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  • शाम 5 बजे से दिल्ली के ये रास्ते रहेंगे बंद! निकलने से पहले चेक करें ट्रैफिक एडवाइजरी

    शाम 5 बजे से दिल्ली के ये रास्ते रहेंगे बंद! निकलने से पहले चेक करें ट्रैफिक एडवाइजरी


    नई दिल्ली । AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आज चौथा दिन है. इस बड़े आयोजन के चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. भारत मंडपम और एयरपोर्ट के आसपास वीवीआईपी मूवमेंट्स के कारण राजधानी की कई अहम सड़कों पर आवाजाही सीमित रहेगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर निकलने से पहले लोगों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके.

    इन मार्गों पर पड़ेगा असर

    सरदार पटेल मार्ग मदर टेरेसा क्रेसेंट तीन मूर्ति मार्ग अकबर रोड जनपथ विंडसर प्लेस तीस जनवरी मार्ग पृथ्वीराज रोड राजेश पायलट मार्ग सुभ्रमण्यम भारती मार्ग मथुरा रोड भैरों मार्ग शांति पथ अफ्रीका एवेन्यू सत्य मार्ग डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग गुरुग्राम रोड और परेड रोड जैसे रास्तों पर प्रतिबंध रह सकता है.

    एआई समिट में इमैनुएल मैक्रों

    पहले जॉगिंग फिर स्टेशन पर तफरी अब जय हो इंडिया में अलग ही दिखा मैक्रों का स्वैगसुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक रास्ते इस्तेमाल करने की सलाह दी है. इनमें सैन मार्टिन मार्ग पंचशील मार्ग डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड कमाल अतातुर्क मार्ग औरोबिंदो मार्ग लोदी रोड बरापुल्ला रोड रिंग रोड तिलक मार्ग फिरोज शाह रोड रफी मार्ग संसद मार्ग के. कामराज मार्ग साउथ एवेन्यू रोड वंदे मातरम मार्ग एनएच-48 राव तुला राम मार्ग ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और यूईआर-II NH-48 सर्विस रोड शामिल हैं.

    पब्लिक एडवाइजरी जारी:

    प्रभावित रास्तों पर जाने से बचें. अपनी यात्रा पहले से प्लान करें और थोड़ा अतिरिक्त समय रखें. ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें. लेन अनुशासन और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करें.

  • मानसिक अवसाद का खौफनाक अंत: बेंगलुरु में ISRO के पूर्व अधिकारी ने पत्नी की गला घोंटकर की हत्या, खुद भी मरने की थी योजना

    मानसिक अवसाद का खौफनाक अंत: बेंगलुरु में ISRO के पूर्व अधिकारी ने पत्नी की गला घोंटकर की हत्या, खुद भी मरने की थी योजना


    नई दिल्ली । बेंगलुरु कर्नाटक : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ देश की प्रतिष्ठित संस्था भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO के एक पूर्व अधिकारी ने अपनी ही पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। अवाल्हाली थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता और उसके विनाशकारी परिणामों पर एक नई बहस छेड़ दी है। ६५ वर्षीय नागेश्वर राव ने कथित तौर पर अपनी जीवनसंगिनी की तौलिए से गला घोंटकर जान ले ली। पुलिस के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे वर्षों से चला आ रहा गहरा अवसाद डिप्रेशन मुख्य कारण बनकर उभरा है।

    शव के पास बैठकर मौत का इंतजार करता रहा हत्यारा

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह वारदात सुबह लगभग ११ बजे घटित हुई। नागेश्वर राव ने अचानक अपनी पत्नी पर हमला बोला और घर में मौजूद एक तौलिए से उनका गला तब तक दबाए रखा, जब तक कि उनके शरीर की हलचल पूरी तरह शांत नहीं हो गई। विचलित करने वाली बात यह है कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय घंटों अपनी पत्नी के बेजान शरीर के पास ही बैठा रहा। वह खुद भी आत्महत्या करने की फिराक में था, लेकिन मानसिक द्वंद्व और साहस की कमी के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। अंततः कई घंटों बाद उसने अपने एक मित्र को फोन कर पूरी कहानी बयां की, जिसने तुरंत पुलिस को इस त्रासदी की जानकारी दी।
    अवसाद की गिरफ्त में टूटा खुशहाल परिवार
    नागेश्वर राव इसरो जैसे संस्थान से सेवानिवृत्त होने के बाद एक प्रतिष्ठित जीवन जी रहे थे, लेकिन भीतर ही भीतर वह गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे। पुलिस हिरासत में नागेश्वर ने स्वीकार किया कि वह मानसिक रूप से इतना परेशान था कि उसे अपना और अपनी पत्नी का जीवन बोझ लगने लगा था। वह खुद को खत्म करना चाहता था, लेकिन उसने पहले अपनी पत्नी को मारना उचित समझा। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई तात्कालिक घरेलू विवाद था या यह पूरी तरह से अनियंत्रित डिप्रेशन का ही नतीजा है।

    विदेश में बैठी बेटी पर टूटा दुखों का पहाड़

    इस दंपत्ति की इकलौती बेटी अमेरिका में रहती है। जिस समय उसे माता-पिता के सुरक्षित और शांत बुढ़ापे की उम्मीद थी, उस समय उसे अपनी माँ की हत्या और पिता की गिरफ्तारी की खबर मिली। खुशहाल और सफल माना जाने वाला यह परिवार एक झटके में उजड़ गया। पुलिस ने आरोपी नागेश्वर राव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की विस्तृत चार्जशीट तैयार की जा रही है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि मानसिक बीमारियाँ किसी भी उम्र और ओहदे के व्यक्ति को अपना शिकार बना सकती हैं, जिसके परिणाम कभी-कभी असहनीय होते हैं।
    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीघटनास्थलअवाल्हाली क्षेत्र, बेंगलुरु कर्नाटक मृतक का नामनागेश्वर राव की पत्नी उम्र लगभग 60+ वर्ष आरोपी का नामनागेश्वर राव 65 वर्ष, पूर्व इसरो अधिकारी हत्या का तरीकातौलिए से गला घोंटकर Strangulation मुख्य कारणलंबे समय से चल रहा मानसिक अवसाद Depression पुलिस कार्रवाईआरोपी न्यायिक हिरासत में, हत्या का मामला दर्ज

  • शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला

    शराब की लत ने छीनी पिता की सांसें: ग्वालियर में रुपयों के लिए कलयुगी बेटे ने बुजुर्ग पिता को डंडे से पीट-पीटकर मार डाला


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के आरोन गांव में रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक नशेड़ी बेटे ने महज कुछ रुपयों के विवाद में अपने 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। शराब के लिए पैसे न मिलने पर बेटे का गुस्सा इस कदर बढ़ा कि उसने अपने ही पिता पर डंडे से तब तक प्रहार किए, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गईं। इस जघन्य अपराध के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और आक्रोश पसरा हुआ है।

    रुपयों की मांग और विवाद की शुरुआत

    पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बाबूलाल जाटव 65 पेशे से किसान थे और अपने बेटे रवि जाटव के साथ गांव में ही रहते थे। आरोपी रवि शराब का घोर आदी है और अक्सर नशे की पूर्ति के लिए अपने पिता से पैसों की मांग करता रहता था। मंगलवार शाम को भी रवि ने अपने पिता से कुछ पुराने रुपयों की मांग की। बाबूलाल इस बात से भली-भांति परिचित थे कि रवि इन पैसों का उपयोग केवल शराब पीने में करेगा, इसलिए उन्होंने पैसे देने से सख्त मना कर दिया। पिता का यह इनकार रवि को नागवार गुजरा और वह प्रतिशोध की आग में जलता हुआ घर से बाहर चला गया।

    नशे की हालत में जानलेवा हमला
    देर रात जब रवि शराब के अत्यधिक नशे में धुत होकर घर लौटा, तो उसके सिर पर खून सवार था। उसने कमरे में प्रवेश करते ही फिर से पैसों के लिए विवाद शुरू कर दिया। जब बुजुर्ग पिता अपनी बात पर अडिग रहे और पैसे देने से इनकार किया, तो रवि ने आव देखा न ताव और कमरे में रखा एक मोटा डंडा उठा लिया। उसने निहत्थे और असहाय पिता के सिर, सीने और पेट पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि बाबूलाल के शरीर के संवेदनशील अंगों पर गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़े।
    पड़ोसियों की सूचना और पुलिसिया कार्रवाई
    घर के भीतर से आ रही चीख-पुकार और धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को इस खूनी संघर्ष की सूचना दी। जब पुलिस दल आरोन गांव पहुँचा, तो बाबूलाल जाटव मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में पुलिस ने मर्ग कायम किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले गहरे जख्मों और अंदरूनी चोटों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया।

    पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रवि जाटव की तलाश शुरू की और गांव के पास ही घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रवि ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि पिता द्वारा पैसे न देने पर वह आपा खो बैठा था। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीघटनास्थलग्राम आरोन, जिला ग्वालियर म.प्र. मृतक का नामबाबूलाल जाटव 65 वर्ष आरोपी का नामरवि जाटव मृतक का पुत्र हथियारलकड़ी का मोटा डंडामुख्य कारणशराब के लिए रुपयों की मांग और विवादपुलिस कार्रवाईआरोपी गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: सुपर-8 में भारत की अग्निपरीक्षा, 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका से होगा पहला मुकाबला

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: सुपर-8 में भारत की अग्निपरीक्षा, 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका से होगा पहला मुकाबला


    नई दिल्ली । आईसीसी मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज के 35 मुकाबलों के बाद सुपर-8 की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। पहले ही भारत, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने क्वालीफाई कर लिया था, जबकि पाकिस्तान आखिरी टीम बनकर सुपर-8 में जगह बनाने में सफल रहा। अब ये आठों टीमें दो ग्रुप में बंटकर खिताबी जंग के अगले चरण में उतरेंगी, जहां हर मुकाबला सेमीफाइनल की राह तय करेगा।

    सुपर-8 का आगाज 21 फरवरी से होगा और लीग चरण के मैच 1 मार्च तक खेले जाएंगे। इसके बाद 4 और 5 मार्च को सेमीफाइनल और 8 मार्च को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। पहले मैच में 21 फरवरी को न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान के बीच कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में शाम 7 बजे टकराव होगा।

    टीम इंडिया की निगाहें 22 फरवरी को अहम मुकाबले पर टिकी हैं, जब दोपहर 3 बजे श्रीलंका और इंग्लैंड की भिड़ंत कैंडी में होगी, जबकि शाम 7 बजे अहमदाबाद में भारत और साउथ अफ्रीका आमने-सामने होंगे। यही मुकाबला टीम इंडिया के सुपर-8 अभियान की शुरुआत भी है।

    भारत का सुपर-8 शेड्यूल इस प्रकार है:

    22 फरवरी: साउथ अफ्रीका (अहमदाबाद)

    26 फरवरी: जिम्बाब्वे (चेन्नई)

    1 मार्च: वेस्टइंडीज (कोलकाता)

    तीनों मुकाबले अलग परिस्थितियों और विकेट पर खेले जाएंगे, जो टीम इंडिया की बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजी की विविधता की असली परीक्षा लेंगे। सुपर-8 में छोटी सी चूक भी टीम के लिए महंगी साबित हो सकती है।

    सुपर-8 में जगह बनाने वाली सभी टीमें 2028 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले अगले टी20 वर्ल्ड कप के लिए भी स्वत: क्वालिफाई कर गई हैं। को-होस्ट ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड पहले ही क्वालिफाई कर चुके हैं। इसके अलावा 9 मार्च तक आईसीसी टी20I रैंकिंग में शीर्ष तीन अतिरिक्त टीमों को भी 12 ऑटोमैटिक क्वालिफायर की सूची में शामिल किया जाएगा।

    अब सबकी नजरें 22 फरवरी पर टिकी हैं, जब भारत साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 में अपनी शुरुआत करेगा। फैंस को उम्मीद है कि टीम इंडिया शानदार प्रदर्शन कर सेमीफाइनल की राह मजबूत करेगी और खिताब की ओर एक और कदम बढ़ाएगी।

  • दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान

    दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान


    नई दिल्ली । दिनेशपुर उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में स्थित दिनेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक ७० वर्षीय बुजुर्ग महिला, संध्या शाह की उनकी अपनी ही बहू और उसके मायके वालों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी। संपत्ति के लालच और घरेलू क्लेश के चलते हुई इस खूनी वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बहू समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

    बच्ची की बीमारी बनी बहाना, जमीन पर था निशाना

    वारदात की जड़ें पिछले कई सालों से चल रहे पारिवारिक विवाद में दबी हुई थीं। घटना की रात मंगलवार को जब प्रसन्नजीत शाह की छोटी बेटी को बुखार आया, तो उसने अपनी पत्नी सुरभि पर बच्ची की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह छोटी सी बहस जल्द ही उग्र हो गई। दरअसल, असली विवाद प्रसन्नजीत द्वारा खरीदे गए एक प्लॉट और पैतृक संपत्ति के पैसों को लेकर था। पत्नी सुरभि चाहती थी कि संपत्ति उसके नाम पर हो, और इसी बात को लेकर घर में पिछले तीन-चार वर्षों से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी।
    कमरे में कैद कर दी दर्दनाक मौत
    बहस के दौरान सुरभि ने अपने मायके वालों को फोन कर मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सुरभि की माँ सुजाता, बहन दिशा और भाई अमन अपने अन्य साथियों के साथ वहाँ पहुँचे और तांडव शुरू कर दिया। हमलावरों ने प्रसन्नजीत के साथ मारपीट की और ७० वर्षीय बुजुर्ग संध्या शाह को एक कमरे में बंद कर दिया। बंद कमरे के भीतर बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा गया। जब तक पड़ोसियों ने शोर सुनकर हस्तक्षेप किया और पुलिस को सूचना दी, तब तक संध्या शाह मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुकी थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    सख्त कार्रवाई की मांग और पुलिसिया जांच
    घटना के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी, एसएसपी अजय गणपति और एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया। मृतका की बेटी रानी ने पुलिस के सामने बिलखते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने प्रसन्नजीत की तहरीर पर बहू सुरभि, सास सुजाता, साली दिशा और साले अमन समेत कुल छह लोगों पर हत्या धारा ३०२ का मामला दर्ज किया है। फिलहाल कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे वार्ड में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीस्थानवार्ड चार, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड मृतकसंध्या शाह उम्र 70 वर्ष मुख्य आरोपीबहू सुरभि शाह और उसके मायके वाले कुल 6 नामजद विवाद की वजहसंपत्ति का लालच और बच्ची की बीमारी पर कहासुनीपुलिस कार्रवाईहत्या का केस दर्ज, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलित, आरोपी हिरासत में

  • घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान

    घर से निकला है… लौटकर नहीं आना चाहिए दतिया में पत्नी निकली पति की हत्या की मास्टरमाइंड, प्रेम प्रसंग ने ली जान


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया जिले में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गोराघाट थाना क्षेत्र में सिंध नदी पुल के नीचे झाड़ियों में मिले एक अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने दस दिन की गहन जांच के बाद सुलझा लिया है। जो मामला शुरुआत में अंधे कत्ल जैसा प्रतीत हो रहा था, वह दरअसल प्रेम प्रसंग में रची गई एक सुनियोजित साजिश निकला, जिसकी मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी ही थी।

    घटना 6 फरवरी की है, जब हाईवे किनारे पुल के नीचे करीब 35 वर्षीय युवक का शव बरामद हुआ। शव की स्थिति संदिग्ध थी और प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। पहचान न होने पर पुलिस ने नियमानुसार शव को दफना दिया। दो दिन बाद परिजन अपने लापता सदस्य की तलाश में दतिया पहुंचे और शव की पहचान झांसी निवासी हंसराज वर्मा के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को निकलवाकर परिजनों को सौंप दिया और जांच को नई दिशा मिली।

    पहचान होते ही पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगालने शुरू किए। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी बबीता वर्मा और उसके रिश्ते में लगने वाले देवर हेमंत आर्य के बीच लंबे समय से बातचीत हो रही थी। फोन कॉल्स का सिलसिला धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। हंसराज पुराने ऑयल का कारोबार करता था और लेनदेन पत्नी के फोनपे खाते से होता था, जिससे दोनों के बीच संपर्क और गहरा हो गया।

    पूछताछ में सामने आया कि वारदात वाले दिन हंसराज ग्वालियर जाने के लिए घर से निकला था। उसी दौरान बबीता ने अपने प्रेमी हेमंत को फोन कर कथित तौर पर कहा वह घर से निकला है, लौटकर नहीं आना चाहिए, यह तुम्हारी जिम्मेदारी है। यही वह पल था जब साजिश ने अंतिम रूप लिया। हेमंत ने अपने साथी अनिल खटीक को साथ लिया। दोनों ने हंसराज से मुलाकात की, उसे शराब पिलाई और झांसी छोड़ने का बहाना बनाकर बाइक पर साथ ले गए। डबरा और गोराघाट पुल के पास दोबारा शराब पिलाने के बाद सुनसान झाड़ियों में मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव फेंककर फरार हो गए।

    कॉल डिटेल में हत्या से पहले और बाद में बबीता और हेमंत के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिले। मोबाइल लोकेशन, रेलवे टिकट और गवाहों के बयानों ने पुलिस को साजिश की हर कड़ी जोड़ने में मदद की। आखिरकार 17 फरवरी को पुलिस ने हेमंत आर्य (33), अनिल खटीक (35) और बबीता वर्मा (32) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त मफलर, शराब की बोतलें, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गईं।

    प्रेम संबंधों की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश ने न सिर्फ एक व्यक्ति की जान ले ली, बल्कि एक परिवार को भी उजाड़ दिया। दतिया का यह मामला रिश्तों में विश्वासघात और लालच की ऐसी कहानी बन गया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।

  • यादव जी की लव स्टोरी’ पर बवाल, रिलीज से पहले जाति और ‘लव जिहाद’ के आरोपों में घिरी फिल्म

    यादव जी की लव स्टोरी’ पर बवाल, रिलीज से पहले जाति और ‘लव जिहाद’ के आरोपों में घिरी फिल्म


    नई दिल्ली । 27 फरवरी को रिलीज के लिए तैयार फिल्म यादव जी की लव स्टोरी सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले ही विवादों के भंवर में फंस गई है। फिल्म की कहानी एक यादव समाज की लड़की और एक मुस्लिम लड़के की प्रेम कहानी पर आधारित बताई जा रही है, जिसे लेकर यादव समाज के कुछ संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि फिल्म उनकी जातीय पहचान को गलत संदर्भ में पेश करती है और समाज में भ्रम फैलाने की आशंका पैदा करती है। कुछ लोगों ने इसे लव जिहाद जैसे संवेदनशील मुद्दे से जोड़ते हुए आरोप लगाया है कि फिल्म एक खास नैरेटिव को बढ़ावा देती है। विरोध करने वाले समूहों ने चेतावनी दी है कि यदि फिल्म को रिलीज किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

    फिल्म के मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विवाद के कारण यह फिल्म चर्चा के केंद्र में आ गई है। भारतीय सिनेमा में यह कोई नया घटनाक्रम नहीं है। जब भी कहानी जाति, धर्म या सामाजिक पहचान जैसे विषयों को छूती है, तो संवेदनशीलता और विरोध साथ-साथ चलते हैं। इससे पहले भी कई फिल्में इसी तरह के आरोपों और प्रदर्शनों का सामना कर चुकी हैं।

    पद्मावत इसका प्रमुख उदाहरण है। फिल्म के निर्माण के दौरान ही राजपूत संगठनों और करणी सेना ने यह आरोप लगाया था कि रानी पद्मावती के चरित्र को गलत ढंग से चित्रित किया जाएगा और ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की जाएगी। विरोध इतना तीव्र हुआ कि सेट पर तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं और बाद में फिल्म में कुछ बदलाव भी किए गए। इसी तरह सैराट ने भी अंतरजातीय प्रेम कहानी को पर्दे पर उतारा, जिसमें एक दलित लड़के और मराठा लड़की के रिश्ते को दिखाया गया था। इस पर कुछ मराठा संगठनों ने आपत्ति जताई और प्रदर्शन किए।

    आर्टिकल 15 ने जाति आधारित भेदभाव और सामाजिक अन्याय के मुद्दे को उठाया था। फिल्म को सराहना के साथ-साथ विरोध भी झेलना पड़ा, क्योंकि कुछ संगठनों का मानना था कि इसमें समाज के एक वर्ग की छवि नकारात्मक रूप में पेश की गई है। वहीं जय भीम को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ, जब वन्नियार समुदाय के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि फिल्म में उनके समाज को गलत तरीके से दर्शाया गया है। मामला कानूनी नोटिस और सार्वजनिक बहस तक पहुंच गया।

    महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित फुले को भी महाराष्ट्र में कुछ ब्राह्मण संगठनों के ोविरोध का सामना करना पड़ा था। आरोप लगाया गया कि फिल्म इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करती है और एक समुदाय विशेष को नकारात्मक रूप में दिखाती है।

    इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि सिनेमा जब सामाजिक यथार्थ को छूता है, तो वह सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रहता, बल्कि बहस और टकराव का कारण भी बन जाता है। यादव जी की लव स्टोरी का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करेगा कि मेकर्स और विरोध कर रहे समूहों के बीच संवाद स्थापित होता है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि फिल्म ने रिलीज से पहले ही समाज और सिनेमा के रिश्ते पर एक नई बहस छेड़ दी है।

  • MP बजट सत्र: इंदौर भागीरथपुरा कांड पर विपक्ष का हंगामा, डिप्टी सीएम और मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग

    MP बजट सत्र: इंदौर भागीरथपुरा कांड पर विपक्ष का हंगामा, डिप्टी सीएम और मंत्री विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग


    भोपाल । मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र गुरुवार को चौथे दिन भी हंगामेदार रहा। कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बजट को आम जनता के लिए “ख्याली पुलाव” बताया और सदन में जोरदार हंगामा किया।

    सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने इंदौर भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर आक्रोश जताया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे हादसा नहीं बल्कि हत्या बताया और संबंधित मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की। इसके बाद सदन में शोर-शराबा बढ़ गया और कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया फैलने के बाद स्थिति गंभीर हुई थी और 22 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की राहत दी गई। इसके बावजूद विपक्ष ने मृतकों की संख्या 35 बताते हुए सभी परिवारों को मुआवजा देने और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार की गंभीर कार्रवाई का उल्लेख किया और आईएएस अधिकारी के निलंबन की जानकारी दी।

    सदन में अन्य मुद्दों पर भी हंगामा हुआ। अनूपपुर में फीस के दुरुपयोग का मामला उठाया गया। विपक्ष के विरोध के बीच डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने सरकार का पक्ष रखा।

    बजट सत्र के पहले तीन दिन भी विवादों और हंगामेदार घटनाओं से भरे रहे। पहले दिन राज्यपाल मंगु भाई पटेल का अभिभाषण और वंदे मातरम् के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया। दूसरे दिन वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया, जिसकी चर्चा 23 फरवरी को होगी। तीसरे दिन 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट पर भाषण हुआ, जिसमें 8वीं तक टेट्रा पैक दूध फ्री और 15,000 शिक्षकों की भर्ती जैसे ऐलान शामिल थे।

    बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इस दौरान कुल 3,478 प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प और शून्य काल में 83 सवाल विधानसभा में रखे जाएंगे।

  • उज्जैन सिंहस्थ 2028: 3,000 करोड़ का बजट, 128 प्रोजेक्ट में से कई अधूरे, प्रशासन पर समय की चुनौती

    उज्जैन सिंहस्थ 2028: 3,000 करोड़ का बजट, 128 प्रोजेक्ट में से कई अधूरे, प्रशासन पर समय की चुनौती


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए अब तक कुल 5,570 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जिसमें हाल ही में पेश 3,060 करोड़ रुपए की राशि पिछले बजट की तुलना में 1,055 करोड़ अधिक है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के अनुसार, सिंहस्थ आयोजन के लिए पहले से ही 13,851 करोड़ के प्रोजेक्ट स्वीकृत हैं और विभिन्न विभागों में काम जारी है। हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण और विभागीय समीक्षा में सामने आया है कि घाटों की मरम्मत, पुल और सड़कों के अपग्रेडेशन, पेयजल और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के काम अभी भी अधूरे हैं।

    सिंहस्थ आयोजन के लिए बनी कैबिनेट सब-कमेटी ने 128 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनकी अनुमानित लागत 13,752 करोड़ है। इनमें से 42 प्रोजेक्ट नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जिम्मे हैं, लेकिन केवल 33 प्रोजेक्ट पर ही धरातल पर काम शुरू हो पाया है। शेष 26 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अभी फाइलों में अटके हैं। इन लंबित योजनाओं में सड़क चौड़ीकरण, नए पुलों का निर्माण, घाटों का विस्तार, ट्रैफिक सुधार और श्रद्धालुओं के लिए आवास जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।

    जल और शिप्रा नदी का शुद्धिकरण राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जल संसाधन विभाग पांच बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिनमें कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट ₹914 करोड़ केवल 52% पूरा हुआ है। उज्जैन और देवास में बैराज निर्माण, शिप्रा को प्रवाहमान बनाने और घाट निर्माण के प्रोजेक्ट भी केवल 15% से 62% तक ही पूरे हुए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन 2027-2028 तक है, इसलिए प्रशासन पर समय की बड़ी चुनौती है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में प्रोजेक्ट की समीक्षा कर तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने पिछले तीन वर्षों से केंद्र से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है और उम्मीद जताई है कि 6,000-7,000 करोड़ रुपए की केंद्र सहायता किश्तों में उपलब्ध हो सकेगी।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग पर सिंहस्थ तैयारियों का सबसे बड़ा जिम्मा है। विभाग के 42 प्रोजेक्ट में से 33 पर काम चल रहा है, लेकिन 9 प्रोजेक्ट अभी अधूरे हैं। पेयजल, सीवरेज और घाट निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी, समय की कमी और भारी वित्तीय बोझ प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।

    सिंहस्थ की सफलता राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक क्षमता का परीक्षण होगी। हालांकि बजट और परियोजनाओं की संख्या प्रभावशाली दिखती है, लेकिन धरातल पर तेजी से काम न होने से आयोजन में संभावित जोखिम बरकरार हैं।

  • विजयवर्गीय ने देवड़ा को कहा ‘छोटे कद का वित्त मंत्री’, इंदौर में महापौर को महिला ने सुनाई खरी-खोटी, धीरेंद्र शास्त्री ने ड्रोन

    विजयवर्गीय ने देवड़ा को कहा ‘छोटे कद का वित्त मंत्री’, इंदौर में महापौर को महिला ने सुनाई खरी-खोटी, धीरेंद्र शास्त्री ने ड्रोन


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक घटनाओं में रंग-बिरंगे किस्से लगातार सामने आ रहे हैं। विधानसभा में बजट पेश होने के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने सहयोगी मंत्री जगदीश देवड़ा को छोटे कद का वित्त मंत्री कहकर संबोधित किया। उन्होंने देवड़ा जी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से करते हुए कहा कि ये छठी बार सदन में बजट पेश कर रहे हैं और उनका सम्मान करना चाहिए। विजयवर्गीय की इस टिप्पणी ने सदन में मौजूद लोगों को हैरान कर दिया, लेकिन माहौल को हल्का और खुशनुमा बना दिया। इसके बाद वित्त मंत्री ने मुस्कान के साथ अपना बजट भाषण शुरू किया।

    इंदौर में संकल्प से समाधान कार्यक्रम के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव को एक महिला ने सीधे माइक पर खरी-खोटी सुनाई। महिला ने गड्ढों और स्थानीय समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि जनता परेशान है और प्रशासन सक्रिय नहीं है। महापौर ने जवाब दिया कि दौरे का असर होता है, लेकिन महिला ने कहा कि नाम ही काफी होना चाहिए और जनता के सामने रूबरू होकर समस्याओं को सुनना चाहिए। महिला की तटस्थ और सटीक बातों पर वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर समर्थन किया, जबकि महापौर असहज नजर आए।

    शिव बारात के दौरान श्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल की हर्ष फायरिंग मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर दी है। विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ दबाव बनाया। उन्होंने बताया कि फायरिंग के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार केवल आवाज करने वाला था। कांग्रेस पार्टी अब FIR को निरस्त करने की मांग पर अड़ी हुई है और मामला राजनीतिक रंग ले चुका है।

    वहीं, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बागेश्वर धाम में कन्या विवाह समारोह के दौरान मंच पर फूल बरसाने वाले ड्रोन को देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने मंच से फटकार लगाते हुए कहा कि ड्रोन को बंद किया जाए, नहीं तो वह स्वयं इसे पकड़ लेंगे। उनके इस अंदाज ने समारोह स्थल पर हल्का-फुल्का माहौल बना दिया।

    इस बीच, पूर्व मंत्री राघव जी भाई ने विदिशा में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी को सार्वजनिक किया और कहा कि पार्टी अब पहले जैसी व्यवस्थित नहीं रही। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की नसीहत दी।

    मध्य प्रदेश में राजनीतिक हलचल, सार्वजनिक चेतावनी और धार्मिक आयोजनों में सक्रियता एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। विधानसभा, जनता और पंडितों के मंच पर उठ रहे विभिन्न रंगीन मुद्दे राज्य में घटनाओं के विविध आयाम को दर्शा रहे हैं।