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  • ऋचा चड्ढा ने बयां किया करियर का शुरुआती अनुभव, भरोसेमंद व्यक्ति ने दिया था धोखा

    ऋचा चड्ढा ने बयां किया करियर का शुरुआती अनुभव, भरोसेमंद व्यक्ति ने दिया था धोखा

    नई दिल्ली। अभिनेत्री और निर्माता Richa Chadha ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था-लेकिन वहीं से उन्होंने खुद को मजबूत बनाना भी सीखा।

    उन्होंने बताया कि जिस शख्स पर वह भरोसा करती थीं, उसी ने उनके खिलाफ काम किया। उस वक्त उन्हें समझ आया कि इंडस्ट्री में हर कोई आपका भला नहीं सोचता। कभी-कभी लोग मामूली अंतर से भी असुरक्षित महसूस करने लगते हैं और नहीं चाहते कि आप आगे बढ़ें या उनसे ज्यादा चमकें।

    ऋचा ने माना कि शुरुआत में वह थोड़ी भोली थीं, लेकिन इस घटना ने उन्हें सिखाया कि:

    अपनी पसंद और फैसलों का बचाव करना जरूरी है

    हर किसी पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं किया जा सकता

    सही लोगों को पहचानना और अपनी सीमाएं तय करना बेहद अहम है

    दिलचस्प बात ये है कि उन्होंने इस कड़वे अनुभव को कटुता में नहीं बदला। बल्कि अब वह इंडिपेंडेंट फिल्ममेकर्स को खुलकर आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उनका साफ कहना है कि बड़े कलाकारों तक पहुंचना उतना मुश्किल नहीं जितना समझा जाता है।

    उनके लिए सबसे अहम है:

    अच्छी और सच्ची स्क्रिप्ट

    असरदार कहानी

    ईमानदार लेखन

    वह चाहती हैं कि इंडी क्रिएटर्स बिना झिझक उनसे संपर्क करें, खासकर अगर कहानी में दम हो।

    साथ ही, ऋचा इन दिनों एक नई नॉन-फिक्शन सीरीज प्रोड्यूस कर रही हैं, जो भारत की जानी-पहचानी जगहों को नए नजरिए से दिखाएगी। यह सीरीज ट्रैवल, कल्चर और उन कहानियों पर केंद्रित होगी जो अक्सर मुख्यधारा की नजर से छूट जाती हैं। इसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता, समुदायों और मानवीय जज्बे को संवेदनशील और इमर्सिव तरीके से सामने लाना है।

    सच कहूं तो, ये वही ग्रोथ आर्क है जो किसी भी कलाकार को गहराई देता है—धोखा, सीख, और फिर दूसरों के लिए दरवाजे खोल देना।

  • T20 WC से 5 टीमें हुईं बाहर, 5 पहुंची सुपर 8 में, जाने क्या है पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के हाल?

    T20 WC से 5 टीमें हुईं बाहर, 5 पहुंची सुपर 8 में, जाने क्या है पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के हाल?


    नई दिल्‍ली । भारत और श्रीलंका में खेले जा रहे आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की पॉइंट्स टेबल हर दिन दिलचस्प होती जा रही है। टूर्नामेंट को शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं और कुल 30 मुकाबले अब तक खेले गए हैं। लीग फेज में कुल 40 मुकाबले खेले जाने हैं। अभी तक सिर्फ एक ही ग्रुप की स्थिति स्पष्ट हुई है कि उसमें से कौन सी टीमें एलिमिनेट हुई हैं और कौन सी दो टीमों ने सुपर 8 का टिकट कटाया है। कुलमिलाकर 20 में से 5 टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं जबकि 5 टीमों को सुपर 8 का टिकट मिल गया है। 10 टीमों के बीच अब 3 पायदानों के लिए लड़ाई हो रही है जिनमें ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड और पाकिस्तान जैसी टीमें शामिल हैं।

    ग्रुप ए की बात करें तो इसमें से भारतीय टीम ने सुपर 8 का टिकट कटा लिया है जबकि नामीबिया की टीम 3 मैच हारने के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। इस ग्रुप में पॉइंट्स टेबल में दूसरे स्थान पर यूएसए है जो 4 में से दो मैच जीत चुकी है। तीसरे नंबर पर पाकिस्तान है जिसने 3 में से 2 मैच जीते हैं। नीदरलैंड ने 3 में से एक मैच जीता है जो चौथे स्थान पर है। सबसे आखिरी पायदान पर नामीबिया है।

    ग्रुप बी की बात करें तो इस ग्रुप की भी हालत ग्रुप ए जैसी ही है। एक टीम ने सुपर 8 में जगह बना ली है जबकि एक टीम इस ग्रुप से एलिमिनेट हो गई है। श्रीलंका ने 3 मैच जीतकर सुपर 8 में जगह पक्की की है जबकि ओमान की टीम तीन मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई है जो पांचवें पायदान पर है। दूसरे नंबर पर जिम्बाब्वे है जिसने दोनों पहले मैच जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया 3 में से एक मैच जीतकर तीसरे नंबर पर है। चौथे नंबर पर आयरलैंड है जिसने भी 3 में से एक मैच जीता है।

    ग्रुप सी की पॉइंट्स टेबल पर नजर डालें तो इस ग्रुप की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। इस ग्रुप से वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ने सुपर 8 के लिए क्वालीफाई किया है जो क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर ग्रुप फेज को समाप्त करेंगी। पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर स्कॉटलैंड है जो 3 में से एक मैच जीती है इटली का भी यही हाल है और नेपाल ने तीनों मैच हारे हैं। स्कॉटलैंड इटली और ओमान की टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।

    ग्रुप डी की बात करें तो इस ग्रुप से सिर्फ साउथ अफ्रीका ने सुपर 8 के लिए क्वालीफाई किया है। बाकी चारों टीमें अभी टूर्नामेंट में जीवित हैं। हालांकि आज होने वाले मैच में न्यूजीलैंड ने कनाडा को हरा दिया तो फिर न्यूजीलैंड को भी सुपर 8 का टिकट मिल जाएगा। इस स्थिति में अफगानिस्तान यूएई और कनाडा की टीम टूर्नामेंट से एलिमिनेट हो जाएगी। अगर कनाडा ने उलटफेर किया तो पॉइंट्स टेबल और दिलचस्प हो जाएगी।

  • यूरोप का ब्रिक्स को लेकर भारत से दूरी बनाना बड़ी भूल थी… जर्मन विदेश मंत्री ने जयशंकर के सामने स्वीकारी गलती

    यूरोप का ब्रिक्स को लेकर भारत से दूरी बनाना बड़ी भूल थी… जर्मन विदेश मंत्री ने जयशंकर के सामने स्वीकारी गलती


    नई दिल्ली।
    जर्मनी (Germany) के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल (Foreign Minister Johan Wadephul) ने भारत को लेकर यूरोप की रणनीति में की गई गलती को स्वीकार किया है। उन्होंने माना कि यूरोप ने उस वक्त गलती की थी, जब उसने उभरती वैश्विक शक्तियों को केवल ब्रिक्स देशों (BRICS Countries) के ढांचे में होने की वजह से दूरी बनाई थी। उन्होंने कहा कि यह तरीका गलत था, इस नीति की वजह से भारत जैसे देशों के साथ अनावश्यक रूप से दूरी बन गई थी।

    म्यूनिक सुरक्षा सम्मलेन में विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मिलकर एक इंटरव्यू दे रहे वेडफुल ने यूरोप की बदलती रणनीति का भी जिक्र किया। वेडफुल ने कहा कि यूरोप अब इन देशों के साथ अपने रिश्तों का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है। भारत और ब्राजील जैसे साझेदार देशों के साथ साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और समान हितों पर अधिक ध्यान दे रहा है। यूरोप अब मानता है कि भारत जैसे देशों के साथ उनके रिश्ते अब केवल इसलिए प्रभावित नहीं होने चाहिए, क्योंकि भारत रूस और चीन के किसी समूह का सदस्य है।


    चीन और रूस के साथ तनाव

    वेडफुल ने यहां पर रूस और चीन के साथ यूरोप के तनाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मॉस्को के साथ यूरोप का तनाव बहुत बुनियादी है। इसके अलावा चीन के साथ भी मतभेद हैं। उन्होंने कहा, “भारत और ब्राजील जैसे देशोंके साथ हमारे कई साझा हित और मूल्य हैं। क्यों न हम इन साझा हितों और मूल्यों पर ध्यान केंद्रित करें। चीन और रूस के साथ हमारे मतभेद हैं, वह अलग बात है।”


    भारत, चीन से अलग साझेदार

    वेडफुल ने कहा कि चीन की तुलना में भारत की स्थिति एक विशिष्ट साझेदार के रूप में है। दोनों देशों के आपसी संबंधों में भरोसे को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि भारत कहां खड़ा है, वह भरोसेमंद है, हम उन पर भरोसा कर सकते हैं, और शायद वह भी हम पर भरोसा कर सकते हैं।” बकौल वेडफुल वैश्विक राजनीति में भारत चीन से ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद साथी है।

    इसके इतर जर्मन विदेश मंत्री ने भारत और जर्मनी के साझा मूल्यों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम दोनों ही लोकतंत्र हैं, हमारे यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। हमारे यहां कानून का शासन है और हमारे लिए यह बहुत मायने रखता है।”

    आपको बता दें, अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप का शासन आने के बाद से यूरोप अपनी वैश्विक रणनीति में बदलाव करता नजर आया है। पहले अमेरिका का पिछलग्गू बनकर यूरोप के देश अपनी विदेश नीति को अमेरिका को केंद्र में रखकर बनाते थे। लेकिन ट्रंप के आने और फिर यूरोपीय देशों के साथ उनके सलूक को देखते हुए यूरोपीय देश अब दूसरे विकल्पों की तरफ देखने लगे हैं। एक मजबूत और लोकतांत्रिक साझेदार के रूप में भारत उनकी सभी जरूरतों को पूरा करता है, इसकी वजह से यूरोपीय देश लगातार भारत के करीब आने की कोशिश में लगे हुए हैं।

    हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच में हुआ व्यापारिक समझौता इस बात का उदाहरण है। यह समझौता कई वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। लेकिन अब यह समझौता हो चुका है और यूरोपीय देशों में यह जीत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते से भारत को ज्यादा फायदा होगा।

  • असफल वंशज पर न पार्टी नेताओं को भरोसा, न सहयोगियों को… कांग्रेस के सियासी घमासान पर BJP का तंज

    असफल वंशज पर न पार्टी नेताओं को भरोसा, न सहयोगियों को… कांग्रेस के सियासी घमासान पर BJP का तंज


    नई दिल्ली
    । कांग्रेस पार्टी (Congress Party) के लिए सोमवार का दिन उलझनों भरा रहा। मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar.) जैसे नेता ने पार्टी हाई कमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, तो वहीं असम के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा (Bhupen Bora) ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दिया। उन्होंने पार्टी हाई कमान पर उन्हें नजर अंदाज करने का आरोप लगाया था। इस उठा पटक के बीच भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के नेतृत्व के ऊपर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। भाजपा की तरफ से राहुल गांधी को एक ‘असफल वंशज’ करार देते हुए कहा गया कि उन पर न तो उनकी पार्टी के नेताओं को भरोसा है और न ही उनके सहयोगियों को भरोसा है।

    दिन भर से कांग्रेस पार्टी के अंदर जारी घमासान पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने जमकर तंज कसा। उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस कहती है राहुल को हटाओ, ममता को लाओ, ‘इंडी-गठबंधन’ को बचाओ। असम के कांग्रेस नेता भूपेन बोरा ने इस्तीफा दिया। मणिशंकर अय्यर कहते हैं कि कांग्रेस केरल हारेगी और विजयन जीतेंगे।” भाजपा नेता ने सवाल किया कि क्या यह समझने के लिए और सबूतों की जरूरत है कि न तो गांधी की अपनी पार्टी के नेता और न ही उनके सहयोगी उन्हें गंभीरता से लेते हैं। भाजपा नेता ने अपने हमले को और भी तीखा करते हुए कहा, “राहुल गांधी के पास न तो जनमत है और न ही संगत… वह बस एक असफल विशेषाधिकार प्राप्त वंशवादी हैं।”

    आपको बता दें, खबर लिखे जाने तक असम के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने इस्तीफे को वापस ले लिया था। इसके अलावा मणिशंकर अय्यर को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से कहा गया कि वह अब पार्टी में नहीं है, ऐसे में उनके बयान को पार्टी से जोड़ने का कोई मतलब नहीं है। दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने पद पर बने रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने प्रवक्ता पवन खेड़ा और शशि थरूर पर भी निशाना साधा था। उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी की तरफ से जबरदस्त विरोध देखने को मिला था। पार्टी की तरफ से कांग्रेस से संबंध न होने की बात पर पूर्व सांसद ने कहा कि उन्हें केवल अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ही पार्टी से निकाल सकते हैं।

    कांग्रेस पार्टी ने भले ही खुद को इस बयान से दूर कर लिया हो लेकिन भाजपा ने हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ा। प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “कांग्रेस नेताओं द्वारा राहुल गांधी को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया है। राहुल गांधी को कांग्रेस के कट्टर वफादार मणिशंकर अय्यर ने खुलेआम नकार दिया।”

    भंडारी ने कहा, ”अय्यर हों या तृणमूल कांग्रेस या भूपेन बोरा सब जानते हैं। राहुल गांधी राजनीतिक ‘पप्पू’ हैं। कांग्रेस में अपना पूरा जीवन बिताने वाले वफादार अब खुलेआम राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं।”

    दरअसल, यह पूरा मामला कांग्रेस के पूर्व सांसद मणिशंकर अय्यर के बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेताओं के ऊपर निशाना साधा। उन्होंने पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल और शशि थरूर को भी अपने निशाना पर लिया। इसके अलावा असम से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन के इस्तीफे ने भी कांग्रेस पार्टी के दिन को बर्बाद करने की कोशिश की। मणिशंकर के मामले पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से तीखी टिप्पणी आई, जिसमें कहा गया कि मणिशंकर अय्यर अब पार्टी में नहीं है, तो उस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह नेहरू वादी और राजीववादी हैं लेकिन राहुलवादी नहीं है। इतना ही नहीं अय्यर ने कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने का अधिकार केवल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को है।

  • J&K: पहलगाम हमले के बाद बंद किए गए 14 पर्यटन स्थल फिर खुलेंगे, LG ने दिए आदेश

    J&K: पहलगाम हमले के बाद बंद किए गए 14 पर्यटन स्थल फिर खुलेंगे, LG ने दिए आदेश


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Lieutenant Governor Manoj Sinha) ने सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश के उन 14 पर्यटन स्थलों (14 Tourist Destinations) को फिर से खोलने का आदेश दिया, जिन्हें पिछले साल अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद बंद कर दिया गया था। उपराज्यपाल प्रशासन ने पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू कश्मीर में लगभग 50 पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया था। हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे।

    उपराज्यपाल कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सुरक्षा की गहन समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद, मैंने कश्मीर और जम्मू संभागों में एहतियाती तौर पर अस्थायी रूप से बंद किये गए और भी पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया है।’ इसके साथ ही, अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद फिर से खोले गए पर्यटन स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई है।

    इससे पहले, पिछले साल 26 सितंबर को उपराज्यपाल ने 12 पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने का आदेश दिया था। सिन्हा ने कहा, ‘कश्मीर संभाग के 11 पर्यटन स्थलों- कोकरनाग में यूसमर्ग, दूधपथरी, दांडीपुरा पार्क, शोपियां में पीर की गली, दुबजान और पदपावन, श्रीनगर में अस्तनपोरा, ट्यूलिप गार्डन, थजवास ग्लेशियर, गांदेरबल में हंग पार्क और बारामुला में वुलर और वाटलाब – को तत्काल फिर से खोला जाएगा।’

    उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग के तीन पर्यटन स्थल – रियासी में देवी पिंडी, रामबन में महू मंगत और किश्तवार में मुगल मैदान – भी तत्काल प्रभाव से फिर से खोले जाएंगे। सिन्हा ने कहा, ‘कश्मीर संभाग में तीन स्थल- गुरेज, अथवाटू और बंगस- और जम्मू संभाग में एक स्थल – रामबन में रामकुंड – बर्फ हटने के बाद फिर से खोल दिए जाएंगे।’


    23 फरवरी से शुरू हो रहे ‘खेलो इंडी शीतकालीन खेल’

    जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में 23 फरवरी से शुरू होने वाले ‘खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों’ (केआईडब्ल्यूजी) में 700 से अधिक खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। स्की सहायक मोहम्मद रफीक चेची ने कहा, “इस सर्दी में अच्छी बर्फबारी हुई है, जिससे ‘स्कीइंग’ और ‘स्लेजिंग’ गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। खेलो इंडिया शीतकालीन खेलों का यहां आयोजन हो रहा है और इससे हमें अपनी आजीविका कमाने में मदद मिलेगी।”

    इस वर्ष ‘बर्फ स्पर्धाओं’ के लिए केआईडब्ल्यूजी का पहला चरण लद्दाख के लेह में 20 से 26 जनवरी तक आयोजित किया गया था, जबकि ‘हिम स्पर्धाओं’ के लिए खेलों का दूसरा चरण 23 से 26 फरवरी तक गुलमर्ग में आयोजित किया जाएगा। युवा सेवाओं और खेल विभाग द्वारा जारी एक वीडियो में चेची ने कहा, “गुलमर्ग तैयार है, आपका इंतजार है।”

  • राजपाल यादव के बाद अब फंसी अमीषा पटेल, नॉन बेलेबल वारंट जारी होने के बाद किया पहला पोस्ट

    राजपाल यादव के बाद अब फंसी अमीषा पटेल, नॉन बेलेबल वारंट जारी होने के बाद किया पहला पोस्ट

    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के बाद अब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की एक्ट्रेस अमीषा पटेल मुश्किल में फंस गई हैं। दरअसल, साल 2017 के चेक बाउंस केस की 16 फरवरी को सुनवाई थी। हालांकि, अमीषा पटेल कोर्ट में हाजिर नहीं हुईं इसलिए उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया है। अब इस पूरे मामले पर अमीषा पटेल ने रिएक्ट किया है। आइए आपको बताते हैं कि अमीषा पटेल ने क्या कहा है और ये केस क्या है।
    अमीषा का रिएक्शन
    अमीषा पटेल ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर कर कहा कि यह केस एक ‘पुराना और सुलझा हुआ मामला’ है। उन्होंने लिखा, ‘मीडिया में बताया जा रहा है कि मुरादाबाद के पवन वर्मा ने कोई कार्रवाई की है। मैं सभी को बताना चाहती हूं कि यह बहुत पुराना मामला है। पवन वर्मा ने एक सेटलमेंट डीड पर साइन किए थे और पूरी तय रकम भी ले ली थी।’
    ‘धोखाधड़ी का मामला दर्ज करेंगे’
    उन्होंने आगे लिखा, ‘मामले के खत्म होने के बाद अब वो झूठे आरोप लगा रहा है। मेरे वकील इस आदमी के झूठ को सामने लाने के लिए उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर रहे हैं। वहीं मैं अपने काम पर ध्यान दे रही हूं। मैं उन लोगों को नजरअंदाज करती हूं जो झूठे बहाने बनाकर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं।’

    क्या था ये साल 2017 का मामला?
    यह मामला इवेंट ऑर्गनाइजर पवन वर्मा की शिकायत से शुरू हुआ था। पवन वर्मा ने आरोप लगाया था कि अमीषा को 16 नवंबर, 2017 को एक शादी में परफॉर्म करने के लिए हायर किया गया था। इसके लिए उन्हें 14.50 लाख रुपये का एडवांस भी दिया गया था। लेकिन एक्ट्रेस इवेंट में नहीं आईं। अमीषा पटेल ने कथित तौर पर पूरी रकम वापस करने का वादा किया। हालांकि, पवन वर्मा का दावा है कि उन्होंने पैसे वापस नहीं दिए हैं। वहीं अमीषा पटेल का कहना है कि उन्होंने ये मामला सेटल कर लिया था।

    दूसरा मामला
    इससे पहले साल 2023 में, अमीषा ने साल 2018 के चेक बाउंस केस के सिलसिले में रांची सिविल कोर्ट के सामने सरेंडर किया था। ANI के मुताबिक, अमीषा साल 2018 में हरमू ग्राउंड में एक प्रोग्राम में शामिल होने के लिए रांची में थीं जहां उनकी मुलाकात बिजनेसमैन अजय कुमार सिंह से हुई। अमीषा ने उनसे एक फिल्म की फाइनेंसिंग पर बात की। उन्होंने फिल्ममेकिंग प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट किया, हालांकि फिल्म रिलीज नहीं हुई। उन्होंने अमीषा से अपने पैसे वापस करने की मांग की। उन्होंने चेक से 2.50 करोड़ वापस कर दिए लेकिन चेक बाउंस हो गया इसलिए उन्हें सरेंडर करना पड़ा था।

  • Bhopal: होटल में चल रहा था शादी समारोह.. अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी

    Bhopal: होटल में चल रहा था शादी समारोह.. अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरी


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के एक होटल (Hotel) में सोमवार रात को भीषण आग लग गई। बताया जाता है कि जिस समय यह घटना हुई उस वक्त शादी समारोह (Wedding Ceremony) चल रहा था। आग लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    राजधानी भोपाल में शादी समारोह में लगी आग इतनी भयानक थी कि लपटें कई मीटर ऊंची उठती रहीं. शादी खजूरी थाना क्षेत्र के भौंरी स्थित एक होटल में हो रही थी. उस दौरान शादी समारोह में लगभग 170-200 लोग मौजूद थे और आग लगते ही लोग इधर-उधर भागने लगे. आग और भगदड़ के बीच शादी समारोह में रखे एक गैस सिलेंडर में ब्लास्ट (Cylinder Blast) हो गया. इससे और ज्यादा अफरा-तफरी मच गई. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे. सूचना मिलने के बाद दमकल (Fire Department) और पुलिस (Bhopal Police) भी पहुंच गई. आग के दौरान होटल में कई लोग भी फंस गए थे, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी मशीन बुलानी पड़ी. इससे दीवार तुड़वाकर रास्ता बनाया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.


    तीन फायर स्टेशनों से पहुंची गाड़ियां

    गांधीनगर, बैरागढ़ और फतेहगढ़ फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया. लोगों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी और देखते ही देखते लपटें करीब 50 फीट तक ऊपर उठने लगीं . हालांकि, आग लगने की स्पष्ट वजह नहीं पता चली है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. करीब आधी रात तक मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और रात में ही आग पूरी तरह बुझा दी गई. राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।

    बता दें कि भोपाल में एक दिन पहले भी आग लगने की घटना हुई थी। भोपाल के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के सामने स्थित मेहता इंडस्ट्री के गोदाम में रविवार दोपहर पौने चार बजे आग लग गई थी। फैक्ट्री के पिछले हिस्से में बने गोदाम में रखे लकड़ी और प्लाईवुड के सामान ने आग पकड़ ली जिससे लपटें उठने लगीं। भोपाल में कल हुई आग की घटना की खबर मिलते ही नगर निगम की 12 दमकलें वहां पहुंच गईं और दो घंटे की मेहनत के बाद आग को बुझा दिया गया। फायर ब्रिगेड ने गोदाम के पीछे की टिन की दीवार काटकर पानी और झाग का छिड़काव किया। इस आग में गोदाम पूरी तरह जलकर राख हो गया है लेकिन अच्छी बात यह है कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई है।

    आग लगने के समय फैक्ट्री के पास वाली झुग्गी बस्ती के लोग घरों का सामान बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर चले गए। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। फैक्ट्री मालिक अरुण जैन ने भी मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों से बात की। दमकल और पुलिस कर्मियों की सावधानी से बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि गोदाम में रखा सामान पूरी तरह जल गया।

  • Gold: सबसे सुरक्षित निवेश…. Gen-G का सोने के प्रति बढ़ा क्रेज, म्यूचुअल फंड-क्रिप्टो से मोहभंग

    Gold: सबसे सुरक्षित निवेश…. Gen-G का सोने के प्रति बढ़ा क्रेज, म्यूचुअल फंड-क्रिप्टो से मोहभंग


    नई दिल्ली।
    देश की युवा पीढ़ी (Young Generation) के बीच सोने के प्रति क्रेज तेजी (Increasing Craze Gold ) से बढ़ रहा है। एक हालिया सर्वे के अनुसार जेन-जी (Gen-G ) और मिलेनियल वर्ग (Millennials) के करीब 62 प्रतिशत लोग सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मानते हैं। जबकि म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर मार्केट और क्रिप्टो जैसे विकल्प पीछे रह गए हैं।

    यह सर्वे 18 से 39 साल के 5,000 से अधिक युवाओं से बीच किया गया। रिपोर्ट बताती है कि सोने पर भरोसा अब भी कायम है, लेकिन खरीदने का तरीका बदल रहा है। अब युवा पारंपरिक पारिवारिक फैसलों के बजाय खुद छोटी-छोटी रकम से सोना खरीद रहे हैं। यह रुझान दर्शाता है कि आर्थिक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच युवा वर्ग सोने को सुरक्षित ठिकाना मान रहा है।


    क्या दिखा सर्वे में

    सर्वे के मुताबिक, अगर आज 25,000 रुपये निवेश करने हों, तो 61.9% युवा सोना चुनेंगे। इसके मुकाबले म्यूचुअल फंड को 16.6%, एफडी को 13%, शेयर बाजार को 6.6% और क्रिप्टो को सिर्फ 1.9% लोगों ने प्राथमिकता दी। लोगों का कहना है कि बैंक बचत, म्यूचुअल फंड या इक्विटी की तुलना में सोना उन्हें सबसे सुरक्षित विकल्प लगता है। सर्वे में यह भी सामने आया कि करीब 65 प्रतिशत युवाओं का मानना है कि जब अर्थव्यवस्था में अस्थिरता होती है, तब सोना सबसे सुरक्षित निवेश साबित होता है।


    खरीदने का तरीका बदला

    खास बात यह है कि अब सोना खरीदने का तरीका भी बदल रहा है। अधिकांश युवाओं ने बताया कि उन्होंने हाल में पांच ग्राम से कम सोना खरीदा। इससे संकेत मिलता है कि युवा छोटी-छोटी मात्रा में नियमित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं, न कि एकमुश्त बड़ी खरीदारी की ओर। इसका मतलब है कि सोना अब सिर्फ शादी-ब्याह तक सीमित नहीं रह गया है। यह शुरुआती कमाई से जुड़ा एक लचीला बचत विकल्प बन गया है।


    खुद फैसले लेने का ट्रेंड बढ़ा

    एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि लगभग दो-तिहाई युवाओं ने कहा कि सोना खरीदने का फैसला वे खुद लेते हैं। सर्वे में शामिल 42.3% लोगों ने कहा कि घर में हालिया सोना खरीदने की शुरुआत उन्होंने खुद की, जबकि 40% ने माना कि माता-पिता या बड़े सदस्यों की भूमिका रही। जेन जी में ज्यादा आत्मनिर्भरता दिखी है। वहीं मिलेनियल अब भी सोने को परिवार की लंबी सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं।


    पहला वेतन मिलते ही खरीदा सोना

    सर्वे के परिणाम बताते हैं कि पहला वेतन या शुरुआती आय मिलने के बाद बहुत से युवा इसे सोने में निवेश के रूप में खरीदते हैं। लगभग 24.3% ने कहा कि पहला वेतन मिलते ही उन्होंने सोना खरीदा। जबकि 23.9% ने इसे निवेश विकल्प के रूप में लिया। इससे यह भी पता चलता है कि युवा अब सोने को केवल आभूषण की तरह नहीं देखते, बल्कि निवेश का बेहतरीन विकल्प मान रहे हैं।

    सोना पहली पसंद
    सोना — 61.9%
    म्यूचुअल फंड — 16.6%
    फिक्स्ड डिपॉजिट — 13%
    इक्विटी शेयर — 6.6%
    क्रिप्टो — 1.9%

  • Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज फिर गिरावट; चांदी 4000 रुपये फिसली, शादी सीजन में मिली राहत

    Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में आज फिर गिरावट; चांदी 4000 रुपये फिसली, शादी सीजन में मिली राहत

    Gold Silver Price Today: घरेलू फ्यूचर मार्केट में मंगलवार, 17 फरवरी को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 अप्रैल, 2026 का एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर वायदा मंगलवार को 1,53,551 रुपये (प्रति 10 ग्राम) पर ओपन हुआ. इसके आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना 1,54,760 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ था.

    17 फरवरी की सुबह करीब 9:50 बजे, एमसीएक्स पर 2 अप्रैल का एक्सपायरी वाला गोल्ड 0.70 प्रतिशत या करीब 1100 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,680 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. गोल्ड फ्यूचर वायदा शुरुआती कारोबार में 1,53,959 रुपए के हाई लेवल पर पहुंचा था. आइए जानते हैं प्रमुख शहरों में सोना-चांदी का ताजा भाव…

    चांदी की कीमत

    एमसीएक्स पर 5 मार्च 2026 का एक्सपायरी वाला सिल्वर 1.33 फीसदी या 3,200 रुपये की गिरावट के साथ 2,36,700 रुपये (प्रति किलो) पर ट्रेड कर रहा था. चांदी ने कारोबारी दिन की शुरुआत 2,35,207 रुपये पर की थी. दिन के कारोबार के दौरान चांदी का हाई लेवल 2,37,720 रुपये था.

    दिल्ली, मंबई, कोलकाता और चेन्नई में चांदी के दाम गिर गए है. दिल्ली और मुंबई में 10 ग्राम चांदी आज 2,600 रुपये की दर पर बिक रहा है. वहीं, 100 ग्राम चांदी खरीदने के लिए ग्राहकों को 26,000 रुपये खर्च करने होंगे. चेन्नई में 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,650 रुपये चल रही है.

    आपके शहर में सोने का भाव (गुड रिटर्न के अनुसार)

    दिल्ली में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,580 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,540 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,470 रुपए

    मुंबई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,910 रुपए
    22 कैरेट – 1,42,000 रुपए
    18 कैरेट – 1,16,180 रुपए

    चेन्नई में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,57,520 रुपए
    22 कैरेट – 1,44,390 रुपए
    18 कैरेट – 1,23,490 रुपए

    कोलकाता में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,910 रुपए
    22 कैरेट – 1,42,000 रुपए
    18 कैरेट – 1,16,180 रुपए

    अहमदाबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,480 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,440 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,370 रुपए

    लखनऊ में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,580 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,540 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,470 रुपए

    पटना में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,56,480 रुपए
    22 कैरेट – 1,43,440 रुपए
    18 कैरेट – 1,17,370 रुपए

    गुड रिटर्न के अनुसार प्रति 10 ग्राम सोने का भाव इस प्रकार है: दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,56,580 रुपये, 22 कैरेट 1,43,540 रुपये और 18 कैरेट 1,17,470 रुपये पर है। मुंबई में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये पर बिक रहा है। चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,57,520 रुपये, 22 कैरेट 1,44,390 रुपये और 18 कैरेट 1,23,490 रुपये है। कोलकाता में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये दर्ज किया गया है। अहमदाबाद में 24 कैरेट 1,56,480 रुपये, 22 कैरेट 1,43,440 रुपये और 18 कैरेट 1,17,370 रुपये है। लखनऊ में 24 कैरेट 1,56,580 रुपये, 22 कैरेट 1,43,540 रुपये और 18 कैरेट 1,17,470 रुपये है। पटना में 24 कैरेट 1,56,480 रुपये, 22 कैरेट 1,43,440 रुपये और 18 कैरेट 1,17,370 रुपये है, जबकि हैदराबाद में 24 कैरेट 1,54,910 रुपये, 22 कैरेट 1,42,000 रुपये और 18 कैरेट 1,16,180 रुपये पर सोना बिक रहा है।
    हैदराबाद में सोने के दाम (प्रति 10 ग्राम)

    24 कैरेट – 1,54,910 रुपए
    22 कैरेट – 1,42,000 रुपए
    18 कैरेट – 1,16,180 रुपए

  • MP: शिवपुरी में वकील की हत्या के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश, कार्य का बहिष्कार कर सड़क पर उतरे

    MP: शिवपुरी में वकील की हत्या के बाद अधिवक्ताओं में आक्रोश, कार्य का बहिष्कार कर सड़क पर उतरे


    शिवपुरी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शिवपुरी जिले (Shivpuri district) में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना (Advocate Sanjay Kumar Saxena) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने से प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है. इस घटना के विरोध में मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के आह्वान पर सोमवार को पूरे मध्य प्रदेश में वकील न्यायालयीन कार्य से विरत रहे और एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू करने की मांग दोहराई है।

    दरअसल शिवपुरी में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद प्रदेश का अधिवक्ता समुदाय एकजुट हो गया है. राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर के आह्वान पर सोमवार को मध्यप्रदेश के सभी जिलों में वकील न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं. इसी कड़ी में इंदौर में जिला कोर्ट और हाईकोर्ट के अधिवक्ता भी अपने कार्य से विरक्त रहे. अधिवक्ताओं का कहना है कि वे पिछले बीस वर्षों से लगातार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से केवल आश्वासन ही मिला है।

    इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि वर्ष 2012 से अब तक राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने का आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन इसे अमल में नहीं लाया गया. वकीलों का कहना है कि यदि जल्द ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.