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  • धनतेरस से भाई दूज तक अपनाएं ये 5 वास्तु उपाय, दिवाली पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनाए रखने में मिलेगी मदद

    धनतेरस से भाई दूज तक अपनाएं ये 5 वास्तु उपाय, दिवाली पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता बनाए रखने में मिलेगी मदद

    नई दिल्ली । दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर लोग अपने घरों की साफ-सफाई करने के साथ ही दीपक, रंगोली और फूलों से सजावट करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। वहीं, वास्तु शास्त्र में भी धनतेरस से लेकर भाई दूज तक कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इन उपायों को अपनाने से घर का वातावरण साफ-सुथरा, सकारात्मक और खुशनुमा बना रहता है।

    इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाएगी। दीपावली से पहले धनतेरस, छोटी दिवाली और अन्य पर्वों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में घर की व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, पांच दिवसीय दीपावली पर्व के अलग-अलग दिनों में कुछ खास उपाय अपनाए जा सकते हैं।

    धनतेरस से दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा रखना शुभ माना जाता है। मुख्य दरवाजे को फूलों या तोरण से सजाया जा सकता है। इससे घर का प्रवेश स्थान सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देता है।

    इस दिन सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन और अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदने की परंपरा भी है। खरीदारी के बाद नए सामान को साफ जगह पर रखना चाहिए। घर में धन रखने वाली तिजोरी और अलमारी को भी व्यवस्थित करना चाहिए। वास्तु मान्यताओं में इसे घर में समृद्धि का वातावरण बनाए रखने से जोड़कर देखा जाता है।

    छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी पर घर की सफाई का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन घर के कोनों, खिड़कियों और दरवाजों के आसपास जमा धूल-मिट्टी को साफ करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का उत्तर-पूर्व दिशा वाला हिस्सा, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, साफ और व्यवस्थित रखना शुभ माना जाता है। शाम के समय घर में दीपक जलाने और मुख्य द्वार पर रंगोली बनाने की भी परंपरा है। घर में अनावश्यक सामान और कबाड़ जमा नहीं होने देना चाहिए।

    दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा से पहले घर के पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। इसके बाद देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित कर दीपक, फूल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री तैयार रखनी चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा स्थल होना शुभ माना जाता है। हालांकि, पूजा की व्यवस्था करते समय घर में उपलब्ध जगह और परिवार की परंपराओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।

    शाम को पूजा के बाद घर के मुख्य द्वार, खिड़कियों और बालकनी में दीपक जलाकर रोशनी की जाती है। धन रखने वाली अलमारी और तिजोरी को भी व्यवस्थित रखना चाहिए। घर में पर्याप्त रोशनी और साफ-सफाई का ध्यान रखने से त्योहार का माहौल बेहतर बनता है।

    दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण और गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की परंपरा है। कई घरों में अन्नकूट तैयार कर भगवान को भोग लगाया जाता है। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, इस दिन रसोई की सफाई करनी चाहिए और अनाज तथा खाद्य सामग्री को व्यवस्थित रखना चाहिए। भोजन बनाते समय स्वच्छता का ध्यान रखने के साथ घर में लगे तुलसी सहित अन्य पौधों की देखभाल भी करनी चाहिए।

    भाई दूज दीपावली पर्व का अंतिम महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दिन बहनें भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। परिवार के सदस्य एक साथ समय बिताते हैं और खुशियां साझा करते हैं। इस दिन घर को साफ-सुथरा रखने और परिवार के बीच प्रेमपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, सम्मान और विश्वास इस पर्व का मुख्य संदेश है।

    दिवाली की सजावट के दौरान टूटे-फूटे और अनुपयोगी सामान को हटा देना चाहिए। पूजा स्थल को साफ रखें और दीपक ऐसी जगह जलाएं, जहां आग लगने का खतरा न हो। बिजली की झालरों और सजावटी लाइटों के तारों की भी जांच कर लेनी चाहिए। इन सावधानियों और पारंपरिक उपायों के साथ त्योहार की तैयारियां अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाई जा सकती हैं।

  • शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी जिले: की पोहरी तहसील के ग्राम सालोदा में मंदिर और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव के ग्रामीणों ने वीरू बाथम और दिनेश जाटव पर शराब पीकर उत्पात मचाने, महिलाओं को परेशान करने, प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और हनुमान जी की पूजा-अर्चना रोकने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गांव के लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, ग्राम सालोदा में पहले कथित तौर पर अवैध रूप से देशी और विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। गांव के लोगों ने इसका विरोध करते हुए शराब की बिक्री बंद कराई थी। आरोप है कि इसके बाद वीरू बाथम पुत्र जालम बाथम और दिनेश जाटव पुत्र रमेश जाटव शराब पीकर गांव में हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों लोगों का व्यवहार लगातार परेशानी का कारण बन रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग गांव की महिलाओं को रास्ते में परेशान करते हैं। जब कोई ग्रामीण इस व्यवहार का विरोध करता है तो उसके साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के कारण गांव में असहज स्थिति बनी हुई है और लोगों में नाराजगी है।

    भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने का आरोप
    ग्रामीणों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विरोध करने पर दोनों लोगों ने गांव के प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ दिए। इसके साथ ही मंदिर में स्थापित मूर्ति को उखाड़ने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों का दावा है कि इस घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

    मामले में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना रोकने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के हनुमान मंदिर में पिछले दो दिनों से पूजा नहीं हो पा रही है। इससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने मंदिर में नियमित पूजा शुरू कराने और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।

    पुजारी को गोली मारने की धमकी देने का आरोप
    शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मंदिर के पुजारी को धमकी देने से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित लोग पुजारी के घर पहुंचे और कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की तो उन्हें गोली मारकर जान से खत्म कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का दावा है कि इस धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने इसे पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है।

    पहले भी थाना पोहरी में दी थी शिकायत
    ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर 27 अक्टूबर को थाना पोहरी में लिखित शिकायत दी गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोग खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार धमका रहे हैं।

    शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि हनुमान जी की मूर्ति तोड़ने की बात कही जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को झूठे हरिजन एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।

    शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, मंदिर में पूजा-अर्चना दोबारा शुरू कराने और पुजारी सहित गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की मांग बनी हुई है।

  • रणबीर कपूर की रामायण को बिना कट मिला U सर्टिफिकेट, 3 घंटे 15 मिनट होगी फिल्म, रिलीज से पहले बढ़ा दर्शकों का उत्साह

    रणबीर कपूर की रामायण को बिना कट मिला U सर्टिफिकेट, 3 घंटे 15 मिनट होगी फिल्म, रिलीज से पहले बढ़ा दर्शकों का उत्साह

    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से U सर्टिफिकेट मिल गया है। खास बात यह है कि फिल्म को बिना किसी कट के प्रदर्शन की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा फिल्म की अवधि भी सामने आ गई है। हिंदी भाषा में इसका रनटाइम 3 घंटे 15 मिनट रखा गया है। यानी दर्शकों को बड़े पर्दे पर रामायण की कहानी देखने के लिए तीन घंटे से ज्यादा समय देना होगा।

    निर्देशक नितेश तिवारी की इस फिल्म का नाम रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड है। फिल्म 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। प्रमाणन मिलने और रनटाइम की जानकारी सामने आने के बाद फिल्म से जुड़ी चर्चाओं को और गति मिली है।

    बिना किसी कट के मिला U सर्टिफिकेट

    फिल्म को 30 अक्टूबर 2026 को सीबीएफसी से प्रमाणपत्र मिला। इसे U श्रेणी में रखा गया है, जिसका अर्थ है कि फिल्म सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए उपयुक्त मानी गई है। फिल्म को प्रमाणित करते समय किसी दृश्य को हटाने या उसमें बदलाव करने की जरूरत नहीं बताई गई। इसके अलावा ऑडियो और विजुअल सामग्री में भी किसी तरह के संशोधन का निर्देश नहीं दिया गया। इस तरह फिल्म अपने मूल स्वरूप में सिनेमाघरों तक पहुंचेगी।

    3 घंटे 15 मिनट का होगा हिंदी वर्जन

    रामायण का हिंदी संस्करण 3 घंटे 15 मिनट लंबा होगा। इतने लंबे रनटाइम के साथ फिल्म में कहानी को विस्तार से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। पौराणिक कथा पर आधारित इस बड़े प्रोजेक्ट में कई महत्वपूर्ण किरदार और घटनाक्रम शामिल किए गए हैं। फिल्म के दो भागों में रिलीज होने की योजना है। पहला भाग नवंबर में दर्शकों के सामने आएगा, जबकि दूसरे भाग के लिए अगले साल तक इंतजार करना पड़ सकता है।

    एडवांस बुकिंग में भी दिख रही हलचल

    फिल्म की रिलीज से पहले टिकटों की बिक्री को लेकर भी चर्चा हो रही है। उपलब्ध एडवांस बुकिंग आंकड़ों के अनुसार, पहले दिन के लिए 3.50 लाख से अधिक टिकट बिक चुके हैं। ओपनिंग डे की बुकिंग से ब्लॉक सीटों सहित 17.67 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई है। वहीं, ब्लॉक सीटों को हटाकर यह आंकड़ा 14.75 करोड़ रुपये बताया गया है। ये आंकड़े फिल्म की शुरुआती दर्शक मांग को दर्शाते हैं। हालांकि, वास्तविक बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन का पता रिलीज के बाद ही चलेगा।

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फिल्म की तैयारी

    निर्माता रामायण को केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहुंचाने की तैयारी की गई है। इसी उद्देश्य से 27 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के लॉस एंजेलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में फिल्म का प्रीमियर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश शामिल हुए। यश अपनी पत्नी राधिका पंडित के साथ पहुंचे थे। प्रीमियर के बाद फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिलने की बात सामने आई।

    4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा दोनों भागों का बजट

    रामायण को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है। इसके दोनों भागों का कुल बजट लगभग 4000 करोड़ रुपये बताया गया है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा अरुण गोविल, सनी देओल, रकुल प्रीत, लारा दत्ता, कुणाल कपूर और काजल अग्रवाल भी फिल्म का हिस्सा हैं।

    कुल मिलाकर रामायण को लेकर रिलीज से पहले कई अहम जानकारियां सामने आ चुकी हैं। बिना कट के U सर्टिफिकेट, 3 घंटे 15 मिनट का रनटाइम, बड़े कलाकारों की मौजूदगी और अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर ने फिल्म को चर्चा में ला दिया है। अब दर्शकों की नजर 5 नवंबर को होने वाली इसकी सिनेमाघर रिलीज पर है।

  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में राशिद खान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 200 विकेट लेकर बने दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज, अर्शदीप भी शीर्ष 10 में शामिल..

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में राशिद खान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड, 200 विकेट लेकर बने दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज, अर्शदीप भी शीर्ष 10 में शामिल..

    नई दिल्ली । टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बल्लेबाजों के आक्रामक अंदाज और चौके-छक्कों की भरमार के बीच गेंदबाजों ने भी अपनी अलग पहचान बनाई है। इस प्रारूप में लगातार विकेट हासिल करना किसी भी गेंदबाज के लिए बड़ी चुनौती होती है। इसके बावजूद कई खिलाड़ियों ने अपनी सटीक गेंदबाजी, गति और स्पिन के दम पर शानदार रिकॉर्ड कायम किए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अफगानिस्तान के राशिद खान पहले स्थान पर हैं। उन्होंने 200 विकेट हासिल करके इतिहास रच दिया है। वहीं भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा विकेट लेकर शीर्ष स्थान हासिल किया है।

    राशिद खान के नाम ऐतिहासिक उपलब्धि

    अफगानिस्तान के लेग स्पिनर राशिद खान टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने 29 अक्टूबर 2026 को जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में अपना 200वां विकेट हासिल किया। राशिद ने यह उपलब्धि 120 मैचों में दर्ज की है। उनकी गेंदबाजी में गति, टर्न और गुगली का खास मेल देखने को मिलता है, जिसके कारण बल्लेबाजों के लिए उन्हें समझना आसान नहीं होता।

    सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में इंग्लैंड के आदिल राशिद दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 153 मैचों में 171 विकेट हासिल किए हैं। इस तरह राशिद खान और आदिल राशिद के बीच 29 विकेट का अंतर है। हांगकांग के एहसान खान और न्यूजीलैंड के ईश सोढ़ी 165-165 विकेट के साथ अगले स्थानों पर हैं।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट लेने वाले टॉप-10 गेंदबाज
    गेंदबाज देश मैच विकेट
    राशिद खान अफगानिस्तान 120 200
    आदिल राशिद इंग्लैंड 153 171
    एहसान खान हांगकांग 119 165
    ईश सोढ़ी न्यूजीलैंड 142 165
    टिम साउदी न्यूजीलैंड 126 164
    वानिंदु हसरंगा श्रीलंका 101 163
    मुस्तफिजुर रहमान बांग्लादेश 130 163
    एडम जम्पा ऑस्ट्रेलिया 118 153
    अर्शदीप सिंह भारत 103 150
    शाकिब अल हसन बांग्लादेश 129 149

    भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह सबसे आगे

    भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने इस प्रारूप में सबसे ज्यादा विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने 31 अक्टूबर 2026 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अपना 150वां विकेट पूरा किया। इस उपलब्धि के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में 150 विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बन गए। अर्शदीप ने 103 मैचों में यह आंकड़ा हासिल किया है।

    भारत की सूची में दूसरे स्थान पर जसप्रीत बुमराह हैं। उन्होंने 100 मैचों में 126 विकेट लिए हैं। वहीं अक्षर पटेल 116 मैचों में 116 विकेट के साथ तीसरे और हार्दिक पांड्या 138 मैचों में 114 विकेट के साथ चौथे स्थान पर हैं।

    भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सर्वाधिक विकेट
    गेंदबाज मैच विकेट
    अर्शदीप सिंह 103 150
    जसप्रीत बुमराह 100 126
    अक्षर पटेल 116 116
    हार्दिक पांड्या 138 114

    लगातार अच्छा प्रदर्शन करना बड़ी चुनौती

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजों के सामने बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये से निपटने की चुनौती रहती है। कम ओवरों के इस प्रारूप में बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में गेंदबाजों को अपनी रणनीति और गेंदबाजी में लगातार बदलाव करना पड़ता है। राशिद खान ने लेग स्पिन के दम पर लंबे समय तक अपनी प्रभावशाली मौजूदगी बनाए रखी है। आदिल राशिद और ईश सोढ़ी ने भी निरंतर विकेट हासिल किए हैं।

    तेज गेंदबाजों में टिम साउदी, मुस्तफिजुर रहमान और अर्शदीप सिंह ने अपनी उपयोगिता साबित की है। वहीं भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह का अनुभव और निरंतरता महत्वपूर्ण रही है। अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या जैसे ऑलराउंडर भी गेंदबाजी में टीम को अतिरिक्त विकल्प देते हैं।

    क्या टूट सकता है राशिद खान का रिकॉर्ड?

    राशिद खान के 200 विकेट का आंकड़ा फिलहाल इस प्रारूप में सबसे आगे है। दूसरे स्थान पर मौजूद आदिल राशिद उनसे 29 विकेट पीछे हैं। इस अंतर को कम करने के लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह ने 150 विकेट पूरे कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके करियर में अभी आगे और मुकाबले खेलने के अवसर हैं, जिनमें वह अपने विकेटों की संख्या बढ़ा सकते हैं।

  • नवंबर में Netflix पर मनोरंजन का बड़ा धमाका, एक्शन, रोमांस, क्राइम और थ्रिलर से भरपूर फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    नवंबर में Netflix पर मनोरंजन का बड़ा धमाका, एक्शन, रोमांस, क्राइम और थ्रिलर से भरपूर फिल्में-सीरीज होंगी रिलीज

    नई दिल्ली । नवंबर का पहला पखवाड़ा ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। 1 से 13 नवंबर के बीच नेटफ्लिक्स पर कई नई फिल्में और सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। इस सूची में जासूसी और क्राइम थ्रिलर से लेकर डार्क कॉमेडी, रोमांस, एनिमेशन, डॉक्यूमेंट्री और ऐतिहासिक ड्रामा तक शामिल हैं। अलग-अलग विषयों और कहानियों पर आधारित ये फिल्में और सीरीज दर्शकों को मनोरंजन के कई विकल्प देंगी। इस दौरान कुछ लोकप्रिय कहानियों के नए सीजन भी देखने को मिलेंगे।

    ब्लैक डोव्स सीजन 2
    डार्क कॉमेडी और जासूसी पर आधारित थ्रिलर सीरीज ब्लैक डोव्स का दूसरा सीजन 5 नवंबर को रिलीज होगा। इसमें हेलेन और सैम की कहानी आगे बढ़ेगी। कीरा नाइटली एक बार फिर हेलेन और बेन विशॉ सैम की भूमिका में नजर आएंगे। सीरीज में जासूसी, रहस्य और रोमांच का मेल देखने को मिलेगा।

    बास एक्स माकिना
    एनिमेटेड सीरीज बास एक्स माकिना 3 नवंबर से स्ट्रीम होगी। इसमें ब्रायन टायरी हेनरी और जेनेल मोनाए की आवाजें सुनाई देंगी। इसकी कहानी वाइल्ड वेस्ट के एक काल्पनिक स्टीमपंक संसार पर आधारित है। इस दुनिया में खतरनाक अपराधियों, भाप से चलने वाले रोबोटों और अलौकिक शक्तियों का प्रभाव दिखाई देता है। अनोखी काल्पनिक दुनिया और एनिमेशन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह एक अलग तरह की पेशकश होगी।

    माइक टायसन: रिटर्न ऑफ द माइक
    बॉक्सिंग जगत के दिग्गज माइक टायसन इस विशेष कार्यक्रम के जरिए अपनी जिंदगी से जुड़े अनुभव साझा करेंगे। इसमें उन्हें अपने जीवन की कहानी खुलकर बताने का मौका मिलेगा। कार्यक्रम में उनका बेबाक अंदाज और हास्य से भरी बातचीत भी देखने को मिलेगी।

    अ डॉग्स परफेक्ट क्रिसमस
    यह फिल्म 4 नवंबर को रिलीज होगी। इसमें डेनिस क्वैड मुख्य भूमिका में हैं। कहानी गॉस परिवार, प्यार और उनके वफादार कुत्ते विनस्टेड के इर्द-गिर्द घूमती है। एक आपातकालीन स्थिति के कारण परिवार के सदस्य एक-दूसरे से अलग हो जाते हैं। इसके बाद विनस्टेड क्रिसमस से पहले सभी को फिर से मिलाने की कोशिश करता है। फिल्म में पारिवारिक रिश्तों और एक पालतू जानवर के लगाव को दिखाया गया है।

    टेकन: नताली होलोवे
    तीन भागों वाली यह डॉक्यूमेंट्री 4 नवंबर से स्ट्रीम होगी। इसमें नताली होलोवे के लापता होने का मामला दिखाया गया है। वह मई 2005 में अरूबा में स्कूल की ग्रेजुएशन यात्रा के दौरान गायब हो गई थीं। उनकी मां बेथ ने इस मामले का जवाब तलाशने में कई साल बिताए। डॉक्यूमेंट्री में मामले से जुड़े लोगों के साक्षात्कार और बयानों के माध्यम से इस घटना को दोबारा सामने लाया गया है।

    पॉसिबल लव
    6 नवंबर को रिलीज होने वाली इस फिल्म में दो दंपतियों की कहानी दिखाई गई है। एक नौकरी से निकाला गया कर्मचारी अपनी पत्नी के साथ एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता और उसके पति से मिलता है। इस मुलाकात के बाद चारों के जीवन में कई निजी सवाल और दबी हुई इच्छाएं सामने आने लगती हैं। कहानी रिश्तों, व्यक्तिगत फैसलों और जीवन को लेकर लोगों की सोच पर केंद्रित है।

    एवेडन
    11 नवंबर को रिलीज होने वाली यह डॉक्यूमेंट्री प्रसिद्ध फोटोग्राफर रिचर्ड एवेडन के जीवन और काम पर आधारित है। उन्हें 20वीं सदी के प्रभावशाली फोटोग्राफरों में गिना जाता है। मशहूर हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और मॉडलों के पोर्ट्रेट के लिए उनकी विशेष पहचान रही। फैशन फोटोग्राफी और लोकप्रिय संस्कृति को आकार देने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

    द बॉडी
    11 नवंबर को स्ट्रीम होने वाली इस फिल्म की कहानी एक डांस टीम के कार्यक्रम में हुई गड़बड़ी के बाद शुरू होती है। इसके बाद पूरा शहर ग्रेस से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने लगता है। अफवाहें फैलने के साथ रहस्य गहराता जाता है और पूरे समुदाय पर इसका असर पड़ने का खतरा पैदा हो जाता है।

    द एम्प्रेस सीजन 3
    यह सीरीज 12 नवंबर को रिलीज होगी। कहानी ऑस्ट्रिया की एलिजाबेथ की वापसी से आगे बढ़ती है। शाही परिवार एक विनाशकारी युद्ध के बाद के हालात से जूझ रहा है। एलिजाबेथ अपने सदमे से परेशान पति फ्रांज को संभालने के साथ शाही दरबार में बदलाव लाने की कोशिश करती है। इसी दौरान हंगेरियन क्रांतिकारी काउंट एंड्रासी के साथ उसका अप्रत्याशित संबंध निजी जीवन और शाही जिम्मेदारियों के बीच नई चुनौतियां खड़ी करता है।

    मर्डर इन गैलिसिया
    13 नवंबर को रिलीज होने वाला यह क्राइम ड्रामा सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। इसकी कहानी गैलिसिया के एक शांत कस्बे में होने वाली सिलसिलेवार चोरियों और आइरीन पर हुए हिंसक हमले के बाद शुरू होती है। अस्पताल में भर्ती आइरीन के मामले की जांच के दौरान सिविल गार्ड के सार्जेंट एलियास को उसके पति एनिसेटो पर शक होता है। इसके बाद घटनाओं के पीछे की सच्चाई तलाशने की कोशिश शुरू होती है।

  • शाहरुख खान ने अनिल कपूर की आंखों के सामने खरीदा था मन्नत, बंगले में हुई थी फिल्म तेजाब की शूटिंग..

    शाहरुख खान ने अनिल कपूर की आंखों के सामने खरीदा था मन्नत, बंगले में हुई थी फिल्म तेजाब की शूटिंग..

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर ने शाहरुख खान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि शाहरुख खान ने जिस बंगले को आज मन्नत के नाम से जाना जाता है, उसे खरीदने से पहले वहां उनकी फिल्म तेजाब की शूटिंग हुई थी। अनिल कपूर के मुताबिक, उन्होंने अपनी आंखों के सामने शाहरुख खान को यह प्रॉपर्टी खरीदते हुए देखा था। यह किस्सा दोनों अभिनेताओं के पुराने संबंधों और उनके करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा है।

    एक रियलिटी शो के दौरान अनिल कपूर ने शाहरुख खान के साथ अपनी दोस्ती और मन्नत से जुड़े अनुभवों को याद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि शाहरुख खान ने 2000 के दशक में इस बंगले को खरीदा था। हालांकि, इससे पहले उस प्रॉपर्टी पर फिल्म तेजाब की शूटिंग हो चुकी थी। अनिल कपूर ने कहा कि जब उन्होंने वहां शूटिंग की थी, तब तक शाहरुख खान ने वह बंगला नहीं खरीदा था। बाद में उन्होंने अपनी आंखों के सामने शाहरुख को उस प्रॉपर्टी का मालिक बनते देखा।

    दरअसल, शो में अनिल कपूर प्रतियोगियों से सवाल कर रहे थे कि अगर वे एक करोड़ रुपये जीत जाते हैं तो उस रकम का क्या करेंगे। इस पर एक महिला प्रतियोगी ने कहा कि वह शाहरुख खान के घर मन्नत जैसा बंगला खरीदना चाहेंगी। इसी जवाब के बाद अनिल कपूर ने मन्नत और शाहरुख खान से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं।

    अनिल कपूर ने शाहरुख खान के साथ अपने रिश्ते को काफी पुराना और करीबी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते हैं। अभिनेता ने उस समय को भी याद किया, जब शाहरुख खान उनसे मिलने आए थे। उस दौरान अनिल कपूर फिल्म बेनाम बादशाह की शूटिंग कर रहे थे। अनिल कपूर के मुताबिक, पहली मुलाकात में ही उन्हें शाहरुख खान की आंखों में एक अलग चमक दिखाई दी थी। उन्हें तभी महसूस हो गया था कि शाहरुख आगे चलकर बड़े स्टार बनेंगे। इसी मुलाकात से दोनों के बीच संबंधों की शुरुआत हुई और समय के साथ उनकी दोस्ती मजबूत होती चली गई।

    अनिल कपूर ने यह भी बताया कि मन्नत खरीदने से पहले शाहरुख खान कार्टर रोड स्थित एक फ्लैट में अपने दोस्तों के साथ रहते थे। दोनों की मुलाकात अक्सर कार्टर रोड पर होती थी। उस समय शाहरुख खान का सपना समुद्र के किनारे एक बड़ा बंगला खरीदने का था। अनिल कपूर ने कहा कि शाहरुख ने जो सपना देखा था, वह बाद में पूरा हुआ और उन्होंने मन्नत को अपना घर बना लिया।

    दोनों कलाकारों ने वर्ष 1995 में फिल्म त्रिमूर्ति में भी साथ काम किया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी थी। इसके बावजूद दोनों के व्यक्तिगत संबंधों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और उनकी दोस्ती बनी रही।

    मुंबई के बांद्रा इलाके में समुद्र के किनारे स्थित मन्नत शाहरुख खान के सबसे चर्चित आवासों में शामिल है। इस बंगले का पुराना नाम विला वियना बताया जाता है। शाहरुख खान ने वर्ष 2001 में इसे लगभग 13 करोड़ रुपये में खरीदा था। समय के साथ यह बंगला उनकी पहचान का अहम हिस्सा बन गया। प्रशंसकों के बीच भी मन्नत को लेकर खास आकर्षण बना रहता है।

    फिलहाल मन्नत में नवीनीकरण का काम चल रहा है। इसी वजह से शाहरुख खान अपने परिवार और स्टाफ के साथ पास के एक किराए के घर में रह रहे हैं। अनिल कपूर द्वारा साझा किया गया यह किस्सा बताता है कि मन्नत से उनका जुड़ाव शाहरुख खान के वहां रहने से भी पहले का है। एक समय जिस प्रॉपर्टी पर उन्होंने फिल्म की शूटिंग की थी, वही बाद में उनके करीबी दोस्त शाहरुख खान का चर्चित आशियाना बन गई।

  • OTT पर रिलीज हुई झाड़-फूंक, काले जादू और तंत्र विद्या की रहस्यमयी कहानी में छिपा अंधविश्वास का खतरनाक सच

    OTT पर रिलीज हुई झाड़-फूंक, काले जादू और तंत्र विद्या की रहस्यमयी कहानी में छिपा अंधविश्वास का खतरनाक सच

    नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हॉरर फिल्मों के शौकीनों के लिए झाड़-फूंक नाम की फिल्म रिलीज हुई है। 1 घंटे 53 मिनट की यह फिल्म काले जादू, तंत्र विद्या और अंधविश्वास जैसे विषयों पर आधारित है। फिल्म की कहानी में कुल पांच प्रमुख किरदार हैं और पूरी फिल्म की शूटिंग केवल एक घर में की गई है। सीमित किरदारों और एक ही स्थान पर आधारित कहानी के जरिए फिल्म डर और रहस्य का माहौल तैयार करने की कोशिश करती है।

    फिल्म की कहानी आस्था (सुंबुल तौकीर खान) और राजवीर के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है। आस्था गर्भवती है और राजवीर के साथ उत्तराखंड के जंगलों से होते हुए दिल्ली जा रही होती है। इसी दौरान उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है। हादसे के बाद जब आस्था को होश आता है तो वह खुद को एक अनजान दंपती के बीच पाती है। यह घटना उसकी जिंदगी में एक अप्रत्याशित मोड़ लेकर आती है।

    मोहन ठाकुर (यशपाल शर्मा) और कामिनी ठाकुर (पद्मिनी कोल्हापुरे) आस्था को अपने घर ले आते हैं। शुरुआत में दोनों उसके प्रति काफी अपनापन और स्नेह दिखाते हैं। उनके व्यवहार से आस्था भी धीरे-धीरे उनसे जुड़ने लगती है। हालांकि, कहानी आगे बढ़ने के साथ मोहन ठाकुर के इरादों से जुड़े रहस्य सामने आने लगते हैं। जिस घर में आस्था को सहारा मिलता दिखाई देता है, वहीं धीरे-धीरे उसके सामने कई असामान्य परिस्थितियां पैदा होने लगती हैं।

    फिल्म में एक छोटे बच्चे का किरदार भी अहम है। बच्चा किसी अजीब खतरे से घिरा हुआ है। उसे उस स्थिति से बाहर निकालने के लिए मोहन ठाकुर काले जादू और तांत्रिक विद्या का सहारा लेता है। इसी घटनाक्रम के माध्यम से फिल्म में अंधविश्वास, रहस्यमयी गतिविधियों और तंत्र-मंत्र से जुड़े पहलुओं को दिखाया गया है। पांच किरदारों के बीच आगे बढ़ने वाली कहानी में घर का वातावरण और वहां होने वाली घटनाएं रहस्य को बनाए रखने का काम करती हैं।

    फिल्म की शुरुआत प्रभावशाली है। शुरुआती हिस्से में डर और रहस्य का माहौल दर्शकों का ध्यान खींचता है। कहानी जिस तरह आगे बढ़ती है, उससे घटनाओं के पीछे छिपे सच को जानने की उत्सुकता पैदा होती है। हालांकि, फिल्म जैसे-जैसे क्लाइमेक्स की तरफ बढ़ती है, उसका डराने वाला प्रभाव कम होने लगता है। शुरुआत में जो घटनाएं रोमांच पैदा करती हैं, आगे चलकर उनका असर उतना मजबूत नहीं रह जाता।

    फिल्म का कॉन्सेप्ट दिलचस्प है, लेकिन कहानी के अंतिम हिस्से में रोमांच बनाए रखने में कमी दिखाई देती है। इसका क्लाइमेक्स भी अपेक्षाकृत कमजोर और साधारण महसूस होता है। संगीत की बात करें तो इसमें एक रोमांटिक गाना शामिल किया गया है। इसके अलावा बैकग्राउंड म्यूजिक के माध्यम से डर और रहस्य का वातावरण बनाने की कोशिश की गई है। शुरुआती हिस्से में इसका प्रभाव बेहतर दिखाई देता है, लेकिन आगे चलकर कहानी की गति और डर का स्तर कमजोर पड़ता है।

    फिल्म का निर्देशन राजन वर्मा ने किया है। वह इसके लेखक और निर्माता भी हैं। उन्हें जीसस जोरदार, धमन: द सेवियर और पानी: एक प्रेम कहानी जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। फिल्म के अंत में अंधविश्वास को लेकर एक सामाजिक संदेश दिया गया है। कहानी यह दिखाने की कोशिश करती है कि अंधविश्वास के प्रभाव में आकर लोग किस तरह गलत फैसले ले सकते हैं और इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। फिल्म के माध्यम से यह बात भी सामने रखी गई है कि भारत में अंधविश्वास के कारण कई लोगों की जान तक चली जाती है।

    कुल मिलाकर झाड़-फूंक में हॉरर, रहस्य, काला जादू और तंत्र विद्या को एक सीमित कहानी के भीतर पेश किया गया है। इसकी शुरुआत और विषय दर्शकों की रुचि जगा सकते हैं, हालांकि कमजोर क्लाइमेक्स और बाद के हिस्से में कम होता डर फिल्म के प्रभाव को सीमित करता है। अंधविश्वास पर आधारित हॉरर कहानियां पसंद करने वाले दर्शक इसे देखने पर विचार कर सकते हैं।

  • शनिवार के दिन इन नियमों का रखें विशेष ध्यान, शनिदेव की पूजा से दूर हो सकती हैं जीवन की परेशानियां

    शनिवार के दिन इन नियमों का रखें विशेष ध्यान, शनिदेव की पूजा से दूर हो सकती हैं जीवन की परेशानियां


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। यही वजह है कि शनिवार के दिन उनकी पूजा और कुछ विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से शनिदेव की आराधना करने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से जीवन में सुख शांति और सकारात्मकता आती है। कई लोग शनिवार को व्रत रखते हैं और मंदिर जाकर शनिदेव के दर्शन करते हैं। हालांकि इस दिन पूजा के साथ अपने व्यवहार और कर्मों पर भी विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

    शनिवार को सुबह जल्दी उठकर करें ये काम

    धार्मिक परंपरा के अनुसार शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद स्वच्छ कपड़े पहनकर घर के मंदिर में दीपक जलाएं और शनिदेव का स्मरण करें। यदि संभव हो तो शनिदेव के मंदिर जाकर दर्शन करें। पूजा के दौरान शनि मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है। ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप किया जा सकता है। मान्यता है कि इससे मन को शांति मिलती है और व्यक्ति को अपने जीवन में अनुशासन बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है।

    सरसों के तेल का दीपक जलाने की मान्यता

    शनिवार को शनिदेव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है। कुछ लोग पीपल के पेड़ के नीचे भी दीपक जलाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है। दीपक जलाते समय स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। पूजा के दौरान काले तिल और उड़द की दाल अर्पित करने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है।

    जरूरतमंदों की मदद करना माना जाता है शुभ

    शनिवार के दिन दान और सेवा का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना या अपनी क्षमता के अनुसार काले तिल कंबल उड़द की दाल और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में जरूरतमंदों की सहायता को शनिदेव की प्रसन्नता से जोड़कर देखा जाता है। इसके साथ ही पशु-पक्षियों को भोजन देना और श्रमिकों तथा बुजुर्गों का सम्मान करना भी अच्छे कर्मों में शामिल माना जाता है।

    शनिवार को किन बातों से बचें

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए। गरीबों कमजोर लोगों और मेहनतकश व्यक्तियों का अपमान करने से बचना चाहिए। इस दिन झूठ बोलने धोखा देने और किसी का हक छीनने जैसे काम नहीं करने चाहिए। गुस्से और विवाद से दूर रहकर शांत व्यवहार अपनाना चाहिए। कुछ परंपराओं में शनिवार को बाल और नाखून काटने तथा लोहे की वस्तुएं खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि ये मान्यताएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में अलग हो सकती हैं।

    कर्मों को सुधारने का संदेश देता है शनिवार

    शनिदेव को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वे व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इसलिए शनिवार का महत्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है बल्कि यह दिन ईमानदारी मेहनत और अनुशासन के साथ जीवन जीने की सीख भी देता है। इस दिन जरूरतमंदों की मदद करना और किसी के प्रति गलत व्यवहार न करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धा और अच्छे कर्मों के साथ शनिवार के नियमों का पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर सकता है।

  • उज्जैन में तमन्ना भाटिया की शिवभक्ति, महाकाल के दरबार में टेका माथा, भस्म आरती में हुईं शामिल

    उज्जैन में तमन्ना भाटिया की शिवभक्ति, महाकाल के दरबार में टेका माथा, भस्म आरती में हुईं शामिल


    उज्जैन। बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री तमन्ना भाटिया शनिवार सुबह उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य भी साथ मौजूद रहे। सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचीं तमन्ना पारंपरिक साड़ी में नजर आईं। उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर करीब दो घंटे तक भस्म आरती के दर्शन किए। मंदिर परिसर में अभिनेत्री पूरे श्रद्धाभाव के साथ पूजा-अर्चना करती दिखाई दीं।

    महाकाल मंदिर में होने वाली भस्म आरती देशभर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। इसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त तड़के मंदिर पहुंचते हैं। तमन्ना भाटिया ने भी सुबह की इस विशेष आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। उनके साथ उनकी मां भी मौजूद थीं। अभिनेत्री अपनी मां को भगवान महाकाल के दर्शन कराने के लिए उज्जैन लेकर आई थीं। परिवार के साथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा की और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

    नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन

    भस्म आरती के दौरान तमन्ना नंदी हॉल में बैठीं और करीब दो घंटे तक आरती में शामिल रहीं। इस दौरान उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की। आरती संपन्न होने के बाद उन्होंने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। धार्मिक मान्यता के अनुसार भक्त नंदी के कान में अपनी इच्छा या प्रार्थना कहते हैं। मान्यता है कि नंदी महाराज भक्तों की मनोकामना भगवान शिव तक पहुंचाते हैं। इसी परंपरा का पालन करते हुए तमन्ना ने भी नंदी महाराज के कान में अपनी प्रार्थना कही।

    मंदिर समिति ने किया सम्मान

    दर्शन के दौरान महाकाल मंदिर समिति की ओर से अभिनेत्री तमन्ना भाटिया और उनके परिवार का सम्मान किया गया। मंदिर में दर्शन के बाद तमन्ना ने अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि सुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल होने का अवसर मिलना उनके लिए बेहद आनंद का अनुभव है। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां को भी भगवान महाकाल के दर्शन कराने के लिए लेकर आई थीं। मां के साथ बाबा महाकाल के दर्शन करना उनके लिए बेहद खुशी का पल रहा।

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। यहां हर दिन देश और दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। फिल्म और मनोरंजन जगत की हस्तियां भी समय-समय पर बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाती रही हैं। तमन्ना भाटिया का अपनी मां और परिवार के साथ भस्म आरती में शामिल होना भी इसी आस्था से जुड़ा एक खास अवसर रहा। दर्शन के दौरान अभिनेत्री ने धार्मिक माहौल में समय बिताया और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।

  • दीपावली से पहले वेतन-बोनस के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की हुंकार, 55 जिलों में 2 नवंबर को सौंपेंगे ज्ञापन

    दीपावली से पहले वेतन-बोनस के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की हुंकार, 55 जिलों में 2 नवंबर को सौंपेंगे ज्ञापन


    जबलपुर । मध्यप्रदेश के शासकीय विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों ने दीपावली से पहले वेतन और बोनस के भुगतान की मांग तेज कर दी है। त्योहार के मद्देनजर कर्मचारियों को आर्थिक राहत दिलाने के लिए मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत 2 नवंबर को प्रदेश के सभी 55 जिलों में श्रम आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे। संगठन की प्रमुख मांग है कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को 5 नवंबर तक वेतन और दीपावली बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

    संगठन के जिला अध्यक्ष एवं संभाग प्रभारी रविंद्र जायसवाल और जिला महामंत्री अनुपम वर्मा ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को लंबे समय से आर्थिक और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के समय भी कई विभागों में वेतन और बोनस के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों के सामने घर का खर्च चलाने और दीपावली की तैयारियां करने में परेशानी आ रही है। संगठन का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों से लगातार संपर्क किया जा रहा है ताकि कर्मचारियों को समय पर भुगतान मिल सके।

    22 अक्टूबर को भी दिया गया था ज्ञापन

    संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक इससे पहले 22 अक्टूबर को भी सहायक श्रमायुक्त को ज्ञापन सौंपकर वेतन और बोनस का भुगतान कराने की मांग की गई थी। इसके बाद जबलपुर शहर के कई विभागों में कर्मचारियों को नियमित वेतन और बोनस मिला है। संगठन ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से कुछ विभागों में भुगतान की स्थिति में सुधार हुआ है। हालांकि प्रदेश के कई अन्य जिलों और विभागों में अब भी कर्मचारियों का भुगतान बाकी है। इसी वजह से संगठन ने दोबारा प्रदेशव्यापी स्तर पर अपनी मांग उठाने का निर्णय लिया है।

    5100 रुपए बोनस का मुद्दा भी उठाया

    आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने 5100 रुपए बोनस राशि को लेकर भी प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और विभिन्न दिशा-निर्देशों के तहत कुछ विभागों में इस राशि का उल्लेख किया गया है। इसके बावजूद कई विभागों में बोनस को लेकर अब तक लिखित आदेश या स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। संगठन चाहता है कि संबंधित विभाग इस मामले में स्पष्ट निर्णय लें और पात्र कर्मचारियों को समय पर बोनस का भुगतान किया जाए।

    ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हुआ संगठन

    संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संगठन अब ट्रेड यूनियन के रूप में पंजीकृत हो चुका है और उसे पंजीकरण क्रमांक भी मिल गया है। संगठन का कहना है कि पंजीकरण मिलने से आउटसोर्स कर्मचारियों को अपनी समस्याएं संगठित तरीके से शासन और प्रशासन के सामने रखने में मदद मिलेगी। कर्मचारी वेतन में देरी बोनस भुगतान और अन्य कार्य संबंधी समस्याओं को लेकर एक मंच से आवाज उठा सकेंगे।

    अब 2 नवंबर को प्रदेश के सभी 55 जिलों में ज्ञापन सौंपकर संगठन प्रशासन का ध्यान कर्मचारियों की मांगों की ओर आकर्षित करेगा। कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग दीपावली से पहले भुगतान को लेकर क्या कदम उठाते हैं और 5 नवंबर तक वेतन तथा बोनस देने की मांग पर कितना अमल हो पाता है।