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  • AR Rahman शो में आए, विवाद के बाद पहली बार बोले; लता मंगेशकर पर किए कसम, देंगे सही जवाब

    AR Rahman शो में आए, विवाद के बाद पहली बार बोले; लता मंगेशकर पर किए कसम, देंगे सही जवाब


    नई दिल्ली । संगीत जगत के महानतम कंपोजर एआर रहमान ने विवादों के बाद अपनी पहली टीवी एपीयरेंस नेटफ्लिक्स के शो The Great Indian Kapil Show में की। इस एपिसोड में उन्हें और गांधी टॉक्स फिल्म की टीम को आमंत्रित किया गया है। शो के प्रोमो में देखा गया कि कपिल शर्मा ने रहमान साहब की चुप्पी और कम जवाब देने की आदत पर मजाक उड़ाया।

    कपिल शर्मा ने एआर रहमान से ली कसम

    प्रोमो वीडियो में कपिल ने रहमान को लता मंगेशकर के गीतों वाले CD को छूने के लिए कहा और मजाक में कहा, “एक लाइन के सवालों का जवाब एक लाइन में दें। क्योंकि जब चार लाइन का सवाल पूछते हैं, तो आप बस ‘हाँ’नहीं’ या ‘बहुत बढ़िया’ कह देते हैं।” रहमान इस पर मुस्कुराते रहे और कोई लंबा जवाब नहीं दिया।

    गांधी टॉक्स की टीम भी मौजूद
    शो में अभिनेत्री अदिति राव ह्यदरी, अभिनेता विजय सेतुपति, सिद्धार्थ जाधव और अरविंद स्वामी भी पहुंचे। कपिल ने मजाकिया अंदाज में सवाल किए जैसे कि विजय से पूछा कि वह नवजोत सिंह सिद्धू को कैसे जानते हैं जबकि क्रिकेट नहीं देखते, और अदिति से पूछा कि शादी क्यों की। प्रोमो कैप्शन में लिखा गया है, “शुरुआत में श्श-श्श-श्श से लेकर जल्दी हाहा-हा तक का सफर। गांधी टॉक्स की टीम के साथ देखें The Great Indian Kapil Show, 31 जनवरी, 8 बजे, सिर्फ नेटफ्लिक्स पर।”

    AR Rahman और हालिया विवाद
    कुछ समय पहले रहमान चर्चा में आए थे जब उन्होंने Chhaava फिल्म को ‘विभाजनकारी’ कहा और बताया कि पिछले आठ सालों में उनके बॉलीवुड अवसर कम हुए। लोगों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई। बाद में रहमान ने एक वीडियो जारी कर भारत और संगीत के प्रति अपने प्रेम को दोहराया। कुछ आरोपों के बीच उन्होंने UAE में वंदे मातरम और माँ तुझे सलाम गाकर अपनी निष्ठा साबित की।

    गांधी टॉक्स की जानकारी
    किशोर पांडुरंग बेलेकर की गांधी टॉक्स फिल्म में विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिति राव ह्यदरी और सिद्धार्थ जाधव मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह मूक फिल्म 30 जनवरी को थिएटर्स में रिलीज़ हुई।
  • Mardaani 3 Box Office Day 1: रानी मुखर्जी की वापसी के बावजूद फिल्म ने किया 3.48 करोड़ का ओपनिंग

    Mardaani 3 Box Office Day 1: रानी मुखर्जी की वापसी के बावजूद फिल्म ने किया 3.48 करोड़ का ओपनिंग


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की सशक्त अभिनेत्री रानी मुखर्जी अपने आइकॉनिक किरदार शिवानी शिवाजी रॉय के साथ लौट आई हैं। उनकी नई फिल्म Mardaani 3 ने पहले दिन भारत में 3.48 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। यह ओपनिंग उनके पिछले पार्ट Mardaani 2 (2019) की तुलना में थोड़ी कमजोर रही, जिसने पहले दिन 3.80 करोड़ की कमाई की थी।

    पहले दिन का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन

    साकनील्क के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, Mardaani 3 देशभर में 2,299 शो में दिखाई गई और औसत दर्शक उपस्थिति 13.6% रही। जबकि फिल्म ने कुछ क्षेत्रों में अच्छा कलेक्शन किया, शुरुआती दिन के आंकड़े दर्शाते हैं कि यह अपने पूर्ववर्ती फिल्म की शुरुआत के मुकाबले थोड़ी धीमी रही। ट्रेड एनालिस्ट का मानना है कि फिल्म का विषय महिलाओं के खिलाफ अपराध काफी गंभीर और परेशान करने वाला है, जो दर्शकों की शुरुआती संख्या को प्रभावित कर सकता है।

    समीक्षाओं में मिली मिश्रित प्रतिक्रियाएं
    क्लीनिक रिव्यू के अनुसार, News18 ने फिल्म को 3.5/5 रेटिंग दी। समीक्षा में कहा गया, “रानी मुखर्जी उन सभी महिलाओं के लिए लड़ रही हैं जो चिल्ला नहीं सकतीं। उनकी परफॉर्मेंस कच्ची, इंटेंस और बेहद विश्वसनीय है। हालांकि फिल्म में मजबूर मराठी उच्चारण और कुछ ओवर-द-टॉप डायलॉग्स दर्शकों को परेशान कर सकते हैं। सपोर्टिंग एक्टिंग में प्रजेश कश्यप को सराहा गया, जिन्होंने रामानुजन का किरदार निभाया। समीक्षा में उल्लेख किया गया कि “अगर आपको फिल्म देखने जाना है, तो प्रजेश के लिए जरूर जाएं। उनकी एक्टिंग, डायलॉग डिलीवरी और हर पहलू शानदार है।”

    फिल्म की कहानी और महत्व
    मर्दानी 3 का लेखन आयुष गुप्ता ने किया है और निर्देशन अभिराज मिंवल ने किया। यश राज फिल्म्स के बैनर तले आदित्य चोपड़ा ने इसे प्रोड्यूस किया। फिल्म का विमोचन रानी मुखर्जी के 30वें भारतीय सिनेमा वर्ष के अवसर पर हुआ है। फिल्म में रानी मुखर्जी के साथ जंकी बोदीवाला और मल्लिका प्रसाद भी हैं। कहानी में शिवानी 3 महीनों में 93 लड़कियों के लापता होने की जांच करती हैं।

    प्रीवियस पार्ट्स की तुलना

    मर्दानी 2014 को प्रदीप सरकार ने डायरेक्ट किया था, जबकि मर्दानी 2 का निर्देशन गोपी पुथरन ने किया। दोनों पार्ट्स ने शुरुआत में धीमी ओपनिंग दर्ज की थी, लेकिन समय के साथ अच्छा बिजनेस किया। Mardaani 3 के साथ रानी मुखर्जी ने अपने सशक्त किरदार को फिर से पर्दे पर जीवंत किया है।

  • Sunny Deol–Varun Dhawan की Border 2 का जलवा बरकरार, 8वें दिन भी ₹233 करोड़ क्लब में एंट्री

    Sunny Deol–Varun Dhawan की Border 2 का जलवा बरकरार, 8वें दिन भी ₹233 करोड़ क्लब में एंट्री


    नई दिल्ली । अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी बॉर्डर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत के बाद अब रफ्तार थोड़ी धीमी कर दी है। सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने आठवें दिन यानी शुक्रवार को करीब 9.27 करोड़ रुपये की नेट कमाई की। वीकडे होने के चलते दर्शकों की संख्या में गिरावट देखी गई, जिसका असर कलेक्शन पर भी पड़ा।

    अब तक की कुल कमाई 233.52 करोड़ रुपये

    घरेलू बॉक्स ऑफिस पर बॉर्डर 2 अब तक 233.52 करोड़ रुपये नेट कमा चुकी है। 23 जनवरी को रिलीज हुई इस फिल्म ने शुरुआती दिनों में जबरदस्त प्रदर्शन किया और कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। खास बात यह रही कि फिल्म का ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन विक्की कौशल की छावा और रणवीर सिंह की धुरंधर से भी ज्यादा रहा।

    पहले हफ्ते का डे-वाइज कलेक्शन

    फिल्म ने पहले दिन 30 करोड़ रुपये की दमदार ओपनिंग की थी। दूसरे दिन कलेक्शन बढ़कर 36.50 करोड़ रुपये पहुंचा। तीसरे दिन फिल्म ने 54.50 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि गणतंत्र दिवस की छुट्टी के चलते चौथे दिन 59 करोड़ रुपये का जबरदस्त बिजनेस हुआ।हालांकि, पांचवें दिन से कमाई में गिरावट आई और फिल्म ने 20 करोड़ रुपये कमाए। छठे दिन कलेक्शन घटकर 13 करोड़ रुपये रहा और सातवें दिन फिल्म ने 11.25 करोड़ रुपये की कमाई की।

    देशभक्ति के रंग में रंगी कहानी

    बॉर्डर 2, साल 1997 में आई सुपरहिट फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है। जहां पहली फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध में लोंगेवाला की लड़ाई पर आधारित थी, वहीं इसका सीक्वल भी उसी ऐतिहासिक युद्ध की पृष्ठभूमि में बनी है। फिल्म में देशभक्ति, बलिदान और सैनिकों के जज्बे को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है।

    दमदार स्टारकास्ट और मेकर्स

    फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा मोना सिंह, सोनम बाजवा, अन्या सिंह, प्रणव वशिष्ठ और मेधा राणा भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता, निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है और इसे टी-सीरीज व जेपी फिल्म्स का समर्थन मिला है। कुल मिलाकर, भले ही बॉर्डर 2 की कमाई की रफ्तार अब धीमी हो रही हो, लेकिन फिल्म पहले ही बॉक्स ऑफिस पर एक मजबूत और यादगार सफलता दर्ज करा चुकी है।

  • Gold-Silver Crash: चांदी का फूटा बुलबुला… एक दिन में ₹1 लाख सस्ती, सोना 33000 रुपये फिसला

    Gold-Silver Crash: चांदी का फूटा बुलबुला… एक दिन में ₹1 लाख सस्ती, सोना 33000 रुपये फिसला


    नई दिल्ली । सोना-चांदी की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है. एक ही दिन में जहां चांदी का भाव 1 लाख रुपये से ज्यादा टूट गया है, तो वहीं सोना भी एक झटके में 33000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है. न सिर्फ वायदा कारोबार में, बल्कि घरेलू मार्केट में भी इन कीमती धातुओं के दाम में अचानक तगड़ी गिरावट देखने को मिली है. एक्सपर्ट पहले से ही ऐतिहासिक लेवल पर पहुंचे कीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट का अनुमान जता रहे थे और हुआ भी कुछ ऐसा है. आइए जानते हैं गोल्ड-सिल्वर प्राइस क्रैश के पीछे के बड़े कारणों के बारे में…

    देखते ही देखते फूटा चांदी का बुलबुला

    एक्सपर्ट्स के अनुमान सच साबित हुए हैं और आखिर चांदी का बुलबुला फूट गया (Silver Bubble Burst) है. जी हां, सिर्फ एक ही दिन में 1 Kg Silver Price एक लाख रुपये से ज्यादा कम हो गया है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर बीते गुरुवार को तूफानी तेजी के साथ उछाल भरते हुए अपना नया हाई लेवल छूने के बाद अंत में 3,99,893 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुई थी, वहीं शुक्रवार को वायदा कारोबार बंद होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का रेट क्रैश (Silver Price Crash) हो गया और ये तेजी से गिरते हुए 2,91,922 रुपये पर आ गई. यानी एक झटके में ये 1,07,971 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई.

    हाई से इतना टूटा चांदी का भाव
    इससे ठीक एक दिन पहले यानी गुरुवार को ही चांदी की कीमतों ने रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक स्तर पार किया था और ये 4,20,048 रुपये प्रति किलो के हाई लेवल पर पहुंच गई थी. लेकिन झटके में बुलंदियों पर पहुंची चांदी ने अचानक ही निवेशकों को तगड़ा झटका दिया और इस हाई लेवल से 1,28,126 रुपये महज एक दिन में ही सस्ती हो गई.
    Silver ही नहीं, Gold भी धड़ाम
    न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने का बुलबुला भी फूटा है. 10 Gram 24 Karat Gold Rate में सिर्फ एक कारोबारी दिन में ही 33,113 रुपये की बड़ी गिरावट आई है. सिल्वर प्राइस बुरी तरह फिसलने के साथ-साथ गोल्ड रेट भी क्रैश हो गया. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का वायदा भाव गुरुवार को 1,83,962 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और शुक्रवार को क्लोजिंग तक ये फिसलकर 1,50,849 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. अगर सोने के हाई लेवल से इसकी कीमत में आई गिरावट पर गौर करें, तो गुरुवार को ही Gold Rate भी चांदी की तरह ताबड़तोड़ तेजी लेकर 1,93,096 रुपये के अपने लाइफ टाइम हाई पर पहुंचे थे और फिर अचानक इसमें ऐसी गिरावट आई कि सोना इस हाई से 42,247 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया.

    अचानक क्यों आई ये बड़ी गिरावट?

    सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल के बीच एक्सपर्ट्स पहले सी ही अनुमान जता रहे थे कि ये इस ऊंचाई पर पहुंचने के बाद तेजी से फिसल भी सकता है और उनके अनुमान शुक्रवार को सच भी साबित हो गए. अगर इन कीमती धातुओं के भाव में आई गिरावट के पीछे के कारणों के बारे में बात करें, तो एक नहीं बल्कि कई वजह नजर आती हैं.
    Gold-Silver Crash का एक बड़ा कारण मुनाफासूली रही, ऐतिहासिक लेवल पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने सोना-चांदी में प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी और बिकवाली के दबाव में झटके में दोनों के दाम बिखर गए. न सिर्फ सोना-चांदी, बल्कि इनके ईटीएफ भी बिखरे हुए नजर आए. इसमें अमेरिकी डॉलर में आई तेजी का भी बड़ा रोल रहा. आमतौर पर जब US Dollar मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के निवेशकों के लिए गोल्ड- सिल्वर खरीदना महंगा पड़ता है और इनकी डिमांड घट जाती है, जिससे कीमतें भी कम होती है.

    डॉलर के साथ ही US Treasury की यील्ड भी बढ़ी है और निवेशकों को सुरक्षित बॉन्ड में ज्यादा रिटर्न नजर आने लगा है, जिससे ये बिकवाली देखने को मिली. वहीं डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से ग्लोबल टेंशन में कमी और US Fed में जेरोम पॉवेल की जगह उनके पसंदीदा व्यक्ति केविन वार्श की एंट्री से जुड़ी खबरों ने भी सोना-चांदी पर दबाव बढ़ाया है.

  • नीट छात्रा हत्याकांड की CBI जांच, नीतीश सरकार ने सिफारिश भेजी, गृह मंत्री सम्राट चौधरी का ट्वीट

    नीट छात्रा हत्याकांड की CBI जांच, नीतीश सरकार ने सिफारिश भेजी, गृह मंत्री सम्राट चौधरी का ट्वीट


    नई दिल्ली । बिहार सरकार ने पटना के चित्रगुप्त नगर में नीट छात्रा से हुई दरिंदगी मामले की जांच सीबीआई से करने का आग्रह किया है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में हुए नीट छात्रा की हत्या के मामले कांड संख्या- 14/26 को सीबीआई से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए।

    इस मामले में 17 दिनों की जांच के बाद बिहार पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। इधर मृत छात्रा के परिजनों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाया है। कहा है कि पुलिस सही दिशा में जांच नहीं कर रही है। शुक्रवार को पीड़िता की मां की डीजीपी विनय कुमार के साथ मुलाकात हुई थी। डीजीपी आवास से निकलने के बाद वे काफी गुस्से में दिखीं। यहां तक कह दिया कि पुलिस बिक गई है। यहां उनकी बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।

    मीडिया कर्मियों से मां, भाई और मामा ने बताया कि डीजीपी ने कहा है कि रेप नहीं हुआ था, छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी, यह बात मान जाइए। उन्हें गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मिलने के लिए कहा गया। पीड़ित परिवार के वकील ने भी बताया कि पुलिस की जांच से परिवार के लोग संतुष्ट नहीं है। ये बातें तब सामने आईं जब एफएसएल की जांच रिपोर्ट में मृत छात्रा के अंतःवस्त्र से पुरुष स्पर्म के अवशेष पाए गए। एसआईटी बड़े पैमाने पर डीएनए टेस्ट की कार्रवाई कर रही है। परिजनों समेत 30 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल अबतक लिए जा चुके हैं। छात्रा के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप की संभावना से इनकार नहीं किया गया। उसके शरीर पर खरोंच के भी निशान पाए गए।

    शुक्रवार की शाम सम्राट चौधरी ने डीजीपी और मुख्य सचिव को आवास पर तलब किया और जांच से संबधित जानकारी ली। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया। उसके बाद यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर देने का निर्णय लिया गया। अब सीबीआई फ्रेश केस दर्ज कर मामले की जांच करेगी। हालांकि, परिजनों ने कभी सीबीआई जांच की लिखित मांग नहीं किया।

  • कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश

    कृषक कल्याण वर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए मिशन मोड में काम करने के दिए निर्देश


    भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स और कलेक्टर्स को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे अन्नदाता किसानों के कल्याण की चिंता करना राज्य सरकार का कर्तव्य है। वर्ष 2026 को सरकार द्वारा कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया गया है और इसका प्रभावी क्रियान्वयन मिशन मोड में किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का जीवन संवारना और उनकी बेहतरी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसान रथ का शुभारंभ स्थानीय सांसद और विधायक के साथ किया जाए। किसानों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए और उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिक से अधिक मूंगफली और उड़द की फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, जलवायु एवं ऊर्जा के अनुकूल कृषि अपनाने और संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए ई-गवर्नेंस पोर्टल का लाभ उठाने का निर्देश दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए सभी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वित प्रयास किए जाएं। इस वर्ष किसानों के कल्याण में उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित 15 से अधिक विभाग सक्रिय भूमिका निभाएंगे।पराली और नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने, खेत का भूसा गौशालाओं तक पहुंचाने और फसल अवशेष से बायोगैस संयंत्र स्थापित करने पर जोर दिया गया। सभी कलेक्टर्स अपने जिलों में इस पर निगरानी रखें।

    मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करने और पशुपालकों को नस्ल सुधार पोषण और स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया। मत्स्य पालन के लिए जिला स्तर पर अधिकाधिक मत्स्य प्रक्षेत्र विकसित किए जाएं और नगरीय क्षेत्रों में फिश पार्लर स्थापित किए जाएं।कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया कि कृषक कल्याण वर्ष की गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। कृषि उपज मंडियों का निरीक्षण और विपणन पर ध्यान देकर मूल्य संवर्धन सुनिश्चित किया जाए। दुग्धोत्पादन बढ़ाने के लिए नवाचारी तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाए।

    मुख्यमंत्री ने कार्य योजना के बेहतर क्रियान्वयन, छोटे-बड़े कार्यक्रमों, हितग्राहियों के सत्यापन और सहयोग, नई योजनाओं की शुरुआत और नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। वित्तीय स्त्रोतों जैसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप, CSR और केंद्र सरकार की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभ दिलाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने फरवरी में डिण्डोरी में कोदो-कुटकी बोनस वितरण, गुलाब महोत्सव राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी और मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों की रूपरेखा भी साझा की।

  • यूपी पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना के लिए कर रही हाफ एनकाउंटर, हाईकोर्ट ने DGP को किया तलब

    यूपी पुलिस वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना के लिए कर रही हाफ एनकाउंटर, हाईकोर्ट ने DGP को किया तलब


    नई दिल्ली । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में कथित हाफ एनकाउंटर की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने आरोपियों के पैरों में गोली मारकर बाद में उसे मुठभेड़ बताने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि दंड देने का अधिकार केवल न्यायालयों के पास है, पुलिस के पास नहीं. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा न्यायिक अधिकार क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अस्वीकार्य है, क्योंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां शासन कानून के तहत चलता है.

    हाईकोर्ट ने राज्य के डीजीपी और गृह सचिव से जवाब तलब करते हुए पूछा है कि क्या पुलिस अधिकारियों को आरोपियों के पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में गोली मारने के संबंध में कोई मौखिक या लिखित निर्देश जारी किए गए हैं. अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे मुठभेड़अब एक नियमित घटना बनते जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कथित तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करना या आरोपियों को सबक सिखाना हो सकता है.

    इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई- हाईकोर्ट

    कोर्ट ने यह भी कहा कि उसके सामने अक्सर ऐसे मामले आते हैं, जिनमें मामूली अपराधों में भी पुलिस अंधाधुंध गोलीबारी कर घटनाओं को मुठभेड़ का रूप दे देती है. यह टिप्पणी अदालत ने मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार और दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की जो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में घायल हुए थे. अदालत ने नोट किया कि इन घटनाओं में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई, जिससे बल प्रयोग की आवश्यकता और अनुपातिकता पर सवाल उठते हैं.

    एक मामले में अदालत ने पहले राज्य सरकार से पूछा था कि क्या कथित मुठभेड़ को लेकर एफआईआर दर्ज हुई और क्या घायल का बयान मजिस्ट्रेट या चिकित्सा अधिकारी के सामने दर्ज किया गया. राज्य की ओर से बताया गया कि एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन घायल का बयान न तो मजिस्ट्रेट और न ही किसी डॉक्टर के समक्ष दर्ज किया गया. साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि पहले एक सब-इंस्पेक्टर को जांच सौंपी गई थी, जिसे बाद में एक इंस्पेक्टर को स्थानांतरित कर दिया गया.

    स्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ में हुई सुनवाई

    दलीलों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मुठभेड़ संबंधी दिशानिर्देशों का पालन होता नहीं दिख रहा है. यह सुनवाई जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ में हुई.

  • Shamita Shetty B'day: ब्लॉकबस्टर डेब्यू के बाद भी फ्लॉप रहा शमिता का करियर, अभिनय छोड़ बनीं करोड़ों की मालकिन

    Shamita Shetty B'day: ब्लॉकबस्टर डेब्यू के बाद भी फ्लॉप रहा शमिता का करियर, अभिनय छोड़ बनीं करोड़ों की मालकिन


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री शमिता शेट्टी आज यानी 2 फरवरी को अपना 45वां जन्मदिन मना रही हैं। अभिनेत्री फिलहाल फिल्मों से दूर हैं, लेकिन वह अभिनय से दूर भी आज करोड़ों रुपये की कमाई करती हैं। इसके साथ ही वह अक्सर लाइमलाइट में भी बनी रहती हैं। शमिता इंडस्ट्री में अपनी बहन शिल्पा शेट्टी जैसा करियर तो नहीं बना पाईं, लेकिन उन्होंने ‘बिग बॉस 15’ के जरिए अपनी अलग पहचान जरूर बनाई थी। चलिए आज उनके जन्मदिन पर जानते हैं अभिनेत्री से जुड़ी कुछ खास बातों के बारे में…
    फैशन डिजाइनर से बनीं अभिनेत्री
    शमिता शेट्टी का जन्म 2 फरवरी 1979 को कर्नाटक के मंगलुरु में एक तुलु भाषी परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में टैम्पर-प्रूफ वाटर कैप के निर्माता थे। शमिता शेट्टी ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एंथोनी गर्ल्स हाई स्कूल, मुंबई से की। फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के साथ काम किया। सेलिब्रिटी डिजाइनर ने उन्हें अभिनय में अपनी किस्मत आजमाने का सुझाव दिया। जिसके बाद शमिता ने फिल्म इंडस्ट्री में काम करना शुरू कर दिया।

    ब्लॉकबस्टर फिल्म से किया डेब्यू

    अभिनेत्री ने साल 2000 में आदित्य चोपड़ा की फिल्म ‘मोहब्बतें’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इस फिल्म में शमिता के साथ कई अन्य कलाकार भी थे, लेकिन शमिता के बेहतरीन अभिनय की वजह से उन्हें डेब्यू ऑफ द ईयर का अवॉर्ड मिला। यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इसी साल उनका गाना ‘शरारा शरारा’ आया। रातों-रात शमिता स्टार बन गईं। शमिता का करियर एक ब्लॉकबस्टर फिल्म से शुरू हुआ, लेकिन उनका फिल्मी करियर आगे चलकर फ्लॉप साबित हो गया।
    शमिता शेट्टी का जन्म 2 फरवरी 1979 को कर्नाटक के मंगलुरु में एक तुलु भाषी परिवार में हुआ। शमिता शेट्टी आज यानी 2 फरवरी को अपना 45वां जन्मदिन मना रही हैं।उनके माता-पिता फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री में काम करते थे। शमिता ने अपनी स्कूली पढ़ाई मुंबई के सेंट एंथोनी गर्ल्स हाई स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने फैशन डिजाइनिंग में डिप्लोमा हासिल किया और मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के साथ काम किया। मनीष मल्होत्रा ने उन्हें अभिनय आजमाने का सुझाव दिया, जिससे शमिता ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा।
    छोटे पर्दे पर भी छाईं शमिता शेट्टी
    ‘मोहब्बतें’ के बाद उन्होंने कई फिल्में जैसे ‘फरेब’, ‘जहर’, ‘कैश’ में काम किया, लेकिन शिल्पा वह अपनी बहन की तरह इंडस्ट्री में अपनी पहचान नहीं बना पाईं। फिल्में नहीं चलने के बाद शमिता ने इंडस्ट्री छोड़ने का फैसला किया और वह 2008 के बाद इंडस्ट्री से गायब हो गईं। इसके बाद वह सलमान खान के शो ‘बिग बॉस 15’ में नजर आईं। हालांकि इससे पहले शमिता ‘बिग बॉस 3’ में भी नजर आई थीं, लेकिन शिल्पा की शादी की वजह से उन्होंने शो बीच में ही छोड़ दिया था।

    शमिता शेट्टी की नेट वर्थ
    ‘बिग बॉस 15’ के जरिए शमिता ने खूब लोकप्रियता भी हासिल की। फिल्मों में असफल रहने के बावजूद शमिता शेट्टी करोड़ो की मालकिन हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शमिता शेट्टी की नेट वर्थ पांच मिलियन डॉलर है यानी शमिता लगभग 35 करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन हैं। अभिनेत्री एक इंटीरियर डिजाइनर भी हैं और कई ब्रैंड्स एंडोर्समेंट भी करती हैं, इसके जरिए वह लाखों-करोड़ों रुपये की कमाई करती हैं।

  • Watch: T20 वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू, आईसीसी ने रिलीज किया एंथम सॉन्ग; यहां देखें वीडियो

    Watch: T20 वर्ल्ड कप का काउंटडाउन शुरू, आईसीसी ने रिलीज किया एंथम सॉन्ग; यहां देखें वीडियो


    नई दिल्ली । आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 7 फरवरी से शुरू होगा. भारत के साथ श्रीलंका सह-मेजबान है. कुल 20 टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 5-5 के 4 ग्रुप्स में रखा गया है. ग्रुप स्टेज में हर दिन 3 मैच खेले जाएंगे. भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में हैं, जिनके बीच 15 फरवरी को भिड़ंत होनी है. आईसीसी ने एंथम सॉन्ग रिलीज कर दिया है, जिसे अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया और गाया है.

    आईसीसी ने शुक्रवार को पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आधिकारिक गीत “फील द थ्रिल” जारी किया. इस गीत की रचना भारतीय संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदर ने की है, उन्हीं ने इसे गाया है. ये गीत जोश को बढ़ाता है. इसे रोमांच और भावनाओं को प्रतिबिंबित करने वाले बोलों के साथ खूबसूरती से बनाया गया है.

    आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एंथम गीत पर कहा, “आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप अद्वितीय रूप से प्रतिस्पर्धी, रोमांचकारी और अभिव्यंजक है, जहां क्षण खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों के लिए जीवन भर की यादों में बदल जाते हैं. टूर्नामेंट का आधिकारिक गीत इसी भावना को जीवंत करने का प्रयास करता है, अपने संगीत के माध्यम से प्रशंसकों को जोड़ने, विविधता का जश्न मनाने और इस आयोजन को हमारे खेल की सर्वोत्तम विशेषताओं का एक साझा वैश्विक उत्सव बनाने का प्रयास करता है.

    7 शहरों के 8 स्टेडियम में खेले जाएंगे मैच

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मेजबान भारत और श्रीलंका है. ग्रुप बी के सभी मैच श्रीलंका में खेले जाएंगे. ग्रुप ए में पाकिस्तान टीम अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगी. अगर पाकिस्तान सेमीफाइनल या फाइनल में पहुंची तो वो मुकाबले भी श्रीलंका में होंगे नहीं तो भारत उन मैचों की मेजबानी करेगा. वेन्यू: नरेंद्र मोदी स्टेडियम अहमदाबाद, एमए चिदंबरम स्टेडियम चेन्नई, अरुण जेटली स्टेडियम नई दिल्ली, वानखेड़े स्टेडियम मुंबई, ईडन गार्डन्स कोलकाता, आर. प्रेमदासा स्टेडियम कोलंबो, सिंहली स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट ग्राउंड कोलंबो, पालेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम कैंडी.

  • गरुड़ पुराण की शिक्षा: जीवन में सही संगति का महत्व और किन लोगों से बचना आवश्यक

    गरुड़ पुराण की शिक्षा: जीवन में सही संगति का महत्व और किन लोगों से बचना आवश्यक


    नई दिल्ली। गरुड़ पुराण का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। यह ग्रंथ किसी व्यक्ति को नकारने की शिक्षा नहीं देता बल्कि सही संगति और वातावरण चुनने के महत्व को समझाता है। सनातन परंपरा में इसे केवल मृत्यु और कर्मकांड से जोड़कर नहीं देखा जाता बल्कि यह जीवन जीने की व्यवहारिक शिक्षा भी देता है। इसमें मनुष्य के आचरण संगति और सोच पर विशेष जोर दिया गया है। पुराण के अनुसार व्यक्ति जैसा वातावरण चुनता है और जैसी संगति अपनाता है वैसा ही उसका जीवन आकार लेता है।

    सबसे पहले आलस्य को जीवनशैली बनाने वाले लोगों से दूरी बनाना जरूरी है। गरुड़ पुराण आलस्य को प्रगति का सबसे बड़ा शत्रु मानता है। जो लोग परिश्रम से बचते हैं और हर काम टालते रहते हैं, वे न केवल स्वयं आगे नहीं बढ़ पाते बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी हतोत्साहित करते हैं। ऐसे लोग अक्सर अपनी असफलताओं का कारण दूसरों या परिस्थितियों को बताते हैं। उनकी संगति निराशा और अकर्मण्यता को बढ़ावा देती है।

    दूसरी श्रेणी उन लोगों की है जो केवल भाग्य पर निर्भर रहते हैं। गरुड़ पुराण कर्म को जीवन का आधार मानता है। जो लोग प्रयास किए बिना केवल किस्मत के सहारे जीवन जीना चाहते हैं, वे धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो देते हैं और दूसरों को भी निष्क्रिय सोच की ओर ले जाते हैं। पुराण का संदेश स्पष्ट है कि भाग्य केवल उसी का साथ देता है जो लगातार प्रयास करता है।तीसरी चेतावनी उन लोगों के लिए है जो समय का मूल्य नहीं समझते। समय को सबसे कीमती धन माना गया है। जो लोग अपना समय व्यर्थ की चर्चाओं, निरर्थक कार्यों या आलस्य में गंवाते हैं, वे जीवन में ठहराव का कारण बनते हैं। ऐसे लोग न केवल अपना भविष्य जोखिम में डालते हैं बल्कि दूसरों का समय भी बर्बाद करते हैं। इसलिए विवेकशील व्यक्ति को ऐसी संगति से बचने की सलाह दी गई है।

    नकारात्मक सोच से घिरे लोग भी जीवन में बाधाएं पैदा करते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार नकारात्मक दृष्टिकोण धीरे-धीरे भय, असंतोष और असफलता की भावना बढ़ाता है। अगर कोई व्यक्ति निरंतर नकारात्मक विचारों में फंसा रहता है, तो उसकी संगति भी उसी दिशा में सोचने लगती है। सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए ऐसी संगति से दूरी जरूरी मानी गई है।

    अंत में, दिखावे और अहंकार में डूबे लोगों से भी दूरी बनाए रखना चाहिए। कुछ लोग केवल बाहरी दिखावे और श्रेष्ठता साबित करने में संतुष्टि ढूंढते हैं। गरुड़ पुराण में इसे मानसिक असंतुलन का संकेत बताया गया है। यह व्यवहार कई बार दूसरों को मानसिक पीड़ा पहुंचाता है और संबंधों में कटुता लाता है। शास्त्रों के अनुसार सादगी और विनम्रता ही स्थायी सुख का मार्ग है।सार यह है कि गरुड़ पुराण जीवन में सही संगति चुनने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का महत्व बताता है। यह मानसिक शांति, आत्मविकास और स्थायी सफलता का आधार है।