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  • उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

    उज्जैन में चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के पट बंद, श्रद्धालु करेंगे बाहर से पूजा; महाकाल मंदिर में रहेगी विशेष व्यवस्था!

     उज्जैनउज्जैन में मंगलवार को चंद्र ग्रहण के चलते शहर के कई प्रमुख मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सुबह 6:47 बजे शुरू हुए सूतक काल के दौरान महाकालेश्वर मंदिर के अलावा अन्य मंदिरों में दर्शन वर्जित रहे। सूतक शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसके बाद मंदिरों में शुद्धिकरण और संध्या आरती के बाद दर्शन फिर से शुरू होंगे।

    महाकाल मंदिर के पट खुले रहने के बावजूद गर्भगृह में पुजारियों ने मंत्रोच्चार किया। श्रद्धालु मंदिर परिसर के बाहर से ही भगवान के दर्शन कर रहे थे। इस दौरान मंदिर में केवल मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान चल रहे थे। शहर के अन्य प्रमुख मंदिर जैसे सांदीपनि आश्रम, मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर मंदिर और गोपाल मंदिर में सुबह 5 बजे तक नियमित पूजा हुई, उसके बाद सूतक लगते ही पट बंद कर दिए गए।

    सूतक के दौरान भक्तों ने मंदिर के बाहर ही भगवान के दर्शन किए। मंगलनाथ मंदिर में भी पट बंद रहने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। अंगारेश्वर, गोपाल, चिंताहरण हनुमान और सिद्धेश्वर मंदिर सहित हजारों मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए थे। मंदिर प्रशासन ने कहा कि शाम को सूतक समाप्त होने के बाद सभी मंदिरों की सफाई और शुद्धिकरण के बाद भगवान का स्नान, श्रृंगार और संध्या आरती की जाएगी।

    ज्योतिषाचारियों के अनुसार सूतक काल में पूजा, भोग और मूर्ति के स्पर्श वर्जित होते हैं। यही कारण है कि अधिकांश मंदिरों में यह व्यवस्था लागू की गई। हालांकि महाकाल मंदिर में भक्त दर्शन कर सकते हैं, लेकिन गर्भगृह में पुजारियों ने ही मंत्रोच्चार और अनुष्ठान जारी रखा।

    सूतक से पहले होली का उत्सव भी मंदिरों में पारंपरिक रूप से मनाया गया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ हर्बल गुलाल और फूलों से होली खेली। इसके बाद विधि-विधान से मंदिरों के पट बंद कर दिए गए और दर्शन वर्जित कर दिए गए।

    मंदिर प्रशासन ने भक्तों से अपील की कि वे सूतक के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश न करें और बाहर से ही पूजा करें। संध्या में पट खुलने के बाद सभी मंदिरों में धार्मिक गतिविधियां सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।

    इस तरह, चंद्र ग्रहण के दौरान उज्जैन के मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक परंपरा दोनों का ध्यान रखा गया। भक्तों ने मंदिरों के बाहर भी पूजा कर अपनी आस्था व्यक्त की। सूतक समाप्ति के बाद मंदिरों में संपूर्ण शुद्धिकरण और भव्य संध्या आरती के साथ दर्शन शुरू होंगे, जिससे शहर में धार्मिक माहौल पूरी तरह लौट आएगा।

  • ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर: एटीएम में छल, मदद के नाम पर हो रही थी ठगी, पुलिस ने किया खुलासा

    ग्वालियर के मुरार इलाके में एटीएम के भीतर चल रही एक चालाक ठगी का खुलासा हुआ है। सदर बाजार स्थित एक एटीएम में एक युवक लोगों की मदद करने का बहाना कर उनके कार्ड बदलता था। आज का दिन भी इस कहानी का नया अध्याय बन गया जब युवक को पकड़ लिया गया।

    पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप शिवहरे उर्फ पिंकू, निवासी कोटेश्वर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार यह युवक एटीएम पर आने वाले ग्राहकों को मशीन चलाने में मदद करने का नाटक करता था। इस दौरान वह असली कार्ड की जगह दूसरा कार्ड थमा देता और किसी तरह पिन की जानकारी हासिल करने की कोशिश करता। इसके बाद वह मौके से खिसक जाता।

    हालांकि आज की घटना में पीड़ित ने समय रहते संदेह कर लिया। जैसे ही कार्ड बदलने की कोशिश हुई, पीड़ित ने विरोध किया और शोर मचाया। आसपास मौजूद लोग तुरंत सक्रिय हो गए और आरोपी को दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।

    पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हैरान करने वाले खुलासे किए। उसके पास 100 से अधिक एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। ये कार्ड विभिन्न खाताधारकों के थे और सभी जब्त कर लिए गए। पुलिस अब इनके असली मालिकों की पहचान करने में जुटी हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं था बल्कि यह एक संगठित ठगी का हिस्सा हो सकता है।

    ASP अनु बेनीवाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं और क्या इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं। गहन पूछताछ के जरिए पुलिस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस दौरान अन्य बड़े खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।

    स्थानीय लोग इस घटना को लेकर काफी चौकन्ने हैं। उनका कहना है कि अब एटीएम पर सहायता लेने से पहले सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। वहीं पुलिस का भी कहना है कि लोगों को हमेशा अपने कार्ड और पिन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति की मदद लेने से पहले सावधान रहना चाहिए।

    ग्वालियर में यह घटना लोगों के लिए चेतावनी का संदेश बन गई है कि मदद के बहाने ठगी की घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं। यह मामला यह भी साबित करता है कि सतर्कता और सामूहिक चौकसी ही ऐसे अपराधों को रोक सकती है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित शिकारों और संदिग्धों की पहचान कर रही है।

  • PM मोदी का विनिर्माताओं से आव्‍हान, कहा- भारत के लिए खुले हैं अवसरों के द्वार, क्वालिटी को बनाएं महामंत्र

    PM मोदी का विनिर्माताओं से आव्‍हान, कहा- भारत के लिए खुले हैं अवसरों के द्वार, क्वालिटी को बनाएं महामंत्र

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारतीय उद्योग जगत से ‘गुणवत्ता’ को अपना महामंत्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया विनिर्माण के क्षेत्र में विश्वसनीय और मजबूत भागीदारों की तलाश कर रही है, और यह भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि हाल में विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से भारतीय उद्यमियों और निर्यातकों के लिए अवसरों के नए द्वार खुले हैं, लेकिन इनका लाभ तभी उठाया जा सकता है जब भारतीय उत्पाद गुणवत्ता के उच्चतम मानकों पर खरे उतरें।

    प्रधानमंत्री मंगलवार को बजट 2026-27 पर आयोजित दूसरे वेबिनार का उद्घाटन कर रहे थे। इस दिनभर चलने वाले वेबिनार का विषय “आर्थिक वृद्धि को निरंतर संभालना और सशक्त करना” रखा गया है, जिसमें चार अलग-अलग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

    एफटीए से खुले नए अवसर, आत्मविश्वास से बढ़ें उद्योग
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ एफटीए किए हैं और इससे देश के लिए बड़े अवसर पैदा हुए हैं। ऐसे में उद्योग जगत की जिम्मेदारी है कि वह गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आपका एक ही महामंत्र होना चाहिए—क्वालिटी, क्वालिटी और अधिक क्वालिटी।”

    उन्होंने उद्योगों से अपील की कि वे इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, नई प्रौद्योगिकियों को अपनाएं और अनुसंधान एवं विकास पर खर्च बढ़ाएं। उनका कहना था कि अनुसंधान पर कंजूसी करने के बजाय निवेश बढ़ाना समय की मांग है।

    विश्वस्तरीय से भी बेहतर उत्पाद देने की जरूरत
    प्रधानमंत्री ने भारतीय विनिर्माताओं से विश्वस्तर से भी बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद प्रस्तुत करने का आह्वान करते हुए कहा कि गुणवत्ता पर सबसे अधिक समय, साधन और बुद्धि खर्च की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योग जगत विश्व बाजार की जरूरतों का गहन अध्ययन और विश्लेषण करे तथा उसी अनुरूप अपनी विनिर्माण क्षमता विकसित करे।

    उन्होंने कहा कि आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो रहा है और बाजार अब केवल लागत को नहीं देखते, बल्कि टिकाऊ और स्वस्थ उपायों को भी महत्व देते हैं। भारत इस बदलते परिदृश्य में एक विश्वसनीय विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर सकता है।

    वेबिनार में चार अहम सत्र
    इस वेबिनार में चार प्रमुख सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पहला सत्र विनिर्माण और उद्योगों के स्तर को उन्नत करने तथा रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित है। दूसरा सत्र सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए ऋण और बाजार सुविधाओं पर आधारित है। तीसरा सत्र नगरों के आर्थिक इलाकों की योजना से जुड़ा है, जबकि चौथा सत्र अवसंरचना विकास, लॉजिस्टिक्स और किराया जैसे विषयों पर केंद्रित है। उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री ने बजट में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों, अवसंरचना, बायोफार्म, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स तथा कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज के विकास के लिए की गई पहलों का विशेष उल्लेख किया।

    विकसित भारत के लिए साझेदारी जरूरी
    प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत और संस्थानों के बीच पूर्ण तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल साझेदारी के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है और सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा।

  • उज्जैन में पंच-परमेश्वर का भव्य नगर प्रवेश: संतों ने 200 साल पुरानी परंपरा के तहत होली उत्सव की तैयारियां शुरू कीं

    उज्जैन में पंच-परमेश्वर का भव्य नगर प्रवेश: संतों ने 200 साल पुरानी परंपरा के तहत होली उत्सव की तैयारियां शुरू कीं



    नई दिल्ली। उज्जैन की पवित्र नगरी में होली के अवसर पर शुक्रवार को श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा में पंच-परमेश्वर का भव्य नगर प्रवेश हुआ। करीब 10 साल बाद आयोजित इस पेशवाई में देशभर से आए संतों का ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के बीच जोरदार स्वागत किया गया। यह आयोजन 200 वर्षों से निरंतर निभाई जा रही परंपरा का हिस्सा है और इसे वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले की तैयारियों से जोड़ा गया है।

    देशभर के प्रमुख अखाड़ों के पंच-परमेश्वर संतों के रूप में उज्जैन पहुंचे। भ्रमणशील मंडल के महंत दुर्गादास, महंत अद्वैतानंद, महंत राम नौमी दास, सचिव हंस मुनि, महंत कोठारी सत्यानंद, मुकामी राम मुनि और मुकामी देवी दास सहित निर्वाण संतों ने अखाड़े में प्रवेश किया। महंत सत्यानंद ने बताया कि आने वाले दिनों में और अधिक संत उज्जैन पहुंचेंगे, जो शहर और मेले की व्यवस्थाओं की जानकारी लेंगे।

    नगर प्रवेश के दौरान संतों ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और देशभर में सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। पेशवाई में शामिल साधु-संत और महंत पारंपरिक पोशाक और धार्मिक वाद्ययंत्रों के साथ नगर में यात्रा करते हुए दर्शकों का मन मोहते नजर आए। शहरवासियों ने अपने उत्साह और श्रद्धा के साथ संतों का स्वागत किया।

    उज्जैन में 4 मार्च को पंच-परमेश्वर और अन्य साधु-संतों के लिए होली उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा, जिसमें सभी संत पारंपरिक ढंग से हर्बल गुलाल और फूलों से होली खेलेंगे। इस दौरान भक्तजन भी मंदिर परिसर में उपस्थित रहकर होली का आनंद लेंगे।

    पंच-परमेश्वर परंपरा के अनुसार, अखाड़ों के सदस्य उन स्थलों का दौरा करते हैं, जहां कुंभ मेला आयोजित होने वाला होता है। उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ मेला आयोजित होने के मद्देनजर संत आठ दिन तक यहां रहेंगे और साधु-संतों के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। उज्जैन का कार्य पूर्ण होने के बाद वे नासिक रवाना होंगे, जहां भी कुंभ मेला आयोजित होगा।

    इस भव्य नगर प्रवेश से उज्जैन की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को और मजबूती मिली है। शहरवासियों में संतों के आगमन और होली उत्सव को लेकर उत्साह साफ देखा जा सकता है। पंच-परमेश्वर का यह नगर प्रवेश ना सिर्फ धार्मिक उत्सव है, बल्कि आने वाले सिंहस्थ मेले के सफल आयोजन की रूपरेखा तैयार करने का भी अवसर है।

    उज्जैन में पंच-परमेश्वर का भव्य स्वागत और होली उत्सव इस बात का प्रमाण है कि सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराएं आज भी देशभर में जीवित हैं। संतों के मार्गदर्शन में आगामी मेले की तैयारियों से श्रद्धालु और नगरवासी समान रूप से लाभान्वित होंगे।

  • जियोपॉलिटिकल संकट का असर! गोल्ड बना निवेशकों की पहली पसंद, पांच दिन से जारी तेजी

    जियोपॉलिटिकल संकट का असर! गोल्ड बना निवेशकों की पहली पसंद, पांच दिन से जारी तेजी


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच सोना एक बार फिर निवेशकों का पसंदीदा सुरक्षित ठिकाना बन गया है। वैश्विक बाजारों में मंगलवार को सोने की कीमतों में लगातार पांचवें सत्र में तेजी दर्ज की गई। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और महंगाई की आशंकाओं ने कीमती धातुओं में जोरदार खरीदारी को बढ़ावा दिया है।

    एमसीएक्स पर रिकॉर्ड उछाल
    भारत के Multi Commodity Exchange of India (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना सोमवार को 2.53 प्रतिशत चढ़कर 1,66,199 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी 0.90 प्रतिशत गिरकर 2,80,090 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

    होली के कारण मंगलवार को पहले सत्र में एमसीएक्स पर कारोबार बंद रहा और शाम 5 बजे से ट्रेडिंग दोबारा शुरू होनी है।

    वैश्विक बाजारों में भी तेजी
    अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत बढ़कर 5,360 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। स्पॉट सिल्वर लगभग 1.9 प्रतिशत उछलकर 91.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

    हालांकि डॉलर इंडेक्स 0.19 प्रतिशत बढ़कर 98.57 पर पहुंच गया, जिससे डॉलर आधारित सोना विदेशी खरीदारों के लिए महंगा हो गया और तेजी की रफ्तार पर कुछ हद तक अंकुश लगा।

    तनाव की आग में घी का काम कर रहा तेल
    अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जरूरत पड़ने तक जारी रहेगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने सऊदी अरब में तेल और गैस ढांचे को निशाना बनाया है और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी है।

    इसके जवाब में इजरायल ने ईरान के कमांड केंद्रों पर ‘हमलों की नई लहर’ शुरू करने की घोषणा की। इस बढ़ते टकराव से ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका गहरा गई है।

    अमेरिकी कच्चा तेल वायदा 1.4 प्रतिशत बढ़कर 72.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ 79.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई की चिंताओं को और हवा दे रही हैं, जिससे सोने की मांग मजबूत हो रही है।

    फेड की नीति पर नजर
    निवेशक अब अमेरिका के विनिर्माण और गैर-विनिर्माण पीएमआई, एडीपी नॉन-फार्म रोजगार आंकड़े और बेरोजगारी दर जैसे संकेतकों पर नजर टिकाए हुए हैं। इन आंकड़ों से Federal Reserve की आगे की मौद्रिक नीति का संकेत मिल सकता है।

    यदि महंगाई दबाव बना रहता है और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि अनिश्चितता के माहौल में निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।

    2026 में 25% चढ़ चुका है सोना
    साल 2026 में अब तक सोने की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है। पिछले वर्ष भी सोना लगभग 64 प्रतिशत चढ़ा था। इस तेजी के पीछे केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में बढ़ता निवेश और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं प्रमुख कारण रही हैं।

    विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व में हालात सामान्य नहीं होते और ऊर्जा बाजार स्थिर नहीं होता, तब तक सोने में मजबूती बनी रह सकती है। हालांकि मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें इसकी रफ्तार को सीमित कर सकती हैं।

  • जबलपुर में बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: एलपीजी संचालित वाहनों में स्कूल बच्चों का सफर प्रतिबंधित

    जबलपुर में बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला: एलपीजी संचालित वाहनों में स्कूल बच्चों का सफर प्रतिबंधित



    नई दिल्ली। जबलपुर प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2026 से जिले में किसी भी एलपीजी से संचालित वाहन में स्कूली बच्चे सफर नहीं कर सकेंगे। इस आदेश का उद्देश्य स्कूल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।

    कलेक्टर ने स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे 1 अप्रैल से पहले अपने वाहनों की व्यवस्था वैकल्पिक और कानूनी रूप से मान्य वाहनों के माध्यम से करें। यदि तय समय के बाद भी कोई एलपीजी वाहन बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत वाहन मालिक, स्कूल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

    जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निगरानी और पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) को आदेशित किया गया है कि वे स्कूल वाहनों का सत्यापन करें और एलपीजी वाहन संचालन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। इसके साथ ही सभी एसडीएमों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि जिले में कोई भी एलपीजी वाहन बच्चों को ले जाने के लिए इस्तेमाल न हो।

    पुलिस अधिकारियों को स्कूल समय के दौरान आकस्मिक निरीक्षण करने और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासन इसकी अनदेखी नहीं करेगा।

    जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के माध्यम से सभी स्कूल प्रबंधन को इस आदेश की जानकारी दी जाएगी। स्कूल संचालकों से कहा गया है कि वे इस आदेश का पालन सुनिश्चित करें और अपने वाहन संचालन की व्यवस्था तुरंत बदलें। डीईओ को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे स्कूलों में इस नियम के पालन की निगरानी करें और किसी भी तरह की लापरवाही की स्थिति में कड़ी कार्रवाई करें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी वाहन में बच्चों का सफर जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि गैस लीक, आग और तकनीकी खामियों के कारण हादसों की संभावना बढ़ जाती है। इस आदेश के माध्यम से प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय किए जाएं।

    कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ नियम बनाना नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। सभी स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक 1 अप्रैल तक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।”

    इस आदेश से जबलपुर जिले के स्कूल परिवहन में एक बड़ा बदलाव आएगा और यह बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए राहत का संदेश लेकर आएगा। जिले में सभी अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एलपीजी वाहन में बच्चों का सफर पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।

  • बम की अफवाह से थमी भोपाल की रफ्तार: एम्स से लेकर पासपोर्ट दफ्तर तक पुलिस का घेरा, 15 दिनों में दूसरी बार दहशत का साया

    बम की अफवाह से थमी भोपाल की रफ्तार: एम्स से लेकर पासपोर्ट दफ्तर तक पुलिस का घेरा, 15 दिनों में दूसरी बार दहशत का साया


    भोपालराजधानी भोपाल में सोमवार का दिन भारी अफरा-तफरी और दहशत के बीच गुजरा। सुबह उस वक्त पुलिस प्रशासन और आम जनता के हाथ-पांव फूल गए, जब शहर के चार अति-संवेदनशील संस्थानों-एम्स AIIMS, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रॉयल मार्केट स्थित जीपीओ GPO और निशातपुरा की एक यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। इस धमकी ने सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी परीक्षा ली, क्योंकि ईमेल भेजने वाले ने न केवल दोपहर 12:15 बजे ब्लास्ट होने का दावा किया था, बल्कि यह भी डरावनी चेतावनी दी थी कि परिसरों में ‘साइनाइड गैस’ वाले दो आईईडी IED रखे गए हैं। सूचना मिलते ही निशातपुरा, बागसेवनिया, कोतवाली और एमपी नगर पुलिस ने मोर्चा संभाला और आनन-फानन में हजारों लोगों से भरी इन इमारतों को खाली कराया गया।

    सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड BDDS और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक इमारतों के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। लगभग चार घंटे चले इस गहन तलाशी अभियान के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब जाकर पुलिस ने इसे एक ‘होक्स’ अफवाह घोषित किया और राहत की सांस ली। गौर करने वाली बात यह है कि निशातपुरा स्थित यूनिवर्सिटी को पिछले 15 दिनों में दूसरी बार इस तरह की धमकी मिली है; इससे पहले 19 फरवरी को भी संस्थान को निशाना बनाया गया था।

    पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के अनुसार, सभी संस्थानों को भेजे गए ईमेल का कंटेंट और भाषा एक जैसी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस शरारत के पीछे किसी एक व्यक्ति या गिरोह का हाथ है। जांच में यह भी सामने आया है कि देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के मिलते-जुलते ईमेल भेजे गए हैं। फिलहाल, साइबर क्राइम ब्रांच उस आईपी IP एड्रेस और ईमेल आईडी को ट्रैक करने में जुटी है जिससे ये मैसेज भेजे गए थे। हालांकि यह बम की धमकी महज एक अफवाह निकली, लेकिन इसने भोपाल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं जरूर पैदा कर दी हैं।

  • पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर

    पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर


    नई दिल्ली। यूएई में इजराइल-ईरान युद्ध के बीच फंसे इंदौर के पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत कई भारतीय यात्री अब सुरक्षित भारत लौट आए हैं। दुबई और शारजाह में जारी तनाव के कारण सैकड़ों यात्रियों की वापसी रुक गई थी और वे कई दिन होटल में मजबूरी में ठहरे रहे। इस सूची में पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल, आदित्य शर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी यात्री अब सुरक्षित अपने घर पहुंचे हैं, जिससे उनके परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई।

    यूएई में हालात बिगड़ने के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 28 फरवरी से लगातार कैंसिल हो रही थी। 3 मार्च को भी यह उड़ान नहीं हुई थी, जिससे इंदौर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से आए सैकड़ों यात्री वहां फंसे रहे। मिसाइल अलर्ट और युद्ध के खतरे ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। कई यात्रियों ने बताया कि धमाकों और सुरक्षा अलर्ट के दौरान वे काफी डर गए थे।

    2 मार्च की शाम से दुबई एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानें फिर से शुरू हुईं। फंसे हुए यात्री पहले मुंबई पहुंचे और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर इंदौर आए। हालांकि शारजाह-इंदौर की सीधी उड़ान अभी भी शुरू नहीं हुई है। सरकार और एयरलाइन कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। इस बीच, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से बातचीत कर फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी की पहल की। वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी।

    पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्रियों की वापसी से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों ने भी बताया कि उनके होटल के पास धमाके हुए और तनावपूर्ण माहौल रहा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सभी राज्यों में भड़काऊ भाषणों और अशांति के मामलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    इसी बीच, इंडिगो एयरलाइन ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि वहां फंसे भारतीय यात्री जल्द से जल्द स्वदेश लौट सकें। इस दौरान यूएई में फंसे लोगों की मदद के लिए भारत सरकार ने विशेष टीम और काउंसलर सहायता भी उपलब्ध कराई।

    इजराइल-ईरान युद्ध के चलते यह संकट चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव ने पूरे क्षेत्र की हवाई यात्रा को प्रभावित किया। दुबई, शारजाह और अबू धाबी एयरपोर्ट पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं, जिससे विदेशी और भारतीय यात्री दोनों ही फंसे। अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और भारत लौटे सभी यात्री सुरक्षित हैं।

    इस बीच, मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए यह राहत की खबर है कि पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित लौट आए हैं। उनकी वापसी ने उन परिवारों के दिलों को शांति दी है, जो दिनों से उनके लिए चिंतित थे।

  • भोपाल के बड़े तालाब में महिला को गोताखोरों ने बचाया, निगम कर्मी बने असली देवदूत

    भोपाल के बड़े तालाब में महिला को गोताखोरों ने बचाया, निगम कर्मी बने असली देवदूत


    भोपाल का बड़ा तालाब आज अचानक हड़कंप का केंद्र बन गया जब एक महिला ने तालाब में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला ने अचानक और चुपचाप तालाब के किनारे से कूद लगाई, जिससे वहां मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। मौके पर मौजूद निगम के गोताखोरों ने तुरंत अपनी मुस्तैदी दिखाई और समय रहते महिला को बचाया।

    तालाब के किनारे मौजूद लोग स्थिति को देख सकते ही रह गए थे। जैसे ही महिला पानी में डूबने लगी, नगर निगम की रेस्क्यू टीम सक्रिय हो गई। गोताखोर मोहम्मद मदर फेस खान और शेख आसिफ खान ने अपनी जान जोखिम में डालकर पानी में छलांग लगाई और बेहद कम समय में महिला तक पहुंच बनाई। उन्होंने महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार दिलाया। इस बहादुरी और तत्परता के लिए वहां मौजूद जनता ने उनका जमकर अभिनंदन किया।

    बड़ा तालाब और वीआईपी रोड सुरक्षा के लिए मशहूर हैं। बावजूद इसके ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। आज की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि नगर निगम के कर्मचारी न केवल प्रशिक्षित हैं बल्कि किसी भी स्थिति में अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित और निस्वार्थ हैं। यह रेस्क्यू ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि संकट के समय ये कर्मचारी किसी देवदूत से कम नहीं।

    महिला ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका कारण फिलहाल सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और महिला के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने वीआईपी रोड पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग को भी हवा दे दी है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता स्पष्ट हो गई है।

    बड़ा तालाब सिर्फ भोपाल के ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल और मनोरंजन केंद्र है। यहां हमेशा सैलानियों की भीड़ रहती है। इसके बावजूद कुछ लोग यहां आत्मघाती कदम उठाने का जोखिम लेते हैं। ऐसे समय में गोताखोरों और निगम कर्मचारियों की तत्परता ही किसी की जान बचा सकती है।

    इस घटना ने यह संदेश दिया कि चाहे कितनी भी सुरक्षा व्यवस्था क्यों न हो, मानव जीवन की रक्षा के लिए बहादुरी और तत्परता अपरिहार्य है। बड़े तालाब में पूर्व में भी ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं, लेकिन हर बार गोताखोरों की तत्परता ही लोगों की जान बचा पाती है।

    नगर निगम के इस बहादुर प्रयास ने लोगों को यह याद दिलाया कि संकट के समय प्रशिक्षित और समर्पित कर्मचारी किसी देवदूत से कम नहीं होते। महिला को सुरक्षित बाहर निकालने के तुरंत बाद प्राथमिक उपचार और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और महिला के मानसिक और पारिवारिक हालात को समझने का प्रयास कर रही है।

    भोपाल का बड़ा तालाब, वीआईपी रोड और आसपास के इलाके में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करना अब प्राथमिकता बन गई है। यह घटना न केवल नगर निगम कर्मचारियों की बहादुरी का प्रमाण है बल्कि शहरवासियों और सैलानियों के लिए चेतावनी भी है कि सुरक्षा और सतर्कता हमेशा आवश्यक है।

  • उज्जैन महाकाल में भव्य होली 2026: हर्बल गुलाल, पंचामृत भस्मारती और चंद्र ग्रहण के बीच खुले पट, श्रद्धालुओं ने किया अनोखा अनुभव

    उज्जैन महाकाल में भव्य होली 2026: हर्बल गुलाल, पंचामृत भस्मारती और चंद्र ग्रहण के बीच खुले पट, श्रद्धालुओं ने किया अनोखा अनुभव


    उज्जैन। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को होली का पर्व भव्य और अनोखे अंदाज में मनाया गया। सुबह 4 बजे भस्मारती के समय पुजारी-पुरोहितों ने बाबा महाकाल के साथ हर्बल गुलाल से रंग खेला। इस अवसर पर भगवान शिव के परिवार माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय को भी गुलाल अर्पित किया गया। भगवान महाकाल का हरि ओम जल से अभिषेक किया गया, उसके बाद दूध, दही, घी, शकर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजा संपन्न हुई। नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजा भी विधिपूर्वक किया गया। भगवान महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला धारण की।

    इस साल 3 मार्च को 14 मिनट का खग्रास चंद्र ग्रहण सुबह 6:32 से शाम 6:46 तक रहेगा। ग्रहण के कारण मंदिर में सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान महाकाल को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया गया। इस दौरान श्रद्धालु और पुजारी भगवान को स्पर्श नहीं करेंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण होगा, उसके बाद भगवान का जलाभिषेक और संध्या आरती के साथ भोग अर्पित किया जाएगा।

    महाकाल मंदिर में साल में दो बार भगवान की दिनचर्या बदलती है। कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से ठंड के अनुसार और चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से गर्मी के अनुसार आरती का समय तय होता है। इस साल 4 मार्च से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा शुरू होने से भगवान महाकाल को ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। इस अवधि में प्रतिदिन होने वाली पांच आरतियों में से तीन में समय का बदलाव किया जाएगा।

    मंदिर के पुजारी महेश शर्मा के अनुसार, भगवान महाकाल कालों के काल हैं और दक्षिण की ओर मुख करके बैठे हैं। इसलिए ग्रहण या किसी भी नक्षत्र का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। ग्रहण के दौरान मंदिर की व्यवस्थाएं सामान्य रहेंगी, पुजारी मंत्रोच्चार करेंगे और भक्त सुरक्षित दर्शन कर सकेंगे।

    भक्तों और स्थानीय लोगों के लिए यह आयोजन अत्यंत दर्शनीय रहा। पारंपरिक विधियों, भस्मारती और हर्बल गुलाल के संगम ने होली को भव्य बना दिया। इस अवसर पर धार्मिक अनुशासन और ग्रहण के नियमों का पालन करते हुए भगवान महाकाल की भव्य पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जो श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आनंद और भक्ति का अनुभव लेकर आई।