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  • बीमा लेना होगा सस्ता… भारी कमीशन में चलेगी कैची…. बड़े सुधार लागू करने की तैयारी में IRDA

    बीमा लेना होगा सस्ता… भारी कमीशन में चलेगी कैची…. बड़े सुधार लागू करने की तैयारी में IRDA


    नई दिल्ली।
    अगर आपको लगता है कि बीमा (Insurance) लेना महंगा (Costly) हो गया है, तो यह खबर आपके काम की है। बीमा नियामक इरडा (Insurance Regulator IRDA) अगले 4-6 महीनों में ऐसे कई बड़े सुधार लागू करने जा रहा है, जिससे बीमा किफायती होगा और आपको पैसे का पूरा दम मिलेगा। इन बदलावों की सबसे बड़ी मार उन भारी-भरकम कमीशनों पर पड़ेगी, जो बीमा कंपनियां एजेंटों और बैंकों को देती हैं।


    बीमा सुगम: एक प्लेटफॉर्म, सबके लिए

    जल्द ही लॉन्च होगा बीमा सुगम – एक डिजिटल मार्केटप्लेस जहां आप अमेजॉन-फ्लिपकार्ट की तरह सभी बीमा कंपनियों की पॉलिसियां कंपेयर कर सकेंगे। कीमत, फीचर्स, क्लेम सेटलमेंट रेशियो – सब कुछ एक क्लिक पर। जब सबकुछ खुला होगा, कंपनियों को अपने दम पर प्रीमियम कम रखना होगा।

    1 लाख करोड़ रुपये का सवाल
    सोचिए, वित्त वर्ष 2025 में अकेले कमीशन के नाम पर बीमा कंपनियों ने करीब 1 लाख करोड़ रुपये बांटे। यही वह पैसा है जो आपकी जेब से प्रीमियम के रूप में निकलता है। आरबीआई और इरडा दोनों ने इस पर चिंता जताई है। अब नियामक इस वितरण लागत को तर्कसंगत बनाने पर काम कर रहा है।

    30% खर्च पर कैंची चलेगी
    फिलहाल बीमा कंपनियां आपके प्रीमियम का 30% हिस्सा डिस्ट्रिब्यूशन और एडमिन के कामों पर खर्च करती हैं। इसमें 17-18% सीधे बैंकों, एनबीएफसी और एजेंटों की जेब में जाता है। इरडा अब इसे घटाने की तैयारी में है, खासकर हेल्थ इंश्योरेंस में जहां प्रीमियम तेजी से बढ़े हैं।


    कम लागत, तेज प्रोसेस और ज्यादा पारदर्शिता

    नियामक IRDA एक सहमति-आधारित डेटा रजिस्ट्री बना रहा है, जहां पॉलिसी और दावों का सारा डेटा सुरक्षित रहेगा। इससे अंडरराइटिंग तेज होगी, फ्रॉड पर लगाम लगेगी और पॉलिसी पोर्टेबिलिटी आसान होगी। मतलब – कम लागत, तेज प्रोसेस और ज्यादा पारदर्शिता।


    अब कंपनियां नहीं छुपा पाएंगी सच

    इरडा बीमा कंपनियों पर शिकंजा कस रहा है। अब कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स, रिटर्न और क्लेम सेटलमेंट रेशियो का खुलकर खुलासा करना होगा। जब सबकुछ सार्वजनिक होगा, तो कंपनियों के बीच बेहतर सर्विस और कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग की होड़ लगेगी।


    आम आदमी को क्या मिलेगा?

    इन सुधारों का सीधा फायदा आपको मिलेगा। कमीशन खर्च घटेगा तो प्रीमियम स्थिर या कम हो सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तुलना से बेहतर और किफायती पॉलिसी चुन पाएंगे। पता चलेगा कि आपका पैसा कहां जा रहा है और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से क्लेम प्रोसेस तेज होगा। खासकर हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस में इन बदलावों का असर साफ दिखेगा, जहां बढ़ती लागत ने मिडल क्लास की जेब पर दबाव बढ़ा दिया था।

  • भारत में गहराया गैस संकट… गुजरात गैस लिमिटेड ने की फोर्स मेज्योर लागू करने की घोषणा

    भारत में गहराया गैस संकट… गुजरात गैस लिमिटेड ने की फोर्स मेज्योर लागू करने की घोषणा


    नई दिल्ली।
    पेट्रोनेट एलएनजी (Petronet LNG) के बाद अब भारतीय गैस वितरण कंपनी (Indian gas Distribution Company) गुजरात गैस लिमिटेड (Gujarat Gas Limited) ने भी फोर्स मेज्योर लागू करने की घोषणा की है। कंपनी ने बुधवार को घोषणा की कि वह अपने आपूर्ति अनुबंधों में फोर्स मेज्योर लागू करेगी, क्योंकि आरएलएनजी की उपलब्धता “गंभीर रूप से सीमित” हो गई है। शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि वह 6 मार्च से गैस की मात्रा में प्रतिबंध लगाएगी।


    कतर के संयंत्र बंद होने से भारत पर संकट गहराया

    सोमवार को, एक ईरानी ड्रोन हमले के बाद कतर ने अपने प्रमुख रास लफ्फान संयंत्र में परिचालन रोक दिया। यह संयंत्र दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आपूर्ति के लिए जिम्मेदार है। पिछले साल अपने कुल एलएनजी आयात का लगभग आधा हिस्सा कतर से प्राप्त करने वाला भारत इस व्यवधान की चपेट में विशेष रूप से आ गया है।


    गुजरात गैस के ग्राहक और बीमा कवरेज

    जनवरी की एक निवेशक प्रस्तुति के अनुसार, गुजरात गैस भारत के छह राज्यों में ग्राहकों को सेवा प्रदान करती है, जिनमें लगभग 4,430 औद्योगिक ग्राहक, 15,600 से अधिक वाणिज्यिक ग्राहक और 2.27 मिलियन घरेलू उपभोक्ता शामिल हैं। कंपनी ने अपने बयान में कहा, “गुजरात गैस द्वारा लिए गए बीमा के तहत युद्ध जैसी घटनाएं कवर नहीं होती हैं। फोर्स मेजेयर का संभावित प्रभाव, जो वर्तमान में एक जारी घटना है, का इस समय अनुमान नहीं लगाया जा सकता है।”


    पेट्रोनेट एलएनजी ने भी किया है ऐलान

    भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी ने बुधवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसने अपने सप्लॉयर कतर एनर्जी और घरेलू खरीदारों को फोर्स मेज्योर की सूचना जारी कर दी है। इसकी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण कंपनी के जहाजों का रास लफ्फान के लोडिंग पोर्ट तक न पहुंच पाना है। अमेरिका-ईरान संघर्ष ने इस क्षेत्र में ईंधन की खेप को बाधित कर दिया है।


    क्या है फोर्स मेज्योर

    अगर कोई काम किसी समझौते के अनुसार होना था, लेकिन प्राकृतिक आपदा या बड़ी अप्रत्याशित घटना की वजह से वह काम नहीं हो पाया, तो उसे Force Majeure कहा जाता है। बता दें ईरान और ओमान के बीच स्थित हॉर्मुज स्ट्रेट, जहां से होकर वैश्विक स्तर पर खपत होने वाले तेल का लगभग एक-पांचवां हिस्सा और बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का ट्रांसपोटेशन होता है, वहां से गुजरना लगभग ठप हो गया है। इस क्षेत्र में कुछ जहाजों के हिट होने की घटनाओं के बाद यह स्थिति बनी है।


    कंपनी ने किन्हें भेजा नोटिस?

    कंपनी ने मंगलवार रात जारी नोटिस में कहा कि सुरक्षा स्थिति और समुद्री नेविगेशन के लिए पैदा हुए गंभीर खतरों को देखते हुए, पेट्रोनेट ने अपने एलएनजी टैंकरों दिशा, राही और असीम के लिए कतर एनर्जी को फोर्स मेज्योर नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पेट्रोनेट ने अपने ग्राहकों गेल (इंडिया), इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम को भी फोर्स मेज्योर की सूचना दी है। पेट्रोनेट के अनुसार, कतरएनर्जी ने भी उसे “क्षेत्र में व्याप्त शत्रुता के कारण फोर्स मेज्योर की संभावित घटना” की सूचना दी है।


    बाजार और उद्योग पर क्या पड़ा असर?

    इस खबर के बाद बुधवार को बीएसई पर पेट्रोनेट के शेयर 9.3% गिरकर 281 रुपये पर बंद हुए। कारोबार के दौरान यह 11.7% तक लुढ़ककर 273 रुपये तक चला गया था। भारतीय गैस सप्लॉयर गेल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन पहले ही फर्टिलाइजर्स प्लांट्स सहित उद्योगों को गैस आपूर्ति में कटौती कर चुके हैं।

    मामले से वाकिब सूत्रों ने बताया कि कम गैस आपूर्ति का असर पहले से ही कुछ फर्टिलाइजर कंपनियों के उत्पादन पर पड़ा है, जिनमें इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव (इफ्को) और कृभको फर्टिलाइजर्स शामिल हैं। हालांकि, अब तक कंपनियों ने घरेलू इस्तेमाल या ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए गैस आपूर्ति में किसी कटौती की घोषणा नहीं की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2.7 करोड़ टन एलएनजी का आयात किया, जो देश की कुल गैस खपत का लगभग आधा है। इस आयात का बड़ा हिस्सा कतर से होता है।

  • अमेरिका ने भारत की तरफ आ रहे ईरानी 'विध्वंसक' पोत को श्रीलंका के तट पर डुबोया, 87 लोगों की मौत

    अमेरिका ने भारत की तरफ आ रहे ईरानी 'विध्वंसक' पोत को श्रीलंका के तट पर डुबोया, 87 लोगों की मौत


    कोलंबो।
    अमेरिका (America) ने बुधवार (4 मार्च) को श्रीलंका (Sri Lanka) के तट के पास एक पनडुब्बी हमले की जिम्मेदारी ली है, जिसमें एक ईरानी नौसैनिक युद्धपोत (फ्रिगेट) (Iranian Naval Frigate) डूब गया। श्रीलंका के उप विदेश मंत्री ने बताया कि हिंद महासागर (Indian Ocean) में हुए इस हमले में कम से कम 87 लोगों की मौत हो गई है। ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ गैले के तटीय शहर से लगभग 40 समुद्री मील दूर, श्रीलंकाई क्षेत्र के बाहर लेकिन उसके आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के भीतर था। स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 5:30 बजे जहाज से खतरे का सिग्नल भेजा गया।

    श्रीलंकाई नौसेना ने बीबीसी को बताया कि जहाज पर मौजूद अनुमानित 180 लोगों में से 32 को बचा लिया गया है। लापता लोगों की सटीक संख्या अभी अज्ञात है। श्रीलंका के पोर्ट शहर गाले के हॉस्पिटल अधिकारियों ने कहा कि 87 शव लाए गए हैं। श्रीलंकाई अधिकारियों ने कहा कि 32 और लोगों को बचा लिया गया और उनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, और जहाज पर सवार लगभग 180 लोगों में से लगभग 60 लोगों का शायद कोई पता नहीं है।

    अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने उस ईरानी युद्धपोत को टारपीडो से डुबा दिया, जो सोचता था कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है। उन्होंने इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से टारपीडो द्वारा किसी दुश्मन जहाज को डुबाने की पहली घटना करार दिया है। इस जहाज का डूबना ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध अपने पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इजरायल के एक समन्वित सैन्य अभियान में ईरानी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ-साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों को मार गिराया गया है। जवाबी कार्रवाई में, ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर हमले किए हैं।


    भारत के ‘इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ से लौट रहा था जहाज

    IRIS देना 17 और 18 फरवरी को विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 (IFR 2026) से वापस लौट रहा था। इस अभ्यास में 19 विदेशी युद्धपोतों सहित कुल 85 जहाजों ने हिस्सा लिया था। भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वदेश निर्मित अपतटीय गश्ती पोत INS सुमेधा से फ्लीट की समीक्षा की थी, जिसने इस अवसर पर ‘प्रेसिडेंशियल यॉट’ के रूप में काम किया। यह आयोजन भारतीय नौसेना के मेगा द्विवार्षिक अभ्यास ‘मिलन’ (MILAN) और ‘हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी’ (IONS) से जुड़ा हुआ था।

    इसे 2021 में ईरान के स्वदेश निर्मित ‘मौज क्लास’ मल्टी-रोल गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट के हिस्से के रूप में कमीशन किया गया था। ईरान इसे विध्वंसक कहता है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे लाइट फ्रिगेट माना जाता है। यह युद्धपोत सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, एंटी-शिप मिसाइलों, तोप, मशीनगनों और टारपीडो लॉन्चर से लैस था।

    यह स्वदेश निर्मित चार ‘बोनयान 4’ इंजनों (प्रत्येक 5,000 हॉर्सपावर) और बेहतर गतिशीलता के लिए बो-थ्रस्टर सिस्टम से लैस ईरान का पहला जहाज था। 2023 में, इसने IRIS मकरान (एक ऑयल टैंकर जिसे सपोर्ट शिप में बदला गया था) के साथ दुनिया का 360-डिग्री चक्कर लगाया था। फरवरी 2023 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इन दोनों जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए थे।


    अंतरराष्ट्रीय कानून और हमले की वैधता पर सवाल

    श्रीलंका के पास हुए इस ताजा हमले ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सैन्य हमलों की वैधता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन’ (UNCLOS) के अनुच्छेद 88 के तहत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए आरक्षित माना जाता है, इसलिए वहां सैन्य हमले आमतौर पर प्रतिबंधित हैं। 2022 के ‘लीडेन जर्नल ऑफ इंटरनेशनल लॉ’ के अनुसार, कोई देश आत्मरक्षा में बल प्रयोग कर सकता है। इसके अलावा, रेड क्रॉस (ICRC) संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति को भी एक आधार मानता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ‘देना’ सीधे तौर पर किसी शत्रुतापूर्ण गतिविधि में शामिल था या नहीं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून UNCLOS के तहत आता है, जिसे ‘महासागरों का संविधान’ माना जाता है, लेकिन अमेरिका इसका हस्ताक्षरकर्ता नहीं है।

  • आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज गुरुवार का राशिफल

    आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज गुरुवार का राशिफल

    युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीत
    चैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया, गुरुवार, 05 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।

    मेष राशि :- धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। कार्यक्षेत्र में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शुभांक-2-4-6

    वृष राशि :– घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। बढ़ते घाटे से कुछ राहत मिलने लगेगी। हाथ में आने वाला धन भी किसी अवरोध का शिकार हो जाएगा। व्यापार में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। धार्मिक यात्रा का योग है। शुभांक-5-7-9

    मिथुन राशि :- चापलूस मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शत्रुभय, ङ्क्षचता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। सब्र का फल मीठा होता है अत:धैर्य रखें व अच्छे समय इन्तजार करें। शुभांक-4-6-8

    कर्क राशि :- थोड़े प्रयास से कार्य सिद्घ होंगे। घर-परिवार में मांगलिक कार्य सम्पन्न होने से वातावरण आनन्द देने वाला बना रहेगा। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। सुबह-सुबह की महत्त्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह बना रहेगा। शुभ कार्यों का तत्काल फल मिलेगा। शुभांक-5-7-8

    सिंह राशि :- पारिवारिक परेशानी बढ़ेगी। कुछ प्रतिकूल गोचर का क्षोभ दिन-भर रहेगा। माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी वातावरण में तनाव पैदा करेंगे। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। अपने काम को प्राथमिकता से करें। शुभांक-6-8-9

    कन्या राशि :- प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच अप्रत्याशित लाभ होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। शुभांक-7-8-9

    तुला राशि :- कहीं रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। अपने हित के काम सुबह-सवेरे निपटा लें। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। माता-पिता के स्वास्थ्य की चिन्ता रहेगी। शुभांक-5-8-9

    वृश्चिक राशि :- पत्नी व संतान पक्ष से थोड़ी चिंता रहेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना। मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। शुभांक-1-3-5

    धनु राशि :- शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। संतान पक्ष की समस्या समाप्त होगी। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रख। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। शुभांक-2-4-6

    मकर राशि :- रुपये-पैसों की सुविधा नहीं मिल पाएगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। राजकीय कार्यों से लाभ। शुभांक-3-5-7

    कुम्भ राशि :- आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढऩे के आसार रहेंगे। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम को प्राथमिकता से करें। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते है। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-7-9

    मीन राशि :- महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे है। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते है। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-4-8-9
  • ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने

    ईरान पर हमले के लिए नाटो देश ने नहीं दिए सैन्य ठिकाने

    वाशिंगटन। स्पेन द्वारा ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल से इनकार करने पर डोनाल्ड ट्रम्प भड़क गए हैं। ट्रम्प ने स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है और अपने 15 लड़ाकू विमान वापस बुला लिए हैं।

    अमेरिका और स्पेन के बीच तनाव अचानक गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) और यूरोपीय सहयोगी स्पेन पर पूर्ण व्यापार प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। यह विवाद स्पेन द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमले से जुड़े मिशनों के लिए अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग करने से रोकने के बाद उत्पन्न हुआ है।
    विवाद का मुख्य कारण
    सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर रोक: स्पेन के समाजवादी नेतृत्व ने अमेरिकी सेना को ईरान पर संभावित हमले के लिए स्पेन स्थित ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

    विमानों की वापसी: इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका ने दक्षिणी स्पेन में स्थित रोटा और मोरन सैन्य ठिकानों से अपने 15 विमानों (जिनमें ईंधन भरने वाले टैंकर भी शामिल हैं) को हटा लिया है।
    डोनाल्ड ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

    व्यापार खत्म करने की चेतावनी: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ एक बैठक के दौरान ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा- स्पेन का रवैया बहुत खराब रहा है। उन्होंने अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट को स्पेन के साथ सभी लेन-देन और व्यापार बंद करने का निर्देश दिया है।

    रक्षा बजट पर निशाना: ट्रंप ने स्पेन द्वारा नाटो देशों के लिए तय की गई ‘जीडीपी के 5% रक्षा खर्च’ की मांग को अनसुना करने पर भी नाराजगी जताई।

    विशेषाधिकार का दावा: पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके व्यापक वैश्विक टैरिफ को अवैध ठहराए जाने से निराश ट्रंप ने जोर देते हुए कहा- स्पेन के साथ होने वाले सभी व्यापार को रोकने का मुझे अधिकार है… और हम स्पेन के साथ ऐसा कर सकते हैं।
    जर्मनी का स्पष्ट रुख: कोई अलग व्यवहार नहीं
    जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रंप के साथ बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अमेरिका यूरोपीय संघ (EU) के एक सदस्य को अलग-थलग नहीं कर सकता। उन्होंने ट्रंप को निजी तौर पर बताया कि ब्रुसेल्स और वाशिंगटन के बीच हुए व्यापार समझौते से स्पेन को बाहर नहीं किया जा सकता।

    मर्ज ने कहा- हम अमेरिका के साथ टैरिफ पर एक साथ (यूरोपीय संघ के रूप में) बातचीत करते हैं या बिल्कुल नहीं करते हैं। स्पेन के साथ विशेष रूप से बुरा व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है। हालांकि, मर्ज ने यह भी कहा कि यूरोप भीतर से स्पेन पर रक्षा बजट बढ़ाकर 3% या 3.5% तक करने का दबाव बना रहा है, लेकिन इसका व्यापार से कोई लेना-देना नहीं है।
    क्या कानूनी तौर पर यह प्रतिबंध संभव है?
    अमेरिकी प्रशासन की तैयारी: ट्रेजरी सचिव बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने कहा कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और वाणिज्य विभाग इसकी जांच शुरू करेगा।

    कानूनी अड़चनें (हाई बार): जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की व्यापार कानून विशेषज्ञ जेनिफर हिलमैन के अनुसार, ट्रंप को ऐसा करने के लिए स्पेन को अमेरिका के लिए एक असामान्य और असाधारण खतरा घोषित करते हुए ‘राष्ट्रीय आपातकाल’ लागू करना होगा। एनवाईयू के प्रोफेसर पीटर शेन ने कहा कि ईरान पर बिना उकसावे के हमले के लिए स्पेन द्वारा ठिकाने न देना, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ‘असाधारण खतरा’ कैसे हो सकता है, यह साबित करना बेहद मुश्किल है।
    स्पेन की प्रतिक्रिया और आर्थिक स्थिति
    स्पेन का जवाब: स्पेन सरकार ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून, निजी व्यवसायों की स्वायत्तता और अमेरिका-यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का सम्मान करना चाहिए। मैड्रिड ने कहा कि उसके पास संभावित प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं।

    पीएम पेड्रो सांचेज़ का रुख: स्पेन के वामपंथी विचारधारा वाले प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ इससे पहले भी ट्रम्प की नाराजगी मोल ले चुके हैं, जब उन्होंने इजरायल को हथियार ले जाने वाले जहाजों को स्पेन में रुकने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।

    आर्थिक आंकड़े (2025): स्पेन जैतून के तेल (olive oil) का दुनिया का शीर्ष निर्यातक है और अमेरिका को ऑटो पार्ट्स, स्टील और रसायन निर्यात करता है। 2025 में, अमेरिका और स्पेन के बीच व्यापार में अमेरिका 4.8 बिलियन डॉलर के फायदे में था (अमेरिका ने 26.1 बिलियन डॉलर का निर्यात किया, जबकि 21.3 बिलियन डॉलर का आयात किया)। अमेरिका स्पेन को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस (LNG) बेचता है।

  • 'बलि का बकरा' बनाए जाते हैं सेलेब्स, अर्जुन कपूर के बचाव में बोलीं जाह्नवी, कहा- करीब से देखा है कैसे..

    'बलि का बकरा' बनाए जाते हैं सेलेब्स, अर्जुन कपूर के बचाव में बोलीं जाह्नवी, कहा- करीब से देखा है कैसे..

    मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने सोशल मीडिया पर आए दिन होने वाली सेलेब्रिटीज की ट्रोलिंग और अपने भाई अर्जुन कपूर के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत पर खुलकर बात की है। जाह्नवी ने साफ कहा है कि इंटरनेट पर लोगों द्वारा दी लिखी जाने वाली राय उनके लिए खास मायने नहीं रखती, लेकिन जब बात सोशल मीडिया पर बुली या हैरास किए जाने की आती है, तो इसके लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। जाह्नवी कपूर ने साफ कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं, और उनका मकसद किसी भी तरह वायरल होना या फिर ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाना होता है।
    बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल होते हैं सेलेब

    ग्रेजिया मैगजीन के साथ बातचीत में सोशल मीडिया कल्चर पर अपनी राय रखते हुए जाह्नवी ने कहा कि आज हर कोई वायरल होना और ज्यादा व्यूज पाना चाहता है।

    जाह्नवी ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स सेलेब्रिटीज को बलि के बकरे की तरह इस्तेमाल करते हैं। जाह्नवी ने कहा, ‘वो सिर्फ क्लिकबेट और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए आपके नाम का इस्तेमाल करते हैं। जब आप इसे इस नजरिए से देखते हैं, तो आपको समझ आता है कि उनकी बातों का आपसे कोई लेना-देना नहीं है। तब आप इन चीजों को दिल से लगाना कम कर देते हैं।’
    ‘मैंने कई बार अपने भाई के साथ ये होते देखा’

    इसी बातचीत के दौरान जाह्नवी ने अपने सौतेले भाई अर्जुन कपूर के साथ पिछले दिनों हुई सोशल मीडिया बुलीइंग और एक्टर पर उसके असर का भी जिक्र किया। अपने भाई का बचाव करते हुए जाह्नवी ने कहा कि उन्होंने करीब से देखा है कैसे अर्जुन को बुली किया जाता है। जाह्नवी कपूर ने कहा, ‘हर कोई वह कर रहा है जो उन्हें करना है, सब घर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जब यह हैरासमेंट में बदल जाता है, जैसा कि मैंने कई बार अपने भाई के साथ होते देखा है, तो इस तरह के बर्ताव का कोई बहाना नहीं हो सकता। नफरत सिर्फ नफरत को बढ़ावा देती है, और आपको बस इससे खुद को दूर कर लेना चाहिए।’
    जब अर्जुन कपूर ने बयां किया था अपना हाल

    बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अर्जुन कपूर को उनकी एक्टिंग और पर्सनल लाइफ को लेकर काफी ट्रोल किया गया है। पिछले महीने अपनी दिवंगत मां मोना शौरी कपूर की जयंती पर अर्जुन ने एक इमोशनल नोट लिखा था। जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि पिछले कुछ समय से जिंदगी उनके लिए बहुत बेरहम रही है, लेकिन वह ठीक हो जाएंगे। अर्जुन कपूर ने इसी पोस्ट में कई ऐसी बातें लिखी थीं जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों में उनके लिए फिक्र तो बढ़ी ही, साथ ही लोगों को यह भी समझ में आया कि उन दिनों अर्जुन किस तरह की मानसिक स्थिति से गुजर रहे थे। उनकी इस पोस्ट के बाद कई फैंस ने उनके सपोर्ट में कमेंट किए थे।

  • ओम बिरला ने विशेषाधिकार समिति के 15 सदस्य किए मनोनीत, रविशंकर प्रसाद होंगे अध्यक्ष

    ओम बिरला ने विशेषाधिकार समिति के 15 सदस्य किए मनोनीत, रविशंकर प्रसाद होंगे अध्यक्ष

    नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की विशेषाधिकार समिति के पुनर्गठन की घोषणा करते हुए मंगलवार को 15 सदस्यों को मनोनीत किया। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
    लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, समिति में विभिन्न दलों के सांसदों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

    समिति में शामिल सदस्य
    भारतीय जनता पार्टी से:
    बृजमोहन अग्रवाल
    रामवीर सिंह बिधूड़ी
    संगीता कुमारी सिंह देव
    जगदंबिका पाल
    त्रिवेंद्र सिंह रावत
    जगदीश शेट्टर

    कांग्रेस से:
    तारिक अनवर
    मनीष तिवारी
    मणिकम टैगोर

    अन्य दलों से:
    समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव
    द्रमुक (DMK) के टी.आर. बालू
    तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी
    शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने
    शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के अरविंद सावंत
    क्या है विशेषाधिकार समिति की भूमिका?

    विशेषाधिकार समिति संसद की एक स्थायी समिति होती है, जो सदन या उसके सदस्यों के विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े मामलों की जांच करती है।

    समिति उन मामलों की पड़ताल करती है जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष द्वारा संदर्भित किया जाता है।

    जांच के बाद यह समिति अपनी सिफारिशें सदन को सौंपती है।

    संरचना के अनुसार, लोकसभा में अध्यक्ष द्वारा 15 सदस्यों को नामित किया जाता है, जबकि राज्यसभा में सभापति द्वारा 10 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं।

    बहुदलीय प्रतिनिधित्व
    आधिकारिक सूचना के अनुसार, समिति में भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, समाजवादी पार्टी और द्रमुक सहित कई दलों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों की जांच बहुदलीय सहभागिता के साथ की जाए।

    इस नियुक्ति के साथ ही नई समिति औपचारिक रूप से अपने कार्यों का निर्वहन शुरू करेगी।

  • धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    धुरंधर स्टार आयशा खान बोलीं, 'मेरे साथ रेप की कोशिश हुई…

    नई दिल्ली. बिग बॉस 17 फेम और धुरंधर फिल्म की स्टार आयशा खान ने हाल ही में महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर बात की. मोजो स्टोरी के एक हालिया समिट में बोलते हुए, आयशा ने ऑनलाइन सेक्शुअलाइजेशन, यौन हिंसा की धमकियों और अपनी जिंदगी में रेप की कोशिश जैसे दर्दनाक अनुभवों को साझा किया. उन्होंने बताया कि शरारत गाने की शूटिंग के दौरान पीरियड्स में होने की अपनी ईमानदार कबूलनामी के बाद उन्हें बड़े पैमाने पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. उन्होंने न सिर्फ रोजाना मिलने वाली रेप की धमकियों का खुलासा किया, बल्कि यह भी बताया कि कैसे एक समय उनके साथ रेप की कोशिश की गई थी.
    अपने करियर की शुरुआत से ही आयशा सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार रही हैं.
    उन्होंने बताया कि जब उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने पीरियड्स के दौरान ‘धुरंधर’ फिल्म का ‘शरारत’ गाना शूट किया था, तो उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. उन्होंने कहा कि यह घटना तो महज एक उदाहरण है, असल दर्द इससे कहीं गहरा है.
    आयशा ने कहा कि इंस्टाग्राम पर लगभग रोजाना उनके शरीर को लेकर अश्लील कमेंट्स किए जाते हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं सामान्य टॉप पहनूं तो लोगों को प्रॉब्लम है, स्कर्ट पहनूं तो भी प्रॉब्लम है. मुझे यह सोचना पड़ता है कि पोस्ट करने से पहले क्या पहनूं.’
    उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह के माहौल में रहना मानसिक रूप से बेहद दुखद है. ‘अगर मैं कुछ पहनने या पोस्ट करने से पहले यह सोचूं कि कहीं कोई मुझे गलत न समझ ले तो यह कितनी दुखद मानसिकता है
    जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऑनलाइन रेप की धमकियां मिलती हैं, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था. उन्होंने कहा, ‘हां, हर रोज. मैं अभी अपना फोन खोलकर आपको दिखा सकती हूं’. उन्होंने कहा कि पब्लिक फिगर होने के नाते यह समस्या सदियों से चली आ रही है और इंडस्ट्री की हर महिला कभी न कभी इससे गुजरती है.
    उन्होंने कहा कि कमेंट्स में लोग लिखते हैं कि अगर उनमें ताकत होती तो वे उसके साथ सब कुछ कर गुजरते, जो उन्हें डराता है क्योंकि ये असली इंसान हैं जो हमारे आसपास ही रहते हैं. इस दौरान आयशा ने अपनी जिंदगी के सबसे दर्दनाक पल को भी साझा किया.
    भावुक होते हुए उन्होंने बताया, ‘मेरे साथ रेप की कोशिश हुई थी. मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती, लेकिन कभी-कभी यह जख्म हरा हो जाता है.’ उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मिलने वाली धमकियां उस पुराने घाव को कुरेद देती हैं. उन्हें डर होता है कि कहीं वह हादसा दोबारा न हो जाए, खासकर तब जब वह सेट पर होती हैं या कहीं ट्रैवल कर रही होती हैं
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    अपने असल जिंदगी के एक और डरावने अनुभव को शेयर करते हुए आयशा ने बताया कि एक बार वह फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और उनके पिता भी वहां मौजूद थे. अचानक उन्होंने इंस्टाग्राम चेक किया तो देखा कि लंबे समय से एक शख्स उन्हें लगातार वॉयस नोट्स भेज रहा था.
    पड़ताल करने पर पता चला कि वह शख्स उनके सेट पर ही एक स्पॉटबॉय था. आयशा ने तुरंत इसकी शिकायत अपने पिता और प्रोडक्शन टीम से की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई. हालांकि, इस घटना ने उन्हें यह एहसास करा दिया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दुनिया के बीच की दूरी बहुत कम है.
  • MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास हेरिटेज होटल में नॉनवेज बनते CCTV फुटेज से हड़कंप… जानें क्या बोले मैनेजर?

    MP: उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास हेरिटेज होटल में नॉनवेज बनते CCTV फुटेज से हड़कंप… जानें क्या बोले मैनेजर?


    उज्जैन।
    महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) के पास मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (Madhya Pradesh Tourism Corporation- MPT) के ‘सम्राट विक्रमादित्य द हेरिटेज होटल’ (Samrat Vikramaditya The Heritage Hotel) विवादों के घेरे में है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दावा किया जा रहा है कि इस शुद्ध शाकाहारी होटल के किचन में छिपाकर नॉनवेज (मांस-मछली) पकाया जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा है कि महाकाल मंदिर के पास पर्यटन विभाग की होटल में नॉनवेज पकाया जाता है और पूरा स्टफ उसे खाता है. इतना ही नहीं ये भी दावा किया गया है कि ये गतिविधि होटल प्रबंधक की निगरानी में की जाती है।

    वीडियो में कथित तौर पर कर्मचारी यह कहते सुने जा रहे हैं कि “मुर्गा-मछली के हाथ लगे हैं, अच्छे से हाथ धो लेना.” यह भी आरोप है कि नॉनवेज पकाते समय सीसीटीवी कैमरों का एंगल जानबूझकर बदल दिया जाता है।


    ‘नॉनवेज नहीं, दही के शोले थे’

    होटल के मैनेजर सतीश पाठक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने महाकाल थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि यह वीडियो होटल के उन पूर्व कर्मचारियों ने वायरल किया है जो 3-4 महीने पहले काम छोड़ चुके हैं और अब होटल की छवि खराब करना चाहते हैं।

    मैनेजर का दावा है कि जिस सामग्री को वीडियो में नॉनवेज बताया जा रहा है, वह दरअसल होटल की एक प्रसिद्ध वेज डिश ‘दही के शोले’ है. इसमें पनीर, वेजिटेबल्स और दही का उपयोग होता है, जिसे भ्रामक तरीके से पेश किया गया. महाकाल मंदिर के आसपास नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित है और होटल प्रशासन इसकी गरिमा का पूरा ख्याल रखता है।


    पुलिस कार्रवाई और आस्था का सवाल

    चूंकि यह होटल महाकाल मंदिर के बिल्कुल नजदीक है, इसलिए देशभर से आने वाले श्रद्धालु इसे ‘शुद्ध शाकाहारी’ मानकर यहां ठहरते हैं. ऐसे में इन आरोपों ने भक्तों की आस्था को झकझोर दिया है। होटल मैनेजर ने बताया कि उन्होंने इस दुष्प्रचार के खिलाफ महाकाल थाने में FIR दर्ज करा दी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।