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  • माइक बंद हुआ तो नाराज हुए सपा महासचिव रामजीलाल सुमन, मंच पर फेंका और चले गए

    माइक बंद हुआ तो नाराज हुए सपा महासचिव रामजीलाल सुमन, मंच पर फेंका और चले गए


    मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के PDA सम्मेलन के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन के भाषण के बीच माइक बंद हो गया। माइक में आई तकनीकी खराबी से नाराज सुमन ने उसे मंच पर फेंक दिया और अपना संबोधन रोककर कार्यक्रम से चले गए।

    रामजीलाल सुमन सम्मेलन में PDA से जुड़े मुद्दों और संगठन से संबंधित विषयों पर संबोधन दे रहे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे। इसी दौरान उनके माइक में आवाज को लेकर परेशानी शुरू हुई। कुछ देर बाद माइक पूरी तरह बंद हो गया।

    माइक फेंककर मंच से उतरे

    माइक बंद होने के बाद रामजीलाल सुमन नाराज नजर आए। उन्होंने माइक को हाथ से मंच पर फेंक दिया और अपना भाषण रोक दिया। इसके बाद वह मंच से नीचे उतरकर कार्यक्रम स्थल से जाने लगे।

    मौके पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने और मनाने की कोशिश की। नेताओं ने उन्हें वापस मंच पर लाने का प्रयास भी किया, लेकिन सुमन वापस मंच पर नहीं लौटे और वहां से चले गए।

    वीडियो में नजर आया पूरा घटनाक्रम

    घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में रामजीलाल सुमन मंच पर खड़े होकर भाषण देते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान माइक में आवाज आना बंद हो जाती है। इसके बाद वह माइक को लेकर नाराजगी जताते हैं और उसे मंच पर फेंक देते हैं।

    माइक फेंकने के बाद सुमन हाथ जोड़ते हुए लोगों से 15 नवंबर को आगरा आने की अपील करते हैं। इसके बाद वह मंच से नीचे उतर जाते हैं।

    नेताओं ने मनाने की कोशिश की

    रामजीलाल सुमन के मंच से उतरकर चले जाने के बाद सम्मेलन में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की। उन्हें वापस मंच पर लाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह वापस नहीं आए। मुरादाबाद में PDA सम्मेलन के दौरान हुई यह घटना अब चर्चा में है और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है।

  • आज का राशिफल 29 सितंबर 2026 इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते धन लाभ के साथ मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

    आज का राशिफल 29 सितंबर 2026 इन राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के नए रास्ते धन लाभ के साथ मिल सकती है बड़ी खुशखबरी


    नई दिल्ली।  आज 30 सितंबर 2026 का दिन कई राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। ग्रहों की स्थिति का असर व्यक्ति के कामकाज आर्थिक स्थिति पारिवारिक जीवन और रिश्तों पर देखने को मिल सकता है। कुछ लोगों को लंबे समय से अटके काम में सफलता मिलने की उम्मीद है जबकि कुछ जातकों को अपने फैसलों में सावधानी बरतनी होगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए आज नई जिम्मेदारी सामने आ सकती है। कारोबार करने वालों को पुराने संपर्कों से फायदा मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी सदस्य की उपलब्धि से खुशी का माहौल बन सकता है। वहीं खर्चों पर नियंत्रण रखना भी जरूरी रहेगा।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने का है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता का अच्छा परिणाम मिल सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर होगा। परिवार के साथ किसी जरूरी विषय पर बातचीत हो सकती है।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए धन के मामले में दिन अच्छा रह सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में नया अवसर सामने आ सकता है। किसी भी बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा।

    मिथुन राशि वालों के लिए आज संपर्क और संवाद का दिन रहेगा। किसी नए व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान बनाए रखना होगा। परिवार में किसी बात को लेकर खुशी मिल सकती है।

    कर्क राशि के जातकों को आज धैर्य से काम लेने की जरूरत होगी। कार्यक्षेत्र में किसी चुनौती के कारण तनाव बढ़ सकता है लेकिन समझदारी से स्थिति संभाली जा सकती है। धन के मामले में जोखिम लेने से बचें। परिवार के किसी सदस्य की सलाह आपके लिए मददगार साबित हो सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से जुड़ा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। कारोबार में लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं। कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। सामाजिक स्तर पर आपका प्रभाव बढ़ सकता है।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम की प्राथमिकता तय करके आगे बढ़ना चाहिए। अचानक कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना है। घर परिवार में किसी छोटी बात को लेकर मतभेद हो सकता है। बातचीत से स्थिति आसानी से संभाली जा सकती है।

    तुला राशि के लिए आज का दिन करियर और रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों का साथ मिलेगा। किसी नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में सोच समझकर कदम उठाना बेहतर होगा।

    वृश्चिक राशि वालों को आज अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। पुराने संपर्कों से लाभ मिलने के संकेत हैं। कारोबार से जुड़े लोगों के लिए कोई अच्छा अवसर सामने आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को काम में सावधानी रखनी होगी। अपनी दिनचर्या और आराम पर भी ध्यान दें।

    धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह से भरा रह सकता है। करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार के साथ किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा होगी। विद्यार्थियों के लिए मेहनत करने का अच्छा समय है।

    मकर राशि वालों को आज अपनी योजनाओं पर विशेष ध्यान देना होगा। काम में कोई चुनौती सामने आ सकती है लेकिन धैर्य से समाधान निकाला जा सकता है। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। परिवार के बुजुर्गों का सहयोग और सलाह आपके लिए उपयोगी रहेगी।

    कुंभ राशि के लिए आज नए अवसरों का दिन रह सकता है। नौकरी और कारोबार दोनों में आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है। पुराने मित्र से मुलाकात मन प्रसन्न कर सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। अपनी निजी योजनाओं को हर किसी के साथ साझा करने से बचें।

    मीन राशि वालों के लिए दिन मिला जुला रह सकता है। कुछ काम उम्मीद के मुताबिक पूरे होने में समय ले सकते हैं। धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। धन के मामले में अनावश्यक जोखिम से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन को सुकून मिलेगा। दिन के अंत में कोई सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

  • MP से इसी हफ्ते मानसून की विदाई, आज 19 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में खिलेगी धूप

    MP से इसी हफ्ते मानसून की विदाई, आज 19 जिलों में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में खिलेगी धूप


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का सिलसिला इसी सप्ताह शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून लौटेगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम और सागर संभाग से भी इसकी वापसी शुरू होगी। मानसून की विदाई से पहले अगले तीन दिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा राजस्थान और पंजाब के कई जिलों से गुजर रही है और अब मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक पहुंच चुकी है। इसी वजह से प्रदेश में बारिश का सिस्टम कमजोर पड़ने लगा है और कई इलाकों में धूप खिल रही है।

    आज 19 जिलों में बूंदाबांदी और गरज-चमक का अलर्ट

    बुधवार को प्रदेश के 19 जिलों में हल्की बारिश, बूंदाबांदी, आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनने के आसार हैं। इनमें बैतूल, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और पन्ना शामिल हैं।

    इन जिलों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। हालांकि, स्थानीय मौसम में बदलाव के कारण कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

    भोपाल-इंदौर, उज्जैन में खिली धूप

    दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन और नीमच में बुधवार को धूप खिलने का अनुमान है।

    इसके अलावा आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम सामान्य रहने की संभावना है।

    3 अक्टूबर से साफ हो जाएगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ ही जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 3 अक्टूबर को बारिश के बादल पूरे प्रदेश से छंट जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में कहीं भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान नहीं है।

    यानी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह कमजोर पड़ने के साथ मानसून की विदाई का दौर भी आगे बढ़ेगा।

    4 संभागों में औसत से 4% ज्यादा बारिश

    इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा औसत से 4% ज्यादा है। अधिकांश जिलों में सामान्य कोटे से अधिक पानी गिर चुका है।

    हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में बारिश का आंकड़ा 3% से 21% तक कम है।

    पश्चिमी MP के 20 जिलों में बारिश कम

    पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में इस बार बारिश औसत से कम रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9% से 51% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में औसत से ज्यादा पानी

    वहीं अनूपपुर, छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    मानसून की विदाई की तारीख नजदीक आने के साथ अब प्रदेश में इस सीजन की कुल बारिश के 100 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना कम है। अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण अब मौसम का रुख मानसून की विदाई और धूप बढ़ने की ओर रहेगा।

  • जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में पत्नी-बच्चे को कैंप में लाने को लेकर विवाद, CISF जवान ने 4 साथियों पर बरसाईं गोलियां, मौत

    जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में पत्नी-बच्चे को कैंप में लाने को लेकर विवाद, CISF जवान ने 4 साथियों पर बरसाईं गोलियां, मौत


    कठुआ।
    जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) कैंप में चार जवानों की हत्या के मामले में विवाद की वजह सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह का अपनी पत्नी लेडी हेड कांस्टेबल पूजा देवी और बच्चे को लेकर कुछ कर्मियों से विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद अवधेश ने अपनी सर्विस रायफल से चार साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में चार CISF कर्मियों की मौत हो गई।

    मृतकों की पहचान असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

    पत्नी और बच्चे को कैंप में लाने को लेकर हुआ विवाद

    पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, अवधेश कुमार की पत्नी पूजा देवी लेडी हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। बताया गया है कि जब अवधेश ड्यूटी पर रहते थे, तब पूजा देवी अपने बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड में आती थीं। यूनिट प्रशासन ने बच्चे के साथ क्वार्टर गार्ड में प्रवेश करने या वहां रुकने की अनुमति नहीं दी थी।

    इसी बात को लेकर अवधेश कुमार की संबंधित कर्मियों से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने के बाद वह क्वार्टर गेट के पास स्थित ऑपरेशंस सेक्शन के कार्यालय में पहुंचा, जहां चारों CISF कर्मी मौजूद थे।

    रायफल से कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग

    बताया जा रहा है कि कार्यालय में पहुंचते ही अवधेश कुमार सिंह ने अपनी रायफल से चारों कर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए पास के NHPC अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक, शुरुआती तौर पर घटना के पीछे मामूली कहासुनी और पत्नी-बच्चे से जुड़े विवाद की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    सेवा-II पावर प्रोजेक्ट में तैनात थे जवान

    यह घटना कठुआ जिले के पहाड़ी क्षेत्र बसोहली के हट्ट मस्का इलाके में स्थित सेवा-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के CISF कैंप में हुई। इस पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए CISF जवानों की तैनाती की गई है।

    घटना की सूचना मिलते ही बसोहली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और आरोपी अवधेश कुमार सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस गोलीकांड के कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।

  • सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे, कच्चा तेल और FII बिकवाली से दबाव

    सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे, कच्चा तेल और FII बिकवाली से दबाव


    नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत दबाव के साथ हुई। सोमवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 22,700 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 9:26 बजे सेंसेक्स 72,371.25 अंक पर कारोबार कर रहा था और इसमें 400.47 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 22,658.75 अंक पर था और 121.50 अंक नीचे कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान निफ्टी 22,800 के स्तर से भी नीचे चला गया। बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर रही और कई बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे प्रमुख शेयरों की कमजोरी का भी बाजार पर असर पड़ा। तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी का 22,700 के नीचे टिकना बिकवाली के दबाव को बढ़ा सकता है।

    बाजार में गिरावट के बीच निफ्टी के 22,400 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना पर भी नजर रखी जा रही है, यदि कमजोरी आगे जारी रहती है। यह स्तर तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है और पिछले दो वर्षों की प्रमुख निचली ट्रेंडलाइन तथा 200 सप्ताह के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से जुड़ा हुआ है। निफ्टी के लिए 22,650 से 22,700 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट जोन के तौर पर महत्वपूर्ण बताया गया है। इस क्षेत्र के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर शॉर्ट टर्म करेक्शन और गहरा हो सकता है। ऐसे में आने वाले कारोबार में इस स्तर के आसपास बाजार की चाल महत्वपूर्ण रहेगी।

    भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ाने वाली प्रमुख वजहों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी शामिल है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विवाद के बीच कच्चे तेल की कीमत करीब 106 से 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। भारत अपनी तेल जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ने की चिंता रहती है। इसके अलावा अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और विदेशी निवेशकों यानी FII की भारतीय शेयर बाजार से लगातार निकासी ने भी घरेलू बाजार में बिकवाली के दबाव को बढ़ाया है।

    भारतीय बाजार की कमजोरी के बीच एशियाई और अन्य वैश्विक बाजारों में भी कारोबार का रुख मिला-जुला रहा। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 11:51 बजे S&P 500 फ्यूचर्स 0.2 फीसदी नीचे था, जबकि निक्केई 225 फ्यूचर्स में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जापान का टॉपिक्स 1.5 फीसदी नीचे रहा। हांगकांग का हैंग सेंग 0.6 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 0.1 फीसदी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 फीसदी और Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। इस तरह वैश्विक बाजारों में एक समान रुख नहीं रहा।

    बाजार की तकनीकी स्थिति को लेकर एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,650 से 22,700 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट जोन है। उनके अनुसार, यदि इस क्षेत्र के नीचे निर्णायक गिरावट आती है तो शॉर्ट टर्म करेक्शन और गहरा हो सकता है। फिलहाल सेंसेक्स की 400 अंक से अधिक की गिरावट, निफ्टी का 22,700 से नीचे जाना, कच्चे तेल की ऊंची कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और FII की लगातार बिकवाली बाजार के लिए प्रमुख दबाव वाले कारक बने हुए हैं।

  • आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर हाईकोर्ट की सख्ती, सरकार ने बताया 6 महीने में 15 हजार का आंकड़ा, 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

    आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर हाईकोर्ट की सख्ती, सरकार ने बताया 6 महीने में 15 हजार का आंकड़ा, 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई


    जबलपुर। मध्यप्रदेश में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार से अब तक की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत के सामने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी रखी गई। अब इस मामले में 3 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे फिर सुनवाई होगी। इसके बाद हाईकोर्ट की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी जहां मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को प्रस्तावित है।

    मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच कर रही है। सुनवाई के दौरान अदालत मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा ने सरकार की ओर से पेश की गई कार्रवाई और इंतजामों को संतोषजनक बताया। इसके बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि 3 नवंबर को सरकार की रिपोर्ट पर विस्तार से विचार किया जाएगा और जरूरत के अनुसार आगे के निर्देश जारी किए जाएंगे।

    दरअसल आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी कई निर्देश जारी कर चुका है। 22 अगस्त 2025 और 7 नवंबर 2025 को शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे से जुड़े दिशा निर्देश दिए थे। इसके बाद 19 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट को इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेकर जनहित याचिका दर्ज करने को कहा था। शीर्ष अदालत ने इस समस्या के समाधान तक मामले की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए थे। इसी क्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले को संज्ञान में लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा।

    हाईकोर्ट के सामने सरकार की ओर से पेश जवाब में बताया गया कि प्रदेश में आवारा कुत्तों की संख्या और उनसे जुड़ी समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण का अभियान चलाया जा रहा है। सरकार के अनुसार पिछले छह महीनों के दौरान 15 हजार से अधिक आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा और कुत्तों के नियंत्रण से जुड़े दूसरे उपायों की जानकारी भी अदालत के सामने रखी।

    सरकार ने कचरा प्रबंधन और आवारा कुत्तों को सार्वजनिक स्थानों पर भोजन मिलने की समस्या को लेकर भी कदम उठाने की बात कही है। खाद्य सामग्री बेचने वाले वेंडरों को खाद्य अपशिष्ट का उचित निपटान करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्हें कचरा बंद डस्टबिन में रखने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही खान-पान के स्टॉल के आसपास आवारा कुत्तों को भोजन नहीं कराने के लिए भी कहा जा रहा है।

    अब हाईकोर्ट 3 नवंबर को सरकार की ओर से पेश आंकड़ों और उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगा। इसके बाद अदालत की ओर से जरूरी निर्देश जारी किए जा सकते हैं। हाईकोर्ट की रिपोर्ट आगे सुप्रीम कोर्ट को भेजी जाएगी और 17 नवंबर को शीर्ष अदालत में इस मामले पर आगे की सुनवाई होगी।

  • 2 अक्टूबर को देशभर में ‘नो UPI डे’, मोबाइल दुकानदार नहीं लेंगे डिजिटल पेमेंट, नए MDR चार्ज के विरोध में अभियान

    2 अक्टूबर को देशभर में ‘नो UPI डे’, मोबाइल दुकानदार नहीं लेंगे डिजिटल पेमेंट, नए MDR चार्ज के विरोध में अभियान

    नई दिल्ली। 2 अक्टूबर को देशभर के मोबाइल दुकानदार UPI से भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR चार्ज के विरोध में इस दिन को ‘नो UPI डे’ के रूप में मनाने का ऐलान किया है। अभियान में शामिल दुकानदार अपने UPI QR कोड पर काला कपड़ा ढकेंगे और ग्राहकों से डिजिटल भुगतान नहीं लेंगे। ऐसे में अगर आप 2 अक्टूबर को मोबाइल या मोबाइल एक्सेसरीज खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ नकद रखना जरूरी हो सकता है। एसोसिएशन का विरोध UPI या डिजिटल पेमेंट व्यवस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि दुकानदारों पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च को लेकर है। नए नियमों के तहत कुछ UPI लेनदेन पर 15 अक्टूबर से MDR लागू होना है।

    MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान को प्रोसेस करने के बदले लिया जाता है और सामान्य तौर पर इसका भुगतान दुकानदार की ओर से किया जाता है। नए ढांचे के अनुसार 2,000 रुपये से अधिक के कुछ चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट यानी P2M UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये प्रति लेनदेन होगी। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और फ्यूल जैसे कुछ क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 5 रुपये का फ्लैट चार्ज लगेगा। वहीं म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉकब्रोकर और डीलर से जुड़े भुगतान पर 0.02 प्रतिशत MDR निर्धारित किया गया है, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।

    इस व्यवस्था का आम ग्राहकों पर सीधा असर सीमित रखने की बात कही गई है। दोस्तों या रिश्तेदारों को भेजे जाने वाले P2P भुगतान पर कोई MDR नहीं लगेगा। दुकानों पर 2,000 रुपये तक के भुगतान भी इस दायरे से बाहर रहेंगे। इसके अलावा जिन छोटे दुकानदारों को UPI QR के जरिए महीने में 1 लाख रुपये तक का भुगतान मिलता है, उनके लिए पहले की तरह जीरो MDR लागू रहेगा। सरकार के मुताबिक नए नियमों का असर करीब 4 प्रतिशत मर्चेंट लेनदेन पर पड़ेगा, जबकि लगभग 96 प्रतिशत P2M भुगतान पहले की तरह जारी रहेंगे। नियमों के मुताबिक दुकानदार MDR का शुल्क सीधे ग्राहक से नहीं वसूल सकते। हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि यदि उन्हें यह खर्च खुद उठाना पड़ा तो उनके मार्जिन पर असर पड़ेगा और कुछ कारोबारी कीमतों या पेमेंट से जुड़े ऑफर में बदलाव कर सकते हैं।

    मोबाइल दुकानदारों का कहना है कि इस कारोबार में पहले से ही मार्जिन काफी कम है। एसोसिएशन की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि महीने में 5 लाख से 30 लाख रुपये तक UPI के जरिए कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों पर हर महीने करीब 2,000 से 12,000 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आ सकता है। एसोसिएशन के अनुमान के मुताबिक देशभर के छोटे मोबाइल रिटेलर्स पर हर महीने करीब 40 करोड़ रुपये और सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। संगठन की मांग है कि UPI मर्चेंट पेमेंट पर जीरो MDR की व्यवस्था जारी रखी जाए।

    इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इन चार्ज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने केंद्र, भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। संबंधित पक्षों को चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल करना होगा। यह याचिका वकील अंजन दत्ता ने दायर की है। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन. वेंकटरमन ने अदालत में कहा कि 96 प्रतिशत लोग नए ढांचे से बाहर हैं। सुनवाई के दौरान पीठ ने इसे कानूनी से ज्यादा तकनीकी मामला बताया। ऐसे में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘नो UPI डे’ नए MDR चार्ज के खिलाफ मोबाइल दुकानदारों के विरोध का प्रमुख हिस्सा होगा।

  • सीधी में पुलिस टीम पर हमला, चार गाड़ियों में आए बदमाश फायरिंग और मारपीट के बाद NDPS आरोपी को छुड़ाकर फरार

    सीधी में पुलिस टीम पर हमला, चार गाड़ियों में आए बदमाश फायरिंग और मारपीट के बाद NDPS आरोपी को छुड़ाकर फरार

    सीधी जिले: के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में रीवा-सीधी सीमा पर स्थित छुहिया घाटी में मंगलवार दोपहर ओडिशा पुलिस की टीम पर हमला कर NDPS मामले के आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की घटना सामने आई है। करीब दोपहर 1 बजे चार गाड़ियों में आए बदमाशों ने पुलिस टीम को घेर लिया और कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर तीन बार गोलियां चलाईं और बेसबॉल बैट से भी हमला किया। वारदात के बाद आरोपी आदित्य मिश्रा को पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आसपास के थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया।

    जानकारी के अनुसार, ओडिशा पुलिस की टीम NDPS मामले में गिरफ्तार आरोपी आदित्य मिश्रा को ओडिशा से रीवा जिला न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आ रही थी। पुलिस टीम जब छुहिया घाटी से गुजर रही थी, तभी चार गाड़ियों में सवार बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेर लिया। इसके बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने तीन बार फायरिंग की और पुलिसकर्मियों के साथ बेसबॉल बैट से मारपीट भी की। हमले के दौरान बदमाशों ने आरोपी आदित्य मिश्रा को पुलिस के कब्जे से छुड़ा लिया और उसे अपने साथ लेकर मौके से फरार हो गए।

    घटना के समय ओडिशा पुलिस की टीम में कुल आठ पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिसकर्मी AK-47, पिस्टल सहित अन्य हथियारों से लैस बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद चार वाहनों में आए बदमाश आरोपी को छुड़ाकर मौके से निकलने में सफल रहे। पुलिस के अनुसार, हमले में फायरिंग और मारपीट की गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। आसपास के थानों की पुलिस को भी तत्काल रवाना किया गया, ताकि फरार आरोपियों और आरोपी आदित्य मिश्रा की तलाश की जा सके।

    मामले की सूचना मिलने के बाद सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के थानों की पुलिस को रवाना किया गया था। ओडिशा पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पुलिस टीम पर तीन बार गोलियां चलाईं और इसके बाद आरोपी को जबरन छुड़ाकर अपने साथ ले गए। पुलिस टीम पर हमला होने के बावजूद फिलहाल किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

    घटना के बाद पुलिस ने फरार आरोपियों और छुड़ाए गए NDPS आरोपी आदित्य मिश्रा की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद बदमाशों की गाड़ियां मैहर जिले की ओर रवाना हुई हैं। इसके आधार पर पुलिस आसपास के क्षेत्रों में वाहनों की तलाश कर रही है और संदिग्ध लोगों की पहचान में जुटी है। छुहिया घाटी और आसपास के इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है। पुलिस टीम पर फायरिंग, मारपीट और आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की इस घटना के बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए फरार लोगों की तलाश की जा रही है।

  • सनातन की एकता में ही सुरक्षा और मजबूती, अलग-अलग स्वर पराजय का कारण बनेंगे: सीएम योगी

    सनातन की एकता में ही सुरक्षा और मजबूती, अलग-अलग स्वर पराजय का कारण बनेंगे: सीएम योगी


    नई दिल्ली।
    गोरखपुर में मंगलवार को मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती है। उन्होंने कहा कि पंथ और संप्रदाय की उपासना पद्धतियां अलग हो सकती हैं, लेकिन सभी का कल्याण वृहद सनातन धर्म की मजबूती में है। उनका कहना था कि 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती। अलग-अलग गति प्रगति का कारण नहीं, बल्कि दुर्गति और अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, बल्कि पराजय का कारण बनेंगे। मुख्यमंत्री गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सप्त दिवसीय समारोह के तहत व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दोनों आचार्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।

    सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और सनातन का वैभव जिन्हें स्वीकार नहीं है, वे दुष्प्रचार और भ्रम पैदा करेंगे। उन्होंने संजीवनी बूटी लेने जाते समय हनुमान जी द्वारा कालनेमि को पहचानने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि रामभक्तों को भी भ्रम फैलाने वालों को पहचानना होगा। उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे भारत की आजादी को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं मानते थे। उनके अनुसार संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी थी। महंत दिग्विजयनाथ का मानना था कि यदि सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा हो सकती है तो अयोध्या में भी यह कार्य होना चाहिए।

    1949 में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ, बाबा अभिराम दास और महंत रामचंद्र दास परमहंस सक्रिय थे। इसकी रणनीति देवीपाटन में महंत दिग्विजयनाथ, महाराजा बलरामपुर और तत्कालीन गोंडा जिलाधिकारी केके नायर के बीच बनी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्षों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर सनातन धर्मावलंबियों को गौरव की अनुभूति करा रहा है।

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि और विंध्यवासिनी धाम का भव्य स्वरूप सामने है। उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने दुनिया के सामने सनातन परंपरा का सामर्थ्य रखा है। उन्होंने वृंदावन के वैष्णव कुंभ का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार महंत दिग्विजयनाथ ने बिखरे नाथ संप्रदाय को अखिल भारतीय भेष बारह पंथ योगी महासभा के रूप में एकजुट किया था। उन्होंने कहा कि अपनी परंपरा का पालन करते हुए वृहद सनातन धर्म की एकता को मजबूत करना होगा। सीएम योगी ने कहा कि दोनों आचार्यों ने जिन विषयों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। महापुरुषों के दूरदर्शी कार्य भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं और गोरक्षपीठ तथा महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद दोनों आचार्यों के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश गुलाम था और संसाधनों का अभाव था, तब महंत दिग्विजयनाथ ने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। महाराणा प्रताप को आदर्श बनाने के पीछे स्वदेश, स्वाभिमान और स्वधर्म का भाव था। उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी महंत दिग्विजयनाथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय के लिए मठ की संपत्ति और दो संस्थाएं सरकार को देने में उन्होंने श्रेय की चिंता नहीं की।

    आज महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत 50 से 55 संस्थाएं संचालित हैं, जिनमें विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, विद्यालय, अस्पताल और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने उस दौर में बालिका शिक्षा के लिए विद्यालय और महाविद्यालय स्थापित किए। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ नाथ परंपरा की पीठ होते हुए भी पूरे सनातन धर्म के लिए समर्पित है। यहां जाति, पंथ या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होता। सभी जातियों के लोग एक पंक्ति में अन्न ग्रहण करते हैं और सभी आचार्यों व संतों को समान सम्मान मिलता है।
  • मध्यप्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर अस्थायी सूची में जगह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई

    मध्यप्रदेश के चार ऐतिहासिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर अस्थायी सूची में जगह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई


    मध्यप्रदेश: की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने से प्रदेशवासियों में खुशी और गर्व का माहौल है। राज्य के चार प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला और चंबल घाटी के मंदिर समूह को यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की समृद्ध पुरासंपदा को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलना सभी के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। इन स्थलों को अस्थायी सूची में जगह मिलने से प्रदेश की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की पहचान विश्व स्तर पर पहुंची है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी विश्व पटल पर पहचान प्राप्त हो रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची में स्थान मिला है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे मध्यप्रदेश की पुरासंपदा और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिला है।

    डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरें मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उदयगिरि गुफाएं, बाघ गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला और चंबल घाटी के मंदिर समूह को अस्थायी सूची में शामिल किया जाना राज्य की सांस्कृतिक संपदा के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपनी विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी मध्यप्रदेशवासियों को अपनी ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने और उनके महत्व को समझने के लिए साझा संकल्प को और मजबूत करना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने विरासत को विश्वभर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संपदा को संरक्षित करने के साथ-साथ उसकी पहचान दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए प्रदेशवासियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के संकल्प को मजबूत करना होगा। यूनेस्को की अस्थायी सूची में इन चार स्थलों को स्थान मिलने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इसे मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के लिए गौरव का विषय बताया।