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  • NDA-NA परीक्षा 2 के लिए UPSC ने जारी किया कार्यक्रम, तय तारीख पर दो पालियों में होगी परीक्षा

    NDA-NA परीक्षा 2 के लिए UPSC ने जारी किया कार्यक्रम, तय तारीख पर दो पालियों में होगी परीक्षा

    नई दिल्ली । संघ लोक सेवा आयोग ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा यानी NDA-NA परीक्षा 2 की तारीख घोषित कर दी है। परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह महत्वपूर्ण अपडेट है। आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा निर्धारित तारीख पर आयोजित की जाएगी और इसे दो अलग-अलग शिफ्ट में संपन्न कराया जाएगा।

    NDA और NA परीक्षा भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। इसके माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय नौसेना अकादमी में प्रशिक्षण एवं आगे की सैन्य शिक्षा के अवसर मिलते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अपनी तैयारी और परीक्षा संबंधी व्यवस्थाएं पूरी करनी होंगी।

    NDA-NA परीक्षा 2 के आयोजन को लेकर उम्मीदवारों के बीच लंबे समय से तारीख का इंतजार था। अब परीक्षा कार्यक्रम स्पष्ट होने के बाद अभ्यर्थी अपनी तैयारी को अंतिम चरण में ले जा सकते हैं। परीक्षा दो शिफ्ट में होने के कारण उम्मीदवारों को अपने निर्धारित पेपर और परीक्षा केंद्र से संबंधित जानकारी पर विशेष ध्यान देना होगा।

    परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए एडमिट कार्ड भी महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और आवश्यक दस्तावेजों का पालन करना होगा। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड में दर्ज केंद्र, रिपोर्टिंग समय और अन्य निर्देशों को ध्यान से देख लेना चाहिए।

    NDA-NA परीक्षा में गणित और सामान्य योग्यता से जुड़े विषयों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उम्मीदवारों के लिए अब बचे समय में पाठ्यक्रम के महत्वपूर्ण हिस्सों का दोहराव, पिछले प्रश्नपत्रों का अभ्यास और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहेगा। दो शिफ्ट में परीक्षा आयोजित होने के कारण अभ्यर्थियों को परीक्षा पैटर्न और अपनी तैयारी के अनुरूप रणनीति बनानी होगी।

    UPSC की परीक्षाओं में समय प्रबंधन के साथ प्रश्नों को सही तरीके से हल करना भी महत्वपूर्ण होता है। उम्मीदवारों को परीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा और निर्धारित समय के भीतर अपने प्रश्नपत्र को पूरा करना होगा। परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट और पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास अभ्यर्थियों को वास्तविक परीक्षा परिस्थितियों के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।

    NDA-NA परीक्षा 2 को लेकर उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण सूचना के लिए आयोग की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर बनाए रखें। परीक्षा की तारीख, शिफ्ट, एडमिट कार्ड और केंद्र से जुड़ी जानकारी में किसी भी बदलाव या नए निर्देश की स्थिति में आयोग की सूचना को ही अंतिम माना जाएगा।

    परीक्षा की तारीख घोषित होने के साथ अब अभ्यर्थियों के पास अपनी तैयारी को व्यवस्थित करने का स्पष्ट समय-सारिणी आधार उपलब्ध है। उम्मीदवारों को अंतिम दिनों में नए विषयों पर अत्यधिक निर्भर रहने के बजाय पहले से तैयार पाठ्यक्रम के रिवीजन, अभ्यास और कमजोर हिस्सों को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

    NDA-NA परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए आगे चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरण महत्वपूर्ण होते हैं। लिखित परीक्षा के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया जाता है। इसलिए लिखित परीक्षा को केवल एक चरण मानकर तैयारी करने के बजाय अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।

    परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद अब उम्मीदवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना है। निर्धारित तारीख तक नियमित अध्ययन, प्रश्नपत्र अभ्यास और समय प्रबंधन के जरिए अभ्यर्थी परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

  • Cab Tip Rules: अब राइड पूरी होने के बाद ही दे सकेंगे टिप, बुकिंग से पहले अतिरिक्त भुगतान पर सरकार की सख्ती

    Cab Tip Rules: अब राइड पूरी होने के बाद ही दे सकेंगे टिप, बुकिंग से पहले अतिरिक्त भुगतान पर सरकार की सख्ती

    नई दिल्ली । कैब बुकिंग के दौरान यात्रियों को राइड जल्दी कन्फर्म कराने के लिए अतिरिक्त रकम या एडवांस टिप देने के लिए प्रेरित करने वाले विकल्प अब उपलब्ध नहीं होंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने Ola, Uber, Rapido समेत कैब एग्रीगेटर्स को ऐसे सभी फीचर, मैसेज और पेमेंट विकल्प हटाने के निर्देश दिए हैं, जिनसे यात्रियों को सामान्य किराये के अलावा अतिरिक्त भुगतान करने पर जल्दी राइड मिलने का संकेत मिलता है।

    मंत्रालय की ताजा एडवाइजरी के बाद कैब बुकिंग से जुड़े डिजिटल इंटरफेस की समीक्षा करने को कहा गया है। एग्रीगेटर्स को ऐसे फीचर तत्काल हटाने या उनमें बदलाव करने होंगे, जो अतिरिक्त भुगतान को राइड की पुष्टि, ड्राइवर द्वारा ट्रिप स्वीकार करने या कम इंतजार के समय से जोड़ते हैं।

    कैब बुकिंग के दौरान कुछ प्लेटफॉर्म पर Advance Tip, Choose an Add-on या बेहतर और जल्दी राइड कन्फर्म होने की संभावना बढ़ाने जैसे विकल्प दिखाई देने की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे विकल्पों से यात्रियों को यह धारणा बन सकती थी कि सामान्य किराये से अधिक भुगतान करने पर उनकी राइड को प्राथमिकता मिल सकती है।

    सरकार ने इसी व्यवस्था पर आपत्ति जताई है। निर्देश के अनुसार यात्री को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि अतिरिक्त रकम देने से उसे बेहतर या तेज सेवा मिल सकती है। राइड की बुकिंग सामान्य किराये के आधार पर होनी चाहिए और अतिरिक्त भुगतान को सेवा की प्राथमिकता से नहीं जोड़ा जा सकता।

    Motor Vehicle Aggregator Guidelines, 2025 के Clause 14.15 के तहत ड्राइवर को दी जाने वाली टिप पूरी तरह स्वैच्छिक रखी गई है। इसका विकल्प यात्रा पूरी होने के बाद ही उपलब्ध कराया जा सकता है। बुकिंग के समय, यात्रा शुरू होने से पहले या यात्रा के दौरान टिप देने के लिए प्रेरित करने वाला विकल्प नहीं होना चाहिए।

    नियमों के मुताबिक यात्री द्वारा दी गई पूरी टिप राशि ड्राइवर को ही मिलनी चाहिए। एग्रीगेटर इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं कर सकता। साथ ही टिप से जुड़ा इंटरफेस ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे यात्री पर अतिरिक्त भुगतान करने का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दबाव बने।

    सरकार ने इससे पहले दिसंबर 2025 में एग्रीगेटर गाइडलाइंस में बदलाव करते हुए टिप को यात्रा पूरी होने के बाद तक सीमित किया था। इसके बावजूद कुछ प्लेटफॉर्म पर एडवांस टिप से जुड़े विकल्प दिखाई देने की शिकायतों के बाद अब मंत्रालय ने दोबारा सख्ती दिखाई है।

    11 अगस्त 2026 को जारी एडवाइजरी में कैब एग्रीगेटर्स को अपने मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म की तत्काल समीक्षा करने को कहा गया है। नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले इंटरफेस, संदेश, पेमेंट विकल्प और ऐड-ऑन को हटाने या संशोधित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    एडवांस टिप को लेकर उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी चिंताएं पहले भी सामने आती रही हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने भी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म पर बुकिंग से पहले टिप मांगने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। मुख्य चिंता यह थी कि अतिरिक्त भुगतान करने वाले यात्रियों को सामान्य बुकिंग प्रक्रिया में अनुचित प्राथमिकता मिलने का संकेत न जाए।

    नए निर्देशों के बाद यात्रियों के लिए कैब बुकिंग प्रक्रिया अधिक स्पष्ट रहने की उम्मीद है। अब बुकिंग के समय अतिरिक्त टिप देकर राइड जल्दी हासिल करने का विकल्प नहीं दिया जा सकेगा। यात्री सामान्य किराये पर राइड बुक करेंगे और यात्रा पूरी होने के बाद, यदि वे ड्राइवर की सेवा से संतुष्ट हैं, तो अपनी इच्छा के अनुसार टिप दे सकेंगे।

    इस व्यवस्था का उद्देश्य कैब बुकिंग में अतिरिक्त भुगतान और राइड की प्राथमिकता के बीच किसी भी तरह के संबंध को खत्म करना है। एग्रीगेटर्स को अपने ऐप के इंटरफेस और भुगतान व्यवस्था को निर्धारित नियमों के अनुरूप रखना होगा, ताकि यात्रियों को सेवा पाने के लिए अतिरिक्त भुगतान करने का दबाव महसूस न हो।

  • सीवान फायरिंग विवाद के बीच तेजस्वी यादव का 19 अगस्त को राजभवन मार्च,बिहार पुलिस ने घातक हथियारों पर लगाई रोक

    सीवान फायरिंग विवाद के बीच तेजस्वी यादव का 19 अगस्त को राजभवन मार्च,बिहार पुलिस ने घातक हथियारों पर लगाई रोक

    नई दिल्ली । बिहार के सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की ओर से AK-47 से फायरिंग के मामले ने राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। घटना के विरोध में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 19 अगस्त को पटना में राजभवन मार्च निकालने का ऐलान किया है। इसी बीच बिहार पुलिस मुख्यालय ने भीड़ नियंत्रण और सामान्य विधि-व्यवस्था की ड्यूटी में AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया है।

    सीवान में बिहार बंद और छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच एक जवान के AK-47 से फायरिंग करने का वीडियो सामने आया था। इस घटना में तीन छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए और प्रदर्शनकारियों के बीच इस तरह के घातक हथियार के इस्तेमाल पर जवाब मांगा।

    मामले के सामने आने के बाद संबंधित पुलिस जवान को निलंबित किया गया। हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल एक जवान के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और फायरिंग के आदेश तथा पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। घटना को लेकर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं, इसलिए पूरे घटनाक्रम की जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    तेजस्वी यादव ने सीवान की घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग का आदेश किस स्तर से दिया गया। उन्होंने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल ने 19 अगस्त को पटना में पार्टी कार्यालय से राजभवन या लोक भवन तक मार्च निकालने का निर्णय लिया है।

    प्रस्तावित मार्च में पार्टी के विधायक, विधान परिषद सदस्य और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होने वाले इस मार्च के जरिए विपक्ष सीवान फायरिंग मामले में जवाबदेही तय करने और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग उठाएगा।

    इसी बीच बिहार पुलिस मुख्यालय के नए निर्देश को महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। निर्देश के अनुसार सामान्य कानून-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की ड्यूटी के दौरान AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य भीड़ नियंत्रण के दौरान बल प्रयोग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

    पुलिस मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है। उग्रवाद, आतंकवाद या बड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियानों जैसी परिस्थितियों में इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि सामान्य प्रदर्शन, भीड़ नियंत्रण या कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में इन हथियारों के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी।

    विशेष परिस्थिति में ऐसे हथियारों को साथ रखना जरूरी होने पर भी भीड़ नियंत्रण के दौरान इनके इस्तेमाल पर रोक लागू रहेगी। जिला स्तर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों को नए निर्देशों की जानकारी देने तथा उनके पालन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी तय की गई है।

    सीवान की घटना के बाद अब बिहार में पुलिस की भीड़ नियंत्रण नीति और प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस प्रशासन ने असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

    अब 19 अगस्त को प्रस्तावित तेजस्वी यादव के राजभवन मार्च पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी। सीवान की घटना के बाद लिया गया हथियार संबंधी निर्णय आने वाले समय में बिहार में कानून-व्यवस्था और विरोध प्रदर्शनों से निपटने की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • सावन में आगर-मालवा बना शिवमय, विशाल कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव

    सावन में आगर-मालवा बना शिवमय, विशाल कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, वर्चुअली जुड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव

    मध्य प्रदेश :  के आगर-मालवा में सावन माह के अवसर पर आयोजित विशाल कलश यात्रा में आस्था और श्रद्धा का बड़ा जनसमागम देखने को मिला। विधायक मधु गेहलोत के आह्वान पर आयोजित इस यात्रा में हजारों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया।

    विशाल कलश यात्रा की शुरुआत पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर से हुई। यात्रा रवाना होने से पहले यहां धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद महिलाओं और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के साथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों की ओर रवाना हुई। सावन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी मुख्य आकर्षण रही।

    यात्रा के दौरान आगर-मालवा के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। कई स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और धार्मिक जयघोषों से वातावरण शिवमय बना रहा। बड़ी संख्या में महिलाओं के सिर पर सजे कलशों ने यात्रा की भव्यता को और बढ़ाया।

    इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी भोपाल से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सावन के दौरान आयोजित इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने धार्मिक आयोजनों को सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का माध्यम बताते हुए कार्यक्रम से जुड़े श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। वर्चुअल संबोधन के दौरान उन्होंने महिलाओं की बड़ी भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की ऑनलाइन मौजूदगी से आयोजन को अतिरिक्त महत्व मिला।

    कलश यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर पहुंची। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई।

    बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सावन के धार्मिक माहौल में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए लोगों में उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के दौरान धार्मिक अनुशासन और सामूहिक भागीदारी के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

    आयोजन में जनप्रतिनिधियों के साथ सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े लोगों की भी सहभागिता रही। महिलाओं और युवतियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने कलश यात्रा को व्यापक स्वरूप दिया। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लेकर सामूहिक आस्था का प्रदर्शन किया।

    सावन के दौरान निकाली गई इस विशाल कलश यात्रा ने आगर-मालवा में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक साथ जोड़ा। यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष स्वरूप दिया।

    कार्यक्रम के दौरान शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। पुरानी कृषि उपज मंडी से बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर तक निकली यात्रा में श्रद्धालुओं की सहभागिता और जयघोष लगातार सुनाई देते रहे। आयोजन ने सावन की धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक सहभागिता और सामूहिक एकता का संदेश भी प्रस्तुत किया।

  • JPSC-JSSC विवाद में झारखंड पुलिस की कार्रवाई, विधानसभा घेराव के बाद करीब 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज

    JPSC-JSSC विवाद में झारखंड पुलिस की कार्रवाई, विधानसभा घेराव के बाद करीब 600 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज

    नई दिल्ली । झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन विधानसभा घेराव के बाद और तेज हो गया है। 10 अगस्त को रांची में विधानसभा की ओर मार्च के दौरान हुए हंगामे के बाद पुलिस ने करीब 600 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें लगभग 100 लोग नामजद हैं, जबकि करीब 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया गया है।

    छात्र संगठन लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए आंदोलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़े थे। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी।

    स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। पुलिस की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने पथराव किया और स्थिति को हिंसक बनाने की कोशिश की। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

    हंगामे के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में नामजद लोगों के अलावा बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब उपलब्ध CCTV फुटेज और मौके पर बनाए गए वीडियो के आधार पर प्रदर्शन में कथित तौर पर हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है।

    पुलिस की जांच का मुख्य आधार घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे और उपलब्ध वीडियो फुटेज हैं। अधिकारियों की ओर से कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।

    छात्र संगठनों की प्रमुख मांग भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराना है। प्रदर्शनकारी विवादित परीक्षाओं की समीक्षा या उन्हें रद्द करने, कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

    आंदोलन कई सप्ताह से जारी है और विधानसभा घेराव के बाद सरकार तथा प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच विवाद और बढ़ गया है। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि अभ्यर्थियों के भविष्य पर किसी प्रकार का असर न पड़े।

    FIR दर्ज होने के बावजूद छात्र आंदोलन के पूरी तरह समाप्त होने के संकेत नहीं हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारी 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी कर रहे हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की तैयारी की है।

    मुख्यमंत्री आवास के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। प्रशासन के सामने अब एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्रों के आरोपों और मांगों को लेकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

    JPSC और JSSC से जुड़ा विवाद अब परीक्षा संबंधी शिकायतों से आगे बढ़कर पुलिस कार्रवाई और बड़े छात्र आंदोलन का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में प्रस्तावित प्रदर्शन और जांच की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि सरकार और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच गतिरोध किस दिशा में जाता है।

  • अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में बोले मोहन यादव, पाल-गड़रिया समाज के लिए जल्द गठित होगा नया बोर्ड

    अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में बोले मोहन यादव, पाल-गड़रिया समाज के लिए जल्द गठित होगा नया बोर्ड

    मध्य प्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर स्मृति समारोह में पाल-गड़रिया समाज को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही पाल-गड़रिया समाज के लिए बोर्ड का गठन करेगी। उन्होंने कहा कि इस बोर्ड के माध्यम से समाज से जुड़े लोगों को बेहतर प्रतिनिधित्व देने और उनके कल्याण से संबंधित कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा।

    समारोह का आयोजन पुण्य श्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 231वीं पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और लोकमाता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में देवी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके प्रशासनिक योगदान और समाज के प्रति उनकी सेवा भावना को याद किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवी अहिल्याबाई होल्कर को सुशासन की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि उनका शासनकाल न्याय, सेवा और जनकल्याण के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि मालवा की इस महान शासिका के योगदान से मध्य प्रदेश के साथ पूरा देश गौरवान्वित होता है। उनके प्रशासन में जनहित को प्राथमिकता मिली और उन्होंने शासन व्यवस्था में कई ऐसे उदाहरण स्थापित किए, जो आज भी प्रेरणा देते हैं।

    डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्याबाई का जीवन सेवा, सुशासन, न्याय, त्याग, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी लोकमाता के आदर्शों से प्रेरणा लेकर विकास और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

    पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार समाज के लोगों के कल्याण और उनकी आवश्यकताओं को लेकर गंभीर है। उन्होंने पाल-गड़रिया समाज को गोपाल कृष्ण के वंशजों से जोड़ते हुए कहा कि सरकार उनके हितों के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। बोर्ड के गठन से समाज से जुड़े विषयों को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने और कल्याणकारी गतिविधियों को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के मूलमंत्र के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है। पाल-गड़रिया समाज के लिए प्रस्तावित बोर्ड को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने पशुपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि पशुपालन से जुड़े परिवारों की आय में वृद्धि हो और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिले।

    उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को प्रोत्साहित करने से ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर विकसित किए जा सकते हैं। इसके लिए सरकार विभिन्न स्तरों पर आवश्यक प्रोत्साहन और सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

    समारोह के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया गया। मुख्यमंत्री की पाल-गड़रिया समाज के बोर्ड के गठन की घोषणा के बाद अब इसके गठन की प्रक्रिया और स्वरूप को लेकर आगे की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य समाज से जुड़े कल्याणकारी कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना और प्रतिनिधित्व को मजबूत करना है।

  • दिल्ली में नितिन नवीन से मिले हेमंत खंडेलवाल, मध्य प्रदेश भाजपा संगठन और आगामी रणनीति पर हुई विस्तृत चर्चा

    दिल्ली में नितिन नवीन से मिले हेमंत खंडेलवाल, मध्य प्रदेश भाजपा संगठन और आगामी रणनीति पर हुई विस्तृत चर्चा

    नई दिल्ली / मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार को दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक में मध्य प्रदेश भाजपा संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुलाकात को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें प्रदेश में पार्टी की मौजूदा गतिविधियों और आगे की कार्ययोजना से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

    हेमंत खंडेलवाल और नितिन नवीन के बीच हुई मुलाकात को औपचारिक रूप से सौजन्य भेंट बताया गया है। हालांकि, बैठक के दौरान प्रदेश संगठन की गतिविधियों, पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार साझा किए।

    मध्य प्रदेश में भाजपा संगठन लगातार अपनी गतिविधियों को विस्तार देने पर जोर दे रहा है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष की राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हुई बैठक को संगठन के अगले चरण की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में प्रदेश में चल रहे संगठनात्मक कार्यक्रमों की स्थिति और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान प्रदेश संगठन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ साझा की गई।

    मध्य प्रदेश भाजपा के सामने संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार सक्रिय बनाए रखने के साथ आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की तैयारी भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच बेहतर समन्वय पार्टी की रणनीति को प्रभावी तरीके से लागू करने में मददगार हो सकता है। बैठक में इसी समन्वय और संगठनात्मक दिशा से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

    मुलाकात के दौरान आगामी रणनीति को लेकर भी मंथन किया गया। प्रदेश में पार्टी की आगे की गतिविधियों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और भविष्य में होने वाले अभियानों को लेकर दोनों नेताओं ने विचारों का आदान-प्रदान किया। हालांकि, बैठक के बाद किसी विशेष अभियान या कार्यक्रम को लेकर विस्तृत घोषणा सामने नहीं आई है।

    प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल संगठन को मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों को गति देने पर लगातार जोर दे रहे हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ उनकी बैठक से प्रदेश संगठन की प्राथमिकताओं को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने का अवसर भी मिला। इसके साथ ही प्रदेश में संगठन के स्तर पर आगे की कार्ययोजना को लेकर मार्गदर्शन और समन्वय की संभावना बनी है।

    भाजपा के लिए प्रदेश संगठन की मजबूती का सीधा संबंध कार्यकर्ताओं की सक्रियता और बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों से है। इसलिए संगठनात्मक बैठकों में स्थानीय स्तर की गतिविधियों, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और आगामी कार्यक्रमों की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

    दिल्ली में हुई इस मुलाकात के बाद मध्य प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर आगे की दिशा पर नजर रहेगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच हुई चर्चा से यह संकेत मिला है कि प्रदेश संगठन की गतिविधियों और आगामी रणनीति को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ नियमित समन्वय जारी है।

    बैठक का मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करने, आगामी गतिविधियों की तैयारी और प्रदेश में पार्टी की कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर रहा। आने वाले समय में इन चर्चाओं के आधार पर संगठनात्मक स्तर पर नई गतिविधियां और कार्यक्रम सामने आ सकते हैं।

  • वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात 9.17 अरब डॉलर पहुंचा, अमेरिका सहित प्रमुख बाजारों से मिला सहारा

    वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात 9.17 अरब डॉलर पहुंचा, अमेरिका सहित प्रमुख बाजारों से मिला सहारा

    नई दिल्ली ।वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत के रत्न एवं आभूषण उद्योग ने चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान देश का कुल रत्न एवं आभूषण निर्यात 2.44 प्रतिशत बढ़कर 9.17 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय मुद्रा में यह निर्यात 13.58 प्रतिशत बढ़कर 87,078.01 करोड़ रुपये रहा।

    निर्यात क्षेत्र में सबसे उल्लेखनीय वृद्धि वैल्यू-एडेड आभूषणों की श्रेणी में दर्ज की गई। जड़े हुए सोने के आभूषणों का निर्यात अप्रैल-जुलाई अवधि में 21.09 प्रतिशत बढ़कर 2.24 अरब डॉलर हो गया। वहीं चांदी के आभूषणों ने और मजबूत प्रदर्शन करते हुए 72.19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और इनका निर्यात 508.18 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

    प्लैटिनम आभूषणों के निर्यात में भी सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली। इस श्रेणी का निर्यात 17.20 प्रतिशत बढ़कर 77.82 मिलियन डॉलर रहा। इसी अवधि में पॉलिश्ड लैब-ग्रोन डायमंड्स का निर्यात 7.47 प्रतिशत बढ़कर 408.50 मिलियन डॉलर हो गया। साधारण और जड़े हुए आभूषणों को मिलाकर कुल सोने के आभूषणों का निर्यात 5.87 प्रतिशत बढ़कर 4.03 अरब डॉलर रहा।

    उद्योग के प्रदर्शन को अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग और ब्रिटेन जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिलने वाली मांग का भी समर्थन मिला। इन बाजारों में भारतीय आभूषणों और खासकर वैल्यू-एडेड उत्पादों की मांग बढ़ने से निर्यातकों को लाभ हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय कंपनियां बदलते वैश्विक बाजार में उत्पादों के मूल्यवर्धन के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रही हैं।

    हालांकि, सभी उत्पाद श्रेणियों में वृद्धि नहीं रही। कट एंड पॉलिश्ड डायमंड्स का निर्यात 8 प्रतिशत घटकर 3.60 अरब डॉलर रह गया। साधारण सोने के आभूषणों के निर्यात में भी 8.46 प्रतिशत की कमी आई और यह 1.80 अरब डॉलर रहा। वैश्विक उपभोक्ता मांग में बदलाव और कुछ प्रमुख बाजारों में आर्थिक दबाव को इस गिरावट से जोड़कर देखा जा रहा है।

    रत्न एवं आभूषण क्षेत्र के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में वैल्यू-एडेड उत्पाद उद्योग के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरे हैं। क्षेत्र के नेतृत्व का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हालिया नरमी प्रमुख उपभोक्ता बाजारों में मांग को बढ़ावा दे सकती है।

    उद्योग के लिए आईआईजेएस भारत प्रीमियर 2026 प्रदर्शनी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें 61,000 से अधिक आगंतुक पहुंचे, जबकि 80 देशों से 5,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार और प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनी के दौरान हुए कारोबारी समझौतों के आगामी महीनों में वास्तविक निर्यात ऑर्डर में बदलने की उम्मीद है।

    इस बीच टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी उद्योग के लिए अहम कदम माना जा रहा है। विशेष अधिसूचित क्षेत्रों के माध्यम से रफ डायमंड कारोबार करने वाली विदेशी कंपनियों को 15 वर्ष की आयकर छूट मिलने का प्रावधान भारत को वैश्विक हीरा व्यापार केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद कर सकता है। इससे देश की भूमिका केवल हीरा प्रसंस्करण तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बड़े केंद्र के रूप में मजबूत होने की संभावना है।

    कुल मिलाकर, शुरुआती चार महीनों के आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक दबाव के बीच भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग ने निर्यात में सकारात्मक वृद्धि बनाए रखी है। हालांकि डायमंड और साधारण सोने के आभूषणों में गिरावट के कारण चुनौतियां कायम हैं, लेकिन वैल्यू-एडेड उत्पादों और प्रमुख विदेशी बाजारों से मिली मांग ने कुल निर्यात को बढ़त में बनाए रखा है।

  • मेघालय और ओडिशा की तीन खाद्य कंपनियों पर कार्रवाई, निरीक्षण में स्वच्छता मानकों और खाद्य सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी

    मेघालय और ओडिशा की तीन खाद्य कंपनियों पर कार्रवाई, निरीक्षण में स्वच्छता मानकों और खाद्य सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी

    नई दिल्ली ।भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तीन खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। नियामक ने मेघालय की ए.बी. एंटरप्राइज तथा ओडिशा की जाइका ऑर्गेनिक्स और नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज के खाद्य कारोबार लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।

    नियामक के अनुसार इन कंपनियों के खिलाफ निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन सामने आए। इनमें भ्रामक स्वास्थ्य संबंधी दावे, खराब स्वच्छता व्यवस्था, अनुचित भंडारण, कीट नियंत्रण की कमियां और खाद्य सुरक्षा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन नहीं करना शामिल है।

    ए.बी. एंटरप्राइज के मामले में उत्पादों के लेबल और प्रचार सामग्री पर स्वास्थ्य लाभ से जुड़े ऐसे दावे पाए गए, जिन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक विज्ञापन और दावे संबंधी नियमों का उल्लंघन माना गया। जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी आवश्यक विनिर्माण स्वीकृति के बिना खाद्य उत्पादों का कारोबार कर रही थी।

    कंपनी को सुधार नोटिस जारी करने के साथ अपना पक्ष रखने के लिए व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया था। हालांकि, नियामक के मुताबिक कंपनी की ओर से कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके बाद खाद्य कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियों को अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया गया।

    ओडिशा स्थित जाइका ऑर्गेनिक्स के संयंत्र में निरीक्षण के दौरान स्वच्छता और सैनिटेशन से संबंधित कई गंभीर कमियां सामने आईं। खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकेजिंग और भंडारण की परिस्थितियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

    निरीक्षण में खराब हाउसकीपिंग, कीट नियंत्रण की समस्याएं, जंग लगे उपकरण, कच्चे माल और तैयार उत्पादों का अनुचित भंडारण तथा उत्पादन प्रक्रिया में आवश्यक नियंत्रण की कमी पाई गई। कुछ उत्पादों और सामग्रियों पर निर्माण तिथि, बैच नंबर और उपयोग की अंतिम तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी अंकित नहीं थीं।

    अनुपालन मूल्यांकन में जाइका ऑर्गेनिक्स को 90 में से केवल 10 अंक मिले। 12 प्रतिशत के इस स्कोर के आधार पर कंपनी को गैर-अनुपालन श्रेणी में रखा गया। नियामक ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां खाद्य पदार्थों में भौतिक, रासायनिक और जैविक जोखिम पैदा कर सकती हैं।

    नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज के उत्पादन परिसर में भी स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रबंधन व्यवस्था में गंभीर कमियां पाई गईं। निरीक्षण के दौरान प्रसंस्करण और भंडारण क्षेत्रों में मक्खियां, मकड़ी के जाले, कीटों के प्रवेश के रास्ते और जल स्रोतों के आसपास शैवाल की मौजूदगी दर्ज की गई।

    इसके अलावा जंग लगे उपकरण, खाद्य सामग्री के पास कचरे का जमाव और तैयार उत्पादों के अनुचित भंडारण जैसी कमियां भी सामने आईं। कंपनी के रिकॉर्ड में खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण और नियंत्रण नमूनों से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों का भी अभाव पाया गया।

    नारायणी फूड्स एंड बेवरेजेज को अनुपालन मूल्यांकन में 80 में से 20 अंक मिले, यानी कंपनी का स्कोर 25 प्रतिशत रहा। इसे भी गैर-अनुपालन श्रेणी में रखा गया और लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

    खाद्य नियामक ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ निरीक्षण और नियामकीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • सलमान खान और संजय दत्त की जोड़ी फिर मचाएगी धूम, ‘7 डॉग्स’ के ट्रेलर में दिखा इंटरनेशनल एक्शन का अंदाज

    सलमान खान और संजय दत्त की जोड़ी फिर मचाएगी धूम, ‘7 डॉग्स’ के ट्रेलर में दिखा इंटरनेशनल एक्शन का अंदाज

    नई दिल्ली । सलमान खान और संजय दत्त की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। दोनों कलाकारों की खास मौजूदगी वाली ग्लोबल एक्शन थ्रिलर ‘7 डॉग्स’ का ट्रेलर भारत में रिलीज हो गया है। ट्रेलर सामने आने के साथ ही फिल्म को लेकर प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।

    सलमान खान और संजय दत्त इससे पहले भी अलग-अलग फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने पसंद किया है। ऐसे में एक अंतरराष्ट्रीय एक्शन प्रोजेक्ट में दोनों कलाकारों की मौजूदगी फिल्म के भारतीय दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन गई है।

    सलमान खान ने भी फिल्म का ट्रेलर सोशल मीडिया पर साझा किया है। हालांकि फिल्म में दोनों कलाकारों की भूमिकाओं को लेकर फिलहाल पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन ट्रेलर में उनका स्पेशल एक्शन अपीयरेंस दिखाई देता है। दोनों की झलक ने फिल्म की चर्चा को और बढ़ा दिया है।

    ‘7 डॉग्स’ की कहानी में मिस्र के अभिनेता करीम अब्देल अजीज और अहमद एज प्रमुख भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की बड़ी टीम शामिल है। भारत से सलमान खान और संजय दत्त के अलावा हॉलीवुड और यूरोप के कई चर्चित कलाकार भी इसका हिस्सा हैं।

    फिल्म की स्टारकास्ट में मोनिका बेलुची, जियानकार्लो एस्पोसिटो और मार्टिन लॉरेंस जैसे नाम शामिल हैं। इनके साथ तारा इमाद, नासिर अल-कसाबी और मैक्स हुआंग भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अलग-अलग देशों के कलाकारों की मौजूदगी इसे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट के रूप में पेश करती है।

    ट्रेलर की शुरुआत से ही तेज रफ्तार एक्शन और थ्रिलर वाला माहौल देखने को मिलता है। कहानी के केंद्र में करीम अब्देल अजीज और अहमद एज नजर आते हैं, जबकि अन्य कलाकारों को भी महत्वपूर्ण दृश्यों में दिखाया गया है। बड़े स्तर पर फिल्माए गए एक्शन सीक्वेंस, स्टंट और पीछा करने वाले दृश्य ट्रेलर की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं।

    सलमान खान और संजय दत्त की एंट्री ट्रेलर में खास आकर्षण पैदा करती है। दोनों कलाकारों की मौजूदगी कहानी के अंतरराष्ट्रीय स्तर को भारतीय दर्शकों से जोड़ने का काम करती दिखाई देती है। हालांकि उनके किरदारों की पूरी भूमिका फिल्म की रिलीज के बाद ही स्पष्ट होगी।

    ‘7 डॉग्स’ का निर्देशन आदिल एल अरबी और बिलाल फलाह ने किया है। यह निर्देशक जोड़ी इससे पहले हॉलीवुड की चर्चित ‘बैड बॉयज’ फ्रेंचाइजी की ‘बैड बॉयज फॉर लाइफ’ और ‘बैड बॉयज: राइड और डाइ’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुकी है। ऐसे में नई फिल्म से भी बड़े स्तर के एक्शन और थ्रिल की उम्मीद की जा रही है।

    फिल्म का निर्माण सेला स्टूडियोज ने किया है। ‘7 डॉग्स’ भारतीय सिनेमाघरों में 21 अगस्त को रिलीज होने वाली है। रिलीज से पहले ट्रेलर में सलमान खान और संजय दत्त की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर भारतीय दर्शकों के बीच खास दिलचस्पी पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि सिनेमाघरों में यह अंतरराष्ट्रीय एक्शन प्रोजेक्ट दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।