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  • MP: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान…सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित करेंगे 1.01 करोड़ का पुरस्कार

    MP: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान…सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर स्थापित करेंगे 1.01 करोड़ का पुरस्कार


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने उज्जैन (Ujjain.) के शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य (Emperor Vikramaditya) के नाम पर पुरस्कार देने की घोषणा की है। उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इसकी घोषणा की। यादव ने कहा कि विक्रमादित्य का शासनकाल स्वर्ण युग के रूप में प्रसिद्ध है।

    मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन के शासक रहे सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1.01 करोड़ रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को उज्जैन के महान शासक की स्मृति में 21 लाख रुपए के राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार और 5-5 लाख रुपए के तीन राज्य स्तरीय पुरस्कारों की भी घोषणा की।


    उज्जैन में विक्रमोत्सव में की घोषणा

    सीएम यादव ने उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने और उनके शौर्य, न्याय तथा प्रजावत्सल आदर्शों को अमर बनाने के लिए उनकी स्मृति में एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय अलंकरण सम्मान शुरू किया जाएगा।


    सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का पुरस्कार

    उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे प्रतिष्ठित अलंकरण भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व मंच पर नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा। यादव ने कहा कि विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है और यह प्रसन्नता का विषय है कि विक्रमोत्सव को एशिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का पुरस्कार मिला। ज्ञात हो कि विक्रमोत्सव-2025 को ईमैक्सम ग्लोबल अवार्ड द्वारा ‘लांगस्टैडिंग आईपी ऑफ द इयर’ से सम्मानित किया गया है।


    विक्रमादित्य का शासनकाल स्वर्ण युग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष और आने वाले समय में भी विक्रमोत्सव अपनी उत्सवधर्मी सांस्कृतिक पहचान को दुनिया में स्थापित करेगा। यादव ने कहा कि विक्रमादित्य का शासनकाल दुनिया भर में शिक्षा, विज्ञान, ज्योतिष और साहित्य के स्वर्ण युग के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि विक्रम संवत और भारतीय कैलेंडर हमारी वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक समृद्धि के गौरवशाली प्रतीक हैं। उज्जैन का सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजन, विक्रमोत्सव, हमारी परंपराओं को सशक्त करेगा।


    उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन पृथ्वी का नाभि स्थल कहा जाता है और सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इसे सनातन के विश्वास का केंद्र भी बनाती है। उन्होंने कहा कि इसी दिव्य परंपरा को अधिक भव्य व्यवस्थित और श्रद्धालु केंद्रित बनाने के लिए सिंहस्थ की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


    शिप्रा नदी में 30 किमी घाटों की व्यवस्था

    उन्होंने कहा कि उज्जैन तथा आसपास के क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से जारी हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए उज्जैन के आसपास ‘फोर लेन’ और ‘सिक्स लेन’ सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। शिप्रा नदी में स्नान के लिए 30 किमी घाटों की व्यवस्था की गई है। इसे निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए व्यवस्थित कार्य योजना प्रगति पर है।

  • Uttarakhand : चारधाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने पर अब देना पड़ेगा शुल्क…

    Uttarakhand : चारधाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने पर अब देना पड़ेगा शुल्क…


    देहरादून।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) को अब और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण (Online Registration) प्रक्रिया में शुल्क लगाने का निर्णय लिया गया है। यह कदम मुख्य रूप से फर्जी रजिस्ट्रेशन और यात्रियों की वास्तविक संख्या का सही अनुमान लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस सप्ताह पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। शुल्क तय करने के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा।

    सोमवार को ट्रांजिट कैंप में होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन, संयुक्त रोटेशन और डंडी-कंडी संचालकों के साथ बैठक में आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण पर शुल्क लगाने के लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है, जो शुल्क की राशि तय करेगी।


    फर्जी रजिस्ट्रेशन की समस्या

    होटल संचालकों ने बैठक में बताया कि कई बार यात्रियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया होता है, लेकिन वे यात्रा पर नहीं आते। इससे फर्जी रजिस्ट्रेशन बन जाते हैं और वास्तविक यात्री कई बार होटलों में ठहरने के बावजूद पंजीकरण नहीं पा पाते। होटल एसोसिएशन ने इसके समाधान के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पर न्यूनतम शुल्क लगाने का सुझाव दिया।

    आयुक्त पांडेय ने कहा, “अपर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिश मिलने के बाद एक-दो दिन में आवश्यक निर्णय लेते हुए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, लेकिन पंजीकरण अनिवार्य होगा। फर्जी रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने के लिए न्यूनतम शुल्क तय किया जाएगा।”


    पंजीकरण प्रक्रिया कब शुरू होगी?

    सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू होने की संभावना है। यात्रियों को पहले अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा, ताकि यात्रा और होटल बुकिंग के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत न हो। अधिकारियों का कहना है कि शुल्क और पंजीकरण लागू होने से यात्रा के दौरान भीड़ और व्यवस्थाओं में सुधार आएगा। इससे चारधाम यात्रा में प्रवासी पर्यटकों और स्थानीय व्यवस्थाओं पर दबाव कम होगा।

  • MP: रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मिला सैटेलाइट कॉलर लगे बाघ का शव…

    MP: रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मिला सैटेलाइट कॉलर लगे बाघ का शव…


    सागर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (Rani Durgavati Tiger Reserve) में सैटेलाइट कॉलर (Satellite Caller) से लैस एक युवा बाघ मृत पाया गया है। 3-4 वर्षीय नर बाघ का शव 15 फरवरी को मोहली रेंज के मनगांव बीट क्षेत्र में मिला। यह बाघ बीते महीने कान्हा टाइगर रिजर्व से ट्रांसफर करके यहां छोड़ा गया था। उसे 18-19 जनवरी की रात को कोर एरिया में रिलीज किया गया था और 24 घंटे निगरानी के लिए रेडियो सैटेलाइट कॉलर लगाया गया था।

    एक रिपोर्ट में वन विभाग के हवाले से बताया गया है कि शुरुआती जांच में क्षेत्रीय संघर्ष (टेरिटोरियल फाइट) की आशंका जताई गई है। घटनास्थल के पास दूसरे बाघ के पगमार्क मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकार या बिजली प्रवाह जैसी अवैध गतिविधि के तत्काल संकेत नहीं मिले हैं। रिजर्व परिसर में पशु चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है और फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे।

    हालांकि वाइल्डलाइफ एक्टविस्ट अजय दुबे ने इस मामले में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सैटेलाइट डेटा में बाघ की लोकेशन दो दिनों तक स्थिर दिखाई दी, जो राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के तहत चेतावनी संकेत है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

    आपको बताते चलें कि नौरादेही इलाका, जो अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व लैंडस्केप का हिस्सा है में इस साल चीता पुनर्वास योजना प्रस्तावित है। ऐसे में यह घटना वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती बाघ आबादी में क्षेत्रीय संघर्ष सामान्य है और फिलहाल किसी साजिश के प्रमाण नहीं मिले हैं।

  • Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान

    Kerala: 10 माह की बच्ची ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी… हादसे में मौत के बाद पैरेंट्स ने किया अंगदान


    तिरुवनंतपुरम।
    केरल (Kerala) से एक बेहद भावुक करने वाली कहानी सामने आई है। यहां पर हादसे में 10 महीने की एक बच्ची (10 Months Girl) बुरी तरह से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद उसके पैरेंट्स ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसके मुरीद प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) समेत तमाम सेलेब्स भी हो गए हैं। बच्ची के माता-पिता ने उसका अंगदान करने का फैसला किया। उनके इस फैसले की बदौलत पांच लोगों को नई जिंदगी मिली है। इस बच्ची का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी मौजूद रहे।


    कौन थी आलिन शेरिन

    जिस बच्ची का अंगदान किया गया, उसका नाम आलिन शेरिन है। उसके माता-पिता का नाम अरुण अब्राहम और शेरिन एन जॉन है। यह लोग केरल के पाथनमथिट्टा जिले के रहने वाले हैं। पांच फरवरी को आलिन अपनी मां और दादा-दादी के साथ यात्रा कर रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही कार ने उनके वाहन में टक्कर मार दी। इस हादसे में आलिन को बेहद गंभीर चोटें आईं। वहीं, उसकी मां और दादा-दादी भी गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआत में आलिन को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाया गया। बहुत कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और डॉक्टरों ने 12 फरवरी को उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।


    बताया गया ग्रीन कॉरिडोर

    महज दस महीने की बेटी को खोकर आलिन के माता-पिता गहरे दुख में थे। लेकिन इसी दौरान उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जो नजीर बन गया। दोनों ने तय किया कि वह अपनी बच्ची का अंगदान करेंगे। इसके बाद हेल्थकेयर सिस्टम, पुलिस और आम लोगों ने गजब का तालमेल दिखाया। चूंकि सिविल एविएशन रूल्स के चलते रात में हेलिकॉप्टर ट्रांसफर संभव नहीं था। इसलिए केरल सरकार ने एंबुलेंस के जरिए अंगों को भेजने का फैसला किया। आनन-फानन में कोच्चि से तिरुवनंतपुरम के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।


    किसे दिए गए अंग

    इसके लिए कड़े ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए। पूरे रास्ते में मैनुअल सिग्नलिंग की व्यवस्था की गई। इसके जरिए 230 किलोमीटर की दूरी मात्र 3 घंटे और 20 मिनट में तय हुई। इसके बाद सुरक्षित तरीके सभी अंग गंतव्य तक पहुंचे। यहां पर एक निजी अस्पताल में छह साल की बच्ची को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, किडनी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक 10 साल के बच्चे को लगाया गया। हार्ट वॉल्व तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज कैंपस को ट्रांसफर किया गया, जबकि कॉर्निया एक निजी अस्पताल के आई बैंक को डोनेट कर दिया गया।


    सबने की तारीफ

    महज 10 महीने की उम्र में बच्ची की दु:खद मौत और उसके माता-पिता द्वारा अंगदान के फैसले की केरल समेत तमाम जगहों पर तारीफ हुई। केरल के राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने कहाकि वह बच्ची के माता-पिता के इस फैसले बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे दूसरों को जीवन मिला है। अभिनेता कमल हासन ने भी पैरेंट्स को संबोधित एक भावुक संदेश लिखा। इस संदेश में उन्होंने लिखा कि बेबी आलिन पांच बच्चों को जिंदगी देकर गई है। अभिनेता मोहनलाल ने भी आलिन को लिटिल एंजेल कहा।

  • जब कीमतें आसमान थी,,, सोने ने तोड़ डाले आयात के सभी रिकॉर्ड, व्यापार घाटा भी बढ़ा

    जब कीमतें आसमान थी,,, सोने ने तोड़ डाले आयात के सभी रिकॉर्ड, व्यापार घाटा भी बढ़ा


    नई दिल्ली।
    जनवरी में जब सोने-चांदी की कीमतें (Gold and Silver Prices) आसमान पर थी सोने के आयात (Gold Import) ने तो सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, जो पिछले साल जनवरी के 2.66 अरब डॉलर के मुकाबले इस बार 350 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, इसने भारत के व्यापार घाटे (Trade Deficits) पर बड़ा इंपैक्ट डाला। भारत का व्यापार घाटा जनवरी 2026 में बढ़कर 35 अरब डॉलर हो गया है। यह आंकड़ा दिसंबर में दर्ज 24 अरब डॉलर से कहीं अधिक है।


    सोने की चमक ने बढ़ाई व्यापार घाटे की टेंशन

    सोने का आयात भारत के व्यापार घाटे में उतार-चढ़ाव की एक अहम वजह बनकर उभरा है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों से साफ होता है कि बढ़ती सोने की कीमतों ने आयात बिल को काफी प्रभावित किया है। पिछले छह वर्षों में सोने के आयात मूल्य में 76 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई है, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 32.9 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 58.0 अरब डॉलर हो गया।


    आयात की मात्रा घटी, बिल बढ़ा

    हैरानी की बात यह है कि इस दौरान आयात की मात्रा में 23 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो 982.7 टन से घटकर 757.1 टन रह गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहां कीमतों में बढ़ोतरी आयात बिल बढ़ाने की मुख्य वजह है, न कि ज्यादा खपत।

    चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान ही सोने का आयात बिल 49.39 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि इस दौरान सिर्फ 474.99 टन सोना आयात किया गया। अप्रैल-जनवरी की अवधि में यह आंकड़ा 61.46 अरब डॉलर हो गया। नवंबर में सोने के आयात के आंकड़ों में भी भारी संशोधन देखने को मिला था, जो शुरुआती 14.8 अरब डॉलर से घटाकर 9.84 अरब डॉलर कर दिया गया था, जो इसकी अस्थिरता को रेखांकित करता है।


    चांदी के आयात में भी जोरदार उछाल

    सोने के साथ-साथ चांदी के आयात ने भी रफ्तार पकड़ी है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-दिसंबर के दौरान चांदी के आयात मूल्य में 128.95 प्रतिशत का उछाल आया है। यह 3.39 अरब डॉलर से बढ़कर 7.77 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसकी वजह आयात की मात्रा में 56.07 प्रतिशत और कीमतों में 46.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई जा रही है।


    अमेरिका और चीन के साथ व्यापारिक रिश्ते

    टैरिफ के दबाव के बावजूद, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात स्थल बना हुआ है। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के दौरान अमेरिका को निर्यात लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 72.46 अरब डॉलर रहा। हालांकि, दिसंबर की तुलना में जनवरी में अमेरिका को निर्यात में 4.5 प्रतिशत की गिरावट जरूर आई है। वहीं, चीन भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत बना हुआ है। अप्रैल-जनवरी के दौरान चीन से आयात 13 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 108.18 अरब डॉलर हो गया। सकारात्मक पहलू यह है कि इसी अवधि में चीन को निर्यात में भी 38 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह 15.88 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

  • इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम

    इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में भारत दिखाएगा INS विक्रांत की ताकत, विदेशी जहाज भी पहुंचे विशाखापत्तनम


    विशाखापत्तनम। भारत अपनी समुद्री शक्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का जोरदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार है। विशाखापत्तनम में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR 2026) और एक्सरसाइज मिलन (MILAN 2026) में विदेशी नौसैनिक जहाजों का आगमन शुरू हो गया है। सोमवार को भारतीय नौसेना ने इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश के युद्धपोतों का स्वागत किया।

    विदेशी जहाजों का आगमन
    इंडोनेशियाई नौसेना का फ्रिगेट KRI Bung Tomo-357 पहले ही विशाखापत्तनम पहुंच चुका है। पूर्वी नौसेना कमान ने इसे “सेलामल दातंग” कहकर अभिनंदन किया। संयुक्त अरब अमीरात का नौसैनिक कोर्वेट Al-Emarat भी अभ्यास में शामिल हुआ, जो भारत और UAE के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। वहीं, पड़ोसी बांग्लादेश का फ्रिगेट BNS Somudra Avijan भी बेड़े में शामिल हो गया।

    इससे पहले थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के जहाज भी पोर्ट में पहुँच चुके हैं, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक भव्य और विविधता पूर्ण बन गया है।

    IFR 2026: राष्ट्रपति करेंगी समीक्षा
    18 फरवरी को समुद्र में होने वाले इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। यह स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े नौसैनिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस वर्ष कुल 71 जहाज इस आयोजन में हिस्सा लेंगे, जिनमें भारतीय नौसेना के 45 जहाज, 19 विदेशी युद्धपोत और शेष कोस्ट गार्ड, मर्चेंट नेवी और अनुसंधान जहाज शामिल हैं।

    मुख्य आकर्षण के रूप में भारतीय विमानवाहक पोत INS विक्रांत पहले ही विशाखापत्तनम में पहुंच चुका है। यह जहाज समारोह का केंद्रबिंदु होगा और दर्शकों का ध्यान सबसे अधिक खींचेगा। सभी जहाजों को छह पंक्तियों में व्यवस्थित किया जाएगा।

    मिलन अभ्यास: समुद्री सहयोग का बड़ा मंच
    1995 में महज चार देशों के साथ शुरू हुआ मिलन अभ्यास अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशाल मंच बन गया है। इस साल 65 देशों की नौसेनाएं इसमें भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना और मित्र देशों के बीच पेशेवर बातचीत को मजबूत करना है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए ‘मिलन विलेज’ का उद्घाटन किया गया है, जो 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए एक सांस्कृतिक और मैत्री केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

    इंटरनेशनल सिटी परेड
    उत्सव के रूप में 19 फरवरी की शाम को विशाखापत्तनम में रोड पर भव्य इंटरनेशनल सिटी परेड आयोजित की जाएगी। इसमें 45 सैन्य दल हिस्सा लेंगे। मनोरंजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए 7 से 8 विदेशी बैंड अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे यह न केवल सैन्य ताकत बल्कि दोस्ताना संबंधों का उत्सव भी साबित होगा।

  • शाहपुर कंडी बांध लगभग तैयार, रावी का पानी अब भारत की जमीन करेगा हरी-भरी, पाकिस्तान तरसेगा

    शाहपुर कंडी बांध लगभग तैयार, रावी का पानी अब भारत की जमीन करेगा हरी-भरी, पाकिस्तान तरसेगा


    नई दिल्‍ली। दशकों से बहते पानी की सियासत अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर बन रहे शाहपुर कंडी बांध का काम अंतिम चरण में है। इस परियोजना के शुरू होते ही रावी नदी का वह पानी, जो अब तक पाकिस्तान जाता था, अब जम्मू-कश्मीर और पंजाब की सूखी जमीन को सींचने में इस्तेमाल होगा। जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद अहमद राणा ने बताया कि बांध का काम 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। यह विशेष रूप से कठुआ और सांबा जिलों के लिए जीवनरेखा साबित होगा।

    सिंचाई और आर्थिक लाभ
    बांध से जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों की 32,173 हेक्टेयर से अधिक भूमि और पंजाब की लगभग 5,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 485.38 करोड़ रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। बांध केवल पानी संचयन ही नहीं करेगा, बल्कि बिजली उत्पादन और कृषि विकास को भी नई दिशा देगा।

    सिंधु जल संधि और भारत की नई नीति
    1960 की सिंधु जल संधि के तहत रावी, ब्यास और सतलज जैसी पूर्वी नदियों पर भारत का पूर्ण अधिकार है। तकनीकी बाधाओं और बांध न होने के कारण अब तक रावी का काफी पानी पाकिस्तान चला जाता था।

    जम्मू-कश्मीर के विधायक डॉ. रामेश्वर सिंह ने कहा कि बांध के काम पूरा होने के बाद, पानी अब पाकिस्तान नहीं जाएगा और कठुआ क्षेत्र की विशाल भूमि को हरा-भरा करेगा।

    अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अपनाया और डेटा शेयर करना बंद कर दिया है। अब भारत पश्चिमी नदियों के पानी के अधिकतम उपयोग की संभावनाएं तलाश रहा है।

    दशकों का इंतजार
    2001: परियोजना को पहली बार मंजूरी मिली, लेकिन अंतर्राज्यीय विवादों के कारण काम रुका।

    2018: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच समझौता हुआ।

    वर्तमान: परियोजना मिशन मोड में है ताकि पाकिस्तान को जाने वाला पानी रोका जा सके।

    अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल कृषि के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रणनीतिक दबाव का भी हिस्सा है। पाकिस्तान पहले से ही जल संकट से जूझ रहा है। भारत द्वारा अपने हिस्से का पूरा पानी इस्तेमाल करने से पाकिस्तान के निचले इलाकों में पानी की भारी कमी होने की संभावना है।

  • बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: तारिक रहमान की शपथ से नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत

    बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: तारिक रहमान की शपथ से नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत



    नई दिल्ली। बांग्लादेश की सियासत में बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान आज देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान की यह ताजपोशी सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक दिशा बदलने का संकेत मानी जा रही है। इस बार शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक बांगभवन के बजाय ढाका स्थित जाटिया सांग्सद भवन के साउथ प्लाज़ा में आयोजित किया जा रहा है, जो व्यवस्था में पारदर्शिता और संसदीय प्राथमिकता का प्रतीक बताया जा रहा है। राष्ट्रपति मोहम্মद शाहबुद्दीन नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

    हाल ही में हुए 13वें आम चुनाव में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ जब छात्र आंदोलनों और राजनीतिक अस्थिरता के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की लंबे समय से चली आ रही सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल के दौरान आंतरिक और कूटनीतिक चुनौतियां चर्चा में रहीं, खासकर भारत के साथ संबंधों को लेकर। ऐसे में नई सरकार की विदेश नीति और आर्थिक रणनीति पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

    शपथ समारोह में क्षेत्रीय कूटनीति की झलक भी दिखाई देगी। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला प्रतिनिधित्व करेंगे, जो दोनों देशों के रिश्तों में निरंतरता का संकेत है। राजनीतिक जीत के बाद तारिक रहमान ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर संवाद और सहमति की राजनीति का संदेश दिया है। 1991 के बाद पहली बार कोई पुरुष नेता बांग्लादेश की कमान संभालने जा रहा है, जिससे देश की राजनीति नए दौर में प्रवेश करती नजर आ रही है। अब चुनौती होगी—आर्थिक स्थिरता, सामाजिक सद्भाव और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत दिशा देना।

  • MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर

    MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर


    भोपाल। नए मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के चलते मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी है। मौसम की दृष्टि से मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाए रहेंगे, जबकि 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होगी।

    अलर्ट वाले जिले
    ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आंधी, बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा असर 18 फरवरी को रहेगा। 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, लेकिन तेज बारिश नहीं होगी।

    फरवरी में तीसरी बार बारिश
    फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी पड़ी थी, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे किया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश होगी, और इस दिन मौसम प्रणाली का असर सबसे अधिक रहेगा। इसके बाद प्रणाली कमजोर पड़ जाएगी।

    तापमान में गिरावट के संकेत
    पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है।

    अगले दो दिनों का मौसम
    17 फरवरी: कुछ जिलों में बादल छाए रहेंगे। भोपाल और इंदौर में दिन के समय गर्मी का असर रहेगा।
    18 फरवरी: 15 जिलों में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी चलने की संभावना है।

    ठंडी रातें जारी
    प्रदेश में दिन गर्म हैं, लेकिन रातें ठंडी बनी हुई हैं। रविवार-सोमवार की रात कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल्याणपुर-पचमढ़ी में 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री रही। प्रदेश के बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान भोपाल: 12.6 डिग्री, इंदौर और जबलपुर: 13 डिग्री, ग्वालियर: 13.1 डिग्री, उज्जैन: 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। वर्तमान में प्रदेश में हल्की ठंड का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी, ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा।

  • T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई

    T20 वर्ल्डकप: भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया, ईशान किशन की धुआंधार पारी, सहवाग बोले फुल कंबल कुटाई


    नई दिल्ली । भारत ने टी20 वर्ल्डकप में रविवार को पाकिस्तान को 61 रन से हराकर धमाकेदार जीत दर्ज की। मैच में ईशान किशन ने सिर्फ 40 गेंदों पर 77 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम की मजबूत शुरुआत दिलाई और प्लेयर ऑफ़ द मैच चुने गए। इस पारी ने न सिर्फ टीम इंडिया को दबदबे में रखा बल्कि फैंस को भी रोमांचित कर दिया।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मैच के बाद मजाकिया अंदाज में इसे फुल कंबल कुटाई बताया। सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस ने भी हल्के फुल्के अंदाज में लिखा गलत जगह यू टर्न लोगे तो यूं ही मुंह की खाओगे।

    भारत की जीत पर क्रिकेट जगत और सेलिब्रिटी भी रिएक्ट हुए। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट किया कि पावरप्ले से भारत ने मुकाबला अपने कब्जे में ले लिया। ईशान किशन की धमाकेदार बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन लेंथ ने पाकिस्तान को दबाव में रखा और अंत तक टीम इंडिया ने मैच पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखा।

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि टीम ने दबाव के मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया और जीत अपने नाम की। उन्होंने लिखा कि फॉर्मेट बदलते हैं मैदान बदलते हैं तारीखें बदलती हैं लेकिन भारत पाकिस्तान मुकाबलों में जीत का पैटर्न अक्सर वही रहता है। इस जीत के साथ भारत की टीम न केवल ग्रुप स्टेज में अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएगी बल्कि टी20 वर्ल्डकप में पाकिस्तान के खिलाफ परंपरा के अनुसार दबदबे को कायम रखेगी।