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  • मॉरीशस ने मालदीव के साथ तोड़े सभी राजनयिक रिश्ते, चागोस द्वीप विवाद बना वजह

    मॉरीशस ने मालदीव के साथ तोड़े सभी राजनयिक रिश्ते, चागोस द्वीप विवाद बना वजह


    नई दिल्ली/माले। मॉरीशस सरकार ने शुक्रवार 27 फरवरी को एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लिया और मालदीव के साथ अपने सभी राजनयिक संबंधों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कदम मालदीव के चागोस द्वीप समूह की संप्रभुता को लेकर बदलते रुख के बाद उठाया गया। ध्यान दें कि दोनों देश भारत के मित्र हैं।

    विवाद का कारण

    मॉरीशस के विदेश मंत्रालय के अनुसार मालदीव ने हाल ही में चागोस द्वीप समूह पर मॉरीशस की संप्रभुता को मान्यता देना बंद कर दिया है। साथ ही मालदीव ने मॉरीशस और ब्रिटेन के बीच चागोस को लेकर हुए हालिया समझौते पर आपत्ति जताई। मॉरीशस की कैबिनेट ने इस कदम को राष्ट्रीय हितों की रक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन के लिए आवश्यक बताया।

    मालदीव का रुख

    मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मुइज्जू ने 5 फरवरी को स्टेट ऑफ द नेशन संबोधन में कहा कि चागोस पर मालदीव का दावा मॉरीशस या किसी अन्य देश से अधिक मजबूत है। उन्होंने 2022 में मालदीव की पिछली सरकार द्वारा मॉरीशस की मान्यता को औपचारिक रूप से वापस ले लिया और इसे समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया।

    चागोस द्वीप समूह: विवाद की पृष्ठभूमि

    चागोस द्वीप समूह हिंद महासागर में स्थित 60 से अधिक छोटे द्वीपों का समूह है जिसमें सबसे बड़ा डिएगो गार्सिया है। रणनीतिक रूप से इसका महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यहां से मध्य पूर्व दक्षिण एशिया और अफ्रीका पर सैन्य और सुरक्षा निगरानी आसान है।

    1965 में ब्रिटेन ने मॉरीशस से चागोस को अलग कर दिया और इसे ब्रिटिश-हिंद महासागर क्षेत्र का हिस्सा बना दिया। डिएगो गार्सिया पर अमेरिका ने 1966 में 50 साल के पट्टे पर सैन्य अड्डा बनाया जो आज भी अमेरिकी रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके लिए ब्रिटेन ने 1967-1973 के बीच द्वीप के 1,500–2,000 मूल निवासियों को मॉरीशस और सेशेल्स में विस्थापित कर दिया।

    अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप

    मॉरीशस ने दशकों तक चागोस पर अपनी संप्रभुता के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। 2019 में ICJ ने ब्रिटेन को द्वीप को मॉरीशस को सौंपने की सलाह दी। UN महासभा ने भी ब्रिटेन से मॉरीशस को चागोस सौंपने का प्रस्ताव पारित किया।

    हालिया ब्रिटेन-मॉरीशस समझौता

    ब्रिटेन और मॉरीशस ने समझौता किया जिसमें मॉरीशस की संप्रभुता को मान्यता दी गई लेकिन डिएगो गार्सिया पर अमेरिकी सैन्य बेस लंबे पट्टे (99 साल) के तहत संचालित होता रहेगा।

    मालदीव का विवाद
    मालदीव ने अब चागोस पर मॉरीशस की संप्रभुता और ब्रिटेन के साथ हुए समझौते पर आपत्ति जताई। इससे मॉरीशस ने मालदीव के साथ सभी राजनयिक संबंध तोड़ दिए।

  • अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों को किया ध्‍वस्‍त, दी सख्त चेतावनी

    अफगानिस्तान ने पाकिस्तान में सैन्य ठिकानों को किया ध्‍वस्‍त, दी सख्त चेतावनी


    नई दिल्ली। दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक तनाव अब गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस कदम ने दोनों देशों के बीच तनाव को संभावित पूर्ण युद्ध की स्थिति में खड़ा कर दिया है।

    हवाई हमले का विवरण

    अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार हमला शुक्रवार सुबह लगभग 11:00 बजे किया गया। तालिबानी लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान की सीमा के भीतर गहरी पैठ बनाते हुए राजधानी इस्लामाबाद के पास फैजाबाद के सैन्य शिविर नौशेरा के सैन्य मुख्यालय जम़रुद की सैन्य टाउनशिप और एबटाबाद के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। प्रवक्ता इनायतुल्ला ख्वारज्मी ने कहा ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा। हमने पाकिस्तान सेना के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण केंद्रों और सुविधाओं को ध्वस्त किया।तालिबान प्रशासन ने इस हमले को प्रतिशोध बताया। अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने हाल ही में अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था और यह कार्रवाई उसी का जवाब है।

    सख्त चेतावनी

    अफगान सेना के प्रमुख फसीहुद्दीन फितरत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि कोई भी सैन्य गतिविधि दोबारा हुई तो जवाब और भी भयानक होगा। उन्होंने कहा हम किसी भी आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेंगे। अगर हमला दोहराया गया तो इस्लामाबाद समेत अन्य प्रमुख शहर भी निशाने पर होंगे।”

    सीमा पर तैयारियाँ

    सिर्फ हवाई हमले तक सीमित नहीं अफगान सेना ने सीमावर्ती इलाकों में टैंक और भारी हथियार तैनात कर दिए हैं। किसी भी संभावित जवाबी हमले के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। सुरक्षा विश्लेषक अब्दुल सादिक हामिदजोय का कहना है कि तालिबान पिछले चार दशकों से युद्धरत रहे हैं और उनके पास आधुनिक सैन्य क्षमताओं से निपटने का अनुभव है।

    बढ़ता क्षेत्रीय संकट

    काबुल और इस्लामाबाद की इस भिड़ंत ने वैश्विक समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर आतंकवाद को पनाह देने और जवाबी हमलों के आरोप लगाते रहे हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि यह संघर्ष तुरंत नियंत्रित नहीं हुआ तो यह पूरे दक्षिण एशिया की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है। फिलहाल पाकिस्तान की ओर से हमले के नुकसान को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं।

  • होली पर मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के चलते बदलेगा मौसम

    होली पर मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश की संभावना, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ के चलते बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में होली के दिनों में आंधी और बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 मार्च से हिमालयी क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में महसूस हो सकता है।IMD भोपाल की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पश्चिमी भारत में दो सक्रिय चक्रवातिक प्रणाली और एक ट्रफ सक्रिय हैं। इस वजह से शुक्रवार को भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे, हालांकि तापमान पर इसका खास असर नहीं पड़ा।

    गर्मी का असर: तापमान 34°C पार
    आंधी-बारिश और ओलों के दौर के बाद प्रदेश में अप्रैल जैसी गर्मी देखने को मिली। शुक्रवार को कई शहरों में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान 18 डिग्री से अधिक रहा। पचमढ़ी में 27.6°C, खरगोन में 34.8°C (सबसे गर्म), भोपाल में 32.4°C, इंदौर में 31.2°C, ग्वालियर में 32.7°C, उज्जैन और जबलपुर में 33°C दर्ज किया गया। रात के तापमान में पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा (9.6°C), जबकि सागर और नर्मदापुरम में क्रमशः 18.4°C और 18.2°C दर्ज हुआ। श्योपुर, सिवनी, गुना, खंडवा-टीकमगढ़ में रात का पारा 16°C और रतलाम-धार में 17°C या उससे अधिक रहा।

    20 जिलों में प्रभावित मौसम

    24-25 फरवरी को सक्रिय चक्रवात और ट्रफ की वजह से 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी-बारिश रही, कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। इससे गेहूं और चने की फसलों पर असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मौसम साफ रहेगा और किसी भी जिले में बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।

  • Holi: होली पर दो बड़े राजयोग, ये चार राशि के जातक बनेंगे धनवान, जीवन में आएगी खुशहाली

    Holi: होली पर दो बड़े राजयोग, ये चार राशि के जातक बनेंगे धनवान, जीवन में आएगी खुशहाली


    नई दिल्ली। इस बार होली सिर्फ रंग और खुशियां ही नहीं बल्कि चुनिंदा राशियों के लिए सुनहरी किस्मत भी लेकर आ रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होली के दिन कुंभ राशि में सूर्य बुध और शुक्र की दुर्लभ संगति देखने को मिलेगी। इस समय कुंभ राशि में बन रहे ‘बुधादित्य’ और ‘शुक्रादित्य’ नामक दो शक्तिशाली राजयोग होली के दिन अपने चरम पर होंगे। इन राजयोगों का प्रभाव चार राशियों के जातकों पर ऐसा पड़ेगा कि धन सफलता और सुख-समृद्धि की बौछार उनके जीवन में रंग भर देगी।

    मेष राशि

    मेष राशि के जातकों के लिए यह होली आर्थिक समृद्धि और भाग्य का समय लेकर आ रही है। कहीं फंसा हुआ पैसा अचानक वापस मिल सकता है और पुराने निवेश अब मुनाफे के रूप में सामने आएंगे। संतान की ओर से कोई गौरवशाली समाचार मिलने की संभावना है। ससुराल पक्ष से रिश्तों में मधुरता आएगी और लंबे समय से सोचे हुए प्रोजेक्ट्स अब हकीकत में बदलने का समय है।

    सिंह राशि
    सिंह राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। धन के नए स्रोत खुलेंगे और बैंक बैलेंस तेजी से बढ़ेगा। अगर कोई पुरानी बीमारी परेशान कर रही थी तो राहत मिलेगी। नई व्यावसायिक शुरुआत के लिए समय बेहद शुभ है साथ ही प्रॉपर्टी के लेन-देन में भी बड़ा लाभ मिल सकता है। घर का माहौल खुशहाल रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

    तुला राशि

    तुला राशि के जातकों पर ‘शुक्रादित्य’ और ‘बुधादित्य’ दोनों राजयोग मेहरबान रहने वाले हैं। अटके हुए सरकारी या निजी काम अब गति पकड़ेंगे और नौकरी की तलाश में थके लोग मनचाहा अवसर प्राप्त करेंगे। बिजनेस में कोई बड़ी पार्टनरशिप या डील फाइनल हो सकती है। परिवार के साथ धार्मिक या मनोरंजक यात्रा के योग भी बन रहे हैं।

    धनु राशि

    धनु राशि वालों के लिए यह होली करियर में बड़ी उपलब्धि का संकेत देती है। वर्किंग प्रोफेशनल्स को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के प्रबल संकेत हैं। लंबे समय से चल रहा पैतृक संपत्ति का विवाद अब आपके पक्ष में सुलझ सकता है जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। मामा पक्ष से आर्थिक या मानसिक सहयोग मिलेगा और कानूनी मामलों में चल रही भागदौड़ समाप्त होगी। अंततः आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा।

  • 16 मार्च से इन 3 राशियों की चकेगी किस्मत, मंगल-चंद्र की युति से होगी धन और सफलता की बौछार

    16 मार्च से इन 3 राशियों की चकेगी किस्मत, मंगल-चंद्र की युति से होगी धन और सफलता की बौछार


    नई दिल्ली। 16 मार्च 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से भाग्य बदलने वाला साबित हो सकता है। द्रिक पंचांग के अनुसार इस दिन ग्रहों के सेनापति मंगल और मन के कारक चंद्रमा मिलकर महालक्ष्मी राजयोग बना रहे हैं जिसे धन ऐश्वर्य और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा लेकिन खासतौर पर तीन राशियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अप्रत्याशित सुधार देखने को मिलेगा।

    महालक्ष्मी राजयोग क्या है?

    जब कुंडली में मंगल और चंद्रमा एक दूसरे के केंद्र या त्रिकोण भाव में होते हैं या एक दूसरे पर शुभ दृष्टि डालते हैं तो महालक्ष्मी राजयोग बनता है। मंगल साहस ऊर्जा और संपत्ति का प्रतीक है जबकि चंद्रमा मन शीतलता और धन का कारक। इन दोनों ग्रहों की युति से जातक को केवल आर्थिक लाभ नहीं मिलता बल्कि समाज में पद प्रतिष्ठा और मान सम्मान भी बढ़ता है।

    वृषभ राशि के लिए अवसर

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह राजयोग किसी वरदान से कम नहीं है। पुराने निवेशों से अब बड़े लाभ मिलने की संभावना है वहीं नौकरीपेशा लोग बॉस से तारीफ और बढ़ी हुई सैलरी की खुशखबरी पा सकते हैं। अधूरे काम पूरे होंगे और यदि इच्छा हो तो नई प्रॉपर्टी या गाड़ी खरीदने का मन बन सकता है।

    कर्क राशि का सुनहरा समय

    कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का मीठा फल देने वाला है। करियर में उन्नति और व्यवसाय में बड़ी डील मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवारिक तनाव कम होगा। रुके प्रोजेक्ट्स फिर से पटरी पर लौट आएंगे और दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

    वृश्चिक राशि को मिलेगा गोल्डन पीरियड
    वृश्चिक राशि के लिए यह समय प्रोफेशनल लाइफ में ‘गोल्डन पीरियड’ जैसा रहेगा। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी लोग आपकी सलाह मानेंगे और कानूनी या पुराने विवादों में लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार बढ़ाने के लिए कर्ज आसानी से मिल जाएगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगेगी।
    इस महालक्ष्मी राजयोग का पूरा लाभ उठाने के लिए 16 मार्च को लक्ष्मी जी के सामने घी का दीपक जलाना और “ॐ महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करना शुभ माना गया है।
  • होली पर चंद्र ग्रहण का साया, सूतक काल ने बदला होलिका दहन का समय, जानें पूजा का सही मुहूर्त

    होली पर चंद्र ग्रहण का साया, सूतक काल ने बदला होलिका दहन का समय, जानें पूजा का सही मुहूर्त


    नई दिल्ली । हिंदू धर्म में होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन इस साल 3 मार्च 2026 को होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का एक साथ होना चिंता का विषय बना हुआ है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भद्रा काल और ग्रहण का सूतक काल दोनों ही समय किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य के लिए वर्जित माने जाते हैं।

    ऐसे में भक्तों के मन में यह सवाल है कि दोष से बचने के लिए होलिका कब जलाई जाए। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 3 मार्च को शाम 05:07 बजे समाप्त हो जाएगी, लेकिन शास्त्रों के नियम और ग्रहण की शुद्धि के अनुसार ही दहन का समय तय करना उचित रहेगा।

    सूतक काल और चंद्र ग्रहण का प्रभाव

    भारतीय के समय के अनुसार, 3 मार्च 2026 को चंद्र ग्रहण का प्रभाव शाम 06:26 बजे चंद्रोदय के साथ ही दिखने लगेगा और यह शाम 06:46 बजे समाप्त होगा। हालांकि, ग्रहण की विभिन्न अवस्थाएं दोपहर 02:16 बजे से ही शुरू हो जाएंगी, लेकिन सूतक काल का विशेष महत्व होता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूतक काल सुबह 09:39 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा, जो शाम 06:46 बजे ग्रहण की समाप्ति तक रहेगा। सूतक काल के दौरान किसी भी प्रकार की पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान की मनाही होती है, इसलिए होलिका दहन की रस्में शाम 06:46 बजे के बाद ही की जानी चाहिए।

    भद्रा का समय और दहन का मुहूर्त

    होलिका दहन के लिए भद्रा का विचार करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि भद्रा मुख में किया गया दहन अशुभ फल दे सकता है। इस वर्ष 3 मार्च को भद्रा देर रात यानी 4 मार्च की सुबह 01:25 बजे से शुरू होगी। इसलिए शाम के समय भद्रा का कोई दोष नहीं रहेगा।

    होलिका दहन का सबसे सटीक और शुभ मुहूर्त शाम 06:47 बजे (ग्रहण समाप्ति) के बाद से लेकर रात 08:50 बजे तक रहेगा। यह वह समय है जब आप बिना किसी भय या दोष के होलिका दहन कर सकते हैं। ग्रहण के तुरंत बाद किया गया यह दहन नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने की प्रबल संभावना रखता है।

    दोष से मुक्ति के सरल नियम

    भद्रा और सूतक के दोष से बचने के लिए सहजता के साथ कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। ग्रहण काल के दौरान ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का निरंतर मानसिक जाप करते रहें, जिससे वातावरण की नकारात्मकता का आप पर प्रभाव न पड़े। शाम को ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें और फिर शुद्ध मुहूर्त में होलिका पूजन करें।

    होलिका की अग्नि में अनाज और नारियल अर्पित करना घर में सुख-शांति लाता है। माना जाता है कि इन नियमों का पालन करने से किसी भी प्रकार के ग्रहों की उग्रता शांत होती है और घर के संचालन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

  • पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर रूस और चीन ने संभाला मोर्चा, युद्धविराम की अपील

    पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर रूस और चीन ने संभाला मोर्चा, युद्धविराम की अपील



    नई दिल्ली। पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर रूस और चीन ने संभाला मोर्चा, युद्धविराम की अपील
    नई दिल्ली। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड रेखा के पास बढ़ते सैन्य टकराव के बीच रूस और चीन ने दोनों देशों से तुरंत युद्धविराम और राजनयिक समाधान की अपील की है।

    रूस का बयान
    रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि दोनों देशों के नागरिक और सैन्य बल हताहत हुए हैं।

    उन्होंने अफगानिस्तान और पाकिस्तान से खतरनाक टकराव रोकने और सभी मतभेदों को राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यम से सुलझाने का आग्रह किया।

    चीन की अपील
    चीन ने भी दोनों पक्षों से बातचीत और युद्धविराम पर जोर दिया। इसके अलावा कई अन्य देश भी संयम बरतने और तत्काल शांति स्थापित करने की अपील कर चुके हैं।

    संयुक्त राष्ट्र की चिंता
    संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उनके प्रवक्ता ने कहा कि सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है।

    तालिबान सरकार का रुख
    तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कंधार में कहा कि अफगान सरकार बार-बार शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देती रही है और अभी भी बातचीत के माध्यम से समस्या का हल चाहती है। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच मौजूदा विवाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से जुड़ा है।
    पाकिस्तान लंबे समय से तालिबानी सरकार से टीटीपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है।

    सीमा और डूरंड रेखा
    ब्रिटिश शासन के दौरान खींची गई विवादित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है, समय-समय पर दोनों देशों के बीच तनाव और गोलीबारी का कारण रही है। अफगानिस्तान की मौजूदा तालिबानी सरकार इसे मान्यता नहीं देती और इस समझौते को समाप्त करने की मांग करती रही है।

    हाल की घटनाएँ
    इस्लामाबाद में दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर अफगान सेना ने कुछ चौकियों पर सफेद झंडे लहराए, जिसे आमतौर पर गोलीबारी रोकने और शांति स्थापित करने का संकेत माना जाता है।

  • भोपाल के बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में 153 अवैध निर्माण उजागर, सरकारी जमीनों पर भी कब्जे

    भोपाल के बड़ा तालाब के 50 मीटर दायरे में 153 अवैध निर्माण उजागर, सरकारी जमीनों पर भी कब्जे


    भोपाल  भोपाल की लाइफलाइन माने जाने वाले बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) से 50 मीटर के दायरे में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण सामने आए हैं। प्रशासनिक सर्वे में अब तक 153 झुग्गियां और पक्के निर्माण चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें कई रसूखदारों के आलीशान मकान भी शामिल हैं। शहरी क्षेत्र में FTL से 50 मीटर और ग्रामीण क्षेत्र में 250 मीटर तक निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है।

    अधिकारियों के मुताबिक 16 मार्च 2022 को वेटलैंड एक्ट लागू होने के बाद इस दायरे में किया गया कोई भी निर्माण स्वतः अवैध माना जाएगा, चाहे उसे किसी भी स्तर पर अनुमति मिली हो। साथ ही पुराने अतिक्रमणों को भी हटाने की कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत की जाएगी। प्रशासन को इसकी रिपोर्ट एनजीटी में प्रस्तुत करनी है, जिसके चलते कार्रवाई तेज कर दी गई है।

    कहां-कहां मिले अवैध निर्माण
    टीटी नगर अनुभाग के सेवनिया गौड़, धर्मपुरी, प्रेमपुरा, आमखेड़ा, पीपलखेड़ी, कोटरा सुल्तानाबाद और बरखेड़ी खुर्द में 108 निर्माण चिन्हित हुए हैं। इनमें अधिकांश पक्के मकान हैं। भदभदा क्षेत्र में हाल ही में कार्रवाई भी की गई है और आगे व्यापक अभियान की तैयारी है।

    खानूगांव के आसपास 3 मकान, हलालपुरा में 7 और कोहेफिजा में 35 मकान FTL दायरे में पाए गए हैं। खानूगांव में 15 सरकारी जमीनों पर कब्जे सामने आए हैं। हुजूर के मुगालिया छाप और खजूरी में सीमांकन जारी है, जहां बड़े स्तर पर अतिक्रमण की आशंका है।

    वीआईपी रोड क्षेत्र में एक मंत्री और एक आईएएस अधिकारी के बंगले के पास भी लाल निशान लगाए गए हैं। विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बाउंड्रीवॉल के समीप भी राजस्व अमले ने सीमांकन कर निशान लगाए हैं।

    दो स्तर पर होगी कार्रवाई
    16 मार्च 2022 के बाद हुए निर्माण – सीधे अवैध माने जाएंगे और हटाए जाएंगे।

    इससे पहले के निर्माण – संबंधित विभागों (नगर निगम, पंचायत, टीएंडसीपी, पर्यावरण, वन आदि) से अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे जाएंगे। अनुमति प्रक्रिया की भी जांच होगी।

    कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने संबंधित एसडीएम को होली से पहले सीमांकन पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तालाब में गिरने वाले गंदे नालों की पहचान कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।

    रामसर साइट पर भी अतिक्रमण
    बड़ा तालाब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त रामसर साइट है, बावजूद इसके वर्षों से अतिक्रमण बढ़ते रहे हैं। भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव और सूरजनगर क्षेत्रों में फार्म हाउस, रिसॉर्ट और बड़ी इमारतें FTL सीमा के बेहद करीब पाई गई हैं। कुछ स्थानों पर नगर निगम की मुनार से सटी बाउंड्रीवाल और सड़क निर्माण भी मिला है, जो नियम विरुद्ध है।

    मुनारों में गड़बड़ी का मामला
    जांच में यह भी सामने आया कि FTL सीमा तय करने वाली मुनारों में फर्जीवाड़ा किया गया है। मौके पर पांच तरह की अलग-अलग मुनारें मिलीं। कुछ पर बीएमसी (भोपाल नगर निगम) लिखा है, जबकि कई बिना पहचान के सफेद रंग से रंगी मिलीं। इन्हीं संदिग्ध मुनारों के आसपास सबसे अधिक अतिक्रमण पाए गए हैं।

    पिछले दस वर्षों में तीन बार सर्वे होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब देखना होगा कि वर्षों से फाइलों में दबी कार्रवाई जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

  • कॉन्फिडेंस की कमी बन रही है सफलता में रुकावट जानिए आत्मविश्वास बढ़ाने के असरदार तरीके

    कॉन्फिडेंस की कमी बन रही है सफलता में रुकावट जानिए आत्मविश्वास बढ़ाने के असरदार तरीके


    नई दिल्ली। Confidence Gain। कई बार हम पूरी मेहनत और तैयारी के साथ आगे बढ़ते हैं लेकिन आखिरी समय पर आत्मविश्वास की कमी हमें पीछे धकेल देती है। इंटरव्यू हो प्रेजेंटेशन हो या कोई नया काम शुरू करना हो यदि खुद पर भरोसा कमजोर पड़ जाए तो आसान काम भी कठिन लगने लगता है। यही वजह है कि कई लोग प्रतिभाशाली और मेहनती होने के बावजूद अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते।

    आत्मविश्वास कोई जन्म से मिला गुण नहीं है बल्कि इसे रोजमर्रा की आदतों से विकसित किया जा सकता है। अच्छी बात यह है कि छोटे छोटे बदलाव अपनाकर अपने भीतर छिपी क्षमता को बाहर लाया जा सकता है। जब हम खुद को समझते हैं और अपनी प्रगति को पहचानते हैं तो धीरे धीरे आत्मबल मजबूत होने लगता है।

    सबसे पहले जरूरी है कि छोटी छोटी सफलताओं को नजरअंदाज न किया जाए। अक्सर लोग दिनभर की उपलब्धियों को महत्व नहीं देते लेकिन हर छोटा कदम आगे बढ़ने का संकेत होता है। यदि आप अपनी छोटी उपलब्धियों को स्वीकार करते हैं तो दिमाग सकारात्मक संकेत देता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

    स्पष्ट लक्ष्य तय करना भी बेहद जरूरी है। बिना दिशा के आगे बढ़ना मुश्किल होता है। छोटे और व्यावहारिक लक्ष्य बनाएं और उन्हें समय सीमा में पूरा करने की कोशिश करें। जब लक्ष्य पूरे होते हैं तो खुद पर भरोसा मजबूत होता है। बड़े लक्ष्य को छोटे हिस्सों में बांटकर पूरा करना ज्यादा प्रभावी और व्यावहारिक तरीका है।

    पॉजिटिव सेल्फ टॉक आत्मविश्वास बढ़ाने का शक्तिशाली साधन है। अक्सर हम खुद से नकारात्मक बातें करते हैं जिससे मनोबल गिरता है। यदि इन विचारों को बदलकर सकारात्मक संवाद अपनाया जाए तो बड़ा फर्क पड़ सकता है। मैं सक्षम हूं और मैं कोशिश करूंगा जैसे वाक्य मन को मजबूत बनाते हैं और डर को कम करते हैं।

    नई स्किल सीखना भी आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रभावी तरीका है। जब आप कोई नया कौशल सीखते हैं या नई जानकारी हासिल करते हैं तो भीतर से आत्मसंतोष मिलता है। यह अनुभव धीरे धीरे आत्मविश्वास को मजबूत करता है। चाहे कोई कोर्स हो नई भाषा हो या कोई रचनात्मक गतिविधि सीखना हमेशा फायदेमंद रहता है।

    बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना भी जरूरी है। सीधा खड़े होना आंखों में देखकर बात करना और हल्की मुस्कान बनाए रखना ये छोटी बातें भी आत्मविश्वास को दर्शाती हैं। सकारात्मक शारीरिक हावभाव अपनाने से न केवल दूसरों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है बल्कि खुद को भी भीतर से मजबूती महसूस होती है।

    साथ ही सकारात्मक लोगों के साथ समय बिताना आत्मविश्वास के लिए लाभकारी है। हमारा वातावरण हमारी सोच को प्रभावित करता है। ऐसे लोगों के साथ रहें जो प्रेरित करें और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। नकारात्मक माहौल से दूरी बनाकर ही आत्मबल को सुरक्षित रखा जा सकता है।

    आत्मविश्वास धीरे धीरे विकसित होने वाली शक्ति है। निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच से इसे मजबूत बनाया जा सकता है। जब खुद पर भरोसा मजबूत होता है तो सफलता की राह भी आसान लगने लगती है।

  • करो या मरो का महामुकाबला! 13.1 ओवर में जीत नहीं तो खत्म होगा पाकिस्तान का सपना

    करो या मरो का महामुकाबला! 13.1 ओवर में जीत नहीं तो खत्म होगा पाकिस्तान का सपना



    नई दिल्ली। इंग्लैंड की जीत ने ग्रुप-2 की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है और अब सेमीफाइनल की आखिरी सीट के लिए जबरदस्त रोमांच पैदा हो गया है। England cricket team ने अहम मुकाबले में New Zealand cricket team को हराकर पाकिस्तान की उम्मीदों को नई जिंदगी दे दी है। हालांकि पाकिस्तान अब भी मुश्किल हालात में है, लेकिन उसके पास सेमीफाइनल में पहुंचने का साफ रास्ता मौजूद है बशर्ते वह श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करे।

    ग्रुप-2 की अंकतालिका पर नजर डालें तो इंग्लैंड 6 अंकों के साथ शीर्ष पर है और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है। न्यूजीलैंड के खाते में 3 अंक हैं और उसका नेट रन रेट +1.390 है, जो उसे फिलहाल बढ़त दिला रहा है। दूसरी ओर पाकिस्तान के पास 1 अंक है और उसका नेट रन रेट -0.461 है। ऐसे में पाकिस्तान को सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा, उसे जीत का अंतर भी बड़ा रखना होगा।

    समीकरण बिल्कुल साफ है। अगर पाकिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है तो उसे कम से कम 64 रन से जीत दर्ज करनी होगी। वहीं अगर लक्ष्य का पीछा करता है तो मुकाबला 13.1 ओवर के भीतर खत्म करना होगा। तभी उसका नेट रन रेट न्यूजीलैंड से बेहतर हो सकेगा। अगर पाकिस्तान यह अंतर हासिल नहीं कर पाया, तो न्यूजीलैंड सीधे अंतिम चार में पहुंच जाएगा। इतना ही नहीं, यदि मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो जाता है तो भी न्यूजीलैंड को फायदा मिलेगा और पाकिस्तान की उम्मीदें खत्म हो जाएंगी। यानी यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए पूरी तरह ‘करो या मरो’ की स्थिति है।

    इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड ने दबाव के बावजूद शानदार वापसी की। 16.5 ओवर में 117 रन पर 6 विकेट गिरने के बाद रेहान अहमद और विल जैक्स ने संयम दिखाया और टीम को जीत तक पहुंचाया। यह मैच R. Premadasa Stadium में खेला गया और इसी नतीजे ने पूरे ग्रुप का गणित बदल दिया।

    अब निगाहें पाकिस्तान बनाम श्रीलंका मुकाबले पर टिकी हैं। अगर पाकिस्तान बड़ा उलटफेर करता है तो वह इंग्लैंड के साथ सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। पहला सेमीफाइनल Eden Gardens में 4 मार्च को और दूसरा Wankhede Stadium में 5 मार्च को खेला जाएगा।

    अब सवाल यही है—क्या पाकिस्तान दबाव में दम दिखाएगा या न्यूजीलैंड अपनी मजबूत नेट रन रेट के दम पर अंतिम चार में जगह बनाए रखेगा? जवाब मैदान पर मिलेगा, लेकिन इतना तय है कि ग्रुप-2 का यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे बड़ा थ्रिलर साबित होने वाला है।