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  • अमित शाह के दौरे से पहले भोपाल में हलचल तेज, CM ने ली तैयारियों की जानकारी, पदोन्नति पर भी चर्चा

    अमित शाह के दौरे से पहले भोपाल में हलचल तेज, CM ने ली तैयारियों की जानकारी, पदोन्नति पर भी चर्चा


    भोपाल ।  केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मध्यप्रदेश दौरे को लेकर भोपाल में तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में दौरे से जुड़े इंतजामों के साथ ही सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों से पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में संभावित बदलावों को लेकर जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने आने वाले समय में फिर से शुरू की जाने वाली पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने पदोन्नति से संबंधित प्रस्तावित सुझावों और प्रक्रिया में किए जाने वाले संभावित बदलावों की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि विभागीय स्तर पर लंबित मामलों को किस तरह आगे बढ़ाया जाए और संबंधित प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाए।

    बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह समेत अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। मंत्रियों ने अपने अपने विभागों से संबंधित विषयों की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी। विभागीय योजनाओं की प्रगति और आने वाले कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की गई। पशुपालन विभाग से जुड़े मामलों को भी बैठक में विशेष रूप से शामिल किया गया क्योंकि अमित शाह के भोपाल प्रवास के दौरान इस विभाग से संबंधित योजनाओं का शुभारंभ प्रस्तावित है।

    अमित शाह मध्यप्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आने वाले हैं। उनके कार्यक्रम में भोपाल सहकारी दुग्ध संघ परिसर में तैयार किए गए फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का शुभारंभ प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर को इस संयंत्र का उद्घाटन किया जाएगा। इस प्लांट को मध्यप्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना के तौर पर तैयार किया गया है।

    फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट की कुल परियोजना लागत 16.80 करोड़ रुपए बताई गई है। इसमें भारत सरकार की ओर से 6 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया है जबकि भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने 10.80 करोड़ रुपए का अंशदान किया है। प्लांट की दूध प्रसंस्करण क्षमता करीब 40 हजार लीटर प्रतिदिन है। इसके जरिए दूध से जुड़े मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ाने की योजना है।

    अमित शाह के दौरे को लेकर सरकार और प्रशासन की तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री की बैठक में कार्यक्रमों से जुड़े विभागों को लेकर अलग अलग स्तर पर चर्चा हुई। साथ ही शासन के स्तर पर चल रही पदोन्नति और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया भी बैठक के प्रमुख विषयों में रही। ऐसे में एक ही बैठक में प्रशासनिक मामलों और केंद्रीय मंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा हुई।

    अब अमित शाह के दौरे से जुड़े कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के साथ ही संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय करने पर फोकस है। वहीं पदोन्नति प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलावों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से दिए गए सुझावों पर आगे की कार्रवाई को लेकर भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इन मामलों से जुड़े फैसलों और कार्यक्रमों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

  • भोपाल IAS मर्डर केस: घर में गला रेती लाश और फरार केयरटेकर ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती लूट से लेकर पुराने विवाद तक जांच

    भोपाल IAS मर्डर केस: घर में गला रेती लाश और फरार केयरटेकर ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती लूट से लेकर पुराने विवाद तक जांच


    नई दिल्ली। भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद पुलिस की जांच कई एंगल पर आगे बढ़ रही है। 30 सितंबर की सुबह अग्रवाल अपने घर में मृत मिले थे। उनके गले पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान थे। घटना के बाद पुलिस ने घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही उनके पुराने विवादों और हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। जांच में करीब 11 महीने पुराने एक करोड़ रुपए से अधिक के कथित धोखाधड़ी मामले का एंगल भी सामने आया है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पुराने मामले का हत्या से सीधा संबंध है।

    जानकारी के मुताबिक राकेश अग्रवाल ने करीब 11 महीने पहले अपने पूर्व परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी। आरोप था कि कंपनी में निवेश कराने और बेहतर रिटर्न दिलाने का भरोसा देकर उनसे एक करोड़ रुपए से अधिक की रकम अलग अलग किस्तों में ली गई थी। रकम वापस नहीं मिलने के बाद उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद अक्टूबर 2025 में पुलिस ने अजीत पाटनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था और उसे गिरफ्तार किया गया था। अब इसी मामले में अग्रवाल की गवाही और अदालत में चल रही कार्रवाई को भी पुलिस जांच के दायरे में रख रही है।

    पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या गवाही या कोर्ट की कार्रवाई को लेकर राकेश अग्रवाल पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था। हालांकि अभी तक ऐसा कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि पुराने धोखाधड़ी मामले के कारण ही हत्या हुई। पुलिस दोनों घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

    इस बीच हत्या की जांच में घर के केयरटेकर अरुण का नाम प्रमुखता से सामने आया है। पुलिस के अनुसार वारदात रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच होने की आशंका है। इसके बाद करीब 2 बजकर 15 मिनट पर अरुण सीसीटीवी कैमरे में सूरज नगर से भदभदा की तरफ जाता दिखाई दिया। फुटेज में उसके पास पिट्ठू बैग भी नजर आने की बात सामने आई है। घटना के बाद से वह फरार है। पुलिस की पांच टीमें और क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में जुटी हैं। उसकी आखिरी लोकेशन कुरवाई बीना रोड की ओर मिलने की जानकारी भी सामने आई है।

    पुलिस लूट के एंगल की भी जांच कर रही है। घर में सामान और अलमारी की स्थिति को देखते हुए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या हत्या के पीछे चोरी या लूट का मकसद था। इसके साथ ही मृतक के पुराने मामलों कोर्ट से जुड़े दस्तावेज परिचितों और हाल के संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

    पुलिस को यह भी पता चला है कि केयरटेकर को एक होम हेल्थ केयर एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के घर काम पर रखा गया था। पुलिस एजेंसी के कार्यालय पहुंचकर उसके दस्तावेज नौकरी से जुड़ी जानकारी और पुलिस वेरिफिकेशन से संबंधित रिकॉर्ड जुटा रही है। इन दस्तावेजों के आधार पर उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस केयरटेकर की गिरफ्तारी को अहम मान रही है। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के बाद हत्या की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर तस्वीर ज्यादा साफ हो सकती है। मुख्यमंत्री ने भी डीजीपी को मामले की निगरानी करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस पुराने धोखाधड़ी विवाद लूट और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

  • गुरुवार व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां पूजा से लेकर व्रत खोलने तक जानें पूरी विधि और जरूरी नियम

    गुरुवार व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां पूजा से लेकर व्रत खोलने तक जानें पूरी विधि और जरूरी नियम


    नई दिल्ली। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन श्रद्धा और नियम के साथ व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख शांति समृद्धि और सौभाग्य की कामना की जाती है। माना जाता है कि बृहस्पति ग्रह से जुड़े दोषों को शांत करने और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए गुरुवार का व्रत किया जाता है। अगर आप भी गुरुवार का व्रत रखने जा रहे हैं तो पूजा की सही विधि और व्रत के नियमों को जानना जरूरी है।

    गुरुवार व्रत के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए। इसके बाद साफ और संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ करने के बाद भगवान विष्णु की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति का ध्यान करें। पूजा के लिए पीले फूल पीला चंदन हल्दी केले और पीली मिठाई जैसी सामग्री रखी जा सकती है। भगवान विष्णु को पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करना शुभ माना जाता है।

    पूजा शुरू करने से पहले भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान विष्णु को जल अर्पित करें और पूजा सामग्री चढ़ाएं। घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें। इस दौरान विष्णु मंत्र का जाप किया जा सकता है। बृहस्पति देव की कृपा के लिए ॐ बृं बृहस्पतये नमः मंत्र का जाप भी श्रद्धानुसार किया जा सकता है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु की कथा सुनना या पढ़ना भी शुभ माना जाता है।

    गुरुवार के व्रत में भोजन को लेकर अलग अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं। कुछ लोग पूरे दिन फलाहार करते हैं जबकि कुछ लोग दिन में एक बार सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। व्रत की परंपरा के अनुसार भोजन में पीली चीजों जैसे केले चने की दाल या बेसन से बने सात्विक पकवान को शामिल किया जा सकता है। नमक और अन्य खाद्य पदार्थों को लेकर भी अलग अलग धार्मिक मान्यताएं हैं इसलिए अपने परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत रखना उचित माना जाता है।

    गुरुवार के दिन दान का भी विशेष महत्व माना जाता है। सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को पीले वस्त्र चने की दाल गुड़ केले या अन्य उपयोगी सामग्री का दान किया जा सकता है। कुछ परंपराओं में केले के पेड़ की पूजा करने की भी मान्यता है। हालांकि पूजा की विधि और नियम क्षेत्र तथा परिवार की परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं।

    गुरुवार व्रत के दौरान मन और वाणी की शुद्धता पर भी ध्यान देना चाहिए। किसी का अपमान करने झूठ बोलने या अनावश्यक विवाद करने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने और भगवान विष्णु का स्मरण करने को महत्व दिया जाता है। व्रत का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग करना नहीं बल्कि संयम श्रद्धा और सकारात्मक आचरण के साथ दिन बिताना भी माना जाता है।

    अगर किसी व्यक्ति ने गुरुवार के व्रत की निश्चित संख्या का संकल्प लिया है तो निर्धारित व्रत पूरे होने के बाद अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उद्यापन किया जा सकता है। उद्यापन में भगवान विष्णु की विधिवत पूजा कथा आरती और सामर्थ्य के अनुसार दान किया जाता है। इस तरह श्रद्धा और नियमपूर्वक गुरुवार का व्रत पूरा किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी इन बातों को आस्था के रूप में लेना चाहिए और पूजा की विधि अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अपनानी चाहिए।

  • आज का राशिफल 1 अक्टूबर 2026: इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते धन लाभ के साथ बनेंगे कामयाबी के योग

    आज का राशिफल 1 अक्टूबर 2026: इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते धन लाभ के साथ बनेंगे कामयाबी के योग


    नई दिल्ली। आज का दिन कई राशियों के लिए नई उम्मीद और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। ग्रहों की स्थिति के प्रभाव से कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के संकेत हैं तो कुछ राशि वालों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। नौकरी करने वाले लोगों को अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान देना होगा। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नई योजना बनाने और पुराने संपर्कों से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय को लेकर बातचीत हो सकती है। आइए जानते हैं मेष से मीन राशि तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा 1 अक्टूबर 2026 का दिन।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता से अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा।

    वृषभ राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके लिए उपयोगी रहेगी। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें और आराम के लिए समय निकालें।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन संपर्क और बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। आपकी कोई योजना लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती है। नौकरी में बदलाव को लेकर विचार कर रहे हैं तो जल्दबाजी न करें। खर्च बढ़ सकता है इसलिए बजट का ध्यान रखें। रिश्तों में छोटी बात को बड़ा बनाने से बचें।

    कर्क राशि के लिए आज परिवार से जुड़ा कोई फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है। घर में सुखद माहौल बना रहेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत का असर दिखाई देगा। किसी पुराने मित्र से बातचीत हो सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहने की संभावना है। यात्रा की योजना बन सकती है।

    सिंह राशि वालों को आज अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाने का मौका मिल सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर सामने आ सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है। निवेश से जुड़े फैसले सोच समझकर लें। परिवार में आपकी बात को महत्व मिलेगा।

    कन्या राशि के लिए आज का दिन व्यवस्थित तरीके से काम करने का है। आपकी मेहनत से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। नौकरी में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। पैसों से जुड़े मामलों में अनावश्यक जोखिम लेने से बचना बेहतर रहेगा।

    तुला राशि वालों के लिए आज रिश्तों और साझेदारी का दिन रह सकता है। कारोबार में साझेदार के साथ किसी योजना पर चर्चा हो सकती है। नौकरी में आपकी कार्यशैली की प्रशंसा हो सकती है। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी मिलेगी। मन को शांत रखने के लिए सकारात्मक गतिविधियों में समय दें।

    वृश्चिक राशि वालों को आज अपनी योजनाओं को गोपनीय रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है लेकिन आपकी मेहनत आपको आगे रख सकती है। धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। पुराने विवाद को बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें।

    धनु राशि के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में तरक्की से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नई डील की संभावना बन सकती है। यात्रा से लाभ मिल सकता है। परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगा।

    मकर राशि वालों के लिए आज जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। काम का दबाव रहेगा लेकिन परिणाम भी संतोषजनक मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नई योजना बना सकते हैं। किसी करीबी से मन की बात साझा करने से तनाव कम होगा।

    कुंभ राशि के जातकों को आज रचनात्मक कामों में सफलता मिल सकती है। आपकी नई सोच कार्यक्षेत्र में पहचान दिला सकती है। धन संबंधी मामलों में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। दोस्तों के साथ अच्छा समय बीतेगा। किसी भी फैसले में जल्दबाजी करने से बचें।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। कारोबार में लाभ की संभावना बन सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। कुल मिलाकर आज का दिन धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का है।

  • शनि बदलेंगे नक्षत्र, 83 दिनों तक 5 राशियों पर बरसेगी कृपा, धन-करियर से विदेश यात्रा तक बनेंगे योग

    शनि बदलेंगे नक्षत्र, 83 दिनों तक 5 राशियों पर बरसेगी कृपा, धन-करियर से विदेश यात्रा तक बनेंगे योग


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को शनि रेवती नक्षत्र से निकलकर अपने ही स्वामित्व वाले उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 5 राशियों के लिए आने वाले करीब 83 दिन विशेष रूप से शुभ माने जा रहे हैं।

    ज्योतिष के अनुसार, शनि देव जब राशि, चाल या नक्षत्र में परिवर्तन करते हैं तो उसका प्रभाव व्यक्ति के कर्म, कार्यक्षेत्र, आर्थिक स्थिति और जीवन के दूसरे पहलुओं पर देखने को मिलता है। इस बार शनि का गोचर इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी स्वयं शनि देव हैं।

    द्रिक पंचांग के मुताबिक, शनि देव 9 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजकर 28 मिनट पर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। साल के अंत तक करीब 83 दिनों तक इसी नक्षत्र में रहने के दौरान ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ राशियों को धन, करियर, शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

    वृषभ राशि: आर्थिक परेशानियां कम होने के संकेत

    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन नई उम्मीद और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आने वाला माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियों और मानसिक तनाव में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं।

    धन की आवक में सुधार होने से अटके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी शांति और उत्साह का माहौल बन सकता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस अवधि में आर्थिक मामलों को व्यवस्थित करने के साथ पुराने काम पूरे करने के अवसर मिल सकते हैं।

    मिथुन राशि: खुलेंगे धन लाभ के नए रास्ते

    मिथुन राशि वालों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन लाभकारी माना जा रहा है। इस दौरान किए गए प्रयासों में सफलता मिलने की संभावना जताई गई है। आर्थिक पक्ष मजबूत हो सकता है और अचानक धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं।

    लंबे समय से अटके व्यावसायिक काम तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए नई योजनाओं पर काम करने और पुराने प्रोजेक्ट पूरे करने का समय अनुकूल रहने की ज्योतिषीय मान्यता है।

    कन्या राशि: पढ़ाई में मेहनत का मिल सकता है फल

    कन्या राशि के जातकों के लिए शनि के नक्षत्र में बदलाव के बाद आने वाले 83 दिन सुखद और सुकून भरे माने जा रहे हैं। व्यस्त दिनचर्या के बीच परिवार के साथ समय बिताने के मौके मिल सकते हैं।

    प्रतियोगी परीक्षा या उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने और पढ़ाई से जुड़े लक्ष्यों में प्रगति के योग बन सकते हैं।

    तुला राशि: काम की होगी सराहना

    तुला राशि वालों के लिए शनि का यह नक्षत्र गोचर शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। इस दौरान किया गया छोटा प्रयास भी आगे चलकर बड़ा परिणाम दे सकता है।

    कार्यक्षेत्र में मेहनत की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के योग हैं। लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी में राहत मिलने की संभावना भी ज्योतिषीय मान्यताओं में जताई गई है। स्वास्थ्य के मामले में भी इस अवधि में सुधार के संकेत बताए गए हैं, हालांकि ऐसे मामलों में वास्तविक स्वास्थ्य समस्या के लिए चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

    मकर राशि: विदेश से जुड़े काम में बन सकता है अवसर

    मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं। ऐसे में ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शनि के अपने नक्षत्र में प्रवेश का मकर राशि पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है। इस दौरान सोचे हुए शुभ कार्य समय पर पूरे होने के योग बन सकते हैं।

    लंबे समय से विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए अवसर बन सकते हैं। विदेश से जुड़ा कारोबार शुरू करने की इच्छा रखने वालों को भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि इस दौरान खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

  • महाराष्ट्र में सूखे का गहराता संकट: 80% फसलें तबाह, जलाशयों में 12% पानी

    महाराष्ट्र में सूखे का गहराता संकट: 80% फसलें तबाह, जलाशयों में 12% पानी


    मुंबई। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में इस बार बारिश की कमी ने खरीफ की फसलों को बर्बाद कर दिया है। लातूर, बीड और धाराशिव समेत प्रभावित इलाकों में करीब 80 फीसदी फसलें सूख चुकी हैं, जबकि लातूर जिले के 158 जलाशयों में औसत जल भंडारण महज 12.5 फीसदी रह गया है। किसान अब सिर्फ मौजूदा फसल के नुकसान से नहीं, बल्कि अगली फसल के लिए पूंजी जुटाने और परिवार का खर्च चलाने के संकट से भी जूझ रहे हैं।

    आसमान से देखने पर मराठवाड़ा के कई हिस्से भले ही हरे दिखाई दें, लेकिन जमीन पर पहुंचते ही सूखे की भयावह तस्वीर सामने आती है। खेतों में सोयाबीन पीली पड़ चुकी है, कपास की बढ़वार रुक गई है, अरहर मुरझा गई है और गन्ना अपनी सामान्य ऊंचाई तक पहुंचने से पहले ही सूखने लगा है। लातूर, बीड और धाराशिव के आसपास बारिश की बेरुखी ने किसानों की खरीफ की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है।

    खर्च भी नहीं निकलने की चिंता

    मराठवाड़ा में लातूर, बीड, परभणी और धाराशिव सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में हैं। जून से सितंबर के बीच इन इलाकों में सामान्य बारिश 679.5 मिमी के मुकाबले सिर्फ 424.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। बारिश की कमी का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है। पशुओं के चारे, ग्रामीण मजदूरी, घरेलू आमदनी और अगली फसल के लिए जरूरी पूंजी पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है।

    लातूर जिले के देवकरा गांव में पहली बार किसी किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है। दो एकड़ जमीन के काश्तकार तुकाराम गुट्टे ने आत्महत्या कर ली। कीनगांव से आगे बढ़ने पर खेतों में खड़ी फसलों के बजाय सूखे का असर साफ दिखाई देता है। सोयाबीन, कपास और अरहर की फसलें सूख रही हैं।

    हिंगणगांव के किसान तुकाराम अंबाजी करीब 40 एकड़ में खेती करते हैं। उन्होंने फसल पर प्रति एकड़ 30 से 35 हजार रुपए खर्च किए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा हालात देखकर ऐसा लगता है कि फसल से लागत निकलना भी मुश्किल होगा।

    डेढ़ लाख खर्च कर बोई फसल, हटाने में भी 40 हजार लगेंगे

    हगदल गांव के किसान बालाजी मुंडे गन्ने के खेत की ओर इशारा करते हुए बताते हैं कि सामान्य स्थिति में गन्ना 20 से 25 फुट तक ऊंचा होता है, लेकिन इस बार 10 से 12 फुट पर ही उसकी बढ़वार रुक गई है। अब फसल सूखने लगी है।

    मुंडे के मुताबिक, वर्ष 2025 में ज्यादा बारिश ने परेशान किया था और इस साल बारिश की कमी ने संकट खड़ा कर दिया है। सावरगांव रोकड़े के किसान राम बेल्लाडे सोयाबीन, अरहर और ज्वार की खेती करते हैं। उन्होंने आठ एकड़ की फसल पर करीब डेढ़ लाख रुपए खर्च किए हैं।

    अब स्थिति यह है कि यदि फसल पूरी तरह खराब हो जाती है तो खेत साफ करने के लिए भी प्रति एकड़ करीब 5 हजार रुपए खर्च करने पड़ेंगे। यानी आठ एकड़ की फसल हटाने में करीब 40 हजार रुपए और लगेंगे। बेल्लाडे के मुताबिक, फसल में कुछ बचा तो वह सिर्फ मवेशियों के चारे के काम आएगा।

    नदियां सूखीं, जलाशयों में सिर्फ 12.5% पानी

    लातूर और बीड जिलों में तालाबों और जलाशयों में पानी का स्तर भी तेजी से नीचे गया है। लातूर की जीवनवाहिनी मानी जाने वाली माजरा नदी भी सूखने की स्थिति में पहुंच गई है। लातूर शहर से करीब 70 किलोमीटर दूर धाराशिव और बीड की सीमा के पास स्थित माजरा बांध का जलस्तर बेहद नीचे पहुंच चुका है।

    लातूर जिले के 158 जलाशयों में औसत स्टोरेज करीब 12.5 फीसदी ही बचा है। क्षेत्र का नवाबकालीन साइ डैम भी इसी जल इतिहास का हिस्सा है। स्थानीय पत्रकार शशिकांत पाटिल बताते हैं कि कभी साइ डैम के पानी से लातूर की प्यास बुझती थी, लेकिन अब यह इस्तेमाल में नहीं है। उनका कहना है कि जल रिसाव रोकने और पानी के बेहतर प्रबंधन पर पर्याप्त ध्यान दिया जाता तो संकट की तीव्रता कुछ कम की जा सकती थी।

    बुआई से अब फसल हटाने तक पहुंचा संकट

    लातूर और आसपास के किसानों से बातचीत में वर्ष 1972 का सूखा बार-बार सामने आता है। पूर्व जिला परिषद सदस्य त्र्यंबक नारायण गुट्टे इसे 1972 के बाद की सबसे गंभीर सूखा परिस्थितियों में से एक मानते हैं।

    इस बार संकट के संकेत मानसून के शुरुआती महीनों में ही दिखाई देने लगे थे। पहले किसानों के सामने बुआई का संकट था। इसके बाद बारिश की कमी के बीच खड़ी फसल को बचाने की चुनौती आई। अब तीसरा और सबसे गंभीर चरण सामने है—खराब हो चुकी फसल को खेत से हटाना और अगली खेती के लिए पूंजी जुटाना।

    किसानों के लिए समस्या सिर्फ इस साल की फसल के नुकसान तक सीमित नहीं है। यदि मौजूदा फसल से लागत नहीं निकलती और अगली बुआई के लिए पैसा नहीं बचता है तो इसका असर अगले कृषि चक्र पर भी पड़ सकता है।

    राहत के लिए 50 हजार करोड़ तक का बोझ

    महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित इलाकों में राहत प्रक्रिया शुरू करने की दिशा में कदम उठाए हैं। सितंबर के अंत में राज्य के 265 तालुकों के बाद 43 और तालुकों को सूखा प्रभावित सूची में जोड़ा गया है। फसल नुकसान के पंचनामे, पानी और चारे की व्यवस्था समेत राहत उपायों पर चर्चा हुई है।

    अधिकारियों का अनुमान है कि सूखे से निपटने के लिए सरकारी खजाने पर करीब 50 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। हालांकि किसानों के सामने राहत की जरूरत तत्काल है। फसल नुकसान की भरपाई, पीने और खेती के लिए पानी, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने के साथ ही अगली फसल तक परिवार का खर्च चलाने के लिए आय का सहारा भी जरूरी है।

    मराठवाड़ा के खेतों में सूखती फसलें इस संकट की सबसे साफ तस्वीर पेश कर रही हैं। किसानों के लिए अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि इस सीजन की फसल कितनी बची, बल्कि यह भी है कि अगली खेती शुरू करने के लिए वे पूंजी कहां से जुटाएंगे।

  • Form-6 से SIR का अतिरिक्त कॉलम हटने पर अभिजीत दीपके का तंज, बोले- ‘पहले क्यों जरूरत थी?’

    Form-6 से SIR का अतिरिक्त कॉलम हटने पर अभिजीत दीपके का तंज, बोले- ‘पहले क्यों जरूरत थी?’


    नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में ऑनलाइन Form-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है। आयोग के इस फैसले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आयोग के फैसले से जुड़ी खबर साझा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा और लिखा- “पहले क्यों जरूरत थी, ज्ञानू?”

    Form-6 में अब अतिरिक्त घोषणा जरूरी नहीं

    चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए मतदाता पंजीकरण के लिए ऑनलाइन Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा अब नहीं भरनी होगी। यह बदलाव 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की मौजूदगी में हुई पूर्ण आयोग की बैठक के बाद किया गया।

    आयोग के अनुसार, Form-6 के साथ जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा SIR की प्रक्रिया के लिए थी। इसके तहत नए आवेदकों से यह जानकारी मांगी जाती थी कि वे, उनके माता-पिता या दादा-दादी पहले किसी गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची में शामिल थे या नहीं।

    जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया अभी जारी है, वहां यह घोषणा फिलहाल उपलब्ध है। वहीं, जहां प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ECINET ऐप और पोर्टल के साथ संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल से भी इसे हटा दिया गया है। अब ऐसे राज्यों में नए मतदाताओं को केवल ‘मतदाता पंजीकरण नियम, 1960’ के तहत निर्धारित वैधानिक Form-6 भरना होगा।

    Form-6 में बदलाव पर पहले उठे थे सवाल

    Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा जोड़े जाने को लेकर पहले भी विवाद हुआ था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने Form-6 में किए गए बदलाव पर आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि दोनों अधिकारियों ने इस तरह के बदलाव को लेकर कानूनी प्रक्रिया और वैधानिक फॉर्म में संशोधन के अधिकार पर सवाल उठाए थे।

    एक अन्य इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच दोनों चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर 14 अलग-अलग मौकों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें Form-6 में बदलाव के अलावा SIR से जुड़े अन्य मुद्दे भी शामिल थे।

    हालांकि, इन रिपोर्टों पर चुनाव आयोग का कहना रहा है कि आयोग के भीतर होने वाली चर्चाएं और मतभेद निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा अंतिम फैसले पूर्ण आयोग की ओर से लिए जाते हैं।

    दीपके ने सवाल के अंदाज में साधा निशाना

    Form-6 से अतिरिक्त घोषणा हटाए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने इसी पुराने विवाद को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने आयोग के फैसले से संबंधित खबर शेयर करते हुए लिखा- “पहले क्यों जरूरत थी, ज्ञानू?”

    उनकी टिप्पणी का आशय इस बात से था कि अगर SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिरिक्त घोषणा को हटाया जा सकता है, तो इसे Form-6 में जोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी थी।

    CJP के प्रदर्शन का भी ऐलान

    इस बीच चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक विवाद जारी है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने हाल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए हैं और उनके इस्तीफे की मांग की है।

    अभिजीत दीपके ने यह भी कहा है कि मुंबई पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनकी पार्टी CJP 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने पुलिस के फैसले की आलोचना करते हुए इसे नागरिकों की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। दीपके ने कहा है कि अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में CJP गांधी जयंती पर ‘जेल भरो आंदोलन’ शुरू करेगी।

    इस तरह Form-6 से SIR की अतिरिक्त घोषणा हटाने के चुनाव आयोग के फैसले के बाद एक ओर प्रक्रिया में बदलाव हुआ है, वहीं दूसरी ओर इसी मुद्दे को लेकर आयोग पर पहले उठे सवाल और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी चर्चा में बनी हुई हैं।

  • नीला ड्रम कांड: दोषी ठहराए जाने के बाद फूट-फूट कर रोए मुस्कान-साहिल, रात का खाना भी नहीं खाया

    नीला ड्रम कांड: दोषी ठहराए जाने के बाद फूट-फूट कर रोए मुस्कान-साहिल, रात का खाना भी नहीं खाया


    मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला भावुक हो गए। बुधवार को दोनों जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए थे। सुनवाई के दौरान मुस्कान की गोद में उसकी नन्हीं बेटी भी मौजूद थी। अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों रोते हुए वीसी रूम से बाहर निकले। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, दोनों ने रात का खाना भी नहीं खाया।

    दोषी ठहराए जाने के बाद एक-दूसरे से भी दूरी

    बुधवार को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान और साहिल की पेशी कराई गई। सुनवाई के दौरान मुस्कान अपनी नन्हीं बेटी को गोद में लिए हुए थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद दोनों काफी उदास नजर आए। इसके बाद दोनों रोते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से बाहर निकले। कार्यवाही खत्म होने के बाद भी मुस्कान और साहिल ने एक-दूसरे से दूरी बनाए रखी। दोनों ने एक-दूसरे की ओर देखा तक नहीं और अपने-अपने बैरक की ओर चले गए।

    फैसले के दिन सुबह से बेचैन थे दोनों

    जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, बुधवार को फैसला आने की वजह से मुस्कान और साहिल सुबह से ही बेचैन दिखाई दे रहे थे। मुस्कान दिनभर पूजा-पाठ में लगी रही। दोनों ने दिन में भी सामान्य से कम खाना खाया। अदालत की ओर से दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों की उदासी और बढ़ गई। जेल प्रशासन के मुताबिक, दोनों ने रात का खाना खाने से इनकार कर दिया और बाद में अपने-अपने बैरक में चले गए।

    अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना

    मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा द्वितीय की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और पत्रावलियों के आधार पर मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि पत्रावलियों में मौजूद साक्ष्य इस बात को साबित करते हैं कि दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इसके साथ ही अदालत ने सजा सुनाने के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की है।

    सजा पर पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कार्यवाही के दौरान जिला जज ने मुस्कान और साहिल से सजा के बिंदु पर उनका पक्ष रखने को कहा। अदालत ने दोनों दोषियों को यह बताने के लिए 15 दिन का समय दिया है कि उनकी सजा क्यों कम की जानी चाहिए।

    इस अवधि में दोनों दोषी अपनी सफाई या दलील अदालत के सामने रख सकेंगे। इसके बाद 14 अक्टूबर को अदालत सजा का ऐलान करेगी। फिलहाल दोनों को दोषी ठहराया जा चुका है, लेकिन सजा की अवधि अभी तय नहीं हुई है। अगली सुनवाई इसी बिंदु पर होगी।

  • MP से 2-3 दिन में मानसून की विदाई, अब सिर्फ बूंदाबांदी के आसार, भारी बारिश का अलर्ट नहीं

    MP से 2-3 दिन में मानसून की विदाई, अब सिर्फ बूंदाबांदी के आसार, भारी बारिश का अलर्ट नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अगले 2 से 3 दिन में हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिन नमी के असर से कुछ जिलों में बूंदाबांदी और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है, लेकिन प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। मानसून की विदाई के साथ ही बारिश का यह दौर भी खत्म हो जाएगा।

    मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य पीरियड 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस बार मानसूनी सीजन के आखिरी सप्ताह में प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश नहीं हुई। इसका असर सीजन के कुल बारिश के आंकड़ों पर भी पड़ा है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 30 जिलों में अब तक सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। भोपाल और ग्वालियर समेत 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। आलीराजपुर में सामान्य बारिश की आधी मात्रा भी रिकॉर्ड नहीं हुई, जबकि निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से ज्यादा बारिश हुई है।

    अब जो बारिश होगी, वह ‘बोनस’ जैसी

    मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की आधिकारिक विदाई होने तक नमी के कारण बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। इसे मानसूनी सीजन की सामान्य बारिश के आंकड़े में शामिल नहीं किया जाएगा। यानी विदाई से पहले होने वाली यह बारिश सीजन के आंकड़ों के लिहाज से एक तरह से अतिरिक्त यानी ‘बोनस’ बारिश होगी।

    आज इन जिलों में बूंदाबांदी-गरज चमक

    मौसम विभाग ने गुरुवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक का अनुमान जताया है।

    वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा और तेज धूप खिलने के आसार हैं।

    प्रदेश में अब तक 35.8 इंच बारिश

    IMD के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच के मुकाबले करीब 1.5 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से 4% कम बारिश हुई है।

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4% ज्यादा बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से 12% कम पानी गिरा है।

    पूर्वी हिस्से में 4% ज्यादा बारिश, 9 जिलों में कमी

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 4% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। पूर्वी हिस्से के अधिकांश जिलों में सामान्य कोटा पूरा हो चुका है। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 21% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर रही है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9% से 51% तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है।

    इनमें आलीराजपुर में स्थिति सबसे कमजोर रही, जहां सामान्य बारिश की आधी मात्रा भी पूरी नहीं हो सकी। इसके उलट निवाड़ी और मऊगंज में सामान्य से 150% से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मानसून की विदाई के साथ अब प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगेगा। अगले कुछ दिनों तक जहां कहीं-कहीं बूंदाबांदी और गरज-चमक हो सकती है, वहीं ज्यादातर हिस्सों में धूप बढ़ने के आसार हैं।

  • गुजरात में सांड से टकराई Land Rover Discovery, डिवाइडर से भिड़ने के बाद SUV के उड़े परखच्चे, दो की मौत

    गुजरात में सांड से टकराई Land Rover Discovery, डिवाइडर से भिड़ने के बाद SUV के उड़े परखच्चे, दो की मौत

    गुजरात : के थराड के पास भारतमाला हाईवे पर 27 सितंबर की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। राजकोट से राजस्थान की ओर जा रही Land Rover Discovery SUV अचानक हाईवे पर आए सांड से टकरा गई। टक्कर के बाद वाहन का नियंत्रण बिगड़ गया और SUV हाईवे के डिवाइडर से जा भिड़ी। हादसा इतना भीषण था कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें सवार तीन लोगों में से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।

    बताया जा रहा है कि हादसा थराड-डीसा हाईवे पर मालपुर के पास हुआ। तेज रफ्तार से चल रही SUV के सामने अचानक सांड आ गया। ड्राइवर को प्रतिक्रिया देने का पर्याप्त मौका नहीं मिला और वाहन सीधे सांड से टकरा गया। इसके बाद SUV का संतुलन बिगड़ गया और वह डिवाइडर से जा भिड़ी। डिवाइडर से हुई जोरदार टक्कर के कारण वाहन का अगला और साइड का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद SUV का मलबा हाईवे के काफी बड़े हिस्से में फैल गया। मौके पर मौजूद लोगों ने दुर्घटना के बाद राहत कार्य शुरू किया और 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद रेफर किया गया। हादसे में शामिल Land Rover Discovery का रजिस्ट्रेशन राजकोट का बताया जा रहा है।

    घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दुर्घटना के बाद SUV की बेहद खराब हालत दिखाई दे रही है। तस्वीरों में वाहन को हुए भारी नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है। सांड से टकराने के बाद डिवाइडर से हुई दूसरी टक्कर ने वाहन को काफी नुकसान पहुंचाया। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के जरिए हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

    इस हादसे ने हाईवे पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी से जुड़े खतरे को भी सामने ला दिया है। तेज रफ्तार वाले मार्गों पर अचानक किसी बड़े जानवर के सामने आने से वाहन चालक को प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है। ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगाने या वाहन को मोड़ने की कोशिश से भी नियंत्रण बिगड़ने का खतरा रहता है। इससे वाहन डिवाइडर, दूसरे वाहन या सड़क किनारे किसी वस्तु से टकरा सकता है।

    Land Rover Discovery एक प्रीमियम लग्जरी SUV है। तीन रो वाली इस SUV की कीमत 1.25 करोड़ रुपये से शुरू होकर टॉप मॉडल के लिए 1.37 करोड़ रुपये तक बताई गई है। इसमें 3.0 लीटर का छह सिलेंडर डीजल इंजन दिया जाता है, जो अधिकतम 350 PS की पावर देता है। कंपनी के अनुसार यह SUV 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार 6.3 सेकंड में पकड़ सकती है।

    SUV में ऑल-व्हील ड्राइव के साथ ट्विन-स्पीड ट्रांसमिशन और 3,500 किलोग्राम तक की टोइंग क्षमता दी गई है। सुरक्षा और ड्राइविंग सहायता के लिए इसमें ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग, फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट असिस्ट, रियर ट्रैफिक मॉनिटर और ड्राइवर कंडिशन मॉनिटर जैसे फीचर्स मिलते हैं। इसके अलावा 360 डिग्री कैमरा, 3D सराउंड व्यू कैमरा, कई एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ट्रैक्शन कंट्रोल, रोल स्टेबिलिटी कंट्रोल और ISOFIX चाइल्ड-सीट माउंट जैसे सुरक्षा फीचर्स भी दिए गए हैं।