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  • ईरान की सैन्य सप्लाई चेन पर अमेरिका का शिकंजा, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान से जुड़े 10 लोगों-संस्थाओं पर प्रतिबंध

    ईरान की सैन्य सप्लाई चेन पर अमेरिका का शिकंजा, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान से जुड़े 10 लोगों-संस्थाओं पर प्रतिबंध


    वॉशिंगटन।
    अमेरिका ने ईरान की सैन्य सप्लाई चेन पर कार्रवाई करते हुए ईरान, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान से जुड़े 10 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मंगलवार को यह कदम उठाया। इन लोगों और कंपनियों पर ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार और उनके कलपुर्जे जुटाने तथा सैन्य खरीद में आर्थिक मदद पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

    यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ट्रंप प्रशासन ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। वहीं, दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत कार्रवाई

    अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ईरानी सरकार तक पहुंचने वाली महत्वपूर्ण वित्तीय मदद को रोकना है।

    ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि उनका विभाग ईरानी शासन को किसी भी तरह का समर्थन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान की मदद करने वाले लोगों और संस्थाओं की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की कार्रवाई जारी रहेगी।

    हथियारों और कलपुर्जों की खरीद में मदद का आरोप

    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिबंधों की जद में आए 10 लोग और संस्थाएं ईरान, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान में मौजूद हैं। इन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार तथा हथियारों के हिस्से जुटाने में मदद करने का आरोप है।

    अमेरिका का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की रक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना और उसकी हथियार निर्माण क्षमता को दोबारा मजबूत करने की कोशिशों को रोकना है। नए प्रतिबंधों के जरिए उन लोगों और कंपनियों की लागत बढ़ाने का प्रयास किया गया है, जिन्होंने ईरान की सैन्य खरीद में मदद की।

    2024 में भी हुई थी कार्रवाई

    ईरान की सैन्य क्षमता से जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ अमेरिका पहले भी कार्रवाई कर चुका है। वर्ष 2024 में बाइडेन प्रशासन ने ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के लिए मिसाइल और ड्रोन बनाने तथा उनके प्रसार में मदद करने वाली संस्थाओं को प्रतिबंधों के दायरे में लिया था।

    रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रियाल

    अमेरिका की ताजा वित्तीय कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मंगलवार को ईरान की मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। तेहरान में कारोबारियों ने एक अमेरिकी डॉलर के बदले 25 लाख से अधिक रियाल में कारोबार किया। युद्ध शुरू होने के बाद से रियाल लगातार कमजोर हुआ है। इससे पहले दो सितंबर को यह 22 लाख रियाल प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचा था।

    पहले से प्रतिबंधों के दबाव में ईरानी अर्थव्यवस्था

    ईरानी अर्थव्यवस्था पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दबाव में है। इस साल अमेरिका की ओर से ईरानी तेल पर नौसैनिक नाकाबंदी और युद्ध शुरू होने के बाद लगाए गए नए प्रतिबंधों ने आर्थिक स्थिति पर दबाव और बढ़ा दिया है। ताजा अमेरिकी कार्रवाई ईरान की सैन्य आपूर्ति और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के प्रयास के तौर पर सामने आई है।

  • 30 सितंबर का पंचांग: आज पितरों के तर्पण का विशेष दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में बनेंगे शुभ काम जानिए पूजा मुहूर्त चौघड़िया और अशुभ समय

    30 सितंबर का पंचांग: आज पितरों के तर्पण का विशेष दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में बनेंगे शुभ काम जानिए पूजा मुहूर्त चौघड़िया और अशुभ समय


    नई दिल्ली। 30 सितंबर 2026 बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि है और चतुर्थी श्राद्ध किया जाएगा। मान्यता के अनुसार जिन पितरों का निधन किसी भी माह के किसी भी पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ हो उनका श्राद्ध और तर्पण पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि पर किया जाता है। आज बुधवार व्रत और गणेश पूजा का भी संयोग बन रहा है। इसके अलावा दिन में सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा जिसे धार्मिक मान्यताओं में शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 2:55 बजे तक रहेगी इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी।

    चतुर्थी श्राद्ध करने वालों के लिए आज कुतुप मुहूर्त सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। इसके बाद रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:35 बजे से 1:22 बजे तक बताया गया है। इन समयों में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में विधि विधान से श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है। वहीं आज भरणी नक्षत्र सुबह 7:36 बजे तक रहेगा जिसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा और यह 1 अक्टूबर सुबह 6:02 बजे तक रहेगा। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र लगेगा।

    आज वज्र योग रात 12:20 बजे तक रहेगा जिसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:36 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6:14 बजे तक रहेगा। इस योग को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसमें किए गए शुभ कार्यों के सफल होने की संभावना रहती है। आज चंद्रमा मेष राशि में दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा और इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालु आज गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा कर सकते हैं।

    गणेश पूजा में दूर्वा अक्षत सिंदूर धूप दीप चंदन मोदक लड्डू और फल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके बाद गणेश जी की आरती और बुधवार व्रत कथा का पाठ किया जा सकता है। गणेश मंत्र का जाप भी श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में बुध ग्रह से संबंधित परेशानियों के लिए हरे रंग से जुड़े उपाय और गाय को हरा चारा खिलाने जैसे उपाय भी बताए जाते हैं।

    आज सूर्योदय सुबह 6:13 बजे और सूर्यास्त शाम 6:08 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:30 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 9:48 बजे बताया गया है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:10 बजे से 2:58 बजे तक रहेगा जबकि निशिता मुहूर्त रात 11:47 बजे से 1 अक्टूबर रात 12:35 बजे तक रहेगा। दिन के चौघड़िया में लाभ उन्नति का समय सुबह 6:13 से 7:43 बजे तक अमृत सर्वोत्तम 7:43 से 9:12 बजे तक और शुभ उत्तम 10:42 बजे से 12:11 बजे तक रहेगा।

    वहीं आज राहुकाल दोपहर 12:11 बजे से 1:40 बजे तक रहेगा। यमगंड सुबह 7:43 से 9:12 बजे तक और गुलिक काल सुबह 10:42 से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा। पंचांग में आज उत्तर दिशा का दिशाशूल बताया गया है इसलिए इस दिशा में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। धार्मिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ अशुभ समय का ध्यान रखने की परंपरा है। स्थानीय सूर्योदय और पंचांग गणना के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

  • MP: स्वामित्व योजना पर गतिरोध जारी….सरकार ने शुरू की पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी

    MP: स्वामित्व योजना पर गतिरोध जारी….सरकार ने शुरू की पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी


    भोपाल।
    स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) के तहत रजिस्ट्री से जुड़े काम को लेकर सरकार और पटवारियों (Government and Patwaris) के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। सरकार के निर्देश के बावजूद पटवारी इस काम को करने के लिए तैयार नहीं हैं। अब सरकार ने पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जिलों से उनके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और शिकायतों की जानकारी मांगी गई है।

    राजस्व विभाग (Department of Revenue) ने सभी जिलों को एक प्रारूप भेजकर पटवारियों के खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसमें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के साथ लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जांच और प्रकरणों की जानकारी भी मांगी गई है। सरकार ने ऐसे मामलों का भी ब्योरा मांगा है, जिनमें पटवारियों की आय से अधिक संपत्ति की शिकायत या प्रकरण सामने आए हों। इसके अलावा लंबे समय से अभियोजन की मंजूरी लंबित मामलों और जांच एजेंसियों की जांच में दोषी पाए गए पटवारियों की जानकारी भी मांगी गई है। जिलों से यह भी पूछा गया है कि संबंधित मामलों में आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है।


    रजिस्ट्री के काम को लेकर नहीं बनी सहमति

    स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्री के काम से पटवारियों ने दूरी बना रखी है। पटवारी संघ का कहना है कि वे योजना से जुड़े काम के अलावा दूसरे राजस्व कार्य कर रहे हैं। संघ का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अभी तक इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बनी है। पटवारियों की आपत्ति को दूर करने के लिए सरकार की ओर से उन्हें कुछ आश्वासन भी दिए गए थे। इनमें रजिस्ट्री के दस्तावेजों में पटवारियों के नाम नहीं लिखे जाने और विवादित मामलों की रजिस्ट्री का काम नहीं सौंपे जाने की बात शामिल थी। चार मंत्रियों की समिति ने भी पटवारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की थी। इसके बावजूद पटवारियों ने स्वामित्व योजना से जुड़े रजिस्ट्री कार्य से दूरी बनाए रखी है।


    अब पुराने प्रकरणों पर कार्रवाई की तैयारी

    पटवारियों के काम नहीं करने के रुख के बाद मुख्य सचिव ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम गुरुवार से शनिवार तक करने के निर्देश दिए थे। साथ ही काम से इनकार करने वाले पटवारियों पर कार्रवाई की बात भी कही गई थी। अब सरकार ने जिलों से पुराने प्रकरणों की जानकारी मांगकर अगला कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना के काम को लेकर उनका रुख अभी नहीं बदला है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और पटवारियों के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

  • Report: भारत के लोग भले ही लंबी उम्र जी रहे …. पर बुढ़ापे में स्वस्थ जीवन और संतुष्टि का अभाव

    Report: भारत के लोग भले ही लंबी उम्र जी रहे …. पर बुढ़ापे में स्वस्थ जीवन और संतुष्टि का अभाव


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में लोग पहले से ज्यादा लंबी उम्र (Longer lifespan) जरूर जी रहे हैं, लेकिन जीवन के आखिरी वर्षों में स्वस्थ, सक्रिय, आर्थिक रूप से सुरक्षित और संतुष्ट रहने की तस्वीर उतनी अच्छी नहीं है। खासकर ग्रामीण बुजुर्ग महिलाओं (Elderly Rural Women) के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण है। 60 वर्ष की उम्र में ग्रामीण महिलाओं के पास औसतन 18.5 वर्ष की शेष जीवन प्रत्याशा है, लेकिन इनमें सिर्फ 4.6 वर्ष अच्छे जीवन के रहने का अनुमान है। इसके मुकाबले शहरी पुरुषों के लिए 19.1 वर्ष की शेष जिंदगी में 10.2 वर्ष अच्छे जीवन के हैं।

    मुंबई स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज, यूनिवर्सिटी ऑफ विएना और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अध्ययन में यह तस्वीर सामने आई है। अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल सोशल इंडीकेटर्स रिसर्च में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने भारत में बुजुर्गों की स्थिति समझने के लिए आंकड़ों का विश्लेषण किया है।


    पुरुषों में शरीर, महिलाओं में संज्ञानात्मक स्वास्थ्य बड़ी चुनौती

    अध्ययन में अच्छे जीवन के वर्षों में राज्यों के बीच अंतर के कारण भी अलग-अलग दिखाई दिए। पुरुषों के मामले में करीब 45 फीसदी अंतर कार्यात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा था, जबकि संज्ञानात्मक स्वास्थ्य का योगदान करीब 31 फीसदी रहा। महिलाओं में स्थिति उलट थी। उनके राज्यों के बीच अंतर में करीब 46 फीसदी हिस्सा संज्ञानात्मक स्वास्थ्य और 31 फीसदी कार्यात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा था।ग्रामीण महिलाओं की स्थिति विशेष चिंता पैदा करती है। निर्धारित संज्ञानात्मक स्वास्थ्य कसौटी पर जहां 96 फीसदी शहरी पुरुष खरे उतरते हैं, वहीं ग्रामीण महिलाओं में यह हिस्सा करीब 69 फीसदी था।

    राज्यों में भी बड़ा फासला: 60 वर्ष की उम्र में पंजाब के पुरुषों के लिए अच्छे जीवन के वर्ष 12.9 रहे, जो उनकी शेष जीवन प्रत्याशा का करीब 63 फीसदी है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बुजुर्ग पुरुषों के अच्छे जीवन के वर्ष करीब 6.5 से 6.8 के बीच रहे।महिलाओं में केरल की ग्रामीण महिलाओं की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। वहां 60 वर्ष की उम्र के बाद 10.1 वर्ष अच्छे जीवन के रहे, जो शेष जीवन का करीब 46 फीसदी है। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा 3.8 वर्ष और महाराष्ट्र की ग्रामीण महिलाओं में महज 2.7 वर्ष रहा।


    नीति के लिए बड़ा संकेत:

    अध्ययन का संकेत साफ है बुजुर्गों के लिए नीति का लक्ष्य केवल जीवन प्रत्याशा बढ़ाना नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पुनर्वास, फिजियोथेरेपी, सहायक उपकरण, घरेलू देखभाल और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी जरूरी हैं। महिलाओं के लिए जीवनभर शिक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे कारक भी उम्र बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

  • Honor Magic 9 Super Edition लॉन्च, 11,000mAh बैटरी और 200MP कैमरे के साथ मिलेंगे दमदार फीचर्स

    Honor Magic 9 Super Edition लॉन्च, 11,000mAh बैटरी और 200MP कैमरे के साथ मिलेंगे दमदार फीचर्स

    नई दिल्ली। Honor ने अपने होम मार्केट चीन में Magic 9 सीरीज लॉन्च कर दी है। इस सीरीज में कंपनी ने तीन स्मार्टफोन पेश किए हैं, जिनमें Magic 9, Magic 9 Pro Max और Magic 9 Super Edition शामिल हैं। इनमें Super Edition को खास तौर पर बड़ी बैटरी, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा और ब्राइट OLED डिस्प्ले के साथ पेश किया गया है। फोन में 11,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जबकि फोटोग्राफी के लिए 200MP का मुख्य कैमरा मिलता है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 10,000 निट्स तक है।

    Honor Magic 9 Super Edition में 11,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 80W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसके अलावा फोन में 50W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी दिया गया है। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.81 इंच का OLED पैनल मिलता है। इसका रेजॉल्यूशन 2788 x 1280 पिक्सल है और यह 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। डिस्प्ले में 1.07 बिलियन कलर्स का सपोर्ट दिया गया है। इसकी पीक ब्राइटनेस 10,000 निट्स तक है। फोन का स्क्रीन-टू-बॉडी रेश्यो 95.5 प्रतिशत है, जबकि इसमें 1.03mm के नैरो बैजल्स दिए गए हैं।

    परफॉर्मेंस के लिए Honor Magic 9 Super Edition में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इसके साथ LPDDR5X रैम और UFS 4.1 स्टोरेज मिलती है। कंपनी ने इस फोन को तीन मेमोरी कॉन्फिगरेशन में लॉन्च किया है। इनमें 12GB रैम के साथ 256GB स्टोरेज, 12GB रैम के साथ 512GB स्टोरेज और 16GB रैम के साथ 512GB स्टोरेज विकल्प शामिल हैं। कैमरा सेटअप की बात करें तो फोन में ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है। इसका मुख्य कैमरा 200MP का Samsung S5KHP5 सेंसर है, जिसका साइज 1/1.55 इंच और अपर्चर f/1.9 है। यह कैमरा OIS यानी ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट करता है।

    मुख्य कैमरे के साथ फोन में 50MP का Sony LYTIA 500 टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। यह 3x ऑप्टिकल जूम और OIS सपोर्ट करता है। इसके अलावा फोन में 12MP का अल्ट्रावाइड कैमरा भी मिलता है, जिसमें ऑटोफोकस का सपोर्ट दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन के फ्रंट में 50MP का कैमरा मौजूद है। इस तरह फोन में हाई-रिजॉल्यूशन मुख्य कैमरे के साथ टेलीफोटो और अल्ट्रावाइड कैमरा का संयोजन मिलता है।

    चीन में Honor Magic 9 Super Edition की शुरुआती कीमत 4,499 युआन रखी गई है, जो भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 54,000 रुपये है। इसके 12GB + 512GB मॉडल की कीमत 4,999 युआन यानी करीब 63,000 रुपये है, जबकि 16GB + 512GB वेरिएंट 5,499 युआन यानी करीब 72,000 रुपये में लॉन्च किया गया है। फोन को चीन में Popcorn Yellow, Curtain Black, Opening Statement और Olive Green कलर विकल्पों में खरीदा जा सकता है। Magic 9 सीरीज में Magic 9 और Magic 9 Pro Max के साथ Super Edition को शामिल किया गया है, जिसमें कंपनी ने बड़ी बैटरी, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा और ब्राइट OLED डिस्प्ले पर खास फोकस किया है।

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  • MP: शिवपुरी के करैरा में कुएं में मिले मां-बेटे का शव…. महिला ने मासूम को दुपट्टे से बांध रखा था

    MP: शिवपुरी के करैरा में कुएं में मिले मां-बेटे का शव…. महिला ने मासूम को दुपट्टे से बांध रखा था


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) के करैरा (Karera) में पुलिस लाइन के नीचे बने ‘पीपल वाले कुएं’ में एक महिला और उसके बेटे का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. घटना की सूचना मिलते ही करैरा थाना प्रभारी (टीआई) विनोद छाबई पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. पुलिस ने नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की मदद से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकाला और पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

    मृतका की पहचान शिवानी विश्वकर्मा पत्नी भूपेंद्र विश्वकर्मा निवासी करैरा के रूप में हुई है. दिल दहला देने वाली बात यह सामने आई है कि महिला ने अपने 7 साल के मासूम बेटे को अपने दुपट्टे से बांधकर कुएं में छलांग लगाई थी.


    पति से विवाद के बाद दिल्ली से आई थी मायके

    परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, शिवानी का अपने पति भूपेंद्र से विवाद चल रहा था. इसी अनबन के कारण वह करीब एक से डेढ़ महीने पहले दिल्ली से अपने 7 वर्षीय बेटे को लेकर करैरा स्थित अपने मायके आई हुई थी।


    ‘वोट चोरी नहीं हो रहे, जनता ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया…
    ‘
    मंगलवार को महिला और उसका बेटा अचानक घर से लापता हो गए थे. परिजनों ने उस वक्त ज्यादा खोजबीन नहीं की, क्योंकि उन्हें लगा कि शिवानी अपने पति से बात करके वापस दिल्ली लौट गई होगी. लेकिन बुधवार को जब कुएं में दोनों के शव मिलने की खबर फैली, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

    पूरे मामले पर करैरा टीआई विनोद छाबई ने बताया, ”पुलिस लाइन के नीचे स्थित कुएं में महिला और उसके बच्चे का शव बरामद किया गया है. प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है. मौत के सटीक कारणों और समय का वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

  • सामाजिक और आर्थिक बदलाव की राह पर भारत…. देश के 2.8 करोड़ बच्चे बने पहली शिक्षित पीढ़ी

    सामाजिक और आर्थिक बदलाव की राह पर भारत…. देश के 2.8 करोड़ बच्चे बने पहली शिक्षित पीढ़ी


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में करीब 2.8 करोड़ बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने अपने परिवार में छह साल की स्कूली शिक्षा (School Education) पूरी करने वाली पहली पीढ़ी बनकर पीढ़ियों से चले आ रहे अभाव के बीच बदलाव की नई शुरुआत की है। यह आंकड़ा बताता है कि शिक्षा अब केवल बच्चों के भविष्य को बदलने का माध्यम नहीं, बल्कि परिवारों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव (Social and Economic changes) की राह भी बना रही है। हालांकि, वैश्विक आंकड़े यह भी बताते हैं कि शिक्षा की इस प्रगति को टिकाऊ बनाने के लिए बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और घर की बुनियादी सुविधाओं पर भी समान ध्यान देना होगा।

    ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (ओपीएचआई) के अध्ययन में विकासशील देशों में बच्चों की गरीबी, कुपोषण और शिक्षा की स्थिति का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और ओपीएचआई के वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें गरीबी को केवल परिवार की आय से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से जुड़े कई अभावों के आधार पर देखा गया है।

    रिपोर्ट के अनुसार भारत में शिक्षा की पहली पीढ़ी बनने वाले 2.8 करोड़ बच्चों का आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक बच्चे का स्कूल पहुंचना केवल उसके व्यक्तिगत जीवन में बदलाव नहीं लाता। जब किसी परिवार में पहली बार कोई बच्चा छह साल की स्कूली शिक्षा पूरी करता है, तो वह अगली पीढ़ी के लिए शिक्षा को सामान्य और जरूरी बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाता है।

    अध्ययन के अनुसार दुनिया के 108 देशों में 10 से 17 वर्ष की उम्र के करीब 7.1 करोड़ बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने अपने परिवार में कम से कम छह साल की स्कूली शिक्षा पूरी करने वाली पहली पीढ़ी का दर्जा हासिल किया है। इनमें करीब आधे बच्चे दक्षिण एशिया में हैं। भारत इस बदलाव में सबसे बड़ी हिस्सेदारी वाले देशों में शामिल है।

    दक्षिण एशिया में भारत के अलावा बांग्लादेश में 30 लाख से अधिक, पाकिस्तान में करीब 20 लाख, नेपाल में 8.37 लाख और अफगानिस्तान में करीब 5.08 लाख बच्चे इस श्रेणी में हैं। भारत, भूटान और बांग्लादेश में इस तरह अपने परिवार की पहली शिक्षित पीढ़ी बनने वाली बच्चियों की हिस्सेदारी लड़कों की तुलना में अधिक पाई गई है। बच्चों के जीवन में शिक्षा और पोषण की चुनौतियां एक-दूसरे से अलग नहीं हैं। अध्ययन में विकासशील देशों के पांच साल से कम उम्र के 51.8 करोड़ बच्चों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इनमें 25.2 करोड़ बच्चे कुपोषण, बहुआयामी गरीबी या दोनों से प्रभावित पाए गए।


    महिलाओं की शिक्षा से भी जुड़ी बच्चों की स्थिति

    बहुआयामी गरीबी में रहने वाले दो-तिहाई से अधिक बच्चे ऐसे परिवारों से हैं, जहां किसी महिला ने छह साल की स्कूली शिक्षा पूरी नहीं की है। स्कूल से बाहर रहने वाले गरीब बच्चों में यह अनुपात करीब 82 फीसदी है।


    शिक्षा की राह खुली, मंजिल दूर

    अध्ययन की तस्वीर में भारत के लिए एक तरफ 2.8 करोड़ बच्चों की उपलब्धि उम्मीद पैदा करती है तो दूसरी तरफ यह भी स्पष्ट करती है कि शिक्षा को गरीबी से स्थायी मुक्ति का माध्यम बनाने के लिए कई मोर्चों पर एक साथ काम करना होगा। पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छ पानी, स्वच्छता, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं के बिना केवल स्कूल तक पहुंच सुनिश्चित करना पर्याप्त नहीं होगा।


    13.6 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर

    108 देशों में स्कूल जाने की उम्र के करीब 104 करोड़ बच्चों के आंकड़ों में 13.6 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर पाए गए। इनमें 11 करोड़ यानी 80 फीसदी से अधिक बच्चे बहुआयामी गरीबी में भी हैं। अध्ययन के अनुसार, स्कूल से बाहर रहने वाले गरीब बच्चों को औसतन पांच अन्य प्रकार के अभावों का भी सामना करना पड़ता है।

  • Kedarnath : बासुकीताल ट्रेक पर गया पांच सदस्यीय ट्रेकिंग दल लापता… दो जवान भी शामिल

    Kedarnath : बासुकीताल ट्रेक पर गया पांच सदस्यीय ट्रेकिंग दल लापता… दो जवान भी शामिल


    रुद्रप्रयाग।
    केदारनाथ (Kedarnath)- बासुकीताल ट्रेक (Vasuki Taal Trek) पर गए पांच सदस्यीय ट्रेकिंग दल लापता हो गया। इनमें दो पीएसी जवान (Two PAC personnel) भी शामिल हैं। दल से संपर्क टूटने के बाद मंगलवार को रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया है। इनमें से एक ट्रेकर के परिजन यशवंत सिंह चौहान (Yashwant Singh Chauhan) ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) को सूचना दी कि उनका भाई प्रवेश चौहान अपने पांच साथियों के साथ 25 सितंबर को केदारनाथ-बासुकीताल ट्रेक पर गए थे। दल की योजना ओडिन कॉल होते हुए गंगोत्री पहुंचने की थी। परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।

    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस नियंत्रण कक्ष और वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर को अवगत कराया गया। साथ ही 40वीं वाहिनी पीएसी से समन्वय स्थापित किया गया।


    कौन-कौन हैं लापता

    लापता ट्रेकर्स में अमित फर्सवाण (40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार), नवीन रावत (40वीं वाहिनी पीएसी रुद्रप्रयाग), प्रवेश चौहान (फॉरेस्टर, उत्तरकाशी), विवेक (निवासी जग्गी बगवान) और संजय सिंह रावत (पशुपालन विभाग केदारनाथ) शामिल हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने खोजबीन शुरू कर दी है। हेलीकॉप्टर से भी सर्च अभियान चलाया गया किन्तु कम दृश्यता से अभियान स्थगित करना पड़ा।


    कालिंदी पास पर रेस्क्यू पूरा, 67 ट्रेकर्स निकाले

    उत्तरकाशी। कालिंदी पास और ओडिन कॉल क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के बीच फंसे 139 पर्वतारोही, ट्रेकर्स और सहयोगी स्टाफ की सुरक्षित वापसी के लिए मंगलवार को रेस्क्यू अभियान चलाया गया। दूसरे दिन भी 27 पर्वतारोही, ट्रेकरों और पोर्टर्स को हेलीकॉप्टरों से सुरक्षित निकाला गया। इसके साथ मंगलवार दोपहर तक तक यह अभियान पूरा हो गया है। दूसरी ओर क्षेत्र में पर्वतारोहण अभियानों पर गए 72 पर्वतारोहियों और ट्रेकरों ने अभियान जारी रखने का निश्चय किया है।

    उनका कहना है कि वे स्वयं वापस लौट जाएंगे। अभियान में अब तक कुल 67 सदस्यों को हेलीकॉप्टरों से निकाला जा चुका है। इनमें ओडिन कॉल पास से 29, जोगिन वन से आठ, सतोपंथ से 08, कालिंदी पास से 19 और वासुकीताल से तीन लोग शामिल हैं। सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। बता दें कि गत सप्ताह बारिश-बर्फबारी से 139 ट्रेकर फंस गए थे।


    सुरक्षित निकाले गए 27 ट्रेकर्स

    सोमवार को पहले दिन 40 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। मौसम अनुकूल न होने पर अभियान रोकना पड़ा। मंगलवार को मौसम साफ होने पर सुबह से फिर अभियान शुरू किया गया। इस दौरान कालिंदी पास से आठ, जोगिन वन से आठ और सतोपंथ पीक बेस कैंप से नौ ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित हर्षिल लाया गया। वासुकीताल क्षेत्र से दो आर्मी पोर्टर्स को भी रेस्क्यू किया गया।

  • बुधवार का व्रत करने से पहले जान लें पूजा की सही विधि सुबह से शाम तक इन नियमों का रखें ध्यान मिलेगा शुभ फल

    बुधवार का व्रत करने से पहले जान लें पूजा की सही विधि सुबह से शाम तक इन नियमों का रखें ध्यान मिलेगा शुभ फल


    नई दिल्ली। बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध देव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को बुद्धि विवेक और एकाग्रता की प्राप्ति होती है। कई लोग बुधवार का व्रत अपने जीवन में सुख समृद्धि और कार्यों में सफलता की कामना से रखते हैं। माना जाता है कि बुध ग्रह का संबंध बुद्धि वाणी शिक्षा व्यापार और तर्क क्षमता से है। इसलिए बुधवार को विधि विधान से पूजा करने की परंपरा है।

    बुधवार व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थान की साफ सफाई करके भगवान गणेश और बुध देव का ध्यान करना चाहिए। पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से करना शुभ माना जाता है क्योंकि उन्हें विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है। गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार फल फूल तथा प्रसाद चढ़ाएं।

    इसके बाद बुध देव की पूजा करें। पूजा स्थान पर बुध देव का ध्यान करते हुए दीपक और धूप जलाएं। हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है इसलिए पूजा में हरे वस्त्र या हरे फल का उपयोग किया जा सकता है। श्रद्धा के अनुसार हरे मूंग का दान भी किया जाता है। इसके बाद बुध देव के मंत्र का जाप करें। जो लोग मंत्र जाप करते हैं वे अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार जाप की संख्या निर्धारित कर सकते हैं।

    बुधवार व्रत में भोजन को लेकर अलग अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं। कुछ लोग पूरे दिन उपवास रखते हैं जबकि कुछ लोग फलाहार करते हैं। व्रत की अपनी पारिवारिक और धार्मिक परंपरा के अनुसार ही भोजन करना उचित माना जाता है। फलाहार में फल दूध और अन्य सात्विक चीजों का सेवन किया जा सकता है। व्रत के दौरान मन को शांत रखना और नकारात्मक विचारों से बचना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

    पूजा के दौरान भगवान गणेश की आरती करें और बुध देव का स्मरण करें। इसके बाद अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें। बुधवार व्रत में जरूरतमंद व्यक्ति को हरे रंग की वस्तु हरे मूंग या अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्य सामग्री का दान करने की भी परंपरा है। दान करते समय दिखावे से बचना चाहिए और श्रद्धा को महत्व देना चाहिए।

    बुधवार व्रत करने वालों को इस दिन किसी के साथ कटु वाणी का प्रयोग करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में बुध ग्रह को वाणी और बुद्धि से जोड़ा जाता है इसलिए मीठा बोलने और संयमित व्यवहार करने को विशेष महत्व दिया जाता है। किसी का अपमान करना या क्रोध में आकर विवाद करना भी उचित नहीं माना जाता।

    व्रत समाप्त करने के लिए पूजा और आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक बुधवार का व्रत कर रहा है तो व्रत की संख्या और उद्यापन की परंपरा अपने परिवार की मान्यता या किसी योग्य आचार्य की सलाह के अनुसार तय कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि व्रत में श्रद्धा संयम और सात्विक आचरण बनाए रखा जाए।

  • गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग

    गांव में शराब लेकर पहुंचना पड़ा भारी, महिलाओं ने युवक को पकड़ा, खंभे से बांधा और पेटियों में लगाई आग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा सड़क पर देखने को मिला। मंगलवार को समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे दो बाइक सवारों को महिलाओं ने घेर लिया। दोनों युवकों ने मौके से भागने की कोशिश की लेकिन महिलाओं ने उनका पीछा कर लिया और पीछे बैठे एक व्यक्ति को पकड़ लिया। इसके बाद महिलाओं ने शराब की पेटियां अपने कब्जे में लेकर उन्हें सड़क पर फेंक दिया और आग लगा दी। पकड़े गए युवक को रस्सी से एक खंभे में बांध दिया गया और पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें महिलाओं का विरोध और शराब की पेटियों को जलाने का दृश्य दिखाई दे रहा है।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार को दो बाइक सवार समोहा गांव में शराब की पेटियां लेकर पहुंचे थे। गांव में उनकी गतिविधियों को देखकर महिलाओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। बाइक सवारों ने वहां से निकलने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं उनके पीछे दौड़ पड़ीं। इस दौरान एक व्यक्ति महिलाओं के हाथ लग गया जबकि दूसरा मौके से निकल गया। महिलाओं ने पकड़े गए युवक को रस्सी से खंभे से बांध दिया। इसके बाद शराब की पेटियों को सड़क पर रखकर उनमें आग लगा दी गई। मामले की सूचना मिलने के बाद करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अपने साथ थाने ले गई।

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान सुरेंद्र राय के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और गांव में इसकी सप्लाई कौन कर रहा था। साथ ही दूसरे बाइक सवार और शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

    वहीं गांव की महिलाओं का आरोप है कि समोहा में कई जगहों पर अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। महिलाओं का दावा है कि गांव में करीब तीन स्थानों पर शराब की बिक्री होती है और कुछ लोग परचून की दुकानों की आड़ में शराब बेच रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में आसानी से शराब उपलब्ध होने के कारण परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस से अवैध शराब की बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।

    महिलाओं के इस विरोध को हाल में सागर में शराब से हुई मौतों के बाद शराब की अवैध बिक्री को लेकर बढ़ी चिंता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि शिवपुरी की इस घटना में पुलिस की कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शराब की सप्लाई का पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। फिलहाल गांव में महिलाओं के इस तरह सड़क पर उतरकर विरोध करने की घटना चर्चा में है। पुलिस ने पकड़े गए युवक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और अवैध शराब की बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।