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  • अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कुवैत में 5-6 मार्च की सीबीएसई परीक्षाएं स्थगित

    अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कुवैत में 5-6 मार्च की सीबीएसई परीक्षाएं स्थगित


    कुवैत सिटी। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में बने तनावपूर्ण हालात को देखते हुए कुवैत में 5 और 6 मार्च को होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने एहतियाती कदम के तौर पर यह फैसला लिया है।

    दूतावास की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्षेत्र में मौजूदा घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है। स्थगित की गई परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

    विज्ञप्ति के अनुसार, सीबीएसई 5 मार्च को स्थिति की समीक्षा करेगा और 7 मार्च से निर्धारित परीक्षाओं के संबंध में उचित निर्णय लेगा। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे आगे की जानकारी के लिए अपने-अपने स्कूलों के संपर्क में रहें और केवल आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।

    गौरतलब है कि इससे पहले बोर्ड ने बहरीन, ईरान सहित कुछ अन्य पश्चिम एशियाई देशों में 2 मार्च को निर्धारित 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी थीं। क्षेत्र में जारी अस्थिर हालात को देखते हुए आगे की परीक्षाओं पर भी स्थिति की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा।

  • लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार

    लुधियाना में दर्दनाक हादसा: खाना खाने जा रहे ड्राइवर को पिकअप ने रौंदा, मौके पर मौत; आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली। Ludhiana के मोती नगर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में सोमवार दोपहर एक तेज रफ्तार महिंद्रा पिकअप ने पैदल जा रहे ड्राइवर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर वाहन को कब्जे में ले लिया।

    मृतक की पहचान राम प्रसाद पाटीदार के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश का निवासी था और पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्ट कारोबारी रसील चंद के यहां ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। जानकारी के मुताबिक 2 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे राम प्रसाद पैदल ही खाना खाने के लिए जा रहा था। इसी दौरान ट्रांसपोर्ट नगर के पास अचानक तेज टक्कर की आवाज सुनाई दी।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिंद्रा पिकअप तेज और लापरवाही से चलाई जा रही थी। वाहन चालक ने सामने पैदल जा रहे राम प्रसाद को नहीं देखा और सीधे टक्कर मार दी। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण राम प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई।

    जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी चालक की पहचान गणेश कुमार निवासी गांव नड्ड, जिला सांबा, जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे मौके से ही हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में लापरवाही से वाहन चलाना हादसे की मुख्य वजह सामने आई है।

    थाना मोती नगर पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    यह हादसा एक बार फिर शहर में लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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  • खामेनेई की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए: राहुल गांधी

    खामेनेई की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए: राहुल गांधी


    नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईरान के हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि वहां के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत लक्ष्य कर की गई हत्या है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट रूप से अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत को अपनी विदेश नीति के अनुरूप स्पष्ट और सुसंगत रुख अपनाना चाहिए।

    खाड़ी में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
    राहुल गांधी ने कहा कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष एक संवेदनशील क्षेत्र को व्यापक युद्ध की ओर धकेल रहा है। उनके मुताबिक इस तनाव का असर खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों पर भी पड़ सकता है, जो अनिश्चितता और असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसे हालात केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं, बल्कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।

    संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की मांग
    कांग्रेस नेता ने सुरक्षा चिंताओं को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन कर किए गए हमले संकट को और गहरा करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान पर एकतरफा हमलों के साथ-साथ ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर की जा रही कार्रवाई, दोनों की निंदा की जानी चाहिए। उनका मानना है कि हिंसा से केवल हिंसा जन्म लेती है और संवाद व संयम ही शांति का एकमात्र रास्ता है।

    भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए
    सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा के पक्ष में खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या को विश्व व्यवस्था तय करने का तरीका माना जा सकता है। उनका कहना था कि भारत की विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित रही है और उसे उसी दिशा में सुसंगत बने रहना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए, क्योंकि मौजूदा हालात में भारत की आवाज वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण है और चुप्पी देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है।नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ईरान के हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि वहां के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई की मौत लक्ष्य कर की गई हत्या है और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को स्पष्ट रूप से अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत को अपनी विदेश नीति के अनुरूप स्पष्ट और सुसंगत रुख अपनाना चाहिए।

    खाड़ी में बढ़ते तनाव पर जताई चिंता
    राहुल गांधी ने कहा कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष एक संवेदनशील क्षेत्र को व्यापक युद्ध की ओर धकेल रहा है। उनके मुताबिक इस तनाव का असर खाड़ी देशों में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों पर भी पड़ सकता है, जो अनिश्चितता और असुरक्षा की स्थिति का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसे हालात केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं, बल्कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।

    संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की मांग
    कांग्रेस नेता ने सुरक्षा चिंताओं को स्वाभाविक बताते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का उल्लंघन कर किए गए हमले संकट को और गहरा करेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान पर एकतरफा हमलों के साथ-साथ ईरान द्वारा पश्चिम एशिया के अन्य देशों पर की जा रही कार्रवाई, दोनों की निंदा की जानी चाहिए। उनका मानना है कि हिंसा से केवल हिंसा जन्म लेती है और संवाद व संयम ही शांति का एकमात्र रास्ता है।

    भारत को नैतिक रूप से स्पष्ट होना चाहिए
    सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा के पक्ष में खुलकर बोलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या को विश्व व्यवस्था तय करने का तरीका माना जा सकता है। उनका कहना था कि भारत की विदेश नीति संप्रभुता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित रही है और उसे उसी दिशा में सुसंगत बने रहना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर चुप नहीं रहना चाहिए, क्योंकि मौजूदा हालात में भारत की आवाज वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण है और चुप्पी देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है।

  • हरित प्रदेश’ की ओर यूपी! 9 साल में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए

    हरित प्रदेश’ की ओर यूपी! 9 साल में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए


    नई दिल्ली उत्तर प्रदेश को विकास के साथ-साथ हरियाली की नई पहचान देने की दिशा में Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार अभियान चला रही है। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश भर में 242 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य का वनाच्छादन भी बढ़ा है और यूपी अब ‘हरित प्रदेश’ की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाता दिख रहा है।

    वन क्षेत्र में 559.19 वर्ग किमी की बढ़ोतरी
    Forest Survey of India की ‘भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट-2023’ के अनुसार उत्तर प्रदेश के वनाच्छादन में 559.19 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी व्यापक स्तर पर चलाए गए पौधरोपण अभियानों का परिणाम मानी जा रही है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद से पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता में रखा। हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस और वर्षाकाल के दौरान राज्यव्यापी पौधरोपण अभियान चलाया जाता है, जिसकी मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री करते हैं।

    एक दिन में 37.21 करोड़ पौधे
    प्रदेश में पिछले वर्ष 9 जुलाई को एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाने का रिकॉर्ड बनाया गया। यह अभियान जनभागीदारी के साथ संचालित हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।

    इतना ही नहीं, वाराणसी के सुजाबाद डोमरी क्षेत्र में आयोजित ‘वृहद पौधरोपण कार्यक्रम’ में मात्र एक घंटे में 2,51,446 पौधों का रोपण कर नया इतिहास रचा गया। इस उपलब्धि पर Guinness World Records के जज ऋषिनाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को प्रमाणपत्र सौंपा।

    चीन का पुराना रिकॉर्ड टूटा
    सुजाबाद डोमरी के 350 बीघा क्षेत्र में विकसित ‘शहरी वन’ ने विश्व स्तर पर पहचान बनाई। इससे पहले 10 मार्च 2018 को चीन की हेनान प्रांतीय समिति ने 1,53,981 पौधों का रोपण कर रिकॉर्ड बनाया था, जिसे काशीवासियों ने पीछे छोड़ दिया।

    इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री Narendra Modi की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन का परिणाम बताया जा रहा है।

    ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ और जनजागरण
    प्रदेश सरकार ने 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 नवजातों को ‘ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट’ प्रदान किए। उनके अभिभावकों को फलदार, लकड़ी और सहजन जैसी प्रजातियों के पौधे दिए गए। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी व्यापक सराहना मिली।

    साथ ही, गांवों में ‘ग्रीन चौपाल’ की शुरुआत कर पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन का रूप देने की कोशिश की गई है। अब तक 15,000 से अधिक ग्रामसभाओं में ग्रीन चौपाल आयोजित की जा चुकी हैं, जहां महीने में कम से कम एक बैठक अनिवार्य है।

    2026 में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य
    वर्षाकाल 2026 के लिए सरकार ने 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ रुपये और राज्य प्रतिकारात्मक वनरोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जनभागीदारी इसी तरह बनी रही, तो यूपी न केवल विकास बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

  • सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    सावधान! वेज बर्गर के नाम पर खिला दिया सूअर का मांस; सतना की पिज्जा शॉप पर ₹8 लाख का हर्जाना, 9% ब्याज भी देना होगा

    मध्य प्रदेश के सतना जिले से फास्ट फूड के शौकीनों को सतर्क कर देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ एक नामी मल्टीनेशनल पिज्जा कंपनी की ब्रांच को ग्राहक की धार्मिक भावनाओं को आहत करना और सेवा में गंभीर लापरवाही बरतना बेहद भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित पिज्जा कंपनी पर 8 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह फैसला शहर की निवासी नैंसी तिवारी और उनके पति सूरज तिवारी द्वारा करीब डेढ़ साल तक लड़ी गई कानूनी लड़ाई के बाद आया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की आस्था और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    यह विचलित कर देने वाली घटना 31 अक्टूबर 2024, दीपावली के पावन पर्व पर घटी थी। पीड़ित दंपति सिविल लाइन पन्ना नाका मार्ग स्थित इस मशहूर पिज्जा शॉप पर डिनर के लिए गए थे। उन्होंने पूरी तरह शाकाहारी (वेज) पिज्जा और बर्गर का ऑर्डर दिया था। जैसे ही उन्होंने बर्गर खाना शुरू किया, उन्हें स्वाद में गड़बड़ी महसूस हुई और अचानक तेज उल्टियां होने लगीं। जब उन्होंने बर्गर की बारीकी से जांच की, तो उनके होश उड़ गए; वेज बर्गर के नाम पर उन्हें सूअर का मांस Pork परोस दिया गया था। इस भयंकर चूक के बाद जब दंपति ने संचालक से शिकायत की, तो प्रबंधन ने अपनी गलती मानने के बजाय ग्राहकों की बात को अनसुना कर दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

    न्याय की उम्मीद में पीड़ित परिवार ने पहले पुलिस और फिर जिला उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सितंबर 2025 में एफआईआर दर्ज की थी। फोरम में अधिवक्ता करुणेश अरोरा ने मजबूती से साक्ष्य पेश किए, जिसके बाद 27 फरवरी 2026 को फोरम ने अपना अंतिम फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिज्जा कंपनी को मानसिक संताप और सेवा में कमी का दोषी पाते हुए 8 लाख रुपये का मुआवजा, 10 हजार रुपये कानूनी खर्च और पूरी राशि पर 9 प्रतिशत ब्याज देने का आदेश दिया है। कंपनी को यह राशि एक माह के भीतर जमा करनी होगी, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 72 के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • ईरान के गेराश इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप, अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच बढ़ी मुश्किलें

    ईरान के गेराश इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप, अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच बढ़ी मुश्किलें


    तेहरान। अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के बीच मंगलवार दोपहर ईरान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। दक्षिणी ईरान के गेराश इलाके में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 मापी गई। सैन्य हमलों से पहले ही तनाव झेल रहे देश में भूकंप के झटकों ने आम लोगों और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी।

    यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक गेराश के पास आया यह 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल सूचना नहीं है, हालांकि स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पूरी स्थिति स्पष्ट होने में कुछ समय लग सकता है।

    हमलों के बीच कांपा ईरान
    इजरायल और अमेरिका ने शनिवार से ईरान पर अपने हमले तेज कर रखे हैं। इन एयरस्ट्राइक में देश के कई हिस्सों में भारी तबाही की खबरें हैं। मंगलवार को तेहरान से लगभग 800 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित केरमान एयर बेस पर हुए हमले में कम से कम 13 ईरानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। बताया गया है कि एक सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाकर हमला किया गया।

    अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल भंडार और सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेता और सैन्य अधिकारी मारे गए हैं।

    लंबे अभियान की तैयारी
    इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा है कि उनकी सेना ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले अभियान की तैयारी कर रही है। हालांकि फिलहाल जमीनी सेना उतारने की कोई योजना नहीं है और हवाई हमलों के जरिए ही ईरान की सैन्य क्षमता और सत्ता ढांचे को कमजोर किया जाएगा।

    ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है। मिसाइल हमलों के जरिए इजरायल और अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने इजरायल के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागी हैं। सैन्य तनाव के इस दौर में आए भूकंप ने हालात को और जटिल बना दिया है, जिससे प्रभावित इलाकों में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

  • 230 अधिकारियों की कार्रवाई बेअसर! हटाए गए कब्जे के बाद फिर बस गई टपरियां, वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण

    230 अधिकारियों की कार्रवाई बेअसर! हटाए गए कब्जे के बाद फिर बस गई टपरियां, वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण


    नई दिल्ली। तीन साल से जारी अतिक्रमण के खिलाफ 27 फरवरी को प्रशासन ने 230 कर्मचारियों की मौजूदगी में कार्रवाई कर टपरियां हटाईं और जमीन पर गड्ढे खोदे थे। बावजूद इसके, कुछ ही दिनों में फिर से उसी जगह पर टपरियां बनाकर दोबारा कब्जा कर लिया गया।

    तीन साल से वन भूमि पर जारी अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने 27 फरवरी को बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश देने की कोशिश की थी, लेकिन हालात फिर वहीं के वहीं नजर आ रहे हैं। वन विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने उस दिन मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाया था। कार्रवाई में वन विभाग के एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर मौजूद रहे। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस जवान और राजस्व अमले ने मिलकर अवैध कब्जे हटाए थे।

    कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाई गई अस्थायी टपरियों को तोड़ा गया और जमीन को दोबारा खेती या कब्जे से बचाने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे भी खोदे गए थे। प्रशासन का मकसद साफ था—वन भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर भविष्य में दोबारा कब्जा न होने देना। उस समय अधिकारियों ने दावा किया था कि अब दोबारा यहां कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और क्षेत्र की नियमित निगरानी की जाएगी।

    लेकिन कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद तस्वीर बदलती दिख रही है। उसी जमीन पर फिर से टपरियां खड़ी कर दी गई हैं। इससे साफ है कि अतिक्रमणकारियों के हौसले अब भी बुलंद हैं और प्रशासनिक सख्ती का असर लंबे समय तक नहीं टिक पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर लगातार निगरानी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वन भूमि पर कब्जे का सिलसिला फिर से बढ़ सकता है।

    यह सवाल भी उठ रहा है कि जब इतनी बड़ी संयुक्त कार्रवाई की गई थी, तो उसके बाद क्षेत्र की निगरानी क्यों कमजोर पड़ गई। वन भूमि पर बार-बार कब्जा होना न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन दोबारा सख्ती दिखाता है या अतिक्रमण का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।

  • दुबई में फंसे भारतीयों को लेकर दिल्‍ली पहुंची पहली फ्लाइट, 149 लौटे स्‍वदेश

    दुबई में फंसे भारतीयों को लेकर दिल्‍ली पहुंची पहली फ्लाइट, 149 लौटे स्‍वदेश

    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दुबई में फंसे भारतीयों को लेकर एयर इंडिया की पहली फ्लाइट मंगलवार सुबह नई दिल्ली पहुंची तो यात्रियों के चेहरों पर राहत साफ झलक रही थी। फ्लाइट एआई916डी सुबह करीब 11 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी। वीटी-ईडीसी एयरक्राफ्ट में कुल 149 यात्री सवार थे। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण हो गए थे। ऐसे माहौल में यह पहली उड़ान थी, जिसके जरिए यात्रियों को सुरक्षित भारत लाया गया। इससे पहले एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 143 कॉकपिट और केबिन क्रू सदस्यों को भी सुरक्षित दिल्ली लाया गया था, जो दुबई में फंसे हुए थे। भारत लौटे यात्रियों ने राहत की सांस लेते हुए सरकार और एयरलाइन का आभार जताया।

    एयर इंडिया ने जताया आभार
    एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मौजूदा हालात में उनकी टीम लगातार समन्वय के साथ काम कर रही है और स्थिति को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। एयरलाइन ने सहयोग के लिए भारत सरकार, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और दुबई के स्थानीय अधिकारियों का धन्यवाद किया। साथ ही यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही अनुमति मिलेगी, और उड़ानें संचालित की जाएंगी।

    अबू धाबी-बेंगलुरु फ्लाइट से भी लौटी राहत
    सैन्य अभियानों के बाद पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से में अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया था, जिससे खाड़ी देशों और भारत के बीच कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि हवाई क्षेत्र के चरणबद्ध तरीके से खुलने के बाद कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ सीमित निकासी और वापसी उड़ानें शुरू की गईं। अबू धाबी से बेंगलुरु पहुंची फ्लाइट के यात्रियों ने बताया कि संघर्ष के दौरान हालात बेहद भयावह थे। एक यात्री ने कहा कि एयरलाइन ने होटल में ठहरने की व्यवस्था की थी, जहां आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती थीं और मिसाइलों को रोके जाने की घटनाएं दिख रही थीं। भारत लौटने पर उन्हें बड़ी राहत महसूस हुई।

    एक अन्य यात्री ने बताया कि एतिहाद एयरवेज ने रद्द उड़ानों से प्रभावित यात्रियों के लिए होटल और अन्य सहायता उपलब्ध कराई और अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे लोगों की देखभाल की। इस बीच भारत की प्रमुख विमानन कंपनियों एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर और स्पाइसजेट ने मध्य पूर्व के लिए अपनी उड़ानें अस्थायी रूप से स्थगित कर दी थीं। खाड़ी मार्गों पर निर्भर कुछ यूरोप जाने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुईं।

    डीजीसीए की एहतियाती सलाह
    नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एहतियात के तौर पर कई पश्चिम एशियाई देशों के ऊपर के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी थी और यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए थे। इन व्यवधानों के कारण हजारों यात्री पश्चिम एशिया और भारत में फंसे रहे। अब सीमित उड़ानों की बहाली के साथ स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, हालांकि सुरक्षा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • आज का पंचांग और होलिका दहन: राहुकाल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक आयोजन

    आज का पंचांग और होलिका दहन: राहुकाल, शुभ मुहूर्त और धार्मिक आयोजन

     
    नई दिल्ली :आज 3 मार्च 2026 मंगलवार को फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि है और पूरे देश में होलिका दहन का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि आज शाम 5:07 बजे तक रहेगी और इसके बाद प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। सूर्योदय आज प्रातः 6:44 बजे होगा और सूर्यास्त सायं 6:22 बजे होगा।

    चंद्रमा आज सिंह राशि में मघा नक्षत्र में विराजमान हैं और यह नक्षत्र प्रातः 7:31 बजे तक रहेगा। मघा नक्षत्र के देवता पितृ माने गए हैं, इसलिए आज का दिन पूर्वजों के स्मरण, आशीर्वाद और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस दिन की पूजा और धार्मिक अनुष्ठान विशेष फलदायक होते हैं। चंद्रोदय सायं 6:21 बजे होगा और चंद्रास्त नहीं होगा, जिससे पूर्णिमा की रात विशेष महत्व रखती है।

    ग्रहों की स्थिति पर नजर डालें तो सूर्य, मंगल, बुध और राहु कुंभ राशि में स्थित हैं। गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में, जबकि शुक्र और शनि मीन राशि में विराजमान हैं और केतु सिंह राशि में हैं। इन ग्रहों की स्थिति सामाजिक सक्रियता और धार्मिक आयोजनों को बल देने वाली मानी जाती है।

    आज का योग ‘सुकर्मा’ है, जो प्रातः 10:25 बजे तक रहेगा। यह योग नए कार्यों की शुरुआत और प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। करण बव आज सायं 5:07 बजे तक रहेगा और इसके बाद अगले दिन प्रातः 4:54 बजे तक अन्य करण प्रभावी रहेगा।

    शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से 12:56 बजे तक है। इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेना, पूजा-अर्चना करना और नए कार्य की शुरुआत करना लाभकारी माना जाता है। अमृत काल 4 मार्च की प्रातः 1:13 बजे से 2:49 बजे तक रहेगा।

    अशुभ समय में राहुकाल दोपहर 3:28 बजे से 4:55 बजे तक रहेगा, इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से बचना चाहिए। गुलिकाल दोपहर 12:33 बजे से 2:00 बजे तक है और यमगण्ड प्रातः 9:39 बजे से 11:06 बजे तक रहेगा। धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि राहुकाल के समय किसी भी निर्णय या पूजा से बचना चाहिए और शुभ मुहूर्त का ही पालन करना चाहिए।

    देशभर में होलिका दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। पूर्णिमा तिथि पर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और रात्रि में होलिका दहन का आयोजन किया जाएगा। धार्मिक आस्थावानों को सलाह दी गई है कि इस दिन दान-पुण्य करें, पारिवारिक एकता बनाए रखें और आध्यात्मिक साधना में समय दें।

    पूर्णिमा और मघा नक्षत्र का यह संयोजन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी है। यह दिन न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयुक्त है बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मेल-जोल के लिए भी महत्वपूर्ण है। पंचांग के जानकारों के अनुसार इस दिन पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान करने से मनोकामना पूरी होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    आज का दिन आध्यात्मिक जागरूकता और धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। राहुकाल में सतर्क रहने और शुभ मुहूर्त का लाभ उठाने से सभी कार्य सफल और फलदायी होंगे। होलिका दहन के साथ यह पूर्णिमा तिथि जीवन में अच्छाई और समृद्धि का संदेश लेकर आती है।

  • कतर सरकार की सख्त अपील: घटनास्थल की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर न करें पोस्ट

    कतर सरकार की सख्त अपील: घटनास्थल की फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर न करें पोस्ट


    नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चौथे दिन कतर और बहरीन की सरकारों ने नागरिकों के लिए अहम सार्वजनिक नोटिस जारी किए हैं। कतर के आंतरिक मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों से अपील की है कि वे किसी भी घटना से जुड़ी वीडियो क्लिप या तस्वीरें साझा न करें और घटनास्थल के आसपास इकट्ठा होने से बचें।

    मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि चल रहे फील्ड ऑपरेशन या घटनास्थल से जुड़ा कंटेंट शूट कर उसे प्रकाशित करना कानूनी जवाबदेही का कारण बन सकता है। बयान में कहा गया कि ऐसी गतिविधियों से संबंधित अधिकारियों के काम में बाधा आती है, जिससे रिस्पॉन्स स्पीड और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

    भीड़ न जुटाएं, अफवाहों से बचें
    कतर के अधिकारियों ने साफ कहा है कि किसी भी दुर्घटना या हमले की जगह पर जाने, भीड़ लगाने या वहां की गतिविधियों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डालने से बचें। सरकार का जोर इस बात पर है कि संवेदनशील हालात में सुरक्षा एजेंसियों को बिना व्यवधान काम करने दिया जाए।

    Ministry of Interior Bahrain की भी चेतावनी
    इसी बीच बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने भी नागरिकों और निवासियों से शांत और सतर्क रहने की अपील की है। एक्स पर जारी संदेश में बताया गया कि सायरन बज चुका है और सभी लोग अपने नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। मंत्रालय ने लोगों से संयम बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है।

    तेहरान में एयरस्ट्राइक की खबर
    ईरान के ‘शारघ’ अखबार के मुताबिक, तेहरान के डाउनटाउन इलाके में पुरानी संसद भवन के पास एयरस्ट्राइक हुई है। हमला वलियासर और जामी स्ट्रीट के चौराहे के पास बताया जा रहा है, जहां कई सांस्कृतिक स्थल और संग्रहालय स्थित हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    Islamic Revolutionary Guard Corps का दावा
    आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने बहरीन के शेख ईसा इलाके में स्थित एक अमेरिकी एयर बेस पर बड़ा ड्रोन और मिसाइल हमला किया। संगठन के अनुसार 20 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागी गईं, जिससे “एयर बेस की मुख्य कमांड और मुख्यालय इमारत तबाह हो गई और ईंधन टैंक में आग लग गई।” इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    बढ़ती मानवीय चिंता
    अमेरिका स्थित मानवाधिकार संस्था Human Rights Activists News Agency (एचआरएएनए) के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार शाम तक कम से कम 742 लोगों के मारे जाने की बात कही गई, जिनमें 176 बच्चे शामिल बताए गए हैं। 900 से ज्यादा नागरिक घायल हुए हैं। संस्था का कहना है कि वह अन्य सैकड़ों मौतों की रिपोर्ट की पुष्टि कर रही है।

    क्षेत्र में बढ़ता तनाव
    कतर और बहरीन की एडवाइजरी इस बात का संकेत है कि खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। सरकारें एक ओर सुरक्षा बलों को सक्रिय रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर नागरिकों से संयम और जिम्मेदारी की अपील कर रही हैं।  मानना है कि ऐसे समय में सोशल मीडिया पर अनियंत्रित तस्वीरें और वीडियो न केवल अफवाहों को बढ़ा सकते हैं, बल्कि सैन्य और सुरक्षा अभियानों को भी प्रभावित कर सकते हैं।