Blog

  • IRDA: गलत तरीके, झूठे वायदों के आधार पर बेच रहे बीमा पॉलिसी…कमीशन पर लगाम लगाने की तैयारी

    IRDA: गलत तरीके, झूठे वायदों के आधार पर बेच रहे बीमा पॉलिसी…कमीशन पर लगाम लगाने की तैयारी


    नई दिल्ली।
    बीमा नियामक इरडा (Insurance Regulator IRDA) ने बीमा कंपनियों (Insurance Companies) के प्रमुखों के सामने गलत तरीके, झूठे वायदों के आधार पर बीमा पॉलिसी बेचने पर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, उनकी बैठक में जीवन बीमा कंपनियों ने स्थगित कमीशन भुगतान मॉडल (Commission Payment Model) का सुझाव दिया है। इसमें एजेंट को पूरा कमीशन एक साथ नहीं, बल्कि पॉलिसी की पूरी अवधि के दौरान दिया जाएगा।

    बताया जा रहा है इन सुझावों में कॉरपोरेट एजेंट्स के लिए पांच साल और व्यक्तिगत एजेंट्स के लिए तीन साल का प्रस्ताव दिया गया है। इसका मकसद साफ है, बीमा पॉलिसी के गलत बिक्री रोकना, कंपनियों का खर्च घटाना और ग्राहकों को सस्ता, टिकाऊ बीमा देना। वैसे खास बात यह है कि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक और आर्थिक सर्वेक्षण में भी ऊंचे कमीशन पर सवाल उठाए गए थे।


    60,800 करोड़ रुपये से अधिक कमीशन भुगतान

    दरअसल, इरडा और बीमा कंपनियों के प्रमुखों की यह मुलाकात बीमा कंपनियों के कमीशन भुगतान से जुड़े बढ़ते खर्चों और नियामिकीय सीमाओं को लेकर हो हुई थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक का आधार वित्त वर्ष 2025 में, जीवन बीमा कंपनियों के कमीशन भुगतान 60,800 करोड़ रुपये से अधिक रहना था। जबकि साधारण बीमा कंपनियों के माले में यह भुगतान आंकड़ा 47,000 करोड़ रुपये के पार चला गया।

    इन बढ़ते खर्चों के चलते कई कंपनियां अपने प्रबंधन खर्च की सीमा को पार कर चुकी हैं। इस स्थिति को देखते हुए बीमा नियामक नए नियमों लाने पर विचार कर रहा है। ये नियम अगले कुछ महीनों में जारी किए जा सकते हैं। पिछले एक दशक में पॉलिसी की संख्या में ठहराव के बावजूद खर्चों में लगभग 9.4% सालाना की वृद्धि हुई है। गैर-जीवन बीमा में स्वास्थ्य बीमा सबसे आगे है, जिसका कुल गैर जीवन बीमा प्रीमियम में 41% हिस्सा है।


    बदलाव की जरूरत क्यों पड़ रही

    एजेंट को पहले साल ही बहुत ज्यादा कमीशन मिल जाता है। इसी कारण से कई बार गलत पॉलिसी बेच दी जाती है। इससे बीमा कंपनियों का खर्च भी बढ़ जाता है।कई पॉलिसियां बीच में ही बंद हो जाती हैं। इरडा कमीशन को पॉलिसी की उम्र से जोड़ना चाहता है ताकि एजेंट जिम्मेदार बनें और ग्राहक को सस्ता, टिकाऊ बीमा मिले।


    क्या है स्थगित कमीशन का मतलब

    डिफर्ड कमीशन का मतलब ये है कि बीमा एजेंट को पूरा कमीशन एक साथ नहीं मिलता, कमीशन पॉलिसी के साथ-साथ सालों में किस्तों में दिया जाता है। इससे एजेंट पॉलिसी को चालू रखने और ग्राहक की सेवा करने में ज्यादा रुचि लेता है। पॉलिसी जितने लंबे समय तक चलेगी, एजेंट को उतना ही कमीशन मिलता रहेगा। शुरुआती सालों में थोड़ा ज्यादा और बाद के सालों में थोड़ा कम, लेकिन लगातार मिलता रहेगा।


    कमीशन पर सख्ती के संभावित खतरे

    कमीशन भुगतान में यह अप्रत्याशित उछाल भारतीय बीमा सेक्टर के लिए बड़े जोखिम पैदा कर रहा है। कंपनियों का यह तर्क कि डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल के विकास के लिए उच्च कमीशन आवश्यक है। कमीशन पर कड़े और एकसमान सीमा लगाने से एजेंसी-आधारित नेटवर्क और बैंकएश्योरेंस पार्टनरशिप जैसे स्थापित डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों को गंभीर झटका लग सकता है, जो बाजार तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

    इससे वितरकों और बीमाकर्ताओं दोनों के लिए बिजनेस की मात्रा कम हो सकती है, जो बाजार को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, पारंपरिक उत्पादों पर 60-70% तक पहुंचने वाले अग्रिम कमीशन, गलत बिक्री और पॉलिसीधारकों के मूल्य के कमी की चिंताएं बढ़ाते हैं।

  • US से ट्रेड डील से कश्मीर से हिमाचल तक टेंशन में किसान…. 10,000 CR की इंडस्ट्री पर संकट

    US से ट्रेड डील से कश्मीर से हिमाचल तक टेंशन में किसान…. 10,000 CR की इंडस्ट्री पर संकट


    नई दिल्ली।
    भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर कश्मीर (Kashmir) से लेकर हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) तक के सेब किसानों में चिंता बढ़ गई है। किसानों को डर है कि अगर अमेरिकी सेब (American Apple) सस्ते दाम पर भारतीय बाजार में आने लगे, तो स्थानीय सेब की मांग और कीमत दोनों गिर सकती हैं। इस डील के तहत कई देशों से आने वाले सेब पर आयात शुल्क कम किया जा रहा है। पहले ज्यादा कीमत होने के कारण विदेशी सेब कम मात्रा में आते थे, लेकिन अब ड्यूटी कम होने से आयात बढ़ने का डर है।

    कश्मीर की अर्थव्यवस्था में सेब उद्योग बहुत अहम है। हजारों परिवार सीधे या परोक्ष रूप से इससे जुड़े हैं। ऐसे में अगर विदेशी सेब ज्यादा आए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर पड़ सकता है। जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के आयात बढ़ा, तो स्थानीय बागवानी उद्योग को नुकसान हो सकता है।


    अगर आयात ज्यादा बढ़ता है, तो टेंशन बढ़ेगी

    हालांकि सरकार का कहना है कि अमेरिकी सेब के लिए केवल सीमित (कोटा आधारित) रियायत दी जा रही है और किसानों की सुरक्षा के लिए न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) जैसी व्यवस्था रखी गई है, ताकि बहुत सस्ते सेब बाजार में न आ सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आयात ज्यादा बढ़ता है, तो घरेलू किसानों पर कीमत का दबाव बढ़ सकता है। वहीं कुछ लोग इसे अवसर भी मानते हैं—कहते हैं कि इससे भारतीय किसान गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान दे सकते हैं।


    फल मंडी के नेता क्या कह रहे?

    घाटी के सबसे बड़े फल मार्केट, सोपोर फ्रूट मंडी के प्रेसिडेंट फैयाज अहमद मलिक ने बताया, “यह (इंडिया-US डील) हमारे लिए बहुत बुरा होगा।” वे कहते हैं, “हम US में फल उगाने वालों से मुकाबला नहीं कर सकते। उन्हें खेती के हर स्टेज पर सरकार से मदद मिलती है। उन्हें अच्छी-खासी सब्सिडी और कैश ट्रांसफर मिलते हैं, जबकि हमारे पास फसल बीमा तक नहीं है।” मलिक का कहना है कि इस ट्रेड डील का कश्मीर घाटी की इकॉनमी पर बड़ा असर पड़ेगा। वे कहते हैं, “जब हम अपने सेब बांग्लादेश भेजते हैं, तो हमें 100% से ज़्यादा टैक्स देना पड़ता है। सरकार अमेरिकन सेब पर टैक्स कैसे कम कर सकती है? इससे लोकल इंडस्ट्री और इकॉनमी बर्बाद हो जाएगी।”


    10,000 करोड़ रुपये की है सेब इंडस्ट्री

    बता दें कि सेब इंडस्ट्री जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) की अर्थव्यवस्था, खासकर कश्मीर घाटी की इकॉनमी का आधार और रीढ़ है। घाटी देश के कुल सेब उत्पादन का 75% पैदा करती है। आधिकारिक आंकड़ों के के मुताबिक घाटी में करीब 20 लाख मीट्रिक टन सेब पैदा होते हैं और इस सेब इंडस्ट्री की कीमत 10,000 करोड़ रुपये है। अधिकारियों का कहना है कि इस इंडस्ट्री में सीधे या अप्रत्यक्ष करीब 50 लाख लोग जुड़े हुए हैं। फिलहाल किसान संगठन सरकार से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में सेब किसानों ने भारत-US डील में खेती की उपज, खासकर सेब को शामिल करने के खिलाफ 12 फरवरी को बंद और विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। कश्मीर के किसान भी अब इसी तरह के प्रदर्शन का प्लान बना रहे हैं।

  • MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज

    MP: देवास में जज का रास्ता रोकना BJP नेता को पड़ा महंगा, घर-पोल्ट्री फार्म पर चला बुलडोजर… केस भी दर्ज


    देवास।
    एमपी (MP) के देवास (Dewas) में एक कथित भाजपा नेता (BJP Leader) को न्यायाधीश (Judge) का रास्ता रोकना काफी महंगा पड़ा। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। तीन लोगों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मिलकर कार्रवाई करते हुए आरोपी के मकान के अवैध हिस्सों और पोल्ट्री फार्म पर बुलडोजर (Bulldozer) चला दिया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर की गई है।


    बुलडोजर ऐक्शन भी हुआ

    देवास में जज प्रसन्न सिंह बेहरावत और भाजपा नेता पंकज धारू के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम, तहसीलदार और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए पंकज घारू के उज्जैन रोड बायपास स्थित पोल्ट्री फार्म पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया। भोपाल रोड स्थित उसके अवैध मकान को भी जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया। इस दौरान मक्सी रोड क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।


    अभद्र भाषा में बातचीत के आरोप

    घटना मंगलवार को देवास के जयश्री नगर क्षेत्र में हुई थी। न्यायाधीश कार से न्यायालय की ओर जा रहे थे। इस दौरान पंकज घारू और उसके 2 से 3 साथियों ने स्कॉर्पियो वाहन सड़क के बीच खड़ा कर रास्ता रोक दिया। न्यायाधीश ने ड्यूटी पर जाने की बात ही और वाहन हटाने का आग्रह किया। इस पर आरोपितों ने अभद्र भाषा में बातचीत की। इस दौरान न्यायाधीश ने मोबाइल से वाहन का फोटो लेने का प्रयास किया तो उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया।


    वायरल हुआ था वीडियो

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक युवक न्यायाधीश को कार में बैठने से रोकता हुआ दिखाई दे रहा है। आरोपी जज पर ही FIR की धमकी देता सुनाई दे रहा है। स्थिति बिगड़ती देख न्यायाधीश ने किसी तरह वहां से निकलने की कोशिश की। इसके बाद जब वे वापस अपनी कार में बैठकर आगे बढ़ने लगे तो आरोपितों ने उनका घेराव कर दरवाजा खोलने से रोका और धमकी दी।


    आरोप भी लगाए

    बाद में जज साहब ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वारदात की जानकारी दी। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। आरोपी पंकज धारू ने कहा कि एक दिन पहले मजिस्ट्रेट की गाड़ी से एक बच्चे को टक्कर लगी थी, जिसमें वह घायल हुआ। बच्चे के इलाज को लेकर चर्चा के दौरान विवाद हुआ। पंकज ने दावा किया कि उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।


    पहले ही दिए थे नोटिस

    आरोपी पंकज ने यह भी दावा है कि बाद में समझौते के लिए फोन आया, लेकिन उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। तहसीलदार सपना शर्मा ने बताया कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिए गए थे। लेकिन पालन नहीं होने पर यह कदम उठाया गया है। बुलडोजर चलाने की कार्रवाई विधिवत की गई है। बाइपास पर पोल्ट्री फार्म करीब सवा से डेढ़ बीघा जमीन पर बनाया गया था।


    कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

    पोल्ट्री फार्म की जमीन की कीमत दो करोड रुपए से अधिक बताई जा रही है। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, नगर निगम और राजस्व अमला मौजूद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


    जज साहब ने दर्ज कराई थी शिकायत

    थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि देवास ग्रीन कॉलोनी क्षेत्र में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रसन्न बहरावत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि गाड़ी निकालने को लेकर भाजपा नेता पंकज धारू और उनके साथियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने आरोपी पंकज धारू, भीम धारू एवं अन्य के खिलाफ सात से अधिक गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

  • MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका

    MP: लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण दोबारा शुरू करने की मांग… HC ने खारिज की याचिका


    नई दिल्ली।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Scheme) में दोबारा पंजीकरण शुरू करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज (PIL Rejected) कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि किसी योजना का संचालन कैसे करना है ये सरकार के जिम्मे में आता है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की बेंच ने ये फैसला सुनाया। जनहित याचिका रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने दायर की थी।

    सकलेचा ने मांग की थी कि राज्य सरकार द्वारा किए गए वादे के मुताबिक, हर लाभार्थी को 3,000 रुपये प्रति माह दिया जाए, नए लाभार्थियों का दोबारा पंजीयन शुरू करने और न्यूनतम पात्रता उम्र को 21 से घटाकर 18 किया जाए। उन्होंने याचिका में कहा था कि योजना के जारी रहने के बावजूद 20 अगस्त 2023 से नए पंजीकरण पर रोक लगाना मनमाना और भेदभावपूर्ण था। याचिका में कहा गया था कि पंजीयन रोके जाने से 21 वर्ष का उम्र पूरी कर चुकी कई महिलाएं योजना का लाभ नहीं उठा पा रही हैं।


    राज्य सरकार ने दी ये दलील

    वहीं सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि यह एक नीतिगत फैसला था और योजना का लाभ लेने वाली या चाहने वाली किसी भी महिला ने अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलील में दम न होने की बात कही और साथ ही ये माना कि राज्या सरकार का फैसला मनमाना और भेदभावपूर्ण नहीं था। कोर्ट ने कहा कि ‘योजना कब शुरू करनी है और इसे कब बंद करना है इसकी तारीख तय करना सरकार का काम है। हम एक ऐसे शख्स (याचिकाकर्ता) के कहने पर इसपर विचार नहीं कर सकते जो कि खुद योजना का लाभार्थी नहीं है।’


    क्या है लाडली बहना योजना?

    लाड़ली बहना योजना बीजेपी सरकार ने 2023 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले शुरू की थी। मौजूदा समय में, मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को इस योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं। सरकार का कहना है कि 2028 तक इस राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया जाएगा।


    बीते महीने ही जारी की गई है 32वीं किस्त

    बीते महीने ही महिलाओं को 1500-1500 रुपये की सौगात दी गई है। आपको बता दें कि इस योजना की किस्त राशि में 250 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी जो कि नवंबर महीने से लागू है पहले किस्त के रूप में 1250 रुपये दिए जाते थे।

  • ट्रेनों में यात्रियों को अब सीट पर मिलेगा गर्म-ताजा खाना…. नई ऑनलाइन भोजन बुकिंग सेवा शुरू

    ट्रेनों में यात्रियों को अब सीट पर मिलेगा गर्म-ताजा खाना…. नई ऑनलाइन भोजन बुकिंग सेवा शुरू


    नई दिल्ली।
    भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने यात्रियों (Passengers) के खाने-पीने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए E-Pantry (ई-पैंट्री) नाम से एक नई ऑनलाइन भोजन बुकिंग सेवा (New Online Food Booking Service) शुरू कर दी है। यह सुविधा 25 Mail और Express ट्रेनों में उपलब्ध कराई गई है, जिससे यात्री अपनी पसंद का भोजन टिकट बुकिंग के समय या बाद में ऑनलाइन ही बुक कर सकते हैं और ट्रेन में बैठे-बिठाए उनकी सीट पर भोजन मिल सकता है। E-Pantry सर्काविस लक्ष्य यात्रा को अधिक सुविधाजनक, साफ-सुथरा बनाना है। पहले यात्रियों को स्टेशन पर उतरकर खाना खरीदना पड़ता था या अनजाने वेंडरों पर निर्भर रहना होता था। लेकिन अब इस नई डिजिटल सेवा से टिकट बुक करते समय या बाद में IRCTC की वेबसाइट/ऐप पर आप भोजन और पानी को पहले से बुक कर सकते हैं और ट्रेन में बैठे-बिठाए वही खाना आपकी सीट तक डिलीवर हो जाएगा।

    बुकिंग के बाद आपको एक Meal Verification Code (MVC) मिलता है, जिसे यात्रा के दिन साझा करने पर भोजन सीधे आपकी सीट पर डिलीवर किया जाता है। यह सेवा उन Mail/Express ट्रेनों के लिए खास है जिनमें टिकट में भोजन शामिल नहीं होता। जिसमें अगर भोजन नहीं मिला तो refund भी मिलता है।


    E-Pantry बुकिंग कैसे करें?

    E-Pantry से भोजन बुक करना बिल्कुल आसान है:
    Step 1: IRCTC वेबसाइट या ऐप पर लॉग-इन करें।
    Step 2: ट्रेन टिकट बुक करते समय (या बाद में “Booked Ticket History” सेक्शन से भी) E-Pantry ऑप्शन चुनें।
    Step 3: अपनी पसंद का डिश/भोजन और Rail Neer का चयन करें।
    Step 4: ऑनलाइन पेमेंट पूरा करें।
    Step 5: आपको एक Meal Verification Code (MVC) SMS/Email के जरिए मिलेगा।
    Step 6: यात्रा के दिन उस MVC को ट्रेन में भोजन देने वाले स्टाफ को दिखाएं और भोजन अपनी सीट पर पाएं।


    E-Pantry सर्विस इन ट्रेनें में शामिल

    E-Pantry सेवा को शुरुआत में 25 प्रमुख Mail और Express ट्रेनों में लाया गया है। इसमें ऐसे लंबे रास्तों वाली ट्रेनें शामिल हैं जिनमें यात्रियों को खाने-पीने की जरूरत अधिक होती है। Vivek Express, Swatantra Senani Express, Swarnajayanti Express, Karnataka Sampark Kranti, Mangaldweep Express, Kalinga Utkal Express, Pushpak Express, Paschim Express, Grand Trunk Express, Poorva Express में यह सर्विस शुरू हो गई है। जल्द ही अन्य ट्रेनों फीडबैक के आधार पर इसे शुरू किया जाएगा।

  • MP: खंडवा में BJP नेता ने जहर खाकर की खुदकुशी…. कांग्रेस नेता पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

    MP: खंडवा में BJP नेता ने जहर खाकर की खुदकुशी…. कांग्रेस नेता पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

    खंडवा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) में कर्ज के बोझ तले दबे एक भाजपा नेता (BJP leader) और पूर्व पार्षद द्वारा कथित तौर पर सल्फास की गोलियां खाकर खुदकुशी करने का मामला सामने आया है। मंगलवार को भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी (Jitendra Chaudhary) उर्फ जीतू की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में उन्होंने कांग्रेस नेता गणेश सकरगाये (Congress leader Ganesh Sakargaye) पर कर्ज वसूली को लेकर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले सकता है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


    बेटी का रिश्ता टूट गया था

    भाजपा नेता जीतू चौधरी ने अपने कथित अंतिम वीडियो संदेश में कहा कि वे लंबे समय से आर्थिक दबाव और सामाजिक अपमान का सामना कर रहे थे। उनके अनुसार, गणेश सकरगाये से करीब 50 लाख रुपये का लेन-देन था और वे पिछले पांच वर्षों से ब्याज चुका रहे थे। इसके बावजूद उन पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि इस विवाद के कारण उनकी बेटी का रिश्ता टूट गया था। चौधरी ने वीडियो में दावा किया कि उन पर कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का कर्ज था, लेकिन अन्य लेनदारों ने उन्हें इस तरह प्रताड़ित नहीं किया।


    गणेश सकरगाये के घर जाकर खाईं सल्फास की गोलियां

    सूत्रों के मुताबिक, आनंद नगर स्थित लव कुश नगर सेक्टर-3 निवासी जितेंद्र चौधरी मंगलवार सुबह करीब 10 बजे घर से निकले और सीधे गणेश सकरगाये के घर पर पहुंच गए। वहीं उन्होंने सल्फास की गोलियां खा लीं, तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने सकरगाये से अस्पताल ले जाने की बात कही। उन्हें पहले आनंद नगर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब चार घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि जिला अस्पताल में भर्ती कराने के बाद सकरगाये वहां से चले गए।


    कर्ज के बोझ के चलते पत्नी से भी बढ़ गई थी दूरी

    परिचितों के अनुसार, जितेंद्र चौधरी लंबे समय से भारी कर्ज और पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जाता है कि पिछले दो वर्षों से वे अपनी बहन के घर खाना खा रहे थे। कर्ज के बोझ के चलते पत्नी से भी दूरी बढ़ गई थी। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की सभी एंगल से जांच की जा रही है। वीडियो बयान, कथित लेन-देन, मोबाइल डेटा और संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • बुधवार के अचूक उपाय: गाय को खिलाएं हरा मूंग-हरी घास, बुध देव की बरसेगी कृपा

    बुधवार के अचूक उपाय: गाय को खिलाएं हरा मूंग-हरी घास, बुध देव की बरसेगी कृपा


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता और ग्रह को समर्पित है। बुधवार का दिन ग्रहों के राजकुमार बुध देव का माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह वाणी बुद्धि शिक्षा संचार और व्यापार के कारक हैं। जिनकी कुंडली में बुध कमजोर होता है या बुध दोष होता है उन्हें वाणी संबंधी समस्याएं निर्णय क्षमता में कमी और व्यापार में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में बुधवार के दिन कुछ सरल और प्रभावी उपाय कर बुध ग्रह को मजबूत किया जा सकता है।

    मंत्र जाप करें

    बुधवार को ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना गया है। नियमित जाप से वाणी में मधुरता बुद्धि में तीक्ष्णता और व्यापार में वृद्धि के योग बनते हैं। विद्यार्थियों और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह उपाय विशेष लाभकारी बताया गया है।

    गाय को हरा चारा खिलाएं

    बुधवार के दिन गाय को हरा चारा विशेषकर हरी मूंग हरा धनिया या हरी घास खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे बुध ग्रह शांत होता है और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है। बुध दोष से पीड़ित लोगों को यह उपाय अवश्य करना चाहिए।

    हरे रंग का उपयोग करें

    हरा रंग बुध ग्रह का प्रिय रंग है। बुधवार को हरे रंग के वस्त्र पहनना या हरे रंग का रूमाल अपने पास रखना शुभ फलदायी होता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बुध का दुष्प्रभाव कम होता है।

    गणेश जी की पूजा करें

    बुध ग्रह की शांति के लिए भगवान गणेश की आराधना करना विशेष लाभ देता है। बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें। इससे बुध दोष दूर होता है और कार्यों में सफलता मिलती है।

    कच्चे सूत में 7 गांठें बांधें

    परीक्षा या इंटरव्यू में सफलता के लिए बुधवार को कच्चे सूत में सात गांठें लगाकर जय गणेश काटो क्लेश मंत्र का जाप करें और धागे को गणेश जी को अर्पित करें। इससे बाधाएं दूर होने की मान्यता है।

    तुलसी को जल अर्पित करें

    बुधवार की सुबह तुलसी के पौधे को जल अर्पित करते हुए ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। इससे बुध ग्रह के दोष शांत होते हैं।

    तांबे का दान और हरी वस्तुओं का दान

    धन लाभ की इच्छा रखने वाले व्यक्ति बुधवार से लगातार सात दिन तक गणेश पूजा कर तांबे का दान करें। साथ ही छोटे बच्चों को हरे फल हरे वस्त्र कॉपी-किताब या पेंसिल दान करना भी शुभ माना गया है। इन उपायों को श्रद्धा और नियमितता से करने पर बुध ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में बुद्धि वाणी तथा व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।

  • Bharat Bandh: भारत बंद 12 फरवरी 2026 जानें क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा

    Bharat Bandh: भारत बंद 12 फरवरी 2026 जानें क्या खुलेगा, क्या बंद रहेगा


    नई दिल्ली। गुरुवार, 12 फरवरी 2026 को पूरे देश में भारत बंद का असर दिखाई दे सकता है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC), संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और 10 से अधिक राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन से यह हड़ताल आयोजित की गई है। इसे कृषि, ग्रामीण और अनौपचारिक श्रमिकों के प्रतिनिधियों ने समर्थन दिया है।

    कौन-कौन से सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं
    यातायात: बसें, टैक्सियां और लोकल ट्रेनें प्रभावित हो सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में “चक्का जाम” की संभावना।
    बैंकिंग: AIBEA, AIBOA और BEFI के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते सार्वजनिक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी।
    बाजार और दुकानें: अधिकतर थोक और खुदरा दुकानें, रेस्तरां बंद रहने की संभावना।
    हवाई यात्रा: एयरपोर्ट खुले रहेंगे, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण अतिरिक्त समय लेने की सलाह।

    स्कूल और कॉलेज
    आधिकारिक अवकाश नहीं: भारत भर में स्कूल और कॉलेज खुलेंगे।
    स्थानीय असर: केरल, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में हड़ताल के कारण कुछ संस्थान बंद रह सकते हैं।

    यात्रियों के लिए सलाह
    सड़क अवरोध और विरोध प्रदर्शन के कारण यात्रा में विलंब की संभावना।
    रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय रखें।
    प्रभावित क्षेत्रों में राज्य संचालित बसें और ऑटो-रिक्शा सीमित हो सकते हैं।

    हड़ताल के पीछे कारण और मांगे
    नवंबर 2025 में लागू चार नए श्रम संहिता को वापस लेने की मांग।
    बीज विधेयक, विद्युत संशोधन विधेयक और पशु-अधिनियम को रद्द करने की मांग।
    MGNREGA की बहाली।
    विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 का विरोध।इस हड़ताल में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC जैसे प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने SKM के समर्थन में देशभर के श्रमिकों, कर्मचारियों और किसानों को शामिल किया है।

  • Mardaani 3 Day 13: शिवानी शिवाजी रॉय ने फिर छाया जादू, रानी मुखर्जी की फिल्म ने कमाई के मामले में मारा जोरदार धमाका!

    Mardaani 3 Day 13: शिवानी शिवाजी रॉय ने फिर छाया जादू, रानी मुखर्जी की फिल्म ने कमाई के मामले में मारा जोरदार धमाका!


    नई दिल्ली। रानी मुखर्जी की पावर-पैक फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने रिलीज के बाद दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों का दिल जीत लिया है। 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के बावजूद फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन जल्दी ही दर्शकों का उत्साह बढ़ा और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के 13वें दिन मर्दानी 3 ने 1.10 करोड़ रुपये की कमाई की। इस कमाई के साथ फिल्म की कुल टोटल कमाई 39.80 करोड़ रुपये हो गई है। यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म रानी मुखर्जी की दमदार भूमिका ‘शिवानी शिवाजी रॉय’ के कारण दर्शकों के बीच चर्चा में बनी हुई है।

    डे वाइज कलेक्शन:
    डे 1: 4 करोड़

    फर्स्ट वीक: 26.3 करोड़

    डे 8: 1.85 करोड़

    डे 9: 3.5 करोड़

    डे 10: 4.25 करोड़

    डे 11: 1.2 करोड़

    डे 12: 1.6 करोड़

    डे 13: 1.10 करोड़

    कुल कमाई: 39.80 करोड़

    फिल्म की कहानी और रानी की एक्टिंग ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा। दूसरे वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।

    ‘मर्दानी’ और ‘मर्दानी 2’ की तुलना
    मर्दानी (2014):

    बजट: 20 करोड़

    भारत नेट कलेक्शन: 35.65 करोड़

    वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 59.30 करोड़

    बॉक्स ऑफिस स्टेटस: हिट

    मर्दानी 2 (2019):

    बजट: 30 करोड़

    भारत नेट कलेक्शन: 47.35 करोड़

    वर्ल्डवाइड ग्रॉस: 67 करोड़

    बॉक्स ऑफिस स्टेटस: हिट

    ‘मर्दानी 3’ भी दोनों फिल्मों की तरह दर्शकों के बीच लोकप्रिय साबित हो रही है। रानी मुखर्जी का शिवानी शिवाजी रॉय के रूप में दमदार प्रदर्शन फिल्म का बड़ा आकर्षण बना।

    रानी मुखर्जी का पावर-पैक प्रदर्शन
    फिल्म में रानी मुखर्जी की एक्टिंग और कहानी के दमदार अंदाज ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रिलीज के पहले हफ्ते में धीमी शुरुआत के बावजूद दूसरे वीकेंड में फिल्म ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ से मुकाबले के बावजूद मर्दानी 3 ने अपनी अलग पहचान बनाई फिल्म ने 13वें दिन 1.10 करोड़ की कमाई के साथ बॉक्स ऑफिस पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अगर यह रफ्तार बनी रहती है, तो जल्द ही मर्दानी 3 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।

  • T20 वर्ल्ड कप 2026: अफगानिस्तान, आयरलैंड और यूएसए की सुपर 8 की उम्मीदें घटीं, जानें भारत की स्थिति

    T20 वर्ल्ड कप 2026: अफगानिस्तान, आयरलैंड और यूएसए की सुपर 8 की उम्मीदें घटीं, जानें भारत की स्थिति


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर 8 की दौड़ अब कुछ टीमों के लिए मुश्किल होती जा रही है। पिछली बार की सेमीफाइनलिस्ट अफगानिस्तान अपने पहले दो मैचों में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका से हार चुकी है, जिससे उसका सुपर 8 में पहुंचना मुश्किल लग रहा है।

    अफगानिस्तान के साथ-साथ आयरलैंड और यूएसए भी लीग फेज में 2-2 हार के साथ मुश्किल में हैं। आधिकारिक तौर पर अभी कोई टीम बाहर नहीं हुई है, लेकिन इन तीनों टीमों के लिए सुपर 8 की राह लगभग बंद होती नजर आ रही है। कारण यह है कि ग्रुप में आगे बढ़ने के लिए कम से कम 3 जीत जरूरी हैं। अफगानिस्तान के लिए बुधवार का मुकाबला साउथ अफ्रीका से “करो या मरो” था, जो डबल सुपर ओवर तक गया लेकिन टीम हार गई।

    ग्रुप A में पाकिस्तान शानदार शुरुआत कर रहा है और अपने पहले दो मैच जीतकर 4 अंकों के साथ टॉप पर है। भारत दूसरे स्थान पर है, जिसने अपने पहले मैच में यूएसए को हराया। नीदरलैंड तीसरे नंबर पर है, जिसने 2 में से एक मैच जीत रखा है, जबकि नामीबिया एक मैच हार चुकी है। इस ग्रुप में यूएसए का हाल सबसे खराब है, जिसने अपने पहले दो मुकाबले गंवा दिए हैं।

    ग्रुप B में ऑस्ट्रेलिया नंबर एक की पोजिशन पर है, जिसने अपने पहले मैच में आयरलैंड को हराकर दम दिखाया। जिम्बाब्वे दूसरे स्थान पर है, जिसने ओमान को हराया, जबकि श्रीलंका तीसरे नंबर पर है, जिसने आयरलैंड को मात दी। ग्रुप में आयरलैंड दो मैच हारकर चौथे नंबर पर खिसक गया है और ओमान ने अब तक खेला गया एक मैच गंवाया है।

    ग्रुप C में वेस्टइंडीज ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और दोनों मैच जीतकर 4 अंकों के साथ ग्रुप में टॉप पर है। स्कॉटलैंड और इंग्लैंड दोनों ने अपने दो मैचों में से एक-एक मैच जीता है और क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। नेपाल और इटली का ग्रुप में प्रदर्शन कमजोर रहा है; नेपाल एक मैच हार चुका है और इटली ने भी खेला गया एक मैच गंवा दिया है।

    ग्रुप D में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका दोनों ने अपने पहले दो मैच जीतकर क्रमशः टॉप और दूसरे नंबर पर जगह बनाई है। अफगानिस्तान दो मैच हारकर तीसरे नंबर पर खिसक गया है, जबकि UAE ने खेला गया एक मैच गंवाया है और कनाडा भी अपने पहले मैच में हार का सामना कर चुकी है। इस ग्रुप में टॉप 2 टीमें ही सुपर 8 में जाएंगी।