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  • प्याज महंगा हुआ तो सरकार ने बढ़ाई सप्लाई, बफर स्टॉक खोला, ‘कांदा एक्सप्रेस’ से ढुलाई शुरू

    प्याज महंगा हुआ तो सरकार ने बढ़ाई सप्लाई, बफर स्टॉक खोला, ‘कांदा एक्सप्रेस’ से ढुलाई शुरू


    नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बाजार में सप्लाई बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। नासिक से देश के प्रमुख खपत केंद्रों तक प्याज की ढुलाई शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही बफर स्टॉक से भी नियंत्रित मात्रा में प्याज बाजार में उतारा जा रहा है। सरकार का मकसद पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में अचानक होने वाली तेजी को रोकना है।

    अगस्त-सितंबर में बढ़ती है प्याज की मांग

    सरकार के मुताबिक, अगस्त और सितंबर में प्याज की कीमतों में मौसमी तेजी आमतौर पर देखी जाती है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के अलावा मौसम और सप्लाई-चेन से जुड़ी दिक्कतों का भी कीमतों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में बाजार में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए पहले से कदम उठाए जा रहे हैं।

    पहले चरण में 5 बड़े शहरों पर फोकस

    शुरुआती चरण में सरकार ने पांच बड़े खपत केंद्रों को चुना है। इनमें चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, कोच्चि और गुवाहाटी शामिल हैं। नासिक से इन शहरों तक प्याज पहुंचाया जाएगा और मांग के अनुसार बाजार में इसकी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

    सरकार के अनुसार, यदि किसी अन्य शहर में भी कीमत या सप्लाई पर दबाव बढ़ता है तो उसे भी इस कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है।

    देश में प्याज की कमी नहीं

    सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों की घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त प्याज उपलब्ध है। वर्ष 2025-26 में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। यह पिछले साल के 307.67 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के लगभग बराबर है।

    ऐसे में मौजूदा स्थिति को बड़े सप्लाई संकट के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। सरकार का फोकस बाजार में उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने पर है।

    बफर स्टॉक से भी प्याज बाजार में उतारा

    बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित मात्रा में रिलीज शुरू कर दी गई है। जरूरत के हिसाब से आगे भी इसकी मात्रा बढ़ाई जा सकती है।

    प्याज की ढुलाई में रेलवे की ‘कांदा एक्सप्रेस’ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार के मुताबिक, 2025-26 में इसके जरिए करीब 88 हजार मीट्रिक टन प्याज देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया गया।

    86 रेलवे रैक से 16 शहरों तक पहुंचा प्याज

    रेलवे के 86 रैक के जरिए प्याज को देश के 16 बड़े शहरों तक पहुंचाया गया है। सरकार का कहना है कि बाजार की स्थिति और मांग के अनुसार आगे भी प्याज की ढुलाई और बफर स्टॉक से रिलीज का दायरा बढ़ाया जाएगा।

    नासिक से बड़े खपत केंद्रों तक सप्लाई बढ़ाने और बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने से आने वाले दिनों में उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। अब इसका असर अलग-अलग शहरों की खुदरा कीमतों पर कितना पड़ता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

  • Aaj Ka Rashifal 25 August: ग्रहों की चाल बदलेगी किस्मत का रुख, नौकरी कारोबार प्रेम और धन के मामले में जानें आज का दिन

    Aaj Ka Rashifal 25 August: ग्रहों की चाल बदलेगी किस्मत का रुख, नौकरी कारोबार प्रेम और धन के मामले में जानें आज का दिन


    नई दिल्ली। मेष राशि के जातकों के लिए 25 अगस्त का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। किसी पुराने काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को नया अवसर मिल सकता है लेकिन निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी होगा। परिवार में किसी सदस्य से अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम जीवन में भी रिश्ते मजबूत होंगे। खर्च पर नियंत्रण रखें।

    वृषभ राशि वालों के लिए दिन मिलाजुला रहने वाला है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आपकी कार्यक्षमता की प्रशंसा भी होगी। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें और किसी को बिना सोचे समझे पैसा उधार देने से बचना बेहतर रहेगा। घर परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं। बातचीत में संयम रखने से स्थिति संभल जाएगी। स्वास्थ्य के मामले में आराम और खानपान पर ध्यान दें।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन नई उम्मीद लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। कारोबार में नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है। प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी। आज अनावश्यक चिंता करने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान देना आपके लिए बेहतर रहेगा।

    कर्क राशि के जातकों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। कार्यस्थल पर किसी सहकर्मी से बहस करने से बचें। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी लेकिन अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। परिवार के किसी बड़े सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित होगी। व्यापार में पुराने ग्राहक से लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन में साथी का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें।

    सिंह राशि के लिए 25 अगस्त सफलता देने वाला दिन हो सकता है। नौकरी और कारोबार में आपकी स्थिति मजबूत होगी। किसी महत्वपूर्ण मीटिंग या बातचीत में आपकी बात को महत्व मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में चल रही गलतफहमी दूर हो सकती है।

    कन्या राशि वालों को आज मेहनत के बावजूद कुछ कामों में देरी का सामना करना पड़ सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ेगी और आपको धैर्य के साथ काम करना होगा। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना लाभकारी रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक तनाव कम होगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन नींद पूरी करने पर ध्यान दें।

    तुला राशि के लिए दिन काफी शुभ रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। कारोबार में लाभ का मौका मिलेगा। किसी पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। अविवाहित लोगों के लिए रिश्ते की बात आगे बढ़ सकती है। परिवार के साथ किसी छोटी यात्रा की योजना बन सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों को आज अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा। जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान दे सकता है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें और अपनी जरूरी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। धन की स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार में किसी सदस्य की समस्या को लेकर चिंता हो सकती है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।

    धनु राशि के लिए आज का दिन तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी की संभावना बन सकती है। कारोबारियों को अच्छा सौदा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता रहेगी। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा।

    मकर राशि के जातकों के लिए दिन मेहनत और अनुशासन वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करना पड़ सकता है। धन से जुड़े फैसले सोच समझकर लें। परिवार में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है लेकिन आपकी समझदारी से मामला शांत हो जाएगा। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में कोई नया संपर्क भविष्य में बड़ा फायदा दे सकता है। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। प्रेम जीवन में साथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। हालांकि अनावश्यक खरीदारी से बचना बेहतर रहेगा।

    मीन राशि के लिए 25 अगस्त का दिन सावधानी और समझदारी से आगे बढ़ने का है। कार्यक्षेत्र में किसी काम को लेकर दबाव बढ़ सकता है लेकिन धैर्य से काम लेने पर सफलता मिलेगी। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम संबंधों में किसी तीसरे व्यक्ति की बातों पर तुरंत विश्वास न करें। स्वास्थ्य के लिए तनाव कम रखना जरूरी होगा।

  • आरसी में सिर्फ गणेश और आधार में पूरा नाम तो ट्रांसफर अटक सकता है, भोपाल RTO में नाम मिसमैच से परेशान वाहन मालिक

    आरसी में सिर्फ गणेश और आधार में पूरा नाम तो ट्रांसफर अटक सकता है, भोपाल RTO में नाम मिसमैच से परेशान वाहन मालिक


    भोपाल ।
    भोपाल में वाहन मालिकों के लिए आरसी और आधार कार्ड में दर्ज नाम का मामूली अंतर भी बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। खासकर ऐसे लोगों की दिक्कत बढ़ गई है जो अपनी पुरानी गाड़ी बेचने या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया में हैं। भोपाल आरटीओ में आधार आधारित प्रक्रिया के दौरान नाम का मिलान नहीं होने से वाहन ट्रांसफर के आवेदन अटकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कई वाहन मालिकों का कहना है कि वर्षों पहले वाहन खरीदते समय जिन दस्तावेजों के आधार पर आरसी तैयार हुई थी उनमें नाम अलग तरीके से दर्ज था। बाद में आधार कार्ड बनवाते समय पूरा नाम और सरनेम जुड़ गया। अब दोनों दस्तावेजों में यही अंतर वाहन ट्रांसफर के समय समस्या खड़ी कर रहा है।

    होशंगाबाद रोड निवासी गणेश बडाले का मामला इसका उदाहरण है। उनकी स्कूटी की आरसी में केवल गणेश नाम दर्ज है जबकि आधार कार्ड में पूरा नाम गणेश बडाले लिखा हुआ है। जब उन्होंने स्कूटी ट्रांसफर कराने के लिए आवेदन किया तो आधार और आरसी में नाम का मिलान नहीं होने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। गणेश के मुताबिक वह करीब पांच दिन से आरटीओ के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि समस्या का समाधान किस दस्तावेज में सुधार कराने से होगा। उनका कहना है कि उन्होंने सामान्य तरीके से वाहन ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था लेकिन नाम में अंतर सामने आने के बाद पूरी प्रक्रिया रुक गई।

    ऐसी समस्या केवल एक वाहन मालिक तक सीमित नहीं है। आरटीओ में पहुंच रहे लोगों के मुताबिक पुराने वाहनों के दस्तावेजों में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम में अंतर होने के कारण कई मामलों में आवेदन अटक रहे हैं। किसी आरसी में सिर्फ पहला नाम दर्ज है तो कहीं सरनेम जुड़ा हुआ है जबकि आधार कार्ड में नाम का प्रारूप अलग है। उदाहरण के तौर पर किसी वाहन की आरसी में केवल यासिर दर्ज है जबकि आधार कार्ड में यासिर खान लिखा है। इसी तरह किसी आरसी में सतेंद्र मिश्रा दर्ज है जबकि दूसरे दस्तावेज में केवल सतेंद्र नाम हो सकता है। ऐसे मामलों में दस्तावेज वास्तविक रूप से एक ही व्यक्ति के होने के बावजूद सिस्टम में नाम का मिलान नहीं होने से परेशानी पैदा हो सकती है।

    यह समस्या खास तौर पर 10 से 15 साल पुरानी गाड़ियों के मालिकों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है। उस समय वाहन रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग दस्तावेजों का इस्तेमाल होता था और नाम दर्ज करने का तरीका भी आज की डिजिटल प्रक्रिया से अलग था। बाद में आधार कार्ड में पूरा नाम दर्ज होने के कारण पुराने आरसी रिकॉर्ड और मौजूदा पहचान दस्तावेज के बीच अंतर पैदा हो गया। वाहन मालिकों को अक्सर तब तक इस अंतर का पता नहीं चलता जब तक उन्हें गाड़ी ट्रांसफर कराने की जरूरत नहीं पड़ती।

    ऐसे में यदि आपके पास पुराना वाहन है तो उसे बेचने या ट्रांसफर कराने से पहले आरसी में दर्ज नाम और आधार कार्ड के नाम की जांच कर लेना बेहतर होगा। नाम के साथ सरनेम जुड़ा है या नहीं और दोनों दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग एक जैसी है या नहीं यह भी देखना जरूरी है। छोटी सी गलती समय रहते पकड़ में आ जाए तो आगे की प्रक्रिया में होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। खासकर पुरानी गाड़ियों के मालिकों को अपने दस्तावेजों की जानकारी पहले से दुरुस्त रखनी चाहिए ताकि वाहन बेचते या ट्रांसफर करते समय फाइल नाम मिसमैच के कारण अटक न जाए।

  • फडणवीस की डिनर डिप्लोमेसी से सुलझी महायुति की गुत्थी, नेतृत्व बदलाव की अटकलें भी खारिज

    फडणवीस की डिनर डिप्लोमेसी से सुलझी महायुति की गुत्थी, नेतृत्व बदलाव की अटकलें भी खारिज


    मुंबई। महाराष्ट्र की महायुति सरकार में सरकारी निगमों में नियुक्तियों को लेकर चल रहा गतिरोध खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर सोमवार देर रात महायुति के तीनों प्रमुख दलों के नेताओं की बैठक हुई। डिनर के दौरान हुई इस बैठक में निगमों के बंटवारे का फॉर्मूला तय किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बदलाव की चल रही अटकलों को भी बीजेपी ने खारिज कर दिया।

    विधायकों की संख्या के आधार पर निगमों का बंटवारा

    बैठक में तय हुआ कि सरकारी निगमों में हिस्सेदारी महायुति के घटक दलों की विधानसभा में संख्या के आधार पर होगी। गठबंधन में सबसे ज्यादा विधायक बीजेपी के हैं, इसलिए निगमों में उसकी हिस्सेदारी सबसे अधिक रहेगी। इसके बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना और एनसीपी को हिस्सेदारी मिलेगी।

    सरकारी निगमों को ए, बी और सी तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। ए कैटेगरी में सबसे महत्वपूर्ण निगम रखे जाएंगे। इनके अध्यक्षों और सदस्यों के नाम जल्द तय कर सरकार को भेजे जाएंगे।

    मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभी लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए हर मंगलवार बैठक होगी और सरकार का लक्ष्य एक महीने के भीतर सभी विवादों का समाधान करना है।

    नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर बीजेपी का जवाब

    बैठक के बाद बीजेपी नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बदलाव की अटकलों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने महायुति को बड़ा जनादेश दिया है और 235 विधायक एनडीए सरकार के साथ हैं। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा का कोई आधार नहीं है।

    बावनकुले ने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष मुख्यमंत्री फडणवीस के मजबूत नेतृत्व से परेशान है।

    DPDC में भी हिस्सेदारी का फॉर्मूला

    बैठक में जिला योजना विकास समिति (DPDC) से जुड़े मुद्दों पर भी सहमति बनी। इसके तहत उन क्षेत्रों में, जहां महायुति के अलग-अलग दलों के विधायक हैं, सत्ताधारी दलों के विधायकों को 60 प्रतिशत सदस्यों की नियुक्ति और फंड पर नियंत्रण मिलेगा। संबंधित पालक मंत्री को 30 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाएगी, जबकि छोटे सहयोगी दलों के लिए 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का प्रावधान होगा।

    तीनों दलों के प्रमुख नेता रहे मौजूद

    बैठक में बीजेपी की ओर से देवेंद्र फडणवीस, गिरीश महाजन और चंद्रशेखर बावनकुले शामिल हुए। शिवसेना की ओर से एकनाथ शिंदे, उदय सामंत, शंभूराज देसाई और दादा भुसे मौजूद रहे। वहीं एनसीपी की ओर से सुनेत्रा पवार, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और संजय खोडके ने बैठक में हिस्सा लिया।

    बैठक के बाद महायुति के भीतर चल रहे मतभेदों को कम करने की कोशिश तेज होती दिखाई दे रही है। अब निगाहें सरकारी निगमों में होने वाली नियुक्तियों पर हैं। सरकार जल्द ही इन नियुक्तियों की घोषणा कर सकती है।

  • दुकानों पर सीलिंग के बीच व्यापारियों का अनोखा विरोध, मिंटो हॉल में प्रार्थना सभा कर मांगेंगे रहवासी इलाकों के कारोबार का स्थायी समाधान

    दुकानों पर सीलिंग के बीच व्यापारियों का अनोखा विरोध, मिंटो हॉल में प्रार्थना सभा कर मांगेंगे रहवासी इलाकों के कारोबार का स्थायी समाधान

    भोपाल । भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के बाद व्यापारियों और रहवासी संगठनों के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कार्रवाई और सर्वे से परेशान व्यापारियों ने अब विरोध का अलग रास्ता अपनाने का फैसला किया है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में व्यापारी बुधवार सुबह कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर यानी मिंटो हॉल परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा करेंगे। इस दौरान व्यापारी सामूहिक रूप से रामधुन का गायन करेंगे और कारोबारियों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रार्थना करेंगे। चैंबर के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में होने वाली इस सभा को व्यापारियों की ओर से शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी विरोध के तौर पर देखा जा रहा है।

    दरअसल राजधानी में रहवासी क्षेत्रों में संचालित दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। कई इलाकों में सर्वे के साथ भवनों में किए गए अन्य निर्माण संबंधी उल्लंघनों की भी जांच की जा रही है। निगम की सख्ती के बाद ऐसे व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है जो लंबे समय से रहवासी भवनों में दुकान या अन्य कारोबार संचालित कर रहे हैं। अवधपुरी अयोध्या बायपास गौतम नगर अशोका गार्डन और लालघाटी समेत कई क्षेत्रों में दुकानदारों के बीच नोटिस मिलने के बाद वैकल्पिक कमर्शियल स्थान तलाशने की चर्चा तेज हो गई है।

    व्यापारियों का कहना है कि अचानक सख्ती से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। उनका तर्क है कि यदि शहर का मास्टर प्लान समय पर स्पष्ट तरीके से लागू होता और रहवासी तथा व्यावसायिक क्षेत्रों का पहले से व्यवस्थित निर्धारण किया जाता तो आज ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। वहीं दूसरी ओर रहवासी संगठनों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है और किसी भी स्थिति में रहवासी इलाकों का व्यावसायीकरण नहीं होना चाहिए।

    इसी मुद्दे को लेकर पिछले दिनों विरोध प्रदर्शन भी तेज हुए हैं। रोशनपुरा चौराहे पर व्यापारियों ने चक्काजाम किया था। इसके बाद बाग सेवनिया अवधपुरी 10 नंबर और आनंद नगर में भी प्रदर्शन हुए। दूसरी ओर रहवासी संघ की ओर से गुलमोहर कॉलोनी में टॉर्च लाइट रैली निकाली गई थी। इससे पहले सात नंबर मार्केट में भी रहवासी संगठनों ने रैली के जरिए अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

    नगर निगम ने अब मुख्य मार्गों के दोनों ओर के क्षेत्रों के साथ उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे शुरू कर दिया है। नदी और तालाब के किनारे बने भवनों के अलावा ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट एरिया में निर्माण की भी प्राथमिकता से जांच की जा रही है। अवैध मैरिज गार्डन को भी नोटिस दिए जाने की तैयारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज होने के संकेत हैं।

    व्यापारियों की प्रार्थना सभा के जरिए अब इस पूरे विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग सामने रखी जाएगी। सवाल यह है कि प्रशासन व्यापारियों की चिंता और रहवासियों की आपत्तियों के बीच ऐसा रास्ता कैसे निकालेगा जिससे नियमों का पालन भी हो और वर्षों से कारोबार कर रहे लोगों की रोजी-रोटी पर भी अचानक संकट न आए। भोपाल में कमर्शियल एक्टिविटी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब शहर की बड़ी प्रशासनिक और कारोबारी चुनौती बनता जा रहा है।

  • आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय

    आर्द्रा नक्षत्र में मंगल का प्रवेश, मेष से मकर तक इन 5 राशियों के लिए मुश्किल समय


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है, जबकि राहु को छाया ग्रह कहा गया है। अब मंगल राहु के स्वामित्व वाले आर्द्रा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र बदलाव, उथल-पुथल और मानसिक तनाव से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में मंगल की उग्र ऊर्जा के कारण कुछ राशियों के लिए यह अवधि चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

    मंगल 2 सितंबर तक आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों को आर्थिक, करियर, पारिवारिक और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों को सतर्क रहना होगा।

    मेष राशि
    मेष राशि के स्वामी मंगल हैं। ऐसे में इस अवधि में गुस्सा और जल्दबाजी बढ़ सकती है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों से विवाद से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। जल्दबाजी में लिया गया आर्थिक फैसला नुकसान करा सकता है।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि वालों को वाणी और धन से जुड़े मामलों में संयम रखना होगा। गुस्से में कही गई बात रिश्तों में तनाव पैदा कर सकती है। अचानक होने वाले खर्च से बजट प्रभावित हो सकता है। इस दौरान किसी को उधार देने में सावधानी बरतें।

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों को मानसिक तनाव और कार्यक्षेत्र में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है। ऑफिस की राजनीति से दूर रहें और अपने काम पर ध्यान दें। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही न करें।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के लोगों को इस दौरान गुप्त विरोधियों और विवादों से सावधान रहने की जरूरत है। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। कानूनी और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में पूरी जांच के बाद ही कदम उठाएं। जोखिम वाले निवेश से दूरी रखना बेहतर होगा।

    मकर राशि
    मकर राशि वालों को पारिवारिक और आर्थिक मामलों में संयम रखना होगा। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। अचानक होने वाला बड़ा खर्च आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है, इसलिए लेन-देन में सावधानी बरतें।

    अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगल की उग्रता को शांत रखने के लिए मंगलवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ किया जा सकता है। जरूरतमंद व्यक्ति को लाल मसूर की दाल, गुड़ या तांबे के बर्तन का दान करने की भी परंपरा है। बड़े फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचें और जरूरी मामलों में अनुभवी लोगों की सलाह लें।

  • मंगल दोष का असर: शादी से करियर तक पड़ सकता है प्रभाव, जानें लक्षण और ज्योतिषीय उपाय

    मंगल दोष का असर: शादी से करियर तक पड़ सकता है प्रभाव, जानें लक्षण और ज्योतिषीय उपाय


    नई दिल्ली। भारतीय ज्योतिष परंपरा में मंगल दोष को लेकर लोगों के बीच काफी जिज्ञासा रहती है। खासतौर पर विवाह, प्रेम संबंध और करियर से जुड़े मामलों में इसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार मंगल ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति और क्रियाशीलता का प्रतीक है। ऐसे में कुंडली में मंगल की स्थिति अनुकूल न होने पर व्यक्ति के व्यवहार और निर्णयों पर इसका असर पड़ने की मान्यता है।

    हालांकि मंगल दोष को केवल अशुभ योग मानना पूरी तरह सही नहीं माना जाता। ज्योतिषीय दृष्टि से यह व्यक्ति के भीतर मौजूद तीव्र ऊर्जा का संकेत भी हो सकता है। सही दिशा मिलने पर यही ऊर्जा साहस, नेतृत्व क्षमता और लक्ष्य हासिल करने की ताकत में बदल सकती है।

    किन स्थितियों में माना जाता है मंगल दोष?

    वैदिक ज्योतिष में जन्मकुंडली के कुछ विशेष भावों में मंगल की स्थिति को मंगल दोष से जोड़ा जाता है। इनमें प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव प्रमुख माने जाते हैं। हालांकि मंगल दोष का वास्तविक प्रभाव केवल भाव देखकर तय नहीं किया जाता। कुंडली में मंगल की राशि, अन्य ग्रहों की स्थिति और विभिन्न ज्योतिषीय योगों को भी देखा जाता है।

    शादी में आ सकती हैं अड़चनें

    मंगल दोष की सबसे ज्यादा चर्चा विवाह के संदर्भ में होती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसके प्रभाव से विवाह में देरी, रिश्ते तय होने के बाद टूटना या दांपत्य जीवन में तनाव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

    विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच क्रोध, अहंकार, मतभेद और संवाद की कमी जैसी समस्याओं को भी मंगल दोष से जोड़ा जाता है। हालांकि हर मांगलिक व्यक्ति का वैवाहिक जीवन खराब हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कुंडली के दूसरे योग और ग्रहों की स्थिति भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    प्रेम और पारिवारिक रिश्तों पर असर

    मंगल की तीव्र ऊर्जा का असर प्रेम संबंधों और पारिवारिक रिश्तों से भी जोड़कर देखा जाता है। व्यक्ति भावनात्मक रूप से संवेदनशील होने के बावजूद अपनी बात कठोर या सीधे तरीके से रख सकता है। जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देना और छोटी बात पर गुस्सा करना रिश्तों में तनाव पैदा कर सकता है।

    कई बार व्यक्ति को लगता है कि उसकी बात सही है, लेकिन सामने वाला उसे गलत समझ रहा है। लगातार ऐसी स्थिति बने रहने पर रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है।

    करियर में उतार-चढ़ाव की वजह?

    ज्योतिष में मंगल को कर्म और ऊर्जा से जुड़ा ग्रह माना गया है। मंगल की ऊर्जा असंतुलित होने पर व्यक्ति में जल्दी परिणाम हासिल करने की इच्छा बढ़ सकती है। अपेक्षित परिणाम न मिलने पर अधीरता और निर्णय बदलने की प्रवृत्ति सामने आ सकती है।

    ऐसे में नौकरी बदलने की जल्दबाजी, अधिकारियों से मतभेद या कारोबार में साझेदारी को लेकर विवाद जैसी स्थितियों को मंगल दोष से जोड़ा जाता है। हालांकि करियर की सफलता या असफलता को केवल मंगल दोष के आधार पर तय नहीं किया जा सकता।

    मंगल दोष के लिए बताए गए ज्योतिषीय उपाय

    भारतीय धार्मिक परंपरा में मंगल की शांति के लिए कई उपाय बताए गए हैं। इनमें मंगलवार को हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, मंगल मंत्र का जाप, सेवा-दान और संयम जैसे उपाय शामिल हैं।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन उपायों का उद्देश्य मंगल की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना और व्यक्ति के भीतर धैर्य एवं आत्म-संयम बढ़ाना है।

    व्यवहार में बदलाव भी जरूरी

    मंगल दोष को लेकर ज्योतिषीय उपायों के साथ व्यवहारिक स्तर पर बदलाव भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। गुस्से में तुरंत प्रतिक्रिया न देना, बातचीत के जरिए विवाद सुलझाना, आत्मविश्लेषण करना और धैर्य रखना रिश्तों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

    योग, ध्यान और नियमित शारीरिक गतिविधियों को भी तनाव और अतिरिक्त ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के तरीके के तौर पर अपनाया जा सकता है।

  • MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार

    MP में आज 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, टीकमगढ़-दमोह समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश के आसार


    भोपाल। मध्यप्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को प्रदेश के करीब आधे हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक टीकमगढ़, दमोह, नरसिंहपुर, बैतूल और राजगढ़ में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इन जिलों में ढाई इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा गुना, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, जबलपुर, कटनी, शहडोल, छतरपुर, पन्ना, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    30 जिलों में भी बारिश का दौर
    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, डिंडौरी, रीवा, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    भोपाल में तेज बारिश, विदिशा के बाजार में भरा पानी
    सोमवार को भोपाल समेत कई जिलों में जोरदार बारिश हुई। भोपाल के कई इलाकों में तेज बारिश के चलते यातायात प्रभावित हुआ। वहीं विदिशा के बाजार में पानी भरने से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रायसेन और शाजापुर में भी बारिश का असर देखने को मिला।

    पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम में औसतन 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी के करैरा में 5.4 इंच, निवाड़ी के ओरछा में 3.3 इंच, सागर के रहली में 3 इंच, भोपाल के कोलार में 3.2 इंच, नवीबाग में 3.1 इंच और भोपाल शहर में करीब 3 इंच बारिश हुई।

    लो प्रेशर और ट्रफ से बदला मौसम
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में लो प्रेशर एरिया और ट्रफ सक्रिय हैं। इन मौसमी सिस्टम की वजह से कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। अगले तीन दिनों तक भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में सामान्य से 6% से 51% तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, खंडवा, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 49% तक कम पानी गिरा है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • पुतिन ने PM मोदी की जमकर की तारीफ, भारतीय किसानों के लिए रूस देगा पर्याप्त मात्रा में उर्वरक

    पुतिन ने PM मोदी की जमकर की तारीफ, भारतीय किसानों के लिए रूस देगा पर्याप्त मात्रा में उर्वरक

    नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के रिश्तों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। सोमवार को मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को मजबूत बनाने में पीएम मोदी की व्यक्तिगत भूमिका अहम रही है। उन्होंने जयशंकर से प्रधानमंत्री मोदी तक अपना गर्मजोशी भरा अभिवादन पहुंचाने को भी कहा।

    मुलाकात के दौरान पुतिन ने भारत के कृषि क्षेत्र को लेकर भी अहम भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि रूस भारत को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक यानी खाद उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। इससे भारतीय किसानों के लिए खाद की उपलब्धता को लेकर राहत की उम्मीद बढ़ी है।

    भारत-रूस व्यापार में फिर दिख रही तेजी

    पुतिन ने कहा कि 2025 में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में कुछ गिरावट आई थी, लेकिन अब इसमें सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने व्यापारिक रिश्तों में दोबारा तेजी आने के पीछे कई वजहों का जिक्र किया और प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत ध्यान को खास तौर पर रेखांकित किया।

    रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि पीएम मोदी भारत-रूस संबंधों के विकास में व्यक्तिगत रुचि लेते हैं और यही दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    मोदी से जल्द मुलाकात की उम्मीद

    पुतिन ने जयशंकर के सामने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की इच्छा भी जाहिर की। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों नेताओं की मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से जुड़े कार्यक्रम के दौरान हो सकती है। इसके अलावा कार्यक्रम और समय-सारिणी के अनुसार साल के अंत में भी दोनों नेताओं की मुलाकात की संभावना जताई गई।

    भारतीय किसानों के लिए रूस का बड़ा भरोसा

    बैठक में उर्वरक आपूर्ति का मुद्दा भी अहम रहा। पुतिन ने कहा कि रूस भारत की कृषि जरूरतों को पूरा करने के लिए खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रहा है।

    भारत के लिए यह आश्वासन महत्वपूर्ण है, क्योंकि उर्वरकों की उपलब्धता सीधे खेती की लागत और उत्पादन से जुड़ी है। खासकर बुवाई के मौसम में खाद की समय पर उपलब्धता किसानों के लिए बेहद अहम होती है।

    सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं है सहयोग

    पुतिन ने भारत और रूस के बीच सहयोग को केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं बताया। दोनों देश परमाणु ऊर्जा, हाईटेक, रक्षा और रणनीतिक तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

    भारत और रूस के बीच लंबे समय से रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत साझेदारी रही है। अब दोनों देश व्यापार और आर्थिक सहयोग को भी नए क्षेत्रों तक ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

    मोदी की तारीफ का क्या है मतलब?

    जयशंकर के साथ मुलाकात के दौरान पुतिन की ओर से पीएम मोदी की व्यक्तिगत भूमिका का उल्लेख ऐसे समय हुआ है, जब भारत और रूस अपने पारंपरिक रणनीतिक रिश्तों को आर्थिक और तकनीकी सहयोग के नए क्षेत्रों में विस्तार देने की कोशिश कर रहे हैं।

    ऐसे में एक तरफ पुतिन का मोदी की नेतृत्वकारी भूमिका की तारीफ करना और दूसरी तरफ भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए उर्वरक आपूर्ति बढ़ाने का भरोसा देना, दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।

  • झुर्रियों के लिए घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले जानें अलसी और एलोवेरा मिश्रण बनाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

    झुर्रियों के लिए घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले जानें अलसी और एलोवेरा मिश्रण बनाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में प्राकृतिक बदलाव दिखाई देना सामान्य है। समय के साथ त्वचा की लोच कम हो सकती है और चेहरे पर फाइन लाइन्स तथा झुर्रियां नजर आने लगती हैं। इन्हें कम करने के लिए लोग अलग-अलग एंटी-एजिंग उत्पादों और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। अलसी, एलोवेरा जेल और बादाम तेल से तैयार किया जाने वाला मिश्रण भी इसी तरह के घरेलू स्किन केयर उपायों में शामिल है।

    इस मिश्रण को तैयार करने के लिए सबसे पहले अलसी के बीजों से जेल बनाया जाता है। इसके लिए दो बड़े चम्मच अलसी के बीज लेकर उन्हें एक कप पानी में डालें और मध्यम आंच पर करीब पांच से सात मिनट तक पकाएं। जब पानी गाढ़ा और कुछ चिपचिपा दिखाई देने लगे, तब गैस बंद कर दें।

    अलसी और पानी के इस मिश्रण को गर्म रहते हुए बारीक छलनी या साफ सूती कपड़े से छान लें। इससे बीज अलग हो जाएंगे और जेल जैसा पदार्थ बच जाएगा। इसके बाद इस जेल को पूरी तरह ठंडा करना जरूरी है, ताकि आगे इसमें मिलाए जाने वाले दूसरे पदार्थों का टेक्सचर प्रभावित न हो।

    ठंडे अलसी जेल में दो बड़े चम्मच एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इसके बाद इसमें एक छोटा चम्मच बादाम तेल डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। चम्मच या छोटे व्हिस्कर की सहायता से मिश्रण को कुछ मिनट तक फेंटने पर इसका टेक्सचर अपेक्षाकृत चिकना और क्रीमी हो सकता है।

    तैयार मिश्रण को साफ और सूखे कांच के छोटे कंटेनर में रखना चाहिए। इसमें पानी और पौधों से प्राप्त ताजा सामग्री होती है तथा इसमें सामान्य कॉस्मेटिक प्रिजर्वेटिव मौजूद नहीं होते। इसलिए इसे लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना उचित नहीं है। फ्रिज में रखने के बावजूद खराब होने के संकेतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

    रंग, गंध या टेक्सचर में बदलाव नजर आए तो मिश्रण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। घरेलू मिश्रण के लिए एक निश्चित अवधि तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसकी स्वच्छता, सामग्री और भंडारण की स्थिति के आधार पर इसकी गुणवत्ता बदल सकती है।

    अगर त्वचा इस मिश्रण को सहन करती है तो रात में चेहरा साफ करने के बाद थोड़ी मात्रा लगाई जा सकती है। हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर इसे लगाया जा सकता है। हालांकि इसे लगाने से झुर्रियां खत्म होने या त्वचा में कोलेजन उत्पादन बढ़ने की गारंटी नहीं है।

    दरअसल, अलसी, एलोवेरा और बादाम तेल से बने इस घरेलू मिश्रण को सीधे तौर पर कोलेजन बढ़ाने वाली प्रमाणित क्रीम कहना सही नहीं होगा। इनके त्वचा को मॉइश्चराइज करने या मुलायम बनाए रखने से जुड़े संभावित फायदे हो सकते हैं, लेकिन एंटी-एजिंग और कोलेजन उत्पादन पर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

    इस मिश्रण का इस्तेमाल शुरू करने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। थोड़ी मात्रा हाथ या कान के पीछे की त्वचा पर लगाकर देखें। लालिमा, खुजली, जलन या किसी अन्य प्रतिक्रिया की स्थिति में इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। संवेदनशील त्वचा, एलर्जी या पहले से त्वचा संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

    त्वचा की देखभाल में पर्याप्त मॉइश्चराइजिंग के साथ धूप से बचाव और नियमित स्किन केयर अधिक महत्वपूर्ण हैं। झुर्रियों या उम्र से जुड़े त्वचा परिवर्तन को लेकर किसी खास उपचार की जरूरत हो तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक सुरक्षित विकल्प है।