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  • सोने-चांदी के बाजार में ऐतिहासिक 'ब्लैक मंडे'! चांदी ₹9000 से ज्यादा टूटी, 45 सालों की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज!

    सोने-चांदी के बाजार में ऐतिहासिक 'ब्लैक मंडे'! चांदी ₹9000 से ज्यादा टूटी, 45 सालों की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज!


    नई दिल्ली:  साल 2026 के मार्च महीने ने सोने और चांदी के निवेशकों को बड़ा झटका दिया है। घरेलू वायदा बाजार (MCX) से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक, कीमती धातुओं की कीमतों में ऐसी गिरावट देखी गई है जिसे विशेषज्ञ पिछले 45 वर्षों का सबसे बड़ा ‘क्रैश’ मान रहे हैं। सोमवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमतें 4.21% यानी करीब 9,474 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,15,693 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गईं। वहीं, सोने में भी 2,460 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी कटौती देखी गई, जिसके बाद भाव 1,36,800 रुपये के स्तर पर सिमट गए।

    बाजार में आई इस सुनामी के पीछे सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव कम होने के संकेत बताए जा रहे हैं। जैसे ही भू-राजनीतिक अस्थिरता कम होने की उम्मीद जगी, निवेशकों ने ‘सेफ-हेवन’ यानी सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी से अपना हाथ खींचना शुरू कर दिया। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर सोना 1.5% गिरकर 4,340.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी में 3.3% की गिरावट दर्ज की गई।

    45 साल का रिकॉर्ड टूटा, ‘बेयर मार्केट’ की आहट

    मार्च 2026 का यह महीना इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है क्योंकि इस महीने अब तक दोनों धातुओं की कीमतों में 20% से ज्यादा की गिरावट आई है। यह करीब साढ़े चार दशकों में देखी गई सबसे तेज गिरावट है। तकनीकी रूप से, जब किसी एसेट की कीमत अपने ‘ऑल टाइम हाई’ से 20% या उससे ज्यादा गिर जाती है, तो उसे ‘बेयर मार्केट’ माना जाता है। वर्तमान में सोना और चांदी दोनों इसी दायरे में प्रवेश कर चुके हैं।

    गिरावट के प्रमुख कारण:
    विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, इस भारी गिरावट के पीछे चार प्रमुख वैश्विक कारक काम कर रहे हैं:

    मजबूत अमेरिकी डॉलर: डॉलर के मजबूत होने से अन्य देशों की मुद्राओं के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया, जिससे मांग में कमी आई।

    ऊंची ब्याज दरें: महंगाई के दबाव के कारण केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की संभावना ने बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों (सोना-चांदी) के प्रति आकर्षण कम कर दिया है।

    मुनाफावसूली: हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद निवेशकों ने बाजार से पैसा निकालना शुरू किया, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।

    सेफ हेवन की छवि को झटका: आमतौर पर युद्ध या तनाव के समय सोने के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर और ऊंचे बॉन्ड यील्ड के कारण सोना अपनी साख बरकरार नहीं रख पाया।

    बाजार जानकारों का मानना है कि अल्पकालिक (Short-term) निवेश करने वालों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह ‘करेक्शन’ खरीदारी का एक बेहतर अवसर साबित हो सकता है। फिलहाल, बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है, इसलिए विशेषज्ञों ने चरणबद्ध तरीके से निवेश (Step-by-step investment) करने की सलाह दी है।

  • MP का चमत्कारी मंदिर, 111 साल से लगातार जल रही अखंड ज्योत, दर्शन करने से मनोकामना होती है पूरी

    MP का चमत्कारी मंदिर, 111 साल से लगातार जल रही अखंड ज्योत, दर्शन करने से मनोकामना होती है पूरी

    रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में 250 साल पुराने मां कंकाली मंदिर में 111 साल से अखंड ज्योत जल रही है। मंदिर से जुड़े कई चमत्कारी किस्से भक्तों द्वारा सुनाए जाते हैं। इनमें से एक है कि सामान्य समय में माता की गर्दन थोड़ी टेढ़ी रहती है लेकिन दशहरे के दिन हवन के बाद कुछ क्षणों के लिए उनकी गर्दन सीधी हो जाती है।

    मंदिर रायसेन जिला मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर दूर भोजपुर विधानसभा के ग्राम गुदावल में स्थित है। यहां कहा जाता है कि मां कंकाली के दरबार में आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।

    सपने से मंदिर की स्थापना

    ग्रामीणों के अनुसार गांव के पटेल हरलाल मीणा को मां ने सपना दिखाया कि इस स्थान पर खुदाई करके उनकी मूर्ति निकाली जाए। सन 1731 में हरलाल मीणा ने खुदाई कराई जिसमें मां कंकाली के साथ ब्रह्मा विष्णु और महेश की मूर्तियाँ भी मिलीं। माता कंकाली की मूर्ति को उसी स्थान पर विराजमान किया गया और तब से यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी करता आ रहा है।

    चोरों की आंखों की रोशनी चली गई

    कहा जाता है कि एक बार मंदिर में चोरी करने वाले चोरों की आंखों की रोशनी चली गई। जब उन्होंने मंदिर में आकर अपनी गलती मानी और मां कंकाली के दरबार में माफी मांगी तभी उनकी दृष्टि वापस आई।

    111 साल से जलती अखंड ज्योत

    मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यहां आने वाली महिलाओं की गोद सूनी नहीं रहती। लोग अपने बिगड़े कामों की हाजिरी देने और मन्नत पूरी होने पर धन्यवाद देने भी यहां आते हैं। इस मंदिर में लगभग 111 साल से लगातार जल रही अखंड ज्योत इस स्थान की पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि चमत्कारी घटनाओं और भक्तों की आस्था के कारण भी प्रसिद्ध है।

  • RGPV भोपाल में गजब 'कांड': सब्जी में मिली मरी हुई छिपकली, सबूत मिटाने के लिए कैंटीन स्टाफ उसे ही चबा गया!

    RGPV भोपाल में गजब 'कांड': सब्जी में मिली मरी हुई छिपकली, सबूत मिटाने के लिए कैंटीन स्टाफ उसे ही चबा गया!


    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयRGPVके कैंपस में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने छात्र सुरक्षा और कैंटीन के स्वच्छता मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए 18 मार्च की दोपहर का खाना किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। गांधीनगर स्थित यूआईटीUITआरजीपीवी की कैंटीन में भोजन कर रहे छात्रों ने दावा किया कि उनकी सब्जी की थाली में एक मरी हुई छिपकली तैर रही थी। जैसे ही यह बात फैली, छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया और कैंटीन प्रबंधन से जवाब मांगा।

    हंगामा बढ़ता देख मौके पर मौजूद कैंटीन स्टाफ के एक कर्मचारी ने जो किया, उसने सबको हैरत में डाल दिया। आरोपों के अनुसार, जब छात्रों ने सब्जी में गिरी हुई छिपकली को सबूत के तौर पर दिखाया, तो उस कर्मचारी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए उसे उठाया और सबके सामने चबाकर निगल गया। हद तो तब हो गई जब उसने दावा किया कि वह छिपकली नहीं, बल्कि महज ‘शिमला मिर्च’ का एक टुकड़ा था। कर्मचारी की इस हरकत ने वहां मौजूद छात्रों को सदमे में डाल दिया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन की काफी किरकिरी हो रही है।

    मामले की गंभीरता और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। आरजीपीवीयूआईटीके निदेशक सुधीर भदौरिया ने रविवार को इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में कैंटीन संचालक या स्टाफ की किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    दूसरी ओर, छात्र इस जांच से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कैंटीन को तुरंत प्रभाव से बंद कर देना चाहिए। फिलहाल, पूरा कैंपस इस ‘शिमला मिर्च बनाम छिपकली’ विवाद को लेकर चर्चा में है और विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

  • ट्रंप से बातचीत के बाद नेतन्याहू की चेतावनी, बोले- हमले जारी रहेंगे; दो वैज्ञानिक मारने का दावा

    ट्रंप से बातचीत के बाद नेतन्याहू की चेतावनी, बोले- हमले जारी रहेंगे; दो वैज्ञानिक मारने का दावा

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    ल अवीव। । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के बाद कहा कि इजरायल अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और लेबनान में हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक इजरायल के सुरक्षा हित पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते।
    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए नेतन्याहू ने लिखा: आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना के साथ मिलकर हमने जो शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं, उनका लाभ उठाकर एक समझौते के माध्यम से युद्ध के लक्ष्यों को पूरा करने का अवसर है। इसी बीच, हम ईरान और लेबनान दोनों जगह हमले जारी रखे हुए हैं। हम उनके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को नष्ट कर रहे हैं और हिजबुल्लाह को लगातार करारे झटके दे रहे हैं। कुछ ही दिन पहले, हमने दो और परमाणु वैज्ञानिकों को ढेर किया है और हमारे अभियान अभी भी सक्रिय हैं। हम हर परिस्थिति में अपने महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेंगे।
    ट्रंप का बड़ा फैसला: ईरान पर सैन्य हमले 5 दिन के लिए टले
    एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि उन्होंने ‘युद्ध विभाग’ को ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह स्थगन वर्तमान में चल रही चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य पूर्व में शत्रुता को पूरी तरह से समाप्त करने के मुद्दे पर संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत हुई है।

    युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त हवाई मार्गों को खतरा पैदा हो गया है। ईरान ने कहा था कि वह पूरे पश्चिम एशिया में बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वहीं ट्रंप ने कहा था कि महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले जाने पर अमेरिका, ईरान में ऊर्जा संयंत्रों पर हमले करेगा।
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बहरीन का नया मसौदा प्रस्ताव

    अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन द्वारा पेश किए गए एक नए मसौदा प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। यह प्रस्ताव सदस्य देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए “सभी आवश्यक कदम” उठाने का अधिकार देने की वकालत करता है। मसौदे में मांग की गई है कि ईरान तुरंत वाणिज्यिक जहाजों पर अपने सभी हमले बंद करे और जलडमरूमध्य के आसपास कानूनी मार्ग या नेविगेशन की स्वतंत्रता में बाधा डालने के किसी भी प्रयास को रोके।
    सैन्य कार्रवाई की अनुमति

    प्रस्ताव के तहत सदस्य देशों को अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन को बाधित करने के प्रयासों को विफल करने और रोकने के लिए सीमावर्ती देशों के ‘क्षेत्रीय जल’ के भीतर भी कार्रवाई करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। जो कोई भी नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता को कमजोर करेगा, उसके खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है।

  • टेक्सास की वालेरो रिफाइनरी में जोरदार धमाका, आग से मचा हड़कंप; ईरान कनेक्शन की अटकलों पर सस्पेंस

    टेक्सास की वालेरो रिफाइनरी में जोरदार धमाका, आग से मचा हड़कंप; ईरान कनेक्शन की अटकलों पर सस्पेंस

    वाशिंगटन। अमेरिका की टेक्सास स्थित वालेरो रिफाइनरी (Valero Energy) में जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। टेक्सास में स्थित इस रिफाइनरी में हुआ विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की जमीन तक हिल गई और कई घरों की खिड़कियां टूटने की खबर है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धमाके के बाद रिफाइनरी से घना काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है।

    जानकारी के मुताबिक यह विस्फोट 23 मार्च को स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजकर 22 मिनट पर हुआ। धमाके के बाद परिसर में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकल की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। Port Arthur फायर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि उनके घर हिल गए। विस्फोट के बाद क्षेत्र में काला धुआं फैल गया, जिससे प्रशासन ने एहतियातन आसपास के इलाकों को खाली कराया और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों की टीम यह भी जांच कर रही है कि आग के कारण हवा में कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं फैला।

    बड़ी रिफाइनरियों में शामिल

    वालेरो की पोर्ट आर्थर रिफाइनरी अमेरिकी गल्फ कोस्ट से करीब 90 मील दूर स्थित है और यहां लगभग 770 कर्मचारी काम करते हैं। रोजाना करीब 4.35 लाख बैरल गैसोलीन, डीजल और जेट ईंधन का उत्पादन यहां किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग के कारण संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे क्षेत्रीय फ्यूल सप्लाई पर असर पड़ने की संभावना है।

    प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक हीटिंग यूनिट में विस्फोट आग की वजह हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच सोशल मीडिया पर यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि घटना का संबंध Iran से हो सकता है, लेकिन अब तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।

  • सीक्रेट’ ईरानी नेता से कर रहे बातचीत? अमेरिका की नजर इस बड़े नाम पर

    सीक्रेट’ ईरानी नेता से कर रहे बातचीत? अमेरिका की नजर इस बड़े नाम पर

    वाशिंगटन। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिन के लिए टालते हुए बड़ा संकेत दिया है कि अमेरिका पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वार्ता किसी “शीर्ष और सम्मानित” ईरानी नेता से हो रही है, लेकिन उन्होंने नाम उजागर नहीं किया। इस बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि आखिर वह नेता कौन है जिससे अमेरिका संपर्क में है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी रणनीतिक हलकों में Mohammad Bagher Ghalibaf का नाम चर्चा में है। माना जा रहा है कि वॉशिंगटन उन्हें संभावित साझेदार के रूप में देख रहा है, जो भविष्य में ईरान की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी उन्हें ऐसे व्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं जो संघर्ष के अगले चरण को आकार देने में मदद कर सकते हैं और संवाद की राह खोल सकते हैं।

    ट्रंप के बयान से बढ़ा सस्पेंस
    ट्रंप ने Palm Beach International Airport पर पत्रकारों से बातचीत में यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी “दूसरे सर्वोच्च नेता” से बात नहीं कर रहा। इसे Mojtaba Khamenei की ओर इशारा माना गया, जो Ali Khamenei के बेटे हैं। ट्रंप ने कहा, “हम एक ऐसे व्यक्ति से बात कर रहे हैं जो बहुत सम्मानित हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी नेतृत्व की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

    अमेरिका की रणनीति क्या?
    Politico की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी यह परख रहे हैं कि क्या कालीबफ भविष्य के संभावित पार्टनर बन सकते हैं। अमेरिकी रणनीति सिर्फ सैन्य दबाव तक सीमित न रहकर राजनीतिक संवाद के जरिए लाभ हासिल करने की बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन अभी कई विकल्पों पर विचार कर रहा है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

    विशेषज्ञों की राय
    International Crisis Group के विश्लेषक Ali Vaez का कहना है कि कालीबफ ईरान के सत्ता ढांचे से गहराई से जुड़े हैं और उनसे बड़ी रियायत मिलने की संभावना कम है। उनका मानना है कि वे मौजूदा इस्लामी व्यवस्था को बनाए रखने के पक्षधर हैं।

    कालीबफ ने किया इनकार
    इस बीच कालीबफ ने अमेरिका से किसी भी बातचीत से इनकार किया है। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं हुई है और यह “फेक न्यूज” है। साथ ही ईरान की ओर से भी अमेरिका के साथ बातचीत की खबरों को खारिज कर दिया गया है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दिया है कि सैन्य तनाव के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचल तेज है, लेकिन बातचीत को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

  • ईरान जंग के बीच शियाओं पर आसिम मुनीर का बयान, पाकिस्तान में बढ़ा विवाद

    ईरान जंग के बीच शियाओं पर आसिम मुनीर का बयान, पाकिस्तान में बढ़ा विवाद

    तेहरान। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर Asim Munir के एक बयान को लेकर पाकिस्तान में नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने कथित तौर पर कहा कि जिन शिया धर्मगुरुओं को Iran से “ज्यादा लगाव” है, वे वहां चले जाएं। उनका यह बयान रावलपिंडी में आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसके बाद शिया समुदाय के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

    शिया धर्मगुरुओं ने इसे अपमानजनक और भड़काऊ बताते हुए आरोप लगाया कि सैन्य नेतृत्व देश के भीतर सांप्रदायिक तनाव बढ़ा रहा है। कुछ नेताओं ने यहां तक कहा कि सेना प्रमुख बाहरी शक्तियों के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जो पाकिस्तान के हितों के खिलाफ है।

    सरकारों को गिराने तक के आरोप
    शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के केंद्रीय उपाध्यक्ष आलम सैयद सिब्तैन हाइडर सब्ज़वारी ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि सेना प्रमुख को अमेरिका और इजरायल से इतना लगाव है तो उन्हें खुद पाकिस्तान छोड़ देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार सरकारों को गिराकर देश को नुकसान पहुंचाया गया है।

    विरोध प्रदर्शनों के बाद बढ़ा तनाव
    इससे पहले, कराची, स्कार्डू और इस्लामाबादसमेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। ये प्रदर्शन शिया अयातुल्लाह खामेनेई से जुड़े घटनाक्रमों के विरोध में बताए गए। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत होने की खबरें सामने आई थीं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई।

    मुनीर की चेतावनी
    विरोध प्रदर्शनों के बाद मुनीर ने कहा था कि किसी दूसरे देश की घटनाओं को लेकर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाद में “ईरान चले जाएं” वाली टिप्पणी सामने आने के बाद शिया समुदाय के एक हिस्से में नाराजगी और बढ़ गई।
    Inter-Services Public Relations ने अपने बयान में कहा कि सेना प्रमुख ने उलेमाओं से मुलाकात कर राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में उनकी भूमिका पर चर्चा की। हालांकि विवादित टिप्पणी पर आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

  • लंदन में यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर एम्बुलेंस में आग, पुलिस ने माना घृणा अपराध

    लंदन में यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर एम्बुलेंस में आग, पुलिस ने माना घृणा अपराध

    लंदन। लंदन में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर कथित तौर पर बड़ा हमला हुआ है। उत्तरी लंदन के इलाके गोल्डर्स ग्रीन में एक यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर खड़ी कई एम्बुलेंस में आग लगा दी गई। घटना के बाद रात के आसमान में लपटें और काला धुआं दिखाई दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मामले को यहूदी-विरोधी घृणा अपराध के तौर पर जांचा जा रहा है। एहतियातन आसपास के कुछ निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

    चार एम्बुलेंस जलकर खाक
    जानकारी के मुताबिक यह एम्बुलेंस यहूदी स्वयंसेवी बचाव समूह Hatzola North West से जुड़ी थीं। संगठन के अध्यक्ष Shloimy Richman ने बताया कि छह में से चार एम्बुलेंस पूरी तरह नष्ट हो गईं। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई आगजनी बताते हुए कहा कि यह यहूदी समुदाय पर सीधा हमला है।

    सीसीटीवी में दिखे नकाबपोश संदिग्ध
    सुरक्षा फुटेज में तीन नकाबपोश व्यक्ति एक एम्बुलेंस के पास जाते और उसमें आग लगाते दिखाई दिए।

    वीडियो में तड़के करीब 1:36 बजे का समय दर्ज है और स्थान Machzikei Hadath के पास बताया गया है, जो पास के आराधनालय से मेल खाता है। पुलिस ने कहा है कि तीन संदिग्धों की तलाश जारी है, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    धमाकों से जागे लोग
    स्थानीय निवासी Charlie Richards ने बताया कि उन्होंने देर रात कई धमाकों की आवाज सुनी। उनके द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एक बड़ा नारंगी विस्फोट और आसमान में उठता घना धुआं दिखाई दे रहा है।

    घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस संभावित घृणा अपराध के एंगल से जांच कर रही है। समुदाय के लोग इस हमले से सदमे में हैं और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • सोनाक्षी सिन्हा के बाद अब मोहनलाल भी पहुंचे अदालत; डिजिटल युग में सितारों की साख बचाने के लिए हाईकोर्ट ने कसी कमर!

    सोनाक्षी सिन्हा के बाद अब मोहनलाल भी पहुंचे अदालत; डिजिटल युग में सितारों की साख बचाने के लिए हाईकोर्ट ने कसी कमर!

    नई दिल्ली:  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के बढ़ते दुरुपयोग और डीपफेक तकनीक के खतरों के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की गरिमा और उनके व्यक्तित्व अधिकारों Personality Rights की सुरक्षा के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सोनाक्षी सिन्हा की अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, चेहरे या उनके व्यक्तित्व से जुड़े किसी भी गुण का व्यावसायिक या किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला उन एआई प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन वेबसाइटों के लिए एक कड़ी चेतावनी है, जो बिना सहमति के मशहूर हस्तियों की छवि का इस्तेमाल कर रहे थे।

    जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पाया कि कुछ अराजक तत्व एआई टूल्स का दुरुपयोग कर अभिनेत्री की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। अदालत ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह के कंटेंट से न केवल अभिनेत्री की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है, बल्कि यह उनकी निजता का भी गंभीर उल्लंघन है। इसी के मद्देनजर, कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि अभिनेत्री से जुड़े ऐसे सभी पहचाने गए आपत्तिजनक यूआरएल URLs को आदेश मिलने के मात्र 36 घंटों के भीतर इंटरनेट से पूरी तरह हटा दिया जाए।

    सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी याचिका में कई प्रतिवादियों को नामित किया था, जिनमें अमेरिका स्थित एआई चैटबॉट प्लेटफॉर्म और विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटें शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ये संस्थाएं ‘जॉन डो’ अज्ञात संस्थाओं के साथ मिलकर अभिनेत्री की आवाज और रूप का गलत तरीके से शोषण कर अनुचित व्यावसायिक लाभ कमा रही हैं। कोर्ट ने माना कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा है और उसकी सहमति के बिना इसका उपयोग करना गैर-कानूनी है।

    दिलचस्प बात यह है कि सोनाक्षी सिन्हा का यह मामला फिल्म जगत में एक बड़ी मुहिम की शुरुआत माना जा रहा है। इसी कड़ी में, दिग्गज मलयालम अभिनेता मोहनलाल ने भी अपने पहचान अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने भी अपनी अर्जी में मांग की है कि उनकी फोटो और आवाज का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना कमाई के लिए न किया जाए। इस मामले पर भी जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ मंगलवार को सुनवाई कर सकती है। डिजिटल दौर में कलाकारों की सुरक्षा के लिहाज से ये कानूनी कदम मील का पत्थर साबित होंगे।

  • सच्ची घटनाओं पर आधारित वो 10 फिल्में, जिन्होंने जासूसी की दुनिया का असली चेहरा दिखाया; 'टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई' ने तोड़े सारे रिकॉर्ड!

    सच्ची घटनाओं पर आधारित वो 10 फिल्में, जिन्होंने जासूसी की दुनिया का असली चेहरा दिखाया; 'टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई' ने तोड़े सारे रिकॉर्ड!


    नई दिल्ली:  आजकल बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर-2’ को लेकर जो दीवानगी देखी जा रही है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दर्शक अब केवल हवाई एक्शन नहीं, बल्कि कहानी में सच्चाई और ऑथेन्टिसिटी तलाश रहे हैं। भारत में ‘पठान’ और ‘टाइगर’ जैसी फिल्मों ने एक माहौल जरूर बनाया, लेकिन ‘धुरंधर’ की सीरीज ने जासूसी के उस पहलू को छुआ है जिसे लोग हकीकत के करीब मान रहे हैं। इसी कड़ी में, अगर हम विश्व सिनेमा पर नजर डालें, तो कुछ ऐसी फिल्में हैं जिन्होंने जासूसी की दुनिया को इतनी बारीकी से दिखाया है कि खुद रिटायर्ड जासूसों ने भी उनकी सराहना की है। आइए जानते हैं दुनिया की उन 10 फिल्मों के बारे में जो जासूसी के रोमांच और उसकी पेचीदगियों को बेहतरीन ढंग से पेश करती हैं।

    इस लिस्ट की शुरुआत होती है ‘आर्गो’ से, जो 1979 के ईरान संकट के दौरान छह अमेरिकियों को बचाने की एक अविश्वसनीय लेकिन सच्ची सीआईए कहानी है। वहीं, रॉबर्ट डी नीरो की ‘द गुड शेफर्ड’ सीआईए के शुरुआती दिनों के संघर्ष को एक व्यक्ति के नजरिए से बेहद संजीदगी के साथ दिखाती है। जासूसी के मानवीय और राजनीतिक बोझ को समझना हो, तो 2006 की जर्मन फिल्म ‘द लाइव्स ऑफ अदर्स’ से बेहतर कुछ नहीं हो सकता, जहाँ एक एजेंट की निगरानी में एक लेखक की पूरी जिंदगी बदल जाती है।

    आज की ग्लोबल पॉलिटिक्स और तेल के खेल को समझने के लिए ‘सीरियाना’ एक अनिवार्य फिल्म है, जो दिखाती है कि कैसे खुफिया विभाग की एक छोटी सी हरकत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकती है। वहीं, ‘ब्रीच’ फिल्म एफबीआई के भीतर छिपे एक गद्दार और उसे पकड़ने के लिए चल रही साइकोलॉजिकल जंग की सच्ची दास्तां है। क्लासिक सिनेमा की बात करें, तो ‘आर्मी ऑफ शैडोज’ नाजी कब्जे के दौरान जासूसों द्वारा झेले गए टॉर्चर और उनके बलिदान की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर पेश करती है।

    अगर आपको ‘धुरंधर’ का यथार्थ पसंद आया है, तो ‘द स्पाई हू केम इन फ्रॉम द कोल्ड’ और टॉम हैंक्स की ‘ब्रिज ऑफ स्पाइज’ आपको जरूर देखनी चाहिए। ये फिल्में दिखाती हैं कि जासूसी केवल बंदूक चलाना नहीं, बल्कि वकीलों और एजेंटों के बीच होने वाली शतरंज की चालें भी हैं। ‘ए मोस्ट वांटेड मैन’ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और धीमी रफ्तार के सस्पेंस का बेहतरीन मेल है।

    लेकिन, इस सूची में सबसे ऊपर जिस फिल्म का नाम आता है, वह है ‘टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई’। इस फिल्म में कोई फालतू का मसाला या गैर-जरूरी एक्शन नहीं है। यह पूरी तरह से खुफिया एजेंसी के भीतर छिपे एक ‘मोहरे’ सोवियत जासूस को ढूंढने की दिमागी कसरत है। इसकी बारीकियों और जासूसी के सटीक चित्रण की वजह से खुद असली जासूसों ने इसे हकीकत के सबसे करीब बताया है। यह फिल्म जासूसी के उस बोरियत भरे लेकिन बेहद तनावपूर्ण हिस्से को दिखाती है, जो आम तौर पर फिल्मों में नहीं दिखता।