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  • क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    क्लाइमेट चेंज से निपटने में लीडर बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि क्लाइमेट चेंज एक गंभीर वैश्विक चुनौती है। क्लाइमेट चेंज मानव अस्तित्व
    , आर्थिक स्थिरता और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि सतत् विकास की राह में हम पर्यावरण की अनदेखी नहीं कर सकते। विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना ही प्रगति का मूल आधार है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जोर देकर कहा कि क्लाइमेट चेंज के मामले में ठोस और समयबद्ध समाधान पर काम करना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की क्लाइमेट चेंज को लेकर प्रतिबद्धताओं में भी राज्यों का योगदान भी महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज से निपटने में सर्वाधिक नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन लीडर की भूमिका में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के सबसे तेज गति से विकास करने वाले राज्यों में अग्रणी है। यहां लगभग हर क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। मुख्यमंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मप्र में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों को हरसंभव सहयोग देने का विश्वास और सुरक्षा की गारंटी देते हुए कहा कि राज्य और निवेशक मिलकर देश को नवकरणीय ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 24 घंटे बिजली देने की दिशा में मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। निवेशकों के साथ हमारा रिश्ता नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम मुंबई में क्लाइमेट वीक-2026 को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग (मप्र शासन) एवं ग्रीन एनर्जी के लिए विख्यात सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमओयू हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती का समाधान केवल एक देश, एक राज्य या एक सरकार ही नहीं कर सकती, इसके लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन, हरित विकास और जलवायु समाधान के लिए आगे बढ़ने की दिशा में मुम्बई क्लाइमेट वीक एक महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए त्वरित और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्वच्छ स्रोतों को बढ़ावा देना, हरित तकनीकों को अपनाना और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करना ही भविष्य का विकास मार्ग है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित और संतुलित बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकारों के साथ ही उद्योगों, संस्थाओं और इस देश में रहने वाले हर नागरिक की भी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरमेंट जैसे व्यवहारिक बदलावों को अपनाने की अपील की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हरित ऊर्जा उत्पादन के जरिए क्लाइमेट चेंज से निपटने की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार के नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जिसने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने ईवी नीति बनाई, जो क्लाइमेट चेंज की ओर कारगर कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी सरकार मध्यप्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजना, 300 मेगावाट 6 घंटे सौर-सह एनर्जी परियोजना सहित 24x7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजना पर काम कर रही है। यह एक नया प्रयोग है। यह भारत की अपनी तरह की पहली परियोजना है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जो इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते 12 सालों में मप्र की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। नवकरणीय ऊर्जा की बड़ी परियोजनाओं के जरिए हमने म.प्र. की जरूरतों को पूरा करने के बाद पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है। ये एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें हमने किसी भी नागरिक को विस्थापित नहीं होने दिया, इस प्रोजेक्ट में ऊर्जा उत्पादन भी प्रारंभ हो चुका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं के साथ मिलकर मप्र को भारत का नवकरणीय ऊर्जा हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम सौर, पवन, एनर्जी स्टोरेज, बायोफ्यूल तथा ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय टेक्नोलॉजी में वित्तीय एवं नीतिगत प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आव्हान किया कि मध्यप्रदेश की तेजी से परिवर्तनकारी यात्रा में हमारे साथ जुड़ें। इससे जलवायु को संतुलित रखने में तो मदद मिलेगी ही, यह सबके व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और मप्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि हम ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ मप्र और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे।

    नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए हम बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मप्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पॉवर प्रोजेक्ट, शाजापुर, आगर-मालवा और रीवा में अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना पर काम हुआ है। उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। यहां निवेश करें, सरकार आपके साथ है।

    अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, विद्युत आपूर्ति का एक कारगर, सस्ता और विश्वसनीय विकल्प है। हम मध्यप्रदेश के नागरिकों को कम से कम दर पर विद्युत आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से कहा कि वे नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उनकी जरूरतों और सुझावों के बारे में बताएं, सरकार इस क्षेत्र के विकस के लिए किए जाने वाले सभी नवाचारों में इन सुझावों को समाहित करेगी। एसीएस श्री श्रीवास्तव ने कहा कि मप्र में 24x7 घंटे विद्युत आपूति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डावोस में वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में विश्व समुदाय के समक्ष कमिटमेंट किया था, जिसे हम अब पूरा करने जा रहे हैं।

    विश्व बैंक समूह से संबद्ध इंटरनेशनल फाइनेंस कार्पोरेशन (आईएफसी) के दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय निदेशक श्री इमाद एन. फ़खौरी ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में मध्यप्रदेश सरकार की तेजी सराहनीय है। इस क्षेत्र के विकास में सरकार की सोच और दिशा स्पष्ट है। 24X7 घंटे नवकरणीय ऊर्जा पर मध्यप्रदेश सरकार की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली डिजाइन से हम प्रभावित हैं। हम मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र की सभी विशेषताओं और विशेषज्ञताओं का वैश्विक स्तर पर लाभ लेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में एफडीआरई सेंटर्स की स्थापना के लिए हम सरकार को हर जरूरी सहयोग देंगे।

    सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन की भारत में निदेशक सुश्री सीमा पॉल ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश नेतृत्वकर्ता है। मप्र में फिलहाल लगभग 500 गीगावॉट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा के विकास एवं विस्तार में हम मध्यप्रदेश के साझेदार भी हैं और भागीदार भी। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हम आज मध्यप्रदेश के साथ पार्टनरशिप के लिए एक एमओयू भी कर रहे हैं।

    कार्यक्रम को डॉ. अश्विनी कुमार एवं श्री अमित सिंह ने भी संबोधित किया। मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हुए विकास एवं नवाचारों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर देश-विदेश के पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति-नियंताओं और बड़ी संख्या में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। म.प्र. ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अमनवीर सिंह बैंस भी उपस्थित थे।

  • मौसम का डबल रंग: नोएडा-गाजियाबाद में बादल बरसेंगे, पूर्वांचल में साफ आसमान

    मौसम का डबल रंग: नोएडा-गाजियाबाद में बादल बरसेंगे, पूर्वांचल में साफ आसमान


    नई दिल्ली। 19 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश में आज मौसम का मिजाज साफ तौर पर दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। India Meteorological Department (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बादल, हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जबकि लखनऊ और प्रयागराज समेत पूर्वी हिस्सों में दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ रहेगा और अच्छी धूप निकलेगी।

    नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बागपत, शामली और मुजफ्फरनगर में सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। दोपहर बाद कुछ इलाकों में बूंदाबांदी या हल्की बारिश के आसार हैं। 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। पश्चिमी यूपी में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 11 से 16 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।

    वहीं राजधानी लखनऊ और प्रयागराज में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा। सुबह हल्की ठंड और नमी के कारण हल्का कोहरा रह सकता है, लेकिन दिन में तेज धूप निकलने से मौसम सुहावना हो जाएगा। इन शहरों में अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। दिन के समय ठंड लगभग समाप्त हो चुकी है, हालांकि सुबह और रात में हल्की सिहरन बनी रह सकती है।

    आने वाले दो दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी के संकेत हैं। 20 फरवरी से पारा 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है, जिससे हल्की गर्मी का एहसास शुरू होगा। हालांकि पश्चिमी यूपी में 20 फरवरी को भी हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों की सलाह: सुबह-शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें, गरज-चमक के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों, और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम बदलता हुआ नजर आएगा, जबकि पूर्वी हिस्सों में लोगों को धूप और सुहावने दिन का आनंद मिलेगा।

  • कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र, यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा?

    कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र, यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा?

    नई दिल्ली । भारत में परमाणु एनर्जी के क्षेत्र में एक लंबा इतिहास रहा है. देश ने विज्ञान और तकनीक के माध्यम से अपने एनर्जी संसाधनों को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने के लिए हमेशा प्रयास किया है. ऐसे ही प्रयासों में सबसे जरूरी भारत का पहला परमाणु एनर्जी संयं थात्र, जिसे 1969 में स्थापित किया गया. यह संयंत्र भारत के लिए सिर्फ बिजली उत्पादन का साधन नहीं था, बल्कि यह उस समय आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों का प्रतीक भी माना गया.

    कहां बना है भारत का पहला परमाणु संयंत्र

    भारत का पहला परमाणु एनर्जी संयंत्र तारापुर परमाणु एनर्जी स्टेशन महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित है. यह मुंबई के पास स्थित है और इसे 28 अक्टूबर 1969 को शुरू किया गया था. इस संयंत्र की स्थापना के पीछे उद्देश्य था कि देश को स्वच्छ और लॉन्ग टर्म एनर्जी उपलब्ध कराई जा सके. तारापुर में दो उबलते जल रिएक्टर लगे हुए थे, जिनकी कुल क्षमता लगभग 200 मेगावाट थी. जब यह संयंत्र चालू हुआ, तब यह एशिया का दूसरा सबसे बड़ा परमाणु एनर्जी स्टेशन था. इस संयंत्र के जरिए भारत ने परमाणु एनर्जी के क्षेत्र में अपनी तकनीकी क्षमता साबित की और दुनिया के लिए अपनी वैज्ञानिक उपलब्धियों को भी दिखाया.

    यह अब भी कितनी बिजली करता है पैदा?

    तारापुर परमाणु एनर्जी संयंत्र की यूनिट 1 अब 160 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही है. इसके अलावा, यूनिट 2 का नवीनीकरण भी अंतिम चरण में है और उसे जुड़ने के बाद कुल उत्पादन और बढ़कर लगभग 200 मेगावाट से ज्यादा हो जाएगा. तारापुर संयंत्र ने वर्षों तक देश को स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराई. हाल ही में इस संयंत्र की यूनिट 1 का रिनोवेशन किया गया और अब यह फिर से 160 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही है. यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि यह पूरी तरह भारतीय तकनीक से पुरानी यूनिट को नया जीवन देने का पहला प्रयास है.

    यूनिट 1 के नवीनीकरण में छह साल का समय लगा. इसमें रिएक्टर की पाइपिंग, टरबाइन जनरेटर और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को अपग्रेड किया गया. इसके अलावा, 3डी लेजर स्कैनिंग, जंग-रोधी सामग्री, नई सुरक्षा प्रणालियां और कंट्रोल रूम का आधुनिकीकरण भी किया गया. संयंत्र का संचालन न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड करता है. अधिकारियों का कहना है कि यूनिट 2 का नवीनीकरण भी अंतिम चरण में है और आने वाले महीनों में इसे भी राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा.

    भारत की एनर्जी सुरक्षा और स्वच्छ एनर्जी में योगदान

    तारापुर संयंत्र की नई तकनीक और नवीनीकरण ने न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि देश को स्वच्छ एनर्जी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद की है. इससे कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम होगी और कार्बन एमिशन में भी कमी आएगी. विशेषज्ञों के अनुसार, इस सफलता से भविष्य में पुराने रिएक्टरों का नवीनीकरण आसान होगा.

  • Babri Masjid Murshidabad: 7 नहीं 12 दिन बांग्लादेश में रहा हूं, हुमायूं कबीर ने सुवेंदु अधिकारी पर किया पलटवार

    Babri Masjid Murshidabad: 7 नहीं 12 दिन बांग्लादेश में रहा हूं, हुमायूं कबीर ने सुवेंदु अधिकारी पर किया पलटवार


    नई दिल्ली । जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में विपक्ष के लीडर और BJP नेता सुवेंदु अधिकारी पर पलटवार किया है। हुमायूं कबीर ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को जानकारी नहीं है कि मैं 7 दिन नहीं बल्कि 12 दिन बांग्लादेश में रहा था। उन्हें सही जानकारी नहीं है, मैं सही करके देता हूं। अगर जरूरत पड़े तो जांच एजेंसियों को भेजकर जांच कराएं। मैं इसके लिए तैयार हूं। जान लें कि ये विवाद बाबरी मस्जिद और उसके लिए जमा हो रहे पैसों पर विवाद को लेकर हुआ है।

    हुमायूं ने परिवर्तन यात्रा पर कसा तंज

    सस्पेंडेड टीएमसी विधायक और जनता उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर ने कहा कि बीजेपी पार्टी जो परिवर्तन यात्रा निकाल रहा है वह बाबरी यात्रा का कॉपी है। जान लें कि नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया था कि बाबर के नाम पर मस्जिद की नींव रखने और नई पार्टी बनाने से पहले हुमायूं कबीर ने बांग्लादेश में 7 दिन बिताए। इस बात की जांच होनी चाहिए।

    सुवेंदु अधिकारी ने की जांच की मांग

    सुवेंदु अधिकारी ने मांग की कि हुमायूं कबीर कहां-कहां गए, उन्हें मस्जिद बनवाने के लिए जो करोड़ों रुपये मिले हैं, उसमें से बांग्लादेश से कितने पैसे आए और किसने पैसे दिए, इसकी पड़ताल जरूरी है। उन्होंने मांग की कि स्टेट बैंक को लिस्ट बतानी चाहिए। ममता बनर्जी BSF को फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दे रही है, इसके पीछे क्या मकसद है यह सबको पता है।

    6 दिसंबर, 2025 को रखी गई बाबरी की नींव

    जान लें कि पिछले साल 6 दिसंबर को हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखी थी। उस मस्जिद का निर्माण का काम जल्द शुरू होने वाला है। हुमायूं कबीर अपनी देख-रेख में मस्जिद का निर्माण करा रहे हैं।

    बेलडांगा में नेशनल हाईवे-12 के पास बन रही मस्जिद
    इस बाबरी मस्जिद की नींव बेलडांगा में नेशनल हाईवे-12 के समीप एक प्राइम लोकेशन पर रखी गई थी। मुस्लिम समुदाय के लोग उस जगह पर बाबरी मस्जिद बनने से खुश हैं। उनके मुताबिक, बाबरी मस्जिद पहले तो गिरा दी गई थी, लेकिन उन्हें अब खुशी है कि बाबरी का निर्माण शुरू हो गया है।

  • Hidden Peaks Of India: माउंट एवरेस्ट तो सब जानते हैं, लेकिन देखने लायक हैं भारत की इन 3 चोट‍ियों के व्‍यूज

    Hidden Peaks Of India: माउंट एवरेस्ट तो सब जानते हैं, लेकिन देखने लायक हैं भारत की इन 3 चोट‍ियों के व्‍यूज

    नई दिल्ली । घूमने फ‍िरने का शौक भला क‍िसे नहीं होता है। हर कोई जैसे ही मौका पाता है, वो बैग उठाकर न‍िकल पड़ता है। क‍िसी को पहाड़ों पर जाना पसंद होता है तो कोई बीच पर सुकून भरे पल ब‍िताने जाता है। घूमने से मन को शांत‍ि म‍िलती है। हमारे यहां भारत में ऐसी कई जगहें हैं जहां का नजारा देखने लायक होता है। वहीं ज‍िन लोगों को एडवेंचर पसंद होता है, वो ट्रेक‍िंग जरूर करते हैं।

    जब भी बात भारत की सबसे खूबसूरत चोट‍ियों की बात आती है तो लोगों के मन में केवल उत्तराखंड और ह‍िमाचल प्रदेश का ही ख्‍याल आता है। ये दोनों राज्‍य वाकई में बहुत खूबसूरत हैं, लेक‍िन हम आपको कुछ ऐसी चोटि‍यों के बारे में बता रहे हैं जहां की ट्रेक‍िंगआपको एक बार जरूर करनी चाह‍िए। ऐसा कहा जाता है क‍ि अगर जीते जी आपको स्‍वर्ग के दर्शन करने हैं तो यहां जरूर जाएं। आइए जानते हैं-

    कलसूबाई पीक, महाराष्‍ट्र

    महाराष्‍ट्र की खूबसूरती से तो हम सभी वाक‍िफ हैं। नास‍िक ज‍िले में स्‍थ‍ित कलसूबाई पीक दुन‍िया के सबसे खूबसूरत पीक में से एक है। ये लगभग 5400 फीट की ऊंचाई पर स्‍थ‍ित है। इसकी ट्रेक‍िंग बरी के बेस गांव से शुरू होती है, जहां जाने के ल‍िए लोहे की सीढ़‍ियां, एडवेंचर ट्रे‍क करके पहुंचा जा सकता है। जब आप इसकी पीक पर पहुंचेंगी तो वहां पर आपको द‍िल थाम देने वाले नजारे देखने को मि‍लेंगे। यहां जाने में आपको भले ही कठ‍िनाइयों का सामना करना पड़े, लेक‍िन यहां की खूबसूरती आपका मन मोह लेगी।

    नेत्रावती पीक, कर्नाटक

    ये पीक भी कर्नाटक राज्‍य की सबसे खूबसूरत चोटी है। चोटी तक पहुंचने के ल‍िए आपको लगभग 6 कि‍लोमीटर की ट्रेक‍िंग करनी पड़ेगी। इस दौरान आपको पहाड़ाें पर हरे भरे नजारे देखने को म‍िलेंगे। जब आप इसके टॉप पर पहुंचेंगी तो आपको खूबसूरत नजारे देखने को म‍िलेंगे।

    कुलकुमलाई पीक, तम‍िलनाडु 
    ये पीक भले ही तम‍िलनाडु में है, लेक‍िन इसकी ट्रेक‍िंग की शुरुआत इडुक्‍क‍ि ज‍िले से होती है। यहां का सानराइज देखने लायक होता है। ऐसे में अगर आप सूर्योदय का खूबसूरत नजारा देखना चाहती हैं तो सुबह 3 बजे आपको न‍िकलना पड़ेगा।

    तो अगर आप भी एडवेंचर लवर हैं, तो भारत के ये Hidden Peaks आपको जरूर एक्‍सप्‍लोर करने चाह‍िए। यहां की खूबसूरती आपका मन मोह लेगी। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

  • भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन? सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

    भारत में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन? सरकार ले सकती है बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । भारत सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है। ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों में पहले ही इस उम्र में सोशल मीडिया का इस्तेमाल रोक दिया गया है, और अब भारत भी इसी मॉडल को अपनाने पर विचार कर रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस दिशा में इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड, 2021 में संशोधन किया जा सकता है।

    ऑस्ट्रेलिया मॉडल: कैसे काम करता है

    सरकार पूर्ण प्रतिबंध की जगह ऑस्ट्रेलिया मॉडल की ओर झुक रही है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से रोका गया है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत चल रही है और उम्र-आधारित नियम बनाने पर विचार किया जा रहा है।

    क्यों उठ रहा यह कदम?
    इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 ने चेतावनी दी है कि युवाओं में स्क्रीन एडिक्शन, कंपल्सिव यूज, साइबरबुलिंग और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चों को एडिक्शन, अश्लील कंटेंट और डीपफेक जैसी ऑनलाइन समस्याओं से बचाया जा सके।

    मौजूदा कानून और DPDP एक्ट
    भारत में अभी कोई कानून नहीं है जो सोशल मीडिया के लिए उम्र-आधारित प्रतिबंध लगाए। लेकिन DPDP एक्ट के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा प्रोसेस करने के लिए पेरेंटल कंसेंट जरूरी है। इससे प्लेटफॉर्म्स को बच्चों के डेटा कलेक्शन और टारगेटेड एड्स पर नियंत्रण रखना पड़ता है।

    दुनिया में स्थिति

    ऑस्ट्रेलिया: 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन। फ्रांस: 15 साल से कम उम्र पर सोशल मीडिया का उपयोग रोकने वाला बिल पास। यूके, स्पेन, डेनमार्क, ग्रीस: ऐसी पाबंदियों पर विचार भारत के कुछ राज्यों जैसे गोवा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने भी ऑस्ट्रेलिया मॉडल अपनाने पर चर्चा शुरू की है।

    चुनौतियां और विरोधाभास

    इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) के फाउंडर डायरेक्टर अपर गुप्ता का कहना है कि भारत में यह बैन केवल कागज पर ही रह सकता है। बच्चे अक्सर फेक उम्र डालकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लेते हैं।

    अगला कदम

    सरकार अभी सोशल मीडिया कंपनियों से बातचीत कर रही है। कोई फाइनल फैसला या टाइमलाइन अभी तय नहीं हुई है, लेकिन लागू होने पर यह नियम भारत के करोड़ों युवा यूजर्स को प्रभावित करेगा, खासकर जब भारत दुनिया में सोशल मीडिया का सबसे बड़ा मार्केट है।

  • प्रशांत किशोर का VIDEO वायरल, 'जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट भी नहीं मिला'

    प्रशांत किशोर का VIDEO वायरल, 'जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट भी नहीं मिला'


    नई दिल्ली । जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कई बड़े-बड़े दावे किए थे. पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने तक की बात कही थी लेकिन रिजल्ट के बाद पार्टी जीरो पर आउट हो गई. अब प्रशांत किशोर हार का मंथन कर रहे हैं. अलग-अलग जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं. इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वे ये कह रहे हैं कि जितने लोगों ने उनके साथ तस्वीर खिंचवाई उतना भी वोट नहीं मिला.

    वायरल वीडियो कहां का है ये साफ नहीं हो सका है. वीडियो में प्रशांत किशोर कार्यकर्ताओं से बातचत करते नजर आ रहे हैं. वे कहते हैं, “किसके पास प्रमाण है कि कौन ईमानदारी से काम कर रहा है? जितने लोग हमारे साथ फोटो खींचते हैं उतना वोट हमको नहीं मिला और सब आदमी यही कह रहा है कि भैया हम ही किए हैं दूसरा नहीं किया. उन बातों का कोई मतलब नहीं है.”

    प्रशांत किशोर ने किया एनडीए पर हमला

    दूसरी ओर प्रशांत किशोर बीते मंगलवार 17 फरवरी, 2026 को बेगूसराय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बिहार में शराबबंदी और बढ़ रहे अपराध को लेकर एनडीए सरकार पर हमला बोला. एनडीए की सरकार चुनने पर जनता को भी खूब सुनाया. प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर शराबबंदी से महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है तो इसे पूरे देश में लागू करना चाहिए.  मीडिया से प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज ने तीन सालों तक रणनीति बनाकर काम किया. जनता ने लगभग 18 लाख वोट देकर सेवा के लिए उनको चुना, बिहार छोड़कर जाने के लिए नहीं. वे जनता के आदेश का पालन कर रहे हैं.

    तो सरकार एनडीए के एजेंडे पर चलेगी

    प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले तीन सालों से जन सुराज की ओर से एक ही बात समझाई जा रही है कि जो बोओगे वही काटोगे. अगर आप एनडीए को चुनेंगे तो सरकार एनडीए के एजेंडे पर ही चलेगी. एनडीए का एजेंडा क्लियर है वो पूरा देश देख रहा है.  नीट छात्रा की मौत पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पुलिस ने सबसे पहले इसको आत्महत्या करार दे दिया. इसे हत्या मानने से इनकार कर दिया. इस मामले में वो जब पीड़िता के परिजनों से मिले तब जाकर सरकार की नींद खुली. एसआईटी का गठन किया गया. इसके बाद दो पुलिस पदाधिकारी सस्पेंड हुए.

  • इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर विवाद, स्टॉल खाली कराने की चर्चा

    इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर विवाद, स्टॉल खाली कराने की चर्चा


    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में चल रहे India AI Impact Summit में ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University विवादों में आ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी ने एक चीनी रोबोटिक डॉग को अपने इनोवेशन के रूप में “ओरियन” नाम से पेश किया।

    क्या है पूरा मामला?

    वायरल दावों के मुताबिक, समिट में दिखाया गया रोबोडॉग दरअसल Unitree Go2 है, जिसे चीन की कंपनी Unitree Robotics बनाती है। यह AI-पावर्ड रोबोडॉग ऑनलाइन करीब 2-3 लाख रुपये में उपलब्ध है। आरोप लगे कि इम्पोर्टेड टेक्नोलॉजी को भारतीय डेवलपमेंट बताकर शोकेस किया गया।

    सूत्रों के हवाले से खबर आई कि विवाद के बाद यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर करने के निर्देश दिए गए और स्टॉल से उपकरण हटा लिए गए। हालांकि यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया है कि उन्हें समिट छोड़ने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है।

    यूनिवर्सिटी की सफाई

    यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर स्पष्ट किया कि रोबोडॉग को उन्होंने खुद मैन्युफैक्चर करने का दावा कभी नहीं किया। उनके मुताबिक, यह डिवाइस छात्रों के लिए एक “लर्निंग टूल” है, जिससे वे रोबोटिक्स और AI की समझ विकसित कर रहे हैं।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया
    विवाद पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने तंज कसते हुए कहा कि AI समिट एक अव्यवस्थित पीआर तमाशा बन गया है, जहां भारतीय डेटा बेचा जा रहा है और चीनी उत्पाद प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

    आगे क्या?

    आईटी मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक काउंटर खाली करने का निर्देश जारी किया गया है, लेकिन यूनिवर्सिटी का कहना है कि उन्हें अभी तक ऐसा कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला।

  • दिल्ली में घर खरीदना हुआ सस्ता! DDA ने फ्लैट्स में पार्किंग चार्ज हटाया, 5-12 लाख रुपये तक की सीधी बचत

    दिल्ली में घर खरीदना हुआ सस्ता! DDA ने फ्लैट्स में पार्किंग चार्ज हटाया, 5-12 लाख रुपये तक की सीधी बचत


    नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी हाउसिंग स्कीम्स के तहत फ्लैट की कुल कीमत में अलग से पार्किंग चार्ज न जोड़ने का अहम फैसला लिया है। अब फ्लैट खरीदारों को कवर्ड या अनकवर्ड पार्किंग स्पेस के लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। पहले पार्किंग की लागत फ्लैट की बेस कीमत में शामिल नहीं होती थी, लेकिन अब इसे प्रोजेक्ट कॉस्ट का हिस्सा बनाकर प्लिंथ एरिया रेट (PAR) में समाहित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि कुल फ्लैट कीमत में ही पार्किंग का खर्च शामिल रहेगा और अलग से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    इस फैसले से फ्लैट की कैटेगरी और पार्किंग स्पेस के आकार के अनुसार कीमतों में 5 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की कमी आने की उम्मीद है। खासकर MIG और HIG कैटेगरी के खरीदारों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि इन फ्लैट्स में पार्किंग स्पेस बड़ा होता है और पहले इसकी लागत अधिक जुड़ती थी।

    DDA की मौजूदा चार हाउसिंग स्कीम्स पर यह राहत लागू होगी, जिनमें DDA कर्मयोगी आवास योजना 2025 (FCFS), DDA टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2025, DDA नागरिक आवास योजना 2026 (FCFS) और DDA टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2026 (FCFS) शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, कर्मयोगी आवास योजना के तहत 11 वर्गमीटर पार्किंग स्पेस वाले HIG फ्लैट्स की कीमत में लगभग 10 लाख रुपये की कटौती हो सकती है, जबकि MIG फ्लैट्स की कीमत 4 से 5 लाख रुपये तक घट सकती है। टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा स्कीम में पार्किंग स्पेस बड़े होने के कारण राहत और अधिक होगी।

    DDA ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन खरीदारों ने पहले ही पार्किंग चार्ज का भुगतान कर दिया है, उन्हें राशि वापस की जाएगी या अगली किस्त में समायोजित किया जाएगा। इस कदम से दिल्ली में घर खरीदना अब अपेक्षाकृत सस्ता होगा और खरीदारों पर वित्तीय बोझ कम पड़ेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला रियल एस्टेट बाजार में मांग बढ़ाने के साथ-साथ मिडिल क्लास खरीदारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

  • O Romeo Box Office: शाहिद ने अपनी ही फिल्म को पछाड़ा, ओ रोमियो ने अबतक कमाए इतने करोड़

    O Romeo Box Office: शाहिद ने अपनी ही फिल्म को पछाड़ा, ओ रोमियो ने अबतक कमाए इतने करोड़


    नई दिल्ली । विशाल भारद्वाज की फिल्म ओ रोमियो सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन है। शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की इस फिल्म को मिलेजुले रिव्यूज मिले हैं।शाहिद कपूर की फिल्म ने भारत में अबतक 45 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है। शाहिद कपूर की इस फिल्म ने अपनी ही फिल्म रंगून को कमाई के मामले में पछाड़ दिया है।
    शाहिद की ओ रोमियो की 5वें दिन की कमाई
    शाहिद कपूर की फिल्म ओ रोमियो ने आज यानी 18 फरवरी को सुबह 7 बजे तक भारत में 7 लाख की कमाई की है। 5वें दिन फिल्म ने भारत में 5.90 करोड़ की कमाई की थी। ओ रोमियो का अबतक का टोटल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म ने भारत में पाच दिन में 45.51 करोड़ कमाई की है।ओ रोमियो शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की जोड़ी की साथ में चौथी फिल्म है। इससे पहले विशाल भारद्वाज कमीने, हैदर और रंगून फिल्म शाहिद कपूर संग कर चुके हैं। शाहिद कपूर की ओ रोमियो ने कमाई के मामले में रंगून को पछाड़ दिया है।

    ओ रोमियो की पिछले 5 दिन की कमाई

    दिन कमाई
    पहला दिन 9.01 करोड़
    दूसरा दिन 14.50 करोड़
    तीसरा दिन 11 करोड़
    चौथा दिन 5.10 करोड़
    पांचवा दिन 5.90करोड़
    रंगून की कमाई, बजट और कास्ट
    शाहिद कपूर की रंगून साल 2017 में रिलीज हुई थी। फिल्म में शाहिद कपूर के साथ कंगना रनौत नजर आई थीं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई थी। boxofficeindia.com के मुताबिक, फिल्म का बजट 61 करोड़ था। वहीं, फिल्म ने भारत में 28.82 करोड़ (ग्रॉस कलेक्शन) की कमाई की थी।

    शाहिद कपूर की ओ रोमियो की कास्ट

    शाहिद कपूर की ओ रोमियो की बात करें तो इस फिल्म में तृप्ति और शाहिद के अलावा फरीदा जलाल, नाना पाटेकर, विक्रांत मैसी, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया और अविनाश तिवारी जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। विशाल भारद्वाज की ये फिल्म एक एक्शम रोमांटिक ड्रामा फिल्म है।

    कितनी है ओ रोमियो की आईएमडीबी रेटिंग

    ओ रोमियो की आईएमडीबी रेटिंग 6.4 है। ये फिल्म शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की साथ में भले ही चौथी फिल्म है, लेकिन नाना पाटेकर और विशाल की ये पहली फिल्म है। हाल में विशाल भारद्वाज ने बताया कि नाना पाटेकर को दशकों से जानने के बाद भी क्यों उन्होंने कभी नाना पाटेकर के साथ पहले काम नहीं किया।