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  • आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर: RR की टॉप-4 में मजबूत दावेदारी

    आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर: RR की टॉप-4 में मजबूत दावेदारी


    नई दिल्ली ।आईपीएल 2026 के 64वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांचक मैच में 7 विकेट से हराकर प्लेऑफ की रेस में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में जहां दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने जमकर रन बरसाए, वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया।

    राजस्थान रॉयल्स के कप्तान यशस्वी जायसवाल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत शुरुआत की और मिशेल मार्श के 96 रनों तथा जोश इंग्लिस के 60 रनों की शानदार पारियों की बदौलत 5 विकेट पर 220 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। एक समय यह स्कोर राजस्थान के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।

    लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत आत्मविश्वास से भरी रही। सबसे बड़ी भूमिका निभाई 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने, जिन्होंने केवल 38 गेंदों में 93 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर मैच को पूरी तरह पलट दिया। उनकी पारी में 10 छक्के और 7 चौके शामिल रहे, जिससे LSG के गेंदबाज पूरी तरह दबाव में आ गए।

    वैभव के अलावा यशस्वी जायसवाल ने भी 23 गेंदों में 43 रन बनाए, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने 38 गेंदों पर 53 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। राजस्थान ने 19.1 ओवर में 3 विकेट खोकर 225 रन बनाते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया।

    इस जीत के साथ राजस्थान रॉयल्स की यह सीजन की 13 मैचों में 7वीं जीत रही, जिससे टीम 14 अंकों के साथ अंकतालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई है। यह स्थिति राजस्थान के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि अब प्लेऑफ में जगह बनाने की संभावना और मजबूत हो गई है।

    अंकतालिका की स्थिति पर नजर डालें तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) 18 अंकों के साथ पहले स्थान पर है और पहले ही क्वालीफाई कर चुकी है। गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं, दोनों के 16-16 अंक हैं और ये टीमें भी प्लेऑफ में पहुंच चुकी हैं।

    प्लेऑफ की बची हुई दो जगहों के लिए राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। खासकर पंजाब किंग्स और केकेआर अभी भी गणितीय रूप से रेस में बने हुए हैं, जहां अंतिम मैचों के नतीजे अहम भूमिका निभाएंगे।

    पंजाब किंग्स के 13 मैचों में 13 अंक हैं, जबकि चेन्नई और दिल्ली 12-12 अंकों पर हैं। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स 11 अंकों के साथ दो मैच शेष रहते हुए 15 अंकों तक पहुंचने की उम्मीद बनाए हुए है।

    हालांकि मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स दोनों ही 8-8 अंकों के साथ प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं।

    अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राजस्थान रॉयल्स अपने अगले मुकाबले में कैसा प्रदर्शन करती है और क्या वह चौथे स्थान पर रहते हुए प्लेऑफ में जगह पक्की कर पाती है या नहीं।

  • ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल, 15 लाख मेडिकल स्टोर एक दिन के लिए बंद

    ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल, 15 लाख मेडिकल स्टोर एक दिन के लिए बंद

    नई दिल्ली । देश में ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर देशभर के दवा दुकानदारों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए एकदिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल के चलते लाखों मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे कई क्षेत्रों में दवाओं की आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। दवा कारोबार से जुड़े संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक दवा दुकानों के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है।

    दवा विक्रेताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन का कहना है कि बिना पर्याप्त नियमों और निगरानी के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, जिससे न केवल छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि आम लोगों की सेहत के लिए भी जोखिम बढ़ गया है। उनका मानना है कि कई बार दवाएं बिना उचित जांच और निगरानी के सीधे ग्राहकों तक पहुंच जाती हैं, जिससे गलत दवा या दुरुपयोग की संभावना भी बढ़ जाती है।

    इस देशव्यापी बंद के दौरान करीब 15 लाख से अधिक मेडिकल स्टोरों के बंद रहने की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहत की बात यह रही कि अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर और आपातकालीन सेवाएं चालू रखी गईं, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। संगठन ने स्पष्ट किया कि जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

    दवा विक्रेताओं की प्रमुख मांगों में ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियंत्रण लागू करना शामिल है। उनका कहना है कि वर्तमान नियमों में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर ई-फार्मेसी कंपनियां बड़े पैमाने पर कारोबार कर रही हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। साथ ही यह भी चिंता जताई गई है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी या गलत पर्चियों के आधार पर दवाएं खरीदी जा सकती हैं, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

    इसके अलावा दवा व्यापारियों ने सरकार से मौजूदा नियमों की समीक्षा करने और उन्हें अधिक सख्त बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं, जिससे पारंपरिक दवा दुकानदार प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाते हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए समान नियम लागू करना जरूरी बताया गया है।

    हालांकि महामारी के दौरान ऑनलाइन दवा सेवाओं को जरूरी सेवा का दर्जा दिया गया था, ताकि लोगों तक दवाएं आसानी से पहुंच सकें। उस समय यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हुई थी, लेकिन अब व्यापारियों का कहना है कि इसे स्थायी और अनियंत्रित रूप में जारी रखना सही नहीं है। उनका मानना है कि समय के साथ नियमों में संतुलन और सख्ती दोनों जरूरी हो गई हैं।

  • युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर बोले संजय बांगड़, क्रिकेट जगत में चर्चा

    युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा पर बोले संजय बांगड़, क्रिकेट जगत में चर्चा



    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में मात्र 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक और निडर बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है। राजस्थान रॉयल्स के इस सलामी बल्लेबाज ने मंगलवार को जयपुर में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मात्र 38 गेंदों में 93 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर अपनी टीम को 7 विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी ने न सिर्फ मैच का रुख बदल दिया, बल्कि उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया।

    वैभव की इस शानदार पारी के बाद टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर और कोच संजय बांगड़ ने उनकी जमकर तारीफ की है। बांगड़ ने कहा कि जब भी वह सूर्यवंशी को बल्लेबाजी करते हुए देखते हैं, तो उनकी प्रतिभा को शब्दों में बयान करना मुश्किल हो जाता है।

    जियोस्टार पर बातचीत के दौरान संजय बांगड़ ने कहा, “इस लड़के की क्षमता को समझाने के लिए मेरे पास पर्याप्त शब्द नहीं हैं। मैं उसके साथ न्याय नहीं कर सकता। उसके शॉट्स असाधारण हैं। वह लगातार कवर के ऊपर से बेहतरीन स्ट्रोक खेल रहा है, चाहे गेंद तेज हो या स्पिन। जब गेंद शॉर्ट पिच होती है, तो वह उसे बहुत अच्छे तरीके से हैंडल करता है।”

    उन्होंने आगे कहा कि लखनऊ सुपर जायंट्स के गेंदबाज 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन इसका वैभव पर कोई असर नहीं पड़ा। “उसने जिस तरह से खेला वह एक मास्टरक्लास था। यह एक शानदार और यादगार पारी थी। वह जहां भी खेलेगा, दर्शकों को आकर्षित करेगा,” बांगड़ ने कहा।

    वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में अपनी लगातार आक्रामक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया है। आईपीएल 2026 में वह फिलहाल ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं। उन्होंने 13 मैचों में 579 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। खास बात यह है कि उन्होंने अब तक 53 छक्के लगाए हैं, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा एक आईपीएल सीजन में लगाया गया सर्वाधिक रिकॉर्ड माना जा रहा है।

    उनकी बल्लेबाजी शैली ने विपक्षी टीमों के गेंदबाजों को मुश्किल में डाल दिया है और क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा मान रहे हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते वैभव न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के लिए बल्कि पूरे टूर्नामेंट के लिए एक बड़ा आकर्षण बन चुके हैं।

  • बीजिंग में शी जिनपिंग-पुतिन की बैठक: दुनिया ‘जंगलराज’ की ओर बढ़ रही, ईरान युद्ध रोकने की अपील

    बीजिंग में शी जिनपिंग-पुतिन की बैठक: दुनिया ‘जंगलराज’ की ओर बढ़ रही, ईरान युद्ध रोकने की अपील



    नई दिल्ली। बीजिंग में वैश्विक राजनीति पर बड़ा बयान देते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान जिनपिंग ने कहा कि दुनिया एक बार फिर “जंगलराज” जैसी स्थिति की ओर बढ़ रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय नियम और वैश्विक स्थिरता कमजोर पड़ती नजर आ रही है।

    एक रिर्पोट के मुताबिक, बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान शी जिनपिंग ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष, खासकर ईरान से जुड़े तनाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि युद्ध और सैन्य कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर पूरी दुनिया की शांति और व्यवस्था पर पड़ेगा।

    जिनपिंग ने कहा कि एकतरफा सैन्य कार्रवाई और लंबे समय तक चलने वाले युद्ध वैश्विक व्यवस्था को अस्थिर कर रहे हैं और इससे अंतरराष्ट्रीय कानूनों की भूमिका कमजोर हो सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान हालात में संघर्षों को रोकना और संवाद के जरिए समाधान निकालना बेहद जरूरी है।

    बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और BRICS जैसे मंचों पर भी चर्चा की। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में रूस और चीन के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ा रहे हैं।

    पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और चीन की साझेदारी का उद्देश्य न केवल आर्थिक विकास है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और संतुलित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि दोनों देश संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े हैं।

    इस दौरान दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी चर्चा की, जिनमें ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरे में लगभग 40 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना जताई गई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के बीच बढ़ती यह साझेदारी वैश्विक शक्ति संतुलन को नया रूप दे रही है, खासकर ऐसे समय में जब यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट जैसी स्थितियों से दुनिया में तनाव बढ़ा हुआ है।

    गौरतलब है कि शी जिनपिंग और व्लादिमिर पुतिन अब तक 40 से अधिक बार मिल चुके हैं और दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। दोनों नेता अक्सर खुद को “मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर” के समर्थक के रूप में पेश करते हैं, जिसमें वैश्विक शक्ति केवल एक देश के हाथों में नहीं बल्कि कई देशों में बंटी होती है।

  • बंगाल की फाल्टा सीट पर सस्पेंस गहरा, टीएमसी उम्मीदवार का अचानक पीछे हटना बना चर्चा का केंद्र

    बंगाल की फाल्टा सीट पर सस्पेंस गहरा, टीएमसी उम्मीदवार का अचानक पीछे हटना बना चर्चा का केंद्र


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले पुनर्मतदान से ठीक पहले राजनीतिक घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है, जहां सत्ताधारी दल के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अचानक चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर सभी को चौंका दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में मतदान से पहले राजनीतिक गतिविधियां अपने चरम पर थीं और सभी दल अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हुए थे। जहांगीर खान ने अपने आवास पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में यह ऐलान करते हुए कहा कि वे इस चुनावी प्रक्रिया से खुद को अलग कर रहे हैं, जिससे स्थानीय राजनीति में नए सवाल खड़े हो गए हैं। उनका यह निर्णय न केवल उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक यात्रा में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है, बल्कि फाल्टा सीट की चुनावी समीकरणों पर भी इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है।

    फाल्टा सीट डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और इसे राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है, जहां हर चुनाव में मुकाबला बेहद रोचक और कड़ा रहता है। हाल ही में हुए मतदान चरण के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से जुड़ी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान का निर्णय लिया था। अब 21 मई को होने वाले इस दोबारा मतदान से पहले उम्मीदवार का हट जाना राजनीतिक दलों के लिए रणनीतिक चुनौती बन गया है।

    जहांगीर खान ने अपने बयान में क्षेत्र के विकास और शांति को प्राथमिकता देने की बात कही और यह भी संकेत दिया कि वे चाहते हैं कि फाल्टा क्षेत्र में स्थिरता और प्रगति बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय विकास योजनाओं और विशेष पैकेज जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना अधिक महत्वपूर्ण है। हालांकि उनके इस कदम के पीछे असली कारण को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही हैं, और विभिन्न दल इस घटनाक्रम को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।

    इस बीच पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा गया है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी मिल चुकी है, लेकिन इसके पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं। यह स्थिति संगठन के भीतर भी एक तरह की अनिश्चितता पैदा कर रही है, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले उम्मीदवार का हटना किसी भी दल के लिए रणनीतिक झटका माना जाता है।

    दूसरी ओर, चुनावी प्रचार के दौरान जहांगीर खान का आक्रामक अंदाज भी चर्चा में रहा था, जहां वे अपने भाषणों में लोकप्रिय फिल्मी संवादों का इस्तेमाल कर समर्थकों को आकर्षित करते नजर आए थे। लेकिन अब उनके अचानक पीछे हटने से राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल गया है और विरोधी दल इसे अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

    साथ ही, कानूनी मोर्चे पर भी यह मामला सक्रिय रहा है, जहां उन्होंने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अदालत का रुख किया था और अग्रिम जमानत की मांग की थी। इस पूरे घटनाक्रम ने फाल्टा चुनाव को और अधिक जटिल और अनिश्चित बना दिया है, जहां अब सभी की नजरें आगामी मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं, जो 24 मई को घोषित किए जाएंगे।

  • ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ीं, दो स्टार खिलाड़ी बाहर

    ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ीं, दो स्टार खिलाड़ी बाहर


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम को करारा झटका लगा है। टीम के अनुभवी सलामी बल्लेबाज फखर जमान और युवा ओपनर सईम अयूब चोट के कारण इस अहम सीरीज से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों के बाहर होने से पाकिस्तान की ओपनिंग जोड़ी पर बड़ा असर पड़ सकता है।

    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि दोनों खिलाड़ी फिलहाल चोट से उबर रहे हैं और बोर्ड के मेडिकल पैनल की सख्त निगरानी में रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। PCB ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को अभी पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया जा सकता, इसलिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चयनित नहीं किया गया है।

    बोर्ड ने अपने बयान में कहा कि दोनों खिलाड़ियों को रिकवरी प्रोग्राम जारी रखने की सलाह दी गई है और उनकी फिटनेस पर लगातार नजर रखी जा रही है। PCB ने यह भी उम्मीद जताई है कि दोनों खिलाड़ी जल्द ही पूरी तरह फिट होकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करेंगे।

    गौरतलब है कि फखर जमान पाकिस्तान के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्होंने अब तक 92 वनडे मैचों में 45.42 की शानदार औसत से 3,861 रन बनाए हैं, जिसमें 11 शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी गैरमौजूदगी पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर को कमजोर कर सकती है।

    वहीं युवा बल्लेबाज सईम अयूब ने भी सीमित मौकों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। उन्होंने 17 वनडे मैचों में 751 रन बनाए हैं और गेंदबाजी में भी 9 विकेट हासिल किए हैं। उन्हें एक उभरते हुए ऑलराउंडर के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन चोट ने उनकी प्रगति पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है।

    30 मई से शुरू होने वाली इस वनडे सीरीज के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक टीम की घोषणा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि अब चयनकर्ताओं को ओपनिंग क्रम के लिए नए विकल्प तलाशने होंगे।

    हाल के समय में पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन भी लगातार सवालों के घेरे में रहा है। टीम हाल ही में बांग्लादेश दौरे पर दो टेस्ट मैच हार चुकी है, जिससे दबाव और बढ़ गया है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह सीरीज पाकिस्तान के लिए खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण मौका माना जा रहा है।

    अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि पाकिस्तान टीम इन दो बड़े खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में किस संयोजन के साथ मैदान में उतरती है और क्या वह ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ चुनौती पेश कर पाती है या नहीं।

  • रोम में मोदी–मेलोनी की दोस्ती चर्चा में, भारत की ‘मेलोडी टॉफी’ गिफ्ट से मुस्कुराईं इटली PM, वीडियो वायरल

    रोम में मोदी–मेलोनी की दोस्ती चर्चा में, भारत की ‘मेलोडी टॉफी’ गिफ्ट से मुस्कुराईं इटली PM, वीडियो वायरल


    नई दिल्ली । इटली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni की मुलाकात एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। रोम में हुई इस मुलाकात के दौरान एक हल्के-फुल्के पल ने सोशल मीडिया पर खास ध्यान खींचा, जब प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को भारत की लोकप्रिय ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की।

    यह अनौपचारिक लेकिन भावनात्मक पल दोनों नेताओं के बीच बढ़ती व्यक्तिगत और कूटनीतिक नजदीकी को दर्शाता है। गिफ्ट मिलने के बाद मेलोनी की प्रतिक्रिया को लेकर वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनकी खुशी और सहजता साफ देखी जा सकती है। इस घटना ने भारत और इटली के संबंधों को एक नए मानवीय और मित्रतापूर्ण रंग में प्रस्तुत किया है।

    रोम में इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने डिनर भी किया और बाद में ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। इस दौरान दोनों नेताओं की बातचीत और सहजता ने कूटनीतिक रिश्तों से आगे बढ़कर एक मजबूत व्यक्तिगत तालमेल को भी उजागर किया। यह तस्वीरें और वीडियो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग की प्रतीक बनकर सामने आए हैं।

    भारत और इटली के बीच हाल के वर्षों में आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। इसी क्रम में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, उन्नत तकनीक और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। यह मुलाकात केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे भविष्य की साझेदारी की दिशा तय करने वाला कदम माना जा रहा है।

    इस दौरान भारत की ओर से वैश्विक कनेक्टिविटी परियोजनाओं, खासकर India–Middle East–Europe Economic Corridor (IMEC) पर भी चर्चा की संभावना जताई गई। यह परियोजना भारत को मध्य पूर्व के रास्ते यूरोप से जोड़ने की एक बड़ी पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे वैश्विक व्यापार नेटवर्क में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

    सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की यह मुलाकात पहले से ही चर्चा में थी, और ‘#Melodi’ जैसे हैशटैग ने इसे और लोकप्रिय बना दिया है। समर्थक इसे भारत–इटली रिश्तों में बढ़ती गर्मजोशी के रूप में देख रहे हैं, जबकि विश्लेषक इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत मानते हैं।

    रोम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत इटली के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया था, जिसके बाद उनकी मुलाकातें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर पर तय हुईं। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना, साथ ही वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाना बताया जा रहा है।

    कुल मिलाकर, ‘मेलोडी’ टॉफी का यह छोटा-सा गिफ्ट एक बड़े कूटनीतिक संदेश में बदल गया है, जो यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय संबंध केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं होते, बल्कि व्यक्तिगत तालमेल भी उनकी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप



    कानपुर। कानपुर में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ITBP जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। यह मामला कथित तौर पर निजी अस्पताल की लापरवाही और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, विकास सिंह की मां को 13 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर कानपुर के जीटी रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उनके दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया, जिसके बाद हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

    परिजनों के मुताबिक, स्थिति बिगड़ने पर महिला को दूसरे अस्पताल पारस हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण को रोकने के लिए हाथ काटने की सलाह दी। इसके बाद 17 मई को महिला का दाहिना हाथ ऑपरेशन के जरिए काटना पड़ा।

    इसी घटना से आहत ITBP जवान विकास सिंह का आरोप है कि यह स्थिति कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण बनी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कई बार थाना रेल बाजार में शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

    इसी से नाराज होकर वह कथित सबूत के तौर पर अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल बॉक्स में रखकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया और मामला तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को जांच के निर्देश दिए हैं। अब पूरे प्रकरण की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा, जो यह तय करेगा कि इलाज में लापरवाही हुई थी या नहीं।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीज सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • केमिस्ट एसोसिएशन का बड़ा प्रदर्शन: सरकार से हस्तक्षेप की मांग तेज

    केमिस्ट एसोसिएशन का बड़ा प्रदर्शन: सरकार से हस्तक्षेप की मांग तेज


    मध्य प्रदेश । खंडवा जिले में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री और इससे जुड़े नियमों के विरोध में व्यापक असर देखने को मिला, जहां करीब 450 मेडिकल स्टोर एक दिन के लिए बंद रहे। जिलेभर के केमिस्टों ने एकदिवसीय सांकेतिक हड़ताल करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे और उन्होंने डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को ज्ञापन सौंपा।

    दोपहर के समय आयोजित इस प्रदर्शन में खंडवा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के साथ मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया, जिससे आंदोलन और अधिक व्यापक रूप में दिखाई दिया। केमिस्टों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स द्वारा बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श और फर्जी या असत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर दवाओं की बिक्री की जा रही है, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

    एसोसिएशन अध्यक्ष गोवर्धन गोलानी ने आरोप लगाया कि इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रही अवैध दवा बिक्री, फ्री होम डिलीवरी और भारी छूट की नीति छोटे और लाइसेंसधारी केमिस्ट व्यापारियों के अस्तित्व को संकट में डाल रही है। उनका कहना है कि यह स्थिति न केवल बाजार को असंतुलित कर रही है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

    केमिस्टों ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और 1945 के नियमों में ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद कई ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियां लंबे समय से दवाओं का वितरण कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 2018 की अधिसूचना GSR 817(E) और कोविड काल में जारी GSR 220(E) का हवाला देते हुए कहा कि इनका गलत उपयोग किया जा रहा है, जिससे अनियंत्रित दवा वितरण को बढ़ावा मिल रहा है।

    केमिस्ट संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवा वितरण पर तुरंत रोक लगाई जाए और अवैध ऑनलाइन बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही GSR 817(E) और GSR 220(E) को वापस लेने तथा ऑनलाइन कंपनियों की प्रीडेटरी प्राइसिंग और अत्यधिक छूट नीति पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

    प्रदर्शन के दौरान केमिस्टों ने यह भी कहा कि कोविड महामारी के दौरान उन्होंने बिना रुके दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा था, लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की अनियंत्रित गतिविधियों के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

    एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और छोटे दवा व्यापारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, ताकि मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण प्रणाली दोनों संतुलित रह सकें।

  • बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात

    बहराइच की 23 वर्षीय नैना बनीं प्रेरणा: लंदन में मिला महिला सशक्तिकरण पुरस्कार, किंग चार्ल्स से की मुलाकात




    बहराइच। बहराइच जिले के रिसिया ब्लॉक के पटेल नगर गांव की रहने वाली 23 वर्षीय नैना ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। उन्हें लंदन के प्रतिष्ठित रॉयल अल्बर्ट हॉल में आयोजित ‘द किंग्स ट्रस्ट सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में अमल क्लूनी महिला सशक्तिकरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

    इस सम्मान समारोह के दौरान नैना को ब्रिटेन के राजा किंग चार्ल्स III और क्वीन कैमिला से मिलने का भी अवसर मिला। यह उपलब्धि उनके जीवन की कठिन यात्रा और सामाजिक बदलाव के लिए किए गए कार्यों का परिणाम मानी जा रही है।

    नैना का बचपन संघर्षों से भरा रहा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए खेतों में काम करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया और गांव के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपनी शिक्षा का खर्च निकाला।

    बाद में आगा खान फाउंडेशन और द किंग्स ट्रस्ट इंटरनेशनल की संयुक्त पहल ‘प्रोजेक्ट लहर’ ने उनकी मदद की, जिसके जरिए वे दोबारा स्कूल लौटीं, स्कॉलरशिप हासिल की और अपनी पढ़ाई पूरी की।

    वर्तमान में नैना किशोर लड़कियों के लिए लाइफ स्किल्स कोच के रूप में काम कर रही हैं। वह बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने के साथ-साथ लड़कियों की शिक्षा और उनके अधिकारों के लिए लगातार जागरूकता फैला रही हैं। उनके प्रयासों से सैकड़ों लड़कियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल रही है।

    पुरस्कार मिलने के बाद नैना ने कहा कि उनके जीवन के संघर्ष ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। उन्होंने यह सम्मान सभी युवतियों को समर्पित करते हुए कहा कि कभी हार नहीं माननी चाहिए और अपने जीवन की सफलता की कहानी खुद लिखनी चाहिए।

    नैना की यह उपलब्धि न केवल बहराइच बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।