Blog

  • भोपाल-उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश और तेज आंधी, श्योपुर में 1 इंच पानी गिरा, फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू

    भोपाल-उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश और तेज आंधी, श्योपुर में 1 इंच पानी गिरा, फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। फरवरी के महीने में सक्रिय हुए नए सिस्टम के कारण प्रदेश में तीसरी बार बारिश और ओलों का दौर शुरू हो गया। पिछले 24 घंटों में भोपाल, उज्जैन समेत 25 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, श्योपुर, शिवपुरी, इंदौर, आगर-मालवा, राजगढ़, खरगोन, मुरैना, सीहोर, दतिया, ग्वालियर, गुना, रतलाम, बड़वानी, मंदसौर, शाजापुर, देवास, विदिशा, अशोकनगर, टीकमगढ़ और निवाड़ी छतरपुर जिले शामिल हैं।

    श्योपुर के नालछा में सबसे ज्यादा 1 इंच पानी गिरा। वहीं तेज आंधी की रफ्तार 63 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंची। भोपाल, सीहोर और आगर में 37 किलोमीटर, शाजापुर में 35 किलोमीटर, गुना में 31 किलोमीटर, राजगढ़ में 30 किलोमीटर और धार, नीमच, शिवपुरी में 28 किलोमीटर प्रति घंटे की गति दर्ज की गई।

    इस बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से भी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रभावित फसलों का समय पर सर्वे और उचित मुआवजा किसानों की राहत के लिए जरूरी है।

    मौसम का हाल बताते हुए मौसम विभाग ने कहा कि प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ 10.0°C और पचमढ़ी 10.2°C में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई।

    प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने किसानों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके साथ है। उन्होंने कहा कि बारिश और ओलों से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए अधिकारियों को तुरंत सर्वे का निर्देश दे दिया गया है। प्रभावित खेतों का दौरा कर वास्तविक नुकसान का आंकड़ा तैयार किया जाएगा, ताकि किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जा सके।

    कृषि मंत्री ने कहा, “जहां-जहां भी ओलावृष्टि और तेज बारिश की वजह से फसलें आड़ी हुई हैं या दाने खराब हुए हैं, वहां समय पर मुआवजा प्रदान किया जाएगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे का काम पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ पूरा किया जाए, ताकि किसानों को राहत राशि में किसी भी तरह की देरी न हो।

    प्रदेश में मौसम विभाग ने भविष्य के 48 घंटों में भी अनियमित वर्षा और आंधी की संभावना जताई है, जिससे किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की जरूरत है। इस बीच प्रशासन और कृषि विभाग सतत निगरानी रखकर किसानों की मदद करने के लिए सक्रिय हैं।

  • 19 फरवरी महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड-त्रिनेत्र और ॐ के साथ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार

    19 फरवरी महाकाल भस्म आरती: त्रिपुंड-त्रिनेत्र और ॐ के साथ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार


    उज्जैन । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि गुरुवार को सुबह 4 बजे कपाट खोले गए और भस्म आरती का आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार विशेष विधि-विधान के साथ किया गया। मंदिर के गर्भगृह में पुजारियों ने सभी देवी-देवताओं का पूजन और जलाभिषेक के बाद पंचामृत दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से भगवान का अभिषेक किया।

    भगवान महाकाल का भांग और चंदन से राजा स्वरूप में श्रृंगार किया गया। भस्म अर्पण से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई। इसके साथ ही शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और पुष्पों की माला अर्पित की गई, जिससे बाबा महाकाल का अलंकरण और भी भव्य और मनोहारी दिखाई दिया।

    सुबह-सुबह सैकड़ों श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल हुए। उन्होंने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं पूरी होने का आशीर्वाद मांगा। श्रद्धालु बाबा महाकाल की जयकारे लगाते रहे, जिससे पूरा मंदिर जयकारों की गूंज से गुंजायमान हो उठा।

    मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ सुबह से ही रही और हर कोई भक्ति और श्रद्धा भाव से बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहा था। भस्म आरती के दौरान मंदिर में शांतिपूर्ण वातावरण, मंत्रोच्चार और दिव्य गंध ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।

  • वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के हित में तत्पर है मध्यप्रदेश सरकार: कृषि मंत्री कंषाना

    वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के हित में तत्पर है मध्यप्रदेश सरकार: कृषि मंत्री कंषाना


    भोपाल। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और किसी भी परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई वर्षा और ओलावृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र निरीक्षण और राहत वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।

    कृषि मंत्री कंषाना ने बताया कि जिन जिलों में भारी वर्षा और ओलावृष्टि की घटनाएं हुई हैं, वहां तत्काल प्रभाव से सर्वे और नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी सर्वे कार्य पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि प्रभावित किसानों को समय पर राहत राशि प्रदान की जा सके।

    कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी किसान को नुकसान की स्थिति में अकेला नहीं छोड़ेगी और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करें। उनका कहना था कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करना और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।

    कंषाना ने यह भी बताया कि कृषि विभाग लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और आवश्यकतानुसार फसल सुरक्षा उपायों को लागू किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और नुकसान कम करने के लिए दीर्घकालीन रणनीतियों पर भी काम किया जा रहा है।

    मंत्री कंषाना ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी और हर आवश्यक पहल में किसानों का समर्थन करेगी। उनका मानना है कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और विकास सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • : मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज में बना लीडर, नवकरणीय ऊर्जा में निवेशकों के लिए खुले अवसर

    : मध्यप्रदेश क्लाइमेट चेंज में बना लीडर, नवकरणीय ऊर्जा में निवेशकों के लिए खुले अवसर


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई क्लाइमेट वीक-2026 में मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा देते हुए कहा कि क्लाइमेट चेंज के खिलाफ संघर्ष में मध्यप्रदेश अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सतत् विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना ही प्रगति की दिशा है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश 24×7 बिजली आपूर्ति में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेशकों को हरसंभव सहयोग मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश ने जलवायु समाधान, हरित विकास और ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट है, जिसमें किसी नागरिक को विस्थापित नहीं किया गया और ऊर्जा उत्पादन भी शुरू हो चुका है। सांची को देश की पहली सोलर सिटी बनाया गया है और सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।

    डॉ. यादव ने एमओयू के तहत सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन के साथ नवकरणीय ऊर्जा विकास को और तेज करने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 300 मेगावाट 4 घंटे और 6 घंटे सौर-सह एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं के साथ 24×7 नवकरणीय ऊर्जा बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसके अलावा सौर, पवन, बायोफ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन सहित सभी नवकरणीय तकनीकों में वित्तीय और नीतिगत प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में मध्यप्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, सौर ऊर्जा में 48 प्रतिशत और पवन ऊर्जा में 19 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। परियोजनाओं के माध्यम से पड़ोसी राज्यों और भारतीय रेलवे को भी स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। डॉ. यादव ने निवेशकों से प्रदेश की तेजी से बदलती ऊर्जा यात्रा में शामिल होने का आव्हान किया, जिससे जलवायु संतुलन के साथ व्यापार-व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।

    कार्यक्रम में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने मध्यप्रदेश में बैटरी स्टोरेज आधारित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। आईएफसी के क्षेत्रीय निदेशक इमाद एन. फखौरी और सिकोया क्लाइमेट फाउंडेशन की निदेशक सीमा पॉल ने भी मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की नेतृत्व क्षमता और वैश्विक स्तर पर इसके महत्व को सराहा।

    डॉ. यादव ने निष्कर्ष निकाला कि ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सतत् विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए मध्यप्रदेश और भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करना अब सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि वास्तविकता बन रही है।

  • Amalaki Ekadashi 2026: नोट करें आमलकी एकादशी की पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त, भगवान विष्णु के भोग में रखें ये चीजें

    Amalaki Ekadashi 2026: नोट करें आमलकी एकादशी की पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त, भगवान विष्णु के भोग में रखें ये चीजें


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में कई व्रत ऐसे हैं जिनसे पुरानी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। एकादशी इन्हीं में से एक है। बता दें कि हर महीने 2 एकादशी पड़ती हैं। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। बता दें कि इस महीने अब आमलकी एकादशी पड़ने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार आमलकी एकादशी 27 फरवरी को पड़ने वाली है। एकादशी व्रत को लेकर मान्यता है कि अगर सच्चे मन से इस दिन पूजा-अर्चना की जाए और व्रत रखा जाए भगवान विष्णु की कृपा से सारे रूके काम बन पड़ते हैं। भगवान की कृपा से करियर और शादी से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं। नीचे विस्तार से जानें कि इस बार अमालकी एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें पूजा की आसान सी विधि के बारे में…

    आमलकी एकादशी का महत्व
    बता दें कि आमलकी एकादशी हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि वाले दिन मनाई जाती है। लोग इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस खास दिन पर आंवले के पेड़ की पूजा करना शुभ माना जाता है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि आंवले की पूजा भगवान विष्णु के द्वारा ही हुई थी। ऐसे में इस दिन आंवले की पूजा का विशेष महत्व होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार विवाह के बाद पहली बार शिव और पार्वती मां इसी तिथि पर काशी आए थे। ऐसे में काशी में इस दिन लोग रंग खेलते हैं और शिव-पार्वती की धूमधाम के साथ पूजा करते हैं। आमलकी एकादशी व्रत की मान्यता इतनी ज्यादा है कि लोग मानते हैं कि इससे सारे पाप मिट जाते हैं।

    आमलकी एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त

    आमलकी एकादशी शुक्रवार के दिन पड़ रहा है और इस वजह से इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की भी पूजाै होगी। बता दें कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार एकादशी की तिथि 26 फरवरी की रात 12 बजकर 6 मिनट पर हो रही है। इस तिथि की समाप्ति अगले दिन यानी 27 फरवरी को 9 बजकर 48 मिनट पर होगी। ऐसे में आमलकी एकादशी 27 फरवरी को ही मनाई जाएगी। बात करें पूजा के शुभ मुहुर्त की तो आमलकी एकादशी वाले दिन सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 9 मिनट के बीच पूजा की जा सकती है। व्रत तभी पूरा होता है जब सही तरीके और सही समय पर इसका पारण किया जाए। आमलकी एकादशी का पारण 28 फरवरी को होगा। इसकी पूजा सुबह 7 बजकर 41 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट के बीच किया जा सकता है।

    ऐसे करें आमलकी एकादशी की पूजा
    पूजा वाले दिन सुबह उठकर स्नान करके पीले रंग के कपड़े पहन लें। भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला है। इसी के साथ व्रत का संकप्ल लें। पूजा घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के आगे दीया और धूपबत्ती जलाएं। इसके बाद पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल, अक्षत और तुलसी अर्पित करें। भोग लगाते वक्त उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र जाप के साथ-साथ आमलकी एकादशी व्रत का पाठ कर लें। आरती के साथ ही पूजा संपन्न करें।

  • इनफ-इनफ-इनफ, पैपराजी पर फिर भड़कीं जया बच्चन, करण जौहर बोले, 'मेरी वजह से आप लोगों को..

    इनफ-इनफ-इनफ, पैपराजी पर फिर भड़कीं जया बच्चन, करण जौहर बोले, 'मेरी वजह से आप लोगों को..


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दिग्गज एक्टर जया बच्चन अपने जमाने की टॉप एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं। कई शानदार फिल्में देने वाली जया ने न सिर्फ एक्टिंग बल्कि राजनीति में भी खुद को साबित किया। जया अपनी पर्सनल लाइफ के अलावा भी अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। वो सोशल मीडिया पर अक्सर अपने बेबाक अंदाज को लेकर छाई रहती हैं। खासतौर पर अपने गुस्से वाले वीडियोज को लेकर जो आए दिन इंटरनेट पर चर्चा में रहते हैं। इसी बीच अब जया का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वो पैपराजी पर जमकर भड़कती नजर आ रही हैं। फिल्ममेकर करण जौहर भी इस वायरल वीडियो में उनके साथ नजर आ रही हैं।

    करण ने लगाया जया को गले

    दरअसल जया बच्चन हाल ही में मुंबई में हॉनर अवॉर्ड नाइट इवेंट का हिस्सा बनीं। इस दौरान जया के साथ फिल्ममेकर करण जौहर भी नजर आए। पहले जया कुछ महिलाओं के साथ चिट-चैट करती दिखीं। इसके बाद करण जया को लगाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों एक-दूसरे से मिलकर काफी खुश नजर आ रहे हैं। ऐसे में भला पैपराजी इस खास पल को कैमरे में कैद करने का मौका हाथ से जाने कैसे देते। वहीं इस दौरान बार-बार पैप्स उनसे फोटो खिंचवाने की गुजारिश करते रहे। पहले एक्ट्रेस ने उन्हें घूरते हुए इनकार किया और फिर इग्नोर करने लगीं। लेकिन हमेशा की तरह बाद में जया को काफी गुस्सा आया।

    पैप्स पर बरसी जया

    इसके बाद करण जौहर की एंट्री हुई जिनसे जया बच्चन ने बात की। इस बीच भी एक्ट्रेस ने उंगली से इशारा करते हुए उन्हें मना किया लेकिन फिर भी वे नहीं माने। करण जौहर ने जाते-जाते पैप्स के साथ मजाक किया ‘मेरी वजह से मिला फोटो। फिर उन्होंने जया से भी यही बात की और फिर दोनों हंसने लगे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो रहा है।

    लोगों ने किए जमकर कमेंट्स
    जया बच्चन का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो पर यूजर्स के जमकर कमेंट्स आ रहे हैं। इस पर कमेंट कर एक यूजर ने लिखा ‘क्या जरूरत है इनकी फोटो लेने की।’ एक दूसरा यूजर लिखता है ‘आंटी मुझे क्रोधित मत करू।’ एक ने कहा ‘आखिर क्यों मीडिया उन्हें अकेला नहीं छोड़ती।’ एक ने लिखा ‘क्यों चाहिए उनका फोटो जब पता है कि वो गुस्सा करेंगी।’ ऐसे कई और कमेंट्स इस वीडियो पर आ रहे हैं।
  • राज्यसभा की 37 सीटें दांव पर… BJP-कांग्रेस को फायदा तो घाटे में कौन?

    राज्यसभा की 37 सीटें दांव पर… BJP-कांग्रेस को फायदा तो घाटे में कौन?


    नई दिल्ली । देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव का ऐलान हो गया है. निर्वाचन आयोग के मुताबिक 26 फरवरी से 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे. 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा और उसी दिन देर शाम तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे. बीजेपी और कांग्रेस दोनों सियासी की ताकत राज्यसभा में बढ़ जाएगी तो फिर किसके सियासी घाटा होगा?

    महाराष्ट्र से लेकर बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सहित 10 राज्यों की 37 सीटों पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं. यह सीटें अप्रैल में खाली हो रही है, जिसके चलते निर्वाचन आयोग ने 16 मार्च को चुनाव कराने का ऐलान किया है. राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए की सीटें बढ़ने तो विपक्ष इंडिया ब्लॉक की सीटें घटनी है, लेकिन कांग्रेस की सीटों में इजाफा हो सकता है?

    एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार, अभिषेक मनु सिंघवी और प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इसके अलावा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह के लेकर उपेंद्र कुशवाहा का भी टर्म पूरा हो रहा है. ऐसे में देखना है कि इन दिग्गज नेताओं में से किसकी वापसी होती है, इसके अलावा किस दल को किसे फायदा और किसे नुकसान होगा?

    देश के किस राज्य में कितनी सीटों पर चुनाव

    राज्यसभा की इन 37 सीटों में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से सात सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर चुनाव है. महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों में से बीजेपी के पास दो और शरद पवार की एनसीपी के पास 2 राज्यसभा सीटें है. इसके अलावा कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और आरपीआई के पास एक-एक सीटें है.

    तमिलनाडु की जिन छह राज्यसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उसमें से 4 राज्यसभा सीट डीएमके के पास है. इसके अलावा एक सीट AIADMK और एक सीट टीएमसी के पास है. पश्चिम बंगाल और बिहार पांच-पांच सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों में से टीएमसी के पास 4 और एक सीट सीपीआई(एम) के कब्जे है. बिहार की पांच राज्यसभ सीटों में से जेडीयू और आरजेडी के पास 2-2 सीटें और एक सीट आरएलएम के पास है.

    ओडिशा से चार और असम से तीन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं. ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में से बीजेपी के पास दो और बीजेडी के पास दो राज्यसभा सीट है. असम की तीन राज्यसभा सीटों में से बीजेपी के पास 2 और असम गढ़ परिषद के पास एक सीट है. हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से दो-दो सीटों, जबकि हिमाचल प्रदेश से एक सीट पर मतदान होगा.

    हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों में से दोनों ही बीजेपी के पास है तो तेलंगाना की दोनों सीटों में एक कांग्रेस और बीआरएस के पास है. छत्तीसगढ़ की दोनों सीटें कांग्रेस के कब्जे में है. हिमाचल की जिस एक सीट पर राज्यसभा चुनाव हो रहे हैं, वह सीट बीजेपी के कब्जे में है.

    राज्यसभा चुनाव किसे नफा और किसे नुकसान

    देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के आंकड़े फिलहाल देखें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास करीब 15 सीटें है, जिसमें बीजेपी के पास 9 सीटें, जेडीयू के पास 2 सीटें, AIADM के पास एक सीट, आरएलएम के पास एक और एक सीट आरपीआई के पास है.

    वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बात करें तो 18 राज्यसभा सीटें उसके कब्जे में है, जिसमें से 4 सीटें कांग्रेस के पास, 4 सीटें टीएमसी के पास, 4 सीटें डीएमके के पास और आरजेडी के पास 2 सीटें है.साथ ही एक सीट शिवसेना (यूबीटी) और एक सीट सीपीआईएम के पास है. इसके अलावा चार सीटें अन्य दलों के पास है, जिसमें दो सीटें बीजेडी, एक सीट बीआरएस और एक सीट तमिलनाडु के क्षेत्रीय दल के कब्जे में है.

    विधानसभा की स्थिति कई राज्यों में बदल गई है. इस लिहाज से एनडीए को 2 से 3 सीट का फायदा मिल सकता है तो इंडिया ब्लॉक की सीटें 3 से 4 घट सकती है. इसके अलावा क्षेत्रीय दलों को सबसे बड़ा झटका लगने जा रहा है. बीजेपी की सीटें बढ़ने और कांग्रेस को भी मामूली सीट की बढ़त मिलने की उम्मीद है.

    कांग्रेस की सीटें 4 से बढ़कर पांच हो सकती है तो बीजेपी की सीटें 9 से बढ़कर 12 हो सकती है. लेकिन आरजेडी से लेकर शरद पवार की एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के हाथ से सीटें निकल सकती हैं. इसके अलावा आरएलएम को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है. किस राज्य में क्या होगा राज्यसभा का चुनावी सीन

    महाराष्ट्र में किसे होगा नुकसान

    महाराष्ट्र में 7 राज्यसभा सीटों पर चुनाव है, जिसमें से एनडीए के 6 सीटें मिल सकती है तो विपक्षी गठबंधन महायुति के सिर्फ एक सीट मिलने की संभावना है. राज्य में कुल 286 विधानसभा सीटें है, जिसमें से 2 सीटें खाली हैं. इस लिहाज से एक राज्यसभ सीट के लिए 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. मौजूदा समय में बीजेपी के पास 131, शिंदे की शिवसेना के पास 57 और अजित पवार की एनसीपी के पास 40 विधायक हैं.

    एनडीए के 235 विधायक बन रहे हैं, जिसके दम पर 6 सीटें आसानी से जीत सकती है. बीजेपी चार सीटें तो शिंदे और अजित पवार की पार्टी को एक-एक सीट जीत सकती है. शरद पवार की एनसीपी के 10, उद्धव ठाकरे की 16 और कांग्रेस के 20 विधायक हैं. इस तरह से तीनों दलों के कुल 46 विधायक. सीपीआई (एम) और एसके (एम) का एक-एक विधायक है. अन्य छोटे दलों और निर्दलीयों का समर्थन मिलने पर यह संख्या कुछ बढ़ सकती है. ऐसे में एक सीट विपक्ष मिलकर सकती है. शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस में से किसी एक दल को की यह सीट मिल सकती है, जिसके चलते शरद पवार की सीटें और उद्धव ठाकरे के लिए सियासी नुकसान होगा.

    बिहार में आरजेडी को लगेगा झटका

    बिहार की पांच राज्यसभा सीट पर चुनाव होने हैं, जिसमें एनडीए आसानी से 4 सीटें जीत सकती है और एक सीट विपक्ष को मिल सकती है. बिहार में राज्यसभा चुनाव में 1 सीट के लिए इस बार कम से कम 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी. बीजेपी और जेडीयू आसानी से 2-2 सीटें जीत सकती है, लेकिन विपक्ष संयुक्त रूप से मिलकर ही एक सीट जीतने की स्थित में है. ऐसे में आरजेडी को कम से कम एक सीट का नुकसान उठाना पड़ेगा और उसे एक सीट जीतने के लिए ओवैसी की पार्टी का भी समर्थन हासिल करना होगा.

    तमिलनाडु और बंगाल में यथावत

    तमिलनाडु में की मौजूदा विधानसभा की स्थिति के लिहाज से डीएमके आसानी से चार सीटें जीत लेगा और एक सीट AIADMK भी बचा ले जाएगा, लेकिन एक सीट पर मुकाबला हो सकता है. ऐसे ही पश्चिम बंगाल की पांच सीटों में से टीएमसी अपनी चारों सीटें बचा लेगा, लेकिन यहां पर एक सीट सीपीएम को खोनी पड़ सकती है, जो बीजेपी के खाते में जा सकती है. ओडिशा में चार सीटों में से बीजेपी 3 सीटें आसानी से जीत लेगी और एक सीट से बीजेडी को संतोष करना पड़ सकता है.

    असम से हरियाणा तक कांग्रेस को फायदा

    असम की तीन राज्यसभ सीटों में से बीजेपी आसानी से दो सीटें जीत लेगी और एक सीट कांग्रेस-AIUDF के साथ मिलकर जीत सकती है. इस तरह से असम में एक सीट का नुकसान एजीपी को हो सकता है. तेलंगाना की दोनों राज्यसभा सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती है और यहां पर बीआरएस को अपनी एक सीट गंवानी पड़ सकती है.

    छत्तीसगढ़ की दो सीटों में से एक सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है. इस तरह कांग्रेस को एक सीट का नुकसान उठाना पड़ सकता. ऐसे ही हरियाणा की दो सीटें बीजेपी के पास हैं, लेकिन मौजूदा विधानसभा सीट के लिहाज से एक सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस आसानी से जीत लेगी. ऐसे में बीजेपी को एक सीट का नुकसान होगा. हिमाचल की एक सीट पर हो रहे चुनाव में बीजेपी को अपनी यह सीट गंवानी पड़ सकती है और यह सीट कांग्रेस जीत सकती है.

  • दिल्ली से सिर्फ 5 घंटे की दूरी पर है भारत का सबसे शांत हिल स्टेशन, यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही खो बैठेंगे अपना दिल

    दिल्ली से सिर्फ 5 घंटे की दूरी पर है भारत का सबसे शांत हिल स्टेशन, यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही खो बैठेंगे अपना दिल


    नई दिल्ली । अगर आप दिल्ली के शोर से दुखी हो गए हैं और किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो आपको लैंसडाउन जाना चाहिए। दिल्ली से इस जगह की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है। यहां आप सिर्फ 5 घंटे में पहुंच सकते हैं। खास बात ये है कि ये जगह काफी शांत है और यहां घूमने के लिए आपको ज्यादा तैयारी करने की भी जरूरत नहीं है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती आपने मन को शांत कर देगी और आपको बेहतर महसूस करवाएगी। यहां पहाड़ है, झाड़ियां हैं, जंगल हैं और उनके बीच बहती हुई नदियां हैं। ये पूरा हिल होटल के किसी कमरे से देखने पर भी सुंदर लगता है। इसके अलावा कमरे से निकलकर किसी पहाड़ की ओट में भी बैठना बेहद सुखद होता है।

    लैंसडाउन में घूम आएं ये जगहें
    ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर: लैंसडाउन में ही है ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर जहां आप घूमने जा सकते हैं। यह जगह बेहद खूबसूरत है और यहां जाकर घूमना आपको स्पेशल महसूस करवा सकता है। लैंसडाउन की खास बात ये है कि इन मंदिरों तक जाने का रास्ता तक बेहद खूबसूरत है जहां से गुजरना एक सुखद अहसास कराता है।

    कालागढ़ टाइगर रिजर्व: कालागढ़ टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के कई जीवों का घर है। यहां आपको बाघ देखने को मिल जाएंगे। साथ ही यहां की जंगल सफारी आपके मन को खुश कर देगी। तो, लैंसडाउन जाकर आप इस जगह में घूम सकते हैं। ये बेहद खास है और यहां घूमना प्रकृति के बनाए वन्स जीवों को देखने और यहां की शांत वातावरण को देखने और महसूस करने का मौका है।

    टिप इन टॉप: टिप इन टॉप लैंसडाउन की एक ऐसी जगह है जहां सैंट मेरी चर्च है और आसपास के इलाकों में कई और छोटे चर्च भी हैं। यहां घूमना आपके लिए खास हो सकता है खासकर कि अगर आपके पास समय हो तो आप आस-पास के इलाकों के कई सारे चर्च में घूमकर आ सकते हैं। तो, अगर आपको समय मिले तो लैंसडाउन जरूर घूमकर आएं।

  • MP में मौसम ने ली करवट, 20 से अधिक जिलों में बारिश, फसलें हुई प्रभावित

    MP में मौसम ने ली करवट, 20 से अधिक जिलों में बारिश, फसलें हुई प्रभावित


    भोपाल। मध्य प्रदेश का मौसम इस फरवरी फिर एक बार करवट लेने लगा है। नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के बाद राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत 20 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। फरवरी में यह तीसरी बार है जब प्रदेश के लोगों को ओले और ठंडी हवाओं के बीच मौसम की नटखट अदाओं का सामना करना पड़ा।

    गुरुवार सुबह राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ करीब डेढ़ घंटे तक कभी रिमझिम और कभी तेज बारिश हुई। बारिश के साथ ठंडी हवाओं ने दिन के तापमान में गिरावट का इशारा कर दिया है, जिससे लोगों को एक बार फिर हल्की सर्दी का एहसास हुआ।

    इंदौर में बुधवार को दिनभर तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया और मौसम गर्म बना रहा। लेकिन रात करीब 12 बजे अचानक हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने शहर में मौसम का मिजाज बदल दिया। रतलाम, धार और शुजालपुर जैसे शहरों में भी तेज हवाओं और बूंदाबांदी के साथ तापमान में noticeable गिरावट दर्ज की गई।

    किसानों की चिंता बढ़ी, फसलें आड़ी और दाने प्रभावित

    बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई जिलों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे दानों की गुणवत्ता और पैदावार पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से भी नुकसान की खबरें हैं। धार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा और आंधी के चलते फसलों को खासा नुकसान पहुंचा।

    प्रदेश के ठंडे शहर: खजुराहो सबसे ठंडा

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार खजुराहो इस समय सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2°C दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0°C और पचमढ़ी में 10.2°C तापमान दर्ज हुआ, जहां कड़ाके की ठंड महसूस की गई।

    बारिश से प्रभावित जिलों की सूची

    भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर और मंदसौर में बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई।

    अगले दो दिनों का मौसम: अलर्ट और राहत

    मौसम विभाग के अनुसार, 20 फरवरी को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है। वहीं 21 फरवरी को मौसम साफ रहेगा और फिलहाल कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं है।

    शहरों में मौसम का हाल

    ग्वालियर: बारिश के बाद तापमान में गिरावट, लोग फिर से गर्म कपड़ों में दिखे।

    आगर मालवा: तीन दिनों से आसमान में बादलों का डेरा, मावठे की बारिश दर्ज।

    मुरैना: बुधवार रात की रुक-रुककर बारिश से सर्दी लौटी।

    भिंड और शिवपुरी: रातभर रुक-रुककर हुई बारिश से सड़कें जलमग्न, आवागमन प्रभावित।

    सीहोर: बीती रात 10 बजे से लगातार बारिश, कभी तेज और कभी हल्की बूंदाबांदी।

    मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दो दिनों में बारिश और ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के कई हिस्सों में बना रह सकता है।

  • नारायण मूर्ति का संदेश, बोले- AI तेज है, लेकिन इंसानी दिमाग से बेहतर कुछ नहीं

    नारायण मूर्ति का संदेश, बोले- AI तेज है, लेकिन इंसानी दिमाग से बेहतर कुछ नहीं


    नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI आज तेजी से काम कर सकता है, लेकिन इंसानी दिमाग की क्षमता के सामने यह हमेशा पीछे रहेगा। ये बातें डीयू में आयोजित लीडर्स टॉक में इंफोसिस के संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति ने कही। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि AI को सहयोगी टूल के रूप में अपनाएं, सीखें और उसके साथ नए प्रयोग करें।

    AI को सहयोगी बनाएं, इंसानी दिमाग को बॉस रखें

    नारायण मूर्ति ने प्रसिद्ध वैज्ञानिक और गणितज्ञ स्टीफेन वुलफ्राम का हवाला देते हुए बताया कि AI उच्च स्तरीय कार्य कर सकता है, जैसे रिमोट सर्जरी करना, उत्पादों को सही नाप-तौल के साथ तैयार करना, कोड जेनरेट करना और सॉफ्टवेयर बनाना। लेकिन AI को लगातार प्रशिक्षित करना पड़ेगा। इसलिए मानव मस्तिष्क हमेशा बॉस की भूमिका में रहेगा और इसे और बेहतर बनाने के लिए नए प्रयोग करता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI के आने से इंसानी रचनात्मकता बाधित नहीं होगी। बल्कि, यह इंसान के काम को आसान बनाने और नए विचारों को जन्म देने में मदद करेगा।

    बड़ा उद्यमी नहीं, सम्मान है लक्ष्य
    नारायण मूर्ति ने कहा कि व्यापार में सबसे महत्वपूर्ण चीज़ मुनाफा नहीं, बल्कि सम्मान और भरोसा है। उनका मानना है कि असली पहचान आपसी सम्मान और विश्वास से बनती है। उन्होंने जीवनभर सबसे बड़ा उद्यमी बनने के बजाय सम्मान कमाने को प्राथमिकता दी।

    युवाओं के लिए अहम संदेश

    युवा पीढ़ी लगातार नई स्किल्स सीखती रहे।

    खुद को बदलती तकनीक के अनुसार ढालें।

    सीखने की क्षमता यानी लर्नेबिलिटी सबसे महत्वपूर्ण गुण है।

    ड्रोन से ऑटोनॉमस डिलीवरी, AI का बढ़ता रोल

    ड्रोन आधारित डिलीवरी सेवा देने वाली कंपनी स्काई एयर मोबिलिटी ने एआई समिट में एंड-टू-एंड ऑटोनॉमस कॉमर्स डिलीवरी सिस्टम का प्रदर्शन किया। यह पूरी तरह स्वचालित प्रणाली है, जो बिना किसी मानवीय मदद के ड्रोन के माध्यम से ग्राहकों तक सामान पहुंचाती है।

    कंपनी ने अराइव एआई और ओटोनॉमी के साथ मिलकर यह पहल शुरू की है। पिछले दो वर्षों में 36 लाख से अधिक सामान की डिलीवरी की जा चुकी है। कंपनी का कहना है कि AI और ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग से भविष्य में डिलीवरी सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।