक, माइंस शिपिंग लेन में पहुंच जातीं तो तेल टैंकरों और दूसरे कमर्शियल जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती थी। इसलिए अमेरिका ने संभावित खतरे के बढ़ने का इंतजार करने के बजाय लॉन्चरों को निशाना बनाया।

    ईरान ने कैसे दिया जवाब?

    ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक हमला बताया है। IRGC ने दावा किया कि लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमले में उसके कई जवान और अन्य लोग मारे गए या घायल हुए।

    इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले दो ठिकानों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। जॉर्डन ने अपने एयरस्पेस में आठ मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है।

    होर्मुज में अब क्या स्थिति?

    अमेरिकी हमले और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने स्ट्रेट में एक शिप-टू-शिप ऑयल ट्रांसफर भी रुकवाया है। वहीं, अमेरिकी एयर स्ट्राइक की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई।

    ईरान और ओमान के बीच होर्मुज को लेकर आपसी सहमति बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही पहले ही कम हुई है।

    क्या बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है?

    फिलहाल अमेरिका का कहना है कि लारक आईलैंड पर कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के सैन्य ढांचे को बड़े पैमाने पर तबाह करना नहीं, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के लिए पैदा हो रहे तत्काल खतरे को खत्म करना था।

    दूसरी ओर, ईरान इसे अपनी संप्रभुता पर हमला मान रहा है और जवाबी कार्रवाई भी कर चुका है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लारक आईलैंड पर अमेरिकी हमला और ईरान का पलटवार दोनों देशों को एक बड़े सैन्य टकराव की ओर ले जाएगा?

  • अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, शामली में पुलिस से मुठभेड़

    अंकित बालियान हत्याकांड के दो शूटर एनकाउंटर में ढेर, शामली में पुलिस से मुठभेड़


    लखनऊ। हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शामली में पुलिस और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे दो कथित शूटर मोहित और सुमित मारे गए। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस के मुताबिक वे गोगी गैंग से जुड़े हुए थे।

    पुलिस के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या को अंजाम देने के लिए कुल चार शूटर शामली पहुंचे थे। इनमें से दो का एनकाउंटर हो चुका है। जांच में दो अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जो रेकी और दूसरी मदद में शामिल बताए जा रहे हैं। इस तरह अब तक हत्याकांड से जुड़े छह लोगों की भूमिका सामने आई है।

    CCTV से मिली शूटरों की पहचान

    वारदात के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके आधार पर चारों कथित शूटरों की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, गोली चलाने वाले आरोपी हरियाणा के हिसार और रोहतक के रहने वाले हैं।

    जांच में सामने आया कि इनमें से एक आरोपी पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका था, जबकि अन्य तीन के खिलाफ छोटे-मोटे आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली थी।

    आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस ने उनके घरों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर दबिश दी। परिवार और करीबियों से पूछताछ शुरू होने के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और फरार हो गए। इसके बाद यूपी एसटीएफ ने उनकी तलाश तेज कर दी।

    पुलिस ने अंकित बालियान की कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप मैसेजिंग हिस्ट्री भी खंगाली। इसके जरिए हत्याकांड में मददगारों और साजिश में शामिल लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही थी।

    सात जिलों की पुलिस की 8 टीमें जांच में जुटीं

    हत्याकांड के खुलासे के लिए मेरठ जोन के सात जिलों की पुलिस की आठ टीमें लगाई गई थीं। हरियाणा और दिल्ली में लगातार दबिश दी जा रही थी। इससे पहले मेरठ जोन के ADG भानु भास्कर ने शामली पहुंचकर अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के बेहद करीब पहुंच चुकी है।

    होटल में रुककर की थी रेकी

    पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को अंकित बालियान की रेकी की गई थी। दो शूटर शामली पहुंचे और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी। दोनों सूर्या होटल में रुके थे और होटल में आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज जमा किए थे।

    पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जिससे जांच में अहम सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद दो शूटर बाइक से करनाल की तरफ भागे, जबकि मोहित और सुमित बागपत की ओर फरार हुए।

    कैराना रोड पर मुठभेड़, दोनों की मौत

    पुलिस के मुताबिक, मोहित और सुमित को ट्रैक करने के बाद कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के पास घेराबंदी की गई। दोनों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। जवाबी फायरिंग में दोनों को गोली लगी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    मुठभेड़ में SWAT टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस, स्प्लेंडर बाइक, बैग, मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस अब हत्याकांड में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों और कथित मददगारों की तलाश में जुटी है।